दिल्ली में आयोजित अंतरराष्ट्रीय साक्षरता दिवस समारोह में बोले डाॅ. रावत
उत्तराखंड का ‘पूर्ण साक्षर’ राज्य बनना शिक्षा के क्षेत्र में ऐतिहासिक उपलब्धि
दिल्ली/देहरादून । साक्षरता केवल अक्षरों का ज्ञान नहीं, बल्कि व्यक्ति में सोचने-समझने की क्षमता विकसित करने और उसे अपने अधिकारों के प्रति जागरूक एवं सशक्त बनाने का माध्यम है। उत्तराखंड ने प्रत्येक नागरिक तक शिक्षा और साक्षरता की पहुंच सुनिश्चित कर ‘पूर्ण साक्षर’ राज्य बनने की ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। यह बात प्रदेश के शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने अंतरराष्ट्रीय साक्षरता दिवस के अवसर पर नई दिल्ली स्थित डॉ. अम्बेडकर इंटरनेशनल सेंटर में आयोजित अंतरराष्ट्रीय साक्षरता दिवस समारोह-2026 में कही।
भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय के स्कूल शिक्षा एवं साक्षरता विभाग द्वारा आयोजित अंतरराष्ट्रीय साक्षरता दिवस समारोह-2026 में केन्द्रीय शिक्षा राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) जयंत चैधरी ने उत्तराखंड की उपलब्धि की सराहना करते हुए कहा कि राज्य ने विषम भौगोलिक परिस्थितियों के बावजूद ‘उल्लास नव भारत साक्षरता कार्यक्रम’ को जनआंदोलन का स्वरूप देकर पूर्ण साक्षर राज्य बनने का गौरव हासिल किया। उन्होंने कहा कि शिक्षकों, स्वयंसेवकों और आम नागरिकों के सामूहिक प्रयासों ने यह सिद्ध किया है कि दृढ़ संकल्प के बल पर भौगोलिक चुनौतियों को भी पार किया जा सकता है।
समारोह को सम्बोधित करते हुये सूबे के शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कहा कि राज्य सरकार ने ‘उल्लास नव भारत साक्षरता कार्यक्रम’ को जनआंदोलन बनाते हुए प्रत्येक नागरिक को साक्षर बनाने के लिए मिशन मोड में कार्य किया, जिसके परिणामस्वरूप उत्तराखंड ने पूर्ण साक्षर राज्य बनने की उपलब्धि प्राप्त की। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि राज्य में शिक्षा और साक्षरता की पहुंच को अंतिम व्यक्ति तक सुनिश्चित करने के संकल्प का प्रमाण है।
डाॅ. रावत ने कहा कि उत्तराखंड अब केवल साक्षरता तक सीमित न रहकर गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, डिजिटल साक्षरता और आजीवन सीखने की संस्कृति को व्यापक बनाने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि साक्षर एवं शिक्षित समाज ही जागरूक, सक्षम और आत्मनिर्भर समाज की मजबूत नींव रखता है।
समारोह में त्रिपुरा के मुख्यमंत्री प्रो. मानिक साहा, मिजोरम के शिक्षा मंत्री डॉ. वनलालथलाना, सिक्किम के शिक्षा मंत्री राजू बस्नेत, हिमाचल प्रदेश के शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर, भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय के सचिव टी.के. अनिल कुमार सहित विभिन्न राज्यों के शिक्षा मंत्री, अधिकारी एवं भारत सरकार के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
देहरादून। शिक्षा, नवाचार, पर्यावरण संरक्षण एवं सामाजिक सरोकारों के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए आयोजित ‘ज्ञान गंगा सम्मान-2026’ समारोह में पौड़ी गढ़वाल की शिक्षिका रश्मि उनियाल को राज्यस्तरीय सम्मान से अलंकृत किया गया।
कुसुम कांता फाउंडेशन एवं मंथन वेलफेयर सोसाइटी, देहरादून के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित यह गरिमामय समारोह मुख्यमंत्री सेवा सदन (मुख्यमंत्री आवास), देहरादून में संपन्न हुआ। समारोह में मुख्य अतिथि उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, पूर्व केंद्रीय शिक्षा मंत्री एवं पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमेश पोखरियाल ‘निशंक’, कुसुम कांता फाउंडेशन की संस्थापक विदुषी उनियाल निशंक तथा विधायक खजान दास की गरिमामयी उपस्थिति रही।
गढ़वाल मंडल के सातों जनपदों से चयनित उत्कृष्ट शिक्षकों को इस अवसर पर सम्मानित किया गया। पौड़ी गढ़वाल से रश्मि उनियाल, सहायक अध्यापिका (विज्ञान), राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, ग्रास्टनगंज, पौड़ी गढ़वाल को शिक्षा के क्षेत्र में नवाचार, प्रयोगात्मक एवं STEM आधारित शिक्षण, पर्यावरण संरक्षण तथा सामाजिक गतिविधियों में निरंतर योगदान के लिए ‘ज्ञान गंगा सम्मान-2026’ प्रदान किया गया।
देहरादून। ग्राम्य विकास विभाग में सहायक खंड विकास अधिकारी से खंड विकास अधिकारी के पद पर पदोन्नत अधिकारियों को नई तैनाती दे दी गई है।
शासन ने पदोन्नति के बाद अधिकारियों की तैनाती के आदेश जारी करते हुए उन्हें विभिन्न विकासखंडों और जनपदों में नियुक्त किया है। यह तैनाती 22 जुलाई 2026 को जारी पदोन्नति आदेश के क्रम में की गई है।
शासन के आदेश के अनुसार पदोन्नत खंड विकास अधिकारियों को उनके नाम के सम्मुख निर्धारित विकासखंड एवं जनपद में तैनात किया गया है। अधिकारियों को सातवें वेतन आयोग के तहत लेवल-10 का वेतनमान 56,100 से 1,77,500 रुपये निर्धारित किया गया है। इससे पहले उनका वेतनमान 15,600-39,100 रुपये तथा ग्रेड वेतन 5,400 रुपये था।
देहरादून। बीस वर्षो से प्रकाशित हिंदी साप्ताहिक समाचार पत्र “मिशन इन हिमालया” ने मंगलवार से अपना डिजिटल चैनल प्रारंभ कर दिया है।
प्रदेश के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने डिजिटल चैनल के प्रतीक चिन्ह का विमोचन किया। उन्होंने चैनल के उज्जवल भविष्य के लिए शुभकामनाएँ दख।
देहरादून में मुख्यमंत्री आवास में एक समारोह में मिशन इन हिमालया नाम से डिजिटल चैनल का शुभारंभ सीएम पुष्कर सिंह धामी ने किया। इस अवसर पर सीएम धामी के कहा कि डिजिटल तकनीक से हम एक सैकेंड में लाखो पाठको तक सूचना की पहुंच बना सकते है। उन्होंने कहा कि डिजिटल मीडिया को निष्पक्षता,विश्वसनीयता को अपना आभूषण बनाना चाहिए।
कहा कि रचनात्मक पत्रकारिता को हमें अपना आधार बनाना होगा।
पूर्व सीएम डाक्टर रमेश पोखरियाल निशंक ने कहा कि उत्तराखंड की पत्रकारिता का इतिहास वैभवशाली रहा है। निशंक ने कहा कि डिजिटल तकनीक से चल रही मिडिया को भी इस आदर्श को आगे बढाना चाहिए।
मिशन इन हिमालया डिजिटल चैनल के संपादक जगत मर्तोलिया ने सीएम पुष्कर सिंह धामी का प्रतीक चिन्ह का अनावरण करने पर आभार जताया। उन्होने कहा कि चैनल उत्तराखंड के साथ-साथ देश व विदेश के विभिन्न हिस्सों में रहने वाले उत्तराखंडी समाज की आवाज बनकर पत्रकारिता के मूल्यों को जीवंत रखेगा।
उन्होंने कहा कि बुलेटिन के माध्यम से उत्तराखंड के 24 घंटे में घटित घटनाओं एवं सूचनाओं को एक समय में दिखाने का प्रयास भी किया जाएगा।
इस अवसर पर तारा चंद सहित पत्रकार समुदाय के दर्जनों लोग उपस्थित रहे।
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मंगलवार को मुख्यमंत्री आवास में तंजानिया स्थित अफ्रीका की सबसे ऊंची चोटी माउंट किलिमंजारो का सफल आरोहण करने वाले उत्तराखंड के नन्हे पर्वतारोही मास्टर रियांश पंत और प्रिशा रावत ने भेंट की।
मुख्यमंत्री ने दोनों बच्चों को इस उपलब्धि के लिए बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उन्होंने कहा कि इतनी कम उम्र में माउंट किलिमंजारो जैसी चुनौतीपूर्ण चोटी का सफल आरोहण करना उनके साहस, दृढ़ संकल्प और आत्मविश्वास का परिचायक है। दोनों बच्चों ने अपनी इस उपलब्धि से उत्तराखंड का गौरव बढ़ाया है। उनकी सफलता प्रदेश के अन्य बच्चों और युवाओं को भी बड़े लक्ष्य निर्धारित कर उन्हें हासिल करने के लिए प्रेरित करेगी।
9 वर्षीय मास्टर रियांश पंत अल्मोड़ा के चीनाखान और 10 वर्षीय प्रिशा रावत नैनीताल जनपद के बैलपड़ाव की निवासी हैं। दोनों ने 22 अगस्त 2026 को 5,895 मीटर ऊंची माउंट किलिमंजारो चोटी का सफल आरोहण कर तिरंगा फहराया था।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड के बच्चों और युवाओं में प्रतिभा, साहस और सामर्थ्य की कोई कमी नहीं है। प्रदेश के युवा पर्वतारोहण, खेल एवं अन्य साहसिक गतिविधियों में अपनी प्रतिभा का उत्कृष्ट प्रदर्शन कर राज्य का नाम राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रोशन कर रहे हैं। राज्य सरकार युवा प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने और उन्हें आगे बढ़ने के बेहतर अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में निरंतर कार्य कर रही है।
UPSC/State PCS से लेकर SSC, Banking, Railway, Defence, NET, GATE, CSIR-JRF और CAT/MAT जैसी परीक्षाओं की तैयारी कराई जाएगी
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार कोप्रदेश के विद्यार्थियों को विभिन्न प्रतियोगी एवं प्रवेश परीक्षाओं की गुणवत्तापूर्ण तैयारी के लिए निःशुल्क ऑनलाइन कोचिंग योजना का शुभारंभ किया।
इस योजना का उद्देश्य प्रदेश के प्रतिभावान एवं प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्र-छात्राओं को आर्थिक बाधाओं से मुक्त करते हुए देश के प्रतिष्ठित शिक्षकों, विषय-विशेषज्ञों एवं प्रोफेशनल कोचिंग संस्थानों की गुणवत्तापूर्ण शैक्षणिक सुविधाएं ऑनलाइन माध्यम से उपलब्ध कराना है।
योजना के अंतर्गत कुल 11 हजार विद्यार्थियों को निःशुल्क ऑनलाइन कोचिंग प्रदान करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके तहत UPSC एवं State PCS की तैयारी के लिए 2,000 विद्यार्थियों, SSC, Railway, Banking Services एवं समकक्ष परीक्षाओं के लिए 5,000 विद्यार्थियों, Defence Services की प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए 2,000 विद्यार्थियों, NET, GATE, CSIR एवं JRF जैसी परीक्षाओं के लिए 1,000 विद्यार्थियों तथा CAT/MAT जैसी प्रबंधन प्रवेश परीक्षाओं के लिए 1,000 विद्यार्थियों को प्रशिक्षण एवं मार्गदर्शन दिया जाएगा।
खुली ऑनलाइन स्क्रीनिंग परीक्षा से होगा विद्यार्थियों का चयन
योजना का लाभ लेने के लिए इच्छुक छात्र-छात्राओं का चयन खुली ऑनलाइन स्क्रीनिंग परीक्षा के माध्यम से किया जाएगा। इच्छुक विद्यार्थी निर्धारित पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर स्क्रीनिंग परीक्षा में प्रतिभाग कर सकेंगे। स्क्रीनिंग परीक्षा के प्रदर्शन के आधार पर विद्यार्थियों का चयन संबंधित परीक्षा की तैयारी के लिए किया जाएगा।
योजना में टॉपर एवं मेधावी छात्र-छात्राओं को प्राथमिकता दी जाएगी। साथ ही चयन प्रक्रिया में विद्यार्थियों की योग्यता, परीक्षा में प्रदर्शन तथा निर्धारित पात्रता मानकों को ध्यान में रखा जाएगा। इस प्रकार योजना का लाभ उन विद्यार्थियों तक पहुंचाया जाएगा, जो प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए गंभीर हैं और अपनी प्रतिभा एवं क्षमता के बल पर आगे बढ़ना चाहते हैं।
सिर्फ ऑनलाइन कक्षाएं नहीं, मिलेगा पूरा डिजिटल लर्निंग सपोर्ट
इस योजना की महत्वपूर्ण विशेषता यह होगी कि विद्यार्थियों को केवल लाइव ऑनलाइन कक्षाओं तक सीमित नहीं रखा जाएगा। उन्हें रिकॉर्डेड लेक्चर, डिजिटल स्टडी मटेरियल, विषयवार प्रश्न बैंक, नियमित ऑनलाइन टेस्ट, मॉक टेस्ट, परीक्षा पैटर्न आधारित अभ्यास तथा प्रदर्शन के आधार पर मूल्यांकन जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाएंगी।
विद्यार्थी अपनी सुविधा के अनुसार रिकॉर्डेड कक्षाओं और डिजिटल अध्ययन सामग्री का दोबारा अध्ययन कर सकेंगे। नियमित टेस्ट एवं मॉक टेस्ट के माध्यम से उनकी तैयारी का आकलन किया जाएगा तथा विद्यार्थियों को यह समझने में सहायता मिलेगी कि किन विषयों में उन्हें अधिक अभ्यास की आवश्यकता है।
देश के प्रतिष्ठित एवं प्रोफेशनल ट्यूटर विद्यार्थियों को देंगे मार्गदर्शन
गुणवत्तापूर्ण प्रतियोगी परीक्षा प्रशिक्षण सुनिश्चित करने के लिए विभाग द्वारा Study IQ, Delhi, Mahendra Private Limited, Lucknow तथा Doon Dreamers, Dehradun जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों का चयन किया गया है।
इन संस्थानों के विशेषज्ञ शिक्षकों एवं विषय-विशेषज्ञों के माध्यम से विद्यार्थियों को विभिन्न प्रतियोगी एवं प्रवेश परीक्षाओं की व्यवस्थित तैयारी कराई जाएगी। इसके साथ ही सरकार की ओर से देश के प्रसिद्ध, अनुभवी एवं प्रोफेशनल ट्यूटरों और विषय-विशेषज्ञों को भी इस अभियान से जोड़ा जाएगा, ताकि उत्तराखंड के विद्यार्थियों को देशभर में उपलब्ध उत्कृष्ट शिक्षण एवं मार्गदर्शन का लाभ मिल सके।
विद्यार्थियों को कैसे मिलेगा लाभ?
योजना के तहत लाभ लेने की प्रक्रिया को सरल एवं पारदर्शी रखा जाएगा। इच्छुक विद्यार्थी—
निर्धारित ऑनलाइन पोर्टल पर अपना पंजीकरण करेंगे।
आवश्यक विवरण एवं दस्तावेज अपलोड कर आवेदन करेंगे।
ऑनलाइन स्क्रीनिंग परीक्षा में प्रतिभाग करेंगे।
परीक्षा में प्रदर्शन एवं निर्धारित पात्रता के आधार पर चयनित विद्यार्थियों को संबंधित कोर्स में प्रवेश दिया जाएगा।
चयनित विद्यार्थियों को ऑनलाइन कक्षाओं, रिकॉर्डेड लेक्चर एवं डिजिटल अध्ययन सामग्री तक निःशुल्क पहुंच उपलब्ध कराई जाएगी।
नियमित टेस्ट एवं मॉक टेस्ट के माध्यम से विद्यार्थियों की तैयारी का मूल्यांकन किया जाएगा।
विद्यार्थियों को उनकी तैयारी एवं प्रदर्शन के अनुरूप आवश्यक शैक्षणिक मार्गदर्शन भी उपलब्ध कराया जाएगा। आर्थिक रूप से सक्षम न होने वाला विद्यार्थी भी कर सकेगा बड़े लक्ष्य की तैयारी
सरकार का प्रयास है कि किसी भी प्रतिभावान विद्यार्थी की सफलता के रास्ते में आर्थिक संसाधनों की कमी बाधा न बने। प्रदेश में अनेक विद्यार्थी प्रतिभाशाली होने के बावजूद महंगी कोचिंग का खर्च वहन नहीं कर पाते। ऐसे विद्यार्थियों के लिए यह योजना गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी का महत्वपूर्ण माध्यम बनेगी।
डिजिटल तकनीक के माध्यम से विद्यार्थियों को उनके घर से ही देश के श्रेष्ठ शिक्षकों एवं विषय-विशेषज्ञों से सीखने का अवसर मिलेगा। इससे पर्वतीय एवं दूरस्थ क्षेत्रों के विद्यार्थियों को भी बड़े शहरों में जाकर महंगी कोचिंग लेने की आवश्यकता कम होगी।
Technology, Quality और Accessibility को एक साथ जोड़ने का प्रयास
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि आज के समय में डिजिटल तकनीक शिक्षा की पहुंच, गुणवत्ता और अवसरों को व्यापक बनाने का प्रभावी माध्यम बन चुकी है। इसी को ध्यान में रखते हुए सरकार Technology, Quality और Accessibility को एक साथ जोड़कर प्रदेश के विद्यार्थियों को उनके लक्ष्य तक पहुंचने के लिए आवश्यक मार्गदर्शन एवं अवसर उपलब्ध कराने का प्रयास कर रही है।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का संकल्प है कि उत्तराखंड के युवाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए बेहतर संसाधन, गुणवत्तापूर्ण मार्गदर्शन और समान अवसर उपलब्ध हों। आर्थिक परिस्थितियां किसी विद्यार्थी की प्रतिभा और उसके सपनों के बीच बाधा न बनें, इसी उद्देश्य से निःशुल्क ऑनलाइन कोचिंग की यह पहल शुरू की गई है।
इस योजना के माध्यम से उत्तराखंड के 11,000 विद्यार्थियों को निःशुल्क गुणवत्तापूर्ण कोचिंग उपलब्ध कराते हुए उन्हें विभिन्न राष्ट्रीय एवं राज्य स्तरीय प्रतियोगी एवं प्रवेश परीक्षाओं के लिए तैयार किया जाएगा।
बच्चों को गुरु सम्मान और जिम्मेदार नागरिक बनने का दिलाया संकल्प
देहरादून। उत्तराखण्ड राज्य बाल कल्याण परिषद की ओर से 5 सितंबर को बाल भवन, तरला आमवाला में डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन की 138वीं जयंती के अवसर पर शिक्षक दिवस मनाया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ परिषद के वरिष्ठ उपाध्यक्ष डॉ. एस. फारुख ने डॉ. राधाकृष्णन के चित्र पर माल्यार्पण कर किया।
परिषद की महासचिव आशा रानी पैन्यूली ने अतिथियों, पदाधिकारियों, आजीवन सदस्यों और बच्चों का स्वागत किया। संयुक्त सचिव ज्योत्सना खत्री ने कार्यक्रम का संचालन करते हुए डॉ. राधाकृष्णन के जीवन और शिक्षा के क्षेत्र में उनके योगदान पर प्रकाश डाला।
इस अवसर पर विभिन्न क्षेत्रों में योगदान देने वाले शिक्षकों को सम्मानित किया गया। डॉ. मोना बाली, प्रधानाचार्य फूलचन्द नारी शिल्प कन्या इंटर कॉलेज देहरादून, अंजली चन्दोला, प्रादेशिक संगठन आयुक्त भारत स्काउट्स एंड गाइड्स उत्तराखंड, सेवानिवृत्त प्रोफेसर आई.पी. पाण्डेय तथा राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बिरसणी के सहायक अध्यापक व्यायाम रवीन्द्र सिंह रावत को अंगवस्त्र, प्रशस्ति पत्र और लकी बंबू का पौधा भेंट किया गया।
डॉ. एस. फारुख ने कहा कि सच्चा शिक्षक ही देश का वास्तविक निर्माता होता है। उन्होंने शिक्षकों से बच्चों को प्रेमपूर्वक शिक्षा देने का आह्वान किया। ज्योत्सना खत्री ने बच्चों को गुरुओं का सम्मान करने, अनुशासन का पालन करने और शिक्षा को जीवन का महत्वपूर्ण साधन मानकर मन लगाकर अध्ययन करने का संकल्प दिलाया। उन्होंने बच्चों से अपने व्यवहार और आचरण से विद्यालय तथा शिक्षकों का नाम रोशन करने और जिम्मेदार नागरिक बनकर देश-समाज की सेवा करने की अपील की।
बाल भवन परिसर में रोपे जाएंगे विभिन्न प्रजातियों के पौधे शिक्षक दिवस के अवसर पर बाल भवन परिसर के लिए आईजीएनएफए, एफआरआई देहरादून के सहयोग से करीब 80 पौधे उपलब्ध कराए गए। आजीवन सदस्य रमेश खत्री के प्रयासों से उपलब्ध कराए गए इन पौधों में हरड़, बहेड़ा, राजमैरी, आंवला, सहजन, नीम, ऑलस्पाइस, अमरूद, आम, नींबू, लीची, आड़ू, अंजीर, चीकू, लेमनग्रास, चंपा, खिरनी, अशोक, रुद्राक्ष, गुलाब और शरीफा सहित विभिन्न प्रजातियां शामिल हैं।
कार्यक्रम में महेश चंद्र मैठाणी, मनोज कुमार शर्मा, रमेश खत्री, वाई.एस. रावत, रजीना, अनुराज, मंजीत सिंह रावत सहित विभिन्न विद्यालयों के छात्र-छात्राएं मौजूद रहे। कार्यक्रम के समापन पर मिष्ठान वितरित किया गया।
प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए युवाओं को मिलेगी निःशुल्क ऑनलाइन कोचिंग
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी आज करेंगे मुख्यमंत्री युवा भविष्य निर्माण योजना का शुभारंभ
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी आज प्रदेश के युवाओं के भविष्य निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए ‘मुख्यमंत्री युवा भविष्य निर्माण योजना’ का शुभारंभ करेंगे। इस योजना के माध्यम से राज्य के युवाओं को विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए निःशुल्क ऑनलाइन कोचिंग एवं गुणवत्तापूर्ण अध्ययन सामग्री उपलब्ध कराई जाएगी।
योजना का उद्देश्य युवाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए बेहतर मार्गदर्शन और आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराना है, ताकि आर्थिक संसाधनों की कमी किसी भी प्रतिभाशाली युवा के सपनों के आड़े न आए।
योजना के तहत राज्य के विश्वविद्यालयों तथा शासकीय एवं सहायता प्राप्त महाविद्यालयों में अध्ययनरत विद्यार्थियों को विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए ऑनलाइन कोचिंग की सुविधा प्रदान की जाएगी। इसमें सिविल सर्विसेज (UPSC एवं राज्य लोक सेवा आयोग), रक्षा सेवाएं (CDS), बैंकिंग, रेलवे और SSC सहित विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाएं शामिल होंगी।
इसके अतिरिक्त CAT, MAT, GATE, NET और CSIR-NET जैसी उच्च शिक्षा एवं पात्रता परीक्षाओं की तैयारी के लिए भी युवाओं को मार्गदर्शन उपलब्ध कराया जाएगा।
मुख्यमंत्री युवा भविष्य निर्माण योजना विशेष रूप से प्रदेश के दूरस्थ और पर्वतीय क्षेत्रों के युवाओं के लिए अत्यंत उपयोगी साबित होगी। अब युवाओं को गुणवत्तापूर्ण कोचिंग के लिए बड़े शहरों का रुख नहीं करना पड़ेगा और वे घर बैठे ही विशेषज्ञों के मार्गदर्शन में अपनी तैयारी कर सकेंगे।