Category: पर्यटन

  • पर्यटन विभाग दे रहा पैराग्लाइडिंग का प्रशिक्षण, 741 युवा पैराग्लाइडिंग का करेंगे कोर्स

    पर्यटन विभाग दे रहा पैराग्लाइडिंग का प्रशिक्षण, 741 युवा पैराग्लाइडिंग का करेंगे कोर्स

    उत्तराखंड का पर्यटन अब तक मुख्य तौर पर धार्मिक और सामान्य पर्यटन के लिए जाना जाता था, लेकिन अब सरकार इसमें साहसिक पर्यटन के जरिए नए आयाम जोड़ रही है।

    राज्य की 124 युवतियों समेत 741 युवा पैराग्लाइडिंग का कोर्स कर आसमान की ऊंचाइयां छूने को तैयार हो रहे हैं। सरकार के पर्यटन विभाग की ओर से प्रथम चरण में टिहरी में 15 बैच में युवाओं को बेसिक से लेकर गाइडेड पैराग्लाइडिंग के पांच अलग-अलग कोर्स कराए जा रहे हैं।

    इसमें विभाग की ओर से प्रशिक्षण, रहने, खाने आदि सुविधा निशुल्क दी जा रही हैं। उत्तराखंड का पर्यटन अब तक मुख्य तौर पर धार्मिक और सामान्य पर्यटन के लिए जाना जाता था, लेकिन अब सरकार इसमें साहसिक पर्यटन के जरिए नए आयाम जोड़ रही है। उत्तराखंड के नैनीताल जिले के भीमताल और देहरादून में मालदेवता जैसे कुछ स्थानों पर पैराग्लाइडिंग पर्यटन बढ़ रहा है। नई संभावनाओं को देखते हुए पर्यटन विभाग नए स्पॉट तलाशने के साथ स्थानीय युवाओं को निशुल्क प्रशिक्षण भी दे रहा है।

    प्रशिक्षणार्थियों ने बताए अपने अनुभव
    1. उत्तरकाशी जिले में सांकरी के पास सौड़ गांव निवासी संगीता रावत एक एडवेंचर टूरिज्म कंपनी चलाती हैं, अब वो पैराग्लाइडिंग का प्रशिक्षण लेने के बाद अपने काम को नई ऊंचाई देना चाहती हैं। संगीता अपनी बैच की अकेली महिला प्रशिक्षु हैं।
    2. नैनीताल में भीमताल निवासी भरत जोशी डिप्लोमा करने के बाद दिल्ली में प्राइवेट जॉब कर रहे हैं। जोशी बताते हैं कि वो वापस अपने घर लौटना चाहते हैं, इसलिए जैसे ही सरकार की तरफ से निशुल्क पैराग्लाइडिंग कोर्स की जानकारी मिली तो रजिस्ट्रेशन करवा लिया। प्रशिक्षण पूरा करने के बाद वो भी वापस भीमताल लौट आएंगे।
    3. सीमांत जिला चमोली के कुनौल गांव निवासी दिनेश सिंह

    साहसिक पर्यटन के क्षेत्र में स्वरोजगार की अपार संभावनाएं हैं। युवाओं को पैराग्लाइडिंग, वाइट वाटर राफ्टिंग, माउंटेनियरिंग जैसे खेलों का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। प्रयास है कि अगले कुछ सालों में उत्तराखंड के पास इस क्षेत्र में पर्याप्त प्रशिक्षित मानव संसाधन हों, ताकि राज्य में साहसिक पर्यटन न सिर्फ फूले फले बले, बल्कि सुरक्षित भी हो।
    -पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री

  • गंगोत्री धाम के दो नवंबर  और यमुनोत्री धाम के तीन नवंबर को बंद होंगे कपाट

    गंगोत्री धाम के दो नवंबर और यमुनोत्री धाम के तीन नवंबर को बंद होंगे कपाट

    गंगोत्री धाम के कपाट बंद होने के बाद मां गंगा के दर्शन उनके मायके व शीतकालीन प्रवासस्थल मुखबा में छह माह तक किए जा सकेंगे।

    चारधामों में प्रमुख गंगोत्री धाम के कपाट शीतकाल के लिए दो नवंबर को अभिजीत मुहूर्त में 12:14 बजे बंद किए जाएंगे, जबकि यमुनोत्री धाम के कपाट तीन नवंबर को बंद किए जाएंगे। यमुनोत्री धाम के कपाट बंद होने का समय विजयादशमी (आज) के दिन तय किए जाएंगे

    उधर, गंगोत्री धाम के कपाट बंद होने के बाद मां गंगा के दर्शन उनके मायके व शीतकालीन प्रवासस्थल मुखबा में छह माह तक किए जा सकेंगे। गंगोत्री मंदिर समिति के सचिव सुरेश सेमवाल व कोषाध्यक्ष महेश सेमवाल ने बताया, मां गंगा के गंगोत्री धाम के कपाट शीतकाल के लिए कार्तिक शुक्ल पक्ष प्रतिपदा दो नवंबर को 12:14 मिनट पर अभिजीत मुहूर्त में बंद किए जाएंगे

    बताया, कपाट बंदी के बाद मां गंगा की उत्सव डोली श्रद्धालुओं के साथ धाम से अपने शीतकालीन प्रवासस्थल मुखबा (मुखीमठ) के लिए प्रस्थान करेगी। इस दौरान रात्रि विश्राम भगवती मंदिर मारकंडे में होगा। तीन नवंबर को मां गंगा की उत्सव डोली यात्रा अपने मायके व शीतकालीन प्रवासस्थल मुखबा में विराजेगी। उधर, यमुनोत्री धाम के कपाट तीन नवंबर को भैयादूज के पावन पर्व पर बंद किए जाएंगे। यमुनोत्री मंदिर समिति के कोषाध्यक्ष प्यारे लाल उनियाल ने बताया, कपाटबंदी के लिए लग्न मुहूर्त यमुना मंदिर परिसर खरसाली में विजयादशमी पर निकाला जाएगा।

  • सीएम की घोषणा, यमुनोत्री, गौचर और जोशियाड़ा के लिए जल्द शुरू होगी हवाई सेवा

    सीएम की घोषणा, यमुनोत्री, गौचर और जोशियाड़ा के लिए जल्द शुरू होगी हवाई सेवा

    प्रदेश के दूरस्थ क्षेत्रों को हवाई सेवा से जोड़ना सरकार की योजना है। जो प्रदेश में लाइफ लाइन का काम करेगी। साथ ही पर्यटन और स्वास्थ्य सेवाओं की दृष्टि से इसका लाभ मिलेगा।

    जौलीग्रांट से अल्मोड़ा के बीच हेलिकॉप्टर सेवा शुरू होने के बाद अब यमुनोत्री, गौचर, जोशियाड़ा के लिए जल्द हवाई सेवा शुरू की जाएगी। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने यह घोषणा की।

    कहा, मुख्यमंत्री उड़न खटोला योजना के तहत तीन स्थानों के लिए हवाई सेवा का संचालन किया जाएगा। प्रदेश के दूरस्थ क्षेत्रों को हवाई सेवा से जोड़ना सरकार की योजना है। जो प्रदेश में लाइफ लाइन का काम करेगी। साथ ही पर्यटन और स्वास्थ्य सेवाओं की दृष्टि से इसका लाभ मिलेगा।

    बृहस्पतिवार को सीएम ने सहस्रधारा हेलीपोर्ट पर जौलीग्रांट-अल्मोड़ा के लिए हेलिकॉप्टर सेवा का शुभारंभ किया। इसके अलावा 2482.96 लाख की लागत से नवनिर्मित यात्री टर्मिनल का लोकार्पण किया। कहा, उड़ान योजना के तहत देहरादून से अल्मोड़ा के बीच हेली सेवा से एक ओर पर्यटन, आर्थिकी, रोजगार स्वरोजगार को बढ़ावा मिलेगा।

    कहा, प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में देश में हवाई सेवाओं का आधुनिकीकरण होने के साथ ही स्वदेशीकरण हो रहा है। वहीं, लोगों को कम किराये पर हवाई सेवा का लाभ मिल रहा है। प्रदेश में 18 हेलीपोर्ट बनाने की योजना है। इसमें 10 बन कर तैयार हो चुके हैं। कहा, दिल्ली से पिथौरागढ़ के लिए शीघ्र हवाई सेवा का लाभ मिलेगा।

    कहा, दो ट्रायल लैंडिंग हो चुकी है। एक और ट्रायल के बाद इस सेवा को शुरू किया जाएगा। सहस्त्रधारा हेलीपोर्ट में नवनिर्मित यात्री टर्मिनल भवन में एक समय में लगभग 400 यात्रियों की बैठने की सुविधा है। जिसमें यात्रियों की सुविधा के लिए कई आधुनिक सुविधाएं शामिल की गई हैं। मुख्यमंत्री ने अल्मोड़ा से देहरादून पहुंचे यात्रियों से संवाद किया।

    अल्मोड़ा से देहरादून के लिए शुरू की गई हेलिकॉप्टर सेवा के शुभारंभ पर कई यात्री देहरादून पहुंचे, जबकि वापस अल्मोड़ा जाने के लिए केंद्रीय राज्य मंत्री अजय टम्टा ने भी सेवा का लाभ उठाया। सेवा का संचालन पवन हंस लिमिटेड के माध्यम से किया जा रहा है। जिसमें एक समय में 11 यात्री यात्रा कर सकते हैं। प्रति यात्री किराया 4989 रुपये है।

    केंद्रीय राज्य मंत्री अजय टम्टा, कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज, प्रेमचंद अग्रवाल, गणेश जोशी, राज्यसभा सांसद नरेश बंसल, विधायक खजान दास, उमेश शर्मा काऊ, सविता कपूर, गढ़वाल आयुक्त विनय शंकर पांडेय, यूकाडा की सीईओ सोनिका, जबकि वर्चुअल माध्यम से अल्मोड़ा के विधायक मनोज तिवारी, जिलाधिकारी अल्मोड़ा आलोक कुमार पांडेय भी जुड़े।

  • बंद हुए हेमकुंड साहिब के कपाट, डेढ़ लाख से ज्यादा श्रद्धालुओं ने किए दर्शन

    बंद हुए हेमकुंड साहिब के कपाट, डेढ़ लाख से ज्यादा श्रद्धालुओं ने किए दर्शन

    हेमकुंड साहिब में स्थित लक्ष्मण लोकपाल मंदिर के कपाट बृहस्पतिवार को सुबह 10 बजे शीतकाल के लिए बंद कर दिए गए। कपाट बंद होने से पहले पुजारी भगवती पांडे ने मंदिर में कई पूजाएं संपन्न कीं। भ्यूंडार गांव से पहुंचे भक्तगणों ने लक्ष्मण मंदिर में पूजा-पाठ किया।

    इसके बाद हेमकुंड साहिब के कपाट बंद हुए। दोपहर साढ़े 12 बजे साल की अंतिम अरदास पढ़ी गई। सुबह मौसम खराब होने पर यहां कपाट बंद होने के दौरान हल्की बर्फबारी भी हुई। ढाई हजार श्रद्धालु कपाट बंद होने के साक्षी बने।

    इस साल एक लाख 83 हजार 722 श्रद्धालु पहुंचे, जबकि पिछले साल एक लाख 77 हजार 463 श्रद्धालु पहुंचे थे। हेमकुंड साहिब के कपाट बंद होने की प्रक्रिया सुबह नौ बजे से शुरू हो गई थी।

    गुरुद्वारे के वरिष्ठ प्रबंधक सरदार सेवा सिंह ने बताया, सुबह 10 बजे सुखमणि पाठ हुआ और फिर शबद कीर्तन के बाद साढ़े 12 बजे अंतिम अरदास और गुरुग्रंथ साहिब का हुक्मनामा पढ़ा गया।

    इसके बाद पंच प्यारों और इंजीनियरिंग कोर के बैंड की अगुवाई में गुरुग्रंथ साहिब को सचखंड में सुशोभित किया गया। इसके बाद दोपहर एक बजे हेमकुंड साहिब के कपाट बंद कर दिए गए।

    इस दौरान सेना के इंजीनियरिंग कोर के बैंड ने पूरे वातावरण को आनंदित कर दिया। कपाट बंद होने के बाद सभी श्रद्धालु घांघरिया लौट आए। वहीं, कपाट बंद होने के दौरान हेमकुंड साहिब में मौसम खराब होने पर हल्की बर्फबारी भी हुई।

  • मद्महेश्वर और तुंगनाथ मंदिर के कपाट बंद होने की तिथि विजयदशमी पर होगी तय

    मद्महेश्वर और तुंगनाथ मंदिर के कपाट बंद होने की तिथि विजयदशमी पर होगी तय

    विजयदशमी पर्व पर पंचकेदार गद्दीस्थल ओंकारेश्वर मंदिर ऊखीमठ में द्वितीय केदार और मर्कटेश्वर मंदिर में तुंगनाथ के कपाट बंद करने की तिथि घोषित की जाएगी।

    द्वितीय केदार मद्महेश्वर और तृतीय केदार तुंगनाथ के कपाट शीतकाल के लिए बंद करने की तिथि विजयदशमी पर्व पर पंचांग गणना के आधार पर तय की जाएगी।

    द्वितीय केदार मद्महेश्वर और तृतीय केदार तुंगनाथ के कपाट शीतकाल के लिए बंद करने की तिथि विजयदशमी पर्व पर पंचांग गणना के आधार पर तय की जाएगी।

  • उत्तराखंड में पर्वतीय मार्गों का सफर अब होगा सुखद, आएंगी 130 रोडवेज बसें

    उत्तराखंड में पर्वतीय मार्गों का सफर अब होगा सुखद, आएंगी 130 रोडवेज बसें

    निगम के महाप्रबंधक तकनीकी अनिल सिंह गर्ब्याल की ओर से टाटा कंपनी को भेजे पत्र में कहा कि चूंकि पहली बार उत्तराखंड रोडवेज इन बसों का संचालन करेगा, इसलिए इन बीएस-6 मॉडल की बसों से संबंधित तकनीकी प्रशिक्षण की जरूरत है।

    उत्तराखंड में पर्वतीय मार्गों पर रोडवेज बस से सफर सुखद होने वाला है। परिवहन निगम को टाटा कंपनी से 130 रोडवेज बसें 15 अक्तूबर तक मिलने वाली हैं। इसके लिए निगम ने अब टाटा कंपनी के अधिकारियों को अपने तकनीकी कार्मिकों के प्रशिक्षण के लिए पत्र भेजा है

    परिवहन निगम के अल्मोड़ा, भवाली, रानीखेत, बागेश्वर, काठगोदाम, हल्द्वानी, रामनगर, लोहाघाट, पिथौरागढ़, पर्वतीय डिपो, ऋषिकेश, श्रीनगर और कोटद्वार डिपो को ये नई बसें मिलेंगी। निगम के महाप्रबंधक तकनीकी अनिल सिंह गर्ब्याल की ओर से टाटा कंपनी को भेजे पत्र में कहा कि चूंकि पहली बार उत्तराखंड रोडवेज इन बसों का संचालन करेगा, इसलिए इन बीएस-6 मॉडल की बसों से संबंधित तकनीकी प्रशिक्षण की जरूरत है। उन्होंने सभी डिपो के सहायक महाप्रबंधकों के नंबर कंपनी से साझा करते हुए मांग की कि जल्द डिपो के तकनीकी कार्मिकों व चालकों को प्रशिक्षण दिया जाए

    कहा, सॉफ्टवेयर से संबंधित जानकारी भी दी जाए, ताकि उस हिसाब से बसों का संचालन आसानी से किया जा सके। बता दें कि बसों की यह खरीद लंबे समय से लटकी हुई थीं। अब ये बसें एसीजीएल गोवा में तैयार हुई हैं, जिनकी जांच के लिए निगम की एक विशेषज्ञ टीम इन दिनों गोवा गई हुई है। चूंकि, पिछली बस खरीद में खामियां आईं थीं, इसलिए इस बार बस लाने से पहले कंपनी में ही जांच कराई जा रही है

  • अब बुजुर्ग और बच्चे भी कर सकेंगे आदि कैलाश और ओम पर्वत के दर्शन, शुरू होगी हेली सेवा

    अब बुजुर्ग और बच्चे भी कर सकेंगे आदि कैलाश और ओम पर्वत के दर्शन, शुरू होगी हेली सेवा

    जौलीग्रांट हेलिपैड से बदरी-केदार दो धामों के लिए उड़ान भरने वाली हेली कंपनी रुद्राक्ष एविएशन 15 नवंबर से पिथौरागढ़ के नैनी सैनी हवाई अड्डे से भगवान शिव के निवास स्थान आदि कैलाश और ओम पर्वत के लिए हवाई दर्शन सेवा शुरू करने जा रही है।

    15 नवंबर से पिथौरागढ़ के नैनी सैनी एयरपोर्ट से प्रस्तावित हेलिकॉप्टर सेवा में बुजुर्ग और बच्चे भी आदि कैलाश और ओम पर्वत के दर्शन कर सकेंगे। इसके लिए कंपनी ने लगभग एक हफ्ते का सफल ट्रायल पूरा कर लिया है।

    जौलीग्रांट हेलिपैड से बदरी-केदार दो धामों के लिए उड़ान भरने वाली हेली कंपनी रुद्राक्ष एविएशन 15 नवंबर से पिथौरागढ़ के नैनी सैनी हवाई अड्डे से भगवान शिव के निवास स्थान आदि कैलाश और ओम पर्वत के लिए हवाई दर्शन सेवा शुरू करने जा रही है। यात्रा में बुजुर्गों के अलावा बच्चे भी भगवान शिव के निवास स्थान के दर्शन कर सकेंगे।

    हवाई यात्रा लगभग दो घंटे की होगी। नैनी सैनी एयरपोर्ट से एमआई 17 हेलिकॉप्टर सुबह करीब साढ़े आठ बजे 18 यात्रियों को लेकर उड़ान भरेगा और यह दिन में एक ही फेरा लगाएगा। हेलिकॉप्टर सेवा 15 नवंबर से फरवरी तक संचालित की जाएगी। हेलिकॉप्टर में यात्रा करने वाले सभी यात्रियों को ऑक्सीजन मास्क लगाना होगा।

    साथ ही मेडिकल फिटनेस सर्टिफिकेट देना अनिवार्य होगा। यात्रा की बुकिंग ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरह से होगी। फिलहाल संबंधित कंपनी ने पर्यटन विभाग और सरकार को यात्रा के संबंध में पूरा शेड्यूल बनाकर दे दिया है।

    रुद्राक्ष एविएशन का हेलिकॉप्टर श्रद्धालुओं को दोनों पर्वतों के दर्शन ऊपर से ही कराएगा। ओम पर्वत की ऊंचाई करीब 5,590 मीटर और आदि कैलाश की ऊंचाई करीब 6,638 मीटर है। इस अति दुर्गम पहाड़ में कई मैगनेटिक फील्ड बताए जाते हैं, जिससे यहां चढ़ाई कर यात्रा को काफी कठिन माना जाता है।

    आदि कैलाश और ओम पर्वत की यात्रा ऊपर से ही कराई जाएगी, जिसमें बुजुर्ग भी जा सकेंगे। सभी श्रद्धालुओं को मेडिकल फिटनेस देना होगा। यात्रा में करीब सवा दो घंटे का समय लगेगा।
    – पीके छाबरी, प्रबंधक, रुद्राक्ष एविएशन

  • जौलीग्रांट हेलीपैड: 28 अक्तूबर से बंद होगी बदरीनाथ-केदारनाथ की हेली सेवाएं

    जौलीग्रांट हेलीपैड: 28 अक्तूबर से बंद होगी बदरीनाथ-केदारनाथ की हेली सेवाएं

    देहरादून एयरपोर्ट के पास स्थित हेलीपैड से बदरीनाथ और केदारनाथ के लिए रुद्राक्ष एविएशन की हवाई सेवा आगामी 28 अक्तूबर से बंद कर दी जाएगी। इस हवाई सेवा को यात्रा सीजन शुरू होने पर 10 मई से जौलीग्रांट से शुरू किया गया था। जिसके बाद सेवा को बरसात सीजन में बंद कर 15 सितंबर से फिर से शुरू किया गया था। 10 मई से लेकर 30 सितंबर तक के बीच लगभग 1900 श्रद्धालुओं ने जौलीग्रांट से बदरीनाथ और केदारनाथ के दर्शन किए हैं

    इस बार जौलीग्रांट से रुद्राक्ष के हेलिकॉप्टर से सिंगापुर, लंदन, यूएसए से करीब 100 से अधिक अप्रवासी भारतीयों ने भी बदरी केदार की यात्रा की है। ऑपरेशन मैनेजर राज शाह ने कहा कि अगले यात्रा सीजन में जौलीग्रांट से फिर से दो धामों के लिए कुछ नई सुविधाओं के साथ यात्रा शुरू की जा सकती है।

     

    इस यात्रा सीजन में प्रतिदिन करीब 35 श्रद्धालुओं को दो धामों के दर्शन कराए गए हैं। जिसमें दो धामों में कुछ श्रद्धालुओं को रात्रि विश्राम की सुविधा भी दी गई है। आगामी 28 अक्तूबर से जौलीग्रांट से दो धामों की यात्रा बंद कर दी जाएगी। – पीके छाबरी, प्रबंधक रुद्राक्ष एविएशन

  • जल्द बनेगा ऋषिकेश-नीलकंठ महादेव रोप-वे, जमीन की अड़चन हुई दूर; लंबे समय से उठती रही है मांग

    जल्द बनेगा ऋषिकेश-नीलकंठ महादेव रोप-वे, जमीन की अड़चन हुई दूर; लंबे समय से उठती रही है मांग

    ऋषिकेश विधायक व शहरी विकास मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल ने बताया कि ऋषिकेश-नीलकंठ महादेव रोप-वे परियोजना के निर्माण के लिए भूमि का चयन कर लिया गया है। इस भूमि को आवास विभाग के पक्ष में हस्तांतरण की स्वीकृति दे दी गई है। यह भूमि एक रुपये प्रति वार्षिक दर से 99 वर्ष के पट्टे पर दिये जाने के प्रस्ताव पर उन्होंने अनुमोदन किया है।

    ऋषिकेश। प्रसिद्ध नीलकंठ महादेव के दर्शन के लिए महत्वाकांक्षी ऋषिकेश-नीलकंठ महादेव रोप-वे परियोजना में भूमि संबंधी बाधा अब दूर होती नजर आ रही है।

    प्रदेश सरकार ने इस परियोजना के लिए भूमि का चयन कर आवास विकास विभाग के पक्ष में भूमि हस्तांतरण की स्वीकृति प्रदान कर दी है। इससे परियोजना निर्माण का रास्ता साफ हो गया है।

    ऋषिकेश विधायक व शहरी विकास मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल ने बताया कि ऋषिकेश-नीलकंठ महादेव रोप-वे परियोजना के निर्माण के लिए ग्राम पुंडरासू उदयपुर तल्ला, तहसील-यमकेश्वर व ग्राम तोली, पट्टी उदयपुर तल्ला-एक, तहसील यमकेश्वर में भूमि का चयन किया गया है। इस भूमि को आवास विभाग के पक्ष में हस्तांतरण की स्वीकृति दे दी गई है।

    कई वर्षों से थी इस परियोजना की जरूरत
    अग्रवाल ने बताया कि यह भूमि एक रुपये प्रति वार्षिक दर से 99 वर्ष के पट्टे पर दिये जाने के प्रस्ताव पर उन्होंने अनुमोदन किया है। कहा कि यह बहुप्रतीक्षित परियोजना है, जिसकी आवश्यकता कई वर्षों से महसूस की जा रही थी।

    कहा कि रोप-वे सुविधा मिलने से यातायात जाम व पर्यावरण प्रदूषण की समस्या से काफी हद तक निजात मिलेगी। इससे श्रद्धालुओं को सुविधाजनक आवागमन व समय बचेगा। रोप-वे से स्थानीय पर्यटन व स्वरोजगार को भी बढ़ावा मिलेगा।

    सावन में जलाभिषेक के लिए पहुंचते हैं 5 लाख से अधिक शिवभक्त
    बता दें कि पौड़ी जिले के यमकेश्वर ब्लाक में मणिकूट पर्वत की तलहटी पर स्थित नीलकंठ महादेव मंदिर का विशेष महत्व है। यहां हर वर्ष लाखों की संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। विशेषकर श्रावण मास में यहां पांच लाख से अधिक शिव भक्त जलाभिषेक के लिए पहुंचते हैं।

  • टिहरी में तपोवन से कोडियाला तक संचालित राफ्टिंग व्यवस्थाओं का  मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने  किया निरीक्षण

    टिहरी में तपोवन से कोडियाला तक संचालित राफ्टिंग व्यवस्थाओं का मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने किया निरीक्षण

    मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने मंगलवार को जनपद टिहरी क्षेत्रांतर्गत तपोवन से कोडियाला तक संचालित राफ्टिंग व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया।

    मुख्य सचिव ने राफ्टर्स के लिए मार्केट बनाने और ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन सिस्टम पर बल देने की बात कही।

    राफ्टिंग व्यवस्थाओं का जायजा लेते हुए मुख्य सचिव ने खारास्रोत पार्किंग तृतीय एवं गंगा नदी में पुट इन पॉइंट ब्रह्मपुरी का निरीक्षण कर व्यवस्थित रूप से संचालित हो रही राफ्टिंग की सराहना की। इस दौरान उन्होंने राफ्टर्स के लिए मार्केट बनाने, ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन सिस्टम पर बल देने, राफ्टिंग की ड्रोन फुटेज लेने तथा रिवर राफ्टिंग एवं क्याकिंग नियमावली का उल्लंघन करने वालों के दंडात्मक/चालान कार्यवाही जिला प्रशासन स्तर से किए जाने हेतु अग्रिम कार्यवाही की बात कही। जिलाधिकारी ने बताया कि राफ्टर्स के लिए बनाए गए अस्थाई पार्किंग स्थल खारास्रोत में द्वितीय चरण के कार्य किए जा रहे हैं, जिसमें सीसी कार्यों के साथ ही अन्य कार्य किए जाने हैं।

    अपर मुख्य कार्याधिकारी (साहसिक विंग) यूटीडीबी कर्नल अश्विनी पुण्डीर ने बताया कि गंगा नदी में 263 फर्म पंजीकृत हैं तथा 576 राफ्ट्स हैं। जबकि अलकनंदा नदी में 29 फर्म पंजीकृत हैं तथा 65 राफ्ट्स हैं। उन्होंने बताया कि टिकट काउंटर के समीप सुलभ शौचालयों/चेंजिंग रूम बनाए गए हैं। सड़क मार्ग से नदी में जाने वाले समस्त पैदल मार्गों का मरम्मतीकरण का कार्य किया गया है। पुट इन एवं पुल आउट पॉइंट्स यथा नीम बीच, ब्रहमपुरी, शिवपुरी, मैरीन ड्राइव में स्थाई निर्माण कार्य हेतु वन भूमि हस्तान्तरण की कार्यवाही अन्तिम चरण में गतिमान है। राष्ट्रीय जल कीड़ा संस्थान गोवा के सहयोग से लगभग 400 गाइडों को लाईफ सेविंग का प्रशिक्षण साहसिक खेल अकादमी कोटी कालोनी टिहरी में दिया गया।

    इस दौरान मुख्य सचिव ने चार धाम यात्रा व्यवस्थाओं का जायजा लेते हुए भद्रकाली में केदारनाथ/बद्रीनाथ एवं गंगोत्री/यमुनोत्री धाम यात्री पंजीकरण जांच केंद्र का निरीक्षण किया। जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने बताया कि चारधाम यात्रा का ट्राय जंक्शन पॉइंट भद्रकाली में यात्रियों के पंजीकरण की जांच करके ही गाड़ियों को आगे भेजा जा रहा है। जनपद में यातायात व्यवस्था सुचारू एवं व्यवस्थित रूप से संचालित हो रही है। मुख्य सचिव ने यात्रियों की सुविधा एवं सुरक्षा के दृष्टिगत निरंतर व्यवस्थाएं बनाए रखने को कहा।

    इस मौके पर डीएफओ जीवन डगाड़े, एडीएम के.के. मिश्रा, एएसपी टिहरी जे.आर. जोशी, एएसपी पौड़ी, एआरटीओ सतेंद्र राज, एसडीएम देवेंद्र नेगी सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।