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Wednesday, January 14, 2026
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पर्यटन क्षेत्र में बड़ा बदलाव: गाइड प्रमाणन और विदेशी इंटर्नशिप के लिए नया ढांचा

पर्यटन कौशल विकास को दी जाएगी नई दिशा

सचिव पर्यटन की अध्यक्षता में उच्चस्तरीय बैठक

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशानुसार एवं पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज के मार्गदर्शन में उत्तराखण्ड पर्यटन विकास बोर्ड द्वारा राज्य में पर्यटन आधारित कौशल विकास, आतिथ्य सेवाओं के मानकीकरण तथा प्रमाणित गाइड तैयार करने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण समीक्षा एवं कार्ययोजना बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता सचिव पर्यटन धीराज सिंह गर्बयाल ने की।

बैठक में उत्तराखण्ड के पर्यटन शिक्षण संस्थानों को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप विकसित करने, युवाओं को रोजगारोन्मुख प्रशिक्षण देने तथा दूरस्थ क्षेत्रों में पर्यटन सेवाओं की गुणवत्ता बढ़ाने पर विस्तार से चर्चा की गई।

बैठक के प्रमुख निर्णय

GIHM संस्थानों का गैप एनालिसिस:
टीएचएससी एवं द ललित हॉस्पिटैलिटी के माध्यम से जीआईएचएम संस्थानों का गैप एनालिसिस कर उन्हें अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप विकसित करने के निर्देश दिए गए।

UTDB–THSC एमओयू:
बीपीएल वर्ग के अभ्यर्थियों को निःशुल्क प्रशिक्षण दिया जाएगा, जबकि सामान्य वर्ग के लिए 50:50 शुल्क व्यवस्था लागू होगी। प्रशिक्षणार्थियों के चयन एवं मोबिलाइजेशन की जिम्मेदारी टीएचएससी की होगी। कार्यक्रम गढ़वाल एवं कुमाऊँ दोनों मंडलों में संचालित किए जाएंगे।

पर्यटन गाइड प्रमाणन

उत्तराखण्ड पर्यटन विकास परिषद द्वारा प्रशिक्षित सभी नेचर, हेरिटेज, डेस्टिनेशन, एस्ट्रो, रिवर एवं साहसिक पर्यटन गाइडों को आधिकारिक पहचान पत्र जारी किए जाएंगे।

‘फिनिशिंग स्कूल’ कार्यक्रम

जीआईएचएम व आईएचएम के छात्र-छात्राओं के लिए उनके संस्थानों में ही 15 दिवसीय विशेष कौशल प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित किया जाएगा, जिससे उन्हें राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्लेसमेंट प्रक्रिया के लिए तैयार किया जा सके।

वाइब्रेंट विलेज योजना के अंतर्गत पायलट परियोजना

धारचूला क्षेत्र में पायलट परियोजना के तहत स्थानीय युवाओं व होमस्टे संचालकों को आतिथ्य सेवा एवं भोजन गुणवत्ता से संबंधित प्रशिक्षण दिया जाएगा, ताकि दूरस्थ क्षेत्रों में भी पर्यटकों को बेहतर अनुभव मिल सके।

डिजिटल प्रशिक्षण एवं प्रमाणन पोर्टल

राज्य स्तर पर एक डिजिटल प्रशिक्षण एवं प्रमाणन पोर्टल विकसित किया जाएगा। साथ ही टीएचएससी के सहयोग से प्रदेश के जीआईएचएम एवं आईएचएम संस्थानों के 100 मेधावी छात्रों को विदेशी संस्थानों में इंटर्नशिप के अवसर प्रदान किए जाएंगे।
सचिव पर्यटन धीराज सिंह गर्बयाल ने कहा कि बैठक में लिए गए सभी निर्णय इस उद्देश्य से जुड़े हैं कि पर्यटन क्षेत्र में “अतिथि देवो भव” की भावना को व्यवहार में उतारा जाए और प्रदेश के युवाओं के लिए स्थायी रोजगार के अवसर सृजित किए जा सके।

बैठक में अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी पर्यटन विकास बोर्ड अभिषेक रोहेला, अपर निदेशक पर्यटन पूनम चन्द, संयुक्त निदेशक पर्यटन एस. एस. समन्त, उपनिदेशक पर्यटन अमित लोहानी, आईएचएम देहरादून के प्रधानाचार्य डॉ. शिव मोहन सहित जीआईएचएम मसूरी, नई टिहरी, पिथौरागढ़ एवं रामनगर के प्रधानाचार्य शामिल रहे। इसके अतिरिक्त टीएचएससी के सीईओ राजन बहादुर, डीडीयू-जीकेवाई के सीओओ डॉ. प्रभाकर बेबुनि, टीएलएसएचएस के डीन अनुपम मुखर्जी, टीएचएससी के उपाध्यक्ष विवेक शण्डिल्या सहित अन्य विभागीय अधिकारी भी उपस्थित थे।

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