Category: उत्तराखंड

  • स्वास्थ्य विभाग में प्रमोशन की बरसात

    स्वास्थ्य विभाग में प्रमोशन की बरसात

    देखें सूची- फार्मेसी अधिकारी बने मुख्य फार्मेसी अधिकारी

    शासन ने जारी किए आदेश

    दो वर्ष की परिवीक्षा अवधि में संभालेंगे नई जिम्मेदारी

    देहरादून। उत्तराखंड शासन ने चिकित्सा स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग के अंतर्गत कार्यरत फार्मेसी अधिकारियों को पदोन्नति देते हुए आठ अधिकारियों को मुख्य फार्मेसी अधिकारी (चीफ फार्मासिस्ट) के पद पर नियुक्त करने के आदेश जारी किए हैं। पदोन्नति संबंधी आदेश चिकित्सा स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा अनुभाग-2 की ओर से जारी किया गया।
    आदेश के अनुसार विभागीय चयन समिति की संस्तुति और राज्यपाल की स्वीकृति के बाद फार्मेसी अधिकारी (फार्मासिस्ट) पद पर कार्यरत लाल बहादुर नेगी, गोविन्द प्रसाद, ललित प्रसाद , एस.के. चौधरी, उत्तम सिंह बिष्ट, देवेन्द्र प्रसाद पुरोहित, आनन्द राम तथा राजेन्द्र सिंह को मुख्य फार्मेसी अधिकारी (चीफ फार्मासिस्ट) के रिक्त पदों पर पदोन्नत किया गया है।
    शासन के आदेश में कहा गया है कि सभी पदोन्नत अधिकारियों को कार्यभार ग्रहण करने की तिथि से दो वर्ष की परिवीक्षा अवधि पर रखा जाएगा। साथ ही उनके तैनाती आदेश पृथक से जारी किए जाएंगे।

    स्वास्थ्य विभाग में लंबे समय से लंबित पदोन्नतियों के बीच जारी इस आदेश को फार्मेसी संवर्ग के लिए महत्वपूर्ण निर्णय माना जा रहा है। इससे विभाग में रिक्त पड़े वरिष्ठ पदों पर नियुक्तियां होने के साथ प्रशासनिक और औषधि प्रबंधन व्यवस्था को भी मजबूती मिलने की उम्मीद है।

  • अब तक 19 लाख मतदाताओं को मिला नोटिस, जांच में तेजी

    अब तक 19 लाख मतदाताओं को मिला नोटिस, जांच में तेजी

    मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने लिया राजनैतिक दलों से SIR पर फीडबैक

    सामान्य विसंगति वाले नोटिसों का बीएलओ स्तर पर करें निस्तारण: सीईओ

    फार्म 6 के 93 हजार आवेदन, फार्म 8 के 40 हजार आवेदन प्राप्त

    देहरादून। मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. बी.वी.आर.सी. पुरुषोत्तम ने बुधवार को मोन्यता प्राप्त राष्ट्रीय राजनैतिक दलों के प्रतिनिधियों से बैठक कर एसआईआर के सम्बंध में विस्तृत चर्चा कर फीडबैक प्राप्त किया। इस अवसर एसआईआर के नोटिस फेज में चल रही सुनवाई के सम्बंध में भी राजनैतिक दलों को विस्तृत प्रस्तुतीकरण के माध्यम से अवगत कराया।

    मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने राजनैतिक दलों से बैठक के दौरान बताया कि एसआईआर के दौरान किसी नागरिक को परेशानी ना हो इसका पूर्ण रुप से ध्यान रखा जा रहा है। उन्होंने बैठक में बताया कि वर्तमान में 24 लाख नोटिसों के सापेक्ष लगभग 19 लाख (77 प्रतिशत) नोटिस बीएलओ के माध्यम से मतदाताओं तक पंहुच चुके हैं। मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि फार्म 6 के 93 हजार से अधिक, फार्म 7 के 1 लाख 39 हजार एवं फार्म 8 के 40 हजार से अधिक आवेदन अबतक प्राप्त हो चुके हैं। बैठक मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि फार्म 7 के लिए ईआरओ/एईआरओ स्तर पर सत्यापन के बाद नियमानुसार कार्यवाही की जा रही है।

    दावे-आपत्तियों की सघन जांच

    मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि दावे एवं आपत्तियों के चरण में एक मतदाता द्वारा अधिकतम 5 मामलों में दावे एवं आपत्तियां प्रस्तुत की जा सकती हैं। अगर किसी क्षेत्र में इस से इतर मामले आते हैं तो इसके लिए नियत प्रावधानों के अनुसार ईआरओ स्वंय अपने स्तर विधिवत जांच एवं सत्यापन की कार्रवाही करेंगे। इसके अतरिक्त राजनैतिक दलों के बूथ लेवल एजेंट्स एक दिन में अधिकतम 10 फार्म प्रस्तुत कर सकते हैं तथा पुनरीक्षण की अवधि में 30 फार्म प्रस्तुत करने पर ईआरओ द्वारा स्वंय अपने स्तर विधिवत जांच एवं सत्यापन की कार्रवाही की जाएगी। मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. बी.वी.आर. सी. पुरुषोत्तम बताया कि सभी जनपदों को निर्देश दिए गए हैं सामान्य विसंगति वाले नोटिसों का बीएलओ दस्तावेज लेकर सत्यापित करते हुए अपने स्तर पर निस्तारण करें ताकि नागरिकों को अनावश्यक परेशान न होना पड़े। उन्होंने कहा कि जिन मतदाताओं की मैपिंग नहीं हो पाई है उनपर विशेष फोकस करते हुए ईआरओ/एईआरओ स्तर पर सुनवाई कर नियमानुसार कार्यवाही करें।

    `बैठक में भारतीय जनता पार्टी से राजकुमार पुरोहित, कांग्रेस से सूर्यकांत धस्माना, अमेंद्र बिष्ट, बीएसपी से सतेंद्र चोपड़ा, जसपाल, सीपीआई (एम) अनंत आकाश उपस्थित रहे।

  • सहकारिता में हरियाणा व उत्तराखंड मिलकर करेंगे कामः डाॅ. धन सिंह रावत

    सहकारिता में हरियाणा व उत्तराखंड मिलकर करेंगे कामः डाॅ. धन सिंह रावत

    सहकारी बैंकिंग में हरियाणा के नवाचारों को अपनायेगा उत्तराखंड

    डाॅ. रावत ने ऋण मुक्त ब्याज योजना की साझा की सफलता

    चंडीगढ़/देहरादून । सूबे के सहकारिता मंत्री डाॅ. धन सिंह रावत ने अपने चण्डीगढ़ प्रवास के दौरान आज चण्डीगढ़ में हरियाणा स्टेट को-ऑपरेटिव एपेक्स बैंक लिमिटेड के मुख्यालय का भ्रमण किया। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों के साथ बैठक कर बैंक की कार्यप्रणाली, डिजिटल सेवाओं तथा किसानों, महिलाओं व युवाओं के आर्थिक सशक्तिकरण से संबंधित योजनाओं के बारे में जानकारी ली।

    सूबे के सहकारिता मंत्री डाॅ. धन सिंह रावत ने मीडिया को जारी बयान में बताया कि अपने एक दिवसीय चण्डीगढ़ भ्रमण के दौरान उन्होंने आज हरियाणा स्टेट को-ऑपरेटिव एपेक्स बैंक लिमिटेड के मुख्यालय का दौरा किया। उन्होंने बताया कि सहकारिता के क्षेत्र में हरियाणा ने बेहतर काम किया है, खासकर बैंकिंग क्षेत्र में किये जा रहे नवाचारों, पारदर्शी कार्यप्रणाली और जनहितकारी योजनाएं अन्य राज्यों के लिये भी अनुकरणीय है। डाॅ. रावत ने कहा कि सहकारिता क्षेत्र में दोनों राज्यों के बीच अनुभवों और उत्कृष्ट कार्यप्रणालियों का आदान-प्रदान किया जायेगा, जिससे दोनों राज्यों में सहकारिता आंदोलन नई दिशा दी जा सकेगी।

    डाॅ. रावत ने इस दौरान राज्य सरकार द्वारा संचालित दीनदयाल उपाध्याय अल्पकालीन एवं मध्यकालीन ऋण वितरण योजना की जानकारी साझा करते हुये बताया कि इस योजना के तहत किसानों को ब्याज मुक्त ऋण उपलब्ध कराया जा रहा है। जिसका लाभ प्रदेश का किसान उठा रहा है। इस योजना से किसानों की आर्थिकी भी सुदृढ़ हुई है। डाॅ. रावत ने बताया कि ब्याज मुक्त ऋण योजना सहकारिता आधारित कृषि क्षेत्र में प्रभावी परिणाम दे रही है। इस अवसर पर डाॅ. रावत ने हरियाणा स्टेट को-ऑपरेटिव बैंक के नवनियुक्त अध्यक्ष भारत भूषण जुयाल को बधाई दी। उन्होंने उम्मीद जताई कि नवनियुक्ति अध्यक्ष के नेतृत्व में स्टेट को-आॅपरेटिव बैंक नई ऊंचाई हासिल करंेगा।

    इस अवसर पर हरियाणा स्टेट को-ऑपरेटिव बैंक के अध्यक्ष भारत भूषण जुयाल ने सहकारिता मंत्री डॉ. धन सिंह रावत का जोर शोर से स्वागत किया। उन्होंने कहा कि डाॅ. रावत के नेतृत्व में उत्तराखंड ने सहकारिता क्षेत्र में कई उपलब्धियां हासिल की है। उन्होंने कहा कि नवाचार, पारदर्शिता और किसान हितैषी योजनाओं के जरिये सहकारिता आंदोलन को आम लोगों के बीच पहुंचाया। उन्होंने शून्य प्रतिशत ब्याज ऋण योजना, सहकारी संस्थाओं के आधुनिकीकरण तथा डिजिटल पहल की सराहना करते हुए कहा कि इन प्रयासों की चर्चा हरियाणा सहित अन्य राज्यों में भी हो रही है। इस दौरान बैंक अधिकारियों ने बैंक की उपलब्धियों, वित्तीय समावेशन, डिजिटल बैंकिंग, किसानों के लिए संचालित योजनाओं तथा सहकारी बैंकिंग को अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में किए जा रहे हरियाणा सरकार के प्रयासों की पाॅवर प्वाइंट प्रस्तुतिकरण दिया।

    इस अवसर पर हरियाणा स्टेट को-ऑपरेटिव बैंक के प्रबंध निदेशक डॉ. प्रफुल्ल रंजन, महाप्रबंधक उर्वशी गुप्ता, उप महाप्रबंधक सुधा शर्मा तथा प्रबंधक जसपाल पंवार सहित अन्य बैंक अधिकारी उपस्थित रहे।

  • शिवभक्त कांवड़ियों के चरण धोकर सीएम ने किया अभिनन्दन

    शिवभक्त कांवड़ियों के चरण धोकर सीएम ने किया अभिनन्दन

    स्वास्थ्य सेवा शिविर शुरू

    श्रद्धालुओं को अपने हाथों से परोसा भोजन

    पुलिसकर्मियों व पर्यावरण मित्रों को किया सम्मानित

    हरिद्वार। धर्मनगरी हरिद्वार में कांवड़ यात्रा के दौरान मंगलवार को आस्था, सेवा और संस्कृति का अद्भुत संगम देखने को मिला। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में देवभूमि उत्तराखंड ने देश के विभिन्न राज्यों से आए शिवभक्त कांवड़ियों का आत्मीय स्वागत और अभिनंदन किया। राज्य सरकार की ओर से आयोजित इस विशेष कार्यक्रम में श्रद्धालुओं के सम्मान के साथ-साथ कांवड़ यात्रा के सुरक्षित, सुव्यवस्थित और सफल संचालन के लिए किए जा रहे प्रयासों का भी संदेश दिया गया।

    मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के हरिद्वार आगमन पर हरकीपैड़ी से लेकर कांवड़ यात्रा मार्ग पर हेलीकॉप्टर से शिवभक्तों पर पुष्पवर्षा कर उनका स्वागत किया गया। अलकनंदा होटल परिसर में आयोजित भव्य समारोह में मुख्यमंत्री ने पाँच शिवभक्त कांवड़ियों का चरण प्रक्षालन कर उनका सम्मान किया।

    इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कांवड़ यात्रियों की स्वास्थ्य सहायता एवं सुविधाओं के लिए स्थापित मुख्यमंत्री स्वास्थ्य सेवा शिविर का उद्घाटन किया। उन्होंने शिविर में उपलब्ध चिकित्सकीय सुविधाओं का अवलोकन किया और श्रद्धालुओं को त्वरित उपचार, आवश्यक दवाइयां तथा अन्य स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने की व्यवस्थाओं की जानकारी ली।

    मुख्यमंत्री ने देश के विभिन्न राज्यों से आए शिवभक्त कांवड़ियों के बीच पहुंचकर उनका स्वागत किया और अपने हाथों से भोजन परोसा।

    काँवड़ यात्रियों के अभिनदंन कार्यक्रम के अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड सरकार का संकल्प है कि देवभूमि आने वाले प्रत्येक शिवभक्त को सुरक्षित, सुगम और सम्मानजनक वातावरण मिले। कांवड़ यात्रा केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि भारत की सनातन परंपरा, सामाजिक समरसता और आध्यात्मिक चेतना का विराट पर्व है। इसके सफल आयोजन के लिए राज्य सरकार सभी संबंधित विभागों के समन्वय से निरंतर कार्य कर रही है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले पाँच वर्षों से उन्हें कांवड़ यात्रा के दौरान शिवभक्तों के बीच आने और उनकी सेवा करने का अवसर प्राप्त हो रहा है। उन्होंने कहा कि भगवान शिव का नाम करोड़ों श्रद्धालुओं के लिए आस्था, ऊर्जा और विश्वास का आधार है। कठिन परिस्थितियों में भी शिवभक्त सैकड़ों किलोमीटर की यात्रा पूरी करते हैं और “बम-बम भोले” के जयघोष के साथ अपनी श्रद्धा व्यक्त करते हैं। कांवड़ यात्रा अनुशासन, सेवा, समर्पण और सामाजिक एकता का भी प्रतीक है।

    मुख्यमंत्री ने बताया कि इस वर्ष अब तक एक करोड़ से अधिक शिवभक्त गंगाजल लेकर सफलतापूर्वक अपने गंतव्य की ओर प्रस्थान कर चुके हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश की सांस्कृतिक विरासत और आध्यात्मिक स्थलों के संरक्षण एवं विकास का व्यापक कार्य हो रहा है। काशी विश्वनाथ धाम, महाकाल लोक, श्रीराम जन्मभूमि, केदारनाथ धाम के पुनर्निर्माण और बद्रीनाथ मास्टर प्लान जैसी परियोजनाएं भारतीय संस्कृति को वैश्विक स्तर पर नई पहचान प्रदान कर रही हैं।

    उन्होंने केदारनाथ आपदा का उल्लेख करते हुए कहा कि वर्ष 2013 की आपदा के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में केदारनाथ धाम का पुनर्निर्माण कर इसे भव्य और दिव्य स्वरूप दिया गया है। वहां आस्था पथ, सरस्वती घाट, आदि शंकराचार्य की प्रतिमा, तीर्थ पुरोहित आवास सहित अनेक सुविधाओं का विकास किया गया है। उन्होंने कहा कि हरिद्वार में प्रस्तावित गंगा कॉरिडोर और शारदा कॉरिडोर जैसी योजनाएं राज्य के विकास और धार्मिक पर्यटन को नई दिशा प्रदान करेंगी।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि कांवड़ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसके लिए यात्रा मार्गों पर सीसीटीवी कैमरे, ड्रोन निगरानी, एंबुलेंस सेवाएं, स्वास्थ्य शिविर और आपातकालीन सहायता व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई हैं। उन्होंने शिवभक्तों से यात्रा के दौरान अनुशासन, मर्यादा और धार्मिक परंपराओं का पालन करने की अपील की।

    उन्होंने पुलिस, प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग, पर्यावरण मित्रों, स्वच्छता कर्मियों, स्वयंसेवी संस्थाओं और अन्य सेवा कार्यों में जुटे कर्मयोगियों के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि सभी का सामूहिक सहयोग ही इस विशाल आयोजन को सफल बनाता है।
    मुख्यमंत्री ने कांवड़ यात्रा के सफल संचालन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले पाँच पुलिसकर्मियों तथा पाँच पर्यावरण मित्रों को सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि यह सम्मान केवल कुछ व्यक्तियों का नहीं, बल्कि उन सभी कर्मयोगियों के प्रति राज्य की कृतज्ञता का प्रतीक है, जो यात्रा के दौरान सुरक्षा, स्वच्छता, स्वास्थ्य सेवाओं और अन्य व्यवस्थाओं को सुचारु बनाए रखने में दिन-रात जुटे हुए हैं।

    इस अवसर पर महामण्डलेश्वर ललितानंद गिरी महाराज, कैबिनेट मंत्री मदन कौशिक, प्रदीप बत्रा एवं राम सिंह कैड़ा, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती किरण चौधरी, विधायक रानीपुर आदेश चौहान, मेयर श्रीमती किरण जैसल, रुड़की की मेयर श्रीमती अनिता अग्रवाल, पूर्व कैबिनेट मंत्री स्वामी यतीश्वरानंद, भाजपा जिलाध्यक्ष आशुतोष शर्मा, पूर्व विधायक संजय गुप्ता, राज्य मंत्री देशराज कर्णवाल, दिनेश कौशिक, डॉ. जयपाल सिंह चौहान, श्यामवीर सैनी, शोभाराम प्रजापति, नितिन गौतम, शिवालिक नगर पालिका अध्यक्ष राजीव शर्मा, गंगा सभा के महामंत्री तन्मय वशिष्ठ, भाजपा युवा मोर्चा के प्रदेश उपाध्यक्ष विक्रम भुल्लर, पूर्व मेयर मनोज गर्ग, गढ़वाल आयुक्त आनंद स्वरूप, मेलाधिकारी सोनिका, आईजी गढ़वाल राजीव स्वरूप, आईजी (कुंभ मेला) योगेन्द्र सिंह रावत, जिलाधिकारी मयूर दीक्षित, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नवनीत सिंह भुल्लर, एसएसपी (कुंभ मेला) आयुष अग्रवाल, नगर आयुक्त नंदन कुमार, मुख्य विकास अधिकारी डॉ. ललित नारायण मिश्र, पुलिस अधीक्षक (यातायात) निशा यादव, अपर जिलाधिकारी जितेंद्र कुमार, पुलिस अधीक्षक नगर अभय प्रताप सिंह, सचिव एचआरडीए प्रत्यूष सिंह तथा उपजिलाधिकारी योगेश मेहरा, उप मेलाधिकारी मनजीत सिंह, सहित अन्य जनप्रतिनिधि, संत-महात्मा, गणमान्य नागरिक एवं बड़ी संख्या में शिवभक्त कांवड़िए उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन अपर  मेलाधिकारी दयानंद सरस्वती ने किया।

  • बिना रुके, बिना थके—जनता से किए हर वादे को निभा रही सरकार : सीएम

    बिना रुके, बिना थके—जनता से किए हर वादे को निभा रही सरकार : सीएम

    ‘कुछ लोग झूठ और अफवाहें फैलाकर कर रहे गुमराह’

    मसूरी विधानसभा में विभिन्न विकास योजनाओं का लोकार्पण व शिलान्यास

    देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को मसूरी विधानसभा क्षेत्र के पुरुकुल में 17 करोड़ 80 लाख रुपयों की विभिन्न विकास परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया। इसमें पूर्व जिला पंचायत उपाध्यक्ष स्वर्गीय दीपक पुण्डीर की स्मृति में नवनिर्मित सामुदायिक भवन का लोकार्पण भी शामिल है।

    इस अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि ये सभी परियोजनाएँ मसूरी विधानसभा के विकास को नई गति देने वाली साबित होंगी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में उत्तराखंड विकास के स्वर्णिम युग की ओर अग्रसर है। आज जहां प्रदेश में करोड़ों रुपये की लागत से शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, पेयजल और आधारभूत संरचना को मजबूत किया जा रहा है। वहीं, प्रदेश को खेल, पर्यटन और एडवेंचर एक्टिविटीज हब के रूप में भी स्थापित किया जा रहा है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि जब भी ‘वेडिंग डेस्टिनेशन’ या पर्यटन की बात आती है, तो पहाड़ों की रानी ‘मसूरी’ का नाम सबसे पहले आता है। मसूरी की प्राकृतिक सुंदरता और शांत वातावरण लोगों को अपनी ओर आकर्षित करता है। मसूरी में आने वाले पयर्टक यहां की अर्थव्यवस्था को भी मजबूत आधार प्रदान करते हैं। इसलिए प्रदेश सरकार भी मसूरी के समग्र विकास के लिए निरंतर कार्य कर रही है। इसी दिशा में पुरकुल में सैन्य धाम का निर्माण किया जा रहा है, साथ ही मसूरी रोपवे के लोअर टर्मिनल तक लगभग 13 किमी मुख्य सड़क का उच्चीकरण किया जा रहा है। इसी तरह जल जीवन मिशन के अंतर्गत गंगोल- पंडितवाड़ी पेयजल योजना के माध्यम से अनेक गांवों तक शुद्ध पेयजल पहुंचाया गया है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि मसूरी विधानसभा क्षेत्र में यातायात व्यवस्था को मजबूत करने के लिए मालदेवता लाल पुल से सिल्ला- मोलधार होते हुए सुआखोली तक के मार्ग का सीआरएफ योजना के अंतर्गत सुदृढ़ीकरण किया जा रहा है। इसी क्रम में सरकार ने ग्राम पंचायत रिखोली के सोलाह गांव में विद्युतीकरण का कार्य पूर्ण कर दिया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि बाढ़ सुरक्षा के लिए सहस्त्रधारा में बाल्दी नदी के दोनों किनारों पर 1.5 किमी और न्यू कैंट रोड क्षेत्र में सुरक्षा कार्य कराए जा रहे हैं।

    मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रदेश सरकार अपने हर वादे को बिना रुके, बिना थके धरातल पर उतारने का प्रयास कर रही है। लेकिन कुछ लोग झूठ और नकारात्मकता की बातें कर रहे हैं। ऐसे लोगों के पास गिनाने के लिए अपनी कोई उपलब्धि नहीं है, तो इसलिए वे अफवाहें फैलाकर लोगों को गुमराह करने का प्रयास कर रहे हैं।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार ने उत्तराखंड के सांस्कृतिक मूल्यों की रक्षा और जनसांख्यिकी बदलाव रोकने के लिए सख्त धर्मांतरण विरोधी कानून लागू किया है। इसी तरह सरकार ने समान नागरिक संहिता लागू करने के साथ ही दंगों के दौरान सार्वजनिक और निजी सम्पत्ति को नुकसान पहुंचाने वाले दंगाइयों से ही नुकसान की भरपाई करने के लिए सख्त कानून बनाकर कानून का राज स्थापित किया है।
    इसी तरह प्रदेश सरकार ने भर्ती परीक्षाओं में सक्रिय नकल माफिया का कुचक्र तोड़ने के लिए सख्त नकल विरोधी कानून लागू किया है, जिसके बाद प्रदेश में 34 हजार से अधिक युवाओं को पारदर्शी तरीके से सरकारी नौकरी मिल चुकी है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार ने स्वरोजगार को बढ़ावा देने के लिए नई स्टार्टअप नीति, ‘एक जनपद दो उत्पाद’, ‘हाउस ऑफ हिमालयाज’, ‘होम स्टे योजना’, ‘वेड इन उत्तराखंड’ और ‘सौर स्वरोजगार योजना’ जैसी पहलें शुरू की हैं। इन योजनाओं के माध्यम से आज हजारों-लाखों युवा अपने ही गाँव और शहर में रोजगारदाता बन रहे हैं। इसके परिणामस्वरूप बेरोजगारी दर में रिकॉर्ड 4.4 प्रतिशत की कमी आई है। इतना ही नहीं, नीति आयोग द्वारा जारी सतत विकास लक्ष्य इंडेक्स में भी उत्तराखंड ने पूरे देश में प्रथम स्थान प्राप्त किया है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार एक ऐसा उत्तराखंड बनाना चाहती है, जहां किसी भी युवा को रोजगार के लिए पलायन ना करना पड़े। साथ ही मातृशक्ति पूरी तरह सशक्त और आत्मनिर्भर हो।

    इस मौके पर कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में प्रदेश लगातार विकास के मार्ग पर आगे बढ रहा है। मसूरी विधानसभा क्षेत्र में भी सड़क, पेयजल, सामुदायिक भवन एवं अन्य आधारभूत सुविधाओं से जुडे कार्य तेजी से सम्पन्न किए जा रहे हैं।

    इस मौके पर दायित्वधारी ज्योति कोटिया, शमशेर सिंह बिष्ट, उपाध्यक्ष एम.डी.डी .ए बंशीधर तिवारी, भाजपा नेता वीर सिंह चौहान, सुनीता विद्यार्थी, नेहा जोशी, सीमा पुंडीर, लक्ष्मण सिंह रावत उपस्थित थे।

  • उत्तराखंड के ‘पूर्ण साक्षर राज्य’ बनने पर केन्द्रीय शिक्षा मंत्री ने दी बधाई

    उत्तराखंड के ‘पूर्ण साक्षर राज्य’ बनने पर केन्द्रीय शिक्षा मंत्री ने दी बधाई

    राज्य ने उल्लास-नव भारत साक्षरता कार्यक्रम के तहत हालिस की उपलब्धि

    देहरादून। उत्तराखण्ड के ‘पूर्ण साक्षर राज्य’ की ऐतिहासिक उपलब्धि पर केन्द्रीय शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी ने राज्य सरकार को बधाई व शुभकामनाएं प्रेषित की हैं। उन्होंने इस ऐतिहासिक उपलब्धि को प्रदेश की सामूहिक प्रतिबद्धता, दूरदर्शी नेतृत्व और शिक्षा के प्रति जनसहभागिता का उत्कृष्ट उदाहरण बताया।

    केन्द्रीय शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी ने प्रदेश के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को प्रेषित बधाई संदेश में कहा कि दुर्गम एवं विषम भौगोलिक परिस्थितियों के बावजूद उत्तराखण्ड ने उल्लास (नव भारत साक्षरता कार्यक्रम) के अंतर्गत निर्धारित समय से पूर्व ‘पूर्ण साक्षर राज्य’ का दर्जा प्राप्त कर पूरे देश के लिए प्रेरणादायी मिसाल कायम की है। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि राज्य सरकार के प्रभावी नेतृत्व, शिक्षा विभाग के अधिकारियों, शिक्षकों, स्वयंसेवकों तथा प्रदेशवासियों के सामूहिक प्रयासों का प्रतिफल है।

    उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड ने वयस्क साक्षरता दर 98 प्रतिशत से अधिक दर्ज कर निर्धारित 95 प्रतिशत के राष्ट्रीय मानक से अधिक बेहतर प्रदर्शन किया है। यह उपलब्धि न केवल राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के उद्देश्यों को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, बल्कि अन्य राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों के लिए भी अनुकरणीय है।

    केन्द्रीय शिक्षा मंत्री ने कहा कि उल्लास (नव भारत साक्षरता कार्यक्रम) वयस्क शिक्षार्थियों को आधारभूत साक्षरता, जीवनोपयोगी कौशल, डिजिटल साक्षरता एवं निरंतर सीखने के अवसर प्रदान कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाने का प्रभावी माध्यम बन रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि उत्तराखण्ड सरकार समग्र शिक्षा अभियान के माध्यम से बालवाटिका से लेकर कक्षा 12 तक गुणवत्तापूर्ण, समावेशी एवं नवाचार आधारित शिक्षा उपलब्ध कराने की दिशा में सराहनीय कार्य कर रही है।

    बयान–
    उत्तराखंड को ‘पूर्ण साक्षर राज्य’ की उपलब्धि पर केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी द्वारा दी गई बधाई हम सभी के लिए प्रेरणादायी है। हमारा लक्ष्य केवल साक्षरता तक सीमित नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, डिजिटल साक्षरता और आजीवन सीखने के अवसर उपलब्ध कराकर उत्तराखण्ड को ज्ञान एवं नवाचार के क्षेत्र में अग्रणी राज्य बनाना है।– डाॅ. धन सिंह रावत, विद्यालयी शिक्षा मंत्री, उत्तराखण्ड।

  • बोर्ड परीक्षार्थियों के डाटा अपडेट की अंतिम तिथि 4 अगस्त तक बढ़ाई गई

    बोर्ड परीक्षार्थियों के डाटा अपडेट की अंतिम तिथि 4 अगस्त तक बढ़ाई गई

    विद्यालयी शिक्षा बोर्ड ने शतप्रतिशत छात्रों का विवरण पोर्टल पर दर्ज करने के दिये निर्देश

    सभी जनपदों के मुख्य शिक्षा अधिकारियों को जारी किये निर्देश

    देहरादून/रामनगर। उत्तराखंड विद्यालयी शिक्षा परिषद ने हाईस्कूल एवं इण्टरमीडिएट बोर्ड परीक्षा वर्ष-2027 के संस्थागत परीक्षार्थियों के डाटा अपडेशन की अंतिम तिथि विस्तरित की है। बोर्ड ने आगामी 4 अगस्त तक सभी विद्यालयों को छात्रों का डाटा पोर्टल पर अनिवार्य रूप से अपलोड करने को कहा है। सचिव विद्यालयी शिक्षा परिषद ने सभी जनपदों के मुख्य शिक्षा अधिकारियों को पत्र जारी कर सभी छात्रों के रिकॉर्ड को निर्धारित समय सीमा के भीतर पोर्टल पर शत-प्रतिशत अपडेट सुनिश्चित करने के निर्देश दिये।

    परिषद के सचिव विनोद कुमार ढौंडियाल ने बताया कि बोर्ड ने 15 जुलाई से 31 जुलाई तक डाटा अपडेशन के लिए पोर्टल खोला था, लेकिन कुछ विद्यालयों द्वारा अभी तक यह कार्य पूर्ण नहीं किया। उन्होंने कहा कि छात्रों के हितों को देखते हुए परिषद ने अंतिम अवसर प्रदान करते हुए डाटा अपडेशन की तिथि का विस्तार किया है, ताकि किसी भी विद्यार्थी को बोर्ड परीक्षा से संबंधित असुविधा का सामना न करना पड़े।

    उन्होंने स्पष्ट किया कि 4 अगस्त के बाद डाटा अपडेशन की तिथि किसी भी स्थिति में आगे नहीं बढ़ाई जाएगी। इसके बाद विद्यार्थियों के विवरण में किसी भी प्रकार की त्रुटि अथवा विसंगति के लिए संबंधित विद्यालय के प्रधानाचार्य पूर्णतः उत्तरदायी होंगे। उन्होंने बताया कि परिषद ने विद्यालयों को नामावली तैयार करने का विकल्प भी 4 अगस्त से उपलब्ध कराने की जानकारी दी है।

    सचिव ने यह भी बताया कि कक्षा 10 एवं 12 के संस्थागत विद्यार्थियों के नवीन पंजीकरण एवं स्थानांतरण के लिए पोर्टल 11 अगस्त से 24 अगस्त 2026 तक खुला रहेगा। वहीं व्यक्तिगत परीक्षार्थियों के नवीन पंजीकरण हेतु पोर्टल 25 अगस्त से 31 अगस्त 2026 तक संचालित किया जाएगा।

    विद्यालयी शिक्षा परिषद ने सभी मुख्य शिक्षा अधिकारियों को पत्र जारी कर अपने-अपने जनपदों में निर्धारित समय सीमा के भीतर डाटा अपडेशन का कार्य पूर्ण करवाने को कहा है ताकि परीक्षा प्रक्रिया सुचारु, त्रुटिरहित एवं समयबद्ध रूप से संपन्न हो सके।

    बयान
    बोर्ड परीक्षार्थियों का डाटा समय पर और त्रुटिरहित अपलोड होना अत्यंत आवश्यक है। सभी विद्यालय निर्धारित समय सीमा के भीतर शत-प्रतिशत डाटा अपडेट करें, ताकि किसी भी छात्र को परीक्षा से संबंधित असुविधा का सामना न करना पड़े। सरकार पारदर्शी, समयबद्ध और छात्रहितैषी परीक्षा
    व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। – डॉ धन सिंह रावत, विद्यालयी शिक्षा मंत्री, उत्तराखंड।

  • तकनीकी खराबी व सिल्ट ने रोका 560 मेगावाट बिजली उत्पादन

    तकनीकी खराबी व सिल्ट ने रोका 560 मेगावाट बिजली उत्पादन

    उत्तराखण्ड में करनी पड़ी बिजली रोस्टरिंग

    यूपीसीएल ने कहा, हालात सामान्य, उपभोक्ताओं से सहयोग और धैर्य बनाए रखने की अपील

    देहरादून। उत्तराखण्ड में 31 जुलाई की शाम से 1 अगस्त की देर रात तक बिजली उत्पादन इकाइयों में आए अचानक तकनीकी व्यवधान और नदियों में अत्यधिक सिल्ट के कारण करीब 560 मेगावाट विद्युत उत्पादन प्रभावित हो गया। उत्पादन में आई इस अप्रत्याशित कमी के चलते प्रदेश के विभिन्न श्रेणियों के उपभोक्ताओं को सीमित अवधि के लिए विद्युत रोस्टरिंग का सामना करना पड़ा।
    यूपीसीएल के अनुसार 31 जुलाई को शाम 7:30 बजे से 1 अगस्त को रात 1:10 बजे तक बिजली मांग और उपलब्धता के बीच असंतुलन की स्थिति बनी रही। एपीएल रायगढ़ की 350 मेगावाट क्षमता वाली इकाई में स्टीम लीकेज, व्यासी जलविद्युत परियोजना (120 मेगावाट) तथा चिल्ला जलविद्युत परियोजना (88 मेगावाट) में नदियों के पानी में अत्यधिक सिल्ट (उच्च पीपीएम) के कारण उत्पादन बाधित हो गया। इससे कुल लगभग 560 मेगावाट बिजली उत्पादन उपलब्ध नहीं हो सका।
    निगम ने बताया कि इस दौरान ऊर्जा एक्सचेंजों से अतिरिक्त बिजली खरीदने के हरसंभव प्रयास किए गए, लेकिन एक्सचेंजों में भी पर्याप्त बिजली उपलब्ध नहीं होने के कारण आवश्यक आपूर्ति सुनिश्चित नहीं की जा सकी। ऐसे में ग्रिड की सुरक्षा और विद्युत व्यवस्था के संतुलित संचालन के लिए सीमित अवधि की रोस्टरिंग लागू करना अनिवार्य हो गया।
    यूपीसीएल ने स्पष्ट किया कि निगम प्रदेश के सभी उपभोक्ताओं को गुणवत्तापूर्ण और यथासंभव 24×7 निर्बाध विद्युत आपूर्ति देने के लिए प्रतिबद्ध है। हालांकि, तकनीकी खराबी अथवा प्राकृतिक परिस्थितियों के कारण कभी-कभी ऐसी स्थिति उत्पन्न हो जाती है, जब बिजली उपलब्धता प्रभावित होती है और सुरक्षित संचालन के लिए अस्थायी रोस्टरिंग लागू करनी पड़ती है।
    निगम ने कहा कि ऐसी परिस्थितियों में बिजली व्यवस्था को शीघ्र सामान्य करने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जाते हैं तथा उपभोक्ताओं से सहयोग और धैर्य बनाए रखने की अपील की है।

  • महिला सशक्तिकरण को मिला सशक्त नया आयाम

    महिला सशक्तिकरण को मिला सशक्त नया आयाम

    भारत–नेपाल मैत्री बैठक

    दार्चुला।भारत एवं नेपाल के मध्य सदियों पुराने “रोटी-बेटी के संबंधों” को और अधिक सशक्त बनाने तथा सीमांत क्षेत्रों की महिलाओं के सामाजिक, आर्थिक एवं सांस्कृतिक उत्थान को नई दिशा देने के उद्देश्य से नेपाल के दार्चुला में भारत–नेपाल मैत्री बैठक एवं लखपति दीदी सम्मेलन का भव्य आयोजन किया गया।
    इस अवसर पर दोनों देशों की महिला जनप्रतिनिधियों, स्वयं सहायता समूहों की सदस्यों, सामाजिक कार्यकर्ताओं एवं विभिन्न संगठनों से जुड़ी महिलाओं ने उत्साहपूर्वक सहभागिता करते हुए महिला नेतृत्व, आत्मनिर्भरता और सीमा पार सहयोग को मजबूत करने का संकल्प लिया।
    कार्यक्रम में भारतीय जनता पार्टी महिला मोर्चा, उत्तराखण्ड की प्रदेश अध्यक्ष श्रीमती रुचि भट्ट के नेतृत्व में उत्तराखण्ड के प्रतिनिधिमंडल ने सहभागिता की।
    सम्मेलन में महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण, स्वरोजगार, कौशल विकास तथा स्वयं सहायता समूहों की भूमिका पर विस्तृत विचार-विमर्श हुआ। भारत और नेपाल की महिलाओं ने अपने-अपने क्षेत्रों में किए जा रहे नवाचारों एवं सफल प्रयासों को साझा करते हुए भविष्य में महिला उद्यमिता, प्रशिक्षण एवं आजीविका के क्षेत्र में मिलकर कार्य करने की प्रतिबद्धता व्यक्त की।
    सम्मेलन का प्रमुख आकर्षण “लखपति दीदी” अभियान रहा। वक्ताओं ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में संचालित यह अभियान ग्रामीण महिलाओं के जीवन में आर्थिक परिवर्तन का सशक्त माध्यम बनकर उभरा है। स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाएं स्वरोजगार, सूक्ष्म उद्यम, कृषि आधारित उद्योग, हस्तशिल्प, डेयरी, मधुमक्खी पालन, खाद्य प्रसंस्करण, सिलाई-कढ़ाई तथा डिजिटल सेवाओं जैसी गतिविधियों के माध्यम से प्रतिवर्ष एक लाख रुपये अथवा उससे अधिक की आय अर्जित कर रही हैं।
    यह अभियान महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के साथ-साथ उन्हें समाज में नेतृत्व की नई पहचान भी प्रदान कर रहा है।
    सम्मेलन में यह भी बताया गया कि केंद्र सरकार द्वारा स्वयं सहायता समूहों को बैंक ऋण, प्रशिक्षण, विपणन सहायता, डिजिटल भुगतान, उत्पाद ब्रांडिंग तथा विभिन्न सरकारी योजनाओं से जोड़कर महिलाओं की आर्थिक प्रगति को नई गति प्रदान की जा रही है। आज देशभर में करोड़ों महिलाएं स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से अपने परिवार की आय बढ़ाने के साथ-साथ स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूत कर रही हैं।
    भारत और नेपाल की महिला प्रतिनिधियों ने इस बात पर विशेष बल दिया कि सीमावर्ती क्षेत्रों की सामाजिक एवं सांस्कृतिक समानताएं दोनों देशों की मित्रता की सबसे बड़ी शक्ति हैं। ऐसे आयोजनों से महिलाओं के बीच संवाद, कौशल आदान-प्रदान, आर्थिक साझेदारी तथा सामाजिक सहयोग को और अधिक मजबूती मिलेगी। सीमांत क्षेत्रों में महिला उद्यमिता, शिक्षा, स्वास्थ्य, कौशल विकास एवं स्वरोजगार को बढ़ावा देने के लिए संयुक्त प्रयासों की आवश्यकता पर भी विस्तार से चर्चा की गई।
    इस अवसर पर भाजपा के जिला उपाध्यक्ष श्री राजेन्द्र नेगी ने कहा कि भारत और नेपाल के बीच केवल भौगोलिक सीमाएं ही नहीं, बल्कि सदियों पुराने पारिवारिक, सांस्कृतिक एवं धार्मिक संबंध भी हैं। महिलाओं की सक्रिय सहभागिता इन संबंधों को और अधिक सुदृढ़ बनाएगी तथा सीमांत क्षेत्रों के समग्र विकास को नई दिशा प्रदान करेगी।
    उत्तराखण्ड से सम्मेलन में कमला चुफाल, लक्ष्मी मेहता, शकुंतला अगारी, सीमा रोकली, राधा बिष्ट, राधा मर्तोलिया, तुलसी, लक्ष्मी परमार, इंद्रा देवी, मनीष नवीन सहित अनेक कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
    नेपाल की महिला प्रतिनिधियों ने सभी भारतीय अतिथियों का पारंपरिक सम्मान करते हुए दोनों देशों की मित्रता को और अधिक प्रगाढ़ बनाने का संकल्प व्यक्त किया।

    अपने पिथौरागढ़ जिला प्रवास के दौरान प्रदेश अध्यक्ष श्रीमती रुचि भट्ट ने सीमांत क्षेत्र के रंग संग्रहालय में रंग समुदाय की मातृशक्ति से आत्मीय संवाद किया। इस दौरान उन्होंने समुदाय की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत से परिचय प्राप्त करते हुए उनकी पारंपरिक वेशभूषा ‘चुंग बाला’, ‘रकलच जोजगा’ एवं ‘राकलची’ धारण की तथा ‘बांगच’, ‘चन्द्रहार’, ‘बहा’ और ‘बिराबली बालडंग’ जैसे पारंपरिक आभूषण भी पहने।
    उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड की लोकसंस्कृति, परंपराएं और जनजातीय विरासत हमारी अमूल्य धरोहर हैं, जिनका संरक्षण और संवर्धन करना हम सभी का दायित्व है। मातृशक्ति हमारी संस्कृति की सबसे सशक्त संवाहक है और उसका सम्मान ही हमारी पहचान एवं गौरव का आधार है।

    इस अवसर पर प्रदेश महामंत्री श्रीमती रश्मि रस्तोगी, प्रदेश उपाध्यक्ष श्रीमती कमला चुफाल, महिला मोर्चा जिलाध्यक्ष श्रीमती लक्ष्मी मेहता तथा प्रदेश कार्यालय सह-प्रभारी श्रीमती बबली चौहान सहित अनेक पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
    कार्यक्रम के अंत में यह निर्णय लिया गया कि भविष्य में भी भारत और नेपाल की महिलाओं के बीच संवाद, प्रशिक्षण, स्वयं सहायता समूहों के अनुभवों का आदान-प्रदान तथा महिला उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए नियमित रूप से संयुक्त कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जिससे दोनों देशों की मातृशक्ति आर्थिक रूप से सशक्त, आत्मनिर्भर और राष्ट्र निर्माण में और अधिक प्रभावी भूमिका निभा सके।

  • ‘विज्ञान वाणी-88.8 एफएम’: विज्ञान संचार की नई पहचान

    ‘विज्ञान वाणी-88.8 एफएम’: विज्ञान संचार की नई पहचान

    यूकॉस्ट की महत्वाकांक्षी ‘विज्ञान सेतु’ पहल

    रेडियो, पॉडकास्ट और डिजिटल मंचों के जरिए जन-जन तक पहुंचेगा विज्ञान और नवाचार का संदेश

    देहरादून। उत्तराखण्ड राज्य विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद (यूकॉस्ट) की महत्वाकांक्षी ‘विज्ञान सेतु’ पहल विज्ञान को समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने का सशक्त माध्यम बनकर उभर रही है। इसके तहत स्थापित सामुदायिक विज्ञान रेडियो स्टेशन ‘विज्ञान वाणी-88.8 एफएम’, ‘विज्ञान धारा’ स्टूडियो और ‘विज्ञान दृश्यम्’ पॉडकास्ट स्टूडियो विज्ञान संचार को नया आयाम दे रहे हैं। इन माध्यमों से विज्ञान, नवाचार और वैज्ञानिक सोच को सरल एवं रोचक भाषा में आम लोगों तक पहुंचाया जा रहा है।

    यूकॉस्ट के महानिदेशक प्रो. दुर्गेश पंत ने कहा कि आज विज्ञान केवल प्रयोगशालाओं और शोध संस्थानों तक सीमित नहीं रह सकता। स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि, पर्यावरण, आपदा प्रबंधन, जल संरक्षण और तकनीक जैसे जीवन के लगभग हर क्षेत्र में विज्ञान की भूमिका लगातार बढ़ रही है। ऐसे में समाज में वैज्ञानिक दृष्टिकोण और तार्किक सोच का विकास समय की आवश्यकता है। इसी उद्देश्य को लेकर यूकॉस्ट ने ‘विज्ञान सेतु’ पहल की शुरुआत की है।

    उन्होंने कहा कि सूचना प्रौद्योगिकी के इस दौर में जहां सूचनाएं तेजी से प्रसारित हो रही हैं, वहीं भ्रामक जानकारियां भी बड़ी चुनौती बनकर सामने आई हैं। विज्ञान संचार केवल जानकारी देने का माध्यम नहीं, बल्कि वैज्ञानिक तथ्यों और भ्रांतियों के बीच अंतर समझाने तथा प्रमाण आधारित सोच विकसित करने का महत्वपूर्ण उपकरण है। विशेषकर ग्रामीण क्षेत्रों में कृषि, जलवायु परिवर्तन, प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण, स्वास्थ्य और आपदा प्रबंधन जैसे विषयों पर वैज्ञानिक जानकारी लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला सकती है।
    ‘विज्ञान वाणी-88.8 एफएम’ उत्तराखण्ड का पहला सामुदायिक विज्ञान रेडियो स्टेशन है, जिसे भारत सरकार के सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय से 88.8 मेगाहर्ट्ज की आवृत्ति प्राप्त हुई है। 13 जुलाई 2026 को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री प्रदीप बत्रा की उपस्थिति में इसके रेडियो स्टेशन और मोबाइल एप्लीकेशन का उद्घाटन किया था। मोबाइल एप के माध्यम से अब देश और विदेश में कहीं से भी इसके कार्यक्रमों को सुना जा सकता है।

    रेडियो की व्यापक पहुंच को देखते हुए विज्ञान वाणी को पर्वतीय और ग्रामीण क्षेत्रों के लिए विशेष रूप से उपयोगी माना जा रहा है। यह साक्षर और निरक्षर, दोनों वर्गों तक समान रूप से पहुंच बनाता है तथा स्थानीय भाषा और संदर्भों में वैज्ञानिक जानकारी उपलब्ध कराता है। इसके माध्यम से वैज्ञानिकों, शिक्षकों, शोधकर्ताओं और विषय विशेषज्ञों के व्याख्यान, चर्चाएं और विज्ञान आधारित कार्यक्रम नियमित रूप से प्रसारित किए जा रहे हैं।

    विज्ञान वाणी के प्रभारी अमित पोखरियाल ने बताया कि श्रोताओं के लिए ‘ऐसा क्यों होता है?’, ‘वैज्ञानिक से परिचय’, ‘भारतीय ज्ञान धारा’, ‘प्रकृति संवाद’, ‘विज्ञान काव्य’, ‘विशेषज्ञ से बातचीत’, ‘आइए, स्वयं करें प्रयोग’, ‘विज्ञान समाचार’, ‘विज्ञान पुस्तक चर्चा’ और ‘प्रेरणादायी महिला वैज्ञानिक’ जैसे कार्यक्रम तैयार किए गए हैं। इन कार्यक्रमों का उद्देश्य विज्ञान के प्रति जिज्ञासा पैदा करना और युवाओं में वैज्ञानिक सोच को बढ़ावा देना है।

    विज्ञान सेतु पहल के अंतर्गत स्थापित ‘विज्ञान धारा’ स्टूडियो में विशेषज्ञ व्याख्यान, वेबिनार, प्रशिक्षण कार्यक्रम और कौशल विकास कार्यशालाओं का आयोजन किया जा रहा है। वहीं ‘विज्ञान दृश्यम्’ पॉडकास्ट स्टूडियो के माध्यम से वैज्ञानिकों, शोधकर्ताओं और नवप्रवर्तकों के साथ विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी से जुड़े विषयों पर संवाद रिकॉर्ड कर डिजिटल प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। इनमें उत्तराखण्ड की वैज्ञानिक उपलब्धियों, पर्यावरण संरक्षण, जैव विविधता, स्टार्टअप, स्वास्थ्य और नवाचार जैसे विषयों को प्रमुखता दी जा रही है।

    यूकॉस्ट की यह पहल विज्ञान को पुस्तकों और प्रयोगशालाओं से निकालकर जन-जन की भाषा और जीवन से जोड़ने का प्रयास है। ‘विज्ञान सेतु’ आने वाले समय में उत्तराखण्ड को विज्ञान आधारित ज्ञान समाज के रूप में विकसित करने और विज्ञान के लोकव्यापीकरण को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

    ‘विज्ञान वाणी-88.8 एफएम’ का मोबाइल एप गूगल प्ले स्टोर से डाउनलोड किया जा सकता है। अधिक जानकारी के लिए वाट्सएप नंबर 8679926955 तथा ई-मेल vigyaanradio@gmail.com पर संपर्क किया जा सकता है।