Category: उत्तराखंड

  • हजारों विद्यार्थियों को मिलेगा निःशुल्क ऑनलाइन कोचिंग का लाभ

    हजारों विद्यार्थियों को मिलेगा निःशुल्क ऑनलाइन कोचिंग का लाभ

    UPSC/State PCS से लेकर SSC, Banking, Railway, Defence, NET, GATE, CSIR-JRF और CAT/MAT जैसी परीक्षाओं की तैयारी कराई जाएगी

    देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार कोप्रदेश के विद्यार्थियों को विभिन्न प्रतियोगी एवं प्रवेश परीक्षाओं की गुणवत्तापूर्ण तैयारी के लिए निःशुल्क ऑनलाइन कोचिंग योजना का शुभारंभ किया।

    इस योजना का उद्देश्य प्रदेश के प्रतिभावान एवं प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्र-छात्राओं को आर्थिक बाधाओं से मुक्त करते हुए देश के प्रतिष्ठित शिक्षकों, विषय-विशेषज्ञों एवं प्रोफेशनल कोचिंग संस्थानों की गुणवत्तापूर्ण शैक्षणिक सुविधाएं ऑनलाइन माध्यम से उपलब्ध कराना है।

    योजना के अंतर्गत कुल 11 हजार विद्यार्थियों को निःशुल्क ऑनलाइन कोचिंग प्रदान करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके तहत UPSC एवं State PCS की तैयारी के लिए 2,000 विद्यार्थियों, SSC, Railway, Banking Services एवं समकक्ष परीक्षाओं के लिए 5,000 विद्यार्थियों, Defence Services की प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए 2,000 विद्यार्थियों, NET, GATE, CSIR एवं JRF जैसी परीक्षाओं के लिए 1,000 विद्यार्थियों तथा CAT/MAT जैसी प्रबंधन प्रवेश परीक्षाओं के लिए 1,000 विद्यार्थियों को प्रशिक्षण एवं मार्गदर्शन दिया जाएगा।

    खुली ऑनलाइन स्क्रीनिंग परीक्षा से होगा विद्यार्थियों का चयन

    योजना का लाभ लेने के लिए इच्छुक छात्र-छात्राओं का चयन खुली ऑनलाइन स्क्रीनिंग परीक्षा के माध्यम से किया जाएगा। इच्छुक विद्यार्थी निर्धारित पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर स्क्रीनिंग परीक्षा में प्रतिभाग कर सकेंगे। स्क्रीनिंग परीक्षा के प्रदर्शन के आधार पर विद्यार्थियों का चयन संबंधित परीक्षा की तैयारी के लिए किया जाएगा।

    योजना में टॉपर एवं मेधावी छात्र-छात्राओं को प्राथमिकता दी जाएगी। साथ ही चयन प्रक्रिया में विद्यार्थियों की योग्यता, परीक्षा में प्रदर्शन तथा निर्धारित पात्रता मानकों को ध्यान में रखा जाएगा। इस प्रकार योजना का लाभ उन विद्यार्थियों तक पहुंचाया जाएगा, जो प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए गंभीर हैं और अपनी प्रतिभा एवं क्षमता के बल पर आगे बढ़ना चाहते हैं।

    सिर्फ ऑनलाइन कक्षाएं नहीं, मिलेगा पूरा डिजिटल लर्निंग सपोर्ट

    इस योजना की महत्वपूर्ण विशेषता यह होगी कि विद्यार्थियों को केवल लाइव ऑनलाइन कक्षाओं तक सीमित नहीं रखा जाएगा। उन्हें रिकॉर्डेड लेक्चर, डिजिटल स्टडी मटेरियल, विषयवार प्रश्न बैंक, नियमित ऑनलाइन टेस्ट, मॉक टेस्ट, परीक्षा पैटर्न आधारित अभ्यास तथा प्रदर्शन के आधार पर मूल्यांकन जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाएंगी।

    विद्यार्थी अपनी सुविधा के अनुसार रिकॉर्डेड कक्षाओं और डिजिटल अध्ययन सामग्री का दोबारा अध्ययन कर सकेंगे। नियमित टेस्ट एवं मॉक टेस्ट के माध्यम से उनकी तैयारी का आकलन किया जाएगा तथा विद्यार्थियों को यह समझने में सहायता मिलेगी कि किन विषयों में उन्हें अधिक अभ्यास की आवश्यकता है।

    देश के प्रतिष्ठित एवं प्रोफेशनल ट्यूटर विद्यार्थियों को देंगे मार्गदर्शन

    गुणवत्तापूर्ण प्रतियोगी परीक्षा प्रशिक्षण सुनिश्चित करने के लिए विभाग द्वारा Study IQ, Delhi, Mahendra Private Limited, Lucknow तथा Doon Dreamers, Dehradun जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों का चयन किया गया है।

    इन संस्थानों के विशेषज्ञ शिक्षकों एवं विषय-विशेषज्ञों के माध्यम से विद्यार्थियों को विभिन्न प्रतियोगी एवं प्रवेश परीक्षाओं की व्यवस्थित तैयारी कराई जाएगी। इसके साथ ही सरकार की ओर से देश के प्रसिद्ध, अनुभवी एवं प्रोफेशनल ट्यूटरों और विषय-विशेषज्ञों को भी इस अभियान से जोड़ा जाएगा, ताकि उत्तराखंड के विद्यार्थियों को देशभर में उपलब्ध उत्कृष्ट शिक्षण एवं मार्गदर्शन का लाभ मिल सके।

    विद्यार्थियों को कैसे मिलेगा लाभ?

    योजना के तहत लाभ लेने की प्रक्रिया को सरल एवं पारदर्शी रखा जाएगा। इच्छुक विद्यार्थी—

    1. निर्धारित ऑनलाइन पोर्टल पर अपना पंजीकरण करेंगे।
    2. आवश्यक विवरण एवं दस्तावेज अपलोड कर आवेदन करेंगे।
    3. ऑनलाइन स्क्रीनिंग परीक्षा में प्रतिभाग करेंगे।
    4. परीक्षा में प्रदर्शन एवं निर्धारित पात्रता के आधार पर चयनित विद्यार्थियों को संबंधित कोर्स में प्रवेश दिया जाएगा।
    5. चयनित विद्यार्थियों को ऑनलाइन कक्षाओं, रिकॉर्डेड लेक्चर एवं डिजिटल अध्ययन सामग्री तक निःशुल्क पहुंच उपलब्ध कराई जाएगी।
    6. नियमित टेस्ट एवं मॉक टेस्ट के माध्यम से विद्यार्थियों की तैयारी का मूल्यांकन किया जाएगा।
    7. विद्यार्थियों को उनकी तैयारी एवं प्रदर्शन के अनुरूप आवश्यक शैक्षणिक मार्गदर्शन भी उपलब्ध कराया जाएगा। आर्थिक रूप से सक्षम न होने वाला विद्यार्थी भी कर सकेगा बड़े लक्ष्य की तैयारी

    सरकार का प्रयास है कि किसी भी प्रतिभावान विद्यार्थी की सफलता के रास्ते में आर्थिक संसाधनों की कमी बाधा न बने। प्रदेश में अनेक विद्यार्थी प्रतिभाशाली होने के बावजूद महंगी कोचिंग का खर्च वहन नहीं कर पाते। ऐसे विद्यार्थियों के लिए यह योजना गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी का महत्वपूर्ण माध्यम बनेगी।

    डिजिटल तकनीक के माध्यम से विद्यार्थियों को उनके घर से ही देश के श्रेष्ठ शिक्षकों एवं विषय-विशेषज्ञों से सीखने का अवसर मिलेगा। इससे पर्वतीय एवं दूरस्थ क्षेत्रों के विद्यार्थियों को भी बड़े शहरों में जाकर महंगी कोचिंग लेने की आवश्यकता कम होगी।

    Technology, Quality और Accessibility को एक साथ जोड़ने का प्रयास

    मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि आज के समय में डिजिटल तकनीक शिक्षा की पहुंच, गुणवत्ता और अवसरों को व्यापक बनाने का प्रभावी माध्यम बन चुकी है। इसी को ध्यान में रखते हुए सरकार Technology, Quality और Accessibility को एक साथ जोड़कर प्रदेश के विद्यार्थियों को उनके लक्ष्य तक पहुंचने के लिए आवश्यक मार्गदर्शन एवं अवसर उपलब्ध कराने का प्रयास कर रही है।

    उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का संकल्प है कि उत्तराखंड के युवाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए बेहतर संसाधन, गुणवत्तापूर्ण मार्गदर्शन और समान अवसर उपलब्ध हों। आर्थिक परिस्थितियां किसी विद्यार्थी की प्रतिभा और उसके सपनों के बीच बाधा न बनें, इसी उद्देश्य से निःशुल्क ऑनलाइन कोचिंग की यह पहल शुरू की गई है।

    इस योजना के माध्यम से उत्तराखंड के 11,000 विद्यार्थियों को निःशुल्क गुणवत्तापूर्ण कोचिंग उपलब्ध कराते हुए उन्हें विभिन्न राष्ट्रीय एवं राज्य स्तरीय प्रतियोगी एवं प्रवेश परीक्षाओं के लिए तैयार किया जाएगा।

  • शिक्षक दिवस पर बाल भवन में सम्मानित हुए शिक्षक

    शिक्षक दिवस पर बाल भवन में सम्मानित हुए शिक्षक

    बच्चों को गुरु सम्मान और जिम्मेदार नागरिक बनने का दिलाया संकल्प

    देहरादून। उत्तराखण्ड राज्य बाल कल्याण परिषद की ओर से 5 सितंबर को बाल भवन, तरला आमवाला में डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन की 138वीं जयंती के अवसर पर शिक्षक दिवस मनाया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ परिषद के वरिष्ठ उपाध्यक्ष डॉ. एस. फारुख ने डॉ. राधाकृष्णन के चित्र पर माल्यार्पण कर किया।

    परिषद की महासचिव आशा रानी पैन्यूली ने अतिथियों, पदाधिकारियों, आजीवन सदस्यों और बच्चों का स्वागत किया। संयुक्त सचिव ज्योत्सना खत्री ने कार्यक्रम का संचालन करते हुए डॉ. राधाकृष्णन के जीवन और शिक्षा के क्षेत्र में उनके योगदान पर प्रकाश डाला।

    इस अवसर पर विभिन्न क्षेत्रों में योगदान देने वाले शिक्षकों को सम्मानित किया गया। डॉ. मोना बाली, प्रधानाचार्य फूलचन्द नारी शिल्प कन्या इंटर कॉलेज देहरादून, अंजली चन्दोला, प्रादेशिक संगठन आयुक्त भारत स्काउट्स एंड गाइड्स उत्तराखंड, सेवानिवृत्त प्रोफेसर आई.पी. पाण्डेय तथा राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बिरसणी के सहायक अध्यापक व्यायाम रवीन्द्र सिंह रावत को अंगवस्त्र, प्रशस्ति पत्र और लकी बंबू का पौधा भेंट किया गया।

    डॉ. एस. फारुख ने कहा कि सच्चा शिक्षक ही देश का वास्तविक निर्माता होता है। उन्होंने शिक्षकों से बच्चों को प्रेमपूर्वक शिक्षा देने का आह्वान किया। ज्योत्सना खत्री ने बच्चों को गुरुओं का सम्मान करने, अनुशासन का पालन करने और शिक्षा को जीवन का महत्वपूर्ण साधन मानकर मन लगाकर अध्ययन करने का संकल्प दिलाया। उन्होंने बच्चों से अपने व्यवहार और आचरण से विद्यालय तथा शिक्षकों का नाम रोशन करने और जिम्मेदार नागरिक बनकर देश-समाज की सेवा करने की अपील की।

    बाल भवन परिसर में रोपे जाएंगे विभिन्न प्रजातियों के पौधे
    शिक्षक दिवस के अवसर पर बाल भवन परिसर के लिए आईजीएनएफए, एफआरआई देहरादून के सहयोग से करीब 80 पौधे उपलब्ध कराए गए। आजीवन सदस्य रमेश खत्री के प्रयासों से उपलब्ध कराए गए इन पौधों में हरड़, बहेड़ा, राजमैरी, आंवला, सहजन, नीम, ऑलस्पाइस, अमरूद, आम, नींबू, लीची, आड़ू, अंजीर, चीकू, लेमनग्रास, चंपा, खिरनी, अशोक, रुद्राक्ष, गुलाब और शरीफा सहित विभिन्न प्रजातियां शामिल हैं।

    कार्यक्रम में महेश चंद्र मैठाणी, मनोज कुमार शर्मा, रमेश खत्री, वाई.एस. रावत, रजीना, अनुराज, मंजीत सिंह रावत सहित विभिन्न विद्यालयों के छात्र-छात्राएं मौजूद रहे। कार्यक्रम के समापन पर मिष्ठान वितरित किया गया।

  • उत्तराखंड में युवाओं के लिए नई सौगात, आज शुरू होगी मुख्यमंत्री युवा भविष्य निर्माण योजना

    उत्तराखंड में युवाओं के लिए नई सौगात, आज शुरू होगी मुख्यमंत्री युवा भविष्य निर्माण योजना

    प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए युवाओं को मिलेगी निःशुल्क ऑनलाइन कोचिंग

    मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी आज करेंगे मुख्यमंत्री युवा भविष्य निर्माण योजना का शुभारंभ

    देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी आज प्रदेश के युवाओं के भविष्य निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए ‘मुख्यमंत्री युवा भविष्य निर्माण योजना’ का शुभारंभ करेंगे। इस योजना के माध्यम से राज्य के युवाओं को विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए निःशुल्क ऑनलाइन कोचिंग एवं गुणवत्तापूर्ण अध्ययन सामग्री उपलब्ध कराई जाएगी।

    योजना का उद्देश्य युवाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए बेहतर मार्गदर्शन और आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराना है, ताकि आर्थिक संसाधनों की कमी किसी भी प्रतिभाशाली युवा के सपनों के आड़े न आए।

    योजना के तहत राज्य के विश्वविद्यालयों तथा शासकीय एवं सहायता प्राप्त महाविद्यालयों में अध्ययनरत विद्यार्थियों को विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए ऑनलाइन कोचिंग की सुविधा प्रदान की जाएगी। इसमें सिविल सर्विसेज (UPSC एवं राज्य लोक सेवा आयोग), रक्षा सेवाएं (CDS), बैंकिंग, रेलवे और SSC सहित विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाएं शामिल होंगी।

    इसके अतिरिक्त CAT, MAT, GATE, NET और CSIR-NET जैसी उच्च शिक्षा एवं पात्रता परीक्षाओं की तैयारी के लिए भी युवाओं को मार्गदर्शन उपलब्ध कराया जाएगा।

    मुख्यमंत्री युवा भविष्य निर्माण योजना विशेष रूप से प्रदेश के दूरस्थ और पर्वतीय क्षेत्रों के युवाओं के लिए अत्यंत उपयोगी साबित होगी। अब युवाओं को गुणवत्तापूर्ण कोचिंग के लिए बड़े शहरों का रुख नहीं करना पड़ेगा और वे घर बैठे ही विशेषज्ञों के मार्गदर्शन में अपनी तैयारी कर सकेंगे।

  • फिल्म ‘हनुमान अंश’ को उत्तराखंड सरकार ने किया टैक्स फ्री

    फिल्म ‘हनुमान अंश’ को उत्तराखंड सरकार ने किया टैक्स फ्री

    बाबा नीब करौरी महाराज के जीवन पर बनी फिल्म ‘हनुमान अंश’ नई पीढ़ी को प्रेरित करेगी-धामी

    देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बाबा नीब करौरी महाराज के जीवन, भक्ति, सेवा और आध्यात्मिक यात्रा पर आधारित फिल्म ‘हनुमान अंश’ को उत्तराखंड में टैक्स फ्री करने की घोषणा की।

    सीएम ने पत्नी गीता धामी, कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी, विधायक प्रदीप बत्रा सहित विभिन्न दायित्वधारी और अन्य लोगों के साथ ‘हनुमान अंश’ फिल्म देखी।

    फिल्म देखने के बाद मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत की संत परंपरा सदैव समाज को सत्य, सेवा, करुणा और आध्यात्मिकता का मार्ग दिखाती रही है।

    बाबा नीब करौरी महाराज का जीवन इसी परंपरा का प्रेरणादायी उदाहरण है। उनकी भक्ति, मानव सेवा और सभी के प्रति प्रेम का संदेश आज भी प्रासंगिक है।

    उन्होंने कहा कि उत्तराखंड देवभूमि के साथ महान संतों और आध्यात्मिक परंपराओं की भूमि भी है। बाबा नीब करौरी महाराज का कैंची धाम आज देश-दुनिया में आस्था का प्रमुख केंद्र बन चुका है। उनके जीवन और संदेश पर आधारित फिल्में प्रदेश की आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक विरासत को देश-दुनिया तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘हनुमान अंश’ में भक्ति, सेवा, प्रेम, करुणा, विनम्रता और लोककल्याण जैसे मूल्यों को प्रमुखता दी गई है। ऐसे रचनात्मक प्रयास नई पीढ़ी को भारतीय संस्कृति और संत परंपरा से जोड़ने के साथ ही समाज में सेवा और मानवीय मूल्यों के प्रति जागरूकता बढ़ाने में सहायक हैं।

    मुख्यमंत्री ने फिल्म के निर्माता, निर्देशक और पूरी टीम के प्रयासों की सराहना की। फिल्म का निर्देशन विशाल चतुर्वेदी ने किया है और शोभिनव सतैया सहित अन्य कलाकारों ने प्रमुख भूमिकाएं निभाई हैं। फिल्म 7 अगस्त 2026 को हिंदी में देशभर में रिलीज हुई थी।

  • श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रम ने बांधा समां

    श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रम ने बांधा समां

    देहरादून। श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के पावन अवसर पर पुलिस लाइन में आयोजित भव्य कार्यक्रम में राज्यपाल व मुख्यमंत्री ने हिस्सा लिया।
    इस अवसर पर पुलिस लाइन परिसर में भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव को श्रद्धा, उल्लास और भक्ति भाव के साथ मनाया गया।

    मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करने वाले कलाकारों का उत्साहवर्धन करते हुए उन्हें सम्मानित किया। उन्होंने कलाकारों की प्रस्तुतियों की सराहना करते हुए कहा कि हमारी समृद्ध सांस्कृतिक परंपराएं और धार्मिक विरासत समाज को अपनी जड़ों से जोड़ने का कार्य करती हैं। ऐसे आयोजनों के माध्यम से युवा पीढ़ी को भारतीय संस्कृति, सनातन परंपराओं और भगवान श्रीकृष्ण के जीवन एवं उपदेशों से परिचित होने का अवसर मिलता है।

    मुख्यमंत्री ने श्रीकृष्ण जन्माष्टमी की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि भगवान श्रीकृष्ण का जीवन सत्य, धर्म, कर्तव्य, कर्म और लोककल्याण की प्रेरणा देता है। श्रीमद्भगवद्गीता में भगवान श्रीकृष्ण द्वारा दिया गया कर्मयोग का संदेश आज भी पूरी मानवता के लिए प्रासंगिक है। उन्होंने प्रदेशवासियों से भगवान श्रीकृष्ण के आदर्शों को अपने जीवन में आत्मसात करने और समाज एवं प्रदेश के विकास में अपनी भूमिका निभाने का आह्वान किया।

    राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेवानिवृत्त) ने भी सभी प्रदेशवासियों को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी की शुभकामनाएं दीं।

    कार्यक्रम में गीता धामी, पूर्व मुख्यमंत्री एवं महाराष्ट्र के पूर्व राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी, अन्य जनप्रतिनिधि, मुख्य सचिव सहित पुलिस महानिदेशक एवं शासन-प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी, पुलिस विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी तथा अन्य प्रशासनिक कार्मिक उपस्थित रहे।

  • एक क्लिक में हजारों खातों में पहुंची सामाजिक सुरक्षा पेंशन

    एक क्लिक में हजारों खातों में पहुंची सामाजिक सुरक्षा पेंशन

    147 करोड़ 05 लाख रुपये की पेंशन धनराशि लाभार्थियों के खातों में भेजी गई

    अगस्त माह में 5,605 नए लाभार्थियों की पेंशन स्वीकृत

    जिन पात्र लाभार्थियों का आधार नहीं बन पा रहा, उन्हें चिन्हित कर अकाउंट बेस्ड पेमेंट की व्यवस्था की जाए—मुख्यमंत्री

    देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय में समाज कल्याण विभाग की विभिन्न सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाओं के अंतर्गत माह अगस्त 2026 की पेंशन किस्त का वन-क्लिक के माध्यम से भुगतान किया।

    इसके माध्यम से 9 लाख 91 हजार 914 लाभार्थियों के खातों में 147 करोड़ 05 लाख रुपये की पेंशन धनराशि भेजी गई। अगस्त माह में विभिन्न पेंशन योजनाओं के अंतर्गत 5,605 नए लाभार्थियों की पेंशन भी स्वीकृत की गई।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि समाज के कमजोर, जरूरतमंद एवं वंचित वर्गों को सामाजिक सुरक्षा प्रदान करना राज्य सरकार की प्राथमिकता है। सरकार का प्रयास है कि प्रत्येक पात्र व्यक्ति को सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का लाभ सरलता एवं समयबद्धता से मिले। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिये कि पेंशन योजनाओं के क्रियान्वयन में आने वाली व्यावहारिक समस्याओं का संवेदनशीलता के साथ समाधान किया जाए।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाओं के माध्यम से पात्र लाभार्थियों को नियमित रूप से पेंशन का भुगतान कर रही है। उन्होंने कहा कि पेंशन व्यवस्था को सरल, पारदर्शी एवं लाभार्थी केंद्रित बनाते हुए प्रत्येक पात्र व्यक्ति को योजनाओं से आच्छादित करने के लिए निरंतर कार्य किया जाए। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिये कि जिन पात्र लाभार्थियों का किसी कारणवश आधार नहीं बन पा रहा है, उन्हें चिन्हित कर उनके लिए अकाउंट बेस्ड पेमेंट की व्यवस्था की जाए, ताकि आधार संबंधी समस्या के कारण कोई भी पात्र लाभार्थी पेंशन के लाभ से वंचित न रहे।

    प्रस्तुतीकरण के दौरान बताया गया कि अगस्त 2026 में वृद्धावस्था, विधवा, दिव्यांग, किसान, परित्यक्ता, भरण-पोषण अनुदान, तीलू रौतेली एवं बौना पेंशन योजनाओं के कुल 9 लाख 91 हजार 914 लाभार्थियों के लिए 147 करोड़ 05 लाख 51 हजार रुपये की धनराशि निर्धारित की गई है। बताया गया कि कुल पेंशन लाभार्थियों में 2 लाख 14 हजार 711 लाभार्थी राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम (NSAP) के अंतर्गत तथा 7 लाख 77 हजार 203 लाभार्थी राज्य स्तर पर आच्छादित हैं। अगस्त माह के पेंशन भुगतान में लगभग 140 करोड़ 11 लाख रुपये राज्यांश तथा 6 करोड़ 94 लाख रुपये केंद्रांश है।

    प्रस्तुतीकरण में बताया गया कि अगस्त माह में विभिन्न सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाओं के अंतर्गत कुल 5,605 नई पेंशन स्वीकृत की गई हैं। इनमें वृद्धावस्था पेंशन के 3,945, विधवा पेंशन के 1,000, दिव्यांग पेंशन के 416, किसान पेंशन के 106, परित्यक्ता पेंशन के 23 तथा भरण-पोषण अनुदान के 115 लाभार्थी शामिल हैं।

    बैठक में आगामी कार्यक्रमों के संबंध में भी प्रस्तुतीकरण दिया गया। बताया गया कि सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग, भारत सरकार द्वारा 18 एवं 19 सितम्बर 2026 को डॉ. अम्बेडकर अंतरराष्ट्रीय केंद्र, जनपथ, नई दिल्ली में दो दिवसीय राष्ट्रीय विभागीय शिखर सम्मेलन प्रस्तावित है। सम्मेलन में सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता से संबंधित प्रमुख प्राथमिकताओं पर केंद्र, राज्यों एवं केंद्रशासित प्रदेशों के बीच संवाद किया जाएगा।

    इस अवसर पर समाज कल्याण मंत्री खजानदास, सचिव समाज कल्याण डॉ. श्रीधर बाबू अद्दांकी, अपर सचिव विक्रम यादव। संयुक्त सचिव धीरेंद्र सिंह, संयुक्त निदेशक गीताराम नौटियाल, सहायक निदेशक हेमलता पांडेय एवं अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

  • स्वास्थ्य मंत्री के आश्वासन के बाद फार्मासिस्टों ने आंदोलन किया स्थगित

    स्वास्थ्य मंत्री के आश्वासन के बाद फार्मासिस्टों ने आंदोलन किया स्थगित

    फार्मासिस्टों का आंदोलन 15 दिन के लिए स्थगित

    391 फार्मेसी अधिकारी पदों को क्रियाशील करने और लंबित देयकों के भुगतान पर कार्रवाई के निर्देश

    देहरादून। स्वास्थ्य मंत्री सुबोध उनियाल की अध्यक्षता में गुरुवार को सचिवालय में डिप्लोमा फार्मासिस्ट एसोसिएशन की पांच सूत्रीय मांगों को लेकर बैठक हुई। मांगों पर सकारात्मक चर्चा और कार्रवाई के आश्वासन के बाद एसोसिएशन ने अपना चरणबद्ध आंदोलन 15 दिन के लिए स्थगित कर दिया।
    बैठक में एसोसिएशन ने 10 वर्ष की सेवा पूरी करने वाले फार्मासिस्टों को प्रथम पदोन्नति के पद का वेतनमान देने, स्वास्थ्य उपकेंद्रों के लिए पूर्व में सृजित 391 फार्मेसी अधिकारी पदों को क्रियाशील करने, फार्मेसी प्रैक्टिस रेगुलेशन-2015 लागू करने, चिकित्सकों की अनुपस्थिति में निर्धारित औषधियां उपलब्ध कराने के लिए फार्मेसी अधिकारियों को अधिकृत करने तथा चारधाम यात्रा ड्यूटी के लंबित देयकों का भुगतान और व्यवस्थाओं में सुधार की मांग रखी।
    10 वर्ष की सेवा के बाद पदोन्नति के पद का वेतनमान दिए जाने के प्रकरण को डिप्लोमा इंजीनियर्स की तर्ज पर उपसमिति को भेजने पर सहमति बनी। वर्ष 2009 के बाद नियुक्त फार्मासिस्टों को प्रथम एसीपी के तहत पदोन्नति के समकक्ष वेतनमान देने के मामले में विभाग को भारत सरकार के सेवा संबंधी प्रावधानों का परीक्षण कर रिपोर्ट उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए।
    स्वास्थ्य उपकेंद्रों के लिए पूर्व में सृजित 391 पदों का प्रस्ताव कैबिनेट की सहमति के लिए आगे बढ़ाने को कहा गया। वहीं, फार्मेसी प्रैक्टिस रेगुलेशन-2015 लागू करने और चिकित्सकों की अनुपस्थिति में फार्मेसी अधिकारियों को निर्धारित औषधियां उपलब्ध कराने के अधिकार के संबंध में एक सप्ताह में रिपोर्ट मांगी गई है। इस मामले में महानिदेशालय स्तर पर समिति गठित की जा चुकी है।
    चारधाम यात्रा ड्यूटी के लंबित भुगतान में देरी पर स्वास्थ्य मंत्री ने नाराजगी जताते हुए 15 दिन के भीतर सभी लंबित देयकों का भुगतान करने के निर्देश दिए। यात्रा ड्यूटी के दौरान फार्मेसी अधिकारियों के रहने-खाने की व्यवस्था में सुधार के लिए संबंधित जिलों से भी रिपोर्ट मांगी गई है।
    बैठक में वित्त सचिव दिलीप जावलकर, चिकित्सा स्वास्थ्य सचिव विनय शंकर पांडेय, महानिदेशक चिकित्सा स्वास्थ्य सुनीता टम्टा, अपर सचिव गंगा प्रसाद सहित संबंधित अधिकारी और एसोसिएशन के प्रतिनिधि मौजूद रहे।

    एसोसिएशन ने कहा कि स्वास्थ्य मंत्री के आश्वासन के बाद उच्चाधिकार प्राप्त समिति की बैठक में आंदोलन को 15 दिन के लिए स्थगित करने का निर्णय लिया गया है। अब संगठन मांगों से संबंधित कार्यवाही और शासन स्तर पर पत्रावलियों की प्रगति पर नजर रखेगा।

  • उत्तराखंड में कई मदरसों को मिली मान्यता, CM धामी ने सौंपे प्रमाण-पत्र

    उत्तराखंड में कई मदरसों को मिली मान्यता, CM धामी ने सौंपे प्रमाण-पत्र

    “ आधुनिक शिक्षा से ही बच्चों का भविष्य बनेगा उज्ज्वल”

    सीएम धामी का स्पष्ट संदेश—परंपराएं अपनी जगह, लेकिन ज्ञान-विज्ञान, साइंस, टेक्नोलॉजी, इनोवेशन और AI को अपनाना होगा

    देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्तराखण्ड राज्य अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण द्वारा आयोजित अल्पसंख्यक शिक्षण संस्थान मान्यता प्रमाण-पत्र वितरण समारोह में प्रदेश के 26 अल्पसंख्यक शिक्षण संस्थानों (मदरसों) को मान्यता प्रमाण-पत्र प्रदान किए।
    कार्यक्रम की थीम “नई पहचान, नया सम्मान। आधुनिक शिक्षा से उज्ज्वल भविष्य” रही।

    मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण द्वारा 26 शिक्षण संस्थानों को मान्यता प्रदान किया जाना अल्पसंख्यक शिक्षा के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण और सकारात्मक शुरुआत है। उन्होंने कहा कि राज्य में शिक्षा के क्षेत्र में लगातार नवाचार किए जा रहे हैं और यह सिलसिला आगे भी जारी रहेगा। उन्होंने मान्यता प्राप्त करने वाले सभी संस्थानों के प्रतिनिधियों को बधाई देते हुए कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में कार्य करना समाज और राष्ट्र के भविष्य निर्माण से जुड़ी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि अल्पसंख्यक शिक्षा के क्षेत्र में प्राधिकरण बनाए जाने के पीछे मूल उद्देश्य यही है कि सभी बच्चे आधुनिक एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षा से जुड़ें और उन्हें अपने व्यक्तित्व तथा भविष्य के निर्माण के लिए पर्याप्त अवसर प्राप्त हों। उन्होंने कहा कि परंपराओं का अपना महत्व है, लेकिन वर्तमान समय ज्ञान-विज्ञान, साइंस, टेक्नोलॉजी, इनोवेशन और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का समय है। पूरी दुनिया तेजी से बदल रही है और प्रत्येक देश विज्ञान एवं तकनीक के क्षेत्र में आगे बढ़ने का प्रयास कर रहा है। ऐसे में बच्चों को आधुनिक शिक्षा से जोड़ना समय की आवश्यकता है, ताकि वे बदलती दुनिया की चुनौतियों के अनुरूप स्वयं को तैयार कर सकें।

    उन्होंने कहा कि बच्चों को ऐसी शिक्षा मिलनी चाहिए, जिससे उनका व्यक्तित्व विकसित हो, उनकी प्रतिभा सामने आए और वे अपने भविष्य का निर्माण कर सकें। उन्होंने कहा कि शिक्षा के माध्यम से कोई बच्चा डॉक्टर, इंजीनियर, प्रशासनिक अधिकारी, लेखक या वैज्ञानिक बन सकता है। कृषि के क्षेत्र में जाने वाले बच्चे आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाएं। आज प्रत्येक क्षेत्र में शोध और नवाचार हो रहा है, इसलिए बच्चों को नई तकनीकों और शोध को समझने, सीखने तथा उसे व्यवहार में उतारने की क्षमता विकसित करनी होगी। उन्होंने कहा कि आज केवल किताबी ज्ञान पर्याप्त नहीं है, बल्कि बच्चों को व्यावहारिक, आधुनिक और रोजगारपरक शिक्षा देना आवश्यक है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार की नीतियों और निर्णयों का उद्देश्य किसी व्यक्ति अथवा वर्ग को टारगेट करना नहीं है। उन्होंने समान नागरिक संहिता का उल्लेख करते हुए स्पष्ट किया कि UCC किसी वर्ग को निशाना बनाने के लिए लागू नहीं किया गया है और इसी प्रकार अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण भी किसी वर्ग को टारगेट करने के लिए नहीं बनाया गया है। सरकार का उद्देश्य सभी वर्गों को समान अवसर उपलब्ध कराना और प्रत्येक बच्चे को आगे बढ़ने का अवसर देना है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में सभी वर्गों के बीच आपसी प्रेम, भाईचारा और मधुर संबंध हैं तथा किसी व्यक्ति के साथ केवल उसकी पहचान या वर्ग के आधार पर भेदभाव करने की नीति नहीं है। सरकार व्यक्ति के कार्य और उसके योगदान को महत्व देती है।

    मुख्यमंत्री ने सरकारी भूमि से अवैध अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई का उल्लेख करते हुए कहा कि जहां सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा हुआ है, वहां नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी गरीब व्यक्ति को परेशान करना सरकार का उद्देश्य नहीं है। यदि किसी व्यक्ति के पास विधिवत खरीदी गई जमीन, वैध दस्तावेज, रजिस्ट्री और स्वीकृत मानचित्र है तो उसे परेशान करने का कोई उद्देश्य नहीं है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार समाज के सभी वर्गों को हुनर और रोजगार के क्षेत्र में आगे बढ़ाने के लिए काम कर रही है। युवाओं को ऋण एवं अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं और बेटियों को भी आगे बढ़ने के अवसर दिए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार ने ऐसे लोगों को भी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां दी हैं, जिन्होंने कभी कल्पना नहीं की होगी कि उन्हें इतनी महत्वपूर्ण भूमिका मिलेगी। उन्होंने प्राधिकरण की उपाध्यक्ष फरजाना का उल्लेख करते हुए कहा कि काम करने और अपनी क्षमता साबित करने वाले लोगों को आगे बढ़ने का अवसर दिया जा रहा है। प्राधिकरण के अध्यक्ष डॉ. सुरजीत सिंह गांधी का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि शायद उन्होंने भी कभी नहीं सोचा होगा कि उन्हें इस महत्वपूर्ण जिम्मेदारी का अवसर मिलेगा। उन्होंने कहा कि यही सरकार के कार्य करने की शैली है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि समान नागरिक संहिता को लेकर भी समाज में सकारात्मक दृष्टिकोण के साथ विचार करने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि दुनिया के कई मुस्लिम देशों में भी UCC लागू है और यदि यह व्यवस्था खराब होती तो अनेक देश इसे स्वीकार नहीं करते। उन्होंने कहा कि आजादी के बाद लंबे समय तक समाज के कुछ वर्गों को आगे बढ़ने के पर्याप्त अवसर नहीं मिले और उन्हें अच्छी शिक्षा से वंचित रखा गया। लोगों के मन में भय पैदा किया गया कि यदि ये लोग आगे बढ़ेंगे तो पता नहीं क्या होगा। अब इस सोच को बदलने और शिक्षा तथा विकास के माध्यम से समाज को आगे ले जाने की आवश्यकता है।

    मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में संचालित जनकल्याणकारी योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि सरकार की योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक बिना किसी भेदभाव के पहुंच रहा है। गरीबों को राशन, स्वास्थ्य सुविधाएं, पांच लाख रुपये तक का स्वास्थ्य कवर और गैस कनेक्शन जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। इन योजनाओं का लाभ देते समय लाभार्थी की जाति, वर्ग या समुदाय नहीं देखा जाता, बल्कि पात्रता को आधार बनाया जाता है। उन्होंने कहा कि इसी भावना के साथ शिक्षा के क्षेत्र में भी सभी बच्चों को आगे बढ़ने का अवसर मिलना चाहिए।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि आज अल्पसंख्यक शिक्षा के क्षेत्र में एक नई व्यवस्था की शुरुआत हुई है और इसे मजबूत करने की जिम्मेदारी सरकार तथा शिक्षण संस्थानों दोनों की है। उन्होंने कहा कि व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए आपसी सहयोग और विश्वास आवश्यक है। सरकार अपनी ओर से सहयोग करेगी और शिक्षण संस्थानों को भी सकारात्मक भूमिका निभाते हुए इस व्यवस्था को मजबूत करना होगा।

    मुख्यमंत्री ने शिक्षा को बच्चों के भविष्य की सबसे महत्वपूर्ण आधारशिला बताते हुए कहा कि बच्चों को अच्छी शिक्षा देना सबसे बड़ी जिम्मेदारी है। यही शिक्षा उनके भविष्य का निर्माण करेगी और जीवनभर उनके काम आएगी। उन्होंने कहा कि समय निरंतर बदल रहा है और समय के साथ शिक्षा तथा कार्य करने के तरीकों में भी बदलाव आवश्यक है। उन्होंने कृषि का उदाहरण देते हुए कहा कि पहले खेतों में हल के माध्यम से काम किया जाता था, जबकि आज आधुनिक मशीनों और तकनीकों ने कृषि को काफी आसान और प्रभावी बना दिया है।

    मुख्यमंत्री ने अपने किसान परिवार से होने का उल्लेख करते हुए कहा कि वह स्वयं समय-समय पर खेत में जाकर कृषि कार्य करते हैं और आधुनिक कृषि उपकरणों के साथ-साथ पारंपरिक तरीके से भी काम करने में उन्हें कोई संकोच नहीं है। हालांकि उन्होंने कहा कि आधुनिक ज्ञान-विज्ञान जिस गति से आगे बढ़ रहा है, उसे अपनाना भी आवश्यक है। इसी प्रकार शिक्षा में भी आधुनिक तकनीक और नए ज्ञान को स्वीकार करना समय की मांग है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि आज 14-15 वर्ष की उम्र के बच्चे ऐसी तकनीकी और डिजिटल जानकारी रखते हैं, जिनके बारे में कई बार बड़े लोग भी नहीं जानते। नई पीढ़ी की क्षमताओं को स्वीकार करते हुए उन्हें सही दिशा और अच्छे संस्कार देने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक बच्चे के भीतर प्रतिभा, योग्यता और क्षमता होती है और समाज तथा शिक्षण संस्थानों की जिम्मेदारी है कि उन क्षमताओं को पहचानकर उन्हें आगे बढ़ने का अवसर प्रदान करें।

    मुख्यमंत्री ने बच्चों की बात सुनने और उनकी भावनाओं को समझने की आवश्यकता पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि बच्चे हमारे अपने हैं और उनके भविष्य को बेहतर बनाना सभी की जिम्मेदारी है। बच्चों को अच्छे संस्कार देने के साथ-साथ उनकी प्रतिभा और क्षमताओं को विकसित करने के लिए सकारात्मक वातावरण उपलब्ध कराया जाना चाहिए।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि समाज को ऐसी सोच से बाहर निकलना होगा जिसमें लोगों से केवल राजनीतिक समर्थन, नारे या किसी विशेष उद्देश्य के लिए इस्तेमाल होने की अपेक्षा की जाती रही हो, जबकि उनके शिक्षा और भविष्य की चिंता नहीं की जाती थी। उन्होंने कहा कि अब समय आ गया है कि इस सोच में बदलाव लाया जाए और बच्चों के भविष्य को केंद्र में रखते हुए शिक्षा तथा विकास को प्राथमिकता दी जाए।

    मुख्यमंत्री ने शिक्षा के क्षेत्र में कार्य करने वाले लोगों को समाज का महत्वपूर्ण वर्ग बताते हुए कहा कि व्यापार, उद्योग और अन्य व्यवसाय अपनी जगह महत्वपूर्ण हैं, लेकिन शिक्षा के क्षेत्र में काम करना विशेष रूप से महत्वपूर्ण है, क्योंकि शिक्षक और शिक्षण संस्थान बच्चों के भविष्य का निर्माण करते हैं। उनके माध्यम से आने वाली पीढ़ियों को दिशा मिलती है और समाज का भविष्य तैयार होता है।

    मुख्यमंत्री ने मान्यता प्राप्त शिक्षण संस्थानों से अपेक्षा की कि उनके माध्यम से आधुनिक शिक्षा का संदेश गांव-गांव और घर-घर तक पहुंचे। उन्होंने कहा कि आज जो शुरुआत हुई है, उसका वास्तविक परिणाम आने वाले समय में बच्चों की शिक्षा, उनकी प्रतिभा और उनके भविष्य में दिखाई देना चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार और विभाग द्वारा बच्चों के भविष्य के लिए नियम-कानून एवं व्यवस्थाएं तैयार की जा रही हैं, इसलिए शिक्षण संस्थानों को भी पूरी जिम्मेदारी के साथ इस विश्वास को मजबूत करना होगा। केवल औपचारिकता पूरी करने के बजाय धरातल पर वास्तविक परिवर्तन दिखाई देना चाहिए।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड आज विभिन्न क्षेत्रों में देश के सामने उदाहरण प्रस्तुत कर रहा है। राज्य में किए जा रहे अनेक नवाचार और बनाए जा रहे नियम-कानून अन्य राज्यों के लिए भी प्रेरणा बन रहे हैं। उन्होंने अपेक्षा की कि अल्पसंख्यक शिक्षा के क्षेत्र में आज शुरू हुई यह पहल भी आगे चलकर देश के लिए एक उदाहरण बने और उत्तराखंड को इस क्षेत्र में नई पहचान दिलाए।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड की विशेषता आपसी भाईचारा और मिल-जुलकर रहने की रही है। यहां लोग एक-दूसरे के सुख-दुख में खड़े होते हैं और सामाजिक सौहार्द की भावना के साथ आगे बढ़ते हैं। उन्होंने कहा कि अल्पसंख्यक शिक्षा के क्षेत्र में शुरू हुई यह पहल केवल भाषणों और बातों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि इसका प्रभाव शिक्षण संस्थानों के कामकाज, बच्चों की शिक्षा और उनके भविष्य में दिखाई देना चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार की ओर से विश्वास का वातावरण बनाया गया है और अब शिक्षण संस्थानों तथा समाज की ओर से भी इस विश्वास को मजबूत करने की जिम्मेदारी है।

    मुख्यमंत्री ने सभी मान्यता प्राप्त शिक्षण संस्थानों, उनके संचालकों, शिक्षकों एवं प्रतिनिधियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि वे बच्चों को आधुनिक, गुणवत्तापूर्ण, व्यावहारिक एवं रोजगारपरक शिक्षा प्रदान करें, जिससे उनका व्यक्तित्व विकसित हो, उनकी प्रतिभा निखरे और वे भविष्य की चुनौतियों का मजबूती से सामना करते हुए प्रदेश और देश के विकास में अपना महत्वपूर्ण योगदान दे सकें।

    मुख्यमंत्री श्री धामी ने देहरादून जनपद के मदरसा जामिया इस्लामिया, जूनियर हाईस्कूल, डॉटरगंज, विकासनगर; जामिया दारूल उलूम रमजानिया, ढकरानी, विकासनगर; जामिया सबीलुर्रशाद, जूनियर हाईस्कूल, उस्मानपुर, ढ़ाकी, सहसपुर; जामिया सय्यिदा फातिमातुज्जाहरा, जूनियर हाईस्कूल, ग्राम एवं पोस्ट-सहसपुर (जोल बस्ती); जामिया रहीमिया प्राईमरी स्कूल, जाटोवाला, पोस्ट-सभावाला, विकासनगर तथा मदरसा अरबिया तालीमुल कुरआन, प्राथमिक विद्यालय, लक्खनवाला, विकासनगर को मान्यता प्रमाण-पत्र प्रदान किए।

    मुख्यमंत्री धामी ने हरिद्वार जनपद के मदरसा इमामिया, पठानपुरा; मदरसा अरबिया रहमानिया, हाईस्कूल, रुड़की; पैरामाउन्ट कॉन्वेन्ट, हाईस्कूल, सुल्तानपुर, लक्सर; गोल्डन फ्युचर, जूनियर हाई स्कूल, ग्राम-छापुर शेरपुर, अफगानपुर; मदरसा तमन्ना-ए-तालीम, सुल्तानपुर आदमपुर, ब्लॉक लक्सर; मदरसा गुलशन-ए-तालीम, ग्राम-नेहन्दपुर सुठारी, पोस्ट-सुल्तानपुर, ब्लॉक लक्सर; मदरसा जन्नतुन निशा, जूनियर हाई स्कूल, नगर पंचायत सुल्तानपुर आदमपुर, लक्सर; मदरसा नुर साबरी, जूनियर हाईस्कूल, सुल्तानपुर आदमपुर, लक्सर; मदरसा के. जी. एन. पब्लिक स्कूल, ग्राम जसौदरपुर, ब्लॉक बहादराबाद; मदरसा रशीदिया, जूनियर हाई स्कूल, मोहम्मदपुर कुन्हारी, ब्लॉक बहादराबाद; एम. टी. यू. जूनियर हाईस्कूल, नगर पंचायत-सुल्तानपुर आदमपुर, ब्लॉक-लक्सर; मदरसा बहार-ए-चमन, जूनियर हाई स्कूल, ग्राम एवं पोस्ट-तिलकपुरी भोगपुर, ब्लॉक-लक्सर; एम. आई. टी., जूनियर हाईस्कूल, नगर पंचायत-सुल्तानपुर आदमपुर, ब्लॉक-लक्सर; मदरसा तालीम-ए-जदीद, जूनियर हाईस्कूल, ग्राम-जसौदरपुर, पोस्ट-सुल्तानपुर आदमपुर, ब्लॉक-बहादराबाद, तहसील एवं जिला हरिद्वार; मॉर्डन आदर्श पब्लिक, जूनियर हाई स्कूल, ग्राम-सिकरौढ़ा, विकासखण्ड भगवानपुर; मदरसा फैज-ए-हिदायत, ग्राम एवं पोस्ट-सुल्तानपुर आदमपुर, ब्लॉक-लक्सर; आरजू पब्लिक जूनियर हाईस्कूल, ग्राम-सलेमपुर महदूद, विकासखण्ड बहादराबाद; ड्रीम पैराडाइज पब्लिक जूनियर हाईस्कूल, ग्राम-धीरमजरा, डाक-हल्लूमजरा, ब्लॉक एवं तहसील-भगवानपुर तथा राव असगर अली मैमोरियल, पब्लिक जूनियर हाई स्कूल, ग्राम एवं पोस्ट-खेड़ीशिकोहपुर, भगवानपुर को मान्यता प्रमाण-पत्र प्रदान किए गए।

    इसी क्रम में मुख्यमंत्री धामी ने ऊधमसिंहनगर जनपद के एम. जी. एन. पब्लिक स्कूल, केलाखेड़ा को भी नवीन मान्यता प्रदान की गई। इस प्रकार प्रदेश के कुल 26 अल्पसंख्यक शिक्षण संस्थानों को मान्यता प्रमाण-पत्र प्रदान किए गए।

    कार्यक्रम में अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के मंत्री खजान दास, उत्तराखण्ड राज्य अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण के अध्यक्ष डॉ. सुरजीत सिंह गांधी, विशेष सचिव डॉ. पराग मधुकर धकाते, अपर सचिव विक्रम सिंह यादव सहित विभागीय अधिकारी, जनप्रतिनिधि, शिक्षण संस्थानों के प्रतिनिधि एवं अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

  • सीएम धामी ने पीएम मोदी के विजन को दी नई रफ्तार: तीरथ

    सीएम धामी ने पीएम मोदी के विजन को दी नई रफ्तार: तीरथ

    सीएम धामी के नेतृत्व में 2027 में विजयी होंगे- तीरथ

    तीरथ सिंह रावत सादगी, सौम्यता और सहजता की प्रतिमूर्ति -धामी

    भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष तीरथ सिंह रावत का देहरादून में भव्य स्वागत

    उत्तराखंड की संस्कृति से खिलवाड़ नहीं होगा बर्दाश्तः धामी

    विकसित भारत-विकसित उत्तराखंड के जरूरी है मोदी और धामी

    देहरादून। भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष तीरथ सिंह रावत ने कहा कि सीएम धामी विकसित भारत के पीएम मोदी के विजन को आगे बढ़ा रहे हैं। और 2027 के विधानसभा चुनाव में सीएम धामी व प्रदेश अध्यक्ष के नेतृत्व में भाजपा विजयी होगी।

    प्रदेश भाजपा कार्यालय में बुधवार को पार्टी के नवनियुक्त राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत का स्वागत एवं अभिनंदन किया गया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने तीरथ सिंह रावत का स्वागत करते हुए कहा कि उन्हें भाजपा का राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बनाया जाना पूरे उत्तराखंड के लिए गर्व और सम्मान का विषय है। राष्ट्रीय संगठन में उन्हें महत्वपूर्ण दायित्व मिलने से प्रदेश के भाजपा कार्यकर्ताओं में नई ऊर्जा और उत्साह का संचार हुआ है।

     

    मुख्यमंत्री ने कहा कि तीरथ सिंह रावत सादगी, सौम्यता और सहजता की प्रतिमूर्ति हैं। उन्होंने संगठन के विभिन्न दायित्वों का पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ निर्वहन करते हुए पार्टी को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। राष्ट्रीय स्तर पर मिली यह जिम्मेदारी उनके लंबे संगठनात्मक अनुभव और पार्टी के प्रति समर्पण का सम्मान है। निश्चित रूप से उनके अनुभव का लाभ भारतीय जनता पार्टी को राष्ट्रीय स्तर पर मिलेगा।

    कांग्रेस पर निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि कांग्रेस उत्तराखंड जैसे शांत और सामाजिक समरसता वाले प्रदेश को जातियों के नाम पर बांटने की कोशिश कर रही है। कांग्रेस के पास विकास और जनहित के मुद्दों पर बोलने के लिए कुछ नहीं है, इसलिए वह समाज में विभाजन पैदा करने की राजनीति कर रही है। उत्तराखंड की जनता को जातियों में बांटकर राजनीतिक लाभ लेने की कांग्रेस की कोशिश कभी सफल नहीं होगी।

    हल्द्वानी प्रकरण पर मुख्यमंत्री ने कांग्रेस और राहुल गांधी पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि हल्द्वानी में जिस प्रकार आपत्तिजनक और धार्मिक भावनाओं को आहत करने वाले नारे लगाए गए तथा मूत्र से भरी बोतलें फेंकने जैसा घृणित कृत्य किया गया, वह किसी भी सभ्य समाज में स्वीकार्य नहीं हो सकता। इसके बाद संबंधित स्थान का शुद्धिकरण किया गया, लेकिन दुर्भाग्यपूर्ण है कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी को इस पर भी राजनीति दिखाई दी।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि राहुल गांधी को देश और प्रदेश की जनता को जवाब देना चाहिए कि धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाले इस घृणित कृत्य के खिलाफ उन्होंने आवाज क्यों नहीं उठाई। उन्होंने कहा कि ऐसे कृत्यों पर राजनीति करने के बजाय कांग्रेस को स्पष्ट रूप से इसकी निंदा करनी चाहिए थी। मुख्यमंत्री ने सवाल किया कि क्या कांग्रेस के लिए धार्मिक भावनाओं का अपमान भी राजनीतिक चश्मे से देखने का विषय है?

    मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि उत्तराखंड में तुष्टीकरण की राजनीति और धार्मिक भावनाओं से खिलवाड़ किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। देवभूमि की शांति, संस्कृति और सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने की कोशिश करने वालों के साथ कानून पूरी कठोरता से अपना काम करेगा। उन्होंने कहा कि जो भी व्यक्ति धार्मिक भावनाओं को भड़काने, माहौल खराब करने अथवा कानून-व्यवस्था को चुनौती देने का प्रयास करेगा, उसके लिए उत्तराखंड में सिर्फ जेल की जगह है। सरकार किसी के दबाव में नहीं आएगी और कानून सभी के लिए समान रूप से लागू होगा।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश विकसित भारत के संकल्प को साकार करने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। उत्तराखंड भी प्रधानमंत्री जी के मार्गदर्शन में विकास, सुशासन और जनकल्याण के नए आयाम स्थापित कर रहा है। राज्य सरकार ने अनेक ऐतिहासिक निर्णय लेते हुए देवभूमि की विशिष्ट पहचान, संस्कृति और मूल स्वरूप को मजबूत करने का कार्य किया है।

    कार्यक्रम में भाजपा के नवनियुक्त राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने स्वागत एवं अभिनंदन के लिए पार्टी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कार्यकर्ताओं से आगामी विधानसभा चुनाव के लिए पूरी ताकत के साथ जुटने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विकसित भारत का जो संकल्प लिया है, उसे साकार करने में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी जी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। उनके नेतृत्व में उत्तराखंड में अनेक ऐतिहासिक निर्णय लिए गए हैं और आगामी विधानसभा चुनाव भी धामी के नेतृत्व में लड़ा जाएगा।

    रावत ने कार्यकर्ताओं से घर-घर जाकर केंद्र एवं राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं और उपलब्धियों की जानकारी जनता तक पहुंचाने तथा बूथ स्तर पर संगठन को और अधिक मजबूत बनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि भाजपा की सबसे बड़ी ताकत उसका कार्यकर्ता है। संगठन कार्यकर्ताओं के परिश्रम और समर्पण से खड़ा होता है और भाजपा में पद से बड़ा कार्यकर्ता होता है। उन्होंने प्रत्येक कार्यकर्ता से आगामी विधानसभा चुनाव में पूरी निष्ठा और एकजुटता के साथ जुटने का आह्वान किया।

    इस अवसर पर राज्यसभा सांसद एवं भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट, माननीय कैबिनेट मंत्री खजान दास,सांसद नरेश बंसल, प्रदेश महामंत्री तरुण बंसल, दीप्ति रावत भारद्वाज समेत कई पदाधिकारीगण एवं कार्यकर्तागण उपस्थित रहे।

  • नशामुक्त उत्तराखंड के निर्माण में युवाशक्ति की भूमिका अहमः डॉ. धन सिंह रावत

    नशामुक्त उत्तराखंड के निर्माण में युवाशक्ति की भूमिका अहमः डॉ. धन सिंह रावत

    नशामुक्ति अभियान के तहत स्टेट नर्सिंग कॉलेज में छात्र-छात्राओं ने ली नशे से दूर रहने की शपथ

    कैबिनेट मंत्री डॉ. रावत ने युवाओं से स्वयं जागरूक होकर समाज को नशे के दुष्प्रभावों से बचाने की अपील की

    देहरादून । प्रदेश में संचालित 100 दिवसीय नशामुक्ति अभियान के तहत आज देहरादून स्थित स्टेट नर्सिंग कॉलेज में छात्र-छात्राओं ने नशे से दूर रहने की शपथ ली। इस दौरान प्रदेश के कैबिनेट मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने छात्र-छात्राओं को नशे के दुष्प्रभावों से दूर रहने और अपने परिवार, मित्रों एवं समाज को भी नशे के खिलाफ जागरूक करने का संकल्प दिलाया।

    कार्यक्रम के दौरान डॉ. रावत ने कहा कि युवाशक्ति देश और प्रदेश की सबसे बड़ी ताकत है और एक स्वस्थ, जागरूक और नशामुक्त समाज के निर्माण में युवाओं की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि नशा केवल व्यक्ति के स्वास्थ्य को ही प्रभावित नहीं करता, बल्कि उसके परिवार और पूरे समाज को भी गंभीर रूप से प्रभावित करता है। इसलिए नशे के खिलाफ लड़ना समाज के प्रत्येक व्यक्ति की सामूहिक जिम्मेदारी है।

    डॉ. रावत ने कहा कि छात्र-छात्राओं को स्वयं नशे से दूर रहने के साथ-साथ अपने आसपास के लोगों को भी इसके दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करना चाहिए। विशेष रूप से स्वास्थ्य एवं नर्सिंग क्षेत्र से जुड़े विद्यार्थी समाज में जनजागरूकता फैलाने और लोगों को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
    उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे नशे के विरुद्ध चल रहे अभियान को जनांदोलन का स्वरूप देने में अपनी सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करें और अपने संकल्प, व्यवहार एवं जागरूकता के माध्यम से समाज को नशामुक्त बनाने में योगदान दें।

    इस दौरान छात्र-छात्राओं ने संकल्प लिया कि वे स्वयं किसी भी प्रकार के नशे से दूर रहेंगे तथा अपने परिवार, मित्रों और समाज को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करते हुए स्वस्थ, सुरक्षित एवं नशामुक्त उत्तराखंड के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाएंगे।

    इस अवसर पर रजिस्ट्रार नर्सिंग काउंसिल मनीषा ध्यानी, प्राचार्य स्टेट नर्सिंग कालेज ममता कपरुवाण सहित अन्य विभागीय अधिकारी, नर्सिंग फैकल्टी व नर्सिंग छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।