Category: उत्तराखंड

  • “अग्निवीर योजना युवाओं के भविष्य से खिलवाड़”: गोदियाल

    “अग्निवीर योजना युवाओं के भविष्य से खिलवाड़”: गोदियाल

    महंगाई में हजारों टन तेल की आहुति पर भाजपा को घेरा

    देहरादून। कांग्रेस मुख्यालय पर प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल, चुनाव अभियान समिति के अध्यक्ष प्रीतम सिंह एवं चुनाव प्रबंधन समिति के अध्यक्ष डॉ हरक सिंह रावत ने संयुक्त रूप से संबोधित किया।
    प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने नरेंद्र मोदी द्वारा अपने जन्म दिवस के अवसर पर दीपोत्सव मनाने पर तीखा हमला बोला उन्होंने कहा कि जिस देश में महंगाई चरम पर है आम आदमी के घर में दो वक्त का चूल्हा भी जलना मुश्किल हो रहा है उस समय मोदी जी के लिए दीप जलाने और अपने आपको उनका सच्चा भक्त दिखाने के होड़ लगी हुई है।
    और हजारों टन तेल की आहुति देने को नेता तैयार हैं ।

    अगर ये दीपक देश की जानता उनके कामो से ख़ुश होकर जलाती तो बात अलग थी। उन्होंने कहा की देश के युवाओं के साथ छल करने का काम इस देश के प्रधानमंत्री ने किया है।
    उन्होंने कहा कि अग्निवीर योजना स्थायी रोजगार के अवसरों को सीमित करने वाली योजना है।
    देश के लाखों युवा सेना में स्थायी नौकरी की उम्मीद लेकर भर्ती की तैयारी करते हैं, लेकिन अग्निवीर व्यवस्था में अधिकांश युवाओं का सैन्य करियर चार वर्ष बाद समाप्त हो जाता है।

    चार वर्ष की सेवा के बाद भविष्य की अनिश्चितता
    युवा 17-18 वर्ष की उम्र में सेना में प्रवेश करता है और चार वर्ष बाद लगभग 21-22 वर्ष की उम्र में उसे दोबारा रोजगार की तलाश करनी पड़ सकती है। कांग्रेस का सवाल है कि इतने कम समय में युवा अपने परिवार और भविष्य को किस प्रकार सुरक्षित करेगा?
    स्थायी सैनिक और अग्निवीर में असमानता का सवाल बहुत महत्वपूर्ण है। जब दोनों देश की सुरक्षा के लिए समान जोखिम उठाते हैं, तो सेवा की अवधि, वेतन, पेंशन और सामाजिक सुरक्षा के मामले में इतना बड़ा अंतर क्यों?

    गोदियाल ने कहा कि सैनिक को केवल चार वर्ष के लिए प्रशिक्षित कर्मचारी मानना उचित नहीं। सेना में अनुभव, अनुशासन और विशेषज्ञता वर्षों की सेवा से विकसित होती है।
    प्रीतम सिंह ने कहा की अग्निवीर योजना का उत्तराखंड के युवाओं पर विशेष प्रभाव पड़ा है।
    उत्तराखंड की सैन्य परंपरा अत्यंत गौरवशाली रही है। राज्य के पहाड़ी क्षेत्रों के हजारों परिवार सेना में रोजगार को पीढ़ियों से अपनी आर्थिक एवं सामाजिक सुरक्षा का आधार मानते रहे हैं। अग्निवीर व्यवस्था का उत्तराखंड के युवाओं और सैन्य परिवारों पर विशेष प्रभाव पड़ता है।
    उन्होंने कहा कि युवाओं को ‘पक्की नौकरी’ चाहिए, चार साल का इंतजार नहीं।
    आज देश में बेरोजगारी और प्रतियोगी परीक्षाओं की कठिनाई के बीच युवा वर्षों तक तैयारी करता है। चार वर्ष की सेवा के बाद फिर से रोजगार की दौड़ में लौटना उसके लिए गंभीर चुनौती है।

    पेंशन और सामाजिक सुरक्षा का प्रश्न बहुत महत्वपूर्ण है उन्होंने सवाल उठाया कि लंबे समय तक देश की सेवा करने वाले सैनिकों और चार वर्ष बाद सेवा से बाहर होने वाले अग्निवीरों के लिए सामाजिक सुरक्षा की पर्याप्त एवं दीर्घकालिक व्यवस्था क्या है?
    75 प्रतिशत युवाओं का क्या होगा इस प्रश्न का उत्तर आज तक नहीं मिल पाया है,
    योजना की सबसे बड़ी चिंता यही है कि नियमित सेवा में सीमित संख्या में युवाओं के चयन के बाद शेष युवाओं के लिए रोजगार का स्थायी रोडमैप क्या है।
    सरकार स्पष्ट करेकृसेवा से बाहर होने वाले अग्निवीरों के लिए कितनी स्थायी नौकरियां सुनिश्चित कैसे होगी।
    पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए डॉ हरक सिंह रावत ने कहा की केवल अलग-अलग विभागों में आरक्षण अथवा प्राथमिकता की घोषणा पर्याप्त नहीं है। कांग्रेस सरकार से वास्तविक नियुक्तियों का आंकड़ा सार्वजनिक करने की मांग करे।
    उन्होंने कहा की उत्तराखंड एक सैन्य बाहुल्य राज्य है यहाँ हर घर में एक सैनिक है जब यहाँ कोई शहीद होता है तो उसकी माता पिता बहन सब गौरवान्वित महसूस करते हैं अग्निवीर योजना देश के और प्रदेश के युवाओं की भावनाओं के साथ खेलने जैसा है,सेना की भर्ती को रोजगार के आंकड़े सुधारने का माध्यम न बनाया जाए।
    सेना राष्ट्र की सुरक्षा का सर्वोच्च संस्थान है। भर्ती नीति का उद्देश्य मजबूत, प्रशिक्षित और अनुभवी सैन्य बल तैयार करना होना चाहिए।

    कांग्रेस का कहना है कि जिन युवाओं ने वर्षों तक सेना में स्थायी भर्ती की तैयारी की, उनके लिए भर्ती व्यवस्था को अचानक बदलना उनके भविष्य के साथ अन्याय है।
    भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता और नियमित भर्ती की मांग की सेना की नियमित भर्ती प्रक्रिया को मजबूत किया जाए, रिक्त पदों को समयबद्ध तरीके से भरा जाए और युवाओं को पर्याप्त भर्ती अवसर दिए जाएं।

    कांग्रेस नेताओं ने कहा कि सैन्य बहुल राज्य उत्तराखंड के युवाओं के लिए सेना में नियमित भर्ती के पर्याप्त अवसर सुनिश्चित किए जाएं तथा अग्निवीरों के पुनर्वास की विशेष नीति बनाई जाए।
    सेवा से बाहर होने वाले युवाओं के लिए ‘रिहैबिलिटेशन पैकेज’ की घोषणा करनी चाहिए,

    सैनिक विभाग के अध्यक्ष कर्नल राम रतन नेगी ने कहा की पहले 80 हजार युवाओं को हर साल युवाओं को रोजगार मिलता था जो अब घट कर 47000 रह गए हैं, जिसमे अगर सिर्फ 25% को स्थायी तौर ओर लेंगे तो इसका मतलब ये हुआ की सिर्फ 12 हजार युवा प्रति वर्ष स्थाई नौकरी पा रहे हैं।
    सेना में जहाँ पहले ये आंकड़ा एक लाख पार था । ये डेटा 2023 का सरकार का है। उन्होंने कहा कि सरकार
    सरकार स्पष्ट करे कि चार वर्ष बाद सेवा से बाहर होने वाले युवाओं को उच्च शिक्षा, सरकारी नौकरी, तकनीकी प्रशिक्षण, स्वरोजगार और बैंक ऋण में क्या ठोस सुविधाएं दी जा रही हैं।
    कांग्रेस देश की मजबूत सेना और युवाओं के सम्मानजनक रोजगारकृदोनों के पक्ष में है। हमारा विरोध सेना या सैनिकों से नहीं, बल्कि ऐसी भर्ती व्यवस्था से है जो युवाओं के भविष्य को अनिश्चित बनाती है सरकार बताए कि चार वर्ष बाद सेवा से बाहर होने वाले युवाओं का रोजगार का पक्का इंतजाम क्या है?

    अब तक कितने अग्निवीरों को चार वर्ष बाद स्थायी सरकारी रोजगार मिला?
    सेना में नियमित भर्ती के रिक्त पद कब तक भरे जाएंगे?उत्तराखंड के कितने युवाओं ने अग्निवीर योजना के माध्यम से भर्ती पाई और उनमें से कितनों को आगे स्थायी सेवा मिली?

    1. क्या सरकार अग्निवीर योजना की स्वतंत्र समीक्षा कराने को तैयार है?
    2. क्या सरकार अग्निवीरों को भविष्य में नियमित सैनिकों के समान सम्मानजनक सेवा-सुरक्षा देने पर विचार करेगी?
      “देश के युवाओं को चार साल की नौकरी नहीं, सुरक्षित और सम्मानजनक भविष्य चाहिए। सेना को प्रयोगशाला नहीं बनाया जा सकता। अग्निवीरों के भविष्य की गारंटी सरकार को देनी होगी। कांग्रेस युवाओं के रोजगार, सैनिकों के सम्मान और देश की मजबूत सुरक्षा व्यवस्था के लिए अपनी आवाज बुलंद करती रहेगी।
      पत्रकार वार्ता में पूर्व विधायक जोत सिंह गुनसोला, महिला प्रदेश अध्यक्ष ज्योति रौतेला, प्रदेश प्रवक्ता डॉ प्रतिमा सिंह आदि उपस्थित रहे।
  • पॉलीगॉन मैपिंग में सुस्ती पर डीएम सख्त, विभागों को नोटिस

    पॉलीगॉन मैपिंग में सुस्ती पर डीएम सख्त, विभागों को नोटिस

    सरकारी भूमि से तत्काल हटाएं अतिक्रमण

    देहरादून। सरकारी परिसंपत्तियों को अतिक्रमण मुक्त कराने और उनकी सटीक सीमा तय करने के लिए जिला प्रशासन सख्त हो गया है। जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने कलेक्ट्रेट सभागार में सभी संबंधित विभागों की समीक्षा बैठक लेते हुए माननीय उच्च न्यायालय एवं शासन के आदेशों का कड़ाई से पालन करने के निर्देश दिए हैं।

    जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि सभी विभाग अपनी-अपनी परिसंपत्तियों का सेटेलाइट पॉलीगॉन मैप के आधार पर सीमा निर्धारण कर श्उत्तराखंड सरकारी परिसंपत्ति प्रणाली (यूके-जीएएमएस) पोर्टल पर अनिवार्य रूप से अपलोड करें। पोर्टल पर प्रदर्शित अतिक्रमण को हर हाल में तत्काल हटाया जाएगा।

    जिलाधिकारी ने विजिलेंस, उच्च शिक्षा निदेशालय, शहरी विकास निदेशालय, सूचना प्रौद्योगिकी एजेंसी, राज्य संपदा विभाग, यूकॉस्ट सहित कार्य शुरू न करने वाले 12 विभागों को तत्काल ‘कारण बताओ नोटिस’ जारी करने के निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी ने कहा कि जिन विभागों की 100 से अधिक परिसंपत्तियों की पॉलीगॉन मैपिंग शेष है, उन्हें चेतावनी नोटिस जारी किया जाएगा। इस दौरान बताया गया कि जिले के 16 विभागों ने मैपिंग का कार्य शत-प्रतिशत पूर्ण कर लिया है, जबकि 41 विभागों में कार्य प्रगति पर है। शेष विभागों को युद्धस्तर पर काम निपटाने के आदेश दिए गए हैं।

    अधिकारियों की तय होगी जवाबदेही
    जिलाधिकारी ने सख्त लहजे में कहा कि माननीय उच्च न्यायालय के आदेशों का अनुपालन प्राथमिक स्तर पर होना चाहिए। प्रगति न मिलने पर संबंधित विभागीय अधिकारियों की व्यक्तिगत जिम्मेदारी तय कर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

    बैठक में अपर जिलाधिकारी (प्रशा) स्मृता परमार, एमडीडीए के संयुक्त सचिव गौरव चटवाल, जिला अर्थ एवं संख्या अधिकारी शशिकांत गिरी, लोनिवि के अधिशासी अभियंता नीरज कुमार, जल संस्थान के अधिशासी अभियंता राजेन्द्र पाल, जिला क्रीडा अधिकारी एस गुरंग, जिला शिक्षा अधिकारी प्रेमलाल भारती, डीपीओ जीतेन्द्र कुमार, जिला प्रावेशन अधिकारी मीना बिष्ट सहित अन्य विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।

  • सीएम के जन्मदिवस पर बधाइयों का उमड़ा सैलाब

    सीएम के जन्मदिवस पर बधाइयों का उमड़ा सैलाब

    हर वर्ग ने मुख्यमंत्री धामी को दी जन्मदिवस की शुभकामनाएं

    मुख्यमंत्री की एक झलक पाने और उनसे मिलने को उत्साहित दिखे लोग, मुख्यसेवक सदन बना जनस्नेह का साक्षी

    देहरादून। मुख्यमंत्री  पुष्कर सिंह धामी के जन्मदिवस के अवसर पर बुधवार को मुख्यमंत्री आवास स्थित मुख्यसेवक सदन में प्रदेशभर से बड़ी संख्या में पहुंचे लोगों ने उन्हें जन्मदिन की बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। सुबह से ही मुख्यसेवक सदन में लोगों के पहुंचने का सिलसिला जारी रहा।

    प्रदेश के विभिन्न जनपदों से आए लोगों में मुख्यमंत्री से मिलने, उन्हें जन्मदिन की शुभकामनाएं देने और उनकी एक झलक पाने को लेकर खासा उत्साह दिखाई दिया।

    मुख्यसेवक सदन में माहौल उस समय और भी आत्मीय हो गया, जब समाज के हर वर्ग और हर आयु-वर्ग के लोग मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी को जन्मदिन की बधाई देने पहुंचे। इनमें युवा, बुजुर्ग, महिलाएं और बच्चे शामिल रहे। प्रदेश के अलग-अलग क्षेत्रों से आए लोगों ने मुख्यमंत्री को पुष्पगुच्छ भेंट कर, पुष्पमालाएं पहनाकर तथा आत्मीय भाव से मिलकर उनके स्वस्थ, सुखी और दीर्घायु जीवन की कामना की।

    मुख्यमंत्री  पुष्कर सिंह धामी ने भी जन्मदिवस की शुभकामनाएं देने पहुंचे लोगों से आत्मीयता से मुलाकात की। उन्होंने सभी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि प्रदेशवासियों का यह स्नेह और आशीर्वाद उनके लिए अत्यंत मूल्यवान है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की जनता का प्रेम और विश्वास उन्हें निरंतर प्रदेश की सेवा करने की प्रेरणा देता है।

    मुख्यसेवक सदन में आज कोई दूरस्थ पर्वतीय क्षेत्र से मुख्यमंत्री को शुभकामनाएं देने पहुंचा था, तो कोई मैदानी जनपद से। किसी के हाथों में फूल थे, तो कोई अपने साथ मिठाई लेकर आया था। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक हर किसी में मुख्यमंत्री से मिलने की उत्सुकता दिखाई दे रही थी।

    इस अवसर पर विभिन्न मीडिया संस्थानों से जुड़े पत्रकार एवं मीडिया प्रतिनिधि भी मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी को जन्मदिवस की शुभकामनाएं देने मुख्यसेवक सदन पहुंचे। मीडिया प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री से आत्मीय मुलाकात कर उन्हें स्वस्थ एवं दीर्घायु जीवन की शुभकामनाएं दीं।

    विशेष रूप से युवाओं में मुख्यमंत्री के साथ मिलने और संवाद करने को लेकर उत्साह नजर आया। महिलाओं ने भी बड़ी संख्या में पहुंचकर उन्हें जन्मदिन की शुभकामनाएं दीं। वहीं, बुजुर्गों ने मुख्यमंत्री को अपना आशीर्वाद देते हुए उनके दीर्घायु एवं स्वस्थ जीवन की कामना की। विभिन्न जनपदों से आए लोगों की मौजूदगी ने मुख्यसेवक सदन को मानो पूरे उत्तराखंड की भावनाओं का केंद्र बना दिया।

    मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि उत्तराखंड की जनता का स्नेह ही उनकी सबसे बड़ी शक्ति है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के रूप में उन्हें प्रदेश की जनता की सेवा करने का जो अवसर मिला है, वह उनके लिए गौरव और सौभाग्य की बात है।

    राज्य के विकास और जनकल्याण के लिए सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयासों को और गति देने का संकल्प व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि उत्तराखंड को विकसित और आत्मनिर्भर राज्य बनाने के लिए सरकार पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है।

    मुख्यमंत्री के जन्मदिवस पर मुख्यसेवक सदन में उमड़ा यह जनस्नेह केवल शुभकामनाओं तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसमें उत्तराखंड के विभिन्न क्षेत्रों और समाज के विविध वर्गों की सहभागिता दिखाई दी। प्रदेश के अलग-अलग जनपदों से पहुंचे लोगों, जनप्रतिनिधियों, युवाओं, महिलाओं, बुजुर्गों, बच्चों और मीडिया प्रतिनिधियों की मौजूदगी ने पूरे आयोजन को आत्मीय और यादगार बना दिया।

  • एक स्कैन में देखें सीएम के जन्मदिवस की तस्वीरें

    एक स्कैन में देखें सीएम के जन्मदिवस की तस्वीरें

    देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के जन्मदिवस के अवसर पर आयोजित विभिन्न कार्यक्रमों एवं उनसे जुड़े विशेष क्षणों की तस्वीरें अब आमजन भी आसानी से प्राप्त कर सकेंगे।

    इसके लिए एक क्यूआर कोड उपलब्ध कराया गया है। आमजन अपने मोबाइल फोन से क्यूआर कोड को स्कैन कर मुख्यमंत्री के जन्मदिवस से संबंधित तस्वीरों की फोटो गैलरी तक पहुंच सकते हैं तथा अपनी पसंद की तस्वीरें देख एवं डाउनलोड कर सकते हैं।

    मुख्यमंत्री के जन्मदिवस पर प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों से बड़ी संख्या में लोगों ने उन्हें शुभकामनाएं दीं और विभिन्न कार्यक्रमों में सहभागिता की। क्यूआर कोड के माध्यम से इन अवसरों से जुड़ी तस्वीरें आमजन के लिए सहज रूप से उपलब्ध कराई गई हैं।

    क्यूआर कोड को मोबाइल कैमरे अथवा क्यूआर स्कैनर से स्कैन कर तस्वीरें प्राप्त की जा सकती हैं।

  • CM ने दिव्यांग बच्चों के साथ मनाया अपना जन्मदिन

    CM ने दिव्यांग बच्चों के साथ मनाया अपना जन्मदिन

    बच्चों के साथ केक काटा और साझा की जन्म दिवस की खुशियां

    बच्चों के बीच बिताया गया समय जीवन को नई ऊर्जा और प्रेरणा देता है—मुख्यमंत्री

    देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को अपने जन्म दिवस के अवसर पर देहरादून स्थित राष्ट्रीय दृष्टि दिव्यांगजन सशक्तिकरण संस्थान पहुंचकर वहां अध्ययनरत बच्चों के साथ अपना जन्म दिवस मनाया। मुख्यमंत्री ने बच्चों के साथ केक काटा और उनके बीच रहकर जन्म दिवस की खुशियां साझा कीं।

    मुख्यमंत्री बच्चों से बेहद आत्मीयता और स्नेह के साथ मिले। उन्होंने बच्चों के बीच जाकर उनसे संवाद किया, उनका उत्साहवर्धन किया और उनके साथ समय बिताया। मुख्यमंत्री को अपने बीच पाकर बच्चे भी उत्साहित और प्रसन्न नजर आए। इस दौरान पूरा वातावरण आत्मीयता, स्नेह और अपनत्व से भरा रहा।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि बच्चों के बीच बिताया गया समय जीवन को नई ऊर्जा और प्रेरणा देता है। प्रत्येक बच्चे में अपार प्रतिभा और संभावनाएं होती हैं। उन्हें आगे बढ़ने के लिए अवसर, प्रोत्साहन और विश्वास मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि दिव्यांगजन का सशक्तिकरण केवल सरकारी प्रयासों तक सीमित विषय नहीं है, बल्कि यह समाज की सामूहिक जिम्मेदारी भी है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि दृढ़ इच्छाशक्ति, आत्मविश्वास और निरंतर प्रयास से जीवन की प्रत्येक चुनौती को पार किया जा सकता है। उन्होंने बच्चों को अपने लक्ष्य की ओर पूरे विश्वास और उत्साह के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया तथा उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि समाज में प्रत्येक व्यक्ति को समान अवसर, सम्मान और आगे बढ़ने के लिए अनुकूल वातावरण उपलब्ध कराना हम सभी की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि बच्चों का स्नेह और उनके चेहरों की खुशी उनके लिए जन्म दिवस का सबसे विशेष और यादगार उपहार है।

    इस अवसर पर गीता पुष्कर धामी, कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी एवं संस्थान के शिक्षक मौजूद थे।

  • स्टार्टअप समेत विभिन्न क्षेत्रों में युवाओं को अवसर दे रही सरकार

    स्टार्टअप समेत विभिन्न क्षेत्रों में युवाओं को अवसर दे रही सरकार

    राज्य युवा आयोग युवाओं को नीति निर्माण से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम

    युवा शक्ति विकसित और आत्मनिर्भर उत्तराखण्ड के निर्माण की प्रमुख आधारशिला : मुख्यमंत्री

    युवाओं को शिक्षा, कौशल, रोजगार, स्वरोजगार, स्टार्टअप और खेल के क्षेत्र में आगे बढ़ने के अवसर उपलब्ध करा रही राज्य सरकार

    मुख्यमंत्री ने युवाओं से बड़े लक्ष्य निर्धारित करने, नशे से दूर रहने और उत्तराखण्ड के विकास में योगदान देने के तीन संकल्प लेने का किया आह्वान

    देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को रेंजर्स ग्राउंड, देहरादून में आयोजित “युवा संकल्प दिवस” कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम स्थल पर लगाई गई फोटो प्रदर्शनी का भी अवलोकन किया।

    मुख्यमंत्री ने अपने जन्मदिवस को “युवा संकल्प दिवस” के रूप में मनाए जाने पर प्रदेश के युवाओं के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि अपने जन्मदिवस पर युवा शक्ति के बीच उपस्थित होना उनके लिए सबसे बड़ा उपहार है। उन्होंने कहा कि युवाओं की ऊर्जा, उत्साह और संकल्प उन्हें भी निरंतर नई ऊर्जा प्रदान करता है। युवाओं की आंखों में उन्हें भविष्य का विकसित और आत्मनिर्भर उत्तराखण्ड दिखाई देता है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के वर्ष 2047 तक विकसित भारत के निर्माण के संकल्प को साकार करने में युवाओं की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होगी। वर्ष 2047 में जब देश स्वतंत्रता के 100 वर्ष पूर्ण करेगा, तब आज की युवा पीढ़ी विभिन्न क्षेत्रों में देश और प्रदेश के विकास का नेतृत्व कर रही होगी। विकसित भारत के निर्माण के लिए विकसित उत्तराखण्ड के संकल्प को साकार करने में युवाओं की प्रतिभा, परिश्रम और नवाचार महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड का युवा मेहनती, प्रतिभाशाली, अनुशासित और चुनौतियों का सामना करने में सक्षम है। युवाओं को सही दिशा, बेहतर अवसर और पारदर्शी वातावरण उपलब्ध कराना राज्य सरकार की प्राथमिकता है। सरकार शिक्षा से कौशल, रोजगार से स्वरोजगार और स्टार्टअप से खेल तक प्रत्येक क्षेत्र में युवाओं के लिए नए अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में निरंतर कार्य कर रही है।उन्होंने कहा कि सरकार का प्रयास है कि प्रदेश के युवाओं को अपने सपनों को साकार करने के लिए मजबूरी में अपना घर, गांव और प्रदेश न छोड़ना पड़े। युवा केवल रोजगार तलाशने वाले न बनें, बल्कि उद्यमिता के माध्यम से रोजगार सृजित करने वाले भी बनें।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, रोबोटिक्स, ऑटोमेशन और डिजिटल टेक्नोलॉजी रोजगार तथा उद्योग के स्वरूप को तेजी से बदल रहे हैं। राज्य सरकार युवाओं को भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप आधुनिक कौशल से जोड़ने पर विशेष ध्यान दे रही है। पर्यटन, होमस्टे और स्थानीय उत्पादों के माध्यम से भी स्वरोजगार के नए अवसर तैयार किए जा रहे हैं। पर्वतीय क्षेत्रों में औद्योगिक विकास और स्थानीय स्तर पर रोजगार को बढ़ावा देने के लिए चमोली, पौड़ी और अल्मोड़ा जनपदों में विशेष औद्योगिक क्षेत्र विकसित करने का निर्णय लिया गया है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य युवा आयोग का गठन युवाओं की आशाओं और आकांक्षाओं को नीति निर्माण से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। सरकार चाहती है कि युवाओं से संबंधित नीतियों के निर्माण में उनकी आवाज और भागीदारी भी सुनिश्चित हो। युवा आयोग कौशल विकास, रोजगार, उद्यमिता और नवाचार को बढ़ावा देने के साथ युवाओं को डिजिटल रूप से सशक्त बनाने तथा नशे, साइबर अपराध और अन्य सामाजिक बुराइयों के प्रति जागरूक करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड के युवा खेल के क्षेत्र में भी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रदेश का नाम रोशन कर रहे हैं। 38वें राष्ट्रीय खेलों के सफल आयोजन के बाद देवभूमि उत्तराखण्ड खेलभूमि के रूप में भी अपनी नई पहचान बना रही है। राज्य सरकार खेल सुविधाओं के विकास और खिलाड़ियों को बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के लिए लगातार कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि भर्ती प्रक्रियाओं को पारदर्शी बनाने और मेहनती युवाओं के भविष्य की रक्षा के लिए राज्य में कठोर नकल विरोधी कानून लागू किया गया है। सरकार का संकल्प है कि किसी भी युवा की वर्षों की मेहनत, उसके सपनों और उसके अधिकार के साथ अन्याय न हो। कोई भी नियुक्ति केवल एक आंकड़ा नहीं होती, उसके पीछे किसी युवा की मेहनत और उसके परिवार की आशाएं जुड़ी होती हैं।

    मुख्यमंत्री ने युवाओं से बड़े लक्ष्य निर्धारित करने और उन्हें प्राप्त करने के लिए समर्पण के साथ मेहनत करने का आह्वान किया। स्वामी विवेकानंद के संदेश “उठो, जागो और तब तक मत रुको, जब तक लक्ष्य की प्राप्ति न हो जाए” का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि युवा मेहनत को अपनी आदत, अनुशासन को अपनी पहचान और सीखने की इच्छा को जीवन का हिस्सा बनाएं। उन्होंने युवाओं से तकनीक और मोबाइल का सकारात्मक उपयोग करने का आह्वान करते हुए कहा कि डिजिटल माध्यमों का उपयोग केवल मनोरंजन के लिए नहीं, बल्कि ज्ञान और कौशल बढ़ाने के लिए भी किया जाना चाहिए। सोशल मीडिया के दौर में आधी-अधूरी और भ्रामक सूचनाओं से सतर्क रहते हुए युवाओं को प्रत्येक जानकारी को तथ्यों की कसौटी पर परखना चाहिए।

    मुख्यमंत्री ने युवाओं में बढ़ती नशे की प्रवृत्ति पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि नशा केवल शरीर को कमजोर नहीं करता, बल्कि व्यक्ति के सपनों और भविष्य को भी प्रभावित करता है। जिन हाथों में किताब और हुनर होना चाहिए, उनमें नशा नहीं होना चाहिए। उन्होंने युवाओं से स्वयं नशे से दूर रहने और अपने मित्रों तथा आसपास के लोगों को भी इसके प्रति जागरूक करने का आह्वान किया।

    मुख्यमंत्री ने अपने जन्मदिवस पर युवाओं से “तीन संकल्पों का गुलदस्ता” मांगा। उन्होंने युवाओं से पहला संकल्प जीवन में एक बड़ा लक्ष्य निर्धारित कर उसे प्राप्त करने के लिए पूरी मेहनत करने, दूसरा संकल्प स्वयं नशे से दूर रहने और अपने साथियों को भी इससे दूर रखने तथा तीसरा संकल्प जीवन में जिस भी क्षेत्र में सफलता प्राप्त करें, अपने ज्ञान, अनुभव और सामर्थ्य का कुछ अंश उत्तराखण्ड की पावन भूमि के विकास के लिए देने का लेने को कहा। मुख्यमंत्री ने कहा कि युवा डॉक्टर बनें, इंजीनियर बनें, वैज्ञानिक बनें, खिलाड़ी बनें, शिक्षक बनें, उद्यमी बनें अथवा जनसेवा के क्षेत्र में जाएं, सबसे पहले एक अच्छा इंसान और जिम्मेदार नागरिक अवश्य बनें। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि प्रदेश के युवाओं के सपने, उनका परिश्रम और संकल्प विकसित भारत के लिए विकसित उत्तराखण्ड के निर्माण की मजबूत आधारशिला बनेंगे।

    इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री खजान दास, गणेश जोशी, राज्यसभा सांसद एवं भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष महेन्द्र भट्ट, राज्यसभा सांसद नरेश बंसल, विधायक विनोद चमोली,  सविता कपूर, बृजभूषण गैरोला, मेयर सौरभ थपलियाल अन्य जनप्रतिनिधिगण एवं अधिकारी उपस्थित थे।

  • ऋषिकेश, रामनगर  व कोटद्वार के लिए लग्ज़री DTC बस सेवा की मांग

    ऋषिकेश, रामनगर व कोटद्वार के लिए लग्ज़री DTC बस सेवा की मांग

    मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता से मिले सांसद अनिल बलूनी

    भाषा अकादमियों के सशक्तीकरण और गढ़वाल भवन के आधुनिकीकरण का आग्रह

    नई दिल्ली। गढ़वाल लोकसभा सांसद एवं मुख्य प्रवक्ता व राष्ट्रीय मीडिया प्रमुख भाजपा अनिल बलूनी ने  दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता से शिष्टाचार भेंट कर गढ़वाल सहित समस्त उत्तराखंड से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर सार्थक चर्चा की।

    सांसद बलूनी ने मुख्यमंत्री से आग्रह किया कि दिल्ली में निवास करने वाले उत्तराखंड के प्रवासियों की सुविधा तथा दिल्ली और उत्तराखंड के बीच बेहतर आवागमन के लिए रामनगर, ऋषिकेश एवं कोटद्वार तक आधुनिक लग्ज़री DTC बस सेवा शुरू करने की दिशा में आवश्यक पहल की जाए।

    उन्होंने दिल्ली में संचालित गढ़वाली, कुमाऊनी एवं जौनसारी अकादमि को और अधिक सशक्त एवं प्रभावी बनाने तथा उत्तराखंड की लोकभाषाओं, लोककला और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए आवश्यक सहयोग का भी अनुरोध किया।

    इसके साथ ही सांसद ने दिल्ली स्थित गढ़वाल भवन के जीर्णोद्धार एवं आधुनिकीकरण की दिशा में भी आवश्यक कदम उठाने का आग्रह मुख्यमंत्री के समक्ष रखा, ताकि यह भवन दिल्ली में रह रहे उत्तराखंडवासियों के लिए और अधिक उपयोगी एवं सुविधाजनक केंद्र के रूप में विकसित हो सके।

    अनिल बलूनी ने कहा कि उत्तराखंड की समृद्ध लोकभाषा, संस्कृति और अपनी जड़ों से जुड़े प्रवासी उत्तराखंडवासियों के हितों से जुड़े इन विषयों पर मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता द्वारा दिखाई गई सकारात्मकता एवं सहृदयता के लिए वे उनका हृदय से आभार व्यक्त करते हैं।

  • जनशिकायतों के समाधान में तेजी लाएं अधिकारी: धामी

    जनशिकायतों के समाधान में तेजी लाएं अधिकारी: धामी

    सीएम हेल्पलाइन- जनता की शिकायतों का किया समाधान

    जिन जनपदों में जिस प्रकृति की शिकायतें अधिक, जिलाधिकारी संबंधित विभागों के साथ समीक्षा कर कराएं शीघ्र समाधान

    जिलाधिकारी तहसीलों का करें औचक निरीक्षण, दाखिल-खारिज के प्रकरणों की समयबद्धता और भूमि धोखाधड़ी से जुड़ी शिकायतों की करें समीक्षा

    स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता को दें शीर्ष प्राथमिकता, पाइपलाइन एवं सीवर लाइनों का 15 दिन में ऑडिट कर प्रस्तुत करें रिपोर्ट

    देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को सचिवालय में सीएम हेल्पलाइन 1905 की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को जन शिकायतों का त्वरित, समयबद्ध एवं संतोषजनक निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि सीएम हेल्पलाइन आमजन की समस्याओं के समाधान का महत्वपूर्ण माध्यम है। शिकायतों का निस्तारण केवल पोर्टल पर औपचारिक रूप से बंद करने तक सीमित न रहे, बल्कि शिकायतकर्ता की समस्या का वास्तविक समाधान सुनिश्चित होना चाहिए।

    मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि जिन जनपदों में जिस प्रकृति की शिकायतें सबसे अधिक प्राप्त हो रही हैं, संबंधित जिलाधिकारी उन शिकायतों की विभागवार समीक्षा कर उनका यथाशीघ्र समाधान सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि एक ही प्रकृति की शिकायतें बार-बार आने के कारणों का भी विश्लेषण किया जाए और ऐसी समस्याओं के स्थायी समाधान के लिए प्रभावी कार्यवाही की जाए।

    मुख्यमंत्री ने सभी जिलाधिकारियों को तहसीलों का औचक निरीक्षण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि निरीक्षण के दौरान यह विशेष रूप से देखा जाए कि दाखिल-खारिज से संबंधित प्रकरणों का निस्तारण निर्धारित समयसीमा के भीतर हो रहा है या नहीं। भूमि धोखाधड़ी से संबंधित जन समस्याओं का समाधान प्राथमिकता के आधार पर किया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि राजस्व संबंधी मामलों में आमजन को अनावश्यक रूप से कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें और निर्धारित सेवाएं उन्हें समयबद्ध रूप से उपलब्ध हों।

    मुख्यमंत्री ने स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता को शीर्ष प्राथमिकता में रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पेयजल से संबंधित शिकायतों पर तत्काल कार्रवाई की जाए। मुख्यमंत्री ने संबंधित अधिकारियों को पाइपलाइन एवं सीवर लाइनों का 15 दिन के भीतर ऑडिट कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। पेयजल आपूर्ति में व्यवधान, लीकेज और अन्य समस्याओं का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित किया जाए।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि 30 दिन से अधिक समय से लंबित शिकायतों के निस्तारण पर विशेष ध्यान दिया जाए। सचिव, विभागाध्यक्ष और जिलाधिकारी अपने स्तर पर नियमित रूप से लंबित शिकायतों की समीक्षा करें। जिन शिकायतों का निर्धारित समयावधि के भीतर निस्तारण नहीं किया जा रहा है, उनमें संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाए।

    मुख्यमंत्री ने लंबे समय से लंबित शिकायतों को सर्वोच्च प्राथमिकता पर निस्तारित करने के निर्देश दिए। बैठक में 180 दिनों से अधिक समय से लंबित शिकायतों की विभागवार स्थिति भी प्रस्तुत की गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस प्रकार के पुराने प्रकरणों की विभागीय स्तर पर नियमित मॉनिटरिंग की जाए और उनके लंबित रहने के कारणों की भी समीक्षा की जाए।

    मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि शिकायतों को अनावश्यक रूप से ‘स्पेशल क्लोज’ अथवा ‘फोर्स क्लोज’ न किया जाए। शिकायतों के निस्तारण में शिकायतकर्ता की संतुष्टि को विशेष महत्व दिया जाए। उन्होंने कहा कि किसी शिकायत को बंद करने से पहले यह सुनिश्चित किया जाए कि संबंधित स्तर पर समस्या के समाधान के लिए अपेक्षित कार्रवाई की गई है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि सीएम हेल्पलाइन में प्राप्त शिकायतों पर फीडबैक की व्यवस्था को और प्रभावी बनाया जाए। शिकायतकर्ता से प्राप्त फीडबैक के आधार पर निस्तारण की गुणवत्ता का आकलन किया जाए। पोर्टल पर जनसामान्य से फीडबैक तथा विभिन्न विभागों और नोडल अधिकारियों द्वारा की जा रही कार्रवाई की मॉनिटरिंग की व्यवस्था की गई है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि जन शिकायतों के प्रभावी निस्तारण में अच्छा कार्य करने वाले अधिकारियों और कार्मिकों को प्रोत्साहित किया जाए। वहीं शिकायतों के निस्तारण में अनावश्यक विलंब और लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों की जवाबदेही निर्धारित की जाए। उन्होंने कहा कि सीएम हेल्पलाइन का मूल उद्देश्य शासन और आमजन के बीच प्रभावी संवाद स्थापित करते हुए नागरिकों की समस्याओं का वास्तविक, समयबद्ध और संतोषजनक समाधान सुनिश्चित करना है।

    मुख्यमंत्री ने समीक्षा के दौरान शिकायतकर्ताओं से दूरभाष पर वार्ता कर उनकी समस्याओं और शिकायतों के निस्तारण की वास्तविक स्थिति की भी जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने अनुचित रूप से बंद की गई एक शिकायत के संबंध में संजय कुमार रावत से दूरभाष पर वार्ता की। श्री रावत ने बताया कि उनके दिवंगत पिता के उपचार से संबंधित चिकित्सा प्रतिपूर्ति के बिलों का भुगतान नहीं हुआ है। मुख्यमंत्री ने संबंधित अधिकारियों को चिकित्सा प्रतिपूर्ति के लंबित प्रकरण में तत्काल आवश्यक कार्रवाई कर भुगतान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ऐसे संवेदनशील मामलों में लोगों को अनावश्यक परेशान न किया जाए। भविष्य में इस प्रकार की शिकायत सामने आने पर संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी।

    मुख्यमंत्री ने पौड़ी गढ़वाल निवासी बेबी कोटनाला से दूरभाष पर वार्ता कर परित्यक्ता पेंशन से संबंधित समस्या की जानकारी ली। उन्होंने मुख्यमंत्री को बताया कि लंबे समय से शिकायत दर्ज होने के बावजूद समस्या का समाधान नहीं हुआ है। मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारी पौड़ी गढ़वाल को प्रकरण में तत्काल उचित कार्रवाई करते हुए समस्या का समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

    मुख्यमंत्री ने हरिद्वार निवासी श्रीमती गीता से भी दूरभाष पर वार्ता की। उन्होंने बताया कि उनके घर के समीप लगभग तीन माह पूर्व पानी की टंकी बन चुकी है, लेकिन उससे पेयजल आपूर्ति शुरू नहीं हुई है। मुख्यमंत्री ने मुख्य विकास अधिकारी हरिद्वार को मौके पर जाकर स्थिति का निरीक्षण करने और तत्काल पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

    मुख्यमंत्री ने देहरादून निवासी शिल्पी सक्सेना से दूरभाष पर वार्ता की। उन्होंने बताया कि सीएम हेल्पलाइन पर स्ट्रीट लाइट से संबंधित शिकायत दर्ज कराने के बाद समयबद्ध रूप से क्षेत्र में स्ट्रीट लाइट लगा दी गई। उन्होंने समस्या के समाधान के लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया। वहीं, अल्मोड़ा निवासी आयुष बिष्ट ने मुख्यमंत्री को बताया कि छात्रवृत्ति से संबंधित उनकी शिकायत का विभाग द्वारा समाधान कर दिया गया है। मुख्यमंत्री ने छात्रवृत्ति मिलने में हुई देरी के कारणों की जांच करने के निर्देश देते हुए कहा कि विद्यार्थियों को सरकारी योजनाओं का लाभ निर्धारित समय पर मिलना सुनिश्चित किया जाए।

    इस अवसर पर प्रमुख सचिव  आर. के सुधांशु,  एल. फैनई, डॉ. आर. मीनाक्षी सुन्दरम, सचिव  शैलेश बगोली, डॉ. पंकज कुमार पाण्डेय, पुलिस महानिदेशक  दीपम सेठ, प्रमुख वन संरक्षक हॉफ कपिल लाल, सचिवगण, विभिन्न विभागों के विभागाध्यक्ष एवं वर्चुअल माध्यम से सभी जिलाधिकारी उपस्थित थे।

  • हिंदी दिवस पर हिमवंत कवि चंद्रकुंवर बर्त्वाल को किया नमन

    हिंदी दिवस पर हिमवंत कवि चंद्रकुंवर बर्त्वाल को किया नमन

    देहरादून। हिमवंत कवि चंद्रकुंवर बर्त्वाल की 79वीं पुण्यतिथि और हिंदी दिवस के अवसर पर चौपाल कार्यालय में साहित्यकारों ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।

    इस दौरान बर्त्वाल के हिंदी साहित्य में योगदान पर चर्चा के साथ उनकी कविताओं का पाठ किया गया। डॉ. पुष्पा खंडूड़ी की पुस्तक छायावादी कवि सुमित्रानंदन पंत एवं हिमवंत कवि चंद्रकुंवर बर्त्वाल का काव्य एवं तुलनात्मक अनुशीलन पर भी वक्ताओं ने विचार रखे।

    मुख्य अतिथि साहित्यकार राजेश सकलानी ने बर्त्वाल की काव्य यात्रा और उनकी रचनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि उनके साहित्य पर अभी व्यापक शोध की जरूरत है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड के अन्य साहित्यकारों और इतिहासकारों के योगदान को भी शोध के केंद्र में लाया जाना चाहिए। सूर्य प्रकाश त्रिपाठी ‘निराला’, सुमित्रानंदन पंत, शिवप्रसाद डबराल, गोविंद चातक, कमल अलंकार और शिवानंद नौटियाल के साहित्य पर भी शोध को प्रोत्साहित किया जाना चाहिए।

    सुरेंद्र कुमार ने कहा कि बर्त्वाल ने अल्पायु में ही हिंदी साहित्य को असंख्य कविताओं का समृद्ध भंडार दिया। विवेकानंद खंडूरी, समर भंडारी, डॉ. रानू बिष्ट और लोकेन्द्र कैंतूरा ने बर्त्वाल के काव्य पर विचार व्यक्त किए और उनकी कविताओं का पाठ किया।

    कार्यक्रम की अध्यक्षता संस्थान के अध्यक्ष मनोहर सिंह रावत ने की और संचालन उपाध्यक्ष मोहन सिंह नेगी ने किया। इस अवसर पर सुरेंद्र सिंह सजवाण, जगदीश कुकरेती, सोहन सिंह रजवार, ललित बिष्ट, संजय कोठियाल, सतीश धौलाखंडी, विनोद खंडूरी और नरेंद्र बिष्ट सहित अन्य लोग मौजूद रहे।

  • देहरादून में नशामुक्ति की शपथ, अभियान का हुआ शुभारंभ

    देहरादून में नशामुक्ति की शपथ, अभियान का हुआ शुभारंभ

    देहरादून। जनपद को नशा मुक्त बनाने और नशीली दवाओं के दुरुपयोग के खिलाफ जन-जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से सोमवार से ‘नशा मुक्त भारत अभियान’ (एनएमबीए) का आगाज हो गया। 14 से 30 सितंबर तक चलने वाले इस विशेष अभियान के तहत पूरे जिले में बड़े पैमाने पर ऑनलाइन और ऑफलाइन शपथ दिलाई जाएगी। सोमवार को कलेक्ट्रेट सभागार में अपर जिलाधिकारी (वि.रा.) के.के. मिश्रा ने उपस्थित अधिकारियों एवं कर्मचारियों को नशामुक्ति की शपथ दिलाकर इस अभियान का शुभारंभ किया।

    विभागों को दी गई अहम जिम्मेदारी
    शैक्षणिक संस्थान व कोचिंग सेंटरों में मुख्य शिक्षा अधिकारी एवं उच्च शिक्षा विभाग के निर्देशन में जिले के सभी सरकारी व निजी स्कूलों (कक्षा 1 से 12), कॉलेजों, विश्वविद्यालयों, कोचिंग संस्थानों और हॉस्टलों में छात्र-छात्राओं को नशे के दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करते हुए शपथ दिलाई जाएगी।
    सरकारी एवं कॉर्पाेरेट दफ्तरों में सभी शासकीय, अर्द्धशासकीय, निगम कार्यालयों, औद्योगिक इकाइयों और फैक्ट्रियों में कार्यरत अधिकारियों, कर्मचारियों और श्रमिकों के लिए सामूहिक शपथ ग्रहण अनिवार्य किया गया है।

    स्थानीय निकाय व ग्रामीण क्षेत्रों में ग्राम पंचायतों, नगर निगम, नगर पालिकाओं और नगर पंचायतों में स्थानीय नागरिकों और महिला स्वयं सहायता समूहों को अभियान से जोड़कर जागरूक किया जाएगा।

    खेल व पर्यटन क्षेत्र में जिला क्रीड़ा अधिकारी के माध्यम से महाराणा प्रताप स्पोर्ट्स कॉलेज सहित विभिन्न खेल प्रशिक्षण केंद्रों में खिलाड़ियों को शपथ दिलाई जाएगी। वहीं, पर्यटन विभाग द्वारा हॉस्टलों, होम-स्टे और होटलों में अभियान संचालित किया जाएगा।

    प्रमाणपत्र डाउनलोड करना अनिवार्य, यहां भेजें रिपोर्ट
    अभियान के तहत ऑनलाइन शपथ लेकर प्रमाणपत्र डाउनलोड करना अनिवार्य किया गया है। जिला प्रशासन ने सभी विभागों को निर्देश दिए हैं कि वे शपथ कार्यक्रमों के फोटोग्राफ्स और निर्धारित प्रारूप में संकलित सूचना जिला समाज कल्याण अधिकारी के ई-मेल अथवा व्हाट्सएप नंबर 8126692409 पर तुरंत प्रेषित करें। जिला प्रशासन ने आमजन और समस्त संस्थानों से अपील की है कि नशामुक्त व स्वस्थ समाज के निर्माण के लिए इस अभियान में अपनी सक्रिय भागीदारी निभाएं।

    नशामुक्त भारत अभियान के शुभारंभ के अवसर पर जिला समाज कल्याण अधिकारी दीपांकर घिल्डियाल, जिला शिक्षा अधिकारी प्रेम लाल भारती, मुख्य कृषि अधिकारी देवेंद्र राणा, नगर कर अधिकारी विजय चौहान सहित अन्य जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित थे।