स्कूटी से सप्लाई करने जा रहे थे नशा तस्कर, दो आरोपी गिरफ्तार
देहरादून। एसटीएफ की एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (एएनटीएफ) और सेलाकुई पुलिस की संयुक्त टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 1.521 किलोग्राम कैटामाइन बरामद कर दो नशा तस्करों को गिरफ्तार किया है।
मादक पदार्थ की कीमत 15 लाख बताई जा रही है।
दोनों आरोपियों के खिलाफ थाना सेलाकुई में एनडीपीएस एक्ट की धारा 8/22(सी)/29/60 के तहत मुकदमा दर्ज कर वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।
एसटीएफ के एसएसपी अजय सिंह ने बताया कि एएनटीएफ को मिले इनपुट के आधार पर संयुक्त टीम ने सेलाकुई क्षेत्र में घेराबंदी कर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया। आरोपी स्कूटी की डिक्की में कैटामाइन छिपाकर ले जा रहे थे। मौके पर मौजूद औषधि निरीक्षक ने बरामद मादक पदार्थ की पहचान कैटामाइन के रूप में की।
प्रारंभिक पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे खैरी गांव स्थित बर्थवाल के आम के बगीचे के पास एक अज्ञात व्यक्ति को इसकी आपूर्ति करने जा रहे थे। पुलिस अब मादक पदार्थ के स्रोत, इसकी आपूर्ति श्रृंखला और इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश में जुटी है।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान शुभम कुमार निवासी जमनपुर, सेलाकुई तथा अंकित तिवारी निवासी हरदोई (उत्तर प्रदेश), हाल निवासी सेलाकुई के रूप में हुई है।
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 1.521 किलोग्राम कैटामाइन, एक जूपिटर स्कूटी और दो मोबाइल फोन बरामद किए हैं।
एसएसपी अजय सिंह ने आमजन से नशा तस्करी की सूचना तत्काल पुलिस अथवा एसटीएफ-एएनटीएफ को देने की अपील करते हुए कहा कि “ड्रग्स फ्री देवभूमि” अभियान के तहत नशा तस्करों और संगठित ड्रग्स नेटवर्क के खिलाफ कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।
देहरादून। पेपर लीक को लेकर देश भर में चल रहे आंदोलन के बीच प्रदेश के टेक्निकल विवि की परीक्षा के प्रश्न पत्र लीक होने से खलबली का माहौल है। हालांकि, इस सनसनीखेज प्रश्न पत्र लीक के आरोपी सहायक प्रोफेसर आशीष कुमार गुप्ता को गिरफ्तार कर लिया है। लेकिन आरोपी के अन्य सहयोगी अभी पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि उत्तराखंड सरकार युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति पर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि चाहे भर्ती परीक्षाएं हों या विश्वविद्यालय की परीक्षाएं, किसी भी प्रकार की नकल, प्रश्नपत्र लीक या परीक्षा प्रणाली की गोपनीयता भंग करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में लागू सख्त नकलरोधी कानून और लगातार की जा रही कार्रवाई के परिणामस्वरूप विभिन्न मामलों में अब तक 100 से अधिक नकल माफियाओं एवं उनके सहयोगियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य प्रदेश के मेहनती और प्रतिभाशाली युवाओं को निष्पक्ष एवं पारदर्शी परीक्षा व्यवस्था उपलब्ध कराना है और इस दिशा में अभियान आगे भी पूरी सख्ती से जारी रहेगा।
गौरतलब है कि दून पुलिस ने उत्तराखण्ड प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (यूटीयू) की सेमेस्टर परीक्षा का प्रश्नपत्र आउट करने के आरोप में शिवालिक कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग, झाझरा के सहायक प्रोफेसर आशीष कुमार गुप्ता को गिरफ्तार किया है।
कोतवाली प्रेमनगर में परीक्षा नियंत्रक डॉ. विनय कुमार पटेल की तहरीर पर दर्ज मुकदमे के अनुसार 8 जुलाई को आयोजित यूटीयू की सम-सेमेस्टर परीक्षा से पहले आरोपी सहायक प्रोफेसर ने व्हाट्सएप ग्रुप के माध्यम से परीक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण प्रश्न छात्रों के साथ साझा किए थे।
परीक्षा संपन्न होने के बाद प्रश्नपत्र का मिलान करने पर साझा किए गए प्रश्नों में काफी समानता पाई गई। विश्वविद्यालय की आंतरिक जांच समिति ने भी अपनी जांच में पाया कि परीक्षा से पूर्व छात्रों के व्हाट्सएप ग्रुप एवं अन्य माध्यमों पर समान प्रश्न साझा किए गए थे।
प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देहरादून के निर्देश पर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए साक्ष्य संकलित किए और 23 जुलाई को आरोपी सहायक प्रोफेसर को गिरफ्तार कर लिया।
मामले में बरामद इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की जांच की जा रही है तथा इस पूरे नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच जारी है। इस प्रकरण में पेपर लीक गैंग में कई और भी आरोपी होने की पूरी संभावना जताई जा रही है।
उल्लेखनीय है कि ‘अविकल उत्तराखण्ड” ने 22 जुलाई को यूटीयू की जांच के बाद हुए एक्शन को प्रमुखता से उजागर कर पाठकों तक पहुंचाया था। मौके की नजाकत भांप कांग्रेस समेत अन्य संगठनों ने पेपर लीक को लेकर यूटीयू की परीक्षा प्रणाली को कठघरे में खड़ा कर दिया है। और उच्च स्तरीय कार्रवाई की मांग करते हुए आंदोलन की चेतावनी दी है।और बदरीनाथ मंदिर चढ़ावा चोरी के साथ चुनावी मुद्दा बनाने का भी ऐलान किया है।
परीक्षा गोपनीयता भंग करने के आरोप में कार्रवाई, इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की जांच जारी
देहरादून। उत्तराखण्ड तकनीकी विश्वविद्यालय (यूटीयू) की सम-सेमेस्टर परीक्षा के प्रश्नपत्र लीक मामले में पुलिस ने शिवालिक कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग, झाझरा के सहायक प्रोफेसर आशीष कुमार गुप्ता को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि उन्होंने परीक्षा से पहले व्हाट्सएप ग्रुप और छात्रों के आंतरिक पोर्टल के माध्यम से प्रश्नपत्र से मेल खाते महत्वपूर्ण प्रश्न साझा कर छात्रों को अनुचित लाभ पहुंचाने का प्रयास किया।
पेयर लीक मामले के सामने आते ही सीएम धामी ने कड़े एक्शन लेने के निर्देश दिए थे।
यूटीयू के परीक्षा नियंत्रक डॉ. विनय कुमार पटेल की तहरीर पर कोतवाली प्रेमनगर में मुकदमा दर्ज किया गया। शिकायत के अनुसार, विश्वविद्यालय को एक ई-मेल के माध्यम से जानकारी मिली थी कि 3 जुलाई को आयोजित परीक्षा से पूर्व आरोपी ने छात्रों के साथ महत्वपूर्ण प्रश्न साझा किए थे। परीक्षा के बाद जब इन प्रश्नों का वास्तविक प्रश्नपत्र से मिलान किया गया, तो उनमें काफी समानता पाई गई।
विश्वविद्यालय की आंतरिक जांच समिति की जांच में भी यह तथ्य सामने आया कि आरोपी सहायक प्रोफेसर ने परीक्षा से पूर्व परीक्षा से संबंधित प्रश्न छात्रों के साथ साझा किए थे। इसके बाद पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 316, 318 (4) और 61 (2) के तहत मुकदमा दर्ज किया।
मामले की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी परमेन्द्र डोभाल के निर्देश पर पुलिस ने साक्ष्यों और दस्तावेजों के आधार पर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस उसके इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की जांच कर रही है तथा इस प्रकरण में अन्य संभावित आरोपियों की संलिप्तता की भी जांच की जा रही है। साक्ष्य मिलने पर उनके विरुद्ध भी नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
आशीष कुमार गुप्ता मूल रूप से शाकुम्भरी विहार, सहारनपुर (उत्तर प्रदेश) का निवासी है और शिवालिक कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग, झाझरा में सहायक प्रोफेसर के पद पर कार्यरत था।
देहरादून। थाना राजपुर पुलिस ने खुद को आईपीएस अधिकारी, वरिष्ठ सैन्य अधिकारी, रॉ एजेंट, सीआरपीएफ अधिकारी समेत विभिन्न केंद्रीय एजेंसियों का अधिकारी बताकर लोगों से लाखों रुपये की ठगी करने वाले एक शातिर आरोपी को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपी राज्य के पूर्व मुख्य सचिव एस. रामास्वामी का पुत्र है।
आरोपी लोगों को नौकरी दिलाने, कंपनी का पंजीकरण कराने और सरकारी काम कराने का झांसा देकर उन्हें अपने प्रभाव में लेता था।
गिरफ्तार आरोपी आर. यशोवर्धन (35) पुत्र एस. रामास्वामी निवासी ऑफिसर्स रेजिडेंशियल कॉलोनी, आईएचएम कैंपस, गढ़ी कैंट, देहरादून है।
पुलिस के अनुसार, आरोपी एक सेवानिवृत्त वरिष्ठ अधिकारी का पुत्र है। उसका सपना आईपीएस अधिकारी बनने का था। उसने कई वर्षों तक यूपीएससी परीक्षा की तैयारी की, लेकिन सफलता नहीं मिलने पर उसने फर्जी अधिकारी बनकर लोगों को ठगना शुरू कर दिया।
पहले मामले में डाकरा बाजार निवासी अंशुल उपाध्याय ने 8 जुलाई को थाना राजपुर में शिकायत दर्ज कराई थी कि आरोपी ने खुद को वरिष्ठ अधिकारी बताकर होटल जिंजर में बुलाया और उनकी दिवंगत माता के नाम पर कंपनी का शीघ्र पंजीकरण कराने के नाम पर 15 लाख रुपये की धोखाधड़ी की। इस मामले में भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4) सहित अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया।
दूसरे मामले में 15 जुलाई को कैनाल रोड निवासी डॉ. अनुषा ने शिकायत दर्ज कराई कि आरोपी ने खुद को आईपीएस अधिकारी बताते हुए रक्षा मंत्रालय में डाटा साइंस कंसल्टेंट की नौकरी दिलाने का झांसा देकर उनसे 4.60 लाख रुपये ठग लिए। आरोपी ने उन्हें अपने फर्जी विजिटिंग कार्ड और आईडी भी दिखाए थे।
मामले की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी देहरादून के निर्देश पर गठित पुलिस टीम ने घटनास्थलों का निरीक्षण किया, सीसीटीवी फुटेज का विश्लेषण किया और तकनीकी साक्ष्य जुटाए। इसके बाद पुलिस ने मसूरी रोड स्थित सीएसआई तिराहे के पास चेकिंग के दौरान आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।
पूछताछ में आरोपी ने बताया कि बचपन से वह वरिष्ठ अधिकारियों को मिलने वाले प्रभाव और सुविधाओं से प्रभावित था। यूपीएससी परीक्षा में असफल रहने के बाद उसने फर्जी पहचान बनाकर लोगों को नौकरी दिलाने, टेंडर पास कराने और सरकारी कार्यों में मदद का झांसा देकर ठगी शुरू कर दी। उसकी वर्दी, बोलचाल और फर्जी पहचान पत्र देखकर लोग आसानी से उसके झांसे में आ जाते थे।
पुलिस ने आरोपी के कब्जे से पांच फर्जी आईडी कार्ड, आठ फर्जी विजिटिंग कार्ड, पुलिस और सेना के 25 लोगो, सेना एवं पैरामिलिट्री बलों की तीन जोड़ी वर्दियां, तीन फर्जी रिबन, एक वायरलेस सेट तथा एक लैपटॉप बरामद किया है।
आरोपी की गिरफ्तारी में क्षेत्राधिकारी डालनवाला नितिन लोहानी, थानाध्यक्ष राजपुर पी.डी. भट्ट तथा पुलिस टीम के अन्य सदस्यों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
देहरादून। बदरीनाथ चढ़ावा चोरी मामले में चमोली पुलिस ने आरोपी प्रमोद नौटियाल को गिरफ्तार कर लिया।
रविवार की रात लगभग 10 बजे प्रमोद नौटियाल को देहरादून से गिरफ्तार किया गया। अभी कोतवाली बदरीनाथ में पूछताछ चल रही है। पुलिस जल्द ही आरोपी को जिला न्यायालय गोपेश्वर में पेश करेगी।
बद्रीनाथ धाम में चढ़ावा चोरी के चर्चित मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए आरोपी प्रमोद नौटियाल को देहरादून से गिरफ्तार कर लिया है।
देर रात की गई इस कार्रवाई के बाद आरोपी को बद्रीनाथ थाने लाया गया, जहां उससे मामले में गहन पूछताछ की जा रही है।
पुलिस के अनुसार, बदरी-केदार मंदिर समिति (बीकेटीसी) की ओर से चढ़ावा चोरी और हेराफेरी के मामले में प्रमोद नौटियाल के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया था।
मुकदमा दर्ज होने के बाद पुलिस ने तकनीकी और अन्य साक्ष्यों के आधार पर जांच को आगे बढ़ाया और आरोपी को देहरादून से गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस का कहना है कि मामले में आवश्यक पूछताछ और अन्य कानूनी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद आरोपी को न्यायालय में पेश किया जाएगा।
जांच समिति ने गणना कक्ष के वीडियो फुटेज में आरोपी को रुपए ले जाते पाया। इसी के आधार पर आरोपी प्रमोद नौटियाल से पूछताछ की जा रही है।
गौरतलब है कि आरोपी प्रमोद नौटियाल ने हाईकोर्ट में अपने निलंबन के खिलाफ याचिका दायर की है।इस मामले में हाईकोर्ट ने 16 जुलाई की तारीख तय की है।
बद्रीनाथ चढ़ावा (दान) चोरी प्रकरण: अब तक की प्रमुख घटनाओं की टाइमलाइन
2 जुलाई 2026
बद्रीनाथ मंदिर में चढ़ावे की गणना के दौरान कथित अनियमितता और चोरी का आरोप सामने आया।
आरोप है कि गणना के दौरान दान राशि में हेराफेरी की गई। शिकायतकर्ताओं ने दावा किया कि घटना सीसीटीवी में कैद हुई, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि उस समय नहीं हुई।
3 जुलाई 2026
भैरव सेना के संस्थापक संदीप खत्री ने बीकेटीसी के मुख्य कार्याधिकारी को लिखित शिकायत भेजी।
शिकायत में एफआईआर दर्ज कर निष्पक्ष जांच की मांग की गई।
4 जुलाई 2026
मामला सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद बीकेटीसी अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने जांच के आदेश दिए।
प्रारंभिक जांच शुरू हुई और सीसीटीवी फुटेज व दस्तावेज खंगाले जाने लगे।
अध्यक्ष ने स्पष्ट किया कि जिस कर्मचारी को उनका “निजी सचिव” बताया जा रहा है, वह समिति का वैयक्तिक सहायक (पीए) है।
8–9 जुलाई 2026
प्रारंभिक जांच में आरोप प्रथम दृष्टया सही पाए जाने के बाद संबंधित वैयक्तिक सहायक प्रमोद नौटियाल को निलंबित किया गया।
उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई।
राज्य सरकार ने तीन सदस्यीय उच्चस्तरीय जांच समिति गठित की, जिसे पूरे प्रकरण की जांच और भविष्य में व्यवस्था सुधार के सुझाव देने की जिम्मेदारी दी गई।
9 जुलाई 2026
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने घटना को अत्यंत गंभीर बताते हुए कहा कि दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।
उन्होंने मामले को श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़ा बताते हुए कठोर कार्रवाई के निर्देश दिए।
11–12 जुलाई 2026
पुलिस और जांच एजेंसियों ने पूछताछ का दायरा बढ़ाया।
बीकेटीसी के कई कर्मचारियों से पूछताछ की गई और दस्तावेजों व सीसीटीवी की गहन जांच शुरू हुई।
13 जुलाई 2026 (ताजा स्थिति)
प्रमोद नौटियाल को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।
उच्चस्तरीय समिति और पुलिस दोनों स्तरों पर जांच जारी है।
यह भी जांच की जा रही है कि क्या मामला किसी एक कर्मचारी तक सीमित था या इसमें अन्य लोगों की भी भूमिका है।
वर्तमान स्थिति
एक कर्मचारी निलंबित।
एफआईआर दर्ज।
आरोपी से पूछताछ जारी।
उच्चस्तरीय समिति जांच कर रही है।
सीसीटीवी फुटेज, दस्तावेज और गणना प्रक्रिया की समीक्षा की जा रही है।
अब तक किसी अंतिम जांच रिपोर्ट या न्यायिक निष्कर्ष की घोषणा नहीं हुई है।
काशीपुर/हल्द्वानी। ऊधम सिंह नगर जिले के जसपुर क्षेत्र में विकास कार्यों के भुगतान के एवज में रिश्वत मांगने के मामले में सतर्कता अधिष्ठान ने बड़ी कार्रवाई की है। सतर्कता की ट्रैप टीम ने कनिष्ठ अभियंता (जेई) विवेक कुमार को शिकायतकर्ता से 20 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। मामले में ग्राम पंचायत विकास अधिकारी दीपक सागर के विरुद्ध भी नियमानुसार वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
सतर्कता अधिष्ठान के टोल-फ्री नंबर 1064 पर एक पंजीकृत ठेकेदार ने शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायतकर्ता ने बताया कि उसने ब्लॉक जसपुर में वाटर कूलर लगाने का कार्य किया था। इस कार्य के भुगतान के लिए कनिष्ठ अभियंता विवेक कुमार ने 20 हजार रुपये तथा ग्राम पंचायत विकास अधिकारी दीपक सागर ने 12 हजार रुपये रिश्वत की मांग की। शिकायतकर्ता रिश्वत नहीं देना चाहता था, इसलिए उसने सतर्कता अधिष्ठान से शिकायत की।
प्राथमिक जांच में शिकायत सही पाए जाने पर पुलिस अधीक्षक, सतर्कता अधिष्ठान सेक्टर हल्द्वानी के निर्देशन में निरीक्षक के नेतृत्व में ट्रैप टीम का गठन किया गया। सोमवार को ट्रैप टीम ने कुंडा (काशीपुर) में कार्रवाई करते हुए जेई विवेक कुमार को शिकायतकर्ता से 20 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया।
मामले में नामजद दूसरे आरोपी ग्राम पंचायत विकास अधिकारी दीपक सागर के विरुद्ध भी वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। प्रकरण की अग्रिम विवेचना भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत की जा रही है।
सतर्कता निदेशक डॉ. वी. मुरूगेशन ने सफल ट्रैप कार्रवाई करने वाली टीम को नकद पुरस्कार देने की घोषणा की है। उन्होंने आम जनता से अपील की है कि यदि कोई सरकारी अधिकारी या कर्मचारी रिश्वत की मांग करता है तो उसकी शिकायत सतर्कता अधिष्ठान के टोल-फ्री हेल्पलाइन 1064 अथवा व्हाट्सएप हेल्पलाइन 9456592300 पर दर्ज कर भ्रष्टाचार के विरुद्ध अभियान में अपना योगदान दें।
एआई-डीपफेक से वरिष्ठ पुलिस अधिकारी का वीडियो बनाया
पुलिस वर्दी और फर्जी आईडी भी बरामद
देहरादून। साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन देहरादून और एसटीएफ ने उत्तराखंड पुलिस का प्रतिरूपण कर फर्जी इंस्टाग्राम अकाउंट संचालित करने वाले एक युवक को गिरफ्तार किया है। आरोपी सोशल मीडिया पर लोकप्रियता हासिल करने के लिए पुलिस की वर्दी पहनकर फोटो और वीडियो पोस्ट करता था। उसने एआई और डीपफेक तकनीक का इस्तेमाल कर एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी का भ्रामक वीडियो भी तैयार कर सोशल मीडिया पर प्रसारित किया था।
एसटीएफ के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय सिंह ने बताया कि “Uttarakhand_police__112” नाम से संचालित एक इंस्टाग्राम अकाउंट के जरिए उत्तराखंड पुलिस का फर्जी प्रतिरूपण किए जाने की सूचना मिलने पर साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की गई। जांच के दौरान मेटा और अन्य सेवा प्रदाता कंपनियों से प्राप्त डाटा का विश्लेषण किया गया।
तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने क्लेमेनटाउन क्षेत्र में कार्रवाई करते हुए मोरोवाला निवासी 20 वर्षीय लुकमान मलिक को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया कि उसने फर्जी इंस्टाग्राम आईडी बनाकर संचालित की तथा एआई/डीपफेक तकनीक के माध्यम से एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी का परिवर्तित वीडियो तैयार कर सोशल मीडिया पर पोस्ट किया था।
पुलिस के अनुसार आरोपी लोगों पर प्रभाव जमाने और सोशल मीडिया पर लोकप्रियता व आर्थिक लाभ प्राप्त करने के उद्देश्य से पुलिस वर्दी में फोटो और वीडियो बनाता था। उसके कब्जे से एक मोबाइल फोन बरामद हुआ, जिसमें संबंधित फर्जी इंस्टाग्राम आईडी लॉग-इन मिली। मोबाइल की जांच में एआई जनरेटेड वीडियो, पुलिस वर्दी में तस्वीरें तथा फर्जी पुलिस पहचान पत्र की फोटो भी मिली।
इसके अलावा आरोपी के घर से उत्तराखंड पुलिस की वर्दी से मिलते-जुलते वस्त्र और अन्य सामग्री बरामद की गई है। पुलिस ने बरामद सामग्री को सीज कर आगे की जांच शुरू कर दी है। आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता और आईटी एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत कार्रवाई की जा रही है।
देहरादून। राजपुर थाना पुलिस ने 25 हजार रुपये के इनामी भू-माफिया एवं कुख्यात गैंगस्टर विशाल कुमार को गिरफ्तार किया है। आरोपी पर एक वृद्ध एनआरआई महिला की जमीन की फर्जी रजिस्ट्री कराने तथा राजपुर रोड स्थित एक बड़ी भूमि का सौदा कराने के नाम पर करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी करने के आरोप है।
गिरफ्तारी के दौरान उसके कब्जे से एक अवैध 32 बोर पिस्टल और दो जिंदा कारतूस बरामद किए गए हैं।
पुलिस के अनुसार, लक्ष्मण चौक निवासी कमल जिंदल ने थाना राजपुर में शिकायत दर्ज कराई थी कि विशाल कुमार ने अपने साथियों के साथ मिलकर राजपुर रोड पर स्थित एक संपत्ति को बेचने का झांसा देकर उनसे विभिन्न माध्यमों से 6 करोड़ 75 लाख रुपये ले लिए।
इसके बाद न तो संपत्ति की रजिस्ट्री कराई गई और न ही धनराशि वापस की गई। शिकायत के आधार पर थाना राजपुर में धोखाधड़ी, अमानत में खयानत और आपराधिक षड्यंत्र की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया।
जांच के दौरान यह भी सामने आया कि विशाल कुमार के खिलाफ उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश में गैंगस्टर, धोखाधड़ी, जालसाजी, हत्या के प्रयास, आर्म्स एक्ट समेत विभिन्न धाराओं में लगभग दो दर्जन मुकदमे दर्ज हैं। वह कई मामलों में वांछित चल रहा था और लगातार फरार रहने के कारण उसके खिलाफ गैर-जमानती वारंट भी जारी किया गया था।
आरोपी की गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने मुखबिर तंत्र को सक्रिय करने के साथ इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस का सहारा लिया। लगातार निगरानी और दबिश के बाद पुलिस ने 22 जून को आईटी पार्क चौक के निकट तपोवन रोड से उसे गिरफ्तार कर लिया। आरोपी द्वारा इस्तेमाल की जा रही क्रेटा कार (यूके-07 एचबी-1133) को भी सीज कर दिया गया है।
तलाशी के दौरान आरोपी के कब्जे से एक अवैध 32 बोर पिस्टल और दो जिंदा कारतूस बरामद हुए, जिसके आधार पर उसके खिलाफ आर्म्स एक्ट के तहत एक और मुकदमा दर्ज किया गया है।
गिरफ्तार आरोपी विशाल कुमार (46 वर्ष) शांति नगर, भोपा रोड, कूकड़ा, थाना नई मंडी, जनपद मुजफ्फरनगर (उत्तर प्रदेश) का निवासी है। पुलिस के अनुसार वह पूर्व में भी कई बार जेल जा चुका है। उसके खिलाफ दर्ज आपराधिक मामलों की संख्या दो दर्जन से अधिक है। पुलिस अब उसके नेटवर्क और अन्य सहयोगियों की भूमिका की भी जांच कर रही है।
दाखिल-खारिज दर्ज कराने के एवज में 4,500 रुपये की मांग
टोल फ्री 1064 की शिकायत पर कार्रवाई
रुड़की। शिकायतकर्ता द्वारा टोल फ्री नंबर 1064 पर शिकायत दर्ज कराई गई कि तहसीलदार कार्यालय रुड़की में पेशकार का कार्य देख रहा पीआरडी कर्मी संदीप उसकी बहन की भूमि के दाखिल-खारिज को रजिस्टर में दर्ज कराने के एवज में 4,500 रुपये रिश्वत की मांग कर रहा है।
शिकायत की जांच में आरोप प्रथम दृष्टया सही पाए जाने पर थाना सतर्कता सेक्टर देहरादून में मुकदमा दर्ज किया गया। इसके बाद पुलिस अधीक्षक, सतर्कता सेक्टर देहरादून के निर्देशन में ट्रैप टीम का गठन किया गया।
ट्रैप टीम ने 19 जून 2026 को कार्रवाई करते हुए संदीप कुमार पुत्र बीरबल, निवासी थिथोला, थाना मंगलौर, जनपद हरिद्वार, वर्तमान में तहसीलदार कार्यालय रुड़की में तैनात पीआरडी कर्मी, को गिरफ्तार कर लिया। आरोप है कि उसने रिश्वत की मांग की तथा रिश्वत की राशि प्राप्त करने के बाद उसे एक अज्ञात व्यक्ति को देकर साक्ष्य नष्ट करने का प्रयास किया।
विजिलेंस ने आरोपी को तहसीलदार कार्यालय रुड़की से गिरफ्तार कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।
धारदार हथियारों से हमले के बाद पुलिस का कड़ा एक्शन, क्षेत्र में बढ़ाई गई सुरक्षा
कर्णप्रयाग। हेमकुंड साहिब यात्रा से लौट रहे निहंग यात्रियों और स्थानीय व्यापारियों के बीच हुए हिंसक विवाद में न्यायालय ने तीन आरोपियों को जेल भेज दिया है, जबकि एक आरोपी उपचाराधीन होने के कारण पुलिस अभिरक्षा में रखा गया है। घटना के बाद क्षेत्र में अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात कर हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है।
गौरतलब है कि कोतवाली कर्णप्रयाग क्षेत्र के कृष्णा पैलेस होटल के समीप 16 जून को हेमकुंड साहिब यात्रा से लौट रहे कुछ निहंग यात्रियों और स्थानीय व्यापारियों के बीच कहासुनी हो गई। देखते ही देखते विवाद बढ़ गया और चार निहंग यात्रियों ने कथित रूप से तलवार और कृपाण जैसे धारदार हथियारों से हमला कर दिया। हमले में एक व्यापारी सहित चार लोग घायल हो गए।
एसपी सुरजीत पंवार
पीड़ित गजपाल सिंह की तहरीर पर पुलिस ने बीएनएस की विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया। घटना के तुरंत बाद पुलिस ने नाकेबंदी कर तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। उनके कब्जे से तीन कृपाण तथा घटना में प्रयुक्त दो मोटरसाइकिल बरामद की गईं। चौथे आरोपी को अगले दिन कर्णप्रयाग चिकित्सालय से गिरफ्तार किया गया। उसकी निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त तलवार भी बरामद कर ली गई।
गिरफ्तार आरोपियों में जसनप्रीत सिंह, अजय सिंह, सतविंदर सिंह और मनप्रीत सिंह शामिल हैं। सभी आरोपी पंजाब के मोहाली और एसएएस नगर क्षेत्र के निवासी हैं। न्यायालय में पेशी के बाद तीन आरोपियों को जिला कारागार पुरसाड़ी भेज दिया गया, जबकि मनप्रीत सिंह का उपचार जारी है।
घटना के मद्देनजर गौचर-कर्णप्रयाग क्षेत्र में आईटीबीपी और पीएसी की एक-एक कंपनी तैनात की गई है। पुलिस उपाधीक्षक त्रिवेंद्र सिंह राणा क्षेत्र में कैंप कर सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी कर रहे हैं। पुलिस लगातार गश्त और निगरानी अभियान चला रही है।
पुलिस अधीक्षक सुरजीत सिंह पंवार ने कहा कि जनपद में कानून-व्यवस्था बिगाड़ने वालों के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति के तहत कठोर कार्रवाई जारी रहेगी।
वहीं, ‘ऑपरेशन प्रहार’ के तहत चलाए गए विशेष चेकिंग अभियान में चमोली पुलिस ने तीन व्यक्तियों के खिलाफ पुलिस एक्ट के तहत चालानी कार्रवाई की।चेकिंग के दौरान उनके वाहन से हॉकी स्टिक बरामद होने तथा सार्वजनिक स्थान पर अभद्रता करने की शिकायत मिलने पर यह कार्रवाई की गई। पुलिस ने उन्हें भविष्य में शांति व्यवस्था भंग न करने की सख्त चेतावनी दी है।