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Wednesday, January 14, 2026
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संस्कृत ग्रामों में होगा संस्कृत चौपाल का आयोजनः डॉ. धन सिंह रावत

संस्कृत एवं संस्कृत शिक्षा की बैठक में लिये गये कई निर्णय

देहरादून । प्रदेशभर के संस्कृत ग्रामों में प्रत्येक तीन माह में संस्कृत चौपाल लगाई जायेगी। जिसमें संस्कृत भाषा के विकास व आम लोगों को देववाणी संस्कृत के प्रति जागरूक किया जायेगा। संस्कृत चौपाल में भाषा विशेषज्ञ, शोधार्थी और संस्कृत भाष के विद्वान प्रतिभाग करेंगे। इसके अलावा संस्कृत ग्रामों के मुख्य द्वार भी संस्कृत भाषा में उत्कीर्ण किये जायेंगे।

सूबे के संस्कृत शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने आज विधानसभा स्थित सभाकक्ष में संस्कृत विभाग की समीक्षा बैठक ली। जिसमें देववाणी संस्कृत के संवर्द्धन व संरक्षण को लेकर कई अहम निर्णय लिये गये हैं। डॉ. रावत ने कहा कि संस्कृत के विकास के लिये प्रदेश के प्रत्येक जनपद में चयनित संस्कृत ग्रामों में प्रत्येक तीन माह में संस्कृत चौपालों का भव्य आयोजन किया जायेगा। इन चौपालों में संबंधित जिलाधिकारी सहित प्रदेश के संस्कृत भाषा विद्वान, शोधार्थी, संस्कृत शिक्षक एवं विभागीय अधिकारी प्रतिभाग करेंगे। जिसमें संस्कृत के विकास और आम लोगों को संस्कृत भाषा से जोड़ने के साथ ही संस्कृत भाषा में संवाद स्थापित करने के लिये प्रेरित किया जायेगा ताकि वह संस्कृत भाषा को अपने दैनिक जीवनचर्या में उपयोग में ला सके। इसके अलावा विभिन्न शिक्षण संस्थानों में संस्कृत गोष्ठि एवं प्रदर्शनियों का भी आयोजन किया जायेगा। विभागीय मंत्री ने अधिकारियों को संस्कृत भाषा के प्रचार-प्रसार के दृष्टिगत संस्कृत ग्रामों के मुख्य द्वार भी संस्कृत भाषा में उत्कीर्ण करने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि संस्कृत ग्रामों को और विकसित करने के लिये केन्द्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय एवं राज्य संस्कृत विश्वविद्यालय का विशेष सहायोग लिया जा रहा है। इसके लिये उन्होंने दोनों ही विश्वविद्यालय के अधिकारियों की सराहना की। उन्होंने कहा कि राज्य के संस्कृत ग्राम के युवाओं एवं महिलाओं को समय-समय पर राजभवन, मुख्यमंत्री आवास, विधानसभा एवं केन्द्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय के देवप्रयाग परिसर व उत्तराखंड संस्कृत विश्वविद्यालय हरिद्वार का शैक्षणिक भ्रमण भी कराया जायेगा।

बैठक में सचिव संस्कृत दीपक कुमार, कुलपति संस्कृत विश्वविद्यालय दिनेश चन्द्र शास्त्री, अपर सचिव संस्कृत शिक्षा कवीन्द्र सिंह, निदेशक संस्कृत शिक्षा कंचन देवराड़, अनुसचिव संस्कृत शिक्षा गीता शरद, वित्त अधिकारी संस्कृत अकादमी सतेन्द्र प्रसाद डबराल, सचिव उत्तराखंड संस्कृत अकादमी प्रो. मनोज किशोर पंत, कुलसचिव संस्कृत विश्वविद्यालय दिनेश कुमार सहित अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।

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