Category: राजनीति

  • क्या कांग्रेस केदारनाथ में गुटबाजी का खामियाजा भुगतेगी, उठ रहें कई सवाल

    क्या कांग्रेस केदारनाथ में गुटबाजी का खामियाजा भुगतेगी, उठ रहें कई सवाल

    उत्तराखंड में कांग्रेस को जो उत्साह मंगलौर और बद्रीनाथ जीतकर मिला था वो उत्साह हरियाणा चुनाव हारने के बाद थोड़ा ठंडा दिखाई दें रहा हैं हालांकि कांग्रेस नेता कह रहें हैं कि केदारनाथ जीतेंगे लेकिन संगठन और नेताओं केबीच में गुटबाजी साफ दिखाई देरही हैं, इस समय कांग्रेस के केदारनाथ सेबडे दावेदार मनोज रावत हैं लेकिन करन महारा और रावत केबीच के सम्बन्ध कैसे हैं सभी जानते हैं हाल में केदारनाथ यात्रा के दौरान जो hot talk गणेश गोदियाल, मनोज रावत, प्रदीप थपलियाल और करन महारा के बीच हुई थी वो राजनैतिक हलको में ये बताने के लिए काफ़ी हैं कि सम्बन्ध कैसे हैं वही पर्यवेक्षकों की बात की जाए तो सैलजा के साथ दिल्ली में हुई बैठक में केदारनाथ सीट के लिए मंत्री प्रसाद नैथानी और लखपत बटोला को पर्यवेक्षक बनाने की बात की गई थी लेकिन करन महारा के सुझाव पर पर्यवेक्षक बनाए गए भु वन कापड़ी और वीरेंद्र जाति जिसका पार्टी का अंदरखाने ही विरोध शुरू हो गया वही प्रदेश प्रभारी कुमारी शैलजा ने जो नई list निकाली उसमे गणेश गोदियाल और लखपत बटोला को पर्यवेक्षक बनाया गया हैं जो करन महारा को झटका बताया जा रहा हैं

    क्यूंकि गणेश गोदियाल के करीबी बताए जाते हैं मनोज रावत जिसको टिकट मिले करन महारा नहीं चाहते, करन चाहते हैकि या तो जिलाध्यक्ष को टिकट मिल जाए वही हरक का नाम भी बीच बीच में उठ रहा हैं ऐसे में साफ हैं टिकटो की इस लड़ाई में कौन जीतता हैं

    शैलजा और माहरा के बीच नहीं है ऑल वेल? केदारनाथ उपचुनाव से पहले कांग्रेस में उभरी गुटबाजी; क्या है वजह
    केदारनाथ विधानसभा सीट पर उपचुनाव से ठीक पहले उत्तराखंड कांग्रेस की गुटबाजी सतह पर आ गई। पार्टी के एक खेमे का कहना है कि प्रत्याशी चयन की प्रक्रिया के तहत दो दिन पूर्व हाईकमान के स्तर से की गई दो नए पर्यवेक्षकों की नियुक्ति

    केदारनाथ विधानसभा सीट पर उपचुनाव से ठीक पहले उत्तराखंड कांग्रेस की गुटबाजी सतह पर आ गई। पार्टी के एक खेमे का कहना है कि प्रत्याशी चयन की प्रक्रिया के तहत दो दिन पूर्व हाईकमान के स्तर से की गई दो नए पर्यवेक्षकों की नियुक्ति से पहले प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष करन माहरा से राय नहीं ली गई। इससे माहरा नाराज बताए जा रहे हैं।

    केदारनाथ उपचुनाव से पहले कांग्रेस हाईकमान की ओर से पर्यवेक्षकों के नाम मांगे गए थे। प्रदेश कांग्रेस कमेटी की ओर से युवा विधायक और उपनेता प्रतिपक्ष भुवन कापड़ी और वीरेंद्र जाती का नाम भेज दिया गया था। जिन्हें हाईकमान की मंजूरी के बाद विधिवत घोषणा भी कर दी गई थी। लेकिन, अचानक दो दिन बाद दो अन्य पर्यवेक्षकों के नाम सामने आ गए। इनमें पूर्व प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल को बतौर मुख्य पर्यवेक्षक और विधायक लखपत बुटोला को पर्यवेक्षक के तौर पर शामिल कर लिया गया।

    पूर्व में घोषित दो नामों को भी यथावत रखा गया। जिस वक्त दो नए पर्यवेक्षकों की घोषणा की गई, उस वक्त प्रदेश अध्यक्ष माहरा गुंजी (धारचूला) के दौरे पर थे। बताया जा रहा है कि इस मुद्दे पर मंगलवार देर रात माहरा ने प्रदेश प्रभारी कुमारी सैलजा और सह प्रभारी सुरेंद्र शर्मा से बात की।

    पार्टी सूत्रों के अनुसार, इस मामले में भीतरखाने डैमेज कंट्रोल भी शुरू हो गया है। हाईकमान तक ये संदेश पहुंच चुका है कि ऐन चुनाव से पहले पार्टी के बड़े नेताओं के बीच इस तरह की तल्खी पार्टी को नुकसान पहुंचा सकती है। हाल में हरियाणा चुनाव में पार्टी के भीतर उपजी गुटबाजी के परिणाम सबके सामने हैं। इस गुटबाजी में वहां भी मुख्य किरदार में उत्तराखंड प्रदेश प्रभारी का ही नाम सामने आ रहा है।

    प्रभारी सैलजा पूर्व में निरस्त कर चुकीं कई नियुक्तियां
    माहरा और सैलजा के बीच संबंध शुरू से ही बेहतर नजर नहीं बताए जा रहे थे। इससे पूर्व माहरा की ओर से जिलों और ब्लाक स्तर पर कुछ नियुक्तियां की गईं थीं, जिन्हें प्रभारी ने बिना पीसीसी से चर्चा किए एकतरफा हटा दिया। इसे लेकर भी माहरा खफा बताए जा रहे थे।

  • केदारनाथ विधानसभा: सीएम धामी ने किया बीजेपी की बंपर जीत का दावा

    केदारनाथ विधानसभा: सीएम धामी ने किया बीजेपी की बंपर जीत का दावा

    केदारनाथ विधानसभा उप चुनाव के तारीखों का ऐलान हो गया है 20 नवंबर को केदारनाथ उपचुनाव के लिए वोटिंग होनी हैं ऐसे में सत्ताधारी दल भाजपा चुनाव को हर हाल में जीतना चाहेगी मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कुशल नेतृत्व में केदारनाथ के पुनर्निर्माण में लगातार तेजी आई है

    पूरे देश में केदारनाथ धार्मिक पर्यटन के रूप में अपनी एक अलग पहचान बन चुका है 20 नंबर को होने वाले उपचुनाव में भाजपा बड़े अंतर से चुनाव जीतेगी उन्होंने कांग्रेस पर आरोप लगाते हुए कहा कांग्रेस ने हमेशा से तुष्टिकरण और लोगों को बांटने की राजनीति की है केदारनाथ की जनता समझदार है और वह उपचुनाव में कांग्रेस पार्टी को सबक सिखाने का काम करेगी भारी मतों से भाजपा के प्रत्याशी की जीत होगी।

  • उत्तराखंड राज्य स्थापना दिवस के दिन लागू होगा समान नागरिक संहिता कानून: CM Dhami

    उत्तराखंड राज्य स्थापना दिवस के दिन लागू होगा समान नागरिक संहिता कानून: CM Dhami

    उत्तराखंड में राज्य स्थापना दिवस के दिन 9 नवंबर से समान नागरिक संहिता कानून लागू होगा। उत्तराखंड यूसीसी लागू करने वाला देश का पहला राज्य बनेगा। राज्य सरकार प्रवासी उत्तराखंडियों को वापस बुलाकर यहां उद्योगों की स्थापना कर रोजगार सृजन में उनका सहयोग लेगी। सीएम धामी ने कहा कि हमारी सरकार पलायन को रोकने के क्षेत्र में बेहतर कार्य कर रही है।

    मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा है कि उत्तराखंड में राज्य स्थापना दिवस के दिन नौ नवंबर से राज्य में समान नागरिक संहिता कानून लागू होगा। उत्तराखंड यूसीसी लागू करने वाला देश का पहला राज्य होगा।

    उन्होंने कहा कि उत्तराखंड को देश में श्रेष्ठ राज्य बनाने को हमारी सरकार प्रतिबद्ध है इसके लिए हम निरंतर आगे बढ़ रहे हैं।

    मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा है कि उत्तराखंड में राज्य स्थापना दिवस के दिन नौ नवंबर से राज्य में समान नागरिक संहिता कानून लागू होगा। उत्तराखंड यूसीसी लागू करने वाला देश का पहला राज्य होगा।

    उन्होंने कहा कि उत्तराखंड को देश में श्रेष्ठ राज्य बनाने को हमारी सरकार प्रतिबद्ध है इसके लिए हम निरंतर आगे बढ़ रहे हैं।

    रोजगार और उद्योगों की स्थापना के नए अवसर सृजित कर रही सरकार
    उन्होंने कहा कि राज्य स्थापना दिवस नौ नवंबर से पूर्व आओ अपने गांव वापस आओ थीम पर प्रवासी उत्तराखंडी सम्मेलन आयोजित किया जाएगा। कहा कि सरकार राज्य में रोजगार और उद्योगों की स्थापना के नए अवसर सृजित कर रही है।

    प्रवासी उत्तराखंडियों को वापस बुलाकर यहां रोजगार सृजन करने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार पलायन को रोकने के क्षेत्र में बेहतर कार्य कर रही है। राज्य में रोजगार की असीम संभावनाएं हैं। सरकार ने विधानसभा सभा में विधेयक लाकर उत्तराखंड की महिलाओं के हित के लिए 30 प्रतिशत आरक्षण देने का काम किया

    उत्तराखंड क्रांति दल जनपद इकाई अल्मोड़ा की ओर से बैठक आयोजित की गई। जिसमें आगामी 24 अक्टूबर को प्रस्तावित सीएम आवास घेराव कार्यक्रम को लेकर चर्चा हुई। मौके पर कार्यकर्ताओं को समर्थन पत्र वितरित किए। जिला अध्यक्ष दिनेश जोशी ने कहा कि कार्यकर्ता अपने-अपने क्षेत्र में जितने भी सामाजिक संगठन हैं, उनको यह पत्र देकर समर्थन मांगे।

    अधिक से अधिक संख्या में मुख्यमंत्री आवास घेराव के हिस्सा लेने का आह्वान करें। इसके अलावा कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए कार्यकर्ताओं को जिम्मेदारियां सौंपी गई। जिसमें नगर की जिम्मेदारी गिरीश नाथ गोस्वामी, सोमेश्वर कुंदन सिंह बिष्ट, सेराघाट मनोज सिंह बिष्ट, ताकुला से तनय देवड़ी को जिम्मेदारी सौंपी गई है।

  • हरक ने पदयात्रा के जरिये  केदारनाथ उपचुनाव में किया दावा पेश

    हरक ने पदयात्रा के जरिये केदारनाथ उपचुनाव में किया दावा पेश

    केदारनाथ धाम प्रतिष्ठा बचाओ पदयात्रा से दावेदारों के बीच छिड़ी जंग

    पूर्व विधायक मनोज रावत की है मजबूत दावेदारी

     

    श्रीनगर। लोकसभा चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशियों के चुनाव प्रचार में नहीं उतरने के बाद हरक सिंह रावत अब पार्टी के कार्यक्रमों में बढ़ चढ़ कर हिस्सा ले रहे हैं।

    पार्टी की केदारनाथ धाम प्रतिष्ठा बचाओ पदयात्रा में शामिल ही नहीं हुए बल्कि जोर शोर से नारेबाजी में भी जुटे हुए हैं।

    यात्रा में अपनी सक्रियता दिखा हरक सिंह रावत केदारनाथ उपचुनाव की दावेदारी भी पेश करते नजर आ रहे हैं। बदरीनाथ व मंगलौर उपचुनाव में अपनी चुप्पी तोड़ते हुए हरक सिंह रावत इन दोनों विधानसभा क्षेत्रों में प्रचार करते नजर आए थे।

    केदारनाथ में कांग्रेस के पूर्व विधायक मनोज रावत की दावेदारी पहले नंबर पर बनती है। मनोज रावत 2017 में इस सीट पर चुनाव जीत चुके हैं। पत्रकार मनोज रावत की पैरवी में हरीश रावत समेत अन्य वरिष्ठ नेता लामबन्द हैं।

    बदरीनाथ में कांग्रेस प्रत्याशी की शानदार जीत के बाद पूर्व अध्यक्ष गणेश गोदियाल की केदारनाथ के प्रत्याशी चयन में अहम भूमिका रहेगी।

    इधर, हरक सिंह रावत 2022 के विधानसभा चुनाव के बाद खाली चल रहे हैं। लोकसभा चुनाव में कार्बेट-पाखरो टाइगर सफारी समेत अन्य मामलों में ईडी व सीबीआई की परिवार के सदस्यों पर कसे फंदे के बाद हरक सिंह रावत प्रदेश में सक्रिय नहीं रहे। उनकी इस चुप्पी पर पूर्व सीएम हरीश रावत भी तंज कसा चुके हैं।

    दोनों के बीच जारी द्वंद्व का असर केदारनाथ प्रत्याशी चयन में भी नजर आएगा। अगर हरक सिंह पार्टी के कुछ अन्य वजनदार नेताओं कल दून से दिल्ली तक साध गए तो टिकट पक्का समझो वर्ना पूर्व विधायक मनोज का चुनाव लड़ना तय है।

    इधर, फूल स्विंग में चल रही केदारनाथ धाम प्रतिष्ठा बचाओ पदयात्रा में जोशोखरोश से शामिल होकर हरक सिंह ने अपनी दावेदारी पेश कर दी है। पदयात्रा के सूत्रधार प्रदेश अध्यक्ष करण मेहरा व पूर्व विधायक रंजीत रावत का समर्थन भी पार्टी प्रत्याशी तय करने में विशेष मायने रखेगा।

  • उपचुनाव बदरीनाथ 2024- कांग्रेस के प्रत्याशी लखपत बुटोला की शानदार जीत

    उपचुनाव बदरीनाथ 2024- कांग्रेस के प्रत्याशी लखपत बुटोला की शानदार जीत

    मंगलौर में दोबारा मतों की गिनती, पुलिस बल तैनात

    भंडारी को भाजपा में लाने की रणनीति पड़ गयी उल्टी

    भंडारी के ब्राह्मण विरोधी ऑडियो से भी मतदाता भड़के

    मंगलौर/बदरीनाथ। उत्तराखण्ड की दोनों सीट पर हुए उपचुनाव में कांग्रेस ने झंडे गाड़ दिए। मंगलौर से कांग्रेस प्रत्याशी काजी निजामुददीन और बदरीनाथ सीट से पहली बार चुनाव लड़े लखपत बुटोला ने जीत हासिल की।

    बुटोला ने कांग्रेस छोड़ भाजपा के प्रत्याशी बने राजेन्द्र भंडारी को 5095 मतों के अंतर से हरा दिया। उधर, मंगलौर में कांग्रेस प्रत्याशी की जीत के बाद पुनर्मतगणना की जा रही है। भाजपा की मांग पर बूथ 135,134,122, 123 पर दोबारा गिनती की खबर है।अतिरिक्त बल फ़ोर्स तैनात किया गया है।

    शनिवार की सुबह हुई मतगणना के पहले चक्र से ही कांग्रेस प्रत्याशी बुटोलाबढ़त बनाने में कामयाब रहे। पंद्रह राउंड तक चली मतगणना में लखपत बुटोला ने भाजपा प्रत्याशी राजेन्द्र सिंह भण्डारी को 5096 मतों के अंतर से हराया।

    बुटोला को 27696 व भंडारी को 22601 मत मिले। इस सीट पर 52 प्रतिशत मतदान हुआ था। जबकि 2022 की मोदी लहर में बदरीनाथ सीट पर 65 प्रतिशत मतदान हुआ।

    बहरहाल, बदरीनाथ सीट पर राजेन्द्र भंडारी की हार भाजपा के लिए बड़ा झटका मानी जा रही है। 2022 में कांग्रेस के टिकट पर बदरीनाथ से चुनाव जीते भंडारी लोकसभा चुनाव में पाला बदलते हुए भाजपा में शामिल हो गए थे।

    हालांकि, लोकसभा चुनाव में मोदी के प्रभाव की वजह से बदरीनाथ सीट पर भाजपा 8 हजार की लीड लेने में सफल रही थी। यही आत्मविश्वास भाजपा को ले डूबा।

    लोकसभा चुनाव के नतीजे के बाद कांग्रेस प्रत्याशी गणेश गोदियाल ने बदरीनाथ सीट पर दौरा जारी रखा। और राजेंद्र भंडारी की ओर से मिले ‘राजनीतिक धोखे’ की कहानी गांव गांव को बताते रहे। और मतदाताओं से भंडारी को सबक सिखाने की बात भी कहते रहे।

    यही नहीं, 2022 के विधानसभा चुनाव में भंडारी का ब्राह्मणों के विरोध में कही गयी बातों का ऑडियो जारी होना भी भाजपा का खेल खराब कर गया।

    यही नहीं, 2024 के लोकसभा चुनाव में भाजपा को कांग्रेस के मंच से कोसने के ठीक अगले दिन भाजपा में शामिल हो जाना भी मतदाताओं को अखर गया। इससे जुड़ा वीडियो और जोशीमठ आपदा को विपक्ष ने खूब गरमाया।

    बदरीनाथ सीट पर कांग्रेस की जीत से यह भी साफ हो गया है कि क्षेत्र के मतदाताओं ने भंडारी के दलबदल को पसंद नहीं किया। और पहली बार विधायकी का चुनाव लड़े लखपत बुटोला को जिता दिया।

    उपचुनाव परिणाम के बाद भाजपा खेमे में भंडारी समेत अन्य नेताओं को लोकसभा चुनाव के समय पार्टी में लाना भी बहस का मुद्दा बन गया है। भाजपा के निष्ठावान कार्यकर्ता अन्य दलों से आई भीड़ को लेकर पहले से ही असहज हैं।

  • मंगलौर विधानसभा सीट  पर कांग्रेस के काजी निजामुद्दीन जीते

    मंगलौर विधानसभा सीट पर कांग्रेस के काजी निजामुद्दीन जीते

    सांस रोक देने वाले मुकाबले में कांग्रेस के काजी ने जीत हासिल की

    बदरीनाथ सीट पर कांग्रेस के लखपत आगे

     

    मंगलौर/बदरीनाथ। सांस रोक देने वाले मुकाबले में उत्तराखण्ड की मंगलौर सीट से कांग्रेस प्रत्याशी काजी निजामुददीन ने 422 मतों के अंतर से बाजी मार ली। शनिवार की सुबह हुई मतगणना के पहले चक्र से ही कांग्रेस प्रत्याशी बढ़त बनाने में कामयाब रहे। हालांकि, बाद के चरणों में भाजपा के करतार सिंह भड़ाना ने काफी लीड ले धड़कनें बढ़ा दी थी। बसपा के उबेदुर्र्रह्मान तीसरे नंबर पर रहे।

    इस जीत के बाद कांग्रेस खेमे में जश्न का माहौल है। बदरीनाथ सीट पर 12वें चक्र में कांग्रेस के लख 3642 वोट से आगे चल रही है। मंगलौर में मतदान के दिन हुई हिंसा और पुलिस के रुख के बाद आन्दोलित कांग्रेस को मतदाताओं की सहानुभूति मिली। और पैराशूट भाजपा प्रत्याशी करतार सिंह भड़ाना को मतदाता ने नकार दिया।

    मंगलौर में हिंसा के दौरान घायलों को लेकर अस्पताल पहुंचे कांग्रेस प्रत्याशी काजी निजामुददीन का फूट फूट कर रोना भी पुलिस व भाजपा के विरोध में माहौल बना गया। 12वें चक्र में कांग्रेस के लख 3642 वोट से आगे चल रही है

    इस मुकाबले में बसपा प्रत्याशी का तीसरे नंबरपर रहना भी नये संकेत बना गया।

    मतगणना मंगलोर कुल दस राउंड
    1 बीजेपी 31261
    2 कांग्रेस 31710
    3 बसपा 19552

  • मंगलौर – बद्रीनाथ उपचुनाव – चौथे राउंड के बाद कांग्रेस प्रत्याशी इतने वोटो से आगे

    मंगलौर – बद्रीनाथ उपचुनाव – चौथे राउंड के बाद कांग्रेस प्रत्याशी इतने वोटो से आगे

    मंगलौर उपचुनाव

    चौथे राउंड में कांग्रेस 4898 वोटो से आगे

    कांग्रेस के काजी निजामुद्दीन को मिले 4156

    बसपा उबेदुर्रहमान को मिले 1351

    भाजपा करतार सिंह भड़ाना 3837

     

     

    बद्रीनाथ

    चौथे चरण की गिनती के बाद कांग्रेस की लीड बरकरार है। बदरीनाथ में लखपत बुटोला वोट 1161 से आगे हैं। बुटोला को 7223 वोट मिले हैं जबकि भंडारी को 6062 वोट मिले हैं।

  • कांग्रेस ने बदरीनाथ व मंगलौर सीट पर उतारे प्रत्याशी

    कांग्रेस ने बदरीनाथ व मंगलौर सीट पर उतारे प्रत्याशी

    देखें, किस को मिला टिकट

    देहरादून। कांग्रेस ने बदरीनाथ सीट पर लखपत बुटोला और मंगलौर सीट पर काजी निजामुददीन को टिकट दिया है।

    भाजपा पूर्व में ही बदरीनाथ सीट से पूर्व विधायक राजेन्द्र भंडारी और मंगलौर सीट पर करतार सिंह भड़ाना को प्रत्याशी घोषित कर चुकी है।

    इन दोनों सीटों के उपचुनाव में मुख्य मुकाबला कांग्रेस, भाजपा व बसपा के बीच होने जा रहा है।

    कांग्रेस विधायक राजेन्द्र भंडारी लोकसभा चुनाव में रातों रात पाला बदल भाजपा में शामिल हो गए थे। जबकि मंगलौर सीट से बसपा विधायक सरवत करीम अंसारी का निधन हो गया था।

  • उत्तराखंड के उपचुनाव में भी मोदी की खुमारी रहेगी बरकरार !

    उत्तराखंड के उपचुनाव में भी मोदी की खुमारी रहेगी बरकरार !

    बदरीनाथ उपचुनाव में भंडारी की चुनावी पलटी बनी मुद्दा, भाजपा को फिर मोदी का सहारा

    कांग्रेस बदरीनाथ व मंगलौर सीट पर भाजपा को कड़ी टक्कर देने के मूड में

     

    देहरादून। बेशक कांग्रेस प्रदेश की पांचों लोकसभा सीट एक बार फिर हार गई। लेकिन देश भर में बढ़ी कांग्रेस की लोकसभा सीटों के बाद उत्तराखण्ड कांग्रेस विशेष उत्साहित है।

    इस बीच, प्रदेश रिक्त मंगलौर व बदरीनाथ विधानसभा के लिए उपचुनाव की घोषणा हो चुकी है। बसपा विधायक सरवत करीम अंसारी के इंतकाल के बाद हरिद्वार लोकसभा की मंगलौर सीट पर चुनाव हो रहा है। जबकि पौड़ी लोकसभा की बदरीनाथ सीट के कांग्रेस विधायक राजेंद्र भंडारी के रातों रात भाजपा में शामिल होने के बाद उपचुनाव की नौबत आई।

    दस जुलाई को मतदान होना है।

    लिहाजा,कांग्रेस भाजपा समेत अन्य दल एक बार फिर चुनावी तैयारियों में जुट गई है।

    इस बार, कांग्रेस बदरीनाथ सीट पर विशेष रणनीति के तहत पूर्व विधायक राजेन्द्र भंडारी को विधानसभा में आने से रोकेगी। लोकसभा चुनाव के दौरान भंडारी ने कांग्रेस प्रत्याशी गणेश गोदियाल के समर्थन में आहूत जनसभा में स्वंय के भाजपा में जाने की अटकलों को खारिज करने के 24घण्टे के अंदर दिल्ली में ‘कमल’ को थाम लिया।

    भंडारी की यह चुनावी पलटी से जुड़ा वीडियो देश भर में चर्चा का विषय भी बना। ऐन मौके पर कांग्रेस को झटका देने वाले पूर्व कांग्रेसी विधायक राजेन्द्र भण्डारी को उपचुनाव में खासी मशक्कत करनी पड़ेगी।

    लोकसभा चुनाव में भंडारी के पोलिंग बूथ पोखरी में कांग्रेसागे रही। लेकिन पूरी बदरीनाथ विधानसभा में  भाजपा को लगभग 8 हजार की लीड मिली।

    मोदी के विशेष प्रभाव वाले चमोली जिले में भाजपा की इस लीड से कांग्रेस जरा भी बेचैन नहीं दिखती। कांग्रेस के लोकसभा प्रत्याशी रहे गणेश गोदियाल कहना है कि बदरीनाथ के मतदाता भण्डारी की पलटी का जवाब मांग रहे हैं। भंडारी से कांग्रेस को मिले धोखे का जवाब जनता देगी। और कांग्रेस बदरीनाथ सीट जीतेगी।

    मंगलौर विधानसभा उपचुनाव

    दूसरी ओर, बसपा के कमजोर होने के बाद कांग्रेस मंगलौर सीट पर बेहतर स्थिति में दिख रही है। हालांकि, हरिद्वार के नये सांसद पूर्व सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत मंगलौर सीट को जीतने का दावा कर रहे हैं। लोकसभा चुनाव में कांग्रेस ने मंगलौर सीट पर लीड ली थी। इस बार पूर्व विधायक काजी निजामुददीन एक बार फिर विधानसभा का चुनाव लड़ेंगे। 2022 के चुनाव में काजी लगभग 600 मतों से चुनाव हार गए थे।

    लोकसभा चुनाव की जीत से आह्लादित प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट कांग्रेस की चुनौती को कोई तवज्जो नहीं देते हुए साफ कहते है कि पीएम मोदी का मैजिक एक बार फिर चलेगा।

     

  • स्वास्थ्य मंत्री डा. धन सिंह रावत ने केन्द्रीय मंत्रियों से की मुलाकात

    स्वास्थ्य मंत्री डा. धन सिंह रावत ने केन्द्रीय मंत्रियों से की मुलाकात

    मोदी-3.0 में कैबिनेट मंत्री बनने पर दी शुभकामनाएं

    केंद्रीय मंत्रियों को दिया चार धाम यात्रा पर आने का निमंत्रण

    दिल्ली/देहरादून। प्रदेश के कैबिनेट मंत्री डा. धन सिंह रावत ने आज नई दिल्ली में नवनियुक्त केन्द्रीय मंत्रियों से मुलाकात कर उन्हें मोदी-3.0 में कैबिनेट मंत्री बनने पर शुभकामनाएं दी। इस दौरान डा. रावत ने नवनियुक्त केन्द्रीय मंत्रियों से उत्तराखंड के विकास और भविष्य की योजनाओं को लेकर भी चर्चा की और उन्हें चार धाम यात्रा पर आने का न्योता दिया।

    सूबे के चिकित्सा स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री डा. धन सिंह रावत ने आज भाजपा के वरिष्ठ नेता और नवनियुक्त केन्द्रीय मंत्री अमित शाह, नितिन गड़करी, शिवराज सिंह चौहान, भूपेन्द्र यादव, गजेन्द्र सिंह शेखावत, डा. मनसुख मंडाविया, प्रलाह्द जोशी, किशन रेड्डी सहित कई केन्द्रीय मंत्रियों से शिष्टाचार भेंट की। इस दौरान डा. रावत ने सभी नेताओं को केन्द्रीय मंत्री मंडल में शामिल होने पर बधाई व शुभकामनाएं दी। मुलाकात के दौरान डा. रावत ने केन्द्रीय मंत्रियों से उत्तराखंड के विकास और भविष्य की योजनाओं पर चर्चा की। डा. रावत ने केन्द्रीय मंत्रियों से राज्य में चल रही चार धाम यात्रा के बारे में भी चर्चा की और उन्हें बदरीनाथ-केदारनाथ के दर्शन करने सहित चार यात्रा पर आने का आमंत्रण दिया। जिसे सभी केन्द्रीय मंत्रियों ने सहर्ष स्वीकार किया। दिल्ली प्रवास के दौरान डा. रावत ने अल्मोड़ा संसदीय सीट से नवनिर्वाचित सांसद और केन्द्रीय राज्य मंत्री अजय टम्टा से मुलाकात की और उन्हें मोदी-3.0 में शामिल होने पर शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने अपनी मंत्री परिषद में अजय टम्टा को शामिल कर उत्तराखंड की जनता को बड़ा संदेश दिया है। डा. रावत ने कहा कि देश की जनता ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को लगातार तीसरी पर देश की बागडोर सौंपी। निश्चित तौर पर पीएम मोदी के नेतृत्व में भारत विकास के नये कीर्तिमान स्थापित करेगा और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर अपनी मजबूत पैठ बनायेगा।