6.3 C
New York
Wednesday, January 14, 2026
spot_img

किसानों के लिए कार्बन क्रेडिट: नई नीति पर विचार-विमर्श

सचिव जलागम प्रबंधन विभाग द्वारा जलगाम विभाग की समीक्षा बैठक की गई

नौले-धारों के पुनरोद्धार पर भी हुआ विचार-विमर्श

देहरादून। जलागम प्रबंधन विभाग द्वारा किसानों की आय में वृद्धि में सहायक हो सकने वाले विकल्पों पर विचार-मंथन किया गया। इसमें प्रमुख रूप से कृषि योग्य परती भूमि पर कृषि-औद्यानिकी एवं वनीकरण मॉडल द्वारा कार्बन क्रेडिट का लाभ किसानों तक पहुंचाने पर चर्चा की गई। बैठक की अध्यक्षता सचिव जलागम दिलीप जावलकर ने की। उन्होंने कहा कि जलागम विभाग के माध्यम से ऐसी कार्ययोजनाएं तैयार की जाएं, जिससे प्रदेश के अधिक से अधिक किसान कार्बन क्रेडिट का लाभ ले सकें।

समीक्षा बैठक में विभाग के अधिकारियों द्वारा प्रस्तुतिकरण के पश्चात मुख्य परियोजना निदेशक दिलीप जावलकर ने इस संबंध में दिशानिर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कार्बन क्रेडिट पर काम कर रही एजेंसियों से प्रस्तावों को आमंत्रित कर प्रदेश में इसकी संभावना पर विस्तार से अध्ययन किया जाए।

राज्यान्तर्गत ऐतिहासिक, पौराणिक व सास्कृतिक महत्व के धारे-नौलों के पुनरोत्थान व उसमें पुनर्जीकरण हेतु विचार-विमर्श किया गया। जिसके अवलोकन पर SARRA को प्रत्येक जनपद से ऐतिहासिक व सास्कृतिक महत्व के नौले-धारों को चिन्हित कर उनके जल संर्वधन हेतु विस्तृत परियेाजना रिपोर्ट, प्रस्तावित कार्यों का वैज्ञानिक दृष्टिकोण से चयन, उनके पुनरोत्थान व पुनर्जीविकरण की दिशा में कार्य करने हेतु प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिये गये। जिस हेतु इस क्षेत्र में कार्य कर रहे विशेषज्ञों, संस्थानों, गैर सरकारी संस्थाओं, स्वयं सेवी संस्थाओं के सुझाव हेतु भी विज्ञापन प्रकाशित करने हेतु भी निर्देशित किया गया।

बैठक में मुख्य रूप से परियोजना निदेशक हिमांशु खुराना, अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी SARRA कहकशां नसीम, संयुक्त निदेशक डा. एके डिमरी, मुख्य वित्त अधिकारी दीपक भट्ट, उपनिदेशक डा. डीएस रावत, डा. मीनाक्षी जोशी तथा जलागम विभाग के अन्य अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।

Related Articles

Stay Connected

0FansLike
3,912FollowersFollow
0SubscribersSubscribe
- Advertisement -spot_img

Latest Articles