Category: अपराध

  • ऋषिकेश बवाल व पथराव केस में कार्रवाई तेज, उपद्रवियों की पहचान जारी

    ऋषिकेश बवाल व पथराव केस में कार्रवाई तेज, उपद्रवियों की पहचान जारी

     वन भूमि से अतिक्रमण हटाने के दौरान हुआ था पथराव

    फोटो-वीडियो व ड्रोन फुटेज के आधार पर उकसाने वालों पर कार्रवाई की तैयारी

    ऋषिकेश। पुलिस ने बीते 28 दिसम्बर को हुई पथराव की घटना में शामिल व उकसाने वाले उपद्रवियों की पहचान प्रक्रिया शुरू कर दी है।

    उच्चतम न्यायालय के आदेश के क्रम में 28 दिसंबर को ऋषिकेश स्थित वन विभाग की भूमि से अतिक्रमण हटाने के लिए पुलिस, वन विभाग एवं प्रशासन की संयुक्त टीमें मौके पर पहुंचीं। इस दौरान कुछ उपद्रवियों द्वारा आमजन को उकसाकर पथराव की घटना को अंजाम दिया गया।

    घटना में शामिल उकसाने वालों तथा पथराव करने वाले उपद्रवियों की पहचान की जा रही है। ऐसे उपद्रवी, जिनका वन विभाग की भूमि से कोई लेना-देना नहीं है, इसके बावजूद घटना में शामिल होकर लोगों को भड़काया गया, उन्हें विशेष रूप से चिन्हित किया जा रहा है।

    मौके पर ली गई फोटो, वीडियो तथा ड्रोन कैमरे से की गई कवरेज के आधार पर उपद्रवियों की पहचान की जा रही है। इसी क्रम में कुछ उपद्रवियों के फोटो एवं वीडियो प्रकाशित किए जा रहे हैं।

    प्रशासन ने आमजन से अपील की है कि यदि किसी को इन उपद्रवियों के संबंध में कोई जानकारी हो तो मोबाइल नंबर 9411112815 पर तत्काल सूचना दें। सूचना देने वालों की पहचान पूर्णतः गोपनीय रखी जाएगी।

  • अंकिता हत्याकांड: पूर्व भाजपा विधायक ने उठाई सीबीआई जांच की मांग

    अंकिता हत्याकांड: पूर्व भाजपा विधायक ने उठाई सीबीआई जांच की मांग

    फैक्ट्री बेच उर्मिला को दिए 50 लाख,वो मेरी पत्नी नहीं-राठौर

    बेटियों की रक्षा हमारी सबसे बड़ी जिम्मेदारी-विजया बड़थ्वाल

    दोषी कोई भी हो, सजा जरूर मिले-त्रिवेंद्र

    भाजपा संगठन में फेरबदल के संकेत

    देहरादून। उर्मिला-सुरेश-आरती के अंदरूनी विवाद से जनित कथित वीआईपी विवाद में पूर्व सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत और पूर्व विधायक विजया बड़थ्वाल ने भी चुप्पी तोड़ दी है।
    इन दोनों भाजपा के वरिष्ठ नेताओं के बयान के बाद इस मुद्दे पर पार्टी के मतभेद भी सामने आ गए हैं।
    उधर, वीआईपी कांड को लेकर भाजपा हाईकमान में भी गम्भीर हलचल देखी जा रही है। निकट भविष्य में प्रदेश संगठन में बड़े बदलाव की उम्मीद भी बनने लगी है।
    इधऱ, यमकेश्वर से पूर्व विधायक विजया बड़थ्वाल ने तो तीखा लिखित बयान जारी कर कांग्रेस की तर्ज पर सीबीआई जांच की मांग कर डाली। यही नहीं, उन्होंने यह भी कह दिया कि न्याय होना ही पर्याप्त नहीं है। न्याय दिखना भी चाहिए।
    उन्होंने कहा कि हम किसी भी पार्टी के हो सकते हैं, परंतु हमारी बेटियों की प्रतिष्ठा, सम्मान और अस्मिता की रक्षा हमारी सबसे बड़ी जिम्मेदारी है। महादेव की इस पवित्र भूमि पर यदि हमारी बेटियाँ सुरक्षित नहीं हैं, तो इस राज्य को संभालने का क्या अर्थ बचता है?
    गौरतलब है कि जिस वनन्तरा रिसॉर्ट में अंकिता  नौकरी करती थी। वह यमकेश्वर विधानसभा में आता है। और यहां से मौजूदा भाजपा विधायक रेनू बिष्ट और उमरेला कि पूर्व जिला पंचायत सदस्य आरती गौड़ पर वनन्तरा रिसॉर्ट में बुलडोजर चलाने का आरोप सुर्खियों में है।
    इस बीच, सालों से मौन साधे रही पूर्व विधायक विजया बड़थ्वाल के झकझोरने वाले बयान के बाद भाजपा की चिंता की लकीरें बढ़ गयी है।

    क्या कहा पूर्व सीएम त्रिवेंद्र ने

    विजया बड़थ्वाल के बाद पूर्व सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत ने पत्रकारों से बातचीत में
    मामले को बेहद गंभीर बताते हुए कहा कि यह महिलाओं से जुड़ा हुआ विषय है, जो समाज के 50 प्रतिशत हिस्से का प्रतिनिधित्व करती हैं। त्रिवेंद्र रावत ने कहा कि यह मामला इस समय न्यायालय के विचाराधीन है । इसलिए सरकार कोई निर्णय नहीं ले सकती ।
    साथ ही यह भी जोड़ा कि इसकी गहराई से जांच की आवश्यकता है।
    पूर्व सीएम ने कहा कि इस तरह के गलत काम करने वालों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाना चाहिए। चाहे वह उनका अपना बच्चा हो या भाई, कानून सभी के लिए समान होना चाहिए और दोषियों को सख्त सजा मिलनी चाहिए।

    उन्होंने कहा कि इस तरह की घटनाएं समाज की छवि को नुकसान पहुंचाती हैं और समाज पर धब्बा लगाने का काम करती हैं। त्रिवेंद्र सिंह रावत ने यह भी कहा कि जब यह घटना हुई थी, तब उन्हें व्यक्तिगत रूप से भी गहरा दुख और तकलीफ हुई ।

    विजया बड़थ्वाल व त्रिवेंद्र के बयान के बाद भाजपा के अंदर राजनीतिक हलचल तेज हो गयी है। प्रदेश भाजपाध्यक्ष महेंद्र भट्ट उर्मिला सनावर पर दिए गए बयान के बाद स्वंय घिर गए है।

    उर्मिला मेरी पत्नी नहीं

    इस मुद्दे पर भाजपा से निष्कासित सुरेश राठौर ने एक बार फिर प्रेस कांफ्रेंस कर उर्मिला सनावर की नीयत पर सवाल उठाए। कहा कि वो मेरे परिवार को बर्बाद कर रही है। चारित्रिक हनन कर रही है। मैंने फैक्ट्री बेच उर्मिला को 50 लाख रुपए दिए । वह ब्लैकमेल कर रही है। मुझे पति भी कहती है और कालनेमि भी।
    राठौर यह कहने से भी नहीं चूके कि उन्होंने भाजपा को खून पसीने से सींचा।
    राठौर ने कहा कि उर्मिला मेरी पत्नी नहीं है। सोशल मीडिया में कहने के बजाय उर्मिला को फैमिली कोर्ट जाना चाहिए।

    उर्मिला -सुरेश

    इस मामले में उक्रांद, महिला मंच, मूल निवास भू कानून समिति समेत अन्य संगठनों ने भी मोर्चा खोल दिया है। हरिद्वार जिले में ही भाजपा से जुड़े मोर्चा के नेता अंकित बहुखंडी के नेतृत्व में वीआईपी का पुतला दहन भी किया गया। बहुखंडी ने कहा कि अंकिता हत्याकांड के दोषियों को सजा मिलनी चाहिए।
    इससे पूर्व,मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस प्रदेशव्यापी प्रदर्शन के तहत पुतला दहन कर चुकी है। सोशल मीडिया में कई आम लोग भी बयान जारी कर सुरेश-उर्मिला-आरती के ऑडियो की जांच की मांग कर रहे हैं।

    पूर्व विधायक, विजया बड़थ्वाल का पत्र

    मैं, श्रीमती विजया बड़थ्वाल, इस समय उत्तराखंड और देश में चर्चा का विषय बने अंकिता भंडारी हत्याकांड के हाल के खुलासों के प्रति गहरा शोक और चिंता व्यक्त करती हूँ।..

    यह दर्दनाक अपराध महादेव की पवित्र भूमि में घटा, जहाँ हमारी बेटियाँ की सुरक्षा और संम्मान सर्वोपरि होना चाहिए। अंकिता भंडारी, एक युवा लड़की, जिसने अपने काम के दौरान अत्यंत अनैतिक दबाव का सामना किया और अपनी उसी निष्ठा के कारण जीवन खो दिया यह सत्य हमें हिलाकर रख देता है। इस मामले में तीन आरोपियों को उम्रकैद की सजा भी मिल चुकी है।

    हाल ही में एक वायरल वीडियो ने इस मामले को फिर से सुर्खियों में ला दिया है, और जिससे राजनीतिक तथा सामाजिक बहस तेज़ हो गई है।

    मैं मानती हूँ कि भाजपा सरकार और उत्तराखंड प्रशासन ने अपराधियों को सज़ा दिलाने में कार्रवाई की है, परंतु न्याय होना ही पर्याप्त नहीं है, न्याय होते हुए दिखना भी जरुरी है; और यदि इस मामले में कुछ सवाल हैं तो उन सवालों के जवाब पाने के लिए निष्पक्ष जांच होना चाहिए।

    इसीलिए मैं दृढ़ता से सीबीआई की निष्पक्ष जांच की मांग करती हूँ, ताकि किसी भी प्रकार की राजनीतिक दबाव या छुपाव की आशंका न रहे।

    राजनीति में हम किसी भी पार्टी के हो सकते हैं, परंतु हमारी बेटियों की प्रतिष्ठा, सम्मान और अस्मिता की रक्षा हमारी सबसे बड़ी जिम्मेदारी है। पहाड़ महादेव की इस पवित्र भूमि पर यदि हमारी बेटियाँ सुरक्षित नहीं हैं, तो इस राज्य को संभालने का क्या अर्थ बचता है?

    मैं उत्तराखंड सरकार से अपील करती हूँ किः

    1. सीबीआई जांच को तुरंत मंजूरी दी जाए, ताकि सभी तथ्य निष्पक्ष रूप से सामने आ
    सकें।

    2. जनता को यह भरोसा दिया जाए कि न्याय और सत्य की कोई भी आवाज दबाई नहीं जाएगी।

    हम अपनी बेटियों की सुरक्षा के लिए किसी भी समझौते को स्वीकार नहीं कर सकते। यह सिर्फ एक मामला नहीं, बल्कि हमारी सामाजिक ज़िम्मेदारियों और नैतिक मूल्यों का प्रश्न है।

  • उत्तर प्रदेश का शातिर चोर दून पुलिस की गिरफ्त में

    उत्तर प्रदेश का शातिर चोर दून पुलिस की गिरफ्त में

    दून पुलिस की बड़ी कार्रवाई: यूपी का शातिर चोर गिरफ्तार, 9 लाख की चोरी गई ज्वैलरी बरामद

    डोईवाला (देहरादून)। जनपद देहरादून में अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे सख्त अभियान का असर अब साफ दिखाई देने लगा है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देहरादून के निर्देशों पर दून पुलिस लगातार प्रभावी कार्रवाई कर रही है। इसी क्रम में कोतवाली डोईवाला पुलिस ने एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए उत्तर प्रदेश के शातिर चोर को गिरफ्तार किया है, जिसके कब्जे से चोरी की गई शत-प्रतिशत ज्वैलरी बरामद की गई है। बरामद आभूषणों की अनुमानित कीमत लगभग 09 लाख रुपये बताई जा रही है।

    प्राप्त जानकारी के अनुसार, दिनांक 13 दिसंबर 2025 को वादी श्री दुर्गादत्त दास पुत्र श्री गौतमदत्त दास, निवासी जीरो प्वाइंट नकरौंदा, हर्रावाला, डोईवाला, देहरादून द्वारा कोतवाली डोईवाला में शिकायत दर्ज कराई गई थी। उन्होंने बताया कि 12 दिसंबर 2025 को वह अपने परिवार के साथ निजी कार्य से दिन के समय घर से बाहर गए हुए थे। जब वह वापस लौटे तो उनके घर से अज्ञात चोरों द्वारा कीमती आभूषण चोरी कर लिए गए थे।

    शिकायत के आधार पर कोतवाली डोईवाला में तत्काल मु0अ0सं0-325/2025 धारा 305ए/331(3) बीएनएस के अंतर्गत मामला दर्ज कर पुलिस ने जांच शुरू की। घटना की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देहरादून ने मामले के शीघ्र अनावरण और अभियुक्त की गिरफ्तारी के लिए कड़े निर्देश दिए, जिसके बाद थाना स्तर पर एक विशेष पुलिस टीम गठित की गई।

    पुलिस टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की गहनता से जांच की। साथ ही स्थानीय लोगों से पूछताछ कर सुरागरसी-पतारसी की गई और मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया गया। लगातार किए जा रहे प्रयासों के परिणामस्वरूप पुलिस ने 21 दिसंबर 2025 को रेलवे स्टेशन रोड, हर्रावाला, डोईवाला से अभियुक्त को गिरफ्तार कर लिया।

    गिरफ्तार अभियुक्त की पहचान जरीफ अहमद पुत्र अकबर अहमद, निवासी ग्राम टिकार, थाना अरवल, जिला हरदोई (उत्तर प्रदेश) के रूप में हुई है। अभियुक्त की उम्र लगभग 20 वर्ष बताई गई है। पुलिस ने अभियुक्त के कब्जे से चोरी की गई पूरी ज्वैलरी बरामद कर ली है।

    पुलिस पूछताछ में अभियुक्त ने स्वीकार किया कि वह चोरी की घटनाओं को अंजाम देने से पहले बंद घरों की रैकी करता था और मौका मिलते ही चोरी कर लेता था। घटना के बाद वह अपनी पहचान छिपाने के लिए उत्तर प्रदेश भाग जाता था। अभियुक्त ने यह भी स्वीकार किया कि 12 दिसंबर 2025 को उसी ने उक्त चोरी की घटना को अंजाम दिया था।

    पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार अभियुक्त शातिर किस्म का अपराधी है और उसके खिलाफ कोतवाली डोईवाला में पूर्व से ही चोरी के कई मामले दर्ज हैं। वह पहले भी चोरी के मामलों में जेल जा चुका है।

    अभियुक्त का आपराधिक इतिहास

    • मु0अ0सं0-325/25 धारा 305(1)/331(3)/317(2) बीएनएस

    • मु0अ0सं0-200/25 धारा 305(1)/317(2) बीएनएस

    • मु0अ0सं0-202/25 धारा 305(1)/317(2) बीएनएस

    • मु0अ0सं0-382/23 धारा 380/411 आईपीसी

    बरामदगी

    • चोरी की गई ज्वैलरी (अनुमानित कीमत लगभग 09 लाख रुपये)

    पुलिस टीम

    इस कार्रवाई को अंजाम देने वाली पुलिस टीम में उप निरीक्षक रघुवीर कपरवाण, हेड कांस्टेबल देवेंद्र नेगी, हेड कांस्टेबल दरबान सिंह, कांस्टेबल विकास रावत, कांस्टेबल रविंद्र टम्टा एवं एसओजी देहरादून से कांस्टेबल आशीष शर्मा शामिल रहे।

    पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जनपद में चोरी की घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए इस प्रकार की सख्त कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।

  • अंकिता भंडारी हत्याकांड: सीबीआई जांच की मांग ने पकड़ा जोर

    अंकिता भंडारी हत्याकांड: सीबीआई जांच की मांग ने पकड़ा जोर

    मोर्चा व कांग्रेस ने कहा, तलाशो वीआईपी को

     

    देहरादून/विकासनगर। अंकिता भंडारी हत्याकांड में कथित वीआईपी संलिप्तता को लेकर एक बार फिर उत्तराखंड की राजनीति गरमा गई है। पूर्व विधायक की कथित पत्नी द्वारा सार्वजनिक रूप से वीआईपी का नाम सामने लाने के बाद जन संघर्ष मोर्चा और कांग्रेस ने एक सुर में सीबीआई जांच की मांग करते हुए सरकार, भाजपा नेतृत्व और राजभवन की भूमिका पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।

    राजभवन करे हस्तक्षेप- जन संघर्ष मोर्चा

    विकासनगर में पत्रकारों से वार्ता करते हुए जन संघर्ष मोर्चा अध्यक्ष एवं जीएमवीएन के पूर्व उपाध्यक्ष रघुनाथ सिंह नेगी ने कहा कि अंकिता भंडारी हत्याकांड में लंबे समय से एक वीआईपी की संलिप्तता की चर्चाएं थीं, लेकिन अब पूर्व विधायक सुरेश राठौड़ की पत्नी द्वारा मीडिया और सोशल मीडिया में किए गए खुलासे से तस्वीर साफ हो गई है।
    नेगी ने आरोप लगाया कि इस मामले में प्रदेश प्रभारी दुष्यंत गौतम उर्फ गट्टू की भूमिका संदिग्ध है। उन्होंने सवाल उठाया कि वीआईपी को रिजॉर्ट तक कौन लेकर गया, उसे विशेष सेवाएं किसके निर्देश पर दी गईं और उस खास कमरे पर बुलडोजर चलाने की अनुमति किसने दी।
    नेगी ने कहा कि सरकार दबाव में आकर इस मामले को आगे नहीं बढ़ा सकी। उन्होंने राजभवन से आग्रह किया कि वह पीड़ित परिवार की पीड़ा को समझते हुए सीबीआई जांच की सिफारिश करे और दोषियों को सख्त सजा दिलाने की दिशा में कदम उठाए।

    भाजपा बताए—न्याय के साथ या आरोपितों के साथ: कांग्रेस
    कांग्रेस प्रवक्ता प्रतिमा सिंह ने देहरादून में जारी बयान में कहा कि भाजपा विधायक की पत्नी द्वारा वीआईपी का नाम उजागर किए जाने और भाजपा की पूर्व जिला पंचायत सदस्य आरती गौड़ द्वारा स्थानीय विधायक के इशारे पर बुलडोजर कार्रवाई के खुलासे के बाद भाजपा की भूमिका कटघरे में है।

    उन्होंने कहा कि अब जब भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री एवं उत्तराखंड प्रभारी दुष्यंत गौतम का नाम सामने आ चुका है, तो भाजपा नेतृत्व को उन्हें पद से हटाते हुए हत्या में शामिल होने का मुकदमा दर्ज कराना चाहिए। साथ ही संबंधित विधायक की सदस्यता समाप्त की जाए।

    प्रतिमा सिंह ने आरोप लगाया कि यह जघन्य हत्याकांड सरकार और पुलिस संरक्षण में हुआ, जो देवभूमि के लिए कलंक है, और मुख्यमंत्री को नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा देना चाहिए।

  • पत्रकार पंकज मिश्रा हत्याकांड में पुलिस की बड़ी कार्रवाई, दो अभियुक्त गिरफ्तार

    पत्रकार पंकज मिश्रा हत्याकांड में पुलिस की बड़ी कार्रवाई, दो अभियुक्त गिरफ्तार

    पत्रकार अमित सहगल व मुंबई वासी गिरफ्तार

    ‘तकनीकी पेंच’ ने पोस्टमार्टम प्रक्रिया को खींचा लंबा

    नाराज परिजनों व कांग्रेस ने जड़े आरोप

     

    देहरादून। पत्रकार पंकज मिश्रा हत्याकांड में दून पुलिस ने अमित सहगल व मुंबई निवासी पार्थोशील को गिरफ्तार कर लिया। दोनों को गुरुवार को कोर्ट में पेश किया जाएगा। दोनों पर पंकज के घर में घुसकर मारपीट का मुकदमा दर्ज होने के बाद पुलिस ने यह कार्यवाही की।

    पत्रकार पंकज मिश्रा की मौत का मसला दूसरे दिन बुधवार को भी सुर्खियों में रहा। तकनीकी गलती की वजह से चिकित्सकों के विशेष पैनल ने पोस्टमार्टम में कई घण्टे खर्च कर दिए। दो बजे से शुरू हुआ पोस्टमार्टम लगभग पांच बजे जाकर खत्म हुआ।

    देर होने की वजह से परिजनों को हरिद्वार में होने वाला अंतिम संस्कार टालना पड़ा। अब गुरुवार को हरिद्वार में अंतिम संस्कार होगा।
    इस बीच, मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस व दिवंगत पंकज मिश्रा के भाई अरविंद मिश्रा और पत्नी लक्ष्मी ने कोरोनेशन हॉस्पिटल के पोस्टमार्टम हाउस के बाहर इसे बड़ी साजिश करार देते हुए इंसाफ की गुहार लगाई। और पत्रकार अमित सहगल पर गम्भीर आरोप लगाए।
    अरविंद मिश्रा ने कहा कि अमित सहगल ने वारदात करने से पहले 15 दिसम्बर को उनसे भी बात की थी। और धमकी भरे अंदाज में कहा था कि वे उनके भाई पंकज को पत्रकारिता सिखा देंगे।

    अरविंद मिश्रा व पंकज मिश्रा की पत्नी ने कहा कि अमित सहगल व उनके गैंग ने घर में घुसकर मारपीट की। और उनके भाई को बहुत मारा। लेकिन 16 दिसम्बर की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सच्चाई सामने नहीं आने पर गम्भीर सवाल भी उठाए।

    पोस्टमार्टम हाउस के बाहर मौजूद कांग्रेस नेत्री सुजाता पॉल,प्रतिमा और पंकज क्षेत्री ने कहा कि इस हाई प्रोफाइल हत्याकांड की गहनता से जांच होनी चाहिए। उन्होंने 16 दिसम्बर को आई पोस्ट मार्टम रिपोर्ट में तथ्यों की अनदेखी का आरोप भी लगाया।
    सुजाता पॉल ने कहा कि पंकज मिश्रा ने फेसबुक पोस्ट में गम्भीर आरोप लगाए थे। नाम लेकर लोगों को चिन्हित भी किया था। और इसके बाद पंकज की हत्या हो जाती है। भाजपा के राज में   खुलेआम घर में घुसकर पत्रकार को मार दिया जाता है।

    दिवंगत पत्रकार पंकज मिश्रा

    सुजाता पॉल ने कहा कि घटना से पूर्व आरोपी अमित सहगल की किन अधिकारियों व नेताओं से हुई बातचीत का ब्यौरा सामने आना चाहिए। इससे पता चलेगा कि सहगल की सत्ता के गलियारों में कितनी पहुंच थी।

    गौरतलब है कि पंकज मिश्रा का 16 दिसम्बर को पोस्टमार्टम हुआ था। पीएम रिपोर्ट में मौत के साफ कारण नहीं गिनाए गए थे। लिहाजा, मृतक पत्रकार के छोटे भाई ने फिर से पीएम की बात उठायी। एसएसपी अजय सिंह दोबारा पोस्ट मार्टम की मांग स्वीकार कर ली।

    बुधवार को दोपहर 2 बजे पांच चिकित्सकों के पैनल ने पोस्टमार्टम शुरू किया। उम्मीद जताई जा रही थी कि लगभग 3 बजे तक पीएम की कार्यवाही पूरी हो जाएगी। लेकिन ऐसा नहीं हुआ। पीएम हाउस के बाद मौजूद पत्रकारों और परिजनों के सब्र का बांध टूटने लगा। उन्होंने नाराजगी भी जताई।
    पता चला कि चिकित्सकों ने पोस्टमार्टम की प्रक्रिया को बीच में ही रोक कर नियमों का हवाला देते हुए नए पंचनामा आदेश की कॉपी मांगी। देरी होते देख परिजनों और मौके पर मौजूद लोगों ने  जांच अधिकारी प्रदीप रावत से नाराजगी भी जताई।
    स्थानीय पुलिस के इस आदेश को देने के बाद रुकी पोस्टमार्टम की कार्यवाही को अंजाम तक पहुंचाया। इसमें भी काफी समय खर्च हो गया।
    जब मृतक पंकज के पार्थिव शरीर परिजनों को सौंपा गया तो घड़ी की सुइयां 5 बजा रही थी। पुलिस व स्वास्थ्य विभाग के बीच फंसे ‘तकनीकी कारणों’ ने दिवंगत पत्रकार के अंतिम संस्कार के कार्य को एक दिन और टालना पड़ा।
    गौरतलब है कि पत्रकार पंकज मिश्रा की मौत 16 दिसम्बर की तड़के हो गयी थी।
    बुधवार को मृतक की पत्नी लक्ष्मी देवी व भाई अरविंद मिश्रा ने जाखन चौकी में बयान दर्ज कराए।
    यह हत्याकांड राजनीतिक हलकों में तूल पकड़ता जा रहा है। पत्रकार पंकज के परिजनों ने मीडिया में आ रहे गलत व भ्रामक खबरों ओर नाराजगी जताते हुए मानहानि नोटिस भेजने की भी बात कही।

    पत्रकार पंकज मिश्रा हत्याकांड में  दो अभियुक्त गिरफ्तार

    हत्या का मुकदमा दर्ज, डॉक्टरों के पैनल से दोबारा पोस्टमार्टम, जांच में साइबर व फोरेंसिक टीमें शामिल

    थाना राजपुर को 16 दिसंबर 2025 की प्रातः कंट्रोल रूम के माध्यम से सूचना प्राप्त हुई कि दून विहार क्षेत्र स्थित एक घर में किराये पर रहने वाला व्यक्ति अचेत अवस्था में पड़ा है और कोई प्रतिक्रिया नहीं कर रहा है। सूचना पर थाना राजपुर से पुलिस बल तत्काल मौके पर पहुंचा। मौके पर देखा गया कि मकान में किराये पर निवासरत पंकज मिश्रा घर के पीछे वाले कमरे में बेड के पास फर्श पर मुंह के बल अचेत अवस्था में पड़े थे। उन्हें तत्काल एम्बुलेंस की सहायता से दून चिकित्सालय भेजा गया, जहां चिकित्सकों द्वारा उन्हें मृत घोषित कर दिया गया। मृतक के शव का पंचायतनामा भरकर पोस्टमार्टम कराया गया।

    16 दिसंबर 2025 की रात्रि को मृतक के भाई अरविन्द मिश्रा (निवासी लखनऊ) एवं अन्य परिजन देहरादून पहुंचे और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक से मुलाकात कर प्रार्थना पत्र दिया। परिजनों द्वारा आरोप लगाया गया कि 15 दिसंबर 2025 को अभियुक्तगण मृतक के घर आए, गाली-गलौच की, मृतक व उसकी पत्नी के मोबाइल फोन छीने तथा जान से मारने की नीयत से मृतक के साथ मारपीट की, जिससे उनकी मृत्यु हुई।

    वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर थाना राजपुर में मु0अ0सं0 234/25 धारा 103, 304, 333 एवं 352 बीएनएस के अंतर्गत अमित सहगल व अन्य के विरुद्ध अभियोग पंजीकृत किया गया। मृतक के परिजनों के लिखित अनुरोध पर शव का पुनः डॉक्टरों के पैनल से पोस्टमार्टम कराया गया।

    एसएसपी अजय सिंह

    प्रारम्भिक विवेचना के दौरान वादी, मृतक की पत्नी, मकान मालिक एवं आसपास के गवाहों के बयान दर्ज किए गए। फील्ड यूनिट द्वारा घटनास्थल का निरीक्षण कर भौतिक साक्ष्य संकलित किए गए। प्राप्त साक्ष्यों एवं बयानों के आधार पर 17 दिसंबर 2025 को अभियुक्त अमित सहगल एवं उसके एक अन्य साथी को लंबी पूछताछ के उपरांत गिरफ्तार किया गया।

    गिरफ्तार अभियुक्त

    1. अमित सहगल, पुत्र स्वर्गीय अशोक सहगल, निवासी विजयपुर गोपीवाला अनारवाला, थाना कैंट, जनपद देहरादून, उम्र 51 वर्ष।

    2. पार्थोशील, पुत्र मनिंद्रनाथ सील, निवासी मकान संख्या 11, पांच बावड़ी, गोरेगांव ईस्ट, मुंबई–400063, उम्र 45 वर्ष।

    अब तक प्रकरण में प्राप्त साक्ष्यों एवं बयानों के आधार पर कार्रवाई की गई है। प्रकरण की विस्तृत एवं गहन विवेचना हेतु साइबर सेल, एसओजी एवं फोरेंसिक टीमों को भी लगाया गया है। सभी पहलुओं पर निष्पक्ष एवं पारदर्शी जांच के निर्देश दिए गए हैं-एसएसपी अजय सिंह

  • 50 हजार के इनामी बदमाश को मुंबई से किया गिरफ्तार

    50 हजार के इनामी बदमाश को मुंबई से किया गिरफ्तार

    धेनु एग्रो धोखाधड़ी प्रकरण में बड़ी कार्रवाई

     

    देहरादून। धेनु एग्रो प्रोड्यूसर लिमिटेड द्वारा की गई लाखों की आर्थिक धोखाधड़ी के मामले में एक बड़ी सफलता प्राप्त करते हुए उत्तराखण्ड पुलिस की सीआईडी—ईकॉनॉमिक ऑफेंसेस विंग (EOW) ने ₹50,000 के इनामी वांछित अभियुक्त अनिल कुमार तिवारी को कल्याण, जिला ठाणे (महाराष्ट्र) से गिरफ्तार किया है।

    जनपद हरिद्वार में धेनु एग्रो प्रोड्यूसर लिमिटेड, ज्वालापुर द्वारा आरडी एवं फिक्स डिपॉजिट के नाम पर स्थानीय नागरिकों से की गई व्यापक आर्थिक धोखाधड़ी के संबंध में थाना कोतवाली ज्वालापुर में मु.अ.सं. 164/2018, धारा 406/420 आईपीसी पंजीकृत है, जिसकी विवेचना EOW, सीआईडी सेक्टर देहरादून द्वारा की जा रही है।

    विवेचना में यह तथ्य सामने आया कि कंपनी द्वारा अलग-अलग बॉन्ड/सर्टिफिकेट जारी कर लगभग ₹12,26,800 की धोखाधड़ी की गई। कंपनी के संचालक — अनिल कुमार तिवारी और देवेंद्र प्रकाश तिवारी — की संलिप्तता धारा 406, 420, 120B भादवि, उत्तरांचल निक्षेपक हित अधिनियम 2005, चिट फंड एवं धन परिचालन (पाबंदी) अधिनियम 1978 तथा भारतीय रिज़र्व बैंक अधिनियम की संबंधित धाराओं में पाई गई।

    दोनों अभियुक्तों पर अपर पुलिस महानिदेशक द्वारा ₹50,000-₹50,000 का इनाम घोषित किया गया था। गिरफ़्तारी के लिए लगातार विभिन्न स्थानों पर टीमें भेजी गईं। दोनों आरोपी लगभग 7 वर्षों से फरार चल रहे थे। इनके विरुद्ध कुल 10 आपराधिक अभियोग दर्ज हैं, जिनमें से 9 उत्तर प्रदेश के विभिन्न जनपदों में पंजीकृत हैं।

    मुखबिर की सूचना पर सीआईडी खंड देहरादून के खंडाधिकारी मनोज कुमार ठाकुर के निर्देशन में गठित टीम ने 07 दिसम्बर 2025 को कल्याण, मुम्बई से आरोपी अनिल कुमार तिवारी को गिरफ्तार किया। आरोपी को स्थानीय न्यायालय ठाणे में प्रस्तुत कर ट्रांज़िट रिमाण्ड प्राप्त किया गया है तथा आगे की कार्रवाई हेतु उसे हरिद्वार लाया जा रहा है।

    गिरफ्तार अभियुक्त

    अनिल कुमार तिवारी
    पुत्र स्व. जागेश्वर तिवारी
    निवासी: ए-1597, LIG आवास विकास कॉलोनी, हंसपुरम्, नौबस्ता, कानपुर (उ.प्र.)
    वर्तमान पता: टिटवाला, कल्याण, जिला ठाणे, मुम्बई (महाराष्ट्र)

    गिरफ्तारी करने वाली टीम

    1. निरीक्षक वेद प्रकाश थपलियाल
    2. अपर उपनिरीक्षक सुरेश स्नेही
    3. आरक्षी करमवीर सिंह
    4. आरक्षी चालक मनोज कुमार
  • पीआरडी अधिकारी पर भ्रष्टाचार का विवाद, जांच शुरू

    पीआरडी अधिकारी पर भ्रष्टाचार का विवाद, जांच शुरू

    स्वाभिमान मोर्चा अध्यक्ष की डीएम से मुलाकात

    डीएम उत्तरकाशी ने जांच समिति गठित करने का दिया आश्वासन

    उत्तरकाशी। उत्तराखंड स्वाभिमान मोर्चा के अध्यक्ष बॉबी पंवार ने जिला युवा कल्याण एवं प्रांतीय रक्षक दल अधिकारी राजीव प्रताप भंडारी पर लगे भ्रष्टाचार के आरोपों को लेकर जिलाधिकारी प्रशांत आर्य से मुलाकात की।

    ज्ञातव्य है कि राजीव प्रताप भंडारी पर लंबे समय से भ्रष्टाचार के आरोप लगाए जाते रहे हैं। इसी मुद्दे को लेकर कल बॉबी पंवार ने संपूर्ण तथ्यों के साथ प्रेस वार्ता करने के बाद, पीआरडी स्वयंसेविकाओं के साथ मिलकर भंडारी के कार्यालय में तालाबंदी कर दी थी।

    मध्यरात्रि में जिले के वरिष्ठ अधिकारियों ने पंवार से वार्ता की और जिलाधिकारी से मुलाकात कराने तथा शीघ्र कार्रवाई का आश्वासन दिया। आश्वासन के बाद तालाबंदी खोली गई।

    आज जिलाधिकारी से मुलाकात के दौरान डीएम प्रशांत आर्य ने मामले में तत्काल जांच समिति गठित करने तथा निदेशालय स्तर पर आगे की कार्रवाई के लिए संबंधित विभाग को अवगत कराने का आश्वासन दिया।

    इस मौके पर कैलाश थपलियाल, नवीन चौहान, मुनेंद्र राणा, केदार रावत सहित अन्य लोग मौजूद रहे।

  • बुजुर्गों से धोखाधड़ी पर सख़्ती: उच्चस्तरीय जांच के आदेश

    बुजुर्गों से धोखाधड़ी पर सख़्ती: उच्चस्तरीय जांच के आदेश

    डीएम जनता दर्शन में कई मामलों का मौके पर निस्तारण

    बुजुर्गों, विधवाओं, दिव्यांगों और पीड़ित महिलाओं की समस्याओं पर त्वरित कार्रवाई के निर्देश

    देहरादून। जिलाधिकारी सविन बंसल ने सोमवार को ऋषिपर्णा सभागार में आयोजित जनता दर्शन कार्यक्रम में विभिन्न क्षेत्रों से आए लोगों की समस्याएं सुनीं। घरेलू विवाद, भूमि सीमांकन, ऋण माफी, आर्थिक सहायता, भरण-पोषण, प्रमाण पत्र सहित कुल 176 प्रकरण दर्ज किए गए।

    जिलाधिकारी ने कई मामलों का मौके पर ही निस्तारण किया तथा शेष शिकायतों को संबंधित विभागों को अग्रसारित करते हुए त्वरित एवं विधि सम्मत कार्रवाई के निर्देश दिए।

    बुजुर्गों के साथ धोखाधड़ी के मामले—जांच के आदेश

    93 वर्षीय प्रेम सिंह ने बेटी पर बैंक खाते से 10 लाख रुपये निकालकर धोखाधड़ी करने का आरोप लगाया। डीएम ने लीड बैंक अधिकारी को जांच रिपोर्ट उपलब्ध कराने को कहा।

    बुजुर्ग मुन्नी देवी की शिकायत पर, जहां छोटे बेटे ने धोखे से वसीयत बनवाकर संपत्ति और जमा धनराशि अपने नाम कर ली, डीएम ने भरण-पोषण अधिनियम के तहत वाद दर्ज करने और वसीयत की विधिक जांच कराने के निर्देश दिए।
    लता त्यागी ने बहू पर घर पर कब्जा कर बेदखल करने की शिकायत की—इस पर भी भरण-पोषण एक्ट में वाद दर्ज कराया गया।

    दुर्गा नगर निवासी राधा की शिकायत पर, जिसमें बेटी ने फर्जी रजिस्ट्री कर घर पर कब्जा कर लिया, डीएम ने एडीएम को सब-रजिस्ट्रार से रिपोर्ट तलब करने को कहा।

    दिव्यांगजन, बुजुर्ग और विधवाओं को त्वरित राहत

    विधवा नेहा के पति की करंट से मृत्यु के बाद लिए गए 5 लाख रुपये के ऋण पर राहत हेतु लीड बैंक अधिकारी को जांच के निर्देश दिए गए।

    दिव्यांग वकील साहनी (80% दिव्यांग) की पेंशन मौके पर ही स्वीकृत की गई।

    70 वर्षीय इंदु राजवंशी का वृद्धावस्था पेंशन हेतु आय प्रमाण पत्र आवेदन तुरंत करवाया गया।

    विधवा पिंकी देवी और एकादशी देवी की आर्थिक सहायता संबंधी प्रकरणों पर एसडीएम को जांच रिपोर्ट देने को कहा गया।

    सर्वेश एवं माहेश्वरी देवी की प्रधानमंत्री आवास योजना संबंधी मांग पर प्रकरण जांच हेतु भेजा गया।

    नर्सिंग छात्रा सपना की आर्थिक सहायता वाली अर्जी पर डीपीओ को तथ्य जांच के निर्देश।

    दिव्यांग रेखा देवी की बेटी के विवाह हेतु सहायता पर क्लेक्ट्रेट को जांच कर प्रकरण प्रस्तुत करने और उनका दिव्यांग प्रमाण पत्र बनाने को कहा गया।

    आपदा, परिवहन, अतिक्रमण और अवैध निर्माण के मामलों पर भी निर्देश

    अठूरवाला निवासी अनीता चौहान का मकान दैवीय आपदा में ध्वस्त होने पर एडीएम एवं निदेशक टीडीसी पुनर्वास को कार्रवाई के आदेश दिए गए।

    भानियावाला–जौली–थानों मार्ग पर बस सेवा शुरू न होने की शिकायत पर एडीएम से रिपोर्ट तलब की गई।

    थानों क्षेत्र में अवैध मस्जिद एवं मदरसा संबंधी शिकायत पर एडीएम को जांच कर त्वरित कार्रवाई के निर्देश।

    फलदार व हरे पेड़ों की अवैध कटान की शिकायत पर एडीएम को जांच करने को कहा गया।

    जोलियो क्षेत्र में ग्राम समाज/वन पंचायत की भूमि पर अवैध कब्जे हेतु तहसीलदार को कार्रवाई करने को कहा गया।

    झाझरा में झुग्गी-झोपड़ी द्वारा किए गए अतिक्रमण पर जांच के निर्देश दिए गए।

    कारगी ग्रांट में ग्राम समाज भूमि पर अवैध कब्जा हटाने हेतु अपर नगर आयुक्त को निर्देश दिए गए।

    दारागाड़–कथियान मोटर मार्ग पर लोनिवि द्वारा अनियमितताओं व अतिक्रमण के मामले में एसडीएम चकराता और अधिशासी अभियंता को संयुक्त जांच रिपोर्ट देने को कहा गया।

    सुन्दरवाला निवासी ओमकार शर्मा की घर के ऊपर से गुजर रही 33 केवी लाइन हटाने की मांग पर अधिशासी अभियंता को नियमानुसार कार्रवाई को कहा गया।

    चोरी, आपदा और अन्य शिकायतें भी सुनी गईं

    पुनीत अग्रवाल के घर से चोरी हुए आभूषण व नकदी की बरामदगी पर डीएम ने सीओ पुलिस को स्वयं प्रकरण की समीक्षा कर रिपोर्ट देने को कहा।
    इकबाल, शाहिद, फहीम, फुरकाना, खुर्शीद अहमद सहित कई लोगों ने अतिवृष्टि से मकान क्षतिग्रस्त होने पर आर्थिक सहायता की मांग की।

    जनता दर्शन में मुख्य विकास अधिकारी, एसडीएम, परियोजना निदेशक, जिला प्रोबेशन अधिकारी समेत जिले के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

  • 500 करोड़ का LUCC घोटाला: CBI ने दर्ज किया बड़ा मुकदमा

    500 करोड़ का LUCC घोटाला: CBI ने दर्ज किया बड़ा मुकदमा

    दो फिल्म अभिनेता भी जांच के घेरे में

    46 आरोपियों पर मुकदमा दर्ज

    देहरादून। उत्तराखंड में 500 करोड़ रुपये के बहुचर्चित एलयूसीसी घोटाले में आखिरकार सीबीआई ने सख्त रुख अपना लिया है। हाइकोर्ट के आदेश पर सीबीआई/एसीबी देहरादून शाखा ने लोनी अर्बन मल्टी स्टेट क्रेडिट एंड थ्रिफ्ट कोऑपरेटिव सोसायटी (एलयूसीसी) से जुड़े 46 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। खास बात यह है कि आरोपियों की सूची में दो फिल्म अभिनेता  आलोक नाथ व श्रेयस तलपड़े भी शामिल किए गए हैं, जो सोसायटी के ब्रांड एंबेसडर रहे थे।
    प्रदेशभर में 2019 से 2024 के बीच इस सोसायटी ने 500 करोड़ रुपये तक की ठगी को अंजाम दिया। कम समय में दोगुना मुनाफा, विदेशों में सोने-तेल व रिफाइनरी में निवेश का लालच देकर हजारों निवेशकों से रकम जमा कराई गई। कार्यालय बंद कर फरार होने के बाद पीडि़तों ने बड़े स्तर पर आंदोलन किए और मामला हाइकोर्ट तक पहुंचा। अदालत ने 17 सितंबर को राज्य में दर्ज सभी आपराधिक मामलों की जांच सीबीआई को सौंपी थी।

    कैसे खुला 500 करोड़ का सबसे बड़ा कोऑपरेटिव फ्रॉड

    जून 2024 में कोटद्वार निवासी तृप्ति नेगी ने पहली शिकायत दर्ज कराई थी, जिसके बाद प्रदेश के देहरादून, हरिद्वार, पौड़ी, चमोली, टिहरी, रुद्रप्रयाग, बागेश्वर, उत्तरकाशी और नैनीताल जिलों में कुल 18 प्राथमिकी दर्ज हुईं। सीबीसीआईडी ने कुछ मामलों में चार्जशीट भी दाखिल की, लेकिन मुख्य आरोपी समीर अग्रवाल विदेश फरार हो गया। उसके खिलाफ ब्लू कॉर्नर और लुक आउट नोटिस जारी किए जा चुके हैं। सीबीआई ने अब कोटद्वार की एफआईआर को आधार मानते हुए सभी मामलों को एकत्र कर बड़ा मुकदमा दर्ज किया है।

    दो अभिनेता क्यों फंसे?

    देहरादून के रायपुर थाना क्षेत्र में दर्ज एक मुकदमे में दो फिल्म अभिनेताओं के नाम पहले ही सामने आ चुके थे। सोसायटी के ब्रांड एंबेसडर होने के कारण पीडि़तों का आरोप है कि इन कलाकारों के प्रचार पर भरोसा कर ही उन्होंने बड़ी राशि निवेश की थी। सीबीआई ने अब दोनों को आरोपी सूची में शामिल कर दिया है। सीबीसीआईडी की टीम पहले भी एक अभिनेता के घर पहुंच चुकी है। गिरफ्तारी से बचने के लिए अभिनेता ने सर्वोच्च न्यायालय से स्टे हासिल किया हुआ है।

    किसके पैसे फंसे?

    • ज्यादातर मध्यम वर्ग, निम्न आय वर्ग, दिहाड़ी मजदूर और गृहणियां
    • 500 करोड़ से अधिक की रकम फंसी
    • निवेश की गई आरडी, एफडी और डिपॉजिट का पैसा वापस नहीं मिला

    यूएलसीसी ने कितनी शाखाएं खोलीं?

    • उत्तराखंड में कुल 35 शाखाएं
    • 2019 से 2024 के बीच बड़े पैमाने पर जमा राशि एकत्र की

    राजनीतिक दबाव भी बना

    • राज्यभर में विरोध प्रदर्शन
    • चार सांसदों ने 24 जुलाई को गृह मंत्री से मिलकर जांच की मांग उठाई

    घोटाले की शुरुआत और अंत

    एलयूसीसी ने 2019 में उत्तराखंड में शाखाएं खोलकर लोगों को आकर्षक ऑफर दिए। कुछ समय तक पैसे लौटाकर भरोसा भी जीता, लेकिन 2024 में अचानक सभी कार्यालय बंद हो गए। निवेशकों ने पुलिस थानों में शिकायतें दर्ज करानी शुरू कीं और मामला हाइकोर्ट तक पहुंच गया। अदालत के हस्तक्षेप के बाद अब सीबीआई ने सभी मामलों को केंद्रीकृत कर जांच शुरू कर दी है।

  • जुआ खेलते धरे गए सात लोग, पुलिस ने छात्र को भी दबोचा

    जुआ खेलते धरे गए सात लोग, पुलिस ने छात्र को भी दबोचा

    जुआ खेलते सात लोग गिरफ्तार, बीबीए छात्र भी शामिल

    सिडकुल पुलिस की बड़ी कार्रवाई, 59 हजार रुपये और मोबाइल बरामद

    हरिद्वार। जुआ खेलने वालों पर नकेल कसते हुए सिडकुल पुलिस ने रविवार देर शाम एक खंडहरनुमा मकान में छापेमारी कर सात लोगों को गिरफ्तार किया। पुलिस की इस कार्रवाई ने क्षेत्र में हड़कंप मचा दिया। गिरफ्तार किए गए आरोपियों में एक बीबीए का छात्र भी शामिल है, जो अपने साथियों के साथ जुआ खेल रहा था।

    छापेमारी की जानकारी

    पुलिस को लंबे समय से सूचना मिल रही थी कि सिडकुल क्षेत्र के एक खाली पड़े मकान में जुए का खेल चल रहा है। स्थानीय स्तर पर मिल रही इन सूचनाओं की पुष्टि करने के बाद पुलिस टीम ने मौके पर दबिश दी। अचानक हुई इस कार्रवाई के दौरान जुआ खेल रहे लोग रंगे हाथ पकड़ लिए गए।

    छापेमारी के दौरान पुलिस ने मौके से 59 हजार रुपये नकद, सात मोबाइल फोन और ताश की गड्डियाँ बरामद कीं। पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने जुए में बड़ी रकम दांव पर लगा रखी थी।

    पुलिस का बयान

    सिडकुल थाना प्रभारी (एसओ) नितेश शर्मा ने बताया कि गिरफ्तार सभी सातों आरोपियों को थाने लाया गया है और उनके खिलाफ जुआ अधिनियम में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। आरोपियों से पूछताछ कर यह भी पता लगाया जा रहा है कि वे कितने समय से इस तरह की गतिविधियों में शामिल रहे हैं और इनके साथ अन्य कौन लोग जुड़े हो सकते हैं।

    जांच और आगे की कार्रवाई

    पुलिस यह भी जांच कर रही है कि कहीं इस जुए के अड्डे का संबंध किसी बड़े गिरोह से तो नहीं है। आरोपियों के मोबाइल फोन खंगाले जा रहे हैं, ताकि यह पता लगाया जा सके कि उनके संपर्क में और कौन लोग हैं।
    एसओ ने कहा कि इस तरह की गतिविधियों को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और आगे भी ऐसे अड्डों पर लगातार कार्रवाई की जाएगी।

    पुलिस की इस कार्रवाई से स्थानीय लोगों ने राहत की सांस ली है। क्षेत्रवासियों का कहना है कि लंबे समय से यहाँ संदिग्ध गतिविधियां चल रही थीं। लोगों ने पुलिस कार्रवाई की सराहना करते हुए उम्मीद जताई कि आगे भी इस तरह की छापेमारी होती रहेगी।