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Monday, April 27, 2026
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जंतर मंतर में गूंजा अंकिता भंडारी मर्डर केस: न्याय की मांग तेज

भाजपा विधायक रेणु बिष्ट व अन्य को जांच के दायरे में ले सीबीआई

वीआईपी व सीबीआई जांच में देरी बन रही राजनीतिक मुद्दा

नई दिल्ली। रविवार को अंकिता भंडारी मर्डर केस की गूंज दिल्ली में सुनाई दी। सीबीआई जांच में देरी  व वीआईपी के मुद्दे पर ऊहापोह को लेकर जंतर मंतर पर नारेबाजी के साथ जोरदार प्रदर्शम किया।

अंकिता भंडारी न्याय यात्रा संयुक्त संघर्ष मंच ने वीआईपी अपराधियों की गिरफ्तारी नहीं होने पर आकोश प्रकट किया। और भाजपा विधायक रेणु बिष्ट समेत अन्य को सीबीआई जांच के दायरे में लेने की पुरजोर मांग उठाई।

आंदोलनकारी  कमला पंत ने कहा कि अंकिता भंडारी हत्याकांड को 3 वर्ष से ऊपर हो गए हैं लेकिन अभी तक न्याय नहीं मिला है और VIP अपराधी अभी तक खुलेआम घूम रहे हैं।

कमला पंत ने कहा कि अंकिता भंडारी हत्याकांड में भाजपा के पूर्व विधायक की पत्नी उर्मिला राठौर ने दुष्यंत गौतम और अजय कुमार का नाम लिया है । यह दोनों भाजपा के पदाधिकारी हैं ।  लेकिन सीबीआई ने अभी तक आरोपियों से पूछताछ नहीं की।

निर्मला बिष्ट ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी उत्तराखंड आते हैं और उनकी रैली की तैयारियों और व्यवस्था को संगठन महामंत्री अजय कुमार देखते हैं ये बड़े ही शर्म की बात है ।

एक तरफ भाजपा सरकार नारी शक्ति वंदन के नाम पर नौटंकी कर रही है दूसरी तरफ उसके पदाधिकारी महिलाओं का शोषण करते हैं । भाजपा सरकार अंकिता भंडारी हत्याकांड के वीआईपी अपराधियों को बचाने का काम कर रही है ।
ब्रिगेडियर (रि.) सर्वेश डंगवाल ने कहा कि वनांतरा रिसॉर्ट पर बुलडोजर चलाने के लिए जिन लोगों ने सोशल मीडिया पर अभियान चलाया। उन लोगों को भी सीबीआई जांच के दायरे में लाया जाना चाहिए।

वक्ताओं ने एक बार फिर कहा कि अंकिता भंडारी हत्याकांड में सीबीआई जांच सुप्रीम कोर्ट की सिटिंग जज की निगरानी में होनी चाहिए।  और VIP अपराधियों को तुरंत गिरफ्तार किया जाए और उन्हें जांच के दायरे में लिया जाए ।

वक्ताओं ने कहा कि सीबीआई भाजपा विधायक रेनू बिष्ट को भी जांच के दायरे में ले।

इंद्रेश मैखुरी ने कहा कि निर्दलीय विधायक उमेश कुमार, पूर्व जिला पंचायत सदस्य आरती गौड़ ने वनन्तरा रिसॉर्ट में बुलडोजर चलाने के लिए सोशल मीडिया में अभियान चलाया था। और बुलडोजर चलने के बाद सीएम का आभार भी जताया।  बुलडोजर कार्रवाई के दौरान रेणु बिष्ट मौके पर मौजूद थी। लिहाजा, इन सभी को सीबीआई जांच के दायरे मे शामिल किया जाना  चाहिए।

गौरतलब है कि उर्मिला सनावर व भाजपा के पूर्व विधायक दुष्यंत गौतम के वॉयरल ऑडियो /वीडियो के बाद जनता सड़क पर उतर आई थी। और फिर सीएम ने 9 जनवरी।को सीबीआई जॉच की घोषणा को थी।
जंतर मंतर पर सभा को चारू तिवारी, इंद्रेश मैखुरी, गरिमा दसौनी, प्रकाश थपलियाल, लक्ष्मण रावत आदि ने संबोधित किया ।
इस प्रदर्शन में राजधानी दिल्ली क्षेत्र से भी लोग शामिल हुए।
प्रदर्शन में शामिल होने वालों में रोशन धस्माना, पदमा गुप्ता, सूरज नेगी, उमाकांत लखेड़ा, अमन रावत, विजया नैथानी, तुषार रावत, मंजू बलोदी, कृष्णा सकलानी, दीपा, नेगी, पार्वती, सुलक्षणा, सौरव, मनीष, चंद्रकला आदि कई लोग शामिल हुए ।

अंकिता भंडारी सीबीआई जांच से जुड़ी मुख्य बातें:

जांच की घोषणा: जन आक्रोश और परिजनों की मांग के बाद 9 जनवरी 2026 को सीएम धामी ने सीबीआई जांच के आदेश दिए।

सीबीआई ने संभाली कमान

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, फरवरी 2026 की शुरुआत में सीबीआई ने पुलिस से जांच अपने हाथों में ले ली और एफआईआर (FIR) दर्ज की।

जांच का फोकस

यह जांच मुख्य रूप से मामले में शामिल ‘वीआईपी’ की पहचान करने और सबूतों को मिटाने के आरोपों पर केंद्रित है।

पृष्ठभूमि-

पौड़ी गढ़वाल निवासी अंकिता भंडारी (वनंतरा रिजॉर्ट रिसेप्शनिस्ट) की सितंबर 2022 में हत्या कर दी गई थी। अंकिता की।लाश चीला नहर से बरामद हुई थी। इस चर्चित प्रकरण में भाजपा के नेता  विनोद आर्य के पुत्र पुलकित आर्य समेत तीन लोग उम्रकैद की सजा काट रहे हैं।

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