जौनसार बावर में सफर से कांपती है रूह

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चकराता: जौनसार बावर की मुख्य सड़कों पर सफर करने वाले लोगों की एक बार के लिए तो रूह तक कांप जाती है। धंसी व कीचड़ से भरी सड़क, एक ओर खाई तो दूसरी ओर पहाड़ से मलबा गिरने का डर, फिसलते पहिये देखकर सवारियों की धड़कनें तेज हो जाती हैं। डरते-डरते लोग सफर करने को मजबूर हैं। इसके अलावा उनके पास दूसरा को विकल्प भी नहीं है।

वैसे तो जौनसार बावर में सौ से ज्यादा मोटर व संपर्क मार्ग हैं, लेकिन मुख्य सड़कों की दशा इतनी खराब है कि उन पर वर्तमान में सफर करना मुश्किल हो रहा है। क्षेत्र की सड़कों की हालत पहले से ही खस्ता थी, उस पर 16 जून को हुई मूसलाधार बारिश ने लोनिवि के घटिया निर्माणों की पोल खोल कर रख दी। एक साथ जौनसार बावर क्षेत्र की 95 सड़कें आपदा से प्रभावित हो गई थी।

चकराता-कालसी, त्यूणी-चकराता, लाखामंडल-चकराता, मसूरी-चकराता, हरिपुर-मिनस, कालसी-बिराटखाई जैसे मुख्य मार्गो पर कई जगह मलबा आने के साथ ही कई जगह पुश्ते टूट गए हैं। सड़कों पर जगह-जगह इस कदर कीचड़ है कि चालक की जरा सी लापरवाही कई लोगों की जान लील सकती है। वहीं संपर्क मार्ग टुंगरा-रिखाड़, सिलीगाड-कुनैन, खारसी, अणू-चिल्हाड, पुरोडी-रावना-डामठा, हयो-अलसी, ककाड़ी-सकनी, पजिटीलानी-चंदोऊ-केशोऊ, भंजरा-उबरेऊ मार्ग जगह-जगह से कटकर पगडंडी में तब्दील हो गए हैं।

कोटी-लेल्टा, पाटा-मंडोली, डिमऊ-डांडा मार्गो का तो अस्तित्व ही खत्म हो गया है। वहीं करीब 12 मार्ग ऐसे हैं जो कि 55 दिन बाद भी यातायात के लिए नहीं खुल पाए हैं। चकराता के अधिशासी अभियंता नवनीत पांडे का कहना है कि अतिवृष्टि ने वास्तव में कई मार्गो को बदहाल कर दिया है, जिन्हें बरसात बाद ठीक कराया जाएगा।

मात्र तीन मार्ग ही खोल पाया लोनिवि

लोनिवि क्षेत्र के बंद पडे़ 27 मार्गों में से तीन ही खोल पाया। रविवार को भी 24 मार्ग बंद पड़े होने के कारण लोग परेशान हैं। लोनिवि चकराता ने माक्टी कंकनोई व अणू चिल्हाड मार्ग खोले हैं, जबकि लोनिवि साहिया सिर्फ हरिपुर-मीनस मार्ग ही खोल पाया।

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साहिया-क्वानू मार्ग दलदल में तब्दील

साहिया: साहिया-क्वानू मीनस मार्ग किनारे की नालियां व स्क्रबर चोक होने से मार्ग दलदल में तब्दील हो गया है। सड़क पर जगह-जगह कीचड़ जमा होने से मार्ग पर पैदल चलना भी मुश्किल हो गया है। कई बार तो आपातकालीन एंबुलेंस 108 तक फंसने से मरीजों की जान पर बन आती है। खास बात यह है कि इसी मार्ग पर लोनिवि का अपना कार्यालय भी है। इसके बावजूद विभाग मार्ग की दशा नहीं सुधार रहा। पहाड़ से रिसने वाला पानी सीधा सड़क पर भरने के कारण पेटिंग उखड़ चुकी है। जगह-जगह गड्ढों में पानी भरा हुआ है। मार्ग पर कई स्थानों पर मलबा पड़ा है, पुश्ते तक टूट चुके हैं। क्वानू मीनस मार्ग बंद होने के कारण हिमाचल व त्यूणी क्षेत्र के सैकड़ों वाहन इसी मार्ग से ही गुजर रहे हैं। लोनिवि साहिया के अधिशासी अभियंता मुकेश परमार के अनुसार साहिया-क्वानू मीनस मोटर मार्ग की हालत सुधारने के निर्देश सहायक अभियंता डीसी पंत को दिए गए हैं। इस मार्ग से हिमाचल प्रदेश के अलावा त्यूणी क्षेत्र के भी वाहनों का भी आवागमन हो रहा है, जिससे मार्ग को ठीक करने में समस्या आ रही है।

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