Category: पर्यटन

  • बड़ा अपडेट:  मंदिर परिसर से  50 मीटर तक मोबाइल प्रतिबंधित

    बड़ा अपडेट: मंदिर परिसर से 50 मीटर तक मोबाइल प्रतिबंधित

    चारो धामों में 31 मई तक वीआईपी दर्शन की व्यवस्था स्थगित रखी जाय- मुख्यमंत्री

    मुख्य सचिव ने कहा, श्रद्धालुओं को जारी होंगे ट्रिप आई डी कार्ड (देखें आदेश)

    मुख्य सचिव ने पहले 200 मीटर के दायरे में मोबाइल प्रतिबंधित कर दिया था, लेकिन मुख्यमंत्री की बैठक में मिले निर्देश के बाद इसमें बदलाव कर दिया गया।

    देहरादून। अन्य राज्यों में लोकसभा चुनाव में भाजपा प्रत्याशियों के पक्ष में प्रचार में जुटे सीएम पुष्कर सिंह धामी ने अधिकारियों को निर्देश दिये कि सुरक्षित और सुगम चारधाम यात्रा के लिए शासन और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी सड़क मार्ग से ग्राउंड जीरो पर यात्रा व्यवस्थाओं को देंखें।

    दूसरी ओर, मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने दो आदेश किये। पहले आदेश के तहत कहा गया है कि सचारधाम यात्रा-मंदिर परिसर से 50 मीटर दूर जाकर वीडियोग्राफी करें और रील बनाएं। दरअसल, बीते दिनों केदारनाथ मंदिर परिसर में कुछ श्रद्धालुओं के रील बनाने को लेकर बवाल हो गया था।

    दूसरे आदेश में मुख्य सचिव ने परिवहन विभाग को तीर्थयात्रियों को ट्रिप आई डी कार्ड जारी करने को कहा है (देखें दोनों आदेश)

    इधर, चुनाव प्रचार से लौटे सीएम धामी ने गुरुवार को सचिवालय में आयोजित बैठक में कहा किपहली प्राथमिकता चारधाम यात्रा पर आने वाले सभी श्रद्धालुओं की सुरक्षा है। उन्होंने सभी श्रद्धालुओं से अनुरोध किया है कि उनको चारधाम यात्रा के लिए रजिस्ट्रेशन के अनुसार जो तिथि मिली है, उसके अनुसार ही दर्शन के लिए आयें।

    उन्होंने सभी श्रद्धालुओं से स्वास्थ्य परीक्षण और मौसम का पूर्वानुमान देखने के बाद ही चारधाम यात्रा पर आने के लिए अनुरोध किया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है कि चारधाम यात्रा भी सुरक्षित हो और सभी श्रद्धालु भी स्वस्थ और सुरक्षित हों।
    मुख्यमंत्री ने निर्देश दिये कि चारो धामों में 31 मई तक वीआईपी दर्शन की व्यवस्था स्थगित रखी जाय।

    मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिये कि चारधाम यात्रा पर आने वाले श्रद्धालुओं के लिए चारों धामों में प्रतिदिन के लिए जो क्षमता निर्धारित की गई है, उसके अनुसार ही दर्शन के लिए भेजे जाएं।

    रजिस्ट्रेशन की व्यवस्थाओं को और मजबूत बनाया जाए। श्रद्धालुओं का चार धाम यात्रा हेतु रजिस्ट्रेशन होने पर ही चेक प्वाइंट से आगे जाने दें। परिवहन विभाग, राजस्व विभाग, पुलिस विभाग को संयुक्त रूप से चेक पोस्ट पर चेकिंग करने के निर्देश दिए। आगामी तीन दिनों तक ऑफलाइन रजिस्ट्रेशन रोक दिए जाय।यह सुनिश्चित हो कि चार धाम यात्रा नियमों के अनुरूप ही चले। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिये कि चारधाम के सभी मार्गों के एंट्री प्वाइंट एवं विकासनगर, यमुना पुल क्षेत्र, धनौल्टी, सुवाखोली में भी सख्ती से चेकिंग की व्यवस्था सुनिश्चित हो। इन स्थलों पर यात्रियों की सुविधा का भी पूरा ध्यान रखा जाए।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि चारधाम यात्रा व्यवस्थाओं से सबंधित सभी जानकारियां लोगों तक स्पष्ट रूप से जाए इसके लिए शासन के वरिष्ठ अधिकारी प्रतिदिन मीडिया ब्रीफिंग करें।

    यात्रा से संबंधित सभी जानकारियां आमजन तक पहुंचाने के लिए मीडिया को उपलब्ध कराई जाए। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिये है कि चारधाम यात्रा के दौरान भीड़ प्रबंधन और यात्रा प्रबंधन पर विशेष ध्यान दिया जाए। उन्होंने पुलिस महानिदेशक को निर्देश दिये कि वे यातायात प्रबंधन और भीड़ प्रबंधन के लिए स्वयं स्थलीय निरीक्षण करें और चारों धामों में वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को इसकी जिम्मेदारी दी जाय। सभी अधिकारि सहयोगी के रूप में अपने दायित्वों का निर्वहन करें।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि चारधाम यात्रा प्रदेश की लाइफ लाइन है। यह यात्रा राज्य की आर्थिकी से भी जुड़ी है। जिस तेजी से चारधाम यात्रा में श्रद्धालुओं की संख्या में वृद्धि हो रही है, हम सबका दायित्व है कि यात्रा को सुगम और सरल बनाने में सभी मिलकर सहयोगी बनें।

    व्यवस्थाओं को और बेहतर बनाने में राज्य सरकार द्वारा लगातार प्रयास किये जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि चारधाम यात्रा मार्गों से जुड़े सभी जनपद यात्रा व्यवस्थाओं को सुदृढ़ करने के लिए समन्वय के साथ कार्य करें। मुख्यमंत्री ने सभी श्रद्धालुओं से अपेक्षा की है कि देवभूमि उत्तराखण्ड के इन धामों की धार्मिक यात्रा में स्वस्थ मानकों के अनुसरण पर भी ध्यान दें।

    मुख्यमंत्री ने चारधाम यात्रा से जुड़े जनपदों रूप्रदप्रयाग, चमोली और उत्तरकाशी के जिलाधिकारियों से वर्चुअल माध्यम से चारधाम यात्रा से सबंधित विभिन्न व्यवस्थाओं की जानकारी ली और शासन स्तर से चारधाम यात्रा के दृष्टिगत सबंधित जिलाधिकारियों को जो भी सहयोग की आवश्यकता है, उसके बारे में जानकारी ली।

    मुख्यमंत्री ने शासन और पुलिस के अधिकारियों को निर्देश दिये कि चारधाम यात्रा से सबंधित जो भी आवश्यक व्यवस्थाओं के लिए जिला प्रशासन से अनुरोध किया जाता है, उनकी समस्याओं का तत्काल समाधान किया जाए।

    बैठक में राज्य आपदा प्रबंधन के उपाध्यक्ष विनय रोहिला, मुख्य सचिव श्रीमती राधा रतूड़ी, प्रमुख सचिव  आर. के सुधांशु, डीजीपी अभिनव कुमार, सचिव आर. मीनाक्षी सुंदरम, शैलेश बगोली, अरविन्द सिंह हं्यांकी, सचिन कुर्वे, डॉ. पंकज कुमार पाण्डेय, सचिव एवं गढ़वाल कमिश्नर  विनय शंकर पाण्डेय, विशेष सचिव श्रीमती रिद्धिम अग्रवाल, महानिदेशक सूचना बंशीधर तिवारी एवं वर्चुअल माध्यम से चारधाम यात्रा से सबंधित जिलों के जिलाधिकारी और एसपी उपस्थित थे।

    सचिव,

    परिवहन विभाग, उत्तराखण्ड शासन ।

    राज्य में चारधाम यात्रा सुचारू रूप से संचालित की जा रही है, जिसमें सभी राज्यों से काफी अधिक संख्या में तीर्थयात्री दर्शन हेतु आ रहे हैं। पर्यटन विभाग द्वारा सुव्यवस्थित व्यवस्था बनाये जाने हेतु श्रद्धालुओं का रजिस्ट्रेशन अनिवार्य किया गया है। श्रद्धालुओं द्वारा धामों के दर्शन हेतु तिथि के अनुरूप रजिस्ट्रेशन किया जाता है, जिसके क्रम में परिवहन विभाग द्वारा ट्रिप कार्ड आई०डी० निर्गत की जाना अपेक्षित है, जिससे धामों पर भीड़ नियंत्रण में कोई असुविधा न हो।

    उपरोक्त के अनुसार ही श्रद्धालुओं के दर्शन हेतु निर्धारित तिथि (Registration Date) के अनुसार ही ट्रिप कार्ड आई०डी० निर्गत किया जाना सुनिश्चित किया जाय। कृपया उक्त आदेशों का अनुपालन शीघ्र सुनिश्चित करायें।

    (राधा रतूड़ी) मुख्य सचिव

    सचिव,

    संस्कृति, धर्मस्व, तीर्थाटन प्रबन्धन एवं धार्मिक मेला विभाग, उत्तराखण्ड शासन।

    राज्य में चारधाम यात्रा सुचारू रूप से संचालित की जा रही है, जिसमें सभी राज्यों से काफी अधिक संख्या में तीर्थयात्री दर्शन हेतु आ रहे हैं। राज्य सरकार द्वारा तीर्थयात्रियों को सुव्यवस्थित रूप से दर्शन कराये जाने हेतु व्यवस्था बनायी गयी है, किन्तु वर्तमान में संज्ञानित हुआ है, कि कुछ व्यक्तियों द्वारा मंदिर परिसर में सोशल मीडिया हेतु वीडियोग्राफी / Reels बनायी जा रही है, जिससे उक्त वीडियोग्राफी को देखने हेतु मंदिर परिसर में एक स्थान पर भीड़ एकत्र होने के कारण श्रद्धालुओं को दर्शन करने में असुविधा हो रही है। अतः श्रद्धालुओं की सुविधा को दृष्टिगत रखते हुए चारोधामों में मन्दिर परिसर की 50 मी0 की परिधि में सोशल मीडिया हेतु वीडियोग्राफी / Reels बनाये जाना पूर्णतः प्रतिबन्धित किया जाना सुनिश्चित करें।

    कृपया उक्त आदेशों का अनुपालन शीघ्र सुनिश्चित कराने का कष्ट करें।

    (राधा रतूड़ी) मुख्य सचिव

  • चार धाम यात्रा : मंदिर से 200 मीटर तक मोबाइल बैन

    चार धाम यात्रा : मंदिर से 200 मीटर तक मोबाइल बैन

    देहरादून। अगर आप भी चारधाम यात्रा पर जा रहे हैं तो ये जानकारी आपके लिए जरूरी है। दरअसल, चारों धामों में मंदिर परिसर के अंदर मोबाइल ले जाने पर बैन लगा दिया गया है। केदारनाथ, बद्रीनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री धाम में मंदिरों के अंदर अब श्रद्धालु अपने मोबाइल नहीं ले जा सकेंगे। यहां तक की चारों धामों में मंदिर की 200 मीटर की रेंज में मोबाइल लाने पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। उत्‍तराखंड के चीफ सेक्रेटरी राधा रतूड़ी ने ये आदेश जारी किए हैं।

    वहीं, ऋषिकेश में चारधाम यात्रा पर जा रहे वाहनों के लिए अहम जानकारी है। गढ़वाल कमिश्नर के निर्देश पर भद्रकाली चैक पोस्ट पर स्लॉट के तहत आगे जाने की परमिशन दी जाएगी। परिवहन विभाग भी वाहनों की जांच कर रहा है।

  • मसूरी में सैलानियों की भीड़, 70 फीसदी होटल पैक, जाम से हुआ बुरा हाल

    मसूरी में सैलानियों की भीड़, 70 फीसदी होटल पैक, जाम से हुआ बुरा हाल

    देहरादून। पहाड़ों की रानी मसूरी में सैलानियों की भीड़, 70 फीसदी होटल पैक, जाम से हुआ बुरा हाल, शनिवार से ही बड़ी संख्या में सैलानियों के पहुंचने से शहर में जाम की स्थिति बनी रही। पर्यटकों के वाहन दिनभर रेंग-रेंगकर चलते नजर आए। इससे पर्यटकों को परेशानी का सामना करना पड़ा। ऐसी ही स्थिति रविवार सुबह से भी बनी हुई है। रविवार को शहर के लाैटने वाले पर्यटकों की ज्यादा भीड़ है। वहीं, शहर के 70 फीसदी होटल पैक रहे।

       

     

    शहर में सुबह से ही सड़कों पर वाहनों की लंबी कतार लगने लगी, जिससे पर्यटक परेशान रहे। शहर के सबसे व्यस्त चौक गांधी चौक से लेकर किंग्रेग के बीच बार-बार ट्रैफिक जाम हुआ। वाहनों की लंबी कतार लगी रही।कैंपटी मार्ग, लंढौर मंलिगार चौक, पिक्चर पैलेस चौक सहित विभिन्न चौक-चौराहों पर दिनभर वाहनों का जमावड़ा रहा। वहीं, शहर के पर्यटन स्थलों में दिन भर पर्यटकों से रौनक रही, इससे पर्यटन व्यवसाय से जुड़े लोगों के चेहरे खिले नजर आएसैलानी संदीप कुमार शुक्ल ने बताया कि दिल्ली की गर्मी से बचने के लिए मसूरी आए हैं, लेकिन आधा घंटे से जाम में फंसे हैं। मसूरी आकर गर्मी से तो राहत मिली, लेकिन जाम से थोड़ी परेशानी हुई।

    मसूरी होटल एसोसिएशन के अध्यक्ष संजय अग्रवाल ने बताया कि शहर में 70 फीसदी होटल पर्यटकों से पैक हैं। रविवार को आंकड़ा और बढ़ सकता है। उम्मीद है कि इस बार सीजन अच्छा रहेगा।वहीं, शहर कोतवाल अरविंद चौधरी ने बताया कि चौक-चौराहों पर पुलिस के जवान मुस्तैद हैं। ट्रैफिक व्यवस्था के लिए पीएसी जवान भी तैनात किए गए हैं। शराब पीकर वाहन चलाने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

  • पर्यटन व हॉस्पिटेलिटी के क्षेत्र में प्रशिक्षण के लिए स्विस एजुकेशन ग्रुप से किया एम.ओ.यू

    पर्यटन व हॉस्पिटेलिटी के क्षेत्र में प्रशिक्षण के लिए स्विस एजुकेशन ग्रुप से किया एम.ओ.यू

    राज्य परियोजना निदेशक, समग्र शिक्षा बंशीधर तिवारी एवं स्विस एजुकेशन ग्रुप के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर हिराज आर्टिनियन ने किये समझौते पर हस्ताक्षर

    पर्यटन और हॉस्पिटेलिटी में बेहतर प्रशिक्षण से राज्य में बढ़ेंगे रोजगार के अवसर -मुख्यमंत्री

    मानसखण्ड मन्दिर माला मिशन पर तेजी से किये जा रहे हैं कार्य

     

    देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की उपस्थिति में गुरूवार को सचिवालय में समग्र शिक्षा उत्तराखण्ड और स्विस एजुकेशन ग्रुप, स्विटजरलैंण्ड के मध्य समझौता ज्ञापन किया गया। उत्तराखण्ड में 9वीं से 12वीं कक्षा के विद्यार्थियों के लिए पर्यटन और हॉस्पिटैलिटी के क्षेत्र में प्रशिक्षण प्रदान के लिए राज्य परियोजना निदेशक, समग्र शिक्षा बंशीधर तिवारी एवं स्विस एजुकेशन ग्रुप के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर हिराज आर्टिनियन ने समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किये। स्विस एजुकेशन ग्रुप द्वारा राज्य में विद्यार्थियों के लिए व्यावसायिक शिक्षा के पाठ्यक्रम को बेहतर बनाने में भी सहयोग दिया जायेगा।

    मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राज्य में 09वीं से 12वीं कक्षा तक के बच्चों को व्यावसायिक शिक्षा के तहत पर्यटन और हॉस्पिटैलिटी के क्षेत्र में बेहतर प्रशिक्षण के लिए यह समझौता आने वाले समय में मील का पत्थर साबित होगा। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड में इन दोनों क्षेत्रों में रोजगार की काफी संभावनाएं हैं। इन क्षेत्रों में प्रशिक्षण से दक्षता हासिल कर हमारे विद्यार्थियों को रोजगार के अनेक अवसर मिलेंगे। राज्य सरकार द्वारा पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए लगातार प्रयास किये जा रहे हैं। धार्मिक, आध्यात्मिक और साहसिक पर्यटन के साथ ही ईको टूरिज्म, वैलनेस को बढ़ावा देने के लिए अनेक कार्य किये जा रहे हैं। हॉस्पिटैलिटी के क्षेत्र में भी राज्य को काफी प्रस्ताव प्राप्त हो रहे हैं। इस क्षेत्र में भी आने वाले समय में राज्य में अनेक संभावनाएं हैं।

    मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राज्य में पर्यटन और हॉस्पिटैलिटी के क्षेत्र में स्विट्जरलैंड के साथ हुए इस समझौते में अहम भूमिका निभाने पर अभय दास महाराज का आभार व्यक्त किया। लगभग 04 माह पूर्व इन क्षेत्रों में राज्य को सहयोग देने के लिए मुख्यमंत्री एवं अभय दास महाराज के बीच चर्चा हुई थी। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड में चारधाम यात्रा में लाखों श्रद्धालु देवभूमि उत्तराखण्ड आते हैं। राज्य सरकार का प्रयास है कि 12 माह श्रद्धालु एवं पर्यटक बड़ी संख्या में उत्तराखण्ड के धार्मिक और पर्यटक स्थलों में आयें, इसके लिए मानसखण्ड मन्दिर माला मिशन पर तेजी से कार्य किये जा रहे हैं। इसके तहत प्रथम चरण में 16 मन्दिर चिन्हित कर कार्य शुरू किये जा चुके हैं।

    अभयदास महाराज ने कहा कि पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए हॉस्पिटैलिटी क्षेत्र का मजबूत होना जरूरी है। उन्होंने कहा कि देवभूमि उत्तराखण्ड आध्यात्म का केन्द्र है। विदेशों में उत्तराखण्ड आध्यात्म के केन्द्र खोलने की दिशा में कार्य करेगा, तो इसमें रोजगार की काफी संभावनाएं हैं।

    सचिव विद्यालयी शिक्षा रविनाथ रमन ने कहा कि 09वीं से 12वीं कक्षा के विद्यार्थियों के लिए व्यावसायिक शिक्षा के तहत पर्यटन और हॉस्पिटैलिटी के क्षेत्र में बेहतर प्रशिक्षण के लिए यह समझौता हुआ है। स्विस एजुकेशन ग्रुप की फैकल्टी द्वारा स्कूली बच्चों को प्रशिक्षण दिया जायेगा। स्विट्जरलैंड में भी स्विस एजुकेशन ग्रुप द्वारा राज्य के स्कूली बच्चों को इन क्षेत्रों में एक-एक माह का प्रशिक्षण दिया जायेगा।

    इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव श्रीमती राधा रतूड़ी, स्विस एजुकेशन ग्रुप से सूर्य प्रताप सिंह भाटी, अपर राज्य परियोजना निदेशक, समग्र शिक्षा डॉ. मुकुल कुमार सती उपस्थित थे।