7.8 C
New York
Wednesday, January 14, 2026
spot_img

15 जनवरी तक तैयार होगी ट्रैकिंग व माउंटेनियरिंग की एकीकृत नीति

नई चोटियां खोलने और जबरखेत मॉडल लागू करने के निर्देश

देहरादून। मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन की अध्यक्षता में सोमवार को सचिवालय में वन विभाग के अंतर्गत इको टूरिज्म से संबंधित उच्चाधिकार प्राप्त समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में प्रदेश में इको टूरिज्म की संभावनाओं, नीतिगत सुधारों और संरचनात्मक विकास पर विस्तार से चर्चा की गई।

मुख्य सचिव ने कहा कि उत्तराखंड का अधिकांश भूभाग वनाच्छादित है, जिससे प्रदेश में इको टूरिज्म की अत्यधिक संभावनाएं हैं। उन्होंने निर्देश दिए कि इको टूरिज्म की संभावनाओं को तलाशते हुए ऐसे स्थलों की पहचान कर उन्हें विकसित किया जाए, जो इको टूरिज्म के लिए मजबूत इको-सिस्टम तैयार करें।

उन्होंने ट्रैकिंग और माउंटेनियरिंग के लिए एकीकृत नीति तैयार करने के निर्देश देते हुए कहा कि इसे 15 जनवरी तक अंतिम रूप देकर शासन को प्रस्तुत किया जाए। नीति तैयार करने से पूर्व निजी स्टेकहोल्डर्स से संवाद करने पर भी उन्होंने जोर दिया, ताकि नीति लागू होने के बाद व्यवहारिक समस्याओं से बचा जा सके। इसके साथ ही ट्रैकिंग के लिए नई चोटियां खोलने की दिशा में कार्य करने, पर्यावरण ऑडिट सहित सभी आवश्यक औपचारिकताएं पूर्ण करने तथा शीघ्र एसओपी जारी करने के निर्देश दिए गए।

मुख्य सचिव ने चौरासी कुटिया के जीर्णोद्धार कार्य को शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश देते हुए कार्यदायी संस्था को सभी कार्यों की स्पष्ट टाइमलाइन निर्धारित करने को कहा। उन्होंने लक्ष्य निर्धारित कर समयबद्ध कार्य पूर्ण करने पर जोर दिया।

इको टूरिज्म के लिए जबरखेत मॉडल को अन्य चिन्हित इको टूरिज्म स्थलों पर भी लागू किए जाने के निर्देश दिए गए। इसके लिए संभागीय वन अधिकारियों को टास्क सौंपते हुए कहा गया कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में इको टूरिज्म को बढ़ावा देने की कार्ययोजना तैयार करें। साथ ही 10 चिन्हित इको टूरिज्म साइट्स का प्लान एक माह के भीतर शासन को भेजने के निर्देश दिए गए।

वन क्षेत्रों में पर्यटन गतिविधियों के संचालन के लिए एक प्रभावी मैकेनिज्म तैयार करने पर भी जोर दिया गया। मुख्य सचिव ने कहा कि इन गतिविधियों के संचालन की जिम्मेदारी इको टूरिज्म डेवलपमेंट बोर्ड को दी जा सकती है, क्योंकि बोर्ड का गठन इसी उद्देश्य से किया गया है। उन्होंने बोर्ड को सशक्त बनाने, मैनपावर बढ़ाने और बजट में प्रावधान करने के निर्देश दिए।
अपर सचिव वन को इको टूरिज्म डेवलपमेंट बोर्ड के लिए नया बजट हेड खोलने के निर्देश दिए गए, ताकि उत्तराखंड पर्यटन विकास बोर्ड की तर्ज पर ईटीडीबी को भी अनुदान दिया जा सके। इको टूरिज्म साइट्स के संचालन हेतु बोर्ड के माध्यम से शीघ्र एमओयू किए जाने की बात भी कही गई।

मुख्य सचिव ने इको टूरिज्म से संबंधित हाईपावर समिति की बैठक प्रत्येक माह आयोजित कराने के निर्देश दिए। साथ ही प्रदेशभर में पर्यटन से जुड़े लोगों के लिए फॉर्मल ट्रेनिंग प्रोग्राम शुरू करने, प्रशिक्षण उपरांत प्रमाण पत्र प्रदान करने और सर्टिफिकेशन को एक ही स्थान पर एंकर करने की आवश्यकता पर भी बल दिया। प्रशिक्षण एवं प्रमाणीकरण की जिम्मेदारी पर्यटन विभाग को सौंपी गई तथा उच्च शिक्षा विभाग से भी इस संबंध में सुझाव लेने को कहा गया।

बैठक में सचिव दीपेंद्र कुमार चौधरी, पीसीसीएफ रंजन कुमार मिश्रा, सीसीएफ इको टूरिज्म पी.के. पात्रो, अपर सचिव हिमांशु खुराना सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

Related Articles

Stay Connected

0FansLike
3,912FollowersFollow
0SubscribersSubscribe
- Advertisement -spot_img

Latest Articles