देहरादून। उत्तराखंड शासन के ग्राम्य विकास सचिव धीराज सिंह गर्ब्याल ने गुरुवार को हाउस ऑफ हिमालयाज के वेयरहाउस का विधिवत उद्घाटन किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि यह वेयरहाउस ग्रामीण उत्पादकों के उत्पादों के सुरक्षित भंडारण और प्रभावी विपणन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इससे स्थानीय उद्यमों को सशक्त बनाने के साथ-साथ उनके उत्पादों को व्यापक बाजार उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने और स्वयं सहायता समूहों व स्थानीय उद्यमियों को बेहतर प्लेटफॉर्म उपलब्ध कराने के लिए निरंतर प्रयासरत है। यह पहल उत्पादों की गुणवत्ता बनाए रखने और समयबद्ध आपूर्ति सुनिश्चित करने में भी सहायक सिद्ध होगी।
उद्घाटन कार्यक्रम के बाद सचिव की अध्यक्षता में अंतरराष्ट्रीय कृषि विकास कोष (IFAD) के सहयोग से संचालित ग्रामीण उद्यम त्वरित प्रोत्साहन परियोजना (REAP) की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में परियोजना की प्रगति का विस्तृत आकलन करते हुए आगामी कार्ययोजना पर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
इन बिंदुओं पर रहा विशेष फोकस
बैठक में ग्रामीण आजीविका सुदृढ़ीकरण से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर जोर दिया गया—
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ग्रामीण युवाओं को पर्यटन क्षेत्र में स्वरोजगार से जोड़ने के लिए टूरिस्ट गाइड, पर्वतारोहण आदि विषयों पर विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित किए जाएं।
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पर्वतीय क्षेत्रों में मिलेट्स, विशेषकर कोणी, चीणा, मडुवा और झंगोरा जैसी पारंपरिक फसलों के लिए कृषि विभाग के सहयोग से सीड बैंक स्थापित किए जाएं।
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मिलेट्स क्लस्टरों की पहचान कर जैविक प्रमाणन प्रक्रिया को बढ़ावा दिया जाए, जिससे उत्पादों को बेहतर मूल्य मिल सके।
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पर्यटन विभाग के साथ समन्वय स्थापित कर इको-टूरिज्म को प्रोत्साहित किया जाए, जिससे स्थानीय समुदायों को आय के नए अवसर मिल सकें।
सचिव ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए और ग्रामीण क्षेत्रों में आजीविका सुदृढ़ीकरण की दिशा में ठोस एवं परिणामोन्मुख प्रयास किए जाएं।



