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  • जनसमस्याओं का तय समय में समाधान सुनिश्चित करें – सीएम

    जनसमस्याओं का तय समय में समाधान सुनिश्चित करें – सीएम

    मुख्यमंत्री ने प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों से आए लोगों की समस्याएं सुनीं

    सीएम हेल्पलाइन-1905 और ‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’ के माध्यम से जनसमस्याओं के समाधान को बनाया जा रहा अधिक प्रभावी

    देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों से आए लोगों की समस्याएं सुनीं।
    इस दौरान लोगों ने मुख्यमंत्री के समक्ष सड़क, पेयजल, विद्युत, स्वास्थ्य, शिक्षा, राजस्व, पेंशन, रोजगार, आर्थिक सहायता तथा विभिन्न क्षेत्रीय एवं व्यक्तिगत समस्याओं से संबंधित प्रकरण रखे।

    मुख्यमंत्री ने लोगों की समस्याओं को गंभीरता से सुनते हुए संबंधित अधिकारियों को उनका त्वरित, प्रभावी एवं समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिन समस्याओं का समाधान जिला अथवा विभागीय स्तर पर हो सकता है, उनका अनावश्यक रूप से शासन स्तर पर लंबित रहना उचित नहीं है। अधिकारी अपने स्तर पर जनसमस्याओं का प्राथमिकता से निस्तारण सुनिश्चित करें।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि जनसमस्याओं का समाधान राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में है। शासन-प्रशासन के प्रत्येक स्तर पर अधिकारियों की जिम्मेदारी है कि लोगों की समस्याओं को संवेदनशीलता के साथ सुना जाए और नियमानुसार उनका यथाशीघ्र समाधान किया जाए। आमजन को अपने कार्यों के लिए बार-बार सरकारी कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें, इसके लिए कार्यप्रणाली को और अधिक प्रभावी बनाया जाए।

    उन्होंने कहा कि जन शिकायतों के समाधान के लिए राज्य सरकार द्वारा सीएम हेल्पलाइन-1905, जनसुनवाई और ‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’ जैसे कार्यक्रमों को प्रभावी बनाया जा रहा है। ‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’ के माध्यम से शासन-प्रशासन स्वयं जनता के बीच पहुंचकर उनकी समस्याओं के समाधान के साथ ही पात्र लोगों को विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं एवं सेवाओं से जोड़ रहा है। पूर्व में आयोजित शिविरों में भी विभिन्न विभागों से संबंधित शिकायतों के निस्तारण के साथ लोगों को योजनाओं का लाभ उपलब्ध कराया गया है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि 17 सितम्बर से प्रारंभ सेवा संकल्प अभियान प्रदेश में 17 अक्टूबर 2026 तक आयोजित किया जा रहा है। अभियान के अंतर्गत सेवा, जनभागीदारी, संवाद और नवाचार से जुड़े विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। ‘सेवा सेतु अभियान’ के तहत ‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’ के शिविरों के साथ स्वास्थ्य एवं बहुउद्देशीय शिविरों का भी आयोजन किया जाएगा, जिनके माध्यम से केंद्र एवं राज्य सरकार की योजनाओं और सेवाओं को आमजन तक पहुंचाया जाएगा।

    मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जनसुनवाई में प्राप्त प्रत्येक प्रकरण पर गंभीरता से कार्रवाई की जाए। शिकायतों के निस्तारण की नियमित मॉनिटरिंग की जाए और यह भी सुनिश्चित किया जाए कि समाधान केवल कागजी औपचारिकता तक सीमित न रहे, बल्कि संबंधित व्यक्ति को वास्तविक रूप से राहत मिले। उन्होंने कहा कि शासन, जिला प्रशासन और विभागों के बीच बेहतर समन्वय से जनसमस्याओं का समाधान और अधिक प्रभावी बनाया जाए। जनहित से जुड़े प्रकरणों में संवेदनशीलता और जवाबदेही के साथ कार्य करते हुए लोगों को समयबद्ध सेवाएं उपलब्ध कराना सुनिश्चित किया जाए।

    इस दौरान मुख्यमंत्री से ‘9वीं हीरोज अंतरराष्ट्रीय ताइक्वांडो चैंपियनशिप-2026’ में पदक जीतने वाले उत्तराखण्ड के खिलाड़ियों ने भी भेंट की। यह प्रतियोगिता 31 जुलाई से 2 अगस्त 2026 तक पटाया, चोनबुरी, थाईलैंड में आयोजित हुई थी।
    प्रतियोगिता में उत्तराखण्ड के मन्नू सोनकर, शिवानी दाबसा, मोहम्मद जकी और मुकुल ने स्वर्ण पदक, जबकि मेघा शर्मा और धनंजय धारीवाल ने कांस्य पदक प्राप्त किया। मुख्यमंत्री ने सभी पदक विजेता खिलाड़ियों को उनकी उपलब्धि पर बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

    इस अवसर पर प्रमुख सचिव आर. के. सुधांशु, सचिव विनय शंकर पाण्डेय, गढ़वाल कमिश्नर आनंद स्वरूप, अपर सचिव जे.सी. कांडपाल, जिलाधिकारी देहरादून डॉ. आशीष चौहान, एसएसपी देहरादून प्रमेंद्र डोभाल एवं मुख्यमंत्री कार्यालय के अधिकारी उपस्थित थे।

  • एम-पैक्स को मजबूत कर गांवों को बनाएंगे आत्मनिर्भर: सीएम

    एम-पैक्स को मजबूत कर गांवों को बनाएंगे आत्मनिर्भर: सीएम

    किसानों, युवाओं और मातृशक्ति को सहकारिता से जोड़ना राज्य सरकार की प्राथमिकता : मुख्यमंत्री

    मुख्यमंत्री ने पंतनगर में आयोजित द्वितीय सहकारिता नेतृत्व प्रशिक्षण वर्ग के शुभारंभ सत्र को वर्चुअल माध्यम से किया संबोधित

    देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को वर्चुअल माध्यम से गोविन्द बल्लभ पंत कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय, पंतनगर में सहकार भारती द्वारा आयोजित श्री लक्ष्मणराव इनामदार द्वितीय सहकारिता नेतृत्व प्रशिक्षण वर्ग के शुभारंभ सत्र को संबोधित किया।

    मुख्यमंत्री ने सहकार भारती के संस्थापक श्रद्धेय लक्ष्मणराव इनामदार जी की जयंती पर उन्हें नमन करते हुए कहा कि सहकारिता को सशक्त बनाकर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान करने की दिशा में ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। उन्होंने कहा कि मजबूत नेतृत्व से एम-पैक्स मजबूत होंगे, मजबूत एम-पैक्स से गांव मजबूत होंगे और मजबूत गांवों से उत्तराखण्ड समृद्ध बनेगा।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि पंतनगर की ज्ञानभूमि से सहकारिता को नई दिशा देने वाली अनेक महत्वपूर्ण पहल प्रारंभ की गई हैं। सहकार ग्रंथ के लोकार्पण, देवभूमि सारथी राज्य सहकारी संघ की पहल, सहकारिता के क्षेत्र में नए पाठ्यक्रम की शुरुआत, युवाओं को सहकारिता से जोड़ने के लिए सोशल मीडिया रील्स अभियान तथा एम-पैक्स नेतृत्व प्रशिक्षण कार्यक्रम के शुभारंभ से सहकारिता के क्षेत्र को नई ऊर्जा मिलेगी। उन्होंने इन पहलों के लिए सहकारिता विभाग, पंतनगर विश्वविद्यालय और सहकार भारती को शुभकामनाएं दीं।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य देवभूमि उत्तराखण्ड को ‘सहकार से समृद्धि’ की दिशा में तेजी से आगे बढ़ाना है। पर्वतीय राज्य उत्तराखण्ड में सहकारिता अनेक चुनौतियों के समाधान का प्रभावी माध्यम बन सकती है। पलायन को रोकने, पर्वतीय कृषि को मजबूत करने, स्थानीय उत्पादों को बाजार उपलब्ध कराने तथा ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने में सहकारिता की महत्वपूर्ण भूमिका है।

    उन्होंने कहा कि पैक्स राज्य की सहकारिता व्यवस्था की महत्वपूर्ण आधारशिला हैं। बदलती आवश्यकताओं के अनुरूप इन्हें एम-पैक्स के रूप में और अधिक सक्षम एवं प्रभावी बनाया जा रहा है। राज्य सरकार एम-पैक्स के माध्यम से किसानों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने, युवाओं के लिए नए अवसर सृजित करने और ग्रामीण क्षेत्रों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने की दिशा में कार्य कर रही है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि एम-पैक्स को प्रभावी बनाने के लिए कुशल और दूरदर्शी नेतृत्व आवश्यक है। इसी उद्देश्य से नेतृत्व प्रशिक्षण कार्यक्रम प्रारंभ किया गया है। प्रशिक्षण केवल जानकारी बढ़ाने का माध्यम नहीं, बल्कि नेतृत्व को नई सोच, कार्यदृष्टि और दिशा प्रदान करने का भी सशक्त माध्यम है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि किसान, युवा और मातृशक्ति सभी को सहकारिता से जोड़ना राज्य सरकार की प्राथमिकता है। सरकार सहकारिता को केवल समितियों तक सीमित रखने के बजाय इसे जनभागीदारी और आर्थिक सशक्तिकरण का प्रभावी माध्यम बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। प्रयास है कि सहकारिता का लाभ गांव के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे और प्रत्येक व्यक्ति विकास की प्रक्रिया में सहभागी बने।

    मुख्यमंत्री ने प्रशिक्षण कार्यक्रम में प्रतिभाग कर रहे प्रतिनिधियों से अपने-अपने क्षेत्रों में सहकारिता की भावना को और अधिक मजबूत करने तथा अधिक से अधिक लोगों को इससे जोड़ने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि सहकारिता को जन-जन की शक्ति बनाकर गांवों को सशक्त करने, युवाओं को अवसर प्रदान करने और किसानों की आर्थिक शक्ति बढ़ाने की दिशा में सभी को मिलकर कार्य करना होगा।

    इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री डॉ. धन सिंह रावत, कुलपति गोविन्द बल्लभ पंत कृषि विश्वविद्यालय पंतनगर शिवेन्द्र कुमार कश्यप, सहकार भारती संघ से राष्ट्रीय महासचिव दीपक चौरसिया, प्रदेश अध्यक्ष विनोद कुमार गौड़, संगठन मंत्री मणिराम नौटियाल, प्रदेश कोषाध्यक्ष सुधीर कुमार जोशी सहित डॉ. बृजेश, डॉ. दिनेश कुमार सिंह वर्चुअल माध्यम से जुड़े रहे।

  • उत्तराखंड-एमपी में हरित ऊर्जा सहयोग पर बनी सहमति

    उत्तराखंड-एमपी में हरित ऊर्जा सहयोग पर बनी सहमति

    मुख्यमंत्री व एमपी के कैबिनेट मंत्री राकेश शुक्ला के बीच चर्चा

    देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मध्य प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री एवं नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री राकेश शुक्ला ने शिष्टाचार भेंट की। इस दौरान उत्तराखंड सरकार के कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल भी मौजूद रहे।

    मुख्यमंत्री धामी और राकेश शुक्ला के बीच दोनों राज्यों में संचालित विकास योजनाओं, जनहित से जुड़े विषयों और विभिन्न समसामयिक मुद्दों पर चर्चा हुई। इस दौरान आपसी सहयोग, अनुभवों के आदान-प्रदान तथा विकास के विभिन्न क्षेत्रों में संभावनाओं को लेकर विचार-विमर्श किया गया।
    बैठक में स्वच्छ एवं हरित ऊर्जा, नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में नवाचार और सतत विकास से जुड़े विषयों पर भी चर्चा हुई। मध्य प्रदेश में सौर सहित अन्य नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाओं को बढ़ावा देने के प्रयासों के मद्देनजर दोनों राज्यों के अनुभवों और संभावनाओं के आदान-प्रदान को महत्वपूर्ण बताया गया।

    मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि उत्तराखंड और मध्य प्रदेश के बीच लंबे समय से आत्मीय और सांस्कृतिक संबंध रहे हैं। दोनों राज्यों के बीच विभिन्न क्षेत्रों में अनुभवों और श्रेष्ठ कार्यप्रणालियों का आदान-प्रदान विकास की गति को और प्रभावी बनाने में सहायक हो सकता है।
    इस अवसर पर राकेश शुक्ला ने भी उत्तराखंड के विकास तथा राज्य सरकार की ओर से विभिन्न क्षेत्रों में किए जा रहे कार्यों को लेकर चर्चा की।

  • सेवानिवृत्त अधिकारियों की भाजपा में एंट्री

    सेवानिवृत्त अधिकारियों की भाजपा में एंट्री

    देहरादून। डॉ. धन सिंह रावत के विकास कार्यों से प्रभावित होकर भगवती प्रसाद पोखरियाल एवं दिनेश सिंह रावत ने ग्रहण की भाजपा की सदस्यता

    श्रीनगर विधानसभा के पाबौ मंडल में भाजपा को उस समय महत्वपूर्ण मजबूती मिली, जब जनपद पौड़ी गढ़वाल में लंबे समय तक प्रशासनिक एवं विकास क्षेत्र में अपनी सेवाएं दे चुके दो वरिष्ठ सेवानिवृत्त अधिकारियों ने भारतीय जनता पार्टी की सदस्यता ग्रहण की। शासकीय आवास यमुना कॉलोनी में पाबौ ब्लॉक के पोखरी गांव निवासी भगवती प्रसाद पोखरियालएवं ग्राम छानी निवासी दिनेश सिंह रावत ने भाजपा के साथ जुड़ने का निर्णय लिया।

    भगवती प्रसाद पोखरियाल पर्यटन विभाग, जनपद पौड़ी गढ़वाल में वरिष्ठ मुख्य प्रशासनिक अधिकारी के पद पर सेवाएं दे चुके हैं, जबकि दिनेश सिंह रावत सहायक विकास अधिकारी, पंचायती राज के पद से सेवानिवृत्त हुए हैं। प्रशासनिक क्षेत्र में दोनों अधिकारियों के लंबे अनुभव और सेवाकाल को देखते हुए उनका भाजपा से जुड़ना पाबौ क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण राजनीतिक घटनाक्रम माना जा रहा है।

    इस अवसर पर विधायक प्रतिनिधि गुलाब सिंह बिष्ट एवं मंडल उपाध्यक्ष गंगा सिंह बिष्ट सहित अन्य कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

  • पशुपालकों को राहत: एक कॉल पर पहुंचेगी मोबाइल पशु चिकित्सा यूनिट

    पशुपालकों को राहत: एक कॉल पर पहुंचेगी मोबाइल पशु चिकित्सा यूनिट

    अब पशुपालकों के द्वार पहुंचेगी भ्रूण प्रत्यारोपण की सुविधा

    पशुधन नस्ल सुधार को मिलेगा बढ़ावा

    हरिद्वार/देहरादून। जिले के पशुपालकों को आधुनिक पशु चिकित्सा और उन्नत प्रजनन सेवाएं अब घर के नजदीक उपलब्ध होंगी। हरिद्वार सांसद त्रिवेंद्र सिंह रावत की सांसद निधि से उपलब्ध कराई गई मोबाइल पशु चिकित्सा यूनिट का देहरादून में लोकार्पण किया गया।
    यूनिट के जरिए पशुपालकों के द्वार पर भ्रूण प्रत्यारोपण समेत पशु चिकित्सा और प्रजनन संबंधी सेवाएं पहुंचाने की तैयारी है।

    पशुधन की उन्नत नस्ल सुधार और पशुपालकों की आय बढ़ाने की दिशा में पशुपालन विभाग ने आधुनिक तकनीक को गांव-गांव तक पहुंचाने की पहल की है। पशुपालन विभाग के निदेशालय सभागार में पशुधन की उन्नत नस्ल सुधार एवं भ्रूण प्रत्यारोपण (Embryo Transfer) तकनीक विषय पर कार्यशाला आयोजित की गई। इसी दौरान हरिद्वार लोकसभा क्षेत्र के सांसद त्रिवेंद्र सिंह रावत की सांसद निधि से उपलब्ध कराई गई मोबाइल पशु चिकित्सा यूनिट का लोकार्पण किया गया।

    कार्यशाला का आयोजन मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी, हरिद्वार डॉ. सतीश जोशी के संयोजन में हुआ। इसका उद्देश्य आधुनिक प्रजनन तकनीकों के माध्यम से पशुधन की उत्पादकता बढ़ाने और गुणवत्तापूर्ण नस्ल सुधार को प्रोत्साहित करना रहा।
    कार्यक्रम में अपर निदेशक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. राकेश सिंह नेगी ने सांसद त्रिवेंद्र सिंह रावत और अन्य अतिथियों का स्वागत किया। कार्यक्रम का संचालन डॉ. कैलाश उनियाल ने किया। डॉ. अजय असवाल ने भ्रूण प्रत्यारोपण तकनीक पर विस्तृत जानकारी दी और इसके माध्यम से उन्नत नस्ल के पशुधन को बढ़ावा देने की संभावनाओं पर प्रकाश डाला।

    पशुपालकों के द्वार मिलेगी सुविधा
    मोबाइल पशु चिकित्सा यूनिट के माध्यम से हरिद्वार जिले के पशुपालकों को उनके क्षेत्र में ही भ्रूण प्रत्यारोपण सहित आवश्यक पशु चिकित्सा एवं प्रजनन संबंधी सेवाएं उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाएगा। इससे पशुपालकों को आधुनिक सुविधाओं के लिए दूर नहीं जाना पड़ेगा। विभाग का मानना है कि इस पहल से पशुधन की नस्ल सुधार, दुग्ध उत्पादन में वृद्धि और पशुपालकों की आय बढ़ाने में मदद मिलेगी।
    कार्यक्रम में पूर्व ब्लॉक प्रमुख खेम सिंह पाल, मंडल अध्यक्ष सरिता लिंगवाल, रजनीश कंबोज, केदारपुर के पार्षद दर्शन लाल बिजोंला और आशीष सहित अन्य लोग मौजूद रहे। निदेशालय एवं देहरादून जनपद के पशु चिकित्सा अधिकारी तथा अन्य अधिकारी-कर्मचारी भी कार्यक्रम में उपस्थित रहे।

  • निठारी कांड के आरोपी कोली ने हरिद्वार में फांसी लगाकर दी जान

    निठारी कांड के आरोपी कोली ने हरिद्वार में फांसी लगाकर दी जान

    हरिद्वार। ​कुख्यात निठारी कांड के आरोपी सुरेंद्र कोली ने शुक्रवार को हरिद्वार के उत्तरी भूपतवाला क्षेत्र में फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली। लगभग 19 वर्षों तक जेल में वक्त बिताने के बाद, नवंबर 2025 में सुप्रीम कोर्ट से अपने अंतिम मामले में बरी होकर वह बाहर आया था।

    ​साल 2005-06 में नोएडा के निठारी इलाके से बच्चों और महिलाओं के अचानक गायब होने के दौरान कोली का नाम पहली बार चर्चा में आया था। इसके बाद 29 दिसंबर 2006 को उसकी कोठी के पीछे मौजूद नाले से बड़ी संख्या में मानव अवशेष बरामद हुए, जिससे पूरे देश में सनसनी फैल गई थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए सीबीआई ने इसकी जांच संभाली और कोली के खिलाफ कई आपराधिक मामले दर्ज किए गए।

    ​अदालती कार्रवाई के दौरान एक समय उसे 13 मुकदमों में मौत की सजा सुनाई गई थी। हालांकि, साल 2023 में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने उसे 12 मामलों में बरी कर दिया, और फिर नवंबर 2025 में सुप्रीम कोर्ट ने आखिरी बचे मामले में भी उसे पूरी तरह दोषमुक्त करार दे दिया था।

  • प्रमुख ट्रेकिंग रूट्स की होगी जीपीएस-जीआईएस मैपिंग

    प्रमुख ट्रेकिंग रूट्स की होगी जीपीएस-जीआईएस मैपिंग

    मुख्यमंत्री ने GPS/GIS मैपिंग एवं तकनीकी सर्वेक्षण के लिए अभियान दल को किया फ्लैग ऑफ

    ट्रेकिंग को अधिक सुरक्षित, सुव्यवस्थित और तकनीक आधारित बनाने में महत्वपूर्ण होगी पहल

    ऑफलाइन एवं ऑनलाइन GPS नेविगेशन ऐप विकसित करने की दिशा में आगे बढ़ेगा उत्तराखण्ड

    देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय से उत्तराखण्ड के 100 प्रमुख ट्रेक एवं हाइक रूट्स की GPS/GIS मैपिंग एवं तकनीकी सर्वेक्षण के लिए जाने वाले अभियान दल को फ्लैग ऑफ किया।
    उत्तराखण्ड पर्यटन विकास परिषद द्वारा गठित टीमें चयनित ट्रेक रूट्स का स्थलीय सर्वेक्षण कर उनकी विस्तृत GPS/GIS मैपिंग करेंगी।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड में साहसिक एवं ट्रेकिंग पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं। राज्य के प्रसिद्ध ट्रेकिंग क्षेत्रों के साथ ही दूरस्थ एवं कम प्रसिद्ध ट्रेक रूट्स को सुव्यवस्थित रूप से पर्यटन मानचित्र पर लाने के लिए आधुनिक तकनीक का अधिक से अधिक उपयोग किया जाना जरूरी है। उन्होंने कहा कि इस पहल से ट्रेकिंग को अधिक सुरक्षित, सुगम और व्यवस्थित बनाने में मदद मिलेगी।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा देने के साथ पर्यटकों की सुरक्षा राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। ट्रेक रूट्स की वैज्ञानिक मैपिंग से ट्रेकर्स को मार्ग से संबंधित आवश्यक जानकारियां उपलब्ध कराने के साथ ही आपातकालीन परिस्थितियों में राहत एवं बचाव कार्यों को अधिक प्रभावी बनाने में भी सहायता मिलेगी। उन्होंने कहा कि पर्यटन विकास के साथ उत्तराखण्ड की संवेदनशील हिमालयी पारिस्थितिकी के संरक्षण की दिशा में विशेष ध्यान रखा जा रहा है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि इस परियोजना से राज्य के दूरस्थ पर्वतीय क्षेत्रों में पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा। इससे स्थानीय युवाओं के लिए गाइडिंग, होमस्टे एवं पर्यटन से जुड़ी अन्य गतिविधियों के माध्यम से रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे। उन्होंने अधिकारियों को परियोजना के क्रियान्वयन में स्थानीय लोगों की सहभागिता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

    सचिव पर्यटन धीराज गर्ब्याल ने जानकारी दी कि परियोजना के तहत राज्य के 100 प्रमुख ट्रेक एवं हाइक रूट्स की GPS/GIS मैपिंग तथा तकनीकी सर्वेक्षण किया जाएगा। मैपिंग के आधार पर ऑफलाइन एवं ऑनलाइन GPS नेविगेशन ऐप विकसित किया जाएगा, जिससे नेटवर्क कनेक्टिविटी उपलब्ध न होने की स्थिति में भी ट्रेकर्स अपने मोबाइल फोन पर ट्रेल एवं रूट से संबंधित आवश्यक जानकारी प्राप्त कर सकेंगे। उन्होंने बताया कि परियोजना के सफल क्रियान्वयन के बाद उत्तराखण्ड सभी 100 मैप किए गए ट्रेक मार्गों को कवर करने वाला ऑफलाइन एवं ऑनलाइन GPS नेविगेशन ऐप विकसित करने वाला देश का पहला राज्य बनेगा। ऐप ट्रेकर्स को बेहतर नेविगेशन सुविधा उपलब्ध कराने के साथ आपातकालीन परिस्थितियों में रेस्क्यू ऑपरेशन में भी उपयोगी होगा।

    सचिव पर्यटन ने बताया कि मैपिंग के दौरान ट्रेक रूट्स पर कैंप साइट्स, डस्टबिन एवं शौचालय के लिए उपयुक्त स्थानों की भी पहचान की जाएगी। इससे भविष्य में ट्रेकिंग रूट्स पर आवश्यक सुविधाओं के विकास, बेहतर कूड़ा प्रबंधन तथा पर्यावरण संरक्षण की दिशा में योजनाबद्ध तरीके से कार्य किया जा सकेगा।
    उत्तराखण्ड पर्यटन के आधिकारिक मास्टर प्लान में भी ट्रेक मार्गों की सुरक्षा, संचार सुविधा, संकेतक और आपातकालीन निकासी जैसी व्यवस्थाओं को महत्वपूर्ण माना गया है। उन्होंने कहा कि यह परियोजना राज्य में सतत एवं विज्ञान आधारित पर्यटन मॉडल विकसित करने में सहायक होगी। परियोजना के अंतर्गत विस्तृत परियोजना रिपोर्ट और कॉफी टेबल बुक भी तैयार की जाएगी, जिससे राज्य के कम प्रसिद्ध ट्रेकिंग क्षेत्रों को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने में मदद मिलेगी।

    इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी, अपर सचिव पर्यटन एवं अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी उत्तराखण्ड पर्यटन विकास परिषद अभिषेक रुहेला, अपर निदेशक पर्यटन पूनम चंद एवं संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।

  • पूर्व डीजीपी बीडी खर्कवाल के निधन पर भावभीनी श्रद्धांजलि

    पूर्व डीजीपी बीडी खर्कवाल के निधन पर भावभीनी श्रद्धांजलि

    हल्द्वानी। असम-मेघालय कैडर के वर्ष 1959 बैच के वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी और असम के पूर्व पुलिस महानिदेशक (DGP) बीडी खर्कवाल का 17 सितंबर की सुबह 90 वर्ष की आयु में बीमारी के चलते निधन हो गया।

    उनके निधन पर उत्तराखंड के पुलिस महानिदेशक दीपम सेठ ने गहरा शोक व्यक्त किया। उन्होंने खर्कवाल के निधन को पुलिस एवं प्रशासनिक जगत के लिए अपूरणीय क्षति बताया और शोकाकुल परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की।

    बीडी खर्कवाल मूल रूप से उत्तराखंड के निवासी थे। सेवानिवृत्ति के बाद वह परिवार के साथ हल्द्वानी के जज फार्म क्षेत्र में रह रहे थे। उनका कुमाऊं और हल्द्वानी से लंबे समय से पारिवारिक और प्रशासनिक जुड़ाव रहा। उनके परिवार में पत्नी निर्मला खर्कवाल, एक पुत्र और एक पुत्री हैं। उनके पुत्र अमिताभ खर्कवाल भारतीय डाक सेवा में महानिदेशक के पद से वर्ष 2024 में सेवानिवृत्त हुए।

    नैनीताल पुलिस ने दी अंतिम सलामी

    दिवंगत पूर्व डीजीपी बीडी खर्कवाल के हल्द्वानी स्थित आवास पर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नैनीताल डॉ. मंजूनाथ टीसी की मौजूदगी में नैनीताल पुलिस, एसएसबी और सीआरपीएफ के अधिकारियों ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। पुलिस बल ने उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया।

    इस दौरान एसएसबी 57वीं वाहिनी सितारगंज के कमांडेंट गंगा सिंह उदावत और सीआरपीएफ हल्द्वानी के डिप्टी कमांडेंट अजय प्रताप सिंह समेत पुलिस एवं सुरक्षा बलों के अधिकारी मौजूद रहे। एसएसपी डॉ. मंजूनाथ टीसी ने पुलिस सेवा में बीडी खर्कवाल के योगदान को याद करते हुए परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की।

    इसके बाद पार्थिव शरीर को रानीबाग स्थित चित्रशिला घाट ले जाया गया, जहां परिजनों और गणमान्य लोगों की मौजूदगी में अंतिम संस्कार किया गया।

    असम में उग्रवाद के दौर में निभाई अहम भूमिका

    बीडी खर्कवाल ने अपने लंबे पुलिस सेवा काल में पूर्वोत्तर भारत के चुनौतीपूर्ण दौर में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाईं। असम में उग्रवाद के दौर में उन्होंने कानून-व्यवस्था और सुरक्षा से जुड़े कई महत्वपूर्ण दायित्व संभाले।

    नवंबर 1990 में उल्फा उग्रवादियों के खिलाफ ऑपरेशन बजरंग शुरू किए जाने के दौरान वह गुवाहाटी में केंद्रीय खुफिया अधिकारियों के साथ अभियान से जुड़े प्रमुख अधिकारियों में शामिल रहे। वर्ष 1993-94 में उन्होंने असम के पुलिस महानिदेशक के रूप में सेवाएं दीं। असम-मेघालय पुलिस बल में उनके लंबे अनुभव और प्रशासनिक योगदान को याद किया जाता है।

    उत्तराखंड से भी रहा गहरा जुड़ाव

    असम में सेवाएं देने के साथ बीडी खर्कवाल का उत्तराखंड से भी गहरा जुड़ाव रहा। उन्होंने एसएसबी रानीखेत और इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB), नैनीताल में भी सेवाएं दीं। अपने सेवाकाल में उन्होंने कई पुलिस अधिकारियों का मार्गदर्शन किया।

    श्रद्धांजलि देने वालों में एसपी सिटी मनोज कुमार कत्याल, अपर पुलिस अधीक्षक अमित सैनी, प्रतिसार निरीक्षक हरकेश सिंह, निरीक्षक अभिसूचना ज्ञानेंद्र शर्मा, प्रभारी निरीक्षक मुखानी सुशील जोशी, प्रभारी निरीक्षक हल्द्वानी विजय मेहता, प्रभारी निरीक्षक काठगोदाम जसवीर चौहान, पीआरओ हेमा ऐठानी और एसएसबी ट्रांजिट कैंप के एएसआई हरि सिंह समेत पुलिस एवं सुरक्षा बलों के अधिकारी और जवान मौजूद रहे।

    नैनीताल पुलिस ने दिवंगत पूर्व DGP बीडी खर्कवाल को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए शोकाकुल परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की।

  • पॉलीगॉन मैपिंग में सुस्ती पर डीएम सख्त, विभागों को नोटिस

    पॉलीगॉन मैपिंग में सुस्ती पर डीएम सख्त, विभागों को नोटिस

    सरकारी भूमि से तत्काल हटाएं अतिक्रमण

    देहरादून। सरकारी परिसंपत्तियों को अतिक्रमण मुक्त कराने और उनकी सटीक सीमा तय करने के लिए जिला प्रशासन सख्त हो गया है। जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने कलेक्ट्रेट सभागार में सभी संबंधित विभागों की समीक्षा बैठक लेते हुए माननीय उच्च न्यायालय एवं शासन के आदेशों का कड़ाई से पालन करने के निर्देश दिए हैं।

    जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि सभी विभाग अपनी-अपनी परिसंपत्तियों का सेटेलाइट पॉलीगॉन मैप के आधार पर सीमा निर्धारण कर श्उत्तराखंड सरकारी परिसंपत्ति प्रणाली (यूके-जीएएमएस) पोर्टल पर अनिवार्य रूप से अपलोड करें। पोर्टल पर प्रदर्शित अतिक्रमण को हर हाल में तत्काल हटाया जाएगा।

    जिलाधिकारी ने विजिलेंस, उच्च शिक्षा निदेशालय, शहरी विकास निदेशालय, सूचना प्रौद्योगिकी एजेंसी, राज्य संपदा विभाग, यूकॉस्ट सहित कार्य शुरू न करने वाले 12 विभागों को तत्काल ‘कारण बताओ नोटिस’ जारी करने के निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी ने कहा कि जिन विभागों की 100 से अधिक परिसंपत्तियों की पॉलीगॉन मैपिंग शेष है, उन्हें चेतावनी नोटिस जारी किया जाएगा। इस दौरान बताया गया कि जिले के 16 विभागों ने मैपिंग का कार्य शत-प्रतिशत पूर्ण कर लिया है, जबकि 41 विभागों में कार्य प्रगति पर है। शेष विभागों को युद्धस्तर पर काम निपटाने के आदेश दिए गए हैं।

    अधिकारियों की तय होगी जवाबदेही
    जिलाधिकारी ने सख्त लहजे में कहा कि माननीय उच्च न्यायालय के आदेशों का अनुपालन प्राथमिक स्तर पर होना चाहिए। प्रगति न मिलने पर संबंधित विभागीय अधिकारियों की व्यक्तिगत जिम्मेदारी तय कर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

    बैठक में अपर जिलाधिकारी (प्रशा) स्मृता परमार, एमडीडीए के संयुक्त सचिव गौरव चटवाल, जिला अर्थ एवं संख्या अधिकारी शशिकांत गिरी, लोनिवि के अधिशासी अभियंता नीरज कुमार, जल संस्थान के अधिशासी अभियंता राजेन्द्र पाल, जिला क्रीडा अधिकारी एस गुरंग, जिला शिक्षा अधिकारी प्रेमलाल भारती, डीपीओ जीतेन्द्र कुमार, जिला प्रावेशन अधिकारी मीना बिष्ट सहित अन्य विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।

  • सीएम के जन्मदिवस पर बधाइयों का उमड़ा सैलाब

    सीएम के जन्मदिवस पर बधाइयों का उमड़ा सैलाब

    हर वर्ग ने मुख्यमंत्री धामी को दी जन्मदिवस की शुभकामनाएं

    मुख्यमंत्री की एक झलक पाने और उनसे मिलने को उत्साहित दिखे लोग, मुख्यसेवक सदन बना जनस्नेह का साक्षी

    देहरादून। मुख्यमंत्री  पुष्कर सिंह धामी के जन्मदिवस के अवसर पर बुधवार को मुख्यमंत्री आवास स्थित मुख्यसेवक सदन में प्रदेशभर से बड़ी संख्या में पहुंचे लोगों ने उन्हें जन्मदिन की बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। सुबह से ही मुख्यसेवक सदन में लोगों के पहुंचने का सिलसिला जारी रहा।

    प्रदेश के विभिन्न जनपदों से आए लोगों में मुख्यमंत्री से मिलने, उन्हें जन्मदिन की शुभकामनाएं देने और उनकी एक झलक पाने को लेकर खासा उत्साह दिखाई दिया।

    मुख्यसेवक सदन में माहौल उस समय और भी आत्मीय हो गया, जब समाज के हर वर्ग और हर आयु-वर्ग के लोग मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी को जन्मदिन की बधाई देने पहुंचे। इनमें युवा, बुजुर्ग, महिलाएं और बच्चे शामिल रहे। प्रदेश के अलग-अलग क्षेत्रों से आए लोगों ने मुख्यमंत्री को पुष्पगुच्छ भेंट कर, पुष्पमालाएं पहनाकर तथा आत्मीय भाव से मिलकर उनके स्वस्थ, सुखी और दीर्घायु जीवन की कामना की।

    मुख्यमंत्री  पुष्कर सिंह धामी ने भी जन्मदिवस की शुभकामनाएं देने पहुंचे लोगों से आत्मीयता से मुलाकात की। उन्होंने सभी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि प्रदेशवासियों का यह स्नेह और आशीर्वाद उनके लिए अत्यंत मूल्यवान है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की जनता का प्रेम और विश्वास उन्हें निरंतर प्रदेश की सेवा करने की प्रेरणा देता है।

    मुख्यसेवक सदन में आज कोई दूरस्थ पर्वतीय क्षेत्र से मुख्यमंत्री को शुभकामनाएं देने पहुंचा था, तो कोई मैदानी जनपद से। किसी के हाथों में फूल थे, तो कोई अपने साथ मिठाई लेकर आया था। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक हर किसी में मुख्यमंत्री से मिलने की उत्सुकता दिखाई दे रही थी।

    इस अवसर पर विभिन्न मीडिया संस्थानों से जुड़े पत्रकार एवं मीडिया प्रतिनिधि भी मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी को जन्मदिवस की शुभकामनाएं देने मुख्यसेवक सदन पहुंचे। मीडिया प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री से आत्मीय मुलाकात कर उन्हें स्वस्थ एवं दीर्घायु जीवन की शुभकामनाएं दीं।

    विशेष रूप से युवाओं में मुख्यमंत्री के साथ मिलने और संवाद करने को लेकर उत्साह नजर आया। महिलाओं ने भी बड़ी संख्या में पहुंचकर उन्हें जन्मदिन की शुभकामनाएं दीं। वहीं, बुजुर्गों ने मुख्यमंत्री को अपना आशीर्वाद देते हुए उनके दीर्घायु एवं स्वस्थ जीवन की कामना की। विभिन्न जनपदों से आए लोगों की मौजूदगी ने मुख्यसेवक सदन को मानो पूरे उत्तराखंड की भावनाओं का केंद्र बना दिया।

    मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि उत्तराखंड की जनता का स्नेह ही उनकी सबसे बड़ी शक्ति है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के रूप में उन्हें प्रदेश की जनता की सेवा करने का जो अवसर मिला है, वह उनके लिए गौरव और सौभाग्य की बात है।

    राज्य के विकास और जनकल्याण के लिए सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयासों को और गति देने का संकल्प व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि उत्तराखंड को विकसित और आत्मनिर्भर राज्य बनाने के लिए सरकार पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है।

    मुख्यमंत्री के जन्मदिवस पर मुख्यसेवक सदन में उमड़ा यह जनस्नेह केवल शुभकामनाओं तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसमें उत्तराखंड के विभिन्न क्षेत्रों और समाज के विविध वर्गों की सहभागिता दिखाई दी। प्रदेश के अलग-अलग जनपदों से पहुंचे लोगों, जनप्रतिनिधियों, युवाओं, महिलाओं, बुजुर्गों, बच्चों और मीडिया प्रतिनिधियों की मौजूदगी ने पूरे आयोजन को आत्मीय और यादगार बना दिया।