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Monday, April 13, 2026
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लोकतंत्र की सफलता में कानूनी साक्षरता की अहम भूमिका: न्यायाधीश सूर्यकांत

पूर्व न्यायाधीश स्वर्गीय केशव चंद्र धूलिया की स्मृति में आयोजित व्याख्यान

देहरादून। उत्तराखंड के जाने माने और इलाहाबाद उच्च न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश स्वर्गीय केशव चंद्र धूलिया की स्मृति में आयोजित तृतीय व्याख्यान  समारोह का आयोजन  भारतीय वन  अनुसंधान देहरादून में आयोजित किया गया।
मुख्य वक्ता के रूप में सर्वोच्च न्यायालय के  मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने इस अवसर पर  कहा कि  दुरस्त क्षेत्रों में  कानूनी साक्षर शिविरों का आयोजन कर जनता को सस्ता और  सुलभ  न्याय प्रदान किया जाए।

इसके लिए उन्होंने वकील,और कानूनी शिक्षा प्राप्त कर रहे छात्रों का आहवान किया कि न्यायालयों में लंबित मामलों का शीघ्र निस्तारण कर न्याय व्यवस्था के प्रति आम जन में विश्वास को बढाया जाना चाहिए।
न्यायमूर्ति सूर्यकांत का कहना था कि डिजिटल और कानूनी साक्षरता के शिविरों के माध्यम से  वादी को साक्षर बनाकर  न्याय प्रणाली के प्रति आस्था और विश्वास की बहाली  लोकतंत्र की सबसे बड़ी आवश्यकता है।

कर्मभूमि फाउंडेशन द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में धूलिया परिवार के पुत्रों हिमांशु, सर्वोच्च न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश  सुधांशु धूलिया,और अभिनेता और निर्देशक तिग्मांशु धूलिया  और उनकी माताश्री सुमित्रा धूलिया  के प्रयास से  अनुशासित और व्यवस्थित कार्यक्रम में कई गणमान्य लोग उपस्थित थे।

इस अवसर पर वक्ताओं ने केशव धूलिया को एक सच्चा जनसेवी और फरियादी के हितों का चितेरा बताते हुए एक आदर्श न्यायाधीश बताया।
मुख्य वक्ता न्यायाधीश सूर्यकांत ने केशव धूलिया परिवार को एक राष्ट्र सेवा का सेनानी बताते हुए केशव धूलिया की पत्नी सुमित्रा धूलिया के संघर्ष को भी याद किया।

कार्यक्रम का शुभारंभ पद्मश्री लोक गायिका डॉ माधुरी बड़थ्वाल के मंगल गीत से किया गया।
कार्यक्रम के सफ़ल आयोजन व संचालन  हिमांशु धूलिया  व तिग्मांशु धूलिया ने किया।

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