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Thursday, January 15, 2026
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एलारा कैपिटल सीईओ राज भट्ट का आईसीसी दौरा, प्रशासन के प्रयासों की सराहना

एलारा कैपिटल ग्रुप लंदन के सीईओ राज भट्ट का इंटेंसिव केयर सेंटर विजिट, भिक्षावृत्ति-निवारण व शिक्षा सुधार में जिला प्रशासन के प्रयासों को सराहा।

इंटेंसिव केयर सेंटर में बच्चों से रूबरू हुए सीईओ राज भट्ट, बच्चों के भविष्य निर्माण में हर संभव योगदान का दिया भरोसा,

मा0 मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन, जिला प्रशासन के सतत प्रयास, शिक्षा की मुख्यधारा में लौटते बच्चे,

इंटेंसिव केयर सेंटर में बच्चों को कंप्यूटर, संगीत, योग, खेलकूद एक्टिविटी के साथ मिल रही निःशुल्क शिक्षा,

भिक्षावृत्ति रोककर बच्चों को स्कूल लाने का प्रयास, एक प्रेरक मॉडल, अभिनव पहल- सीईओ राज भट्ट

देहरादून। एलारा कैपिटल ग्रुप लंदन के सीईओ एवं फाउंडर श्री राज भट्ट ने बुधवार को देहरादून जिला प्रशासन द्वारा बाल विक्षावृत्ति निवारण तथा बच्चों को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए संचालित राज्य का प्रथम मॉडल इंटेसिव केयर सेंटर, साधुराम इंटर कॉलेज, राजा रोड़ देहरादून का विजिट किया। इस दौरान उन्होंने जिलाधिकारी सविन बंसल से इंटेसिव केयर सेंटर में बच्चों को दी जा रही शिक्षा एवं व्यवस्थाओं की जानकारी ली और जिला प्रशासन की इस अभिनव एवं पुनीत कार्य की जमकर प्रशंसा की। श्री राज भट्ट ने कहा कि इस काम को आगे बढ़ाने के लिए उनकी तरफ से हर संभव सहयोग प्रदान किया जाएगा।

श्री राज भट्ट मूलतः उत्तराखंड चंपावत के रहने वाले है और लंदन में एक सफल व्यवसायी है। अब वे उत्तराखंड में शिक्षा के क्षेत्र में भी अपना महत्वपूर्ण योगदान दे रहे है। समाजसेवी श्री भट्ट गरीबों की मदद, उन्हें शिक्षा प्रदान करने एवं बच्चों की देखभाल जैसे मुहिम से जुड़े है। इंटेसिव केयर सेंटर के विजिट के दौरान श्री राज भट्ट यहां पर बच्चों से भी रूबरू हुए और जिला प्रशासन द्वारा संचालित इस सेंटर से काफी प्रभावित दिखे। उन्होंने कहा कि इस मुहिम को आगे बढ़ाने के लिए उनकी ओर से भी हर संभव सहयोग प्रदान किया जाएगा।
जिलाधिकारी सविन बंसल ने इंटेसिव केयर सेंटर के बारे में पूरी जानकारी दी। बाल विक्षावृत्ति निवारण तथा बच्चों को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए राज्य का पहला मॉडल इंटेसिव केयर सेंटर, साधु राम इंटर कॉलेज में संचालित किया गया है। सड़कों पर विखरते बचपन को संवारने के लिए इस सेंटर में एक माइक्रो प्लानिंग के साथ काम किया जा रहा है। इस सेंटर में भीख मांगते तथा कूडा बीनने वाले बच्चों को ट्रेस करने उपरांत उनकी काउंसलिंग करते हुए उन्हें अक्षर व तकनीकि ज्ञान, संगीत व खेलकूद गतिविधियों से जोड़कर स्कूलों में दाखिला कराया जा रहा है। स्वैच्छिक समूह आसरा, समपर्ण और सरफीना के साथ जिला प्रशासन ने एमओयू करके इसका संचालन किया जा रहा है।
जिला प्रशासन द्वारा अभी तक 82 भीख मांगते बच्चे, 63 बाल मजदूरी में संलिप्त और 113 कूडा बीनने वाले बच्चों सहित कुल 258 बच्चों को सड़कों से रेस्क्यू कर इस सेंटर के माध्यम से शिक्षा की मुख्याधारा से जोडा गया है। वर्तमान में इंटेसिव केयर सेंटर में 51 बच्चों को शिक्षा दी जा रही है। जिसमें 29 बालक एवं 22 बालिकाएं शामिल है। इनमें से 30 बच्चों को जीपीएस और जीयूपीएस परेड ग्राउंड, 19 बच्चों को साधुराम इंटर कॉलेज तथा 02 बच्चों को जीपीएस मथुरावाल में दाखिला कराया गया है। जिसका पूरा व्यय जिला प्रशासन द्वारा वहन किया जाता है। यहां पर आरबीएसके टीम द्वारा बच्चों का नियमित स्वास्थ्य परीक्षण भी कराया जाता है।
इस दौरान जिलाधिकारी ने स्कूल प्रबंधक को मॉडल इंटेंसिव केयर सेंटर भवन के प्रथम तल का  निर्माण, पैदल रास्ते की मरम्मत, रेलिंग, शौचालय की मरम्मत कार्य के लिए शीघ्र आंगणन उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए। साथ ही स्कूल में नियमित साफ सफाई के लिए आउटसोर्सिंग से व्यवस्था करने को कहा। इस दौरान मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह, सहायक निदेशक सूचना बद्री चन्द्र नेगी, जिला प्रोबेशन अधिकारी मीना बिष्ट आदि मौजूद थे।

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