Category: अपराध

  • रुद्रपुर का दोहरा हत्याकांड: अवैध कब्जे का विरोध करने पर पिता-पुत्र की गोली मारकर हत्या

    रुद्रपुर का दोहरा हत्याकांड: अवैध कब्जे का विरोध करने पर पिता-पुत्र की गोली मारकर हत्या

    रुद्रपुर का दोहरा हत्याकांड: पिता-पुत्र की हत्या, अवैध कब्जे के विरोध में गोलियां चलीं

    रुद्रपुर, ऊधम सिंह नगर: रविवार रात गल्ला मंडी क्षेत्र में एक दिल दहला देने वाली घटना ने पूरे इलाके को हिला कर रख दिया। यहां एक पिता और उसके छोटे बेटे की गोली मारकर हत्या कर दी गई, जबकि बड़ा बेटा किसी तरह अपनी जान बचाने में सफल रहा। यह हत्याकांड अवैध कब्जे का विरोध करने के दौरान हुआ, जब आरोपी हथियारों से लैस होकर अपनी योजना को अंजाम देने पहुंचे थे। यह पूरी घटना न केवल एक हत्या की वारदात थी, बल्कि इसने समाज में अवैध कब्जों के खिलाफ चल रहे संघर्ष को भी उजागर किया।

    कैसे हुई हत्या: अवैध कब्जे का विरोध करने पर गोलीकांड

    घटना रविवार रात लगभग दो बजे की है, जब गुरमेज सिंह (62) और उनके छोटे बेटे मनप्रीत सिंह (28) को गल्ला मंडी में अपनी दुकान पर हो रहे अवैध कब्जे का विरोध करने की सूचना मिली। गुरमेज सिंह ने यह दुकान करीब आठ महीने पहले बैंक की नीलामी में खरीदी थी। उन्हें जब यह जानकारी मिली कि उनके द्वारा खरीदी गई दुकान पर कुछ लोग कब्जा करने की कोशिश कर रहे हैं, तो वह तत्काल अपने छोटे बेटे के साथ बाइक से दुकान की ओर रवाना हो गए। उनके बड़े बेटे सुरेंद्र सिंह उर्फ हनी ने भी उनकी मदद करने के लिए स्कूटी से उनका पीछा किया। जैसे ही वह दुकान पर पहुंचे, उन्होंने देखा कि जेसीबी मशीन से दुकान की दीवार तोड़ी जा रही थी।

    गुरमेज सिंह और मनप्रीत सिंह ने जब उन लोगों को रोकने की कोशिश की, तो हमलावरों ने उन पर गोलियां चलानी शुरू कर दीं। गोली लगने से मनप्रीत सिंह गिर पड़े और उनकी हालत गंभीर हो गई। गुरमेज सिंह को भी गोली लगी, और वह बुरी तरह से तड़पने लगे। सुरेंद्र सिंह उर्फ हनी ने बताया कि उन्होंने अपने पिता को 15 मिनट तक तड़पते हुए देखा। इस बीच, हमलावरों ने सुरेंद्र पर भी गोली चलाई, लेकिन वह किसी तरह जान बचाकर भागने में सफल रहे। उन्होंने इस खौ़फनाक घटना की सूचना पुलिस को दी, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। अस्पताल पहुंचने पर दोनों को मृत घोषित कर दिया गया।

    हनी का दर्द: “भाई और पिता की हत्या मेरी आँखों के सामने हुई”

    सुरेंद्र सिंह उर्फ हनी ने अपनी आपबीती सुनाते हुए बताया कि वह कभी नहीं भूल पाएंगे कि उन्होंने अपने भाई मनप्रीत और पिता गुरमेज सिंह की हत्या का मंजर अपनी आँखों से देखा। उन्होंने कहा कि उनके छोटे भाई मनप्रीत की छाती में गोली लगी, और वह जमीन पर गिर पड़ा। इसके बाद, उनके पिता गुरमेज सिंह को भी गोली मारी गई और वह 15 मिनट तक तड़पते रहे। हनी ने बताया कि वह भागकर किसी तरह अपनी जान बचाने में सफल हुए, अन्यथा वह भी इस कायरतापूर्ण हत्या का शिकार हो सकते थे। उनका कहना था कि ये गोलीबारी कोई आकस्मिक घटना नहीं थी, बल्कि यह एक साजिश का हिस्सा थी।

    दुकान पर कब्जा: अवैध कब्जे का विरोध ही बना मौत का कारण

    गुरमेज सिंह ने अपनी दुकान को बैंक की नीलामी से खरीदी थी, और उनका इस दुकान पर वैध अधिकार था। मगर, यह नहीं पता था कि उनके खिलाफ एक सशस्त्र गिरोह सक्रिय है, जो इस दुकान पर कब्जा करने के लिए किसी भी हद तक जा सकता है। हनी ने बताया कि हमलावरों ने पहले ही उन्हें धमकी दी थी कि यदि वे दुकान खाली नहीं करेंगे तो गंभीर परिणाम भुगतने होंगे। हालांकि, गुरमेज सिंह और उनके परिवार ने इन धमकियों को नजरअंदाज किया और कब्जे का विरोध जारी रखा।

    घटना के बाद, पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए त्वरित कार्रवाई की। घटनास्थल पर पुलिस और फोरेंसिक टीमों ने साक्ष्य जुटाए, और आसपास के सीसीटीवी कैमरों की जांच शुरू की। एसएसपी मणिकांत मिश्रा के नेतृत्व में पुलिस की चार टीमें इस मामले की जांच में जुटी हैं। पुलिस ने हनी की तहरीर पर दो नामजद आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज किया है, जिनमें दिनेश सलूजा और अवधेश सलूजा शामिल हैं। इसके अलावा 10-15 अज्ञात लोगों को भी मामले में आरोपी बनाया गया है।

    इस दोहरे हत्याकांड के मुख्य आरोपी दिनेश सलूजा के पैर में गोली लगने की खबर आई है। कुछ देर बाद, दिनेश नाटकीय तरीके से कोतवाली पुलिस स्टेशन पहुंचा, जहां उसने इलाज के लिए अस्पताल जाने की कोशिश की। पुलिस ने उसकी गिरफ्तारी के लिए कार्रवाई शुरू कर दी, और अब इस गोली का मामला संदिग्ध बन गया है। कुछ लोग इसे पेशबंदी के रूप में देख रहे हैं, क्योंकि दिनेश को गोली लगने के बाद पुलिस से सामना करना पड़ा। पुलिस इस मामले की गहराई से जांच कर रही है, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि यह गोली कैसे लगी और क्या यह घटना का हिस्सा है या कुछ और।

    यह हत्याकांड केवल एक हत्या की घटना नहीं है, बल्कि यह एक बड़ी साजिश का हिस्सा प्रतीत हो रही है। कई लोग मानते हैं कि हमलावर पूरी तैयारी के साथ आए थे और उनके पास अवैध हथियार भी थे। यह घटना एक संकेत हो सकती है कि अवैध कब्जे और संपत्ति विवादों को लेकर अब अपराधियों ने अपनी योजना को और भी संगठित और हिंसक बना दिया है।

    पुलिस इस मामले में तेजी से कार्रवाई कर रही है, और जल्द ही सभी आरोपियों को गिरफ्तार किया जाएगा। एसएसपी मणिकांत मिश्रा ने विश्वास जताया है कि अभियुक्तों को जल्द गिरफ्तार किया जाएगा, और इस हत्याकांड का पर्दाफाश किया जाएगा।

  • दून में नकल गिरोह का सरगना समेत दो गिरफ्तार

    दून में नकल गिरोह का सरगना समेत दो गिरफ्तार

    मास्टरमाइंड दून से पकड़ा गया
    फर्जी अभ्यर्थी के खुलासे से मिला सुराग

    देहरादून। प्रतियोगी परीक्षाओं में अभ्यर्थियों की जगह साल्वर बैठाकर नकल करवा रहे अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश करते हुए दून पुलिस ने गिरोह के सरगना समेत दो लोगों को गिरफ्तार किया है। पकड़े गए आरोपियों के पास से एक लाख रुपये नकद, तीन मोबाइल फोन, एक फर्जी पैन कार्ड और प्रवेश पत्र बरामद किए गए हैं।

    कोतवाली कैंट पुलिस के अनुसार, 20 अप्रैल को के.वी. ओएनजीसी देहरादून में आयोजित सीबीएसई की भर्ती परीक्षा के दौरान एक अभ्यर्थी की पहचान संदिग्ध पाई गई। पूछताछ में उसने स्वीकार किया कि वह किसी और की जगह परीक्षा दे रहा था। गिरफ्तार व्यक्ति की पहचान आयुष कुमार पाठक (बिहार निवासी) के रूप में हुई, जो प्रयागराज में रहकर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहा है।

    आयुष ने पूछताछ में बताया कि वह प्रणव कुमार के लिए काम करता है, जो बिहार और झारखंड के युवाओं से बड़ी रकम लेकर उनकी जगह साल्वर बैठवाता है। इस मामले में भी गौतम कुमार पासवान नामक अभ्यर्थी के स्थान पर परीक्षा दिलवाने के लिए 10 लाख रुपये में सौदा हुआ था। एक लाख रुपये नकद और 25 हजार रुपये पेटीएम के माध्यम से पहले ही दिए जा चुके थे।

    पुलिस टीम ने आयुष की सूचना पर प्रणव कुमार को भी कोलाघाट रोड से गिरफ्तार कर लिया। प्रणव अब तक 15 से अधिक प्रतियोगी परीक्षाओं में फर्जीवाड़ा कर चुका है, जिनमें 8-10 अभ्यर्थियों का चयन भी हुआ है।

    फर्जीवाड़े की प्रक्रिया तकनीकी थी — अभ्यर्थी और साल्वर की तस्वीरों को एक ऐप के माध्यम से मिलाकर एक नया फोटो तैयार किया जाता था, जो पहचान पत्र में लगाया जाता था। उसी फोटो पर आधार पहचान के लिए फर्जी पैन कार्ड बनवाया जाता था। इस बार आधार आधारित बायोमेट्रिक जांच के चलते फर्जीवाड़ा पकड़ में आ गया।

    गिरफ्तार व्यक्ति:

    1. आयुष कुमार पाठक (रोहतास, बिहार)
    2. प्रणव कुमार (नालंदा, बिहार)

    वांछित:
    गौतम कुमार पासवान (धनबाद, झारखंड)

    बरामद सामग्री:

    1 लाख रुपये नकद

    3 मोबाइल फोन

    एक फर्जी पैन कार्ड

    प्रवेश पत्र

    पुलिस टीम:

    प्रभारी निरीक्षक केसी भट्ट, उपनिरीक्षक महादेव उनियाल, कमलेश गौड़, गिरीश चंद, हेड कांस्टेबल जातीराम, कांस्टेबल सूरज राणा, योगेश सैनी और अजय

  • शिक्षक पर दुष्कर्म का केस, समझौते के दबाव में पीड़िता ने खाया जहर

    शिक्षक पर दुष्कर्म का केस, समझौते के दबाव में पीड़िता ने खाया जहर

    प्राथमिक विद्यालय के शिक्षक पर दुष्कर्म का मामला दर्ज, समझौते का दबाव पड़ने पर पीड़िता ने खाया ज़हर

    देहरादून जनपद के चकराता थाना क्षेत्र से एक गंभीर मामला सामने आया है, जहां एक राजकीय प्राथमिक विद्यालय में कार्यरत शिक्षक पर गांव की युवती से दुष्कर्म का आरोप लगा है। पीड़िता के परिजनों का आरोप है कि समझौते का दबाव बनने पर युवती ने ज़हरीला पदार्थ खा लिया। फिलहाल उसकी हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है।

    पीड़िता के भाई की शिकायत पर पुलिस ने आरोपी शिक्षक के खिलाफ दुष्कर्म और जान से मारने की धमकी सहित विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है।

    शिकायतकर्ता के अनुसार, 9 अप्रैल की शाम शिक्षक ने उन्हें फोन कर बगीचे में पेड़ों की निराई और तौलिए बनाने के काम के लिए बुलाया था। अगले दिन, 10 अप्रैल की सुबह उनकी मां ने बहन को मजदूरी के लिए भेजा। युवती पिछले काफी समय से शिक्षक के यहां मजदूरी करती रही है।

    करीब 11:30 बजे, शिक्षक ने उसे तेज धूप से बचने के लिए छांव में बैठने को कहा। उसी दौरान जब वह मोबाइल देख रही थी, शिक्षक ने उसके साथ जबरदस्ती की। पीड़िता के अनुसार, विरोध करने पर आरोपी ने धमकी दी कि घटना के बारे में किसी को बताया तो पूरे परिवार को गंभीर परिणाम भुगतने होंगे।

    पीड़िता की मां को घटना की जानकारी मिलने के बाद उसे घर बुलाया गया, जहां युवती ने पूरी आपबीती सुनाई। बताया जा रहा है कि बिस्सू पर्व के अवसर पर युवती की सगाई होने वाली थी, लेकिन घटना के बाद वह मानसिक रूप से टूट गई और 10 अप्रैल की रात ज़हर खा लिया। हालत बिगड़ने पर पहले उसे स्थानीय अस्पताल और फिर देहरादून रेफर किया गया।

    धमकियों और पंचायत के माध्यम से दबाव बनाने का आरोप

    परिजनों का कहना है कि घटना के बाद से आरोपी शिक्षक और उसके समर्थक लगातार उन्हें समझौते के लिए मजबूर कर रहे हैं। आरोप है कि पंचायतों के जरिए दबाव डालने का प्रयास किया जा रहा है, ताकि मामले को रफा-दफा किया जा सके और आरोपी को कोई कानूनी दंड न मिले। इस दबाव के तहत परिजनों को खुलेआम धमकियां दी जा रही हैं, जिसमें जान से मारने की धमकी भी शामिल है।

    उनका कहना है कि परिवार के सदस्य डर और मानसिक दबाव का सामना कर रहे हैं, और यह पूरी प्रक्रिया पीड़िता और उसके परिवार को और अधिक मानसिक रूप से कष्ट देने वाली है। परिजनों ने यह भी आरोप लगाया कि इस तरह के दबाव के कारण उन्हें सही तरीके से कानूनी कार्रवाई करने में कठिनाई हो रही है।

    यह मामला न केवल दुष्कर्म के आरोप से जुड़ा है, बल्कि इसने एक तरह से समाज में बड़े स्तर पर भय और उत्पीड़न का माहौल भी बना दिया है, जिसमें आरोपी और उसके समर्थक पीड़िता के परिवार को लगातार धमकियां दे रहे हैं और मामले को दबाने का प्रयास कर रहे हैं।

    सीओ विकासनगर बीएल शाह ने बताया कि पीड़िता के भाई की तहरीर के आधार पर आरोपित शिक्षक के खिलाफ दुष्कर्म और अन्य संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर लिया गया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच की जिम्मेदारी कालसी थाने की महिला उपनिरीक्षक को सौंपी गई है।

    सीओ ने यह भी जानकारी दी कि मामले की जांच में सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए उचित कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पीड़िता के बयान और चिकित्सकीय जांच के लिए सोमवार को उसे मेडिकल जांच के लिए भेजा जाएगा, ताकि घटना की पूरी सच्चाई सामने आ सके।

    उन्होंने बताया कि पीड़िता का बयान दर्ज करने के बाद इस मामले में आगे की कार्रवाई की जाएगी और आरोपित के खिलाफ ठोस सबूत जुटाए जाएंगे। महिला उपनिरीक्षक के नेतृत्व में यह जांच पारदर्शिता और संवेदनशीलता के साथ की जाएगी, ताकि पीड़िता को न्याय दिलाने में कोई कोताही न हो।

  • एक करोड़ से अधिक का गांजा ज़ब्त

    एक करोड़ से अधिक का गांजा ज़ब्त

    4 क्विंटल 34 किलो गांजा बरामद

    यूएसनगर पुलिस की नशे के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई

    रुद्रपुर। एसटीएफ और ऊधमसिंहनगर पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में थाना पुलभट्टा क्षेत्र से एक अंतर्राज्यीय तस्कर राजू अली (उ.प्र.) को गिरफ्तार किया गया है।
    आरोपी के कब्जे से 4 क्विंटल 34 किलोग्राम गांजा बरामद हुआ, जिसकी अनुमानित कीमत 1 करोड़ रुपये से अधिक बताई जा रही है। यह मादक पदार्थ आयशर कैंटर (UK06CB4534) के जरिए झारखंड से लाया जा रहा था।

    पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह ट्रक ड्राइवर है और अक्सर झारखंड, बिहार, उड़ीसा जैसे राज्यों में माल पहुंचाता है। इस बार वह रुद्रपुर से एसी लेकर झारखंड गया था और वापसी में सुरेश गुप्ता नामक व्यक्ति के कहने पर गांजा लेकर ऊधमसिंहनगर ला रहा था, ताकि इसे ऊँचे दामों में बेचा जा सके।

    गांजा

    इस मामले में थाना पुलभट्टा पर FIR संख्या 52/2025, धारा 8/20/29/60 NDPS Act के अंतर्गत मुकदमा दर्ज कर आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जा रही है। आरोपी को अदालत में पेश किया जा रहा है।

    टीम को नगद इनाम, जनता से सहयोग की अपील

    पुलिस प्रमुख ने इस कार्रवाई की सराहना करते हुए टीम को नगद इनाम और प्रशंसा पत्र देने की घोषणा की। उनका कहना है कि यह सफलता पुलिस की सतर्कता और प्रतिबद्धता को दर्शाती है और “ड्रग्स फ्री देवभूमि” के लक्ष्य को मजबूती देती है।

    बरामदगी का विवरण:

    04 क्विंटल 34 किलोग्राम गांजा

    आयशर कैंटर वाहन संख्या: UK06CB 4534

    गिरफ्तार आरोपी:

    राजू अली, पुत्र रहमत अली (उम्र 35 वर्ष)
    निवासी ग्राम बेलवा, थाना फरधान, जनपद लखीमपुरखीरी, उत्तर प्रदेश

    वांछित आरोपी:

    सुरेश गुप्ता (पता की पुष्टि जारी)

    जनहित में अपील:

    पुलिस आम नागरिकों से अपील करती है कि नशा तस्करी या उससे जुड़ी किसी भी गतिविधि की सूचना तुरंत नजदीकी थाने या निम्न माध्यमों से साझा करें:

    एनसीबी पोर्टल: https://www.ncbmanas.gov.in/

    टोल फ्री नंबर: 1933

    एसटीएफ उत्तराखण्ड: 0135-2656202 | 9412029536

  • टॉय गन से दबंगई दिखाने वाले युवक गिरफ्तार

    टॉय गन से दबंगई दिखाने वाले युवक गिरफ्तार

    तीन युवक गिरफ्तार, वाहन सिंचाई विभाग में अनुबंधित निकला

    देहरादून। शहर में फर्जी पिस्टल लेकर वाहन में घूमने वाले युवक पुलिस की गिरफ्त में आ गए। देहरादून में कुछ युवकों द्वारा एक वाहन में बैठकर कथित रूप से अवैध असलहे का प्रदर्शन करते हुए वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुई।
    वीडियो में जिस वाहन का उपयोग किया गया, वह टैक्सी नंबर का था और उस पर एक सरकारी विभाग की पट्टी लगी हुई थी।

    वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय सिंह ने वीडियो का संज्ञान लेते हुए तत्काल पुलिस टीम गठित कर आवश्यक कार्यवाही के निर्देश दिए। पुलिस टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए तीनों अभियुक्तों को आईएसबीटी देहरादून के पास से वाहन सहित गिरफ्तार कर लिया।

    शांति भंग व सरकारी पद का छल कर रहे थे युवक, टॉय गन बरामद

    गिरफ्तारी धारा 170 BNSS (सरकारी पद का छल करने) के अंतर्गत की गई। जांच में पता चला कि युवकों द्वारा दिखाई गई पिस्टल असली नहीं, बल्कि एक टॉय गन थी। तीनों के विरुद्ध शांति भंग की आशंका में कार्यवाही की गई है।

    वाहन के बारे में जानकारी जुटाने पर यह तथ्य सामने आया कि वह निजी स्वामित्व का वाहन सिंचाई विभाग में अनुबंधित है। संबंधित विभाग को रिपोर्ट प्रेषित कर दी गई है।

    गिरफ्तार अभियुक्तों के नाम :

    1. मोहम्मद असलम, पुत्र मीर हसन, निवासी हरभज वाला, पटेल नगर, देहरादून

    2. बिलाल हुसैन, पुत्र अनवर हुसैन, निवासी हरभज वाला, देहरादून

    3. दानिश, पुत्र मोनीश, निवासी मेहुवाला माफी खादर, देहरादून

    पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि इस प्रकार की गतिविधियाँ समाज में भ्रम फैलाने वाली हैं और इनके विरुद्ध सख़्त कार्रवाई जारी रहेगी।

  • एसओजी व पुलिस ने IPL सट्टेबाजी में शैलेन्द्र, विजय, जितेन्द्र व सुमित को गिरफ्तार किया

    एसओजी व पुलिस ने IPL सट्टेबाजी में शैलेन्द्र, विजय, जितेन्द्र व सुमित को गिरफ्तार किया

    IPL सट्टेबाजी में 5 गिरफ्तार, एसओजी और पुलिस की बड़ी कार्रवाई

    हल्द्वानी: आईपीएल सट्टेबाजी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत एसओजी और पुलिस की संयुक्त टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए दो अलग–अलग मामलों में कुल पांच सट्टेबाजों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने मौके से 14 मोबाइल, एक लैपटॉप, ताश की गड्डी, कैलकुलेटर, सट्टा पर्ची और 15,140 रुपये की नकदी बरामद की है।

    एसएसपी नैनीताल प्रहलाद नारायण मीणा ने सट्टेबाजों पर कड़ा प्रहार करते हुए जनपद में अनैतिक गतिविधियों पर रोक लगाने के निर्देश दिए थे। इसी क्रम में पुलिस अधीक्षक हल्द्वानी प्रकाश चंद और पुलिस उपाधीक्षक नितिन लोहनी के निर्देशन में प्रभारी निरीक्षक हल्द्वानी एवं एसओजी प्रभारी संजीत राठौड़ के नेतृत्व में कार्रवाई को अंजाम दिया गया।

    पहला मामला: होटल में सट्टेबाजी के दौरान 4 गिरफ्तार

    पुलिस टीम ने 2 अप्रैल 2025 को रामपुर रोड स्थित एक होटल में छापा मारकर चार सट्टेबाजों को गिरफ्तार किया। आरोपी होटल में हार-जीत की बाजी लगाकर सट्टा खेल रहे थे। पुलिस ने मौके से 7,800 रुपये नकद, एक लैपटॉप, 11 मोबाइल फोन, तीन नोटबुक और अन्य सामग्री जब्त की।

    गिरफ्तार आरोपी:
    1. शैलेन्द्र बिष्ट (31 वर्ष) – निवासी मयूर विहार, पीलीकोठी रोड, नैनीताल (वर्तमान पता- बसंत कुंज, नई दिल्ली)।

    2. विजय बिष्ट (28 वर्ष) – मूल निवासी चमतौला, पिथौरागढ़ (वर्तमान पता- बसंत कुंज, दक्षिणी दिल्ली)।

    3. जितेन्द्र सिंह (32 वर्ष) – निवासी मायानगर, सुल्तानपुर, दक्षिणी दिल्ली।

    4. सुमित शर्मा (34 वर्ष) – निवासी राजपुर, छतरपुर, दक्षिणी दिल्ली।

    बरामद सामान:
    • 7,800 रुपये नकद

    • 1 लैपटॉप (चार्जर व बैग सहित)

    • 3 नोटबुक व पेन

    • 11 मोबाइल फोन

    पुलिस टीम:
    1. प्रभारी निरीक्षक राजेश कुमार यादव (कोतवाली हल्द्वानी)

    2. उपनिरीक्षक गौरव जोशी (टीपी नगर चौकी)

    3. एसओजी प्रभारी संजीत राठौड़

    4. हेड कांस्टेबल दिगंबर सनवाल

    5. हेड कांस्टेबल ललित कुमार (एसओजी)

    6. कांस्टेबल संतोष बिष्ट (एसओजी)

    7. कांस्टेबल मोहम्मद अजहर

    दूसरा मामला: मंगलपड़ाव में एक सट्टेबाज गिरफ्तार

    1 अप्रैल 2025 को पुलिस ने अम्बेडकर नगर, मंगलपड़ाव क्षेत्र में छापेमारी कर एक सट्टेबाज को रंगे हाथों गिरफ्तार किया। आरोपी आईपीएल मैचों में हार-जीत की बाजी लगवा रहा था।

    गिरफ्तार आरोपी:
    • देव सक्सेना (22 वर्ष) – निवासी अम्बेडकर नगर, मंगलपड़ाव, हल्द्वानी।

    बरामद सामान:
    • 7,340 रुपये नकद

    • 1 कैलकुलेटर

    • 8 पासबुक

    • सट्टा पर्ची बुक

    • 24 ताश के पत्ते

    • 1 रजिस्टर

    • 3 मोबाइल

    • 2 पेन

    पुलिस टीम:
    1. एसएचओ राजेश कुमार यादव (कोतवाली हल्द्वानी)

    2. वरिष्ठ उपनिरीक्षक रोहताश सागर

    3. वरिष्ठ उपनिरीक्षक महेंद्र प्रसाद

    4. एसओजी प्रभारी संजीत राठौड़

    5. हेड कांस्टेबल ललित कुमार (एसओजी)

    6. कांस्टेबल संतोष बिष्ट (एसओजी)

    7. कांस्टेबल कमलेश नौला

    एसएसपी का बयान

    एसएसपी प्रहलाद नारायण मीणा ने कहा कि जनपद में आईपीएल के दौरान सट्टेबाजी और जुआ खेलने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। पुलिस का यह अभियान लगातार जारी रहेगा ताकि शहर में शांति व्यवस्था बनी रहे और अनैतिक गतिविधियों पर रोक लगाई जा सके।

    पुलिस ने आम जनता से भी अपील की है कि यदि उन्हें कहीं भी सट्टेबाजी या जुए की सूचना मिले, तो तुरंत पुलिस को सूचित करें।

  • खुले में कुट्टू के आटे की बिक्री पर सख्त प्रतिबंध

    खुले में कुट्टू के आटे की बिक्री पर सख्त प्रतिबंध

    जांच में कुट्टू के आटे के कई नमूने फेल, केस दर्ज करने के आदेश

    गुणवत्तापूर्ण खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराना हमारी प्राथमिकता- डाॅ आर राजेश कुमार

    देहरादून। नवरात्रि के अवसर पर उपवास रखने वाले श्रद्धालु कुट्टू के आटे का अधिक उपयोग करते हैं। इस दौरान दूषित और मिलावटी कुट्टू के आटे के सेवन से स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पडने की घटनाएं सामने आ रही हैं। ऐसे में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी व स्वास्थ्य मंत्री डाॅ धन सिंह रावत के निर्देश पर खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग ने राज्यभर में कुट्टू के आटे की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए विशेष निगरानी अभियान शुरू किया हुआ है। आयुक्त डाॅ आर राजेश कुमार ने कहा रोज अभियान की समीक्षा की जाती है। अधिकारियों के फीडबैक के आधार पर आगे की रणनीति तय की जाती है। उन्होंने कहा इस अभियान का उद्देश्य मिलावटी और असुरक्षित कुट्टू के आटे की बिक्री को रोकना और जनता को सुरक्षित खाद्य पदार्थों की उपलब्धता सुनिश्चित करना है।

    मिलावटी खाद्य पदार्थों की बिक्री पर अंकुश
    03 अप्रैल को खाद्य सुरक्षा विभाग ने राज्य के विभिन्न जनपदों में कुट्टू के आटे के 7 नमूने और पांच अन्य व्रत में उपयोग होने वाले खाद्य पदार्थों के नमूने एकत्र किए। इन नमूनों को प्रयोगशाला भेजा गया, और जांच में 2 कुट्टू के आटे के नमूने असुरक्षित पाए गए। इसके बाद, खाद्य सुरक्षा आयुक्त डॉ. आर. राजेश कुमार ने संबंधित अधिकारियों को न्यायालय में वाद दायर करने के निर्देश दिए हैं और मिलावटखोरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू की गई है। खाद्य सुरक्षा आयुक्त डॉ. आर. राजेश कुमार ने कहा, हम सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण खाद्य पदार्थों का सेवन सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध हैं। कुट्टू के आटे की जांच के परिणामों को गंभीरता से लिया गया है और असुरक्षित पाए गए नमूनों के खिलाफ कडी कार्रवाई की जा रही है। काफी हद तक विभाग ने सभी जनपदों में अंकुश लगाने में कामयाबी हासिल की है। यह अभियान निरंतर जारी रहेगा ताकि दूषित और मिलावटी खाद्य पदार्थों की बिक्री को पूरी तरह रोका जा सके।

    कुमाऊं मंडल में तीन दर्जन से अधिक सैंपल एकत्रित
    कुमाऊं मंडल में भी छापेमारी अभियान जारी है। एफडीए की टीम ने उपायुक्त डा. राजेंद्र कांडपाल के निर्देशन में विभिन्न जनपदों में छापेमारी अभियान चलाया गया। अभियान के तहत नैनीताल, ऊघमसिंह नगर, अल्मोडा, बागेश्वर, पिथौरागढृ, चम्पावत में भी दुकानों पर छापेमारी की गयी। हर जनपद में दो टीमों का गठन किया गया है। इन टीमों ने तीन दर्जन से अधिक सैंपल एकत्रित किये हैं, जिन्हें जांच के लिए रुद्रपुर लैब भेजा गया है। ऊधमसिंह नगर से लिए गए एक सैंपल में कीड़े पाए गये।

    गढवाल मंडल में भी चला विशेष निरीक्षण अभियान
    खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन ने भी देहरादून समेत गढ़वाल के सभी जिलों में छापेमारी अभियान लगातार जारी है। देहरादून जिले में भी विशेष निगरानी अभियान चलाया गया, जहां मुख्यमंत्री उत्तराखंड सरकार के निर्देश पर एक टीम का गठन किया गया। इस टीम ने राजपुर रोड, कैनाल रोड, हाथीबडकला, यू कैंट रोड और डाकरा बाजार में स्थित विभिन्न प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान यह पाया गया कि इन प्रतिष्ठानों में खुला या पैक्ड कुट्टू का आटा विक्रय हेतु उपलब्ध नहीं था। हालांकि, विभाग लगातार निगरानी बनाए रखेगा और किसी भी मिलावटी खाद्य पदार्थ की बिक्री को रोकने के लिए सख्त कदम उठाएगा।

    खाद्य सुरक्षा विभाग की अपील
    खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग उत्तराखंड ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे खाद्य पदार्थों की खरीदारी करते समय सतर्क रहें। किसी भी संदिग्ध खाद्य सामग्री की जानकारी तुरंत विभाग को दें ताकि उचित कार्रवाई की जा सके। खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम इस अभियान के दौरान सभी प्रतिष्ठानों पर निगरानी बनाए रखेगी, और सुनिश्चित करेगी कि श्रद्धालुओं को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण खाद्य पदार्थ ही उपलब्ध हो।

  • उत्तराखंड की जेलों में क्षमता से डेढ़ गुने कैदी बंद

    उत्तराखंड की जेलों में क्षमता से डेढ़ गुने कैदी बंद

    उत्तराखंड की सामान्य जेलों में 3541 के स्थान पर 5521 कैदी बंद

    कारागार मुख्यालय द्वारा नदीम उद्दीन को उपलब्ध करायी सूचना से खुलासा

     

    काशीपुर। उत्तराखंड जैसे शान्त माने जाने वाले राज्य में भी उत्तराखंड की 10 सामान्य जेलों में उसकी क्षमता 3541 से डेढ़ गुने से अधिक 5521 कैदी बंद है। इसके अतिरिक्त सम्पूर्णानन्द शिविर सितारगंज (खुली जेल) में 45 सजायाफ्ता कैदी बंद हैं। यह खुलासा सूचना अधिकार के अन्तर्गत कारागार मुख्यालय द्वारा नदीम उद्दीन को उपलब्ध करायी गयी सूचना से हुआ।

    काशीपुर निवासी सूचना अधिकार कार्यकर्ता नदीम उद्दीन ने महानिरीक्षक कारागार (कारागार मुख्यालय) उत्तराखंड से उत्तराखंड राज्य की जेलो में बंदियों की क्षमता तथा वर्तमान में बंद कैदियों की संख्या के सम्बन्ध में सूचना मांगी थी। इसके उत्तर में मुख्यालय कारागार प्रशासन एवं सुधार सेवा विभाग उत्तराखंड के लोक सूचना अधिकारी /प्रशानिक अधिकारी मनोज खोलिया ने अपने पत्रांक 397 दिनांक 07 फरवरी 2025 से जेलों की क्षमता तथा बंदियों का विवरण उपलब्ध कराया है।

    नदीम को उपलब्ध सूचना के अनुसार सम्पूर्णानन्द शिविर जेल सितारगंज (खुली जेल) तथा जिला कारागार चमोली के अतिरिक्त सभी जेलों में क्षमता से अधिक कैदी बंद है।

    जेलों

    नदीम को उपलब्ध सूचना के अनुसार क्षमता से सर्वाधिक अधिक 285 प्रतिशत कैदी 102 क्षमता वाली जिला कारागार अल्मोड़ा में 291 कैदी है। दूसरे स्थान पर क्षमता के 201 प्रतिशत कैदी 71 क्षमता वाली जिला कारागार नैनीताल में 143 कैदी बंद है। तीसरे स्थान पर क्षमता के 193 प्रतिशत कैदी 580 क्षमता वाली जिला कारागार देहरादून में 1122 कैदी बंद है। चैथे स्थान पर क्षमता के 187 प्रतिशत कैदी 635 क्षमता वाली उपकारागार हल्द्वानी में 1188 कैदी बंद है। पांचवें स्थान पर क्षमता के 156 प्रतिशत कैदी 552 क्षमता वाली केन्द्रीय कारागार सितारगंज में 860 कैदी बंद है। छठे स्थान पर क्षमता के 132 प्रतिशत कैदी 150 क्षमता वाली जिला कारागार टिहरी में 198 कैदी बंद है। सातवें स्थान पर क्षमता के 131 प्रतिशत कैदी 244 क्षमता वाली रूड़की उपकारागार में 319 कैदी बंद है। आठवें स्थान पर क्षमता के 126 प्रतिशत कैदी 888 क्षमता वाली जिला कारागार हरिद्वार में 1120 कैदी बंद है। नवें स्थान पर क्षमता के 107 प्रतिशत कैदी 150 क्षमता वाली जिला पौड़ी में 160 कैदी बंद है।

    नदीम को उपलब्ध सूचना के अनुसार प्रदेश में केवल दो जेले ही ऐसी है जिसमें निर्धारित स्वीकृत क्षमता से कम कैदी बंद है। इसमें एक विशेष जेल सम्पूर्णानन्द शिविर (खुली जेल) सितारगंज है जिसमें केवल सजायाफ्ता कैदियों को ही रखा गया है। इसकी क्षमता 300 कैदियों की है जबकि इसकी क्षमता के मात्र 15 प्रतिशत 45 कैदी ही इसमें बंद है। इसके अतिरिक्त सामान्य जेलों में स्वीकृत क्षमता से कम कैदियों वाली एकमात्र जेल जिला कारागार चमोली है। इसमें उसकी क्षमता 169 की अपेक्षा 71 प्रतिशत 120 कैदी ही बंद हैं।

    नदीम को उपलब्ध सूचना के अनुसार उत्तराखंड की जेलों में बंद कुल 5566 कैदियों में 59 प्रतिशत 3307 कैदी विचाराधीन कैदी है जबकि 41 प्रतिशत 2259 कैदी ही सजायाफ्ता (सिद्ध दोष) कैदी है। अल्मोड़ा जेल में बंद कुल कैदियों में 64 प्रतिशत 185, नैनीताल में 81 प्रतिशत 116, देहरादून में 68 प्रतिशत 763, हल्द्वानी में 82 प्रतिशत 971, केन्द्रीय कारागार सितारगंज में 3 प्रतिशत 28, टिहरी में 66 प्रतिशत 131, रूड़की जेल में 94 प्रतिशत 299, हरिद्वार जेल में 56 प्रतिशत 625, पौड़ी जेल में 68 प्रतिशत 109, चमोली जेल में 67 प्रतिशत 80 विचाराधीन कैदी फैसले के इंतजार में बंद है।

  • देहरादून पुलिस का बड़ा एक्शन: गौतस्कर गैंगस्टर एहसान मुठभेड़ में ढेर

    देहरादून पुलिस का बड़ा एक्शन: गौतस्कर गैंगस्टर एहसान मुठभेड़ में ढेर

    गौतस्करों पर देहरादून पुलिस की बड़ी कार्रवाई, 15 हजार का इनामी बदमाश मुठभेड़ में घायल

    देहरादून पुलिस ने गौतस्करी और गौकशी में संलिप्त कुख्यात अपराधी एहसान को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया है। डेढ़ दर्जन से अधिक संगीन मामलों में वांछित यह बदमाश विकासनगर गौकशी केस में फरार था और हरियाणा के कुरुक्षेत्र से भी वांटेड था। पुलिस की इस कार्रवाई से गौतस्करों के नेटवर्क को बड़ा झटका लगा है।

    पुलिस

    घटना तड़के सुबह सहसपुर क्षेत्र के तिमली धर्मावाला के पास हुई, जब चेकिंग के दौरान एहसान ने रुकने के बजाय तेजी से भागने की कोशिश की। टीमों ने तुरंत उसका पीछा किया, लेकिन खुद को घिरता देख बदमाश ने फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में गोली उसके पैर में लगी, जिससे वह घायल हो गया। उसे तुरंत काबू में लेकर उपचार के लिए नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया।

    एहसान सहारनपुर का रहने वाला कुख्यात गौतस्कर है, जिस पर गैंगस्टर एक्ट समेत उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश और हरियाणा में कई संगीन मुकदमे दर्ज हैं। वह विकासनगर, रायपुर और पुरूवाला (हिमाचल प्रदेश) में हुई गौकशी की घटनाओं का भी मुख्य आरोपी है। जांच में सामने आया कि वह लंबे समय से इन मामलों में फरार चल रहा था और छिपकर खुशहालपुर, सहसपुर क्षेत्र में रह रहा था। दबिश के चलते आज वह भागने की कोशिश कर रहा था, लेकिन मुस्तैदी के चलते उसे चेकिंग के दौरान ही घेर लिया गया और आखिरकार पकड़ लिया गया।

    मुठभेड़ के बाद पुलिस ने आरोपी के पास से एक बाइक, 12 बोर का तमंचा, एक खोखा कारतूस और एक जिंदा कारतूस बरामद किया है। इस पूरी कार्रवाई की जानकारी मिलते ही देहरादून एसएसपी और एसपी विकासनगर मौके पर पहुंचे और पुलिस अधिकारियों से घटना की विस्तृत जानकारी ली।

    पुलिस

    इस प्रभावी कार्रवाई से गौतस्करी नेटवर्क को बड़ा झटका लगा है और अपराधियों में दहशत का माहौल है। संबंधित विभाग लगातार इस तरह के अपराधों पर शिकंजा कस रहा है और आने वाले समय में भी ऐसे अपराधियों पर कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी।

  • दून पुलिस ने वाहन चोर गिरोह को किया गिरफ्तार

    दून पुलिस ने वाहन चोर गिरोह को किया गिरफ्तार

    देहरादून। देहरादून पुलिस ने वाहन चोरी की बढ़ती घटनाओं पर शिकंजा कसते हुए पश्चिमी उत्तर प्रदेश के एक शातिर वाहन चोर गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने गिरोह के दो सदस्यों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से 13 चोरी की गई मोटरसाइकिलें बरामद की हैं। यह गिरोह देहरादून और हरिद्वार से वाहनों की चोरी कर उन्हें दूसरे राज्यों में बेचने की फिराक में था।

    सीसीटीवी फुटेज से खुला राज

    17 मार्च को थाना सेलाकुई क्षेत्र के बड़ा भाऊवाला निवासी महेंद्र सिंह ने अपनी मोटरसाइकिल (यूके 16-सी-4538, स्प्लेंडर) चोरी होने की शिकायत दर्ज कराई थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) देहरादून ने जांच टीम गठित कर मामले का खुलासा करने के निर्देश दिए। जांच के दौरान पुलिस टीम ने घटना स्थल और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली, जिससे संदिग्धों के हुलिए की पहचान हुई।

    गिरोह के तार उत्तर प्रदेश से जुड़े

    पुलिस को सूचना मिली कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश का एक वाहन चोर गिरोह इस प्रकार की घटनाओं को अंजाम दे रहा है। मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने इंडस्ट्रियल एरिया, सेलाकुई में चेकिंग के दौरान शोभित राज और गीतम राजपूत नामक दो अभियुक्तों को चोरी की मोटरसाइकिल के साथ गिरफ्तार कर लिया।

    12 और वाहन झाड़ियों से बरामद

    पूछताछ के दौरान अभियुक्तों ने स्वीकार किया कि उन्होंने देहरादून और हरिद्वार के अलग-अलग इलाकों से कई मोटरसाइकिलें चुराई थीं। उनकी निशानदेही पर पुलिस ने कैंचीवाला इलाके में झाड़ियों में छिपाकर रखी गई 12 अन्य मोटरसाइकिलें बरामद कीं।

    गिरफ्तार अभियुक्तों के बयान

    पुलिस पूछताछ में दोनों अभियुक्तों ने बताया कि वे एक ही स्कूल में पढ़ते थे और महंगे शौकों को पूरा करने के लिए वाहन चोरी करने लगे। चोरी किए गए वाहनों को छिपाकर रखने के बाद वे उन्हें उत्तर प्रदेश और अन्य राज्यों में बेचने की योजना बना रहे थे।

    गिरफ्तार अभियुक्तों का विवरण

    1. शोभित राज (18 वर्ष) पुत्र रमेश राज, निवासी ग्राम देहरा अजीतपुर, थाना पंचगामा, जनपद लखीमपुर खीरी, उत्तर प्रदेश (वर्तमान पता: कैंची वाला, सेलाकुई, देहरादून)
    2. गीतम सिंह राजपूत (22 वर्ष) पुत्र पति सिंह राजपूत, निवासी ग्राम मंडपुरा, थाना इंदरगढ़, जिला कन्नौज, उत्तर प्रदेश

    बरामद वाहन

    1. हीरो स्प्लेंडर (यूके 16-सी-4538)
    2. हीरो स्प्लेंडर (यूके 07-एफके-7789)
    3. 11 अन्य हीरो स्प्लेंडर मोटरसाइकिल (बिना नंबर प्लेट)

    पुलिस कार्रवाई जारी

    गिरफ्तार अभियुक्तों के खिलाफ थाना सेलाकुई में मामला दर्ज किया गया है। अन्य बरामद मोटरसाइकिलों के मालिकों की जानकारी जुटाई जा रही है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि गिरोह के अन्य सदस्य कहीं फरार तो नहीं हैं।