भ्रष्टाचार पर शिकंजा: विजिलेंस ने 116 अधिकारी-कर्मचारी दबोचे

भ्रष्टाचार पर सतर्कता अधिष्ठान का बड़ा एक्शन, अब तक 116 अधिकारी-कर्मचारी गिरफ्तार

देहरादून। उत्तराखण्ड सतर्कता अधिष्ठान (विजिलेंस) ने वर्तमान सरकार के कार्यकाल (अप्रैल 2022 से सितम्बर 2025) के दौरान भ्रष्टाचार पर कड़ा शिकंजा कसते हुए बड़ी उपलब्धियां दर्ज की हैं। निदेशक सतर्कता ने प्रेस को जानकारी देते हुए बताया कि इस अवधि में विभाग ने शिकायतों की गहन जांच और प्रभावी कार्रवाई के जरिए न केवल भ्रष्ट कर्मचारियों को जेल भेजा, बल्कि शिकायतकर्ताओं को आर्थिक राहत भी दिलाई।

9424 शिकायतें, 1421 में विजिलेंस एंगल पाया गया

निदेशक ने बताया कि टोल फ्री नंबर 1064 पर अब तक 9424 शिकायतें प्राप्त हुईं। इनमें से 1421 शिकायतें विजिलेंस एंगल की पाई गईं, यानी इनमें भ्रष्टाचार या अनियमितताओं की गहरी संभावना थी। इन मामलों पर प्राथमिकता से कार्रवाई की गई।

79 ट्रैप ऑपरेशन, 92 कर्मचारी रंगे हाथ गिरफ्तार

सतर्कता अधिष्ठान ने अब तक 79 ट्रैप ऑपरेशन संचालित किए, जिनमें 92 कर्मचारी (13 राजपत्रित और 79 अराजपत्रित) रंगे हाथ रिश्वत लेते हुए पकड़े गए। वर्ष 2025 में अकेले 12 ट्रैप ऑपरेशन को सफलतापूर्वक अंजाम दिया गया।

अनियमितताओं में 24 कर्मचारी गिरफ्तार

रिश्वतखोरी के अलावा अन्य अनियमितताओं के मामलों में भी विजिलेंस ने कड़ा रुख अपनाया। इस दौरान 24 कर्मचारी (7 राजपत्रित और 17 अराजपत्रित) को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया। इस प्रकार कुल मिलाकर अब तक 116 अधिकारी-कर्मचारी विजिलेंस की गिरफ्त में आ चुके हैं।

अदालतों में 71% मामलों में सजा

सिर्फ गिरफ्तारी ही नहीं, बल्कि अदालतों में प्रभावी पैरवी कर दोषियों को सजा भी दिलाई गई। अब तक विजिलेंस ने 37 प्रकरणों में सुनवाई कराई, जिनमें से 28 मामलों में दोषियों को सजा हुई। यह लगभग 71 प्रतिशत दंडादेश का रिकॉर्ड है, जो विजिलेंस की सक्रियता को दर्शाता है।

विभागवार और क्षेत्रवार कार्रवाई

विभागवार समीक्षा में पाया गया कि सबसे ज्यादा शिकायतें और गिरफ्तारियां राजस्व विभाग से जुड़ी रहीं। इस विभाग से अब तक 32 कर्मचारी गिरफ्तार किए गए।
क्षेत्रवार स्थिति इस प्रकार रही:

  • हरिद्वार – 21 कर्मचारी गिरफ्तार

  • उधमसिंह नगर – 22 कर्मचारी गिरफ्तार

  • नैनीताल – 11 कर्मचारी गिरफ्तार

  • देहरादून – 10 कर्मचारी गिरफ्तार

शिकायतकर्ताओं को राशि की वापसी

सतर्कता अधिष्ठान ने केवल दोषियों को पकड़ने पर ही ध्यान नहीं दिया, बल्कि शिकायतकर्ताओं को भी राहत दी। अब तक रिश्वत के मामलों में जब्त राशि में से ₹2.35 लाख की धनराशि शिकायतकर्ताओं को वापस कर दी गई है।

भ्रष्टाचार पर लगाम कसने की प्रतिबद्धता

निदेशक सतर्कता ने कहा कि विभाग भ्रष्टाचार के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रहा है। हर शिकायत का समयबद्ध समाधान और पारदर्शी कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है। उन्होंने आम जनता से अपील की कि यदि किसी भी विभाग में रिश्वतखोरी या अनियमितता का सामना हो तो तुरंत विजिलेंस के टोल फ्री नंबर 1064 पर शिकायत दर्ज कराएं

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