Category: ताजा खबर

  • जम्मू-कश्मीर में शहीद हुए उत्तराखंड का लाल

    जम्मू-कश्मीर में शहीद हुए उत्तराखंड का लाल

    देहरादून। नैनीताल जिले के मुक्तेश्वर क्षेत्र निवासी भारतीय सेना के जवान दीपक पाण्डेय ड्यूटी के दौरान शहीद हो गए है। जवान की शहादत की खबर से परिवार में कोहराम मचा हुआ है, साथ ही पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ रही है। दीपक पाण्डेय जम्मू-कश्मीर के उधमपुर में तैनात थे।

    जानकारी के अनुसार नैनीताल जिले के मुक्तेश्वर क्षेत्र के मल्ला गहना सुपाकोट निवासी दीपक पाण्डेय जम्मू-कश्मीर के उधमपुर में शहीद हुए है। वह वर्ष 2017 में भारतीय सेना की कुमाऊं रेजिमेंट की बंगाल इंजीनियरिंग में भर्ती हुए थे। रविवार को सेना के अधिकारियों की ओर से शहीद दीपक के परिजनों को उनकी शहादत की जानकारी दी गई।

    बताया कि वह ड्यूटी के दौरान हादसे में शहीद हो गए हैं। शहीद दीपक अपने पीछे माता-पिता एवं छोटी बहन तथा बड़े भाई समेत पूरे परिवार को रोते बिलखते छोड़ गए हैं। वह स्नातक की परीक्षा उत्तीर्ण करने के उपरांत बतौर इलेक्ट्रिशियन सेना में भर्ती हुए थे। उनका पार्थिव शरीर आज शाम तक उनके पैतृक गांव पहुंच सकता है।

  • बड़ी खबर : भर्ती घोटाले का मास्टमाइंड  हाकम सिंह समेत तीन को सुप्रीम कोर्ट ने दी जमानत

    बड़ी खबर : भर्ती घोटाले का मास्टमाइंड हाकम सिंह समेत तीन को सुप्रीम कोर्ट ने दी जमानत

    देहरादून। उत्तराखण्ड के पेपर लीक मामले में एक साल से जेल में बंद हाकम सिंह को सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिल गयी।विद्वान जज ए एस बोपन्ना और प्रशान्त कुमार मिश्रा ने बहस सुनने के बाद जमानत मंजूर की। सुप्रीम कोर्ट के वकील ऋतुपर्ण उनियाल ने बताया कि हाकम सिंह के साथ विपिन बिहारी और शशिकांत को भी जमानत मिली है।

    एक साल से जेल में बंद ये तीनों अब बाहर आ जाएंगे। सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में हुई बहस में राज्य सरकार ने जमानत का कड़ा विरोध करते हुए कहा कि ये लोग केस को प्रभावित करने की क्षमता रखते हैं। जबकि हाकम सिंह के वकील ने कहा कि ट्रायल में देरी और एक साल तक जेल में रखा गया। लिहाजा, जमानत की कोर्ट से अपील की गई।

    दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद सुप्रीम कोर्ट ने हाकम सिंह समेत तीन को जमानत दे दी। बीते साल हाकम सिंह को थाईलैंड से लौटने के बाद उत्तरकाशी जिले से गिरफ्तार किया गया था। इस भर्ती घोटाले में एसटीएफ 80 लोगों को गिरफ्तार कर चुकी थी।

    हाकम सिंह के कई बड़े नेताओं और अधिकारियों से करीब के रिश्ते रहे। भाजपा से जिला पंचायत सदस्य बने हाकम सिंह के उत्तरकाशी जिले में स्थित रिसॉर्ट भी तोड़ दिए गए थे।

  • उत्तराखंड में उपनल के 7000 से अधिक कर्मचारियों को हटाने की तैयारी

    उत्तराखंड में उपनल के 7000 से अधिक कर्मचारियों को हटाने की तैयारी

    उत्तराखंड में उपनल के 7000 से अधिक कर्मचारियों को हटाने की तैयारी, कुछ का वेतन रोका शासन ने विभागीय स्तर पर स्वीकृत पदों के सापेक्ष और बिना पद स्वीकृति के आउटसोर्स से लगे कर्मचारियों के वेतन भुगतान के मामले में विभागीय स्तर पर जांच के आदेश दिए हैं।

    उत्तराखंड पूर्व सैनिक कल्याण निगम के माध्यम से प्रदेश के विभिन्न विभागों में कार्यरत 25 हजार से अधिक कर्मचारियों में से सात हजार कर्मचारियों को हटाए जाने की तैयारी है।

    कुछ कर्मचारियों का वेतन रोक दिया गया है। वन और अन्य विभागों की ओर से सफाई, सुरक्षा, बागवानी सहित विभिन्न कार्यों में आउटसोर्स के माध्यम से कार्यरत कर्मचारियों की जानकारी मांगी गई है।शासन ने विभागीय स्तर पर स्वीकृत पदों के सापेक्ष और बिना पद स्वीकृति के आउटसोर्स से लगे कर्मचारियों के वेतन भुगतान के मामले में विभागीय स्तर पर जांच के आदेश दिए हैं। अपर मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन की ओर से जारी आदेश के बाद वन विभाग की ओर से कुछ कर्मचारियों का वेतन रोक दिया गया है।

    जबकि समस्त आहरण वितरण अधिकारियों से कर्मचारियों का वेतन भुगतान संबंधी ब्योरा तलब किया गया है। इसी तरह अन्य विभागों की ओर से भी उपनल कर्मचारियों की जानकारी मांगी गई है।आदेश में कहा गया है कि मानक मद आठ के तहत संविदा, अनुबंध या बाह्य सेवा प्रदाता एजेंसी जैसे उपनल, पीआरडी के माध्यम से स्वीकृत पदों के सापेक्ष कार्यरत कर्मचारियों को ही पारिश्रमिक के भुगतान की व्यवस्था है। जबकि मानक मद 27 के तहत स्वीकृत पदों के सापेक्ष आउटसोर्स से लगे कर्मचारियों को पारिश्रमिक के भुगतान की व्यवस्था नहीं है। इस मद से केवल सफाई व्यवस्था, सुरक्षा या बागवानी संबंधी सेवाओं के लिए भुगतान किया जाएगा।

    आदेश में कहा गया है व्यवस्था के विपरीत कुछ विभागों की ओर से व्यय का गलत वर्गीकरण किया जा रहा है। उपनल कर्मचारी महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष विनोद गोदियाल के मुताबिक प्रदेश के विभिन्न विभागों में बिना स्वीकृत पद के बड़ी संख्या में कर्मचारी कार्यरत हैं। इस आदेश के बाद वन विभाग ने 250 कर्मचारियों का वेतन रोक दिया है। इस आदेश से विभिन्न विभागों में उपनल के सात हजार से अधिक कर्मचारियों की सेवाएं समाप्त हो रही हैं। जिसमें अधिकतर कर्मचारी वन विभाग, राज्य कर, कृषि, ग्राम्य विकास एवं स्वास्थ्य विभाग से हैं।

    जीएस पांडे अपर प्रमुख वन संरक्षक नियोजन एवं वित्तीय प्रबंधन ने बताया कि उपनल के माध्यम से वन विभाग में पद के सापेक्ष एवं विपरीत काम करने वाले सभी कर्मचारियों की सूचना मांगी गई है। कुछ कर्मचारियों का वेतन रुका है। ट्रैजरी ने कहा है कि कितने कर्मचारी पद के सापेक्ष हैं इसका प्रमाण दें तभी वेतन मिलेगा। सभी कर्मचारियों की सूचना मिलने के बाद इसे शासन को भेजा जाएगा।

    ब्रिगेडियर जेएनएस बिष्ट (सेनि.), प्रबंध निदेशक, उपनल ने बताया कि वन एवं कुछ अन्य विभाग उपनल से कर्मचारियों को रख लेते हैं फिर बाद में बजट न होने की बात कहकर उन्हें हटा देते हैं, जो ठीक नहीं है। अपर मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन का आदेश अभी मुझे नहीं मिला, हालांकि इसके बारे में मुझे किसी से सूचना मिली है।

  • गांधी शताब्दी अस्पताल में  होगा शुरू  100 बैड का डेंगू वार्ड

    गांधी शताब्दी अस्पताल में होगा शुरू 100 बैड का डेंगू वार्ड

    ब्लड बैंक की भी होगी स्थापना- डॉ आर राजेश कुमार

    स्वास्थ्य सचिव ने किया औचक निरीक्षण, अधिकारियों को फटकार

    स्वास्थ्य सचिव डॉ आर राजेश कुमार की अपील, मैने भी किया आप भी करें डेंगू पीड़ितों के लिए स्वैच्छिक रक्तदान

     

    देहरादून। डेंगू के बढ़ते मामलों के बीच स्वास्थ्य सचिव डॉ आर राजेश कुमार ने ग्रांउड जीरो पर जाकर अस्पतालों जे हालातों का जायजा लिया। रविवार को छुट्टी के दिन भी स्वास्थ्य सचिव ने कोरोनेशन-गांधी जिला चिकित्सालय का औचक निरीक्षण किया। जिला अस्पताल में इमरजेंसी की व्यवस्थाओं पर उन्होंने नाराजगी जाहिर की। वहीं सेंट्रल पैथोलॉजी के बंद हाने पर उन्होंने अधिकारियों को फटकार लगाते हुए पैथोलॉजी को व्यवस्थित तरीके से प्रतिदिन खोलने के निर्देश दिये। उन्होंने निर्देश दिये कि रात्रि 8 बजे तक मरीजों की ब्लड सैंपल रिपोर्ट ली जाये।

    वहीं उन्होंने अस्पताल में भर्ती मरीजों और उनके तीमारदारों से अस्पताल में मिल रहे इलाज और सुविधाओं को लेकर भी बात की। इलाज को लेकर मरीजों की विभिन्न शिकायत पर उन्होंने संबधित अधिकारियों को व्यवस्थाओं को जल्द सुचारू करने के निर्देश दिये। स्वास्थ्य सचिव में औचक निरीक्षण में स्वास्थ्य महानिदेशक डॉ विनीता शाह, सीएमओ देहरादून डॉ संजय जैन, सहायक निदेशक स्वास्थ्य महानिदेशालय डॉ मंयक बडोला, दून मेडिकल कॉलेज से डॉ महेन्द्र पंत, डॉ अजय नागरकर, नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ अविनाश खन्ना मौजूद रहे।

    गांधी अस्पताल में शुरू होगा 100 बैड का डेंगू वार्ड
    इसके बाद स्वास्थ्य सचिव डॉ आर राजेश कुमार का काफिला गंाधी अस्पताल पहुंचा। जहां उन्होंने अस्पताल के निरीक्षण के पाया कि यहां लगभग 100 बैड का डेंगू वार्ड शुरू किया जा सकता है। जिसको लेकर उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिये कि अगले 24 घंटे में गांधी शताब्दी अस्पताल में मरीजों की सुविधा के लिए डेंगू वार्ड शुरू किया जाये। स्वास्थ्य सचिव ने गांधी अस्पताल में खुल ब्लड स्टोरेज सेंटर को पूर्णकालिक ब्लड बैंक में तब्दील करने के निर्देश अधिकारियों को दिये ताकि मरीजों को रक्त की कमी न हो।

    कंट्रोल रूम का 104 के साथ होगा समन्वय
    कोरोनेशन और गांधी अस्पताल के बाद स्वास्थ्य सचिव अपनी टीम के साथ सहस्रधारा आईटीडीए में स्थापित डेंगू कंट्रोल रूम पहुंचे। जहां उन्होंने तमाम व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। स्वास्थ्य सचिव ने कहा राज्य के सभी जिलों से सूचाओं को आदना प्रदान हो सके इसकेक लिए डेंगू कंट्रोल रूम और 104 सेवा का आपसी समन्वय होगा। जिसके बाद राज्य में डेंगू मरीजों के प्रतिदिन का आंकड़ा जारी किया जायेगा। हम सूचना तंत्र को मजबूत बनाकर जरूरतमंदों को समय पर इलाज मिले इस पर कार्य कर रहे हैं।

    फागिंग को और अधिक प्रभावी बनाने के निर्दश
    स्वास्थ्य सचिव ने नगर निगम अधिकारियों को निर्दश दिये कि फोगिंग को पहले की अपेक्षा और अधिक प्रभावी बनाया जाये। नोटिफिएड इलाकों में बार-बार फोगिंग की जाये। इसके साथ ही घरों में डेंगू का लार्वा जमा न हो इसको लेकर जन जागरूकता अभियान लगातार जारी रखा जाये।

    अधिक पैसे वसूलने वालों पर होगी कार्रवाई
    राज्य में डेंगू मरीजों को समुचित इलाज मिले इसको लेकर स्वास्थ्य सचिव डॉ आर राजेश कुमार के नेतृत्व में प्रशासन पूरी तरह से सक्रिय है। स्वास्थ्य सचिव राज्य के सभी अस्पतालों से लगातार फीड बैक ले रहे हैं। अस्पतालों में दवाईयों व अन्य किसी प्रकार के उपकरणों की कोई कमी न हो इसको लेकर अधिकारियों को दिशा निर्देश जारी किये गये हैं। स्वास्थ्य सचिव ने कहा सरकारी के साथ निजी अस्पतालों का भी निरीक्षण किया जा रहा है। जहां से भी शिकायतें आ रही हैं उन पर कार्रवाई की जा रही है। डेंगू मरीजों को आयुष्मान के तहत इलाज न देने वाले अस्पतालों पर कड़ी कार्रवाई की जायेगी।

    ई-रक्तकोश पोर्टल को अपडेट रखने के निर्देश
    स्वास्थ्य सचिव ने जानकारी देते हुए कहा हर दिन सुबह शाम ई-रक्तकोष पोर्टल में डेटा एकत्र किया जायेगा। इसके होने से अगले दिन हमें रक्त की पूरी जानकारी मिल जायेगी। कितनी कमी है किस ब्लड ग्रुप के रक्त की ज्यादा डिमांड है। उसके अनुरूम हमें व्यवस्थाओं को बनाने में मदद मिलेगी।

    डेंगू पीड़ितों के लिए करें रक्तदान
    स्वास्थ्य सचिव डॉ आर राजेश कुमार ने कहा डेंगू से गंभीर रूप से पीड़ित मरीजों को प्लेटलेट चढ़ाने की जरूरत पड़ रही है। बीमारी के दौरान खून में प्लेटलेट की संख्या 50 हजार से कम होने लगे तो खतरा बढ़ जाता है और आम तौर पर डाक्टर अस्पताल में भर्ती होने का सुझाव देते हैं।ज्यादातर अस्पतालों में ब्लड प्लेटलेट की मांग बहुत बढ़ गई है और उसकी उपलब्धता बहुत कम है। इसकी आपूर्ति के लिए जरूरी है कि हम स्वैच्छिक रक्तदान करें जिससे कि गंभीर रूप से बीमार लोगों की जान बचाई जा सके। स्वास्थ्य सचिव ने कहा उन्होंने खुद एक मरीज की जान बचाने के लिए कुछ समय पूर्व रक्तदान किया था। आम जनता से अपील करते हुए कहा कि स्वैच्छिक रक्तदान को आगे आयें।

  • खाई में गिरा वाहन, चालक की मौत

    खाई में गिरा वाहन, चालक की मौत

    चमोली। कर्णप्रयाग -गैरसैण मार्ग पर एक वाहन आदि बद्री के निकट खाई में उतर गया। दुर्घटना में 44 साल के युवक की मृत्यु हो गयी। SDRF रेस्क्यू टीम में उप-निरीक्षक मनमोहन सिंह के नेतृत्व में टीम ने खाई में उतरकर घायल व्यक्ति को बाहर निकाला। जिसकी बाद में मृत्यु हो गयी।

    गौरतलब है कि वाहन चालक कर्णप्रयाग से गैरसैंण मार्ग पर जा रहा था। अचानक आदि बद्री मार्ग पर वाहन अनियंत्रित होकर खाई में जा गिरा।

    वाहन संख्या :- UK07TB5679

    मृतक का नाम :- बीरेंद्र सिंह रावत, उम्र 44 वर्ष

    निवासी :- ग्राम गैरसैंण, चमोली।

  • धामी सरकार दे सकती हैं उपनल कर्मियों क़ो बड़ा तोहफा

    धामी सरकार दे सकती हैं उपनल कर्मियों क़ो बड़ा तोहफा

    देहरादून।  उपनल कर्मचारी के मानदेय में एक और बढोतरी हो सकती है सरकार के निर्देश पर उपनल प्रबंधन ने वर्तमान मानदेय मे 10 प्रतिशत तक बढोतरी का प्रस्ताव सरकार को भेजा है। अकुशल से अधिकारी स्तर तक पांचों श्रेणियों में 10 प्रतिशत वृद्धि से हर साल 40.62 करोड़ का अतिरिक्त आर्थिक भार आएगा। उपनल के एमडी ब्रिगेडियर जेएनएस बिष्ट (सेनि) ने प्रस्ताव भेजने की पुष्टि की।दरअसल उपनल कर्मियों के मानदेय में 21 अगस्त 2020 को 15 से 20 फीसदी तक वृद्धि की गई थी। उसके बाद अगले साल 21 अक्टूबर 2021 को त्रैमासिक प्रोत्साहन राशि को सेवा अवधि के अनुसार दोगुने तक बढ़ाया गया है। इसमें 10 फीसदी वृद्धि का स्लैबवार ब्योरा दिया गया है। इस पर अंतिम निर्णय शासन स्तर पर होगा। ब्रिगेडियर जेएनएस बिष्ट (सेनि ) एमडी उपनल साल से कम सेवा वाले कार्मिकों को 2800 के बजाए 4800 और 10 साल से अधिक सेवा पूरी कर चुके कार्मिकों को 2800 के बजाए 5800 रुपये कर दिया गया था। यह प्रोत्साहन राशि सामान्य मानदेय से अलग दी जा रही है।

  • सीएम धामी ने किया उत्तराखण्ड ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट का लोगो और वेबसाइट लांच

    सीएम धामी ने किया उत्तराखण्ड ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट का लोगो और वेबसाइट लांच

    दिसंबर मे देहरादून में होगा उत्तराखण्ड ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट

    2.5 लाख करोड़ के निवेश का लक्ष्य: सीएम

    राज्य में 6 हजार एकड़ का लैंड बैंक तैयार

     

    देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्तराखण्ड ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के लोगो और वेबसाईट को लांच किया। शनिवार को देहरादून में आयोजित एक कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने समिट के लोगो और वेबसाईट को लांच करते हुए कहा कि इस बार इन्वेस्टर्स समिट में 2 लाख 50 हजार करोड़ रूपए के निवेश का लक्ष्य रखा गया है।राज्य सरकार ने निवेश को बढ़ावा देने के लिए नीतियों में सुधार भी किये हैं और नई नीतियों को भी लागू किया है। विभिन्न क्षेत्रों के लिये 27 नीतियां प्रख्यापित की गई हैं। राज्य में 6 हजार एकड़ का लैंड बैंक भी तैयार किया गया है। गौरतलब है कि उत्तराखण्ड ग्लोबल इन्वेर्स्टस समिट देहरादून में दिसम्बर माह में होने जा रहा है। राज्य सरकार ने इसकी तैयारियां तेज कर दी हैं।

    उद्योग जगत से लगातार संवाद कर रही सरकार

    उत्तराखण्ड ग्लोबल इन्वेर्स्टस समिट के लोगो और वेबसाईट के अनावरण कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार, उद्योग जगत और प्रमुख औद्योगिक संगठनों से लगातार सम्पर्क में है। इसी क्रम में 17 अगस्त को देहरादून में और 21 अगस्त को दिल्ली में प्रमुख उद्योगपतियों से संवाद किया गया। उद्योग जगत से मिल रहे सुझावों को बहुत ही प्रमुखता से लिया गया है। उसी आधार पर एमएसएमई नीति, सेवा क्षेत्र नीति, लॉजिस्टिक नीति, सोलर नीति, आदि में सुधार किया गया है।

    पीस डेस्टिनेशन के साथ इंवेस्टमेंट डेस्टिनेशन भी बना उत्तराखंड

    मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में उद्योगों और

    निवेश के अनुकूल बने माहौल से उद्योगपतियों में बहुत उत्साह है। देवभूमि उत्तराखण्ड में सदियों से लोग शांति के लिए आते रहे हैं। प्रतिवर्ष बड़ी संख्या में पर्यटक आते हैं, अब निवेशक भी यहां आने के लिये उत्साहित हैं। शांति और पर्यटन के डेस्टीनेशन के साथ ही उत्तराखण्ड प्रमुख इन्वेस्टमेंट डेस्टीनेशन भी बना है। देश विदेश के लोग यहां से जुड़ना चाहते हैं। यहां के प्राकृतिक वातावरण, प्रभावी सिंगल विंडो सिस्टम, निवेश अनुकूल नीतियों, राष्ट्रीय राजधानी से निकटता, इन्फ्रास्ट्रक्चर के कारण उत्तराखण्ड निवेश के लिये प्रमुख केंद्र बन रहा है। ईज आफॅ डूंईंग बिजनेस में उत्तराखण्ड एचीवर्स श्रेणी में है। नीति आयोग द्वारा जारी निर्यात तैयारी सूचकांक में उत्तराखण्ड हिमालयी राज्यो प्रथम स्थान पर जबकि सम्पूर्ण देश में 9 वें स्थान पर है।

    इंवेस्टमेंट सम्मिट पूरे उत्तराखंड का

    मुख्यमंत्री ने कहा कि जो उद्योग पहले से उत्तराखण्ड में स्थापित हैं, उन्होंने भी अपना विस्तार करने की बात कही है। इन्वेस्टर्स समिट केवल उद्योग विभाग का कार्यक्रम नहीं है, बल्कि सभी विभाग इससे जुड़े हैं। वस्तुतः यह समिट उत्तराखण्ड के सभी नागरिकों का है। राज्य में निवेश से रोजगार सृजन होगा, लोगों की आय में वृद्धि होगी और देश के विकास में उत्तराखण्ड प्रभावी भूमिका निभाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले वर्षों के अनुभवों से सीखते हुए बहुत से सुधार किये गये हैं। राज्य में अधिक से अधिक निवेश आए इसके लिये हम ठोस तरीके से काम कर रहे हैं। प्रधानमंत्री जी ने बाबा केदार की भूमि से कहा था कि 21 वीं सदी का तीसरा दशक उत्तराखण्ड का दशक होगा। इन्वेस्टर्स समिट इसी दिशा में एक बड़ा प्रयास है।

    मुख्य सचिव डा. एस.एस. संधु ने कहा कि उत्तराखण्ड ग्लोबल इन्वेर्स्टस समिट के लोगो में उत्तराखण्ड की विशिष्टताओं को प्रदर्शित किया गया है।

    किया गया है। पहले लोग यहां शांति के लिए आते थे, अब पर्यटन और निवेश के लिये आ रहे हैं। पर्यटन, योग, वैलनेस, सर्विस सेक्टर, कृषि और हॉर्टीकल्चर पर राज्य सरकार फोकस कर रही है। प्रदेश में बेरोजगारी और गरीबी को दूर करने के लिये निवेश महत्वपूर्ण है। प्रदेश सरकार राज्य के नागरिकों की क्वालिटी ऑफ लाईफ में सुधार करने का प्रयास कर रही है। कृषि और हॉर्टीकल्चर को प्रमुखता दी जा रही है। प्रदेश की जीडीपी में 40 प्रतिशत योगदान देने वाले सेवा क्षेत्र के लिये भी नई नीति बनाई गई है।

    अपर मुख्य सचिव श्रीमती राधा रतूड़ी ने स्वागत सम्बोधन और सचिव विनय शंकर पाण्डे ने धन्यवाद ज्ञापन दिया। इस अवसर पर विधायक दुर्गेश्वर लाल, सचिव शैलेश बगोली, महानिदेशक उद्योग रोहित मीणा, महानिदेशक सूचना बंशीधर तिवारी व अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

    विशेषः

    डेस्टीनेशन उत्तराखण्ड- ग्लोबल समिट 2023 का लोगो राज्य की भावनाओं का प्रतिबिम्ब है। लोगो में दो पर्वत श्रृंखलाएं निरंतरता के साथ प्रगति के परिचायक तीर का सृजन करता है, जो न केवल असीमित प्रगति का प्रतीक है, बल्कि विकास और सतत विकास की निरंतरता का द्योतक है। दोनों पर्वत श्रृंखलाएं दो महत्वपूर्ण पहलुओं को प्रदर्शित करती है- उत्तराखण्ड के प्रकृतिक संसाधनों की प्रचुरता और कुशल श्रम शक्ति की अनवरत श्रृंखला।

    लोगो में हरा रंग राज्य की प्राकृतिक सुन्दरता और प्रकृति के साथ सामन्जस्य का प्रतीक है। नीला रंग अवसरों, आकांक्षाओं और नये विचारों के लिये असीमित आकाश का प्रतिनिधित्व करता है।

    समिट की टैग लाईन पीस टू प्रोस्पेरिटी है

    निवेशकों को उद्योगों की स्थापना के लिये अपेक्षित अनुमोदन/अनुज्ञा/स्वीकृति के लिये राज्य में ऑनलाईन सिंगल विंडो क्लीयरेंस पोर्टल www.investuttarakhand.uk.gov.in बनाई गई है।

  • सीएम धामी ने  उत्तराखण्ड  राज्य आंदोलन के शहीदों को दी श्रद्धांजलि

    सीएम धामी ने उत्तराखण्ड राज्य आंदोलन के शहीदों को दी श्रद्धांजलि

    राज्य आन्दोलन के शहीदों के परिजनों को सम्मानित किया

     

    देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मसूरी में शहीद स्मारक पर पुष्पचक्र अर्पित कर शहीद राज्य आन्दोलनकारियों को श्रद्धांजलि दी। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने मसूरी में शहीद राज्य आन्दोलनकारियों के परिवारजनों को सम्मानित भी किया। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड राज्य आन्दोनकारियों ने जिस उद्देश्य से अलग राज्य की मांग की थी, उसके अनुरूप ही राज्य को आगे बढ़ाने के लिए सरकार निरन्तर कार्य कर रही है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि मसूरी शहीद स्थल पर शेड का निर्माण किया जायेगा।

    मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राज्य आन्दोलनकारियों के चिन्हित प्रमाण पत्र बनाने के लिए 06 माह का अतिरिक्त समय दिया गया था। बहुत जिलों में इस पर कार्य हुआ। इसके लिए ऐसी व्यवस्था की गई है कि इसका दुबारा आंकलन कर व्यवस्था को आगे बढ़ाया जाय। जनपद देहरादून में चिन्ह्ति सभी 4164 राज्य आन्दोलनकारियों को पहचान पत्र निर्गत किये गये है। राज्य आन्दोलनकारियों को उत्तराखण्ड परिवहन निगम की बसों में निःशुल्क परिवहन सुविधा प्रदान किये जाने की व्यवस्था की गयी है। राज्य आन्दोलनकारियों के अधिकतम दो बच्चों को राजकीय विद्यालयों और महाविद्यालयों में निःशुल्क शिक्षा सुविधा प्रदान की गयी है। उत्तराखण्ड राज्य आन्दोलनकारियों के आश्रितों को पेंशन सुविधा प्रदान की गई है। शहीद आन्दोलनकारी के पिता को और पिता के जीवित न होने पर माता को और आश्रित को प्रतिमाह पंेशन की सुविधा प्रदान की गयी है। राज्य आन्दोलन के दौरान 172 घायल राज्य आन्दोलनकारियों को 06 हजार रूपये प्रतिमाह तथा 2414 सक्रिय राज्य आन्दोलनकारियों को 4500 रूपये प्रतिमाह पेंशन प्रदान की जा रही है। 06 घायल एवं 26 सक्रिय राज्य आन्दोलनकारियों के आश्रितों को भीप्रतिमाह पेंशन प्रदान की जा रही है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि 02 सितम्बर 1994 में मसूरी गोलीकांड की घटना हमेशा हमारे स्मरण में रहेगी। पुलिस की तानाशाही एवं हटधर्मिता को सबने देखा, जो उस समय की सरकार ने योजनाबद्ध तरीके से करवाया। इस गोलीकाण्ड में हमारे 06 आन्दोलनकारी शहीद हो गये और दर्जनों घायल हो गये। उत्तराखण्ड राज्य निर्माण में हमारी मातृशक्ति की महत्वपूर्ण भूमिका रही। राज्य आन्दोलनकारियों के सपनों को पूरा करने के लिए हम सबको प्रदेश के विकास में मिलकर योगदान देना होगा। उन्होंने कहा कि स्कूलों एवं सड़कों का नाम संबंधित क्षेत्रों के शहीद राज्य आन्दोलनकारियों के नाम पर करने की दिशा में सरकार लगातार कार्य कर रही है।

    इस अवसर पर केन्द्रीय रक्षा एवं पर्यटन राज्य मंत्री अजय भट्ट, पूर्व विधायक जोत सिंह गुनसोला, मसूरी नगर पालिका परिषद् के अध्यक्ष अनुज गुप्ता, मसूरी नगर पालिका परिषद् के पूर्व अध्यक्ष मन्नू मल, सिद्धार्थ अग्रवाल, मोहन पेटवाल आदि मौजूद थे।

  • जिलाधिकारी उत्तरकाशी को  महाराज ने दिए शीघ्र वेतन भुगतान के निर्देश

    जिलाधिकारी उत्तरकाशी को महाराज ने दिए शीघ्र वेतन भुगतान के निर्देश

    देहरादून। जिला पंचायत उत्तरकाशी में कर्मचारियों के वेतन एवं अन्य निर्माण कार्यों के भुगतान न होने पर पंचायत मंत्री सतपाल महाराज ने कहा है कि उक्त भुगतान जिला पंचायत स्तर पर लम्बित हैं। पंचायत मंत्री महाराज ने कहा कि उत्तरकाशी जिला पंचायत अध्यक्ष द्वारा अपर मुख्य अधिकारी के हस्ताक्षर प्रमाणित न करने के कारण कार्य में व्यवधान उत्पन्न हो रहा है।

    उन्होंने जिलाधिकारी उत्तरकाशी को निर्देशित करते हुए तत्काल अपर मुख्य अधिकारी के हस्ताक्षर प्रमाणित करवा कर कर्मचारियों के वेतन सहित अन्य निर्माण कार्यों के भुगतान की प्रक्रिया को शीघ्रता से आगे बढ़ाना को कहा है।

  • उच्च शिक्षा में अवस्थापन विकास के लिये 159 करोड़ स्वीकृत

    उच्च शिक्षा में अवस्थापन विकास के लिये 159 करोड़ स्वीकृत

    आधुनिक आईटी लैब व छात्रावास से लैस होंगे मॉडल कॉलेज

    6 महाविद्यालयों में कला व विज्ञान संकाय के बनेंगे पीजी ब्लॉक

    सूबे में उच्च गुणवत्तायुक्त शिक्षा के लिये राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अंतर्गत 20 राजकीय महाविद्यालयों का कायाकल्प कर उन्हें शोध आधारित मॉडल कॉलेज के रूप में विकसित किया जायेगा। इसी प्रकार 6 राजकीय महाविद्यालयों में कला व विज्ञान संकाय के लिये नये पीजी ब्लॉक बनाये जायेंगे। इसके लिये राज्य सरकार ने रूपये 159 करोड़ से अधिक की धनराशि स्वीकृत कर दी है।

    उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने मीडिया को जारी एक बयान में बताया कि राज्य सरकार उच्च शिक्षा विभाग के अंतर्गत शोध आधारित मॉडल कॉलेज विकसित करने में जुटी है। इसके लिये प्रदेश के 20 राजकीय महाविद्यालयों का चयन कर उनमें आधारभूत संरचनाओं के विकास के लिये रूपये 129 करोड़ की धनराशि स्वीकृत कर दी है। इसी तरह राज्य के 6 राजकीय महाविद्यालयों में कला एवं विज्ञान संकाय के पृथक पीजी ब्लॉकों के निर्माण के लिये रूपये 30 करोड़ मंजूर कर कुल 159 करोड़ से अधिक की धनराशि स्वीकृत कर दी है। उन्होंने बताया कि स्वीकृत धनराशि से राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय रूद्रपुर, काशीपुर, चम्पावत, बागेश्वर, पिथौरागढ़, हल्द्वानी, रानीखेत, कोटद्वार, नरेन्द्रनगर, नई टिहरी, उत्तरकाशी, थलीसैंण, गैरसैंण, लक्सर, गोपेश्वर, डाकपत्थर, रायपुर, अगस्त्यमुनि सहित कुमाऊं विश्वविद्यालय का डीबीएस परिसर तथा सोबन सिंह जीना विश्वविद्यालय के अल्मोड़ा परिसर में जरूरी संसाधन जुटाकर मॉडल कॉलेज बनाये जायेंगे। इन महाविद्यालयों में महिला एवं पुरूष छात्रावास सहित अति आधुनिक आई.टी. लैब तथा ई-लर्निंग कक्षों का निर्माण किया जायेगा। डॉ. रावत ने बताया कि महिला व पुरूष छात्रावासों में तमाम सुविधाओं के साथ सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम सुनिश्चित किये जायेंगे। इसके अलावा छात्र-छात्राओं के लिये पार्किंग, डाईनिंग हाल, किचन, दिव्यांग कक्ष एवं रैम्प तथा वार्डन ऑफिस भी बनाये जायेंगे। विभागीय मंत्री डॉ. रावत ने बताया कि प्रदेश के 6 राजकीय महाविद्यालयों राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय स्याल्दे, बेरीनाग एवं कपकोट में कला संकाय भवन तथा राजकीय महाविद्यालय टनकपुर, थत्युड एवं सोमेश्वर में विज्ञान संकाय के भवनों का निर्माण किया जायेगा। उन्होंने बताया कि मॉडल कॉलेजों एवं पीजी कॉलेजों में निर्माण कार्यों को शीघ्र शुरू करने के लिये विभागीय अधिकारियों को निर्देश दे दिये गये हैं ताकि तय समय निर्माण कार्यों को पूरा किया जा सके और छात्र-छात्राओं का इसका लाभ मिल सके।

    राज्य सरकार ने उच्च शिक्षा के लिये रूपये 159 करोड़ की धनराशि स्वीकृत की है। जिसके तहत प्रदेश के 20 मॉडल कॉलेजों में अति आधुनिक आईटी लैब एवं छात्रावास का निर्माण किया जायेगा जबकि 6 राजकीय महाविद्यालयों में कला एवं विज्ञान संकाय के लिये भवन बनाये जायेंगे। हमारा ध्येय प्रदेश में राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अनुरूप छात्र-छात्राओं को गुणवत्ता, रोजगार एवं शोधपरक शिक्षा उपलब्ध कराना है- डॉ. धन सिंह रावत, उच्च शिक्षा मंत्री, उत्तराखंड सरकार।