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Wednesday, January 14, 2026
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धाम में बर्फबारी के वीडियो पोस्ट पर बीकेटीसी सख्त, प्रशासन को पत्र

धाम में बर्फबारी के वीडियो सोशल मीडिया पर पोस्ट करने पर बीकेटीसी सख्त, जिला प्रशासन को लिखा पत्र

केदारनाथ धाम में शीतकालीन अवधि के दौरान हुई बर्फबारी के वीडियो सोशल मीडिया पर पोस्ट किए जाने को लेकर बदरीनाथ केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) ने कड़ी आपत्ति जताई है। इस संबंध में मंदिर समिति के अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने जिला प्रशासन से कार्रवाई की मांग करते हुए पत्र लिखा है। बीकेटीसी का कहना है कि कपाट बंद होने की अवधि में धाम से जुड़े इस तरह के वीडियो और फोटो का प्रसारण पौराणिक मान्यताओं, धार्मिक परंपराओं और तीर्थ पुरोहितों की भावनाओं के विपरीत है।

बीकेटीसी अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने स्पष्ट किया कि केदारनाथ धाम के कपाट शीतकाल के लिए बंद हैं और इस अवधि में धाम में नियमित रूप से देव पूजा का विधान है। पौराणिक मान्यताओं और परंपराओं के अनुसार कपाट बंद होने के बाद अगले छह माह तक धाम में विशेष धार्मिक अनुष्ठान और देव पूजा संपन्न होती है। ऐसे समय में धाम की गतिविधियों से जुड़े वीडियो या फोटो सोशल मीडिया पर साझा करना धार्मिक मर्यादाओं के अनुकूल नहीं है।

उन्होंने कहा कि केदारनाथ धाम करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है और यहां से जुड़ी प्रत्येक परंपरा का विशेष महत्व है। शीतकाल में धाम की पवित्रता और धार्मिक गोपनीयता बनाए रखना सभी की जिम्मेदारी है। इसी को ध्यान में रखते हुए बीकेटीसी ने जिला प्रशासन से आग्रह किया है कि इस तरह के वीडियो प्रसारित करने वालों पर आवश्यक कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

उधर, वरिष्ठ तीर्थ पुरोहित एवं श्री केदार सभा के पदाधिकारी संतोष त्रिवेदी ने भी बीते दिनों सोशल मीडिया पर केदारनाथ धाम में हुई बर्फबारी के वीडियो प्रसारित होने पर आपत्ति दर्ज कराई है। उन्होंने इसे धार्मिक परंपराओं के खिलाफ बताते हुए जिला प्रशासन रुद्रप्रयाग से शिकायत की थी। शिकायत के बाद जिला प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच के आदेश जारी कर दिए हैं।

बीकेटीसी अध्यक्ष द्वारा जिला प्रशासन को पत्र लिखे जाने के बाद यह मामला और गंभीर हो गया है। मंदिर समिति और तीर्थ पुरोहितों का कहना है कि शीतकालीन अवधि में धाम से संबंधित किसी भी प्रकार की फोटो या वीडियो सोशल मीडिया पर पोस्ट न की जाए, ताकि पौराणिक परंपराओं और धार्मिक भावनाओं का सम्मान बना रहे। जिला प्रशासन द्वारा जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।

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