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Wednesday, January 14, 2026
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भिक्षावृत्ति से रेस्क्यू किए गए बच्चों को शिक्षा से जोड़ने की पहल

देहरादून। राज्य का पहला आधुनिक इंटेंसिव केयर शेल्टर, भिक्षावृत्ति में लिप्त बच्चों के भविष्य को संवारने की अनूठी पहल दून में राज्य का पहला आधुनिक इंटेंसिव केयर शेल्टर स्थापित किया गया है, जहाँ भिक्षावृत्ति में लिप्त बच्चों को रेस्क्यू कर शिक्षा, तकनीकी ज्ञान, संगीत, कला और अन्य रचनात्मक गतिविधियों के माध्यम से मुख्यधारा से जोड़ा जा रहा है। यह मॉडल इंटेंसिव केयर शेल्टर साधुराम इंटर कॉलेज में विकसित किया गया है, जिसका उद्देश्य उन बच्चों को समुचित शिक्षा और कौशल विकास का अवसर प्रदान करना है, जो अब तक समाज की मुख्यधारा से कटे हुए थे। इस केंद्र में विशेषज्ञों एवं स्वयंसेवी संगठनों के सहयोग से बच्चों के सर्वांगीण विकास पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

आधुनिक सुविधाओं से लैस शिक्षा का केंद्र
इस इंटेंसिव केयर शेल्टर में बच्चों के लिए एक समर्पित कक्षा कक्ष विकसित किया गया है, जहाँ उन्हें गुणवत्तापूर्ण शिक्षा दी जा रही है। इसके अलावा, कंप्यूटर लैब और म्यूजिक रूम भी स्थापित किए गए हैं, ताकि बच्चे तकनीकी और सांस्कृतिक रूप से सशक्त बन सकें।

भिक्षावृत्ति

शिक्षा के प्रति रुचि बढ़ाने का प्रयास
इस केंद्र का मुख्य उद्देश्य बच्चों में शिक्षा के प्रति रुचि उत्पन्न करना और उन्हें आदर्श शैक्षिक वातावरण प्रदान करना है। यहाँ पर प्रतिदिन 25-30 बच्चे कक्षाओं में नियमित रूप से अध्ययन कर रहे हैं, जिनमें रेस्क्यू किए गए बच्चे ही नहीं, बल्कि संस्थानों और घरों से भी बच्चे आकर शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं।

शिक्षा के साथ कौशल विकास पर जोर
इस अनूठी पहल से बच्चों में न केवल शिक्षा के प्रति रुचि बढ़ रही है, बल्कि संगीत, चित्रकला, कंप्यूटर ज्ञान और खेल जैसी गतिविधियों के माध्यम से उनका समग्र विकास भी किया जा रहा है। इस इंटेंसिव केयर शेल्टर को निजी स्कूलों और प्रतिष्ठित संस्थानों के समान सुविधाओं से सुसज्जित किया गया है, ताकि इन बच्चों को किसी भी प्रकार की कमी महसूस न हो।

यह पहल न केवल इन बच्चों के भविष्य को उज्ज्वल बनाने में सहायक सिद्ध हो रही है, बल्कि समाज को भी एक सकारात्मक दिशा देने का कार्य कर रही है।

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