Category: अपराध

  • सिंगर मासूम के गानों में गालियों की बौछार, पहाड़ में भड़का जनआक्रोश

    सिंगर मासूम के गानों में गालियों की बौछार, पहाड़ में भड़का जनआक्रोश

    मासूम के चक्कर में ‘गैंगेस्टर’ दून में और  ‘मासूम’ पुलिस

    कौन गैंगेस्टर दून आया था, गायक ने पुलिस को क्यों नहीं की खबर?

    हरियाणवी गायक के खिलाफ तहरीर, दून पुलिस ने भेजा नोटिस

     

    देहरादून। देहरादून के डीएवी पीजी कॉलेज में आयोजित छात्र संघ सप्ताह के सांस्कृतिक कार्यक्रम के दौरान हरियाणवी गायक मासूम शर्मा की धाराप्रवाह गालियों  और कथित गैंगेस्टर के मामले ने तूल पकड़ लिया है। रविवार की देर रात दून पुलिस ने सिंगर पर विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया।
    खानपुर से निर्दलीय विधायक उमेश कुमार की मौजूदगी में 11 अप्रैल को डीएवी महाविद्यालय के कार्यकम में सिंगर मासूम शर्मा ने  मां-बहन की गलियों का खुलकर प्रयोग किया।

    मासूम शर्मा ने यह भो खुलासा किया कि हयात होटल के बाहर संदिग्ध गैंगेस्टर उन पर हमला करने की फिराक में थे। यह पता लगते हो वो रात भर अलर्ट रहे। यह भी कहा कि एक गैंगेस्टर ने अमेरिका में रह रहे उनके भाई से बात भी की।

    लगातार कानून व्यवस्था के सवाल से जूझ रहे  दून में हरियाणा के गैंगेस्टर के आने की खबर पुलिस में न देकर मासूम शर्मा ने अगली सुबह डीएवी महाविद्यालय के मंच से कथित बदमाशों को भद्दी भद्दी गालियां देकर अपनी भड़ास निकाल दी। सिंगर के मंच से भद्दी गालियां सुनकर हर कोई हतप्रभ रह गया।
    ताज्जुब की बात यह रही कि बलात्कार समेत अन्य संगीन धाराओं के मुकदमे से सुर्खियों में आये निर्दलीय विधायक उमेश कुमार भी बेकाबू सिंगर की हौसला अफजाई करता दिखा।

    यही नहीं, उमेश कुमार ने यह कहा कि ‘वह जहां खड़े, सरकार से बड़े’ । इसके अलावा उमेश कुमार ने कथित बदमाशों को चुनौती देते हुए कहा कि ‘देखते हैं कौन गोली चलाता है। दून में बदमाश आते हैं लेकिन वापस नहीं जाते।’
    सिंगर मासूम शर्मा और निर्दलीय विधायक खानपुर की बड़े बोल व गालियों से सुसज्जित वीडियो सोशल मीडिया में जबरदस्त ढंग से वायरल हो रहे हैं।

    हालांकि, 12 अप्रैल को खानपुर विधायक ने वीडियो जारी कर कहा कि एक सप्ताह से कोई गैंगेस्टर मासूम को परेशान कर रहा था। इसी तनाव में सिंगर ने अभद्र भाषा का प्रयोग किया।

    चूंकि, इस कार्यक्रम में सीएम धामी व मंत्री खजान दास भी गए थे। अन्य जनप्रतिनिधियों में  निर्दलीय विधायक उमेश कुमार ही मंच पर नजर आया।  ऐसे में हरियाणा के गैंगेस्टर के दून पहुंचने की खबर से पुलिस व खुफिया तंत्र भी अनजान रहा। जबकि आजकल पुलिस देर रात तक चेकिंग अभियान में जुटी है। रात में ही पुलिस को गैंगेस्टर के बाबत सूचना न देना भी कई सवाल खड़े करता है।
    यहां यह भी काबिलेगौर है कि न तो सिंगर ने गैंगेस्टर के नाम का उल्लेख किया। और न ही विधायक उमेश कुमार ने। वो कथित गैंगेस्टर दून से कहाँ रफ्फूचक्कर हो गया,यह भी पहेली बनी हुई है। उमेश-मासूम के गैंगेस्टर सम्बन्धी वक्तव्यों ने तो पहले से ही कई मामलों में उलझी दून पुलिस और सुरक्षा तंत्र को भी आईना दिखा दिया ।

    प्रदेश में घनघोर प्रतिक्रिया

    इस मुद्दे पर समूचे प्रदेश में गहरी प्रतिक्रिया हो रही है। सिंगर की गालियों के वॉयरल होते ही सुराज दल ने शनिवार की रात ही प्रदर्शन कर पुलिस को कार्रवाई के लिए बाध्य कर दिया था।  यही नहीं,डालनवाला पुलिस ने मामले का संज्ञान लेते हुए कार्रवाई की बात कही है।
    रविवार को उत्तराखंड क्रांति दल के अलावा कई संगठनों ने भी विरोध जताया। और मासूम शर्मा व निर्दलीय विधायक की भूमिका की निंदा की। सोशल मीडिया में आम ओ खास की कड़ी प्रतिक्रियाएं भी जनता के मूड का इशारा कर रहा है।

    इधर, कार्यक्रम में कथित तौर पर गाली-गलौज किए जाने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होते ही देहरादून पुलिस ने मामले का संज्ञान लेते हुए उन्हें नोटिस जारी किया है। घटना के बाद गायक ने सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर अपने शब्दों के लिए माफी भी मांगी है।

    गौरतलब है कि देहरादून के डीएवी पीजी कॉलेज में शनिवार को छात्र संघ सप्ताह के समापन समारोह के तहत सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किया था।
    कार्यक्रम में हरियाणवी गायक मासूम शर्मा और अजय हुड्डा प्रस्तुति देने पहुंचे थे। समारोह में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भी शामिल हुए थे। बताया जा रहा है कि मुख्यमंत्री के कार्यक्रम से रवाना होने के बाद मंच पर प्रस्तुति के दौरान मासूम शर्मा ने अभद्र भाषा का प्रयोग करना शुरू कर दिया। इस दौरान कार्यक्रम स्थल पर मौजूद पुलिस अधिकारी, कॉलेज प्रशासन और  असहज हो गए। बाद में छात्र गुटों के बीच मारपीट व चाकूबाजी की घटना भी हुई।

    सुराज दल उतरा सड़कों पर

    एसपी सिटी प्रमोद कुमार ने बताया कि डीएवी पीजी कॉलेज में आयोजित कार्यक्रम के दौरान मंच से अभद्र भाषा के प्रयोग का मामला पुलिस के संज्ञान में आया है। डालनवाला थाना पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। गायक को नोटिस भेजा गया है और जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

    वहीं विवाद बढऩे के बाद गायक मासूम शर्मा ने रविवार को कहा कि पिछले कुछ समय से एक संदिग्ध व्यक्ति उन्हें परेशान कर रहा था और उसी तनाव के कारण मंच पर उनका व्यवहार असंतुलित हो गया। उन्होंने कहा कि यदि उनके शब्दों से किसी की भावनाएं आहत हुई हैं तो वे इसके लिए क्षमा चाहते हैं।

    हरियाणवी गायक के खिलाफ तहरीर

    देहरादून। डीएवी पीजी कॉलेज में आयोजित एक सांस्कृतिक कार्यक्रम के दौरान कथित रूप से अभद्र और आपत्तिजनक भाषा के प्रयोग को लेकर गायक मासूम शर्मा के खिलाफ पुलिस को तहरीर दी गई है।

    अधिवक्ता सेवा मंच के अध्यक्ष संदीप मोहन चमोली सहित कई अधिवक्ताओं ने थाना डालनवाला में शिकायत देकर प्राथमिकी दर्ज करने की मांग की है। तहरीर में कहा गया है कि 11 अप्रैल 2026 को डीएवी पीजी कॉलेज में आयोजित एक सार्वजनिक सांस्कृतिक कार्यक्रम के दौरान मंच से अश्लील और आपत्तिजनक शब्दों का प्रयोग किया गया, जिससे वहां मौजूद छात्र-छात्राओं और आम लोगों की भावनाएं आहत हुईं।

    शिकायत में यह भी कहा गया है कि कार्यक्रम के मंच को प्रदेश के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और खानपुर के विधायक उमेश कुमार द्वारा साझा किया गया था। तहरीर में आरोप लगाया गया है कि कार्यक्रम के दौरान दिए गए बयान से शहर का माहौल भी प्रभावित हुआ है।

    अधिवक्ताओं ने मामले की निष्पक्ष जांच कर संबंधित व्यक्ति के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है। इस संबंध में पुलिस से उचित कार्रवाई की अपेक्षा जताई गई है।

    पहले भी विवादों में रह चुके हैं मासूम शर्मा

    – हरियाणवी गायक मासूम शर्मा का नाम पहले भी कई विवादों में सामने आ चुका है।
    – साल 2024 में एक महिला ने उन पर मारपीट और छेडख़ानी का आरोप लगाया था।
    – साल 2025 में हरियाणा सरकार ने गन कल्चर को बढ़ावा देने के आरोप में उनके कुछ गानों को यूट्यूब से हटाने का आदेश दिया था।
    – फरवरी 2026 में जिंद में एक लाइव शो के दौरान पूर्व सरपंच के साथ कथित बदसलूकी और मंच से अपमानजनक भाषा के इस्तेमाल को लेकर भी विवाद हुआ था।

  • पेंशन अपडेट के बहाने रिटायर्ड बैंक कर्मी से 10 लाख की ठगी

    पेंशन अपडेट के बहाने रिटायर्ड बैंक कर्मी से 10 लाख की ठगी

    देहरादून।। उत्तराखण्ड एसटीएफ की साइबर क्राइम टीम ने पेंशन अपडेट कराने के नाम पर ठगी करने वाले गिरोह के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए पश्चिम बंगाल से एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। खुद को बैंक अधिकारी बताकर रिटायर्ड कर्मी से 10 लाख रुपये की धोखाधड़ी करने वाले इस नेटवर्क का खुलासा जांच के दौरान हुआ।

    देहरादून निवासी एक रिटायर्ड बैंक कर्मी को साइबर अपराधियों ने कॉल कर खुद को भारतीय स्टेट बैंक का अधिकारी बताया। आरोपियों ने पेंशन अपडेट कराने का झांसा देकर पीड़ित से HRMS विवरण और YONO (SBI) खाते की जानकारी हासिल कर ली। इसके बाद दो चरणों में 10 लाख रुपये अलग-अलग खातों में ट्रांसफर कर लिए गए।

    इस मामले में साइबर थाना देहरादून में धारा 420, 120बी भादवि और 66D आईटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया।

    पश्चिम बंगाल से आरोपी गिरफ्तार, गिरोह का नेटवर्क खंगाल रही एसटीएफ

    जांच में सामने आया कि आरोपी जीतेन प्रतापति ने अपने साथियों के साथ मिलकर ठगी को अंजाम दिया। ठगी की रकम में से 5 लाख रुपये उसके खाते में ट्रांसफर हुए थे। एसटीएफ टीम ने उसे बारानगर, उत्तर 24 परगना (पश्चिम बंगाल) से गिरफ्तार कर लिया है और आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
    इस प्रकरण में पूर्व में भी एक अन्य आरोपी को गिरफ्तार किया जा चुका है।

    एसटीएफ ने लोगों से अपील की है कि अनजान कॉल या वीडियो कॉल पर व्यक्तिगत व बैंकिंग जानकारी साझा न करें, फर्जी निवेश योजनाओं से बचें और किसी भी साइबर ठगी की स्थिति में तुरंत 1930 हेल्पलाइन या राष्ट्रीय साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत दर्ज करें।

  • भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति का प्रभाव

    भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति का प्रभाव

    शिक्षाधिकारी की रंगे हाथ गिरफ्तारी, सिस्टम को साफ करने का संदेश

    देहरादून। डोईवाला में तैनात उप शिक्षा अधिकारी और उनकी महिला सहयोगी का 1 लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए पकड़ा जाना यह दर्शाता है कि अब भ्रष्टाचार करने वालों के लिए कोई “सेफ ज़ोन” नहीं बचा है। आरटीई प्रतिपूर्ति जैसे संवेदनशील विषय में भी रिश्वत मांगना न केवल कानून का उल्लंघन है, बल्कि गरीब बच्चों के अधिकारों पर सीधा हमला है।

    धामी सरकार का साफ संदेश — “भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं”

    धामी सरकार लगातार यह स्पष्ट कर रही है कि: चाहे अधिकारी कितना भी प्रभावशाली क्यों न हो,चाहे मामला किसी भी विभाग का हो, भ्रष्टाचार में लिप्त पाए जाने पर सीधी कार्रवाई होगी — बिना किसी दबाव या संरक्षण के।

    यह कार्रवाई कोई एकल घटना नहीं है, बल्कि पिछले कुछ समय से सतर्कता विभाग और अन्य एजेंसियों द्वारा लगातार की जा रही सख्त कार्रवाइयों की कड़ी है।

    धामी सरकार की विशेषता सिर्फ नीतियां बनाना नहीं, बल्कि उन्हें जमीन पर लागू करना है। ट्रैप ऑपरेशन तेज हुए हैं और शिकायतों पर तुरंत संज्ञान लिया जा रहा है

    दोषियों को रंगे हाथ पकड़कर जेल भेजा जा रहा है, यही वजह है कि अब सरकारी तंत्र में जवाबदेही बढ़ती नजर आ रही है।

    जनता का विश्वास मजबूत

    ऐसी कार्रवाइयों से आम जनता को यह भरोसा मिल रहा है कि उनकी शिकायतें अनसुनी नहीं होंगी और भ्रष्ट अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई होगी। सरकारी योजनाओं का लाभ बिना “रिश्वत” के मिल सकेगा*

    देहरादून की यह घटना एक उदाहरण है कि उत्तराखंड में अब “भ्रष्टाचार की कीमत” चुकानी पड़ रही है।

    पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में सरकार सिर्फ दावे नहीं कर रही, बल्कि एक साफ और जवाबदेह प्रशासन देने की दिशा में लगातार ठोस कदम उठा रही है।

  • रिटायर्ड ब्रिगेडियर की मौत पर बड़ा अपडेट, तीन और आरोपी पकड़े गए

    रिटायर्ड ब्रिगेडियर की मौत पर बड़ा अपडेट, तीन और आरोपी पकड़े गए

    बार में विवाद के बाद सड़क पर चली गोलियां

    पुलिस अब तक 7 आरोपियों को भेज चुकी है जेल

    देहरादून। राजपुर थाना क्षेत्र के जोहड़ी गांव में हुई फायरिंग की घटना में एक बुजुर्ग की मौत के मामले में पुलिस ने तीन और आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इस मामले में पहले ही चार आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है।

    जानकारी के अनुसार, 30 मार्च की सुबह कंट्रोल रूम के माध्यम से जोहड़ी गांव में फायरिंग की सूचना प्राप्त हुई। सूचना मिलते ही वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, एसपी सिटी सहित पुलिस टीम तत्काल मौके पर पहुंची।
    जांच में सामने आया कि मालसी की ओर से जोहड़ी गांव की तरफ आ रही स्कॉर्पियो-एन और दिल्ली नंबर की फॉर्च्यूनर कार में सवार लोगों के बीच आपसी विवाद के चलते फायरिंग हुई।

    इसी दौरान सड़क पर मॉर्निंग वॉक कर रहे 74 वर्षीय रिटायर्ड ब्रिगेडियर मुकेश कुमार जोशी निवासी तुला अपार्टमेंट, जोहड़ी गांव को गोली लग गई। उन्हें तुरंत मैक्स अस्पताल ले जाया गया, जहां उपचार के दौरान उनकी मृत्यु हो गई।

    मृतक के परिजनों की तहरीर के आधार पर थाना राजपुर में हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस इस मामले की जांच बीएनएस और आर्म्स एक्ट की धाराओं में कर रही है।

    प्रारंभिक जांच में यह तथ्य सामने आया कि फॉर्च्यूनर कार में सवार आरोपी कुठालगेट स्थित एक बार में काम करते थे। 29 मार्च की रात बार में बिल को लेकर उनका स्कॉर्पियो सवार युवकों—शांतनु त्यागी, आदित्य चौधरी और कविश त्यागी—के साथ विवाद हो गया था।
    अगली सुबह दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए और एक-दूसरे का पीछा करते हुए फायरिंग करने लगे। इस दौरान एक निर्दोष बुजुर्ग इसकी चपेट में आ गए और उनकी जान चली गई।

    घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तुरंत टीमों का गठन कर कार्रवाई शुरू की। पहले चरण में चार आरोपियों रोहित कुमार, मोहम्मद अखलाक उर्फ साबिर, संदीप कुमार और आदित्य चौधरी को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया। इनके कब्जे से दो देशी तमंचे और चार जिंदा कारतूस बरामद हुए थे।

    मृतक सैन्य अफसर एम के जोशी

    पूछताछ के दौरान अन्य आरोपियों के नाम सामने आए, जिनमें से पुलिस ने अब आदेश गिरी (शामली), समीर चौधरी (हरिद्वार) और मोहित अरोड़ा (नई दिल्ली) को भी गिरफ्तार कर लिया है।

    पुलिस के अनुसार, मामले में शामिल अन्य फरार आरोपियों की तलाश में लगातार दबिश दी जा रही है और जल्द ही उन्हें भी गिरफ्तार कर लिया ।
    इस मामले में कानून व्यवस्था को लेकर कांग्रेस और आम जनता तीखी प्रतिक्रिया जता रहे हैं।

  • ओवरटेकिंग को लेकर विवाद, फायरिंग में रिटायर्ड ब्रिगेडियर की जान गई

    ओवरटेकिंग को लेकर विवाद, फायरिंग में रिटायर्ड ब्रिगेडियर की जान गई

    टायर पर चलाई गोली से पूर्व सैन्य अफसर की मौत

    जोहड़ी गांव में कार सवारों का बवाल

    देहरादून। कानून व्यवस्था की लगातार धज्जियां उड़ने की एक और सनसनीखेज घटना सामने आई है।
    राजपुर थाना क्षेत्र के जोहड़ी गांव में सोमवार सुबह ओवरटेकिंग को लेकर दो कार सवारों के बीच हुआ विवाद हिंसक हो गया। स्कॉर्पियो कार सवार व्यक्तियों द्वारा दूसरी कार को रोकने के लिए की गई फायरिंग में मॉर्निंग वॉक पर निकले 75 वर्षीय रिटायर्ड ब्रिगेडियर एम.के. जोशी की गोली लगने से मौत हो गई।

    पुलिस के अनुसार सुबह लगभग 6:50 बजे कंट्रोल रूम को जोहड़ी गांव में फायरिंग की सूचना प्राप्त हुई। सूचना पर तत्काल पुलिस और अधिकारी मौके पर पहुंचे। जांच में पता चला कि मसूरी रोड स्थित मालसी के पास दिल्ली नंबर की फॉर्च्यूनर और स्कॉर्पियो एन कार सवारों के बीच ओवरटेकिंग को लेकर विवाद हो गया था।

    बताया जा रहा है कि स्कॉर्पियो सवार व्यक्तियों ने फॉर्च्यूनर कार का पीछा करते हुए उसे रोकने के लिए उसके टायरों पर गोली चलाई। इसी दौरान सड़क पर मॉर्निंग वॉक कर रहे रिटायर्ड ब्रिगेडियर जोशी को गोली लग गई। गंभीर रूप से घायल होने पर उन्हें तत्काल अस्पताल ले जाया गया, जहां उपचार के दौरान उनकी मृत्यु हो गई।

    घटना के दौरान फॉर्च्यूनर कार जोहड़ी गांव स्थित राजकीय प्राथमिक विद्यालय के पास अनियंत्रित होकर सड़क किनारे पेड़ से टकरा गई। इसके बाद स्कॉर्पियो सवार व्यक्तियों ने फॉर्च्यूनर में सवार लोगों के साथ मारपीट की और वाहन को भी क्षतिग्रस्त कर दिया। इस घटना में फॉर्च्यूनर सवार दो लोग घायल हुए हैं, जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
    घटना के बाद स्कॉर्पियो सवार सभी आरोपी मौके से फरार हो गए।

    एसएसपी के निर्देश पर पूरे जनपद में नाकेबंदी कर सघन चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है। साथ ही, घटनास्थल और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है।
    पुलिस ने मामले में आवश्यक कार्रवाई शुरू कर दी है और आरोपियों की तलाश जारी है।

  • एसटीएफ का शिकंजा, हथियारों के साथ दो तस्कर दबोचे

    एसटीएफ का शिकंजा, हथियारों के साथ दो तस्कर दबोचे

    शाहजहांपुर से लाई गई थीं बंदूकें

    फर्जी लाइसेंस से बेचने की थी साजिश

    उधम सिंह नगर। उत्तराखंडब एसटीएफ ने अवैध हथियार तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए जसपुर क्षेत्र से दो शातिर अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से 2 पंप एक्शन गन, 2 पिस्टल (.32 बोर), 10 जिंदा कारतूस और एक कार बरामद की गई है।

    गिरफ्तार अभियुक्तों में शमशेर सिंह (निवासी हजीरा, जसपुर) और सिमरनजीत (निवासी अंजनिया फार्म, पुलभट्टा) शामिल हैं। सिमरनजीत थाना पुलभट्टा का हिस्ट्रीशीटर है, जिस पर उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश में एक दर्जन से अधिक आपराधिक मामले दर्ज हैं।

    पूछताछ में खुलासा हुआ कि आरोपी हथियार उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर से लाए थे और जसपुर में बेचने की तैयारी में थे। साथ ही फर्जी लाइसेंस के जरिए हथियारों को वैध दिखाने की योजना भी सामने आई है।
    पिछले दो सप्ताह में एसटीएफ की यह तीसरी बड़ी कार्रवाई है। महज 10 दिनों में टीम 5 अपराधियों को गिरफ्तार कर 6 तमंचे, 2 पंप एक्शन गन, 2 पिस्टल और 31 कारतूस बरामद कर चुकी है।
    मामले में आर्म्स एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर आगे की जांच जारी है।

  • देहरादून: अपराध पर शिकंजा, तीन आरोपी जेल, पांच मुकदमे दर्ज

    देहरादून: अपराध पर शिकंजा, तीन आरोपी जेल, पांच मुकदमे दर्ज

    गैस एजेंसी स्वामी की संलिप्तता पर सीधे जेल के निर्देश

    होम डिलीवरी अनिवार्य

    देहरादून। जिले में एलपीजी गैस की आपूर्ति, वितरण और बैकलॉग की स्थिति को लेकर जिलाधिकारी सविन बंसल की अध्यक्षता में ऋषिपर्णा सभागार, कलेक्ट्रेट में समीक्षा बैठक आयोजित की गई।

    बैठक में जिला प्रशासन की क्यूआरटी, संबंधित अधिकारी, गैस एजेंसियों के स्वामी एवं तेल कंपनियों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
    जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि गैस एजेंसियों की हर गतिविधि पर कड़ी निगरानी रखी जाए। होम डिलीवरी व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए प्रत्येक एजेंसी पर अधिकारियों की तैनाती कर दी गई है, जो स्टॉक, वितरण और बैकलॉग की नियमित रिपोर्ट देंगे।

    समीक्षा के दौरान पाया गया कि सॉफ्टवेयर में तकनीकी समस्या के कारण लगभग 25 हजार मैन्युअल गैस वितरण की प्रविष्टियां लंबित हैं। इस पर जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि सभी प्रविष्टियां आज ही सॉफ्टवेयर पर अपडेट की जाएं, अन्यथा संबंधित एजेंसियों और तेल कंपनियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। साथ ही 25 और 45 दिन की एडवांस बुकिंग का पृथक विवरण प्रस्तुत करने के निर्देश जिला पूर्ति अधिकारी को दिए गए।

    जिलाधिकारी ने पुलिस अधीक्षक नगर को निर्देशित किया कि छापेमारी में पकड़े जा रहे सिलेंडरों की ट्रेसिंग कर संबंधित गैस एजेंसी की पहचान की जाए और संलिप्त पाए जाने पर एजेंसी स्वामी के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर उन्हें जेल भेजा जाए।
    जिले में 70 गैस एजेंसियों के निरीक्षण के लिए क्यूआरटी टीम गठित की गई है, जिसमें 30 अधिकारी शामिल हैं। ये अधिकारी प्रतिदिन स्टॉक, आपूर्ति और वितरण का निरीक्षण कर रिपोर्ट प्रस्तुत करेंगे। यह भी सुनिश्चित किया जा रहा है कि किसी भी एजेंसी या गोदाम से सीधे सिलेंडर न दिए जाएं, बल्कि केवल ओटीपी आधारित होम डिलीवरी के माध्यम से ही आपूर्ति हो।
    जिला प्रशासन की सख्त कार्रवाई से कालाबाजारी करने वालों में भय का माहौल है। अब तक 5 मुकदमे दर्ज किए गए हैं, जिनमें 3 आरोपियों को जेल भेजा गया है। साथ ही 150 घरेलू, 139 व्यवसायिक और 7 छोटे सिलेंडर जब्त किए गए हैं।
    आज सहस्त्रधारा क्षेत्र में कार्रवाई करते हुए 15 घरेलू सिलेंडर होटल-ढाबों से जब्त किए गए। वहीं, 200 सिलेंडर उपभोक्ताओं के पास खाली सिलेंडर न होने के कारण वापस एजेंसियों को लौटाए गए, जिससे बैकलॉग की स्थिति प्रभावित हुई।
    जिले में अब तक 415 औचक निरीक्षण किए जा चुके हैं। कंट्रोल रूम के माध्यम से गैस आपूर्ति से संबंधित 35 शिकायतें प्राप्त हुई हैं, जिनका निस्तारण किया जा रहा है। वर्तमान में लगभग 94 हजार घरेलू सिलेंडरों का बैकलॉग है, जबकि 42,848 घरेलू और 1,658 व्यवसायिक सिलेंडर स्टॉक में उपलब्ध हैं।

    जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि कालाबाजारी पर सख्त कार्रवाई जारी रहेगी और उपभोक्ताओं को सुचारु रूप से गैस उपलब्ध कराई जाएगी।

  • रिश्वतखोरी करते जेई को विजिलेंस ने रंगे हाथ पकड़ा

    रिश्वतखोरी करते जेई को विजिलेंस ने रंगे हाथ पकड़ा

    बिजली कनेक्शन व लोड बढ़ाने के नाम पर 80 हजार की मांग

    देहरादून। सतर्कता अधिष्ठान (विजिलेंस) की टीम ने कार्रवाई करते हुए बिजली विभाग के अवर अभियंता अतुल कुमार को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया।

    जानकारी के अनुसार, अतुल कुमार, अवर अभियंता, बिजलीघर पथरी बाग 33/11 के.वी. देहरादून में तैनात है। उसने शिकायतकर्ता से उसकी पत्नी के नाम से खरीदे गए अपार्टमेंट पर बिजली का कनेक्शन कराने तथा विद्युत भार बढ़ाने के एवज में 80 हजार रुपये की रिश्वत की मांग की थी।

    शिकायत मिलने पर सतर्कता टीम ने जाल बिछाया और आरोपी को शिकायतकर्ता से 80 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़ लिया। आरोपी के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत कार्रवाई की जा रही है।

  • विजिलेंस का बड़ा एक्शन: जीएसटी कर्मी 20 हजार रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार

    विजिलेंस का बड़ा एक्शन: जीएसटी कर्मी 20 हजार रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार

    पुराने वैट टैक्स निपटाने के नाम पर 1.20 लाख की मांग

    हरिद्वार। विजिलेंस की टीम ने जीएसटी कार्यालय में कार्यरत उपनल कर्मी प्रमोद सेमवाल को 20 हजार रुपये रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया।

    शिकायतकर्ता ने बताया कि उनकी फर्म हिमांशी पैकेजिंग इंडस्ट्री वर्ष 2021 में बंद हो चुकी है। जीएसटी लागू होने से पूर्व वर्ष 2017 के अंतिम तीन माह का वैट टैक्स विभाग द्वारा 1,76,000 रुपये बताया गया था।

    इस देनदारी को समाप्त करने के नाम पर जीएसटी कार्यालय में तैनात डाटा क्लर्क प्रमोद सेमवाल ने एक लाख 20 हजार रुपये नकद रिश्वत की मांग की थी। आरोपी ने यह रकम किस्तों में देने के लिए कहा था।

    शिकायत के सत्यापन के बाद सतर्कता अधिष्ठान की टीम ने जाल बिछाया और 24 फरवरी को सहायक आयुक्त राज्य कर खंड-3 हरिद्वार कार्यालय के पास प्रमोद सेमवाल को 20 हजार रुपये रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया।
    प्रमोद सेमवाल उपनल के माध्यम से पिछले करीब 18 वर्षों से सहायक आयुक्त राज्य कर खंड-3 हरिद्वार कार्यालय में डाटा एंट्री ऑपरेटर के पद पर कार्यरत है।

    प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी पुराने वैट मामलों के निपटान के नाम पर शिकायतकर्ता से रिश्वत मांग रहा था। सतर्कता अधिष्ठान द्वारा आरोपी के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत अग्रिम कार्रवाई की जा रही है।

  • सिल्वर सिटी मॉल में गैंगेस्टर विक्रम शर्मा हत्याकांड का सनसनीखेज खुलासा

    सिल्वर सिटी मॉल में गैंगेस्टर विक्रम शर्मा हत्याकांड का सनसनीखेज खुलासा

    झारखंड के दो  शूटर गिरफ्तार

    जिम ज्वाइन कर की गई रेकी

    तीन माह पहले रची गई थी विक्रम शर्मा की हत्या की साजिश

    देहरादून। दून पुलिस और एसटीएफ की संयुक्त टीम नेडालनवाला क्षेत्र स्थित सिल्वर सिटी मॉल में 13 फरवरी को हुई विक्रम शर्मा की हत्या का खुलासा  कर दिया है।

    पुलिस ने हत्या की साजिश में शामिल दो आरोपियों को अलग-अलग राज्यों से गिरफ्तार किया है, जबकि छह आरोपी अभी फरार हैं।

    सोमवार को एसएसपी परमेन्द्र डोवाल और एसएसपी एसटीएफ अजय सिंह ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि फरार आरोपियों पर 25-25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया है।

    13 फरवरी को कंट्रोल रूम के माध्यम से डालनवाला पुलिस को सूचना मिली कि सिल्वर सिटी मॉल में अज्ञात हमलावरों ने एक व्यक्ति की गोली मारकर हत्या कर दी है।

    सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर उसकी पहचान अमन विहार, रायपुर निवासी विक्रम शर्मा के रूप में की। घटना की सूचना पर वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने भी मौके पर पहुंचकर निरीक्षण किया और फोरेंसिक टीम की मदद से साक्ष्य जुटाए।

    जांच में सामने आया कि विक्रम शर्मा झारखंड का कुख्यात अपराधी था और हत्या, हत्या के प्रयास तथा रंगदारी समेत कई मामलों में शामिल रहा था। वह इन मामलों में जमानत पर बाहर चल रहा था। उसके आपराधिक पृष्ठभूमि को देखते हुए पुलिस ने झारखंड से जुड़े गिरोहों के एंगल पर भी जांच शुरू की।

    घटना के खुलासे के लिए गठित पुलिस टीमों ने घटनास्थल और आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले तथा सर्विलांस की मदद से आरोपियों की पहचान की। जांच में सामने आया कि तीन आरोपी मोटरसाइकिल से आए थे और हत्या के बाद सहस्त्रधारा रोड पर मोटरसाइकिल छोड़कर पहले से खड़े दूसरे वाहन से हरिद्वार की ओर फरार हो गए। पुलिस ने घटना में प्रयुक्त अपाचे मोटरसाइकिल बरामद कर ली, जो झारखंड निवासी के नाम पर पंजीकृत थी।

    आगे की जांच में पता चला कि आरोपियों ने हरिद्वार से किराये पर स्कूटी और बाइक ली थी और बाद में स्कार्पियो वाहन से नोएडा भाग गए। पुलिस ने झारखंड से राजकुमार को गिरफ्तार किया, जबकि ग्रेटर नोएडा से स्कार्पियो वाहन बरामद कर अक्षत ठाकुर उर्फ मोहित को गिरफ्तार किया गया।

    पूछताछ में खुलासा हुआ कि विक्रम शर्मा की हत्या की साजिश करीब तीन माह पहले रची गई थी। आरोपियों ने पहले जमशेदपुर और नोएडा में हत्या की योजना बनाई, लेकिन मौका नहीं मिलने पर देहरादून को चुना। साजिश के तहत अंकित वर्मा ने उसी जिम को ज्वाइन किया था, जहां विक्रम शर्मा नियमित रूप से जाता था। घटना के दिन अंकित ने अपने साथियों को फोन कर विक्रम के जिम में होने की सूचना दी, जिसके बाद जिम से बाहर निकलते ही उसे गोली मार दी गई।

    हत्या के बाद आरोपी हरिद्वार पहुंचे, जहां से स्कार्पियो वाहन से नोएडा फरार हो गए। पुलिस ने इस मामले में अक्षत ठाकुर और राजकुमार को गिरफ्तार कर लिया है। जबकि अंकित वर्मा, आशुतोष सिंह, विशाल सिंह, आकाश कुमार प्रसाद, यशराज और जितेंद्र कुमार साहू अभी फरार हैं। सभी फरार आरोपियों पर 25-25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया है और उनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीमें लगातार प्रयास कर रही हैं।