दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे पर तेजी से चल रहा काम, गडकरी ने बताई पूरी होने की तारीख

दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे पर बड़ा अपडेट: अब अक्टूबर 2025 तक पूरा होगा निर्माण, गडकरी ने बताई टाइमलाइन

नई दिल्ली। दिल्ली से देहरादून के बीच सफर को सुगम और तेज बनाने वाले बहुप्रतीक्षित दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे के निर्माण को लेकर एक अहम अपडेट सामने आया है। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने राज्यसभा में बताया कि इस मेगाप्रोजेक्ट का काम अब अक्टूबर 2025 तक पूरा होने की संभावना है। उन्होंने कहा कि एक्सप्रेसवे का उद्घाटन इसके पूरे होने के बाद ही किया जाएगा और तभी इसे आम जनता के लिए खोला जाएगा।

यह परियोजना उत्तर भारत के दो महत्वपूर्ण शहरों—राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और उत्तराखंड की राजधानी देहरादून—के बीच आवागमन को पूरी तरह बदलने जा रही है। अभी दिल्ली से देहरादून जाने में जहां 5 से 6 घंटे का समय लगता है, वहीं एक्सप्रेसवे बन जाने के बाद यह सफर सिर्फ 2 से 2.5 घंटे में पूरा हो सकेगा

क्या है दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे की खासियत?

इस हाई-स्पीड कॉरिडोर को 100 किलोमीटर प्रति घंटे की औसत रफ्तार से यात्रा के लिए डिजाइन किया गया है। कुल लंबाई लगभग 210 किलोमीटर होगी और इसमें अत्याधुनिक सेफ्टी फीचर्स, साउंड बैरियर, ग्रीन बेल्ट, और पर्यावरण अनुकूल निर्माण तकनीकों का प्रयोग किया जा रहा है।

रूट डिटेल्स

यह एक्सप्रेसवे दिल्ली के अक्षरधाम से शुरू होकर उत्तर प्रदेश के बागपत, शामली, मुजफ्फरनगर और सहारनपुर से गुजरते हुए उत्तराखंड के डोईवाला होते हुए देहरादून तक पहुंचेगा। इससे इन सभी शहरों के लिए दिल्ली से कनेक्टिविटी काफी आसान हो जाएगी, जो व्यापारिक और पर्यटन गतिविधियों को भी बढ़ावा देगा।

पर्यावरणीय प्रभाव और उसकी भरपाई

नरेश बंसल, राज्यसभा सांसद (उत्तराखंड) द्वारा पूछे गए सवाल के जवाब में नितिन गडकरी ने यह भी जानकारी दी कि इस प्रोजेक्ट के चलते 17,913 पेड़ों को काटा गया है। हालांकि, इसकी भरपाई के लिए वन विभाग को 157 हेक्टेयर भूमि पर 22 करोड़ रुपए की लागत से वृक्षारोपण की जिम्मेदारी सौंपी गई है। अब तक एनएचएआई द्वारा 50,600 से अधिक पेड़ लगाए भी जा चुके हैं, ताकि पर्यावरणीय संतुलन बना रहे

यात्रियों को क्या मिलेगा फायदा?
  • समय की बचत: सफर का समय 5-6 घंटे से घटकर 2-2.5 घंटे

  • ईंधन की बचत: ट्रैफिक जाम और धीमी रफ्तार से मुक्ति

  • दिल्ली की भीड़ में राहत: खासकर पूर्वी दिल्ली की सड़कों पर ट्रैफिक कम होगा

  • पर्यटन को बढ़ावा: मसूरी, ऋषिकेश और देहरादून जैसे पर्यटन स्थलों तक पहुंच आसान

क्यों हो रही है देरी?

गडकरी ने माना कि पहले इस एक्सप्रेसवे का निर्माण मार्च 2024 तक पूरा किया जाना था। बाद में इसे जनवरी 2025 में आंशिक रूप से चालू करने की योजना थी। लेकिन तकनीकी और पर्यावरणीय कारणों से कार्य में देरी हुई और अब इसे पूरी तरह बन जाने के बाद ही खोलने का निर्णय लिया गया है।

आगे की राह

दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे सिर्फ एक सड़क नहीं, बल्कि एक परिवर्तनकारी परियोजना है जो उत्तर भारत की आर्थिक, सामाजिक और पर्यटन संरचना को नया रूप देगी। गडकरी ने भरोसा जताया है कि अक्टूबर 2025 तक इसका काम तय समयसीमा में पूरा कर लिया जाएगा

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