उत्तराखंड में सीएम योगी के आगमन की तैयारी, कुर्सी सजकर तैयार

कर्नल कोठियाल ने मकर संक्रांति के दिन गोरखपुर जाकर, उन्हें यह कुर्सी सौंपी

लखनऊ। यूपी के सीएम और गोरखनाथ मंदिर के महंत योगी आदित्यनाथ का उत्तराखंड कनेक्शन और मजबूत हो गया है। उत्तराखंड सरकार में राज्यमंत्री (कर्नल रिटायर्ड) अजय कोठियाल ने योगी आदित्यनाथ को गोरक्षपीठ गद्दी के महंत के तौर पर चकराता में तैयार देवदार की विशेष कुर्सी भेंट की है। कर्नल कोठियाल ने मकर संक्रांति के दिन गोरखपुर जाकर, उन्हें यह कुर्सी सौंपी है।

कर्नल अजय कोठियाल ने बताया कि केदारनाथ पुननिर्माण प्रोजेक्ट के दौरान, केदारनाथ में बड़े पैमाने पर देवदार की लकड़ी का भी इस्तेमाल हुआ था।

इसमें से कुछ लकड़ी बची हुई है। उन्हें यह लकड़ी किसी पवित्र स्थल में इस्तेमाल करने का विचार आया। इसी क्रम में उन्होंने योगी आदित्यनाथ के लिए विशेष कुर्सी तैयार की है।

आर्किटेक्ट कृष्ण कुडियाल ने इसके लिए उत्तराखंड के मंदिरों के वास्तुशिल्प का अध्ययन किया। इसी आधार पर फाइनल डिजाइन तैयार हुआ, जिसे चकराता के पास कोटा गांव के परम्परागत काष्ठ कारीगर ने करीब 15 दिन की मेहनत के बाद तैयार किया। कुर्सी के दोनों हत्थों पर सिंह आकृति उभारी गई है, जो शक्ति का प्रतीक हैं।

जबकि पीछे की तरफ उत्तराखंड के मंदिरों पर नजर आने वाली नक्काशी को उभारा गया है। फार्म में भी योगी का पसंदीदा भगवा रंग इस्तेमाल किया गया है। कर्नल अजय कोठियाल ने बताया कि कुर्सी में मुख्य तौर पर महासू मंदिर की काष्ठ कला को समाहित करने का प्रयास किया गया है।

उन्होंने बताया कि योगी आदित्यनाथ को यह कुर्सी बतौर महंत सौंपी गई है, जो उन्हें बहुत पसंद आई है। यही कारण है उन्होंने इस कुर्सी को गोरखनाथ मंदिर के मुख्य सभागार में स्थापित की है। सबसे खास बात यह है कि इससे पूरे हॉल में देवदार की सौंधी सुगंध भी फैल रही है। विदित है कि योगी आदित्यनाथ मूल रूप से पौड़ी जिले में यमकेश्वर ब्लॉक के पंचूर गांव के निवासी हैं।

कौन है कर्नल कोठियाल

कर्नल अजय कोठियाल केदारनाथ पुन:निर्माण प्रोजेक्ट का चेहरा रहे हैं। 2013 में केदारनाथ आपदा के बाद धाम के पुन:निर्माण में उन्होनें अहम भूमिका निभाई। इसके बाद उन्होंने आम आदमी पार्टी से मुख्यमंत्री चेहरे के तौर पर 2022 का विधानसभा चुनाव लड़ा, जिसमें उन्हें असफलता हाथ लगी।

कर्नल कोठियाल इसके बाद भाजपा में शामिल हो गए, वर्तमान में वो राज्यमंत्री स्तर के दर्जाधारी हैं। जबकि आर्किटेक्ट कृष्ण कुडियाल दून स्कूल से पास आउट होने के बाद, रुड़की आईआईटी से पासआउट हैं।

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