गृह सचिव से चिह्नीकरण प्रक्रिया और क्षैतिज आरक्षण पर वार्ता
देहरादून। राज्य आंदोलनकारियों ने सचिवालय पर मांगों को लेकर जबरदस्त प्रदर्शन और सत्याग्रह किया।
इस मौके पर राज्य आंदोलनकारी चिह्नीकरण, 10 फीसदी क्षैतिज आरक्षण और पुलिस भर्ती में आंदोलनकारी के चिन्हित बच्चों को नौकरी न दिए जाने के विरोध में नारे लगाए।
उत्तराखंड आंदोलनकारी मंच के अध्यक्ष जगमोहन सिंह नेगी महासचिव रामलाल खडूडी प्रवक्ता प्रदीप कुकरेती और चिन्हित राज्य आंदोलनकारी संयुक्त समिति के केंद्रीय मुख्य संरक्षक पूर्व मंत्री धीरेंद्र प्रताप ने राज्य सरकार से मांग की कि वह जल्द से जल्द क्षैतिजआरक्षण को लागू करें।
उन्होंने कहा कि जो लोग चिन्हित हो गए हैं और नौकरियों के लिए चुने गए हैं उन लोगों को जल्द से जल्द सरकारी नौकरी में समाहित करें।
इस मौके पर आनंद सिंह राणा, सुलोचना भट्ट, वीर सिंह लिंगवाल समेत अनेक लोगों ने आंदोलनकारी को संबोधित किया ।
बाद में शाम 4:30 बजे आंदोलनकारी का एक पांच सदस्य शिष्टमंडल ने गृह सचिव से वार्ता की।
गृह सचिव बगोली ने आंदोलनकारियों को आश्वासन दिया कि अभी यह मामला विधि विभाग के अंदर परीक्षण के लिए गया हुआ है।
चिह्नीकरण के मामले में भी गृह सचिव ने आंदोलनकारियों को आश्वासन दिलाया कि राज्य के कानून विभाग से पुलिस भारतीयों को लेकर नियमावली के सवाल पर सलाह मांगी गई है।
चुने गए बच्चों के लिए सीटे खाली रखी गई हैं, और एक भी बच्चे को नौकरी से वंचित नहीं रखा जाएगा।
इस मौके पर राजस्थान के प्रकरण को भी प्रमाण के तौर पर शासन के सम्मुख रखा गया।



