उत्तरकाशी धराली में राहत कार्यों का जायजा लेने के लिए सीएम धामी पहुंचे सुबह-सुबह

उत्तरकाशी में धराली में राहत और बचाव कार्यों का युद्ध स्तर पर जारी अभियान

उत्तरकाशी, 8 अगस्त 2025: उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले के धराली क्षेत्र में बीते दिनों हुई मूसलधार बारिश और प्राकृतिक आपदा के चलते जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। भारी बारिश के कारण भूस्खलन, सड़क मार्ग अवरुद्ध होने, संचार सेवा बाधित होने और बिजली आपूर्ति ठप होने जैसी कई समस्याएँ उत्पन्न हो गईं। प्रभावित क्षेत्रों में फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए युद्ध स्तर पर राहत एवं बचाव कार्य जारी है।

आज प्रातःकाल राज्य के वरिष्ठ नेतृत्व ने स्वयं धराली पहुंचकर राहत एवं बचाव कार्यों की स्थिति की समीक्षा की। हेली सेवा के माध्यम से उन्होंने मौके पर पहुंचकर प्रशासनिक अधिकारियों, सेना और आपदा प्रबंधन की टीमों के साथ स्थिति का जायजा लिया और जरूरी दिशा-निर्देश दिए।

हेलीकॉप्टरों की मदद से रेस्क्यू ऑपरेशन

MI-17 और चिनूक जैसे भारी-भरकम हेलीकॉप्टरों को रेस्क्यू मिशन में लगाया गया है। सुबह से ही सेना, ITBP, SDRF और NDRF की संयुक्त टीमें फंसे हुए लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने में जुटी हुई हैं। दुर्गम पहाड़ी क्षेत्रों में हेलीकॉप्टरों के माध्यम से राहत सामग्री की आपूर्ति भी की जा रही है।

उत्तरकाशी

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केंद्र सरकार से मिल रहा पूर्ण सहयोग

इस दौरान राज्य नेतृत्व ने बताया कि आदरणीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के मार्गदर्शन में केंद्र सरकार से हर संभव सहायता प्राप्त हो रही है। उन्होंने कहा, “केंद्र सरकार का सक्रिय समर्थन हमें न केवल संसाधनों के रूप में मिल रहा है, बल्कि मार्गदर्शन के स्तर पर भी निरंतर सहयोग प्राप्त हो रहा है।” उन्होंने प्रधानमंत्री का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि केंद्र और राज्य सरकार मिलकर इस आपदा से निपटने के लिए हरसंभव प्रयास कर रहे हैं।

पुनर्वास और पुनर्निर्माण की दिशा में कदम

राहत कार्यों की समीक्षा के दौरान अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि:

  • बाधित सड़क मार्गों को जल्द से जल्द बहाल किया जाए।

  • प्रभावित क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति शीघ्र पुनर्स्थापित की जाए।

  • संचार सेवाओं को बहाल कर स्थानीय लोगों तक जानकारी पहुंचाई जाए।

  • खाद्यान्न और आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति सुनिश्चित की जाए।

इसके अतिरिक्त, स्थानीय प्रशासन को निर्देश दिए गए कि राहत शिविरों में पर्याप्त व्यवस्था हो, प्रभावित परिवारों को चिकित्सा सहायता और मानसिक परामर्श भी उपलब्ध कराया जाए।

राहत कार्यों के दौरान स्थानीय लोगों द्वारा आपदा प्रबंधन टीमों को सहयोग देने की भी सराहना की गई। कई ग्रामीणों ने स्वयंसेवी भावना से काम करते हुए फंसे लोगों को सहायता पहुंचाई और राहत सामग्री वितरण में मदद की।

उत्तरकाशी में प्राकृतिक आपदा से उपजे हालातों के बीच सरकार पूरी तरह सक्रिय है। ज़मीनी स्तर पर राहत कार्य तेज़ी से किए जा रहे हैं, और केंद्र व राज्य सरकार मिलकर इस संकट से जल्द उबरने के लिए प्रतिबद्ध हैं। स्थानीय प्रशासन, सेना और आपदा प्रबंधन टीमें चौबीसों घंटे डटी हुई हैं ताकि हर नागरिक को सुरक्षा और सहायता उपलब्ध कराई जा सके।

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