गोली की तड़तड़ाहट से तिब्बती मार्केट में मची अफरा तफरी
दो सप्ताह में चौथी हत्या से सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल
देहरादून। प्रदेश की कानून व्यवस्था को अपराधी द्वारा खुली चुनौती देने का सिलसिला थमता नजर नहीं आ रहा। बुधवार को बेखौफ अपराधी खुलेआम तड़ तड़ गोलियां बरसाते हुए हत्या की वारदात को अंजाम देते हुए भाग गए।
देहरादून के अत्यंत व्यस्त बाजार क्षेत्र में बुधवार सुबह दिनदहाड़े युवक की गोली मारकर हत्या कर दी गई। तिब्बती मार्केट और परेड ग्राउंड के समीप सरेआम युवक के सीने में गोली मारकर मौत के घाट उतार दिया गया। मृतक की पहचान अर्जुन शर्मा के रूप में हुई है, जो जीएमएस रोड स्थित भारत गैस एजेंसी के संचालक बताए जा रहे हैं।
मिली जानकारी के अनुसार, वह परेड ग्राउंड में टेनिस खेलने आए थे। वापस लौटते समय स्कूटी सवार दो युवकों ने उन पर फायरिंग कर दी।

सबसे हैरानी की बात यह है कि जहां वारदात हुई, वहां से पुलिस मुख्यालय महज 500 मीटर तथा देहरादून प्रेस क्लब चंद कदम की दूरी पर स्थित है।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और पूरे क्षेत्र की घेराबंदी कर जांच शुरू कर दी। गोली लगने से युवक की मौके पर ही मौत हो गई। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
घटना कोतवाली डालनवाला क्षेत्र की बताई जा रही है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आरोपी स्कूटी पर सवार होकर आए और वारदात को अंजाम देने के बाद फरार हो गए।
घटना के बाद बाजार में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है। साथ ही आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए शहर के प्रमुख चेक पोस्टों पर चेकिंग अभियान तेज कर दिया गया है।
फिलहाल, हत्या के कारणों का पता लगाया जा रहा है। पुलिस का कहना है कि जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर मामले का खुलासा किया जाएगा।

गौरतलब है कि देहरादून जिले में दो सप्ताह के भीतर यह चौथी हत्या है। इससे पहले 29 जनवरी को विकासनगर क्षेत्र में एक छात्रा की हत्या हुई थी। 31 जनवरी को ऋषिकेश में एक महिला प्रीति रावत की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। जबकि 2 फरवरी को देहरादून के मच्छी बाजार में गुंजन नामक युवती की चापड़ से हत्या कर दी गई थी। इन घटनाओं ने राजधानी में कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
इसके अतिरिक्त, काशीपुर में किसान सुखवंत सिंह की आत्महत्या और लक्सर में पुलिस अभिरक्षा में बदमाश विनय त्यागी की हत्या की घटनाओं ने भी प्रदेश की कानून-व्यवस्था को लेकर चिंता बढ़ा दी है।



