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Monday, April 22, 2024
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गाँधी जयंती पर दून पुस्तकालय एवं शोध केंद्र में विभिन्न कार्यक्रम

देहरादून। दून पुस्तकालय एवं शोध केंद्र की ओर से गाँधी और उनका सन्देश कार्यक्रम के तहत विभिन कार्यक्रम आयोजित किये गये। कार्यक्रम का शुभारम्भ गांधी के प्रिय भजन ‘वैष्णव जन तो तैने कहिए…‘ से हुआ। कार्यक्रम में उपस्थित जनों का स्वागत करते हुए दून पुस्तकालय एवं शोध केंद्र के सलाहकार प्रो. बी. के. जोशी ने गांधी के व्यक्तित्व और उनके कार्यो पर प्रकाश डालते हुए उन्हें सत्य ,अहिंसा और प्रेम का असल पुजारी बताया। प्रो. जोशी ने बापू के स्वावलम्बन के प्रति उनकी प्रबल पक्षधरता और धार्मिक-सामाजिक-जातिगत समानता के विचार व दर्शन को आज के इस कठिन दौर में अत्यधिक प्रासंगिक बताते हुए समाज को आज उस विचारधारा की राह पर चलने की आवश्यकता बताई। गांधीवादी विचारक बिजू नेगी ने आज के कार्यक्रमों की रुपरेखा व उसके उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए जानकारी प्रदान की।

इस अवसर पर दून पुस्तकालय एवं शोध केन्द्र की ओर से प्रकाशित मोनोग्राफ ळंदकीप पद लेखक डाॅ. मनोज पंजानी तथा गांधी की उत्तराखण्ड यात्राओं पर आधारित उत्तराखंड में गांधी मानचित्र का भी लोकार्पण किया गया। इसके बाद स्कूली छात्रों की ओर से गायन, संभाषण व नाटिकाओं के प्रदर्शन का कार्यक्रम आयोजित हुआ। शहर के कुछ विद्यालयों के विद्यार्थियों,अध्यापिकाओं और अन्य लोगों की उपस्थिति रही। इनमें डी.डब्ल्यू.टी. काॅलेज की संजना कोहली व सुरभि गैरोला ने एकल गीत तथा गुंजन त्रिपाठी व हिमाद्रि ने गांधी विचार पर अपना संभाषण प्रस्तुत किया। कन्या गुरुकुल कैम्पस की छात्राओं प्रतिभा श्रीवास्तव, नंदिता चक्रवर्ती,भैरवी, सुनीता , रीना व शिर्वाचनी ने समूह गान किया। नेताजी सुभाष चन्द्र बोस बालिका छात्रावास की छात्राओं की ओर से एक लघु नाटिका की प्रस्तुति दी गयी इसमें स्तुति,दुर्गा, अमिषा, अंकिता, मीनाक्षी ने भूमिका निभाई। दून विश्वविद्यालय के रंगमंच विभाग के प्रमुख डाॅ. राकेश भट्ट के निर्देशन में सृजन डंगवाल, अंशुमान, रिपुल वर्मा, चन्द्रभान, अरुण च निखिलेश ने नाटक का प्रस्तुतिकरण किया। इसके अलावा सृजन जोशी व रजनी शर्मा ने कविता व गीत की प्रस्तुति दी। कन्या गुरुकुल कैम्पस की रोहिणी, अंजलि व राधिका द्वारा बनाई रंगोली भी आकर्षण का केन्द्र रही।

बापू पर केन्द्रित प्रदर्शनी आज के कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण थी। इस प्रदर्शनी में एक ओर प्रतिभागी विद्यार्थियों द्वारा बनाये गए गाँधी के विविध चित्र थे। वहीं उनके जीवन यात्रा को दर्शाती 100 पोस्टरों की चित्र माला का प्रदर्शन अजीम जी प्रेम जी फाउंडेशन के सौजन्य से किया गया। दून पुस्तकालय एवं शोध केंद्र के संस्थापक अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्य सचिव स्व. सुरजीत किशोर दास की पहल पर बनवाये गये दुर्लभ पोस्टर व मशहूर व्यंग्यकारों के गांधी कार्टून्स के साथ ही उनके निजी संग्रह से एकत्रित विश्व के 144 से अधिक देशों द्वारा गांधी जी के सम्मान में जारी किये डाक टिकटों की शानदार प्रदर्शनी लगाई गई है। उल्लेखनीय है कि पूर्व में ही स्व. दास इन दुर्लभ डाक टिकटों के संस्थान के संग्रहालय को भेंट कर चुके हैं। प्रदर्शनी में संस्थान के पुस्तकालय में रखी गई विविध गांधी साहित्य की पुस्तके जिनकी संख्या 600 के लगभग है उनकी एक सूची भी प्रदर्शित की गई है। कार्यक्रम में प्रतिभाग करने आये विद्यार्थियों के अलावा अन्य लोगों ने इस प्रदर्शनी का अवलोकन किया और इसकी सराहना की। संस्थान के भूतल की लाॅबी में मूर्तिकार प्रदीप शर्मा द्वारा बनाई गयी बापू की आदमकद मूर्ति भी विशेष आकर्षण का केन्द्र रही। द्विजेन सेन मेमोरियल कला केन्द्र के कर्नल वी.के. दुग्गल के सौजन्य इस मूर्ति को प्रदर्शन के तौर पर यहां पर रखा गया है। कार्यक्रम से पूर्व इनकी प्रतिमा पर पुष्प भी अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि भी दी गई।

आज ही शाम को अंजलि भरतरी के संचालन में 5 बजे ऑनलाइन के माध्यम से एक वार्ता भी आयोजित की गयी जिसमें उत्तराखण्ड के हरिद्वार, देहरादून, मसूरी, नैनीताल, अल्मोड़ा, कौसानी व बागेश्वर में गांधी यात्रा से जुड़े विषयों पर समाज सेवी राधा बहन, नीमा बहन, सदन मिश्रा, डाॅ. योगेश धस्माना, राजीव लोचन साह, सुनील भट्ट व बिजू नेगी ने बात की।
कार्यक्रम का संचालन गांधीवादी विचारक बिजू नेगी ने किया। अंत में धन्यवाद ज्ञापन प्रोग्राम एसोसिएट चन्द्रशेखर तिवारी ने किया।

इसके बाद लोगों ने प्रदर्शनी और जुगल पेटशाली लोक संग्रहालय का अवलोकन किया। यह प्रदर्शनी आगामी हफ्ते भर तक चलती रहेगी।

इस अवसर पर दून विश्वविद्यालय, कन्या गुरुकुल , डी.डब्ल्यू टी कॉलेज, नेता जी सुभाष चन्द्र बोस बालिका छात्रावास आर्यन बाल विकास ग्रुप के छात्र व अध्यापिकाएं व अजीम प्रेम जी फाउंडेशन के सदस्य उपस्थित रहे। कार्यक्रम में कुसुम रावत, विनीता चौधरी, चंद्रा भण्डारी, मोहन पाठक, अनूप बडोला, प्रिया जायसवाल, रवि जीना,सुंदर सिंह बिष्ट, जगदीश सिंह महर, डाॅ. योगेश धस्माना, प्रशा.अधिकारी कर्नल रौतेला, जे बी गोयल, डॉ.रविचोपडा, विजय भट्ट, चन्दन नेगी, मदन बिष्ट, गामा चंद सहित अनेक साहित्यकार, गांधी विचारक, अध्येता, पुस्तक प्रेमी, लेखकों के अलावा दून पुस्तकालय एवं शोध केन्द्र के युवा पाठक व अन्य सदस्य गण उपस्थित थे।

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