Category: उत्तराखंड

  • लाखों की साइबर ठगी का भंडाफोड़, अंतरराज्यीय गिरोह के दो आरोपी गिरफ्तार

    लाखों की साइबर ठगी का भंडाफोड़, अंतरराज्यीय गिरोह के दो आरोपी गिरफ्तार

    शेयर मार्केट-IPO में निवेश पर अधिक मुनाफे का झांसा देकर ठगी

    एक आरोपी के खाते में पहुंचे ₹27.20 लाख

    देहरादून। एसटीएफ ने शेयर मार्केट और IPO में निवेश के नाम पर साइबर ठगी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह के दो सदस्यों को पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना से गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान राकेश कुमार रजक (40) निवासी वेस्ट बरानगर, कोलकाता और सैयद शादाब अली उर्फ करीम भाई (32) निवासी गार्डन रीच, कोलकाता के रूप में हुई है। दोनों को स्थानीय न्यायालय से ट्रांजिट रिमांड लेकर देहरादून लाया गया।

    एसटीएफ के अनुसार, आरोपियों ने खुद को अमेरिका और भारत के शेयर बाजार से जुड़ा बताकर पीड़ितों को शेयर मार्केट और IPO में निवेश पर अधिक मुनाफे का झांसा दिया। देहरादून साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन में दर्ज मामले में 16 अक्टूबर से 18 नवंबर 2025 के बीच विभिन्न बैंक खातों में ₹47.63 लाख जमा कराए गए। वहीं पटेलनगर से एसटीएफ को हस्तांतरित दूसरे मामले में अक्टूबर 2025 में ₹18.54 लाख की रकम जमा कराई गई। दोनों मामलों में कुल ₹66.18 लाख की रकम ठगी गई।

    जांच के दौरान बैंकिंग और तकनीकी साक्ष्यों के विश्लेषण में Bank of Baroda का RAJAK & COMPANY के नाम से संचालित खाता सामने आया। पुलिस के मुताबिक, इस खाते का संबंध आरोपी राकेश कुमार रजक से पाया गया। दोनों मामलों में इस खाते में क्रमशः ₹15 लाख और ₹12.20 लाख, कुल ₹27.20 लाख ट्रांसफर किए गए। इसके बाद रकम RTGS समेत अन्य माध्यमों से दूसरे बैंक खातों में भेजी गई।

    खाते के खिलाफ 19 से ज्यादा साइबर शिकायतें, WhatsApp चैट से खुला राज

    पुलिस जांच में उक्त बैंक खाते के संबंध में NCRP पोर्टल पर 19 से अधिक साइबर शिकायतें दर्ज मिली हैं। राकेश के मोबाइल की जांच में सैयद शादाब अली के साथ हुई WhatsApp चैट भी बरामद हुई। चैट के विश्लेषण में नेट बैंकिंग उपलब्ध कराने और उसके बदले कमीशन लेने से जुड़े महत्वपूर्ण डिजिटल साक्ष्य मिले हैं। एसटीएफ के अनुसार, शादाब खातों की खरीद-फरोख्त में मुख्य आरोपी है।
    मामले में पीड़ित की ₹12 लाख की होल्ड धनराशि की रिकवरी के लिए न्यायालय का आदेश संबंधित बैंक को भेजा जा चुका है। गिरोह में शामिल अन्य लोगों की भूमिका और ठगी की रकम की बरामदगी के लिए जांच जारी है।
    एसटीएफ ने लोगों से अपील की है कि शेयर मार्केट, IPO या ऑनलाइन निवेश में अधिक मुनाफे का लालच देने वाले अनजान लोगों के झांसे में न आएं। साइबर ठगी होने पर तत्काल 1930 पर कॉल करें और cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज कराएं।

  • करोड़ों की साइबर ठगी के मामले में वांछित आरोपी कोलकाता से गिरफ्तार

    करोड़ों की साइबर ठगी के मामले में वांछित आरोपी कोलकाता से गिरफ्तार

    एमडी बनकर WhatsApp पर कंपनी के जनरल मैनेजर से कराया था रकम ट्रांसफर

    मोबाइल-लैपटॉप समेत दस्तावेज बरामद

    देहरादून। एसटीएफ की साइबर क्राइम पुलिस टीम ने ₹3.20 करोड़ की साइबर ठगी के मामले में वांछित आरोपी को कोलकाता से गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान चन्द्र कांत मिश्रा निवासी ग्रीन फील्ड सिटी, महेशतल्ला, कोलकाता के रूप में हुई है। उसके कब्जे से दो मोबाइल फोन, चार सिम कार्ड और HP कंपनी का एक लैपटॉप बरामद किया गया है।

    पुलिस के मुताबिक, साइबर अपराधियों ने कंपनी के उच्चाधिकारी/मैनेजिंग डायरेक्टर बनकर WhatsApp के जरिए कंपनी के जनरल मैनेजर से संपर्क किया। प्रोजेक्ट के एडवांस भुगतान और अन्य जरूरी भुगतानों के नाम पर उसे विश्वास में लेकर अलग-अलग बैंक खातों में रकम ट्रांसफर कराई गई। इसी क्रम में Shyam Trading Company के बैंक खाते में भी धनराशि जमा कराई गई। फर्जी पहचान और डिजिटल माध्यमों का इस्तेमाल कर करीब ₹3.20 करोड़ की ठगी को अंजाम दिया गया।

    मामले की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी एसटीएफ ने साइबर टीम को तकनीकी विश्लेषण और मैनुअल इनपुट के आधार पर आरोपी की तलाश के निर्देश दिए। पुलिस टीम ने लगातार जानकारी जुटाने के बाद कोलकाता पहुंचकर आरोपी को उसके निवास से गिरफ्तार कर लिया।
    लैपटॉप में मिले आधार-पैन की प्रतियां और एडिटेबल दस्तावेज

    प्रारंभिक जांच में आरोपी के लैपटॉप से विभिन्न कंपनियों और संस्थाओं से संबंधित एडिटेबल दस्तावेज, बैंक लोन आवेदन, विभिन्न व्यक्तियों के आधार कार्ड और पैन कार्ड की प्रतियां समेत अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेज मिले हैं। बरामद मोबाइल फोन और लैपटॉप का फॉरेंसिक परीक्षण कराया जा रहा है।

    आरोपी से ठगी में उसकी भूमिका, रकम के लेन-देन और अन्य सहयोगियों के संबंध में पूछताछ की जा रही है। मामले में पूर्व में तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ न्यायालय में आरोप-पत्र दाखिल किया जा चुका है। साइबर अपराध नेटवर्क में शामिल अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।

  • चाइनीज मांझे में फंसी चील का सफल रेस्क्यू

    चाइनीज मांझे में फंसी चील का सफल रेस्क्यू

    देहरादून। गांधी पार्क में दो दिन से चाइनीज मांझे में फंसी एक चील को आजद किया गया। स्थानीय लोगों ने चील के फंसे होने की सूचना डीएफओ वैभव कुमार को दी।

    डीएफओ ने मामले की जानकारी मिलने पर रेस्क्यू की जिम्मेदारी संबंधित टीम को दी।

     

    डीएफओ के निर्देश पर जितेंद्र बिष्ट (क्यूआरटी), वन दरोगा राम भरोसे, एनिमल एक्टिविस्ट वासु खन्ना और नगर निगम की स्ट्रीट लाइट टीम मौके पर पहुंची। नगर निगम की गाड़ी और स्ट्रीट लाइट टीम की मदद से चील को मांझे से सुरक्षित निकाला गया।
    इसके बाद नगर निगम की गाड़ी बुलाकर चाइनीज मांझे में फंसी चील को सुरक्षित निकाला गया।

    रेस्क्यू के बाद चील को उपचार के लिए सुरक्षित स्थान पर रखा गया है। बचाव टीम की तत्परता से घायल पक्षी की जान बचाई जा सकी।

  • पाँच वर्षों की सफलता का संगीतमय उत्सव—विशेष गीत का विमोचन

    पाँच वर्षों की सफलता का संगीतमय उत्सव—विशेष गीत का विमोचन

    गीत-संगीत के माध्यम से विकास यात्रा को जन-जन तक पहुंचाने का प्रयास सराहनीय : मुख्यमंत्री

    देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को मुख्यमंत्री कैम्प कार्यालय में पंचवटी फिल्म्स प्रोडक्शन एवं आदर्श औद्योगिक स्वायत्त सहकारिता (आदर्श संस्था) द्वारा मुख्यमंत्री के पांच वर्षों के कार्यकाल की उपलब्धियों पर आधारित विशेष एल्बम गीत का विमोचन किया। मुख्यमंत्री ने एल्बम से जुड़े निर्माता-निर्देशक, गीतकार, संगीतकार, गायक एवं अन्य कलाकारों के साथ ही आदर्श संस्था के पदाधिकारियों को इस प्रयास के लिए शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड की विकास यात्रा और राज्य में हो रहे सकारात्मक बदलावों को गीत-संगीत के माध्यम से जन-जन तक पहुंचाने का यह प्रयास सराहनीय है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार उत्तराखण्ड के समग्र विकास के लिए निरंतर कार्य कर रही है। रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसर बढ़ाने, पर्यटन को प्रोत्साहित करने, महिलाओं को सशक्त बनाने और युवाओं के लिए नए अवसर सृजित करने की दिशा में विशेष प्रयास किए जा रहे हैं। राज्य की समृद्ध संस्कृति, परंपराओं और देवभूमि की विशिष्ट पहचान के संरक्षण एवं संवर्धन के साथ विकास कार्यों को तेजी से आगे बढ़ाया जा रहा है।

    इस अवसर पर आदर्श संस्था की अध्यक्ष आशा कोठारी ने मुख्यमंत्री को शॉल ओढ़ाकर एवं स्मृति चिह्न भेंट कर उनका स्वागत किया। उन्होंने मुख्यमंत्री के नेतृत्व में राज्य में हुए विकास कार्यों तथा जनहित में लिए गए विभिन्न महत्वपूर्ण निर्णयों की सराहना की। मुख्यमंत्री ने एल्बम के निर्माता उत्तम सिंह भंडारी, गायक विक्रम भंडारी एवं सुश्री शिवानी नेगी, संगीतकार विजयपाल कलूड़ा सहित एल्बम से जुड़े कलाकारों को सम्मानित किया।

    कार्यक्रम की अध्यक्षता आशा कोठारी ने की तथा संचालन संस्था के सचिव हरीश कोठारी ने किया। इस अवसर पर युवा मोर्चा पछवादून के जिलाध्यक्ष विनायक नौटियाल, प्रदीप दुग्गल, विजय असवाल, शोभित उनियाल, गिरीश भट्ट, लक्ष्मी नारायण नवानी, आदित्य नौटियाल, सहदेव सिंह बिष्ट, सपना जवाड़ी सहित अन्य गणमान्य उपस्थित थे।

  • टपकेश्वर महादेव की शोभायात्रा में शामिल हुए मुख्यमंत्री धामी

    टपकेश्वर महादेव की शोभायात्रा में शामिल हुए मुख्यमंत्री धामी

    मुख्यमंत्री ने पूजा-अर्चना कर प्रदेश की सुख-समृद्धि एवं खुशहाली की कामना की

    देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को सहारनपुर चौक, देहरादून में टपकेश्वर महादेव की भव्य शोभायात्रा में प्रतिभाग किया। मुख्यमंत्री ने टपकेश्वर महादेव मंदिर के महंत श्री कृष्णा गिरी महाराज , महंत दिगम्बर भरत गिरी महाराज एवं टपकेश्वर सेवा दल के अध्यक्ष मनोज कुमार गुप्ता के साथ विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर शोभायात्रा का शुभारंभ किया।

    मुख्यमंत्री ने भगवान टपकेश्वर महादेव से प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि, शांति एवं खुशहाली की कामना की। उन्होंने कहा कि देवभूमि उत्तराखण्ड की समृद्ध धार्मिक एवं सांस्कृतिक परंपराएं हमारी अमूल्य धरोहर हैं। इस प्रकार के धार्मिक आयोजन समाज में आस्था, एकता और आपसी सद्भाव को सुदृढ़ करने के साथ ही नई पीढ़ी को अपनी संस्कृति एवं परंपराओं से जोड़ने का कार्य करते हैं।

    मुख्यमंत्री ने शोभायात्रा के आयोजन से जुड़े सभी संत-महात्माओं, आयोजन समिति के सदस्यों एवं श्रद्धालुओं को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि भगवान टपकेश्वर महादेव की कृपा समस्त प्रदेशवासियों पर बनी रहे और उत्तराखण्ड निरंतर प्रगति एवं समृद्धि के पथ पर आगे बढ़ता रहे।
    शोभायात्रा के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भगवान टपकेश्वर महादेव के दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त किया।

  • पवित्र छड़ी यात्रा के लिए सीएम धामी को संतों ने दिया न्यौता

    पवित्र छड़ी यात्रा के लिए सीएम धामी को संतों ने दिया न्यौता

    देहरादून।।मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मुख्यमंत्री आवास में अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष एवं मनसा देवी मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत रवींद्र पुरी जी महाराज के नेतृत्व में साधु-संतों के प्रतिनिधिमंडल ने शिष्टाचार भेंट की।

    प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री धामी को बागेश्वर से प्रारंभ होने वाली पवित्र छड़ी यात्रा के लिए आमंत्रित किया। इस दौरान यात्रा के धार्मिक एवं सांस्कृतिक महत्व पर भी चर्चा हुई।

    पवित्र छड़ी यात्रा सनातन परंपरा और उत्तराखंड की समृद्ध धार्मिक-सांस्कृतिक विरासत से जुड़ी महत्वपूर्ण यात्रा है। यात्रा के माध्यम से प्रदेश के विभिन्न पौराणिक तीर्थस्थलों एवं सिद्ध पीठों का भ्रमण किया जाता है। यह यात्रा साधु-संत समाज को जोड़ने के साथ ही प्रदेश में धार्मिक एवं आध्यात्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

    मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने संत समाज का स्वागत करते हुए यात्रा के सफल आयोजन के लिए शुभकामनाएं दीं।

  • खाद्य प्रतिष्ठानों में छापेमारी, जांच के लिए नमूने लिए

    खाद्य प्रतिष्ठानों में छापेमारी, जांच के लिए नमूने लिए

    मुख्यमंत्री के निर्देशों के अनुपालन में जिला प्रशासन का एक्शन जारी

    देहरादून। मिलावटी एवं दूषित खाद्य सामग्री के विरुद्ध जिला प्रशासन एवं खाद्य सुरक्षा विभाग की कार्रवाई लगातार जारी है। जिलाधिकारी डॉ0 आशीष चौहान के निर्देश पर मंगलवार को जनपद के विभिन्न क्षेत्रों में संयुक्त टीमों द्वारा खाद्य प्रतिष्ठानों एवं डेयरी/मिष्ठान दुकानों का सघन निरीक्षण किया गया।
    अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) के0के0 मिश्रा एवं उप जिलाधिकारी सदर अपूर्वा सिंह के नेतृत्व में नगर निगम क्षेत्र देहरादून के चकराता रोड एवं घंटाघर क्षेत्र में विभिन्न खाद्य प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया गया। इस दौरान बीकानेरवाला से मावा, रबड़ी एवं केसर पेड़ा, मक्खन, हल्दीराम से सफेद रसगुल्ला, स्वीट लस्सी एवं प्लेन बर्फी तथा कुमार स्वीट शॉप से काजू बर्फी एवं कलाकन्द सहित कुल 09 नमूने जांच हेतु लिए गए।

    इसी प्रकार उप जिलाधिकारी विकासनगर विनोद कुमार के नेतृत्व में विकासनगर क्षेत्र में विभिन्न डेयरी एवं मिठाई की दुकानों का निरीक्षण किया गया। टीम द्वारा संदेह के आधार पर डेयरी से खुला पनीर एवं मावा के 02-02 नमूने, बेसन बर्फी एवं मिल्क केक के 02-02 नमूने तथा कलाकन्द के 02 नमूने, कुल 09 नमूने जांच के लिए लिए गए।

    मसूरी क्षेत्र में वरिष्ठ खाद्य सुरक्षा अधिकारी कपिल देव के नेतृत्व में की गई कार्रवाई के दौरान चाय, बेसन खुला एवं पनीर सहित 03 नमूने लिए गए। इस प्रकार जनपद में आज की कार्रवाई के दौरान कुल 21 खाद्य नमूने जांच हेतु संकलित किए गए हैं।
    कार्रवाई के दौरान विकासनगर क्षेत्र में एक दुकान पर लगभग 03 किलोग्राम बासी एवं अत्यधिक कलरयुक्त लड्डू पाए गए, जिन्हें मौके पर ही नष्ट कराया गया।

    संयुक्त टीम में सहायक आयुक्त खाद्य सुरक्षा मनीष सयाना, वरिष्ठ खाद्य सुरक्षा अधिकारी रमेश सिंह, तहसीलदार विकासनगर विवेक रजौरी, वरिष्ठ खाद्य सुरक्षा अधिकारी विकासनगर संजय तिवारी, वरिष्ठ खाद्य सुरक्षा अधिकारी ऋषिकेश संतोष कुमार सिंह तथा वरिष्ठ खाद्य सुरक्षा अधिकारी मसूरी कपिल देव सहित संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी शामिल रहे।

    जिला प्रशासन द्वारा खाद्य कारोबारियों को स्पष्ट हिदायत दी गई कि खाद्य प्रतिष्ठानों में स्वच्छता एवं खाद्य सुरक्षा मानकों का विशेष ध्यान रखते हुए खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के प्रावधानों का अनिवार्य रूप से पालन सुनिश्चित करें। मानकों का उल्लंघन पाए जाने पर नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी।

    जिलाधिकारी डॉ आशीष चौहान ने कहा कि जनपद में आमजन को सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री उपलब्ध कराना जिला प्रशासन की प्राथमिकता है। खाद्य पदार्थों में मिलावट अथवा गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा तथा अभियान आगे भी निरंतर जारी रहेगा।

  • रुद्रपुर-पिथौरागढ़ मेडिकल कॉलेजों के शैक्षणिक सत्र पर मंथन

    रुद्रपुर-पिथौरागढ़ मेडिकल कॉलेजों के शैक्षणिक सत्र पर मंथन

    देहरादून। चिकित्सा स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री, सुबोध उनियाल, की अध्यक्षता में आज रुद्रपुर एवं पिथौरागढ़ राजकीय मेडिकल कॉलेजों में शैक्षणिक सत्र 2026-27 से शिक्षण कार्य प्रारंभ किए जाने की तैयारियों की समीक्षा की गई। समीक्षा बैठक में सचिव, चिकित्सा स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा तथा विभागीय निदेशक (चिकित्सा शिक्षा) उपस्थित रहे।

    समीक्षा के दौरान दोनों मेडिकल कॉलेजों में फैकल्टी/संकाय सदस्यों की मानकों के अनुरूप व्यवस्था सुनिश्चित करने तथा प्रयोगशाला उपकरण एवं फर्नीचर की आपूर्ति समयबद्ध रूप से पूर्ण करने के निर्देश दिए गए।

    प्रशासनिक भवन, प्रयोगशाला भवन एवं एकेडमिक भवन को सुसज्जित एवं आवश्यक सुविधाओं से युक्त किए जाने के संबंध में निर्माण एजेंसी उत्तराखण्ड पेयजल संसाधन विकास एवं निर्माण निगम को निर्माण कार्य शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए गए। साथ ही, राष्ट्रीय आयुर्विज्ञान आयोग (NMC) के आगामी निरीक्षण को देखते हुए सभी आवश्यक कार्यों एवं व्यवस्थाओं को प्राथमिकता के आधार पर पूर्ण करने पर जोर दिया गया।

    बैठक में स्पष्ट निर्देश दिए गए कि निर्माण एवं आपूर्ति से संबंधित कार्यों में किसी भी स्तर पर विलंब नहीं होना चाहिए। निर्माण एजेंसी के स्तर पर लंबित कार्यों की नियमित निगरानी करते हुए निर्धारित समयसीमा में कार्य पूर्ण कराया जाए, ताकि मेडिकल कॉलेजों के संचालन में किसी प्रकार की बाधा न आए।

    समीक्षा के दौरान विभागाध्यक्ष/निदेशक (चिकित्सा शिक्षा) को दोनों मेडिकल कॉलेजों की निर्माण इकाइयों एवं संबंधित प्राचार्यों के साथ समन्वय स्थापित कर निर्माण एवं आपूर्ति कार्यों को शीर्ष प्राथमिकता के आधार पर पूर्ण कराने के निर्देश दिए गए।

    उल्लेखनीय है कि रुद्रपुर एवं पिथौरागढ़ मेडिकल कॉलेजों में शैक्षणिक सत्र 2026-27 से शिक्षण कार्य प्रारंभ किए जाने की तैयारी है। दोनों परिसरों में प्रति मेडिकल कॉलेज 100-100 विद्यार्थियों के प्रवेश की व्यवस्था प्रस्तावित है। सरकार का लक्ष्य है कि सभी आवश्यक शैक्षणिक, प्रशासनिक एवं चिकित्सकीय सुविधाएं समयबद्ध रूप से पूर्ण कर विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा शिक्षा का बेहतर वातावरण उपलब्ध कराया जाए।

  • मातृशक्ति का विश्वास ही मेरी ताकत: धामी

    मातृशक्ति का विश्वास ही मेरी ताकत: धामी

    रक्षा बंधन पर महिलाओं के लिए रोडवेज बसों में मुफ्त यात्रा की सौगात

    देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रक्षाबंधन के अवसर पर देहरादून में आयोजित दो कार्यक्रमों में मातृशक्ति के साथ पर्व मनाया। जीएमएस रोड स्थित चौधरी फार्म और हाथीबड़कला स्थित सर्वे स्टेडियम में महिलाओं ने मुख्यमंत्री को रक्षा सूत्र बांधा और उनके स्वस्थ एवं दीर्घायु जीवन की कामना की।

    धामी ने बहनों के स्नेह और आशीर्वाद के प्रति आभार जताया।
    मुख्यमंत्री ने कहा कि रक्षाबंधन केवल भाई-बहन के प्रेम का पर्व नहीं, बल्कि स्नेह, विश्वास, समर्पण और सुरक्षा के संकल्प का भी पर्व है। नारी सम्मान को भारतीय संस्कृति और संस्कार का आधार बताते हुए उन्होंने कहा कि जिस समाज में महिलाओं का सम्मान होता है, वही समाज वास्तव में समृद्ध और संस्कारित होता है।
    उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की मातृशक्ति ने संघर्ष को अपनी ताकत बनाया है। पहाड़ की महिलाएं परिवार और समाज के साथ प्रदेश के विकास में भी महत्वपूर्ण योगदान दे रही हैं। आज महिलाएं हर क्षेत्र में आगे बढ़ने के साथ नेतृत्व की भूमिका भी निभा रही हैं।
    महिला सशक्तिकरण पर सरकार का जोर
    धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में महिलाओं के सम्मान, सुरक्षा और आर्थिक सशक्तिकरण के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं। उज्ज्वला योजना, जल जीवन मिशन, प्रधानमंत्री आवास योजना और लखपति दीदी अभियान का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि इन योजनाओं से महिलाओं के जीवन में सकारात्मक बदलाव आया है।
    उन्होंने बताया कि प्रदेश में करीब पांच लाख महिलाएं 70 हजार से अधिक स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी हैं। सात हजार से अधिक ग्राम संगठन और 500 से अधिक क्लस्टर संगठन महिलाओं की सामूहिक शक्ति और नेतृत्व को मजबूत कर रहे हैं।

    प्रदेश में तीन लाख से अधिक महिलाएं लखपति दीदी बन चुकी हैं।
    मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकारी सेवाओं में महिलाओं के लिए 30 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण लागू किया गया है। समान नागरिक संहिता के माध्यम से भी महिलाओं के अधिकारों की रक्षा और समान न्याय सुनिश्चित करने की दिशा में कदम उठाया गया है।
    34 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी
    मुख्यमंत्री ने कहा कि मां के लिए सबसे बड़ी खुशी तब होती है, जब उसका बेटा या बेटी पढ़-लिखकर रोजगार हासिल कर अपने पैरों पर खड़ा हो। सरकार ने पांच वर्ष के कार्यकाल में 34 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी दी है। भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता के लिए नकल विरोधी कानून सहित कई कड़े कदम उठाए गए हैं।
    धामी ने कहा, “आज मैं मुख्यमंत्री के रूप में नहीं, बल्कि एक भाई के रूप में अपनी बहनों के बीच आया हूं।” उन्होंने कहा कि प्रदेश की किसी भी बहन या बेटी को परेशानी हो तो वह अपनी बात मुख्यमंत्री कार्यालय तक पहुंचा सकती है। सरकार समस्या के समाधान के लिए हरसंभव प्रयास करेगी।

    28 और 29 अगस्त को मुफ्त रोडवेज यात्रा

    मुख्यमंत्री ने रक्षाबंधन पर महिलाओं को विशेष सौगात देते हुए घोषणा की कि 28 और 29 अगस्त को उत्तराखंड रोडवेज की बसों में महिलाओं को निःशुल्क यात्रा की सुविधा मिलेगी। इससे महिलाएं रक्षाबंधन पर अपने मायके और परिवारजनों से मिलने के लिए आसानी से यात्रा कर सकेंगी।
    आयोजित कार्यक्रम में जोगिंदर सिंह पुंडीर, विनय कुमार रोहिला समेत अन्य जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में महिलाएं मौजूद रहीं। सर्वे स्टेडियम में कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी, राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष विजया राहटकर समेत अन्य जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में मातृशक्ति उपस्थित रही।

  • अंतरिक्ष तकनीक उत्तराखंड के सतत भविष्य की कुंजी – डॉ. प्रमोद कुमार

    अंतरिक्ष तकनीक उत्तराखंड के सतत भविष्य की कुंजी – डॉ. प्रमोद कुमार

    राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस – यूसैक में भारत की अंतरिक्ष उपलब्धियों पर चर्चा

    देहरादून।  उत्तराखंड अंतरिक्ष उपयोग केंद्र (यूसैक) में राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस मनाया गया। कार्यक्रम में भारत की अंतरिक्ष यात्रा, चंद्रयान-3 की सफलता और अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी के बढ़ते उपयोग पर चर्चा हुई। विद्यार्थियों और युवाओं को अंतरिक्ष विज्ञान के प्रति जागरूक करने पर भी जोर दिया गया।
    कार्यक्रम के मुख्य वक्ता भारतीय सुदूर संवेदन संस्थान (आईआईआरएस) के वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं पूर्व डीन डॉ. प्रमोद कुमार ने प्रस्तुतीकरण के माध्यम से भारत की अंतरिक्ष यात्रा और चंद्रयान-3 की ऐतिहासिक सफलता की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि चंद्रयान-3 की सफल सॉफ्ट लैंडिंग ने दुनिया के सामने भारत की वैज्ञानिक क्षमता और तकनीकी दक्षता को प्रदर्शित किया है।
    उन्होंने कहा कि अंतरिक्ष कार्यक्रम अब केवल वैज्ञानिक उपलब्धियों तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका सीधा लाभ आमजन और विकास कार्यों को मिल रहा है। रिमोट सेंसिंग, जीआईएस, मौसम पूर्वानुमान, संचार, नेविगेशन, कृषि, जल संसाधन, वन संरक्षण, शहरी नियोजन और आपदा प्रबंधन में अंतरिक्ष तकनीक की महत्वपूर्ण भूमिका है। विकसित भारत के संकल्प को साकार करने में भी अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
    आपदा प्रबंधन में उपयोगी अंतरिक्ष तकनीक
    यूसैक के निदेशक प्रो. दुर्गेश पंत ने कहा कि उत्तराखंड की भौगोलिक और पर्यावरणीय परिस्थितियों को देखते हुए रिमोट सेंसिंग, जीआईएस, ड्रोन और उपग्रह आधारित तकनीकों का उपयोग किया जा रहा है। हिमालयी क्षेत्रों में भूस्खलन, वनाग्नि, बाढ़, जल संसाधन, भूमि उपयोग और पर्यावरणीय बदलावों की निगरानी में इन तकनीकों की उपयोगिता लगातार बढ़ रही है।
    उन्होंने कहा कि उत्तराखंड जैसे हिमालयी राज्य में अंतरिक्ष तकनीक आपदा जोखिम कम करने, प्राकृतिक संसाधनों के बेहतर प्रबंधन और विकास की गति बढ़ाने का प्रभावी माध्यम है। यूसैक द्वारा सेमिनार, कार्यशालाओं और प्रशिक्षण कार्यक्रमों के माध्यम से विद्यार्थियों, शोधार्थियों तथा विभिन्न विभागों के अधिकारियों और कर्मचारियों को अंतरिक्ष एवं भू-स्थानिक तकनीकों के उपयोग की जानकारी दी जा रही है।
    प्रो. पंत ने कहा कि यूसैक का उद्देश्य राज्य की भौगोलिक एवं प्राकृतिक परिस्थितियों के अनुरूप अंतरिक्ष विज्ञान और भू-स्थानिक तकनीकों का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित करना है, ताकि वैज्ञानिक सूचनाओं को नीति निर्माण और जनहित के कार्यों तक पहुंचाया जा सके।

    कार्यक्रम का संचालन वैज्ञानिक डॉ. सुषमा गैरोला ने किया। इस अवसर पर प्रो. रीमा पंत, डॉ. आशा थपलियाल, डॉ. गजेंद्र सिंह, पुष्कर कुमार, शशांक लिंगवाल, डॉ. दिव्या उनियाल, जनसंपर्क अधिकारी सुधाकर भट्ट, देवेश कपरवान सहित शोधार्थी और छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।