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Tuesday, March 3, 2026
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राज्य कर्मचारी परिषद की बड़ी मांग: अब तक नहीं मिला वेतन, जिम्मेदारियों का बोझ बढ़ा

राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद ने उठाई वेतन भुगतान की मांग, मुख्य सचिव से की भत्तों में सुधार और लंबित प्रकरणों पर बैठक की अपील

देहरादून। राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद उत्तराखंड के प्रदेश अध्यक्ष अरुण पांडे और महामंत्री शक्ति प्रसाद भट्ट ने शुक्रवार को सचिवालय में मुख्य सचिव उत्तराखंड से मुलाकात कर राज्य कर्मचारियों की विभिन्न मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपा। परिषद ने विशेष रूप से मार्च माह का वेतन शीघ्र आहरित किए जाने की मांग की, ताकि कर्मचारियों को अप्रैल माह में आने वाली आर्थिक आवश्यकताओं का सामना करने में कठिनाई न हो।

प्रदेश अध्यक्ष अरुण पांडे ने बताया कि अप्रैल का महीना कर्मचारियों के लिए वित्तीय दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण होता है। इस माह में पाल्यों की स्कूल फीस, यूनिफॉर्म, और गृह ऋण की किश्तें आदि देनदारी होती हैं। ऐसे में यदि मार्च का वेतन समय पर नहीं मिलता, तो हजारों कर्मचारियों को आर्थिक संकट का सामना करना पड़ता है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार पहले ही मार्च वेतन भुगतान के आदेश जारी कर चुकी है, ऐसे में उत्तराखंड में भी इसी तरह की पहल अपेक्षित है।

महामंत्री शक्ति प्रसाद भट्ट ने बताया कि परिषद ने मुख्य सचिव से यात्रा भत्ता (टीए) और वाहन भत्ता (सीसीए) की दरों में सुधार की भी मांग की है। इसके साथ ही वर्कचार्ज कर्मचारियों की पेंशन के मुद्दे पर मंत्रिमंडलीय उपसमिति की बैठक में लिए गए निर्णय को सार्वजनिक करने की मांग की गई है।

परिषद ने यह भी आग्रह किया कि मुख्य सचिव की अध्यक्षता में राज्य कर्मचारियों से जुड़े लंबित प्रकरणों पर शीघ्र बैठक बुलाई जाए, ताकि इन मामलों का जल्द समाधान निकाला जा सके। परिषद का कहना है कि कर्मचारियों की समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर सुलझाया जाना चाहिए, जिससे प्रशासन और सेवाओं की कार्यक्षमता में भी सुधार हो सके।

परिषद ने आशा जताई कि राज्य सरकार कर्मचारियों की मांगों पर गंभीरता से विचार करेगी और शीघ्र सकारात्मक निर्णय लेगी

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