16.6 C
New York
Tuesday, May 21, 2024
spot_img

हिमालयीय विश्वविद्यालय में आयोजित हुआ “प्रधानाचार्य- शिक्षक सम्मान समारोह”

हिमालयीय विश्वविद्यालय, डोईवाला देहरादून में प्रधानाचार्य/ शिक्षक सम्मान समारोह का आयोजन किया गया । कार्यक्रम में मुख्य अथिति डॉ रमेश पोखरियाल “निशंक” के साथ अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे । कार्यक्रम में हरिद्वार एवम देहरादून जनपद के विभिन्न माध्यमिक विद्यालयों / इंटरमीडिएट कॉलेजों के 100 से अधिक प्रधानाचार्य/प्रधानाचार्या तथा शिक्षकों को शिक्षा के क्षेत्र उनके प्रगतिशील एवम उत्कृष्ट कार्य के लिए सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का प्रारंभ दीप प्रज्जवलन तथा गणेश वंदना से किया गया।
समारोह में विशिष्ट नेतृत्व क्षमता, कुशल मार्गदर्शन व शिक्षा के क्षेत्र में अप्रतिम योगदान के लिए विभिन्न संस्थानों के प्रधानाचार्यों एवं अध्यापकों को शुभकामनाएं देते हुए डॉ निशंक ने कहा की शिक्षक अपने ज्ञान से न केवल बच्चों को शिक्षित कर उनके भविष्य को संवारता है बल्कि एक सशक्त राष्ट्र को आकार देने में भी अद्वितीय योगदान देता है।


डॉ० निशंक ने सभी को संबोधित करते हुए कहा कि किसी भी समाज और राष्ट्र के विकास की आधारशिला शिक्षा होती है । उत्कृष्ट शिक्षा का केंद्र बिंदु श्रेष्ठ शिक्षक होता है ।


डॉ निशंक ने अपने वक्तव्य में कहा कि भारत ज्ञान, विज्ञान और आयुर्वेद का जनक है। चरक, सुश्रुत, वागभट्ट, भारद्वाज आदि अनेकों आयुर्वेद के प्रकांडों में इस धरा में जन्म लिया है। आज भारत पूरे विश्व में आयुर्वेद का नेतृत्व कर रहा है। हमें जरूरत है की हम अपनी भावी पीढ़ी का इस ज्ञान से साक्षात्कार कराएं।
डॉ निशंक ने यह कहा कि मेरा सदैव से यह मत है कि केवल शिक्षा में ही वह क्षमता है जो किसी राष्ट्र को वैश्विक महाशक्ति के रूप में स्थापित कर सकता  है।
विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो काशीनाथ जेना ने अपने उद्बोधन में कहा की हिमालयीय विश्वविद्यालय का उद्देश्य गुणवत्तापरक शिक्षा से छात्रों को लाभान्वित करना है। उन्होंने कहा की हमारा प्रयास रहेगा की विश्वविद्यालय से सिक्षा प्राप्त करने वाला प्रत्येक विद्यार्थी राष्ट्र निर्माण में योगदान करे।


कार्यक्रम में आयुर्वेदिक कॉलेज के प्राचार्य डॉ अनिल कुमार झा ने कहा की आयुर्वेद कॉलेज की टीम के सतत प्रयास से आज हिमालयीय आयुर्वेदिक कॉलेज देश के सर्वोच्च कॉलेजों में अपना स्थान बना चुका है। उन्होंने कहा हमारे संस्थान से निकले डाक्टर आज पूरे देश सहित विश्व में भी आयुर्वेद के द्वारा बेहतर स्वास्थ्य के लिए कार्य कर रहे हैं।


डॉ. निशंक द्वारा कार्यक्रम में पधारने वाले सभी प्रधानाचार्यों को प्रशस्ति प्रमाण पत्र, स्मृति चिन्ह तथा शॉल भेट किए गए
हिमालयीय विश्वविद्यालय के डॉ रंजना द्वारा विश्वविद्यालय में संचालित विभिन्न पाठ्यक्रमों की जानकारी दी गई।


कार्यक्रम में योग एवं बी ए एम एस के छात्रों द्वारा योग की प्रस्तुति दी गई। बी ए एम एस के छात्र छात्राओं द्वारा आयुर्वेद के अवतरण पर आधारित नाटक का मंचन किया। नर्सिंग की महत्ता को बताते हुए नर्सिंग के छात्रों द्वारा नाट्य मंचन किया। विश्वविद्यालय के संगीत विभाग की प्रस्तुति ने सबका मन मोह लिया।
हिमालयीय विश्वविद्यालय के सचिव बालकृष्ण चमोली ने धन्यवाद ज्ञापन कर सभी को कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए साधुवाद प्रेषित किया। कार्यक्रम नर्सिंग कॉलेज की प्राचार्य डॉ अंजना विलियम्स के समन्वय में आयोजित किया गया। कार्यक्रम में हिमालयीय विश्वविद्यालय की कुल सचिव अरविंद अरोड़ा एवं विभिन्न संस्थाओं के प्राचार्य एवं सम्मानित अध्यापकगण उपस्थित रहे।

Related Articles

Stay Connected

0FansLike
3,912FollowersFollow
0SubscribersSubscribe
- Advertisement -spot_img

Latest Articles