आईटीआई कर्मचारियों का गरजा गुस्सा: एकीकृत पेंशन योजना के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन

पुरानी पेंशन बहाली की मांग को लेकर आईटीआई कर्मचारियों का उग्र प्रदर्शन

उत्तरकाशी उत्तराखंड में सरकारी कर्मचारियों के बीच पेंशन व्यवस्था को लेकर आक्रोश बढ़ता जा रहा है। उत्तराखंड सरकार द्वारा हाल ही में लागू की गई एकीकृत पेंशन योजना (UPS) के खिलाफ मंगलवार को राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई) कर्मचारी संघ समेत कई अन्य संगठनों ने प्रदेशव्यापी विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान कर्मचारियों ने UPS के आदेश की प्रतियां जलाकर अपना विरोध जताया और सरकार से पुरानी पेंशन बहाली की मांग को दोहराया।

प्रदेशभर में भड़का विरोध, सरकार के खिलाफ नारेबाजी

गौरतलब है कि उत्तराखंड सरकार ने 19 मार्च 2025 की अधिसूचना के तहत पेंशन निधि विनियामक एवं विकास प्राधिकरण (PFRDA) के आदेशानुसार UPS लागू करने का निर्णय लिया था। इसके लिए 20 मार्च 2025 को सभी कर्मचारियों को UPS के विकल्प भरने का निर्देश जारी किया गया। लेकिन कर्मचारियों ने इस योजना को अपने भविष्य के साथ खिलवाड़ बताते हुए इसे सिरे से खारिज कर दिया और प्रदेशभर में विरोध प्रदर्शन किया।

राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान कर्मचारी संघ के प्रांतीय महामंत्री रविंद्र सिंह चौहान ने बताया कि राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद उत्तराखंड के आह्वान पर सभी आईटीआई संस्थानों में UPS के आदेशों की प्रतियां जलाकर विरोध जताया गया। उन्होंने कहा कि सरकार पहले 1 अक्टूबर 2005 के बाद नियुक्त कर्मचारियों पर NPS (नेशनल पेंशन सिस्टम) थोप चुकी थी और अब UPS का नया विकल्प लाकर कर्मचारियों को भ्रमित किया जा रहा है, जबकि उनकी मांग केवल पुरानी पेंशन योजना (OPS) बहाल करने की है।

हर जिले में उग्र प्रदर्शन, हजारों कर्मचारी सड़कों पर उतरे

इस विरोध प्रदर्शन में प्रदेशभर के आईटीआई कर्मचारियों ने भाग लिया। उत्तरकाशी जिले की बड़कोट आईटीआई में प्रांतीय महामंत्री रविंद्र सिंह चौहान के नेतृत्व में प्रदर्शन हुआ। वहीं, देहरादून जिले में राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के प्रदेश अध्यक्ष अरुण पांडे ने मोर्चा संभाला। हरिद्वार जिले में प्रांतीय अध्यक्ष अमरीश कुमार के नेतृत्व में कर्मचारियों ने एकजुट होकर विरोध दर्ज कराया।

इसके अलावा अल्मोड़ा, हल्द्वानी, टनकपुर, पिथौरागढ़, काशीपुर, चंपावत, श्रीनगर, टिहरी, कर्णप्रयाग और चमोली सहित सभी जिलों में आईटीआई कर्मचारियों ने UPS के खिलाफ नारेबाजी की और पुरानी पेंशन बहाली की मांग को पुरजोर तरीके से उठाया।

कर्मचारियों ने सरकार को दी चेतावनी

प्रदर्शनकारियों ने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि पुरानी पेंशन योजना बहाल नहीं की गई और जबरन UPS थोपा गया, तो आने वाले दिनों में बड़े स्तर पर आंदोलन छेड़ा जाएगा। कर्मचारी संगठनों ने कहा कि यह केवल एक प्रारंभिक विरोध प्रदर्शन है और यदि सरकार ने उनकी मांगों को गंभीरता से नहीं लिया, तो भविष्य में सभी सरकारी कर्मचारी संयुक्त रूप से हड़ताल करने को मजबूर होंगे।

प्रांतीय अध्यक्ष अमरीश कुमार और प्रांतीय महामंत्री रविंद्र सिंह चौहान ने इस विरोध प्रदर्शन को सफल बनाने के लिए सभी जिलाध्यक्षों, मंडल अध्यक्षों, सचिवों और संगठन के सभी सदस्यों का आभार व्यक्त किया।

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