Category: अपराध

  • होटल की आड़ में चल रहे अनैतिक देह व्यापार के धंधे का दून पुलिस ने किया पर्दाफाश

    होटल की आड़ में चल रहे अनैतिक देह व्यापार के धंधे का दून पुलिस ने किया पर्दाफाश

    वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देहरादून को गोपनीय माध्यम से नेहरू कॉलोनी क्षेत्र में होटल की आड़ में अवैध देह व्यापार संचालित किए जाने की सूचना प्राप्त हुई थी जिस पर एसएसपी द्वारा एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट, एसओजी व नेहरू कॉलोनी पुलिस की संयुक्त टीम गठित कर अपराधियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई किए जाने के निर्देश दिए गए, गठित टीम द्वारा दिनांक 22.10.2024 को दून यूनिवर्सिटी रोड पर स्थित होटल नेगी पैलेस पर आकस्मिक चेकिंग करते हुए देह व्यापार के कार्य मैं संलिप्त 03 अभियुक्तों को गिरफ्तार किया व होटल से विभिन्न राज्यों हरियाणा उत्तर प्रदेश पश्चिम बंगाल त्रिपुरा की 04 महिला पीड़िताओं को बरामद किया गया अभियुक्तों से पुलिस टीम द्वारा आपत्तिजनक सामग्री भी बरामद की गई।
    मौके पर पुलिस टीम द्वारा पूछताछ पर मुख्य अभियुक्त द्वारा बताया कि वह नोएडा में देह व्यापार के अपराध में दो बार पूर्व जेल जा चुका है व विभिन्न राज्यों की महिलाओं को नौकरी व अच्छी तनख्वाह का लालच देकर यहां होटल में लाया है व देह व्यापार हेतु वेबसाइट पर फोन व मोबाइल के माध्यमों से ग्राहकों को संपर्क कर देह व्यापार का कार्य करता है अभियुक्तगण को गिरफ्तार कर उनके विरुद्ध थाना नेहरू कॉलोनी पर नैतिक व्यापार (निवारण) अधिनियम 1956 की धारा 3,4,5,6,7 के तहत अभियोग पंजीकृत किया गया है, पीड़ित महिलाओं को नियमानुसार सहायता प्रदान की जाएगी।

    *गिरफ्तार अभियुक्त*
    1..संजू शाही पुत्र दल बहादुर शाही
    निवासी गांव दैलेख नौलापुर थाना बुरी गांव जिला बदरिया नेपाल.
    (मुख्य आरोपी)
    2..आकाश गुप्ता पुत्र नरेश गुप्ता निवासी तबीला नर्सिंग होम बड़ी सब्जी मंडी धौलपुर राजस्थान (ब्रोकर)
    3.. मोहम्मद अजकान उर्फ मोहम्मद सलमान पुत्र मोहम्मद इदरीश
    निवासी गांव बसंतगंज पोस्ट बेवली बेवली रायबरेली उत्तर प्रदेश
    *वांछित*
    1. दीपक पुत्र राजवीर सिंह निवासी अशोक नगर नई दिल्ली । (होटल मालिक)
    2. शोएब निवासी मेहुवाला थाना पटेलनगर देहरादून। (ब्रोकर)

  • US Nagar: किशोरी के साथ सामूहिक दुष्कर्म, पांच आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज

    US Nagar: किशोरी के साथ सामूहिक दुष्कर्म, पांच आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज

    खटीमा कोतवाली क्षेत्र में एक किशोरी के साथ सामूहिक दुष्कर्म का मामला सामने आया है। आरोपी भी नाबालिग बताए जा रहे हैं। पुलिस ने पांच आरोपियों के विरुद्ध केस दर्ज कर मामले की जांच में जुट गई है।

    खटीमा कोतवाली क्षेत्र में एक किशोरी के साथ सामूहिक दुष्कर्म का मामला सामने आया है। आरोपी भी नाबालिग बताए जा रहे हैं। पीड़िता की तहरीर पर पुलिस ने पांच आरोपियों के विरुद्ध केस दर्ज कर मामले की जांच में जुट गई है।

    खटीमा विकासखंड के एक गांव निवासी 14 वर्षीय छात्रा ने पुलिस को तहरीर देकर बताया कि 13 अक्तूबर की रात वह मंदिर में हो रहे देवी जागरण में गई थी। वहां साथ पढ़ने वाला एक छात्र भी गया था। रात करीब 12 बजे वह और छात्र पुलिया पर बैठकर बातें कर रहे थे। आरोप है कि तभी वहां पांचों आरोपी आ धमके और दोनों के साथ गालीगलौज करने लगेे। विरोध करने पर उन्होंने दोनों के साथ मारपीट की।

    इसके बाद दोनों को जबदस्ती बाइक पर बैठाकर बगिया की ओर ले गए। वहां आरोपियों ने छात्रा के साथ छेड़छाड़ और दुष्कर्म किया। साथ ही घटना के बारे में किसी को बताने पर जान से मारने की धमकी दी। इसके बाद पांचों आरोपी वहां से फरार हो गए।

    घटना के बाद गुमसुम रहने लगी पीड़िता
    पीड़िता के पिता के अनुसार घटना के बाद उनकी पुत्री गुमसुम रहने लगी। पुत्री ने आपबीती बताई तो उनका परिवार मानसिक तनाव में आ गया। पीड़िता की तहरीर पर पुलिस ने आरोपियों के विरुद्ध 137(2),70(2),74,115(2),351(2),352 बीएनएस,5(जी)6/7/8 ,पॉक्सो एक्ट के तहत केस दर्ज कर लिया है।

    आरोपियों की तलाश की जा रही है। उनको शीघ्र गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
    – विमल रावत, सीओ

  • ड्रग्स फ्री देवभूमि 2025: अवैध नशा तस्कर फंसे दून पुलिस के शिकंजे में

    ड्रग्स फ्री देवभूमि 2025: अवैध नशा तस्कर फंसे दून पुलिस के शिकंजे में

    मुख्यमंत्री, उत्तराखंड के ड्रग्स फ्री देवभूमि 2025 के विजन को साकार करने हेतु वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देहरादून द्वारा सभी अधीनस्थों को अपने-अपने थाना क्षेत्रान्तर्गत अवैध मादक पदार्थों की तस्करी में लिप्त अभियुक्तों को चिन्हित करते हुए उनके विरूद्ध कठोर वैधानिक कार्यवाही हेतु निर्देशित किया गया है।
    उक्त आदेशों के क्रम में जनपद के सभी थाना क्षेत्रों में मादक पदार्थों की तस्करी में लिप्त अभियुक्तों के चिन्हितरण तथा धरपकड हेतु लगातार दून पुलिस द्वारा सुरागरसी-पतारसी करते हुए तथा मुखबिरों द्वारा प्राप्त सूचनाओं के आधार पर वैधानिक कार्यवाही की जा रही है।
    उक्त के क्रम में थाना सेलाकुई क्षेत्रान्तर्गत दिनांक 17/10/2024 को चैकिंग के दौरान धूलकोट तिराहे के पास से 02 अभियुक्तों *शाबान तथा साहिल को लगभग 07 लाख रू0 की 22 ग्राम अवैध स्मैक* के साथ गिरफ्तार किया गया। अभियुक्तों के विरूद्ध थाना सेलाकुई पर 8/21 एनडीपीएस एक्ट के अंतर्गत अभियोग पंजीकृत किया गया।

    पूछताछ का विवरण:-* पूछताछ में अभियुक्तों द्वारा बताया गया कि वो देवबंद, सहारनपुर के रहने वाले हैं, दोनो अभियुक्त नशे के आदी हैं तथा अपने शौक तथा नशे की आवश्कताओं की पूर्ति करने के लिये तथा कम समय में ज्यादा पैसा कमाने के लालच में हम नशा तस्करी का कार्य करते है। हम यह स्मैक सेलाकुई के औद्योगिक क्षेत्र में कार्य करने वाले तथा शिक्षण संस्थानों में पढने वाले युवकों को बेचकर मुनाफा कमाने की फिराक में थे। इससे पूर्व ही दून पुलिस द्वारा हमें गिरफ्तार कर लिया गया।

    *विवरण गिरफ्तार अभियुक्तगण:*

    1- शाबान पुत्र इसरार निवासी भनेड़ा खास थाना देवबंद जनपद सहारनपुर उत्तर प्रदेश उम्र 21 वर्ष
    2- साहिल पुत्र सलीम निवासी उपरोक्त उम्र 20 वर्ष

    *बरामदगी*
    *कुल 22ग्राम अवैध स्मैक*
    *1- अभियुक्त शाबान – (12 ग्राम अवैध स्मैक )*
    *2- अभियुक्त साहिल-( 10 ग्राम अवैध स्मैक)*
    *( कुल कीमत लगभग – 07 लाख रू0)*

    *पुलिस टीम:-*
    1- उप निरीक्षक अनित कुमार
    2- कां0 सोहन
    3- कां0 शीशपाल
    4- कां0 फरमान

  • उत्‍तराखंड: Dehradun Express को पटरी से उतारने की कोशिश, टला बड़ा हादसा

    उत्‍तराखंड: Dehradun Express को पटरी से उतारने की कोशिश, टला बड़ा हादसा

    Dehradun Express उत्तराखंड में देहरादून एक्सप्रेस को पटरी से उतारने की साजिश नाकाम हो गई है। डोईवाला-हर्रावाला के बीच रेलवे ट्रैक पर 15 फीट लंबा सरिया मिला। जब ट्रेन वहां से गुजरी तो तेज आवाज आते हुए सरिया पहिए में फंस गया। लोको पायलट की सूचना पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया है। मामले में जांच जारी है।

    उत्‍तराखंड में लोको पायलट की सूझबूझ से टला बड़ा हादसा, Dehradun Express को पटरी से उतारने की कोशिश
    Dehradun Express उत्तराखंड में देहरादून एक्सप्रेस को पटरी से उतारने की साजिश नाकाम हो गई है। डोईवाला-हर्रावाला के बीच रेलवे ट्रैक पर 15 फीट लंबा सरिया मिला। जब ट्रेन वहां से गुजरी तो तेज आवाज आते हुए सरिया पहिए में फंस गया। लोको पायलट की सूचना पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया है। मामले में जांच जारी है।

  • टेंडर दिलाने के नाम पर हड़पे 62.75 लाख रुपये

    टेंडर दिलाने के नाम पर हड़पे 62.75 लाख रुपये

    उत्तराखंड सरकार में जान पहचान होने और खुद को मुख्यमंत्री कार्यालय में तैनात बताकर शातिर ने देहरादून में 52 करोड़ रुपये का एलईडी लाइट का टेंडर दिलाने के नाम पर हापुड़ निवासी बिल्डर अक्षत त्यागी से 62.75 लाख रुपये ठग लिए। आरोपी ने टेंडर का फर्जी वर्क ऑर्डर भी बिल्डर को दे दिया। जांच में वर्क ऑर्डर फर्जी निकले तो ठगी का पता चला। मामले में अक्षत त्यागी ने महेश मारहिया, सोनक मारहिया, सौरभ वत्स और पीसी उपाध्याय के खिलाफ कविनगर थाने में धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज कराया है।

    अक्षत त्यागी गाजियाबाद में प्रणाली इन्फोटेक प्रा. लि. नाम फर्म संचालित करते हैं। पुलिस को दी शिकायत में उन्होंने बताया कि हरिद्वार में उनकी मुलाकात महेश माहरिया से हुई थी। महेश ने खुद को उत्तराखंड सरकार में पीएसयू बताया। इसके बाद महेश ने उन्हें उत्तराखंड में दो टेंडर दिलवाने की बात कही और पीसी उपाध्याय व सौरभ वत्स से मुलाकात करवाई। उसने बताया कि दोनों मुख्यमंत्री कार्यालय में कार्यरत हैं और सरकारी टेंडर दिलवाते हैं। तीनों ने मिलकर उन्हें 26-26 करोड़ के दो टेंडर दिलवाने का वादा किया और इसके लिए उनसे 60 लाख रुपये की मांग की। आरोप है कि टेंडर फार्म भरवाने के बाद पहली बार में उनसे 20 लाख रुपये लिए फिर 15 लाख रुपये लिए।

    उन्हें बताया गया कि उनके दोनो टेंडर पास हो गए हैं और जल्द ही वर्क ऑर्डर मिल जाएगा।इसके बाद उनसे 20 लाख रुपये लिए और फिर पांच लाख। आरोप है कि महेश महारिया की पत्नी के बैंक खाते में रकम ट्रांसफर करवाई। रुपये देने के बाद भी उन्हें वर्क ऑर्डर नहीं मिला तो उन्होंने बात की। उसने बताया कि अर्बन डेवलपमेंट के निदेशक छुट्टी पर हैं, इसलिए वर्क ऑर्डर नहीं बन पा रहा है। इसके बाद आरोपियों ने फर्जी वर्क ऑर्डर दे दिए। बाद में वर्क ऑर्डर के फर्जी होने की जानकारी पर फोन उठाने बंद कर दिए। आरोप है कि तीनों ने कई राज्यों में इस तरह टेंडर का झांसा देकर कई लोगों से ठगी की है। एसीपी कविनगर अभिषेक श्रीवास्तव ने बताया कि मामले में जांच कर कार्रवाई की जाएगी।

  • फर्जी डिग्री से शिक्षक बने आरोपी को पांच साल की जेल,दस हजार रुपये का अर्थदंड

    फर्जी डिग्री से शिक्षक बने आरोपी को पांच साल की जेल,दस हजार रुपये का अर्थदंड

    आरोपी ने बीएड की डिग्री के आधार पर शिक्षक की नौकरी प्राप्त की थी। कुछ वर्ष पूर्व शिकायत मिलने पर विभागीय स्तर पर एसआईटी जांच कराई गई, जिसमें शिक्षक अरविंद कुमार की डिग्री भी फर्जी होने की बात सामने आई।

    फर्जी बीएड की डिग्री से शिक्षा विभाग में नौकरी प्राप्त करने के मामले में शिक्षक को अदालत ने दोषी पाते हुए पांच वर्ष कठोर कारावास की सजा सुनाई। साथ ही 10 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। दोषी शिक्षक अरविंद कुमार को न्यायिक अभिरक्षा में पुरसाड़ी जेल भेज दिया गया है।

    अरविंद कुमार ने वर्ष 2002 में चौधरी चरण सिंह विवि मेरठ की बीएड की डिग्री के आधार पर शिक्षक की नौकरी प्राप्त की थी। कुछ वर्ष पूर्व शिकायत मिलने पर विभागीय स्तर पर एसआईटी जांच कराई गई, जिसमें शिक्षक अरविंद कुमार की डिग्री भी फर्जी होने की बात सामने आई। जिससे पहले उसे निलंबित फिर बर्खास्त कर दिया गया।

    साथ ही कानूनी कार्रवाई अमल में लाई गई। पुलिस ने अपनी विवेचना पूरी करने के बाद जिला न्यायालय में केस दर्ज किया।मंगलवार को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट अशोक कुमार सैनी की अदालत ने शिक्षक अरविंद कुमार को फर्जी बीएड की डिग्री से नौकरी प्राप्त करने का दोषी पाया।

    उन्होंने अभियुक्त को पांच वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई। साथ ही 10 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया। पांच अक्तूबर को भी मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत ने एक अन्य शिक्षक को फर्जी बीएड की डिग्री के मामले में पांच वर्ष की जेल की सजा सुनाई थी।

  • उल्लू के शिकार की आशंका को लेकर अलर्ट जारी, स्थानीय लोगों से की सहयोग की अपील

    उल्लू के शिकार की आशंका को लेकर अलर्ट जारी, स्थानीय लोगों से की सहयोग की अपील

    पुलिस ने उल्लू के मिलने वाले स्थानों पर विशेष तौर पर गश्त करने और नजर रखने को कहा गया है। मुखबिरों के साथ स्थानीय लोगों का सहयोग और सूचना प्राप्त करने को कहा है, जिससे अगर कोई अराजक व्यक्ति की हलचल हो तो उसका समय रहते पता चल सके।

    वन विभाग ने उल्लू के शिकार की आशंका को लेकर अलर्ट जारी किया है। प्रदेश के सभी डीएफओ और टाइगर रिजर्व, अभयारण्यों के निदेशकों को संवेदनशील जगहों पर गश्त बढ़ाने और स्थानीय लोगों से अधिक संपर्क में रहने को कहा है।

    दिवाली के समय उल्लू के शिकार बढ़ने की आशंका रहती है। अंधविश्वास के चलते दिवाली के समय होने वाली एक तांत्रिक पूजा में उल्लू की बलि देने की बात कही जाती है, इसके चलते अंधविश्वास में शामिल लोग उल्लू के लिए कोई भी कीमत देने को तैयार रहते हैं।

    ऐसे में उल्लू के शिकारी सक्रिय हो जाते हैं। इस खतरे की आशंका के चलते प्रमुख वन संरक्षक वन्यजीव ने अलर्ट जारी किया है। इसमें उल्लू के मिलने वाले स्थानों पर विशेष तौर पर गश्त करने और नजर रखने को कहा है। मुखबिरों के साथ स्थानीय लोगों का सहयोग और सूचना प्राप्त करने को कहा है, जिससे अगर कोई अराजक व्यक्ति की हलचल हो तो उसका समय रहते पता चल सके।

    प्रमुख वन संरक्षक वन्यजीव रंजन मिश्रा ने बताया कि इस समय उल्लू के शिकार की घटना की आशंका अधिक रहती है। इसके दृष्टिगत राज्य डीएफओ व अन्य अधिकारियों को अलर्ट करने के साथ आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए हैं। तराई केंद्रीय वन प्रभाग के डीएफओ यूसी तिवारी कहते हैं कि सभी संवेदनशील जगहों पर विशेष तौर पर ध्यान रखा जा रहा है।

  • मंदाकिनी में सीवेज बहाने का आरोप, उत्तराखंड सरकार ने मांगा टाइम लाइन

    मंदाकिनी में सीवेज बहाने का आरोप, उत्तराखंड सरकार ने मांगा टाइम लाइन

    एक याचिका में मंदाकिनी नदी में सीवेज बहाए जाने के आरोप लगाए गए हैं। इस मामले में एनजीटी ने बेहद सख्त रुख अपनाते हुए उत्तराखंड सरकार को एसटीपी लगाए जाने के लिए समय सीमा बताने का निर्देश दिया है।

    एक याचिका में मंदाकिनी नदी में सीवेज बहाए जाने के आरोप लगाए गए हैं। अब इस मामले में एनजीटी ने सख्त रुख अपनाया है। एनजीटी ने बेहद कड़ा रुख अपनाते हुए उत्तराखंड सरकार को केदारनाथ में उचित सीवेज ट्रीटमेंट और सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट का इंतजाम करने के लिए समय सीमा बताने का निर्देश दिया। एनजीटी उस याचिका पर सुनवाई कर रहा था जिसमें आरोप लगाया गया है कि मंदाकिनी नदी में सीवेज बहाया जा रहा है। यही नहीं सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट की कमी के चलते नदी प्रदूषित हो रही है।

    बता दें कि एनजीटी ने जमीनी हकीकत जानने के लिए केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के सदस्य सचिव, रुद्रप्रयाग के जिला मजिस्ट्रेट और देहरादून में केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के क्षेत्रीय कार्यालय के प्रतिनिधियों की एक संयुक्त समिति बनाई थी। एनजीटी अध्यक्ष जस्टिस प्रकाश श्रीवास्तव की पीठ ने सुनवाई के दौरान इस समिति की रिपोर्ट पर गौर किया। समिति की रिपोर्ट में कहा गया है कि केदारनाथ में सीवेज के ट्रीटमेंट के लिए कोई सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) नहीं है।

    एनजीटी ने कहा कि समिति ने पाया है कि केदारनाथ में ठोस और प्लास्टिक कचरे के निपटान के लिए कोई प्लांट नहीं लगाया गया है। अनुमान है कि केदारनाथ में सीजन के दौरान हर रोज 1.667 टन प्लास्टिक कचरा निकलता है। एनजीटी की सुनवाई करने वाली पीठ में न्यायिक सदस्य जस्टिस अरुण कुमार त्यागी और विशेषज्ञ सदस्य ए सेंथिल वेल भी शामिल रहे। इस पीठ ने सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट सुविधाओं को बढ़ाने के लिए समिति के सुझाव पर गौर किया।

    पीठ ने कहा कि पैनल ने अपने दौरे के दौरान कई स्थानों पर ढेर सारा निर्माण और विध्वंस कचरा पाया है। रिपोर्ट के अनुसार, 600 किलोलीटर प्रति दिन क्षमता वाला एक सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) बनाया जा रहा है। यह दिसंबर तक पूरा हो जाएगा। हालांकि, एनजीटी ने कहा कि इस एसटीपी की क्षमता भी नाकाफी है। यही नहीं आसपास मौजूद भवनों को सीवेज कनेक्शन प्रदान करने के लिए कोई टाइमलाइन भी नहीं दी गई है। इसके साथ एनजीटी ने अगली सुनवाई के लिए 30 जनवरी की तारीख दी।

    इसके साथ ही एनजीटी ने कहा- हम उत्तराखंड को केदारनाथ में पर्याप्त क्षमता के साथ उचित सीवेज ट्रीटमेंट और सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट लगाने और संयुक्त समिति के सुझावों को लागू करने के लिए हलफनामा दायर करने का निर्देश देते हैं। इस हलफनामे में यह ट्रीटमेंट प्लांटों को शुरू किए जाने की डेडलाइन भी होनी चाहिए। हम यह भी निर्देश देते हैं कि अगले सीजन से पहले सीवेज सोखने वाले गड्ढों का उचित रखरखाव किया जाना चाहिए। यही नहीं सीवेज सिस्टम से 600 केएलडी एसटीपी तक 100 फीसदी कनेक्टिविटी सुनिश्चित की जानी चाहिए।

  • उत्तराखंड: 500 से ज्यादा कैदी फरार,  पुलिस को नहीं है कोई भी खबर

    उत्तराखंड: 500 से ज्यादा कैदी फरार, पुलिस को नहीं है कोई भी खबर

    उत्तराखंड में एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है जहां कोविड काल के दौरान पैरोल पर रिहा किए गए 550 से ज्यादा कैदी पैरोल पूरी होने के बाद भी फरार बताए जा रहे हैं जिनको पकड़ने के लिए उत्तराखंड पुलिस के कोशिश कर रही है लेकिन अभी तक इन कैदियों की कोई भी खबर नहीं है..

    कोविड के दौरान उत्तराखंड की जेलों में बंद क्षमता से ज्यादा कैदियों को रिहा करने का फैसला सरकार और पुलिस के लिए सर दर्द बना हुआ है, दरअसल कोरोना काल के दौरान साल 2020-21 में उत्तराखंड की जेलों में बंद करीब 800 से ज्यादा कैदियों को पैरोल पर रिहा किया गया था, वही पैरोल खत्म होने के बाद करीब 300 कैदियों ने तो खुद को सरेंडर कर दिया लेकिन 500 से ज्यादा कैदी आज भी पैरोल खत्म होने के बाद वापस जेल में नहीं लौटे हैं जिनमें कई कैदी ऐसे हैं जो गंभीर अपराध की सजा जेलों में काट रहे थे, इन सभी फरार कैदियों की तलाश में पुलिस जगह-जगह दबिश दे रही है

    जबकि प्रदेश के सभी 13 जिलों के एसएसपी और एसपी को इन फरार कैदियों की धर पकड़ के लिए निर्देश जारी कर दिए हैं और अपराधियों पर इनाम की घोषणा की भी तैयारी की जा रही है, उत्तराखंड पुलिस के प्रवक्ता नीलेश आनंद भरणे का कहना है कि जो कैदी फरार है उनमें से 81 कैदी ऐसे हैं जिनको कोर्ट से बेल मिली थी जबकि कुछ कैदी ऐसे हैं जिनके केस ट्रायल में थे और उन्हें अंतरिम बेल मिली थी, उन्होंने कहा कि फरार कैदियों को पकड़ने के जेल और जिलों की पुलिस प्रयास कर रही है और जल्दी ही फरार कैदियों पकड़कर जेलों में डाला जाएगा….

  • थराली: नाबालिग से दुष्कर्म पर फूटा हिन्दू संगठनों समेत स्थानीय लोगो का गुस्सा

    थराली: नाबालिग से दुष्कर्म पर फूटा हिन्दू संगठनों समेत स्थानीय लोगो का गुस्सा

    थराली नगर क्षेत्र में नाई की दुकान चलाने वाले एक विशेष समुदाय के युवक द्वारा इंस्टाग्राम पर दोस्ती के बहाने दुष्कर्म करने का मामला सामने आया है जिसमे नाबालिग लड़की के पिता द्वारा थाना चौखुटिया में तहरीर दी गयी ,तहरीर पर कोतवाल देवेंद्र रावत के नेतृत्व में गठित पुलिस टीम ने आरोपी दिलबर खान को थराली थाना क्षेत्र से गिरफ्तार कर बुधवार को ही न्यायालय के समक्ष पेश कर 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में पुरसाडी भेज दिया गया ,वहीं इस घटना की सूचना मिलने के बाद से ही तमाम हिन्दू संगठनों समेत स्थानीय व्यापारियों और स्थानीय लोगो मे घटना और आरोपी के खिलाफ आक्रोश बना हुआ है

    गुरुवार को स्थानीय व्यापारियों और विश्व हिंदू परिषद ,बजरंग दल समेत स्थानीय लोगो ने ग्वालदम देवाल तिराहे पर एकत्र होकर तकरीबन 2 घण्टे तक राष्ट्रीय राजमार्ग पर चक्काजाम किया स्थानीय व्यापारियों ने घटना के विरोध में अपने व्यापारिक प्रतिष्ठान बंद रखे इस दौरान आक्रोशित भीड़ देवाल तिराहे से जुलूस की शक्ल में नारेबाजी करते हुए मस्जिद मार्केट होते हुए आरोपी दिलबर की दुकान तक पहुंची जहां भीड़ आरोपी की दुकान तोड़ने पर आमादा हो गयी हालांकि मौके पर मौजूद पुलिस बल ने भीड़ को दुकान तोड़ने से रोक लिया, बाद में एक सप्ताह के भीतर आरोपी की दुकान खाली करने के आश्वासन पर आक्रोशित भीड़ शांत हुई