Category: अपराध

  • फर्जी डिग्री के आधार पर धोखाधड़ी से नौकरी पाने वाले दो शिक्षकों को किया गया बर्खास्त, भेजा गया जेल

    फर्जी डिग्री के आधार पर धोखाधड़ी से नौकरी पाने वाले दो शिक्षकों को किया गया बर्खास्त, भेजा गया जेल

    रुद्रप्रयाग- फर्जी डिग्री के आधार पर तैनात दो शिक्षकों को तत्काल निलंबित कर दिया गया है। साथ ही फर्जी डिग्री के आधार पर धोखाधड़ी से नौकरी पाने के संबंध में दोषी करार पाते हुए 5-5 साल की कठोर कारावास की सजा और 10 हजार रुपए के अर्थदंड जुर्माने से भी दंडित किया गया है। रुद्रप्रयाग जिले में तैनात फर्जी शिक्षक वीरेंद्र सिंह पुत्र जीत सिंह एवं रघुवीर सिंह बुटोला पुत्र भगत सिंह ने बीएड की फर्जी डिग्री के आधार पर शिक्षक की नौकरी प्राप्त की। शिक्षा विभाग के एसआईटी एवं विभागीय जांच के अनुसार दोनों शिक्षकों को दो अलग-अलग आपराधिक मामलों में अलग-अलग सालों में प्राप्त फर्जी बीएड की डिग्री से नौकरी प्राप्त करने पर उनकी बीएड की डिग्री का वेरिफिकेशन कराया गया।इसके बाद चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय मेरठ से जांच रिपोर्ट प्राप्त हुई जिसमें उपरोक्त दोनों फर्जी शिक्षकों के लिए कोई भी बीएड की डिग्री जारी नहीं हुई पाई गई।

    शासन द्वारा एसआईटी जांच के बाद दोनों शिक्षकों पर मुकदमा दर्ज कराया। साथ ही उन्हें तत्काल प्रभाव से बर्खास्त किया गया, मुकदमे की सुनवाई के दौरान मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट अशोक कुमार सैनी के न्यायालय द्वारा उक्त फर्जी शिक्षकों को फर्जी डिग्री के आधार पर धोखाधड़ी से नौकरी प्राप्त करने के संबंध में दोषी करार पाते हुए आरोपियों को धारा-420 भारतीय दंड संहिता, 1860 के अंतर्गत 5-5 साल की कठोर कारावास की सजा और दस हजार रुपए के जुर्माने से दंडित किया गया है। साथ ही जुर्माना अदा न करने पर तीन माह का अतिरिक्त कारावास की सजा भी सुनाई गई है। दोषसिद्ध फर्जी शिक्षक वीरेंद्र सिंह पुत्र जीत सिंह एवं रघुवीर सिंह बुटोला पुत्र भगत सिंह को ज्यूडिशियल कस्टडी में लेकर जिला कारागार पुरसाड़ी, चमोली भेज दिया गया है।वहीं इस निर्णय एवं आदेश की प्रतिलिपि शिक्षा निदेशालय को भी प्रेषित की गई है।ताकि शिक्षा विभाग के गैर जिम्मेदार शिक्षा अधिकारियों के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके

  • पटेलनगर: 24 घंटे के अंदर दून पुलिस ने किया प्रॉपर्टी डीलर की हत्या का खुलासा

    पटेलनगर: 24 घंटे के अंदर दून पुलिस ने किया प्रॉपर्टी डीलर की हत्या का खुलासा

    दिनांक 30/11/2024 की सुबह थाना पटेल नगर को सूचना मिली कि यमुनोत्री विहार फेस 2 चंद्रबनी में एक किराए के मकान पर एक व्यक्ति की संदिग्ध परिस्थितियों में मृत्यु हुई है। सूचना पर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देहरादून के निर्देशों पर पुलिस अधीक्षक नगर, क्षेत्राधिकार सदर व प्रभारी निरीक्षक पटेलनगर तत्काल घटना स्थल पर पहुंचे। घटनास्थल का निरीक्षण करने पर मकान में एक व्यक्ति मृत अवस्था में पड़ा मिला, प्रथम दृष्टया उक्त व्यक्ति की गला घोंटकर हत्या करना प्रकाश मे आया। मृत व्यक्ति की पहचान मंजेश कुमार उम्र 42 वर्ष पुत्र सुरेंद्र कुमार निवासी गांजा माजरा खेड़ी जिला हरिद्वार के रूप में हुई। उक्त मकान के मालिक प्रदीप कुमार बौडीयाल से पूछताछ मे पता चला कि उनके द्वारा विगत दो माह से अपने मकान के ऊपर एक कमरा सचिन पुत्र नरेश कुमार निवासी भगवानपुर हरिद्वार को किराये पर दिया था तथा उक्त कमरे मे उसके एक साथी अर्जुन का भी आना जाना था।

    दिनांक 29-11-2024 की रात्रि मे उक्त कमरे मे सचिन व अर्जुन के साथ मृतक मंजेश भी रुका था तथा घटना के बाद से ही सचिन और अर्जुन अपने कमरे से फरार थे, जिनके फोन नम्बर बन्द है। पुलिस द्वारा मृतक के परिजनों से सम्पर्क कर उनको मौके पर बुलाया गया तथा प्रारम्भिक पूछताछ मे पता चला कि मृतक प्रोपर्टी का काम करता था तथा अर्जुन मृतक के साथ काफी समय से काम कर रहा था।

    घटना के सम्बन्ध मे मृतक मंजेश के भाई सचिन कुमार द्वारा अर्जुन व सचिन द्वारा उसके भाई मंजेश की हत्या करने के संबंध में दी गयी तहरीर के आधार पर थाना पटेलनगर पर सचिन व अर्जुन उपरोक्त के विरुद्व हत्या का अभियोग पंजीकृत किया गया है।

    अभियुक्तों की गिरफ्तारी हेतु वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देहरादून के निर्देशों पर थाना पटेलनगर व SOG देहरादून की अलग-अलग टीमो का गठन कर अभियुक्तो की गिरफ्तारी हेतु संभावित स्थानों को रवाना किया गया।

    पुलिस टीम द्वारा फरार अभियुक्त गणो की तलाश हेतु सर्विलांस व मुखविरों की सहायता से पतारसी / सुरागरसी की गई तो टीम को जानकारी मिली कि घटना के बाद सुबह के समय पुलिस को देखकर दोनो अभियुक्त मकान के पीछे से छत से नीचे कूद गये थे, जिसमे सचिन के पैर मे चोट आयी थी, जो भगवानपुर अस्पताल मे अपना प्रारंभिक उपचार कराने के बाद आगे के उपचार के लिए सहरानपुर गया है, उक्त सूचना पर तत्काल एक टीम को सहरानपुर रवाना किया गया, जहाँ पुलिस टीम को जानकारी मिली कि सचिन को अपने पीछे पुलिस के आने की जानकारी मिलने पर वह गिरफ्तारी से बचने के लिए देहरादून कोर्ट मे सरेंडर होने के लिए वापस देहरादून गया है, जिस पर तत्काल जनपद की सीमाओं पर सघन चेकिंग अभियान चलते हुए पुलिस टीम द्वारा अभियुक्त सचिन को चेकिंग के दौरान आशारोड़ी के पास के जंगल से गिरफ्तार किया गया, जिससे पूछताछ में उसके द्वारा अपने साथी अर्जुन के साथ मिलकर मंजेश की गला घोट का हत्या किया जाना स्वीकार किया गया।

    *पूछताछ के विवरण :-*

    पूछताछ मे अभियुक्त द्वारा बताया गया कि पूर्व में भगवानपुर थाने से वह हत्या के मुकदमें में जेल गया था, जिसमे कुछ महिने पहले ही वह जमानत पर रिहा हुआ है। जेल मे उसके अन्य साथियों के माध्यम से उसकी जान-पहचान अर्जुन नाम के एक व्यक्ति से हुई। अर्जुन भी वर्ष 2019 मे डोईवाला मे एक हत्या के मामले मे जेल गया था और एक साल पहले जमानत पर बाहर आया था। अर्जुन द्वारा अभियुक्त को मंजेश नाम के एक पोर्पर्टी डीलर के साथ काम करने तथा मंजेश द्वारा ही उसका खर्चा उठाने की बात बतायी गयी। अभियुक्त भी देहरादून मे रेपिडो का काम कर रहा था और उसने यमनोत्री विहार फेज-2 मे एक कमरा किराये पर लिया था जहाँ अक्सर अर्जुन उसके साथ खाने पीने के लिए बैठता था। घटना से चार-पाँच दिन पहले अर्जुन द्वारा अभियुक्त को बताया गया कि मंजेश ने पोर्पर्टी मे अच्छा पैसा कमा रखा है तथा उसकी प्रॉपर्टी का सारा काम वह ही देखता है। मंजेश के अकाउन्ट मे 38 लाख रुपये है, जिसकी सारी डिटेल उसके पास है, यदि अभियुक्त उसका साथ दे तो दोनों मंजेश को मारकर उसके सारे पैसे निकाल सकते है, जिसे दोनो आधा आधा बाट लेंगे। अर्जुन की बातों से जल्दी पैसा कमाने के लालच मे आकर अभियुक्त द्वारा मजेश की हत्या करने मे हामी भर दी, उसके बाद अर्जुन द्वारा एक-दो बार मंजेश से अभियुक्त की मुलाकात कराई।

    योजना के मुताबिक दिनांक 29-11-2024 की रात दोनो अभियुक्तो ने मंजेश को अर्जुन के कमरे मे बुलाया, जहाँ पहले तीनों ने बैठकर शराब पी तथा रात करीब 11 बजे जैसे ही मंजेश अपने घर के लिए कमरे से निकला, दोनो अभियुक्तो ने मिलकर उसके हाथ पैर पकड़ लिए तथा उसका गला दबाकर उसे बेहोश कर दिया तथा पास पड़े जूते के फीते से उसका गला घोटकर उसकी हत्या कर दी।

    घटना में फरार अन्य अभियुक्त अर्जुन की तलाश हेतु पुलिस टीमो द्वारा लगातार दबिशे दी जा रही है।

  • रिश्तों का कत्ल: अवैध संबंधों के आड़े आया पति…तो पत्नी ने प्रेमी के हाथों खुद उजड़वा दिया अपना सुहाग

    रिश्तों का कत्ल: अवैध संबंधों के आड़े आया पति…तो पत्नी ने प्रेमी के हाथों खुद उजड़वा दिया अपना सुहाग

    उत्तराखंड के रुद्रपुर में नौ दिन से लापता ऑटो चालक सुमित (24) का शव पुलिस ने आज प्रीत विहार क्षेत्र में नदी किनारे स्थित गड्ढे से बरामद किया है। वहीं, पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर मामले का खुलासा कर दिया। बताया कि चालक की हत्या उसकी पत्नी के प्रेमी ने तीन साथियों के साथ मिलकर गला दबाकर की थी। मृतक की पत्नी और प्रेमी के बीच अवैध संबंधों के आड़े आने पर हत्या की गई।

    शुक्रवार को एसएसपी मणिकांत मिश्रा ने मामले का खुलासा करते हुए बताया कि 16 नवंबरर को रेनू ने अपने पति के गायब हो जाने के संबंध में शिकायत दर्ज कराई थी। जिसकी जांच प्रभारी चौकी रंपुरा गणेश भट्ट के सुपुर्द की गई

    गुमशुदा सुमित की खोजबीन के लिए पुलिस ने सीसीटीवी कैमरों का अवलोकन किया। संदिग्धों से पूछताछ की गई और सर्विलांस की मदद ली गई। जिसके आधार पर संदिग्ध गणेश पुत्र पूरन निवासी रंपुरा थाना रुद्रपुर से पूछताछ की गई। लेकिन गणेश लगातार पुलिस को गुमराह करता रहा।

    मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए सख्ती से पूछताछ की गई तो गणेश पुलिस की सख्ती से टूट गया और उसने जुर्म कबूल लिया। उसने बताया कि सुमित की पत्नी रेनू के प्यार में पड़कर रेनू के कहने पर उसने अपने साथियों वंश, दीपक, शिवम और गोविन्दा के साथ मिलकर हत्या की वारदात को अंजाम दिया

    उन्होंने सुमित की गला दबाकर हत्या की बाद में शव प्रीत विहार से आगे कल्याणी नदी के पास खेत में गड़ढा खोदकर दबा दिया। पुलिस ने वंश, दीपक और सुमित की पत्नी रेनू से विस्तृत पूछताछ की। सभी ने अपने अपराध को स्वीकारा है।

    परिजनों के मुताबिक मृतक का एक पांच साल का बेटा है। मृतक तीन भाइयों में सबसे बड़ा था। घटना की सूचना मिलते ही मृतक के पिता राजू श्रीवास्तव सहित तमाम रिश्तेदार रोते बिलखते पोस्टमार्टम हाउस में पहुंच गए।

  • मसूरी: जमीन बेचने का झांसा देकर कंपनी के निदेशक से ठगे 80 लाख रुपये

    मसूरी: जमीन बेचने का झांसा देकर कंपनी के निदेशक से ठगे 80 लाख रुपये

    मसूरी में जमीन बेचने के नाम पर कानपुर की एक कंपनी के साथ 80 लाख रुपये की धोखाधड़ी हुई। आरोपियों ने पहले से बिक चुकी जमीन और पर्यटन विभाग की जमीन दिखाकर यह सौदा किया। जांच के बाद डालनवाला कोतवाली पुलिस ने आठ आरोपितों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। 110 एकड़ जमीन का सौदा मात्र सात करोड़ में किया था।

    मसूरी में जमीन बेचने का सौदा कर कुछ व्यक्तियों ने कानपुर की एक कंपनी के निदेश को 80 लाख रुपये की चपत लगा दी। आरोपितों ने मिलीभुगत करके वह जमीन दिखाई जोकि पूर्व में बेची जा चुकी है और जमीन का कुछ हिस्सा पर्यटन विभाग के है। जांच के बाद डालनवाला कोतवाली पुलिस ने आठ आरोपितों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज किया है।

    पुलिस को दी तहरीर में ब्रह्मवर्त स्नोडेन एस्टेट प्राइवेट लिमिटेड ब्रह्मवर्त होटल्स कोतवाली कानपुर उत्तर प्रदेश के निदेशक अमल जैन ने बताया कि कंपनी के निदेशक मनोज सिंह मार्च 2019 में दिल्ली में मीटिंग करने गए थे। यहां उनकी मुलाकात ओम प्रकाश रघुवंशी निवासी इंद्र रोड डालनवाला के साथ हुई।
    ओम प्रकाश रघुवंशी ने बताया कि उनके पास हाथीपांव मसूरी में 110 एकड़ जमीन है, जिसका इकरारनामा उसने सहस्वामियों से वर्ष 2017 में करा रखा है। ओम प्रकाश के साथी संजय गरोला ने जमीन का एग्रीमेंट दिखाया।
    जमीन दिखाने के ले गए आरोपित

    ओमप्रकाश रघुवंशी व उसके साथी संजय गरोला, आलोक सिंह व अन्य कंपनी के निदेशक को अप्रैल 2019 में अपने साथ लेकर जमीन दिखाने ले गए और जमीन का सौदा किया। इस दौरान अनीता रानी, अंकित मोहन अग्रवाल, श्रेय मोहन एवं कबीर मोहन अग्रवाल को जमीन का स्वामी बताया और जमीन के स्वामित्व संबंधी रिकॉर्ड भी दिखाए। इसके बाद वह लोग निदेशक मनोज सिंह को डालनवाला स्थित अपने कार्यालय ले गए, जहां जमीन का सौदा किया गया।

    शिकायतकर्ता न बताया कि दोनों पक्षों में जमीन का सौदा सात करोड़ रुपये में तय हुआ, जहां आरोपितों ने एक करोड़ रुपये बयाना के तौर पर लिया। इसके बाद आरोपितों ने जमीन के फर्जी दस्तावेज बनाकर दे दिए। जब आरोपितों से जमीन की रजिस्ट्री करने को कहा गया तो वह टाल-मटोल करने लगे।
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    पहले ही बिक चुकी थी जमीन
    जमीन के बारे में गहनता जानकारी जुटाई गई तो पता चला कि आरोपितों के पूर्वज जमीन को पहले ही बेच चुके हैं और बकाया भूमि जमीन टूरिज्म विभाग के पास चली गई। इसके बाद जब आरोपितों से धनराशि वापस मांगी गई तो उन्हें 20 लाख रुपये ही वापस किए और रुपये मांगने पर धमकी दी।

    इस मामले में डालनवाला कोतवाली पुलिस ने ओमप्रकाश रघुवंशी, संजय गैराला दोनों निवासी इंद्र रोड डालनवाला, अनीता रानी, अंकित मोहन, श्रेय मोहन तीनों निवासी एमडीडीए कॉलोनी निरंजनपुर, आलोक सिंह निवासी सहस्त्रधारा रोड, कबीर मोहन निवासी एसएस नगर मोहाली पंजाब व नितिश मोहन कुलड़ी मसूरी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है।

  • मसाज पार्लर की आड़ में देह व्यापार रोकने के लिए राज्य महिला आयोग ने बनाए दिशा-निर्देश

    मसाज पार्लर की आड़ में देह व्यापार रोकने के लिए राज्य महिला आयोग ने बनाए दिशा-निर्देश

    उत्तराखंड में मसाज पार्लर की आड़ में देह व्यापार का धंधा रोकने के लिए राज्य महिला आयोग ने नए दिशा-निर्देश बनाए हैं। मसलन, पार्लर में मसाज के समय दरवाजा लॉक नहीं होगा। पुरुष की पुरुष और महिला की मसाज महिला ही करेंगी। इसके लिए संबंधित थेरेपी में डिग्री या डिप्लोमा लेने वालों को ही मसाज करने के लिए नियुक्त किया जाएगा।

    दिशा-निर्देशों को मंजूरी के लिए सरकार के पास भेजा गया है। यह जानकारी राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष कुसुम कंडवाल ने आयोग के 19वें स्थापना दिवस पर आयोजित संवाददाता सम्मेलन में दी। मसाज सेंटर की आड़ में देह व्यापार का धंधा बड़ी समस्या बन चुका है। राज्य में भी अलग-अलग जगहों पर पुलिस, महिला आयोग, एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग की टीम के छापे से मसाज सेंटर की आड़ में देह व्यापार के धंधे का खुलासा हुआ है।

    इसके मद्देनजर आयोग ने मसाज सेंटर्स के संचालन के लिए नई गाइड-लाइंस तैयार की है। आयोग अध्यक्ष कंडवाल ने बताया कि मसाज सेंटर में 18 साल से कम उम्र के बालक या बालिका के नियुक्त करने पर रोक रहेगी। साथ ही वहां काम करने वालों का सत्यापन अवश्य होगा। महिला और पुरुष के एंट्री गेट अलग होंगे

    आयोग के स्थापना दिवस पर वार्षिक आख्या रिपोर्ट जारी की गई। इस मौके पर अध्यक्ष कंडवाल ने बताया कि आयोग लगातार वन स्टॉप सेंटर, जेल, महिला चिकित्सालय समेत सभी उन जगहों पर लगातार निरीक्षण करता है, जहां महिलाओं को सरकारी योजनाओं का लाभ दिया जाना है। राज्य के दूरस्थ क्षेत्रों की महिलाओं की शिकायतों का निपटारा फोन के जरिए भी किया जा रहा है। जल्द ही राज्य में महिला नीति लागू होने वाली है, जिसके ड्राफ्ट में महिला आयोग की टीम का प्रमुख योगदान रहा। इस मौके पर आयोग की सदस्य सचिव उर्वशी चौहान, विधि अधिकारी दयाराम सिंह और आधार वर्मा उपस्थित रहे।

  • उधम सिंह नगर: ब्लाइंड मर्डर केस का खुलासा, दो हत्यारोपी गिरफ्तार

    उधम सिंह नगर: ब्लाइंड मर्डर केस का खुलासा, दो हत्यारोपी गिरफ्तार

    उधम सिंह नगर जिले की नानकमत्ता थाना पुलिस व एसओजी टीम ने ब्लाइंड मर्डर केस का खुलासा कर दो हत्यारोपी को गिरफ्तार करने में सफलता प्राप्त की है।पुलिस के अनुसार शराब के नशे में दोनो हत्यारोपियों ने हत्या की घटना को अंजाम दिया था।पूरे मामले के अनुसार बीते एक नवंबर को नानकमत्ता थाना क्षेत्र के ग्राम सिद्धा स्थित करतार सिंह की बगिया में एक अज्ञात शव बरामद हुआ था,जिसके चेहरे व शरीर में चोटों के निशान थे।

    शिनाख्त में शव की पहचान हीरा सिंह पुत्र केशर सिंह निवासी चौड़ा कोट थाना पाटी चंपावत हाल निवासी नानकमत्ता बाजार के रूप में हुई।नानकमत्ता थाने में मृतक के पिता केसर सिंह की तहरीर पर अज्ञात के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया था। वही नानकमत्ता पुलिस के द्वारा मिली जानकारी अनुसार उक्त ब्लाइंड हत्याकांड के खुलासे हेतु नानकमत्ता एसओ देवेंद्र गौरव के नेतृत्व में गठित पुलिस टीम व एसओजी ने 100 सीसीटीवी कैमरों की गहन तलाशी,150 लोगो से पूछताछ उपरांत 9 नवम्बर को हत्यारोपी दो लोगो को गिरफ्तार किया

    जिनमे विजयपाल निवासी जिला बरेली उत्तर प्रदेश व अजय पुत्र पप्पू भारती निवासी सिद्धि नवादिया बिजली कालोनी की निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त ईट, मृतक के कपड़े, चप्पल आदि को बरामद किया गया। पूछताछ में दोनों ही हत्यारोपियों ने शराब के नशे में हुई कहासुनी में हत्या किए जाने की बात को कबूला है।पुलिस ने उक्त मामले में आरोपियों के खिलाफ धारा 3(5) बीएनएस की वृद्धि की है।वही दोनो हत्यारोपियों को न्यायालय में पेश कर जेल भेजा गया है।

    ब्लाइंड मर्डर केस के खुलासा करने में अहम भूमिका निभाने वाले पुलिसकर्मियों में थानाध्यक्ष नानकमत्ता देवेंद्र गौरव,उपनिरीक्षक अशोक कांडपाल,उपनिरीक्षक संजय कुमार,एएसआई कृपाल सिंह,कांस्टेबल प्रकाश आर्य,कांस्टेबल मोहन बोरा कोतवाली खटीमा,प्रभारी एसओजी इंस्पेक्टर संजय पाठक,कांस्टेबल भूपेंद्र आर्या शामिल रहे।

  • गरुड़: शराब के नशे में घर में घुस कर लगा दी आग, 11 लोग बुरी तरह झुलसे

    गरुड़: शराब के नशे में घर में घुस कर लगा दी आग, 11 लोग बुरी तरह झुलसे

    गरुड़ ग्राम रणकुड़ी राजस्व क्षेत्र नौगांव देर रात कुंदन नाथ पुत्र माधो नाथ द्वारा शराब पीकर हल्ला गुल्ला , गाली गलौज करते हुए जा रहा था। जिसके द्वारा नारायण गिरी के पुत्र जीवन गिरी के साथ मारपीट की। इस बात पर नारायण गिरी एवं उसके परिवार द्वारा कुंदन नाथ को अपने घर के नीचे वाले कमरे में बंद कर दिया जिसने अंदर से कुंडा लगाकर खुद को बंद कर दिया। बंद कमरे के अंदर कुंदन नाथ द्वारा गैस का रेगुलेटर खोल दिया गया तथा थोड़ी देर बाद जब कुंदन नाथ एवं नारायण गिरी के परिजनों ने आकर दरवाजे को खोलने का प्रयास किया तो कमरे में उसके द्वारा आग लगा दी। जिसमें दोनों के परिजन झुलस गए । घायलो को आनन फानन में 108 एम्बुलेंस एवं टैक्सी के माध्यम से सीएससी बैजनाथ लाया गया l जहां घायलों का प्राथमिक उपचार किया गया। प्रभारी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बैजनाथ डॉ नरेन्द्र कीर्ति द्वारा बताया कि बर्न का मामला आया है जिसमें 11लोग जुलझ गए हैं जिसमें से 5 लोगों की 50प्रतिशत व 6 लोग तीस से चालीस प्रतिशत जुलझ गए हैं। जिसमें से दस लोगों का प्राथमिक उपचार कर हायर सेन्टर भेज दिया गया है। एक का इलाज यही चल रहा है।

    घायलों का विवरण निम्नवत है
    1 भगवती देवी पत्नी मदन नाथ उम्र 65 वर्ष निवासी ग्राम रनकुनी पटवारी क्षेत्र नौगांव तहसील गरुड़ जनपद बागेश्वर।
    2 कुंदन नाथ पुत्र मदन नाथ उम्र 33 वर्ष निवासी उपरोक्त
    3 मंगलगिरी पुत्र पुष्पा देवी उम्र 19 वर्ष निवासी उपरोक्त
    4 बीना देवी पत्नी कुंदन नाथ उम्र 25 वर्ष निवासी उपरोक्त
    5 जगदीश नाथ पुत्र शंकर नाथ उम्र 22 वर्ष निवासी उपरोक्त
    6 कलावती देवी पत्नी शंकर नाथ उम्र 55 वर्ष निवासी उपरोक्त
    7 जीवन गिरी पुत्र नारायण गिरी उम्र 22 वर्ष निवासी उपरोक्त
    8 विनोद गिरी पुत्र नारायण गिरी उम्र 21 वर्ष निवासी उपरोक्त
    9 चंपा देवी पुत्री नारायण गिरी उम्र 24 वर्ष निवासी उपरोक्त
    10 मुन्नी देवी पत्नी नारायण गिरी उम्र 42 वर्ष निवासी उपरोक्त
    11 मुकेश गिरी पुत्र हरीश गिरी उम्र 14 वर्ष निवासी उपरोक्त

    घटना की सूचना मिलते ही थानाध्यक्ष बैजनाथ प्रताप नगरकोटी दल बल के साथ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बैजनाथ पहुंचे और उनके द्वारा घायलों को उपचार के दौरान मदद की। वही राजस्व उपनिरीक्षक कुंदन सिंह मेहता द्वारा बताया कि घटना में किसी भी प्रकार की कोई लिखित शिकायत नहीं है। मामले की जांच के बाद ही स्पष्ट होगा कि क्या कारण रहा।

    वहीं समाज सेवी सुनील दोसाद, चंदन बोरा को घटना की खबर लगते ही देर रात अपने घर अंणा से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बैजनाथ पहुंचे और घायलों की मदद कर उनके साथ बागेश्वर जिला हॉस्पिटल तक गए। और घायलों को हर संभव मदद का भरोसा दिलाया।

  • अपहरण: आंगन में खेल रही मासूम को चोरी कर ले गई महिला, दिवाली पर जादू-टोना करने की आशंका

    अपहरण: आंगन में खेल रही मासूम को चोरी कर ले गई महिला, दिवाली पर जादू-टोना करने की आशंका

    ऋषिकेश कोतवाली पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए चोरी हुए मासूम को चंद घंटों में बरामद कर लिया। आंगन में खेल रही डेढ़ वर्षीय मासूम को एक महिला चुपके से उठा कर ले गई थी। इस दौरान मासूम की मां आंगन में कुछ दूरी पर बर्तन धो रही थी। वही शहर में बच्चा चोरी की घटना से स्थानीय निवासी भी सकते में हैं।

    मायाकुंड निवासी (मूल निवासी ग्राम छतईखेला, जिला उन्नाव यूपी) संजय ने रविवार को कोतवाली में शिकायत दर्ज कराई कि करीब साढ़े ग्यारह बजे उसके घर के आंगन से उनकी डेढ़ वर्षीय बेटी रिवांशी को कोई उठा कर ले गया है। काफी तलाश करने के बाद भी उनकी बेटी नहीं मिल रही है। बताया कि इस दौरान मासूम रिवांशी की मां बर्तन धो रही थी और वह कुछ दूरी पर आंगन में खेल रही थी।

     

    कोई चुपके से उठा कर उसे ले गया है। पुलिस ने तत्काल अज्ञात के खिलाफ अपहरण का मुकदमा दर्ज कर मासूम की तलाश के लिए टीमें गठित की। साथ ही सीसीटीवी फुटेज भी खंगाले। एक टीमों के साथ परिवार के सदस्य भी भेजे गए। बेटी की ढूंढ खोज के लिए त्रिवेणी घाट की ओर निकली एक टीम को यहां एक महिला की गोद में एक बच्ची दिखी। टीम के साथ मौजूद परिजन ने बच्ची को पहचान लिया।

    कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक आरएस खोलिया ने बताया कि महिला को कोतवाली लाया गया। पुलिस पूछताछ में महिला ने अपनी पहचान नितेश कुमारी (45) पत्नी नीरज, पुत्री आशाराम निवासी दानीपुर थाना पिहानी जिला हरदोई उत्तर प्रदेश के रूप में बताई। खोलिया ने बताया कि उक्त महिला कुछ दिनों से त्रिवेणी घाट पर रह रही थी। महिला के परिजनों के बारे में भी जानकारी जुटाई जा रही है। प्रभारी निरीक्षक खोलिया कि महिला ने किस उद्देश्य से मासूम बच्ची को चुराया था। इस बारे में भी पता लगाया जा रहा है। महिला के खिलाफ अपहरण के आरोप में मुकदमा दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया गया है।

    बेचने या फिर तंत्र विद्या के लिए उठाने की आशंका
    आशंका जताई जा रही है कि उक्त महिला ने निसंतान दंपतियों को बेचने के लिए मासूम बच्ची चोरी की हो। साथ ही दीपावली त्योहार को देखते हुए यह भी आशंका जताई जा रही है कि तंत्र विद्या आदि के लिए भी बच्ची चोरी गई है। वहीं आरोपी महिला मनसिक रूप से कमजोर होने का नाटक भी कर रही है। अपने बारे मे स्पष्ट जानकारी भी नहीं दे रही है।

    पुलिस के सत्यापन अभियान पर सवाल
    बताया जा रहा है कि उक्त महिला कुछ दिनों से अकेले ही रह रही थी। पुलिस महिला के पति के बारे में भी जानकारी जुटा रही है। इस घटना के बाद से पुलिस के सत्यापन अभियान पर भी सवाल उठ रहे हैं। त्रिवेणी घाट पर बड़ी संख्या में लोग खुले आसमान के नीचे रात गुजारते हैं। इन्ही लोगों में यह महिला भी शामिल है।

  • देहरादून: ड्रग तस्करी में शामिल महिलाओं के गिरोह का भंडाफोड़

    देहरादून: ड्रग तस्करी में शामिल महिलाओं के गिरोह का भंडाफोड़

    उत्तराखंड पुलिस की एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (एएनटीएफ) ने ड्रग तस्करी में शामिल महिलाओं के गिरोह का भंडाफोड़ किया है। देहरादून के नेहरू कॉलोनी थाना क्षेत्र से 50 लाख रुपये की स्मैक और 557000 रुपये नगद बरामद किए गए हैं। प्रीति नाम की महिला ड्रग सप्लायर और अनीता

    उत्तराखंड पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स की यूनिट एंटी नार्कोटिक्स टास्क फोर्स (एएनटीएफ) ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए ड्रग तस्करी में शामिल महिलाओं के गिरोह का पर्दाफाश किया है।

    एएनटीएफ ने थाना नेहरू कॉलोनी क्षेत्र से 50 लाख रुपये की स्मैक और 5,57,000 रुपये नगद बरामद किए। टीम ने दो महिला नशा तस्करों को गिरफ्तार किया, जिसमें प्रीति नाम की महिला ड्रग सप्लायर और अनीता एक ड्रग पैडलर शामिल हैं।

    गिरफ्तार प्रीति (45 वर्ष) ने पूछताछ में बताया कि वह रामपुर, उत्तर प्रदेश से स्मैक खरीदकर लाई थी और उसे स्थानीय स्तर पर बेचने की योजना बना रही थी। प्रीति ने यह भी बताया कि उसकी मकान मालकिन अनीता उसे स्मैक लाने के लिए कहती थी और इसके बदले में उसे किराए में छूट दी जाती थी।

    एएनटीएफ टीम ने एनसीबी के साथ मिलकर अनीता के घर की तलाशी ली, जहां से 5 लाख 57 हजार रुपये नगद मिले। पूछताछ में अनीता ने स्वीकार किया कि वह स्मैक को छोटी-छोटी पुड़िया बनाकर बेचती थी और यह रकम भी इसी तस्करी से कमाई गई थी।

    एसटीएफ के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नवनीत सिंह भुल्लर ने कहा कि उत्तराखंड को नशामुक्त बनाने की मुहिम के तहत एंटी नार्कोटिक्स टास्क फोर्स लगातार इस तरह के अभियानों को अंजाम दे रही है। उन्होंने जनता से अपील की है कि नशे से दूर रहें और नशा तस्करी के मामलों की सूचना तुरंत पुलिस को दें।

  • Uttarakhand: प्रदेशवासियों से हर दिन 46 लाख रुपये ठग रहे साइबर अपराधी

    Uttarakhand: प्रदेशवासियों से हर दिन 46 लाख रुपये ठग रहे साइबर अपराधी

    साइबर अपराध की शिकायत के लिए करीब तीन साल पहले प्रदेश में साइबर वित्तीय हेल्पलाइन 1930 की शुरुआत की गई थी। हेल्पलाइन के जरिये बहुत से लोग अपनी गाढ़ी कमाई का कुछ हिस्सा बचाने में भी कामयाब रहे।

    साइबर अपराध कितना खतरनाक है इसका अंदाजा प्रदेशवासियों से हो रही ठगी से लगाया जा सकता है। साइबर अपराधी हर दिन प्रदेश की जनता से लगभग 46 लाख रुपये ठग रहे हैं। यह आंकड़ा इस साल अब तक साइबर वित्तीय हेल्पलाइन पर आई शिकायतों के आधार पर है। जबकि, जो शिकायतें सीधे थाने और जिलों की साइबर सेल के पास पहुंचती हैं, उन्हें मिलाकर यह आंकड़ा इससे भी अधिक हो सकता है।

    साइबर वित्तीय हेल्पलाइन पर इस साल अब तक 19000 से ज्यादा लोगों ने शिकायत की हैं। हेल्पलाइन के जरिये इनमें से बहुत से लोग अपनी गाढ़ी कमाई का कुछ हिस्सा बचाने में भी कामयाब रहे।साइबर अपराध की शिकायत के लिए करीब तीन साल पहले प्रदेश में साइबर वित्तीय हेल्पलाइन 1930 की शुरुआत की गई थी। इस साल अब तक 19005 लोगों ने इस पर शिकायत की है।

    कुल 290 दिनों में प्रदेश के लोगों ने 133 करोड़ रुपये साइबर ठगों को दे दिए। इतने छोटे प्रदेश में यह आंकड़ा काफी भयावह है। यह रकम प्रदेश में इस साल हुई चोरी, लूट और डकैती से कहीं ज्यादा है। हर दिन के हिसाब से यह रकम करीब 46 लाख रुपये होती है। जबकि, हर घंटे की बात करें तो लगभग दो लाख रुपये साइबर ठग ले जाते हैं। शिकायतों की बात करें तो हर दिन लगभग 65 लोग साइबर ठगी का शिकार हो रहे हैं।
    24 करोड़ रुपये बचाए साइबर थाना पुलिस ने

    इस दरम्यान साइबर थाना पुलिस ने लोगों की रकम बचाने के भी खूब प्रयास किए। जिन लोगों ने समय से शिकायत की उनकी गाढ़ी कमाई ठगों के पास जाने से बच भी गई। कुछ लोगों ने आंशिक रूप से बचाई। आंकड़ों की बात करें तो जनवरी से अब तक कुल 24 करोड़ रुपये इस हेल्पलाइन के माध्यम से बचाए गए हैं। जिलों की साइबर सेल से भी काफी रकम बचाई गई है।

    सबसे बड़ा हिस्सा डिजिटल गिरफ्तारी और निवेश संबंधी धोखाधड़ी का

    साइबर ठगों ने बीते 10 सालों में हर साल अपनी रणनीतियों को बदला है। जब किसी मामले को लेकर जागरूकता बढ़ती है, तभी साइबर ठग अपने तरीकों को बदल देते हैं। साइबर थाना पुलिस और एसटीएफ के अधिकारियों के मुताबिक वर्तमान में हुई ठगी की घटनाओं में बड़ा हिस्सा डिजिटल गिरफ्तारी और निवेश संबंधी धोखाधड़ी का है। डिजिटल गिरफ्तारी की बात करें तो साइबर ठगों के इस तरीके से एक व्यक्ति ने सात करोड़ रुपये तक गंवाए हैं। प्रदेश के दोनों साइबर थानों में 50 से ज्यादा ऐसी शिकायतें हैं। साइबर थाना देहरादून में 10 लाख रुपये से अधिक ठगी के 76 मुकदमे दर्ज हो चुके हैं। इनमें से ज्यादातर निवेश और डिजिटल गिरफ्तारी से संबंधित हैं।

    देश में हर दिन 100 करोड़ रुपये की ठगी

    पूरे देश में साइबर ठगी की बात करें तो हर दिन 100 करोड़ रुपये से अधिक ठगी जा रही है। यानी हर साल लगभग 36 से 40 हजार करोड़ रुपये साइबर अपराधी लोगों से ठग रहे हैं। बताया जा रहा है कि इनमें से 90 फीसदी से अधिक रकम चीन के साइबर ठगों को भेजी जाती है। इस तरह बिना किसी कारोबार चीन में हमारे देश की अर्थव्यवस्था का बड़ा हिस्सा चीन को चला जाता है।

     

    लोग साइबर ठगों के जाल में डर और लालच के कारण आते हैं। ऐसे में अभी जागरूकता का स्तर बढ़ाने की जरूरत है। एसटीएफ और साइबर थाने की ओर से लगातार जनजागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं। ज्यादा से ज्यादा साइबर वित्तीय हेल्पलाइन 1930 का प्रचार प्रसार किया जा रहा है। जहां तक अपराध की विवेचना की बात है तो इसके लिए भी बेहतर कार्य किया जा रहा है। हर साल कई बड़े साइबर अपराधियों को एसटीएफ और साइबर थाना पुलिस पकड़ रही है।-नवनीत सिंह भुल्लर, एसएसपी, एसटीएफ