Category: उत्तराखंड

  • बड़ी सफलता: सेलाकुई से 15 लाख रुपये की कैटामाइन बरामद

    बड़ी सफलता: सेलाकुई से 15 लाख रुपये की कैटामाइन बरामद

    स्कूटी से सप्लाई करने जा रहे थे नशा तस्कर, दो आरोपी गिरफ्तार

    देहरादून। एसटीएफ की एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (एएनटीएफ) और सेलाकुई पुलिस की संयुक्त टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 1.521 किलोग्राम कैटामाइन बरामद कर दो नशा तस्करों को गिरफ्तार किया है।
    मादक पदार्थ की कीमत 15 लाख बताई जा रही है।

    दोनों आरोपियों के खिलाफ थाना सेलाकुई में एनडीपीएस एक्ट की धारा 8/22(सी)/29/60 के तहत मुकदमा दर्ज कर वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।

    एसटीएफ के एसएसपी अजय सिंह ने बताया कि एएनटीएफ को मिले इनपुट के आधार पर संयुक्त टीम ने सेलाकुई क्षेत्र में घेराबंदी कर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया। आरोपी स्कूटी की डिक्की में कैटामाइन छिपाकर ले जा रहे थे। मौके पर मौजूद औषधि निरीक्षक ने बरामद मादक पदार्थ की पहचान कैटामाइन के रूप में की।

    प्रारंभिक पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे खैरी गांव स्थित बर्थवाल के आम के बगीचे के पास एक अज्ञात व्यक्ति को इसकी आपूर्ति करने जा रहे थे। पुलिस अब मादक पदार्थ के स्रोत, इसकी आपूर्ति श्रृंखला और इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश में जुटी है।
    गिरफ्तार आरोपियों की पहचान शुभम कुमार निवासी जमनपुर, सेलाकुई तथा अंकित तिवारी निवासी हरदोई (उत्तर प्रदेश), हाल निवासी सेलाकुई के रूप में हुई है।

    पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 1.521 किलोग्राम कैटामाइन, एक जूपिटर स्कूटी और दो मोबाइल फोन बरामद किए हैं।
    एसएसपी अजय सिंह ने आमजन से नशा तस्करी की सूचना तत्काल पुलिस अथवा एसटीएफ-एएनटीएफ को देने की अपील करते हुए कहा कि “ड्रग्स फ्री देवभूमि” अभियान के तहत नशा तस्करों और संगठित ड्रग्स नेटवर्क के खिलाफ कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।

  • परमवीर चक्र वीरों की अनुग्रह राशि बढ़ाकर ₹2 करोड़ करेंगे: सीएम

    परमवीर चक्र वीरों की अनुग्रह राशि बढ़ाकर ₹2 करोड़ करेंगे: सीएम

    अभी तक 28 शहीदों आश्रितों को मिली सरकारी नौकरी

    शहीद स्मारक पर पुष्पचक्र अर्पित कर कारगिल के अमर शहीदों को याद किया

    कारगिल विजय दिवस

    कारगिल के अमर शहीदों का त्याग, शौर्य और राष्ट्रभक्ति सदैव देशवासियों के लिए प्रेरणास्रोत रहेंगे : मुख्यमंत्री

    देहरादून। प्रदेश की भाजपा सरकार परमवीर चक्र से सम्मानित वीरों की अनुग्रह राशि डेढ़ करोड़ से बढ़ाकर दो करोड़ करेगी। राज्य सरकार अभी तक 28 शहीदों आश्रितों को सरकारी नौकरी दे चुकी है।

    मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रविवार को शहीद स्मारक पर कारगिल विजय दिवस (शौर्य दिवस) के अवसर पर पुष्पचक्र अर्पित कर कारगिल के अमर शहीदों को भावभीनी श्रद्धांजलि देते हुए यह घोषणा की।
    इस अवसर पर उन्होंने कारगिल शहीदों के परिजनों को सम्मानित करते हुए उनके अद्वितीय त्याग, शौर्य और राष्ट्रसेवा को नमन किया। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर घोषणा की कि परमवीर चक्र से सम्मानित वीरों के लिए अनुग्रह राशि डेढ़ करोड़ से बढ़ाकर 2 करोड़ की जाएगी ।

    मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि कारगिल विजय भारतीय सेना के अदम्य साहस, अद्वितीय पराक्रम और राष्ट्रभक्ति का अमर प्रतीक है।
    उन्होंने कहा कि 18 हजार फीट से अधिक  ऊंचाई पर अत्यंत विषम परिस्थितियों में भारतीय सैनिकों ने अद्वितीय वीरता, अटूट मनोबल और सर्वोच्च बलिदान का परिचय देते हुए दुश्मन को परास्त किया तथा विश्व के समक्ष भारत की सैन्य शक्ति और दृढ़ संकल्प का परिचय कराया।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि कारगिल युद्ध में देश के 527 वीर सैनिकों ने सर्वोच्च बलिदान दिया, जिनमें उत्तराखंड के 75 वीर सपूत भी शामिल थे। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड केवल देवभूमि ही नहीं, बल्कि वीरभूमि भी है। प्रदेश की गौरवशाली सैन्य परंपरा, वीरता पदक विजेताओं की समृद्ध विरासत तथा यहां के युवाओं का राष्ट्र सेवा के प्रति समर्पण पूरे देश के लिए प्रेरणास्रोत है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में आज भारत की सुरक्षा नीति अधिक सशक्त, निर्णायक और आत्मविश्वास से परिपूर्ण हुई है।
    उन्होंने कहा कि आतंकवाद के विरुद्ध निर्णायक कार्रवाई, सीमावर्ती क्षेत्रों में रणनीतिक आधारभूत संरचना का तीव्र विकास तथा रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भर भारत की दिशा में किए गए प्रयास नए भारत की शक्ति के प्रतीक हैं। उन्होंने कहा कि वन रैंक-वन पेंशन, राष्ट्रीय युद्ध स्मारक तथा सैनिक कल्याण से जुड़े अनेक ऐतिहासिक निर्णयों से देश के सैनिकों, पूर्व सैनिकों एवं उनके परिवारों का सम्मान बढ़ा है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार भी वीर सैनिकों, पूर्व सैनिकों तथा शहीद परिवारों के कल्याण के लिए पूर्ण प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है।
    उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा शहीदों के आश्रितों को दी जाने वाली अनुग्रह राशि 10 लाख रुपये से बढ़ाकर 50 लाख रुपये की गई है। इसके साथ ही सभी वीरता पुरस्कार विजेताओं को दी जाने वाली एकमुश्त एवं वार्षिक सहायता राशि में भी ऐतिहासिक वृद्धि की गई है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि बलिदानी परिवारों के एक सदस्य को सरकारी सेवा में समायोजन, आवेदन की समय-सीमा दो वर्ष से बढ़ाकर पांच वर्ष करना, शहीद परिवारों की बेटियों के विवाह हेतु सहायता,   वीरता पुरस्कार विजेताओं के लिए राज्य परिवहन निगम की बसों में निःशुल्क यात्रा तथा सेवारत एवं पूर्व सैनिकों को संपत्ति क्रय पर स्टाम्प शुल्क में छूट जैसी अनेक जनकल्याणकारी व्यवस्थाएं लागू की गई हैं। पूर्व सैनिकों की शस्त्र लाइसेंस प्रक्रिया को सरल बनाया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सैनिकों एवं पूर्व सैनिकों के जिला अदालतों में भूमि धोखाधड़ी के जो मामले पेंडिंग हैं, उनके शीघ्र निस्तारण के प्रयास किये जाएंगे।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि देहरादून के गुनियाल गांव में राज्य के ‘पांचवें धाम’ के रूप में सैन्य धाम का निर्माण अंतिम चरण में है। उन्होंने कहा कि राज्य के प्रत्येक शहीद के घर से लाई गई पवित्र मिट्टी से निर्मित यह सैन्य धाम आने वाली पीढ़ियों के लिए राष्ट्रभक्ति, त्याग और बलिदान का प्रेरणा-स्थल बनेगा।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार अग्निवीरों के उज्ज्वल भविष्य के लिए भी ठोस कदम उठा रही है। सेवामुक्त अग्निवीरों के लिए देश का पहला ‘अग्निवीर रोजगार सेल’ गठित किया जा रहा है। साथ ही उत्तराखंड पुलिस, वन विभाग तथा अन्य राज्य सेवाओं में उन्हें प्राथमिकता देने, कौशल विकास प्रशिक्षण, स्वरोजगार, होमस्टे योजना तथा सीमावर्ती क्षेत्रों में विशेष सहायता उपलब्ध कराने की दिशा में प्रभावी कार्य किए जा रहे हैं।

    मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से आह्वान किया कि कारगिल के अमर शहीदों के त्याग, शौर्य और राष्ट्रभक्ति से प्रेरणा लेकर विकसित भारत तथा विकसित, आत्मनिर्भर और सशक्त उत्तराखंड के निर्माण में अपना सक्रिय योगदान दें। उन्होंने कहा कि कारगिल के अमर शहीदों का बलिदान सदैव देशवासियों को राष्ट्रसेवा, कर्तव्यनिष्ठा और मातृभूमि के प्रति समर्पण की प्रेरणा देता रहेगा।

    सैनिक कल्याण मंत्री  गणेश जोशी ने कहा कि  राज्य सरकार ने वीरता पुरस्कार विजेताओं की सम्मान राशि में वृद्धि की है ।  अब तक 28 शहीदों के आश्रितों को सरकारी सेवा में समायोजित किया जा चुका है।

    इस अवसर पर  राज्यसभा सांसद नरेश बंसल, विधायक  मुन्ना सिंह चौहान,  दायित्वधारी  सुभाष बड़थ्वाल, सचिव  सैनिक कल्याण युगल किशोर पंत, मेजर जनरल सम्मी सबरवाल (से.नि), जिलाधिकारी डॉ .आशीष चौहान, एसएसपी प्रमेंद्र डोभाल, पूर्व सैन्य अधिकारी, पूर्व सैनिक एवं शहीदों के परिजन उपस्थित थे।

  • सांस्कृतिक व सामाजिक संरक्षण में लेखकों की भूमिका अहम: सीएम

    सांस्कृतिक व सामाजिक संरक्षण में लेखकों की भूमिका अहम: सीएम

    मुख्यमंत्री ने लेखकों एवं साहित्यकारों से किया संवाद

    देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रविवार को  वरिष्ठ लेखकों एवं साहित्यकारों के साथ संवाद किया। इस अवसर पर साहित्यकारों ने मुख्यमंत्री को अपनी-अपनी स्वरचित पुस्तकें भेंट कीं।

    मुख्यमंत्री ने प्रत्येक लेखक से व्यक्तिगत रूप से मिलकर उनका कुशलक्षेम जाना तथा उनके साहित्यिक योगदान और वर्तमान लेखन पर विस्तार से चर्चा की।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि साहित्यकार समाज का दर्पण होने के साथ-साथ उसे सही दिशा देने वाले मार्गदर्शक भी होते हैं। उत्तराखंड के सर्वांगीण विकास, समृद्ध सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण तथा सामाजिक चेतना के संवर्धन में साहित्यकारों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है।

    उन्होंने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश में सशक्त साहित्यिक वातावरण तैयार करने तथा साहित्यकारों को प्रोत्साहन देने के लिए निरंतर प्रयासरत है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि देवभूमि उत्तराखंड महर्षि वेदव्यास सहित अनेक ऋषि-मुनियों की तपोभूमि एवं कर्मभूमि रही है। इस पावन भूमि ने ऐसे साहित्यकार दिए हैं, जिन्होंने भारतीय साहित्य को नई ऊँचाइयाँ प्रदान की हैं। उन्होंने कहा कि नई पीढ़ी में अध्ययन और लेखन की संस्कृति विकसित करने के लिए सभी को सामूहिक प्रयास करने होंगे।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार उत्तराखंड भाषा संस्थान के माध्यम से प्रदेश के पुराने, बिखरे एवं अप्रकाशित साहित्य के संग्रह, संरक्षण और प्रकाशन का कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड को साहित्यिक पर्यटन के महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में विकसित करने के उद्देश्य से दो साहित्य ग्राम स्थापित करने की योजना पर कार्य किया जा रहा है। साहित्यकारों के सम्मान एवं प्रोत्साहन के लिए वर्ष 2022 में ‘उत्तराखण्ड साहित्य गौरव सम्मान’ तथा वर्ष 2025 में ‘दीर्घकालीन साहित्य सेवी सम्मान’ प्रारम्भ किए गए हैं।

    रुद्रप्रयाग के ‘1000 पुस्तक दान अभियान’ को मुख्यमंत्री का सहयोग

    हरेला पर्व के अवसर पर रुद्रप्रयाग जिला प्रशासन द्वारा संचालित ‘1000 पुस्तक दान अभियान’ को मुख्यमंत्री ने अपना सहयोग प्रदान किया। उन्होंने ‘लेखकों से संवाद’ कार्यक्रम के दौरान उपस्थित लेखकों की 50 पुस्तकें स्वयं खरीदकर रुद्रप्रयाग के सार्वजनिक पुस्तकालय को उपलब्ध कराने की घोषणा की।

    गौरतलब है कि रुद्रप्रयाग में “एक पुस्तक, एक वृक्ष, एक उज्ज्वल भविष्य” थीम पर सार्वजनिक पुस्तकालय के लिए पुस्तक संग्रह अभियान संचालित किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने इस अभिनव पहल की सराहना करते हुए कहा कि पुस्तकें समाज में ज्ञान, संस्कार और सकारात्मक सोच का आधार होती हैं। उनका यह योगदान पुस्तक दान की संस्कृति को बढ़ावा देने के साथ-साथ युवाओं में अध्ययन की आदत को भी प्रोत्साहित करेगा।

    इस अवसर पर मीडिया सलाहकार समिति के अध्यक्ष प्रो. गोविंद सिंह,पूर्व मुख्य सचिव श्रीमती राधा रतूड़ी, पूर्व पुलिस महानिदेशक अनिल रतूड़ी, सचिव रणवीर सिंह चौहान, जिलाधिकारी नैनीताल  ललित मोहन रयाल, साहित्यकार प्रो .सुधा रानी पांडे, आलोक लाल, बुद्धिनाथ मिश्रा, प्रेम कुमार साहिल, शिव मोहन सिंह,  राम मोहन सिंह, सुश्री नेहा नेगी,  कुलभूषण केन,  अनमोल जैन,  रूपा सोनी,  अमर खरबंदा,  शीशपाल गुसाईं, रमाकांत, दिवेश जोशी,  प्रभा पंत,  रूबी गुप्ता,  रणधीर कुमार अरोड़ा सहित अनेक साहित्यकार एवं गणमान्य उपस्थित रहे।

  • Dehradun drug crackdown: 170 arrested in 151 cases this year; 23 de-addiction centres found shut

    Dehradun drug crackdown: 170 arrested in 151 cases this year; 23 de-addiction centres found shut

    DM orders GIS mapping of drug hotspots, CCTV in hostels and coaching centres; all 711 student samples test negative

    Dehradun: Dehradun police have registered 151 narcotics cases and sent 170 accused to jail so far this year, even as a physical verification of the district’s de-addiction centres found 23 of them closed and irregularities at 15 more, officials told a district-level review meeting on Friday.

    BODY (supporting facts, quotes, context — in descending order of importance):

    The figures were placed before the district-level Narcotics Coordination Committee (NCORD), chaired by District Magistrate Dr. Ashish Chauhan, who directed enforcement agencies to move from routine policing to targeted action against the drug trade.

    The DM directed the police department to identify sensitive and hotspot areas across the district by running a GIS analysis of past crime data, and to keep a close watch on everything from tea and tobacco carts to medical stores and slum settlements.

    Expressing concern over the growing prevalence of e-drugs and chemical drugs, he said these pose a major threat to society and to the younger generation. He directed the ANTF, STF, police, NCB and the Drugs Department to take joint action to dismantle the supply chain.

    On the de-addiction centres, officials reported that 84 registered and two unregistered facilities had been identified in the district. Reports on 55 centres, along with observations, have been forwarded to the State Mental Health Authority. The DM directed all SDMs to inspect the centres regularly and ensure they operate within their sanctioned capacity and prescribed standards, stating that any centre found violating the norms should be sealed immediately.

    He also directed the Chief Medical Officer to send a proposal to the state government for a 30-bed de-addiction and rehabilitation centre at Selaqui. The Social Welfare Department told the meeting that the government centre at Raiwala currently runs with 15 beds, and approval has been received to expand it to 30.

    Under a drug-testing drive conducted in higher educational institutions, samples were collected from 711 suspected students. All reports came back negative, officials said.

    To keep young people away from drugs, the DM directed that subjects related to anti-drug awareness, cyber crime and financial crime be taught in schools and higher educational institutions in addition to the regular curriculum. He called for increased CCTV surveillance in hostels, paying guest accommodations, coaching institutes and other sensitive locations, and for wide publicity of the anti-drug helpline number 1933.

    The Drugs Inspector said CCTV cameras have been made mandatory at all medical stores and the sale of medicines in the absence of a pharmacist has been prohibited. The police department said complaints received on the helpline are being resolved promptly. The DM also called for strict action against those smoking in public places.

    The DM said the campaign against drugs is not merely a law-and-order matter but a commitment to protecting the future of the youth and the happiness of families, and directed all departments to ensure coordinated, result-oriented action.

    The meeting was attended by Additional District Magistrate (Administration) Smrit Parmar, Chief Medical Officer Dr. M.K. Sharma, Dr. Deepa Mehra Rawat of the Higher Education Department, Circle Officer of Police Jagdish Pant, District Social Welfare Officer Deepankar Ghildiyal, Drugs Inspector Vinod Jaguri, ARTO Ratnakar Singh, ACF Abhishek Maithani, Ranveer Singh Chauhan of the IB, Shiv Prasad Vyas of the District Excise Department and the District Education Officer, along with other members who joined virtually.

  • Chamoli district to survey mobile blackspots; DM orders faster completion of pending towers

    Chamoli district to survey mobile blackspots; DM orders faster completion of pending towers

     Telecom firms told to fix connectivity in Long Segdi, Kunigad, Irani and Birahi; schools and health centres to be listed for Bharat Net broadband

    Chamoli: The district administration has ordered a survey to identify locations needing additional mobile towers and directed telecom operators to complete construction of pending and proposed towers on priority, in a push to close network gaps across the district’s remote and difficult terrain.

    BODY (supporting facts, quotes, context — in descending order of importance):

    The directions came at a District Telecom Committee meeting chaired by District Magistrate Gaurav Kumar at the district office auditorium on Friday, which reviewed the current status of telecom services, mobile network expansion, digital connectivity, 4G saturation and the progress of the Bharat Net project.

    The DM directed representatives of BSNL and all other telecom companies to ensure time-bound resolution of technical problems relating to tower performance, internet speed, network range, call quality and coverage. Alongside a review of functioning towers, officials were asked to conduct a survey and prepare a detailed list of locations where additional towers are required.

    Taking note of network complaints received through various channels, the DM directed all telecom companies to resolve them on priority. He specifically called for early resolution of connectivity problems in Long Segdi, Kunigad, Irani and Birahi, among other villages and areas.

    Reviewing the Bharat Net project, the DM directed that 4G saturation work in the district be accelerated. He also ordered the preparation of a list of schools, anganwadi centres, primary health centres, community health centres and panchayat buildings to be sent to ITDA for the provision of high-speed broadband connectivity under the scheme.

    Strong network connectivity is essential in the digital age, the DM said. The absence of a network creates obstacles in education, health services, administrative work, online services and the implementation of various public welfare schemes, causing particular difficulty for citizens in remote areas. He directed all telecom companies to coordinate with one another to ensure improvement in network services.

    The meeting was attended by Additional District Magistrate Vivek Prakash, Chief Medical Officer Dr. Abhishek Gupta, e-District Manager Jaiveer Negi, Executive Officer Anil Kumar, and officials and representatives of BSNL, Airtel, Jio, VI and other departments concerned.

  • आधी रात छात्रों के बीच पहुँचा पीएम मोदी का संदेश

    आधी रात छात्रों के बीच पहुँचा पीएम मोदी का संदेश

    सोनम वांगचुक ने तोड़ा अनशन, आंदोलन जारी

    कहा, आपका संघर्ष बेकार नहीं जाएगा, पेपर माफिया पर होगा निर्णायक प्रहार

    पेपर लीक पर कैबिनेट का बड़ा फैसला जल्द

    कठोर कानून और फास्ट ट्रैक कोर्ट से दोषियों की उलटी गिनती शुरू

    देहरादून।  बीते 26 दिन से अनशन कर रहे सोनम वांगचुक ने केन्द्रीय मंत्री जेपी नड्डा व जितेंद्र सिंह की मौजूदगी में अनशन तोड़ दिया। उधर,  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक बार फिर युवाओं से जुड़े संवेदनशील मुद्दे पर सीधे हस्तक्षेप किया है। जबकि जंतर मंतर पर छात्रों का आंदोलन जारी है।

    देखें पीएम का संदेश

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    प्रधानमंत्री मोदी ने जंतर-मंतर पर जारी छात्र आंदोलन और प्रतियोगी परीक्षाओं को लेकर उठ रहे सवालों के बीच आधी रात देश के युवाओं के नाम वीडियो संदेश जारी किया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि पेपर लीक केवल परीक्षा में गड़बड़ी नहीं, बल्कि लाखों मेहनती छात्रों के सपनों और भविष्य पर हमला है। प्रधानमंत्री ने भरोसा दिलाया कि केंद्र सरकार युवाओं के साथ मजबूती से खड़ी है और पेपर माफिया को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।

    ‘हर ईमानदार छात्र के साथ सरकार’

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि सरकार की सबसे बड़ी चिंता उन लाखों युवाओं की है, जिन्होंने दिन-रात मेहनत कर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी की। उन्होंने कहा कि ईमानदार छात्रों का विश्वास टूटने नहीं दिया जाएगा और उनके भविष्य की रक्षा करना सरकार की सर्वोच्च जिम्मेदारी है।

    पेपर माफिया पर अब निर्णायक वार

    प्रधानमंत्री ने बताया कि पिछले ढाई महीनों में कई आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है और जांच एजेंसियां लगातार कार्रवाई कर रही हैं। अब सरकार फास्ट ट्रैक कोर्ट और कठोर कानूनी प्रावधानों के जरिए यह सुनिश्चित करेगी कि पेपर लीक करने वाले वर्षों तक कानून की पकड़ से बच न सकें। उनका संदेश साफ था, युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने वालों की अब कोई जगह नहीं है।

    छात्रों का साल बचाना बनी पहली प्राथमिकता

    प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार ने केवल दोषियों को पकड़ने पर ही ध्यान नहीं दिया, बल्कि यह भी सुनिश्चित किया कि मेहनत करने वाले छात्रों का एक वर्ष बर्बाद न हो। कम समय में लाखों अभ्यर्थियों की दोबारा परीक्षा कराई गई और समय पर परिणाम घोषित किए गए। उन्होंने कहा कि संकट की घड़ी में भी सरकार ने छात्रों के हित को सर्वोच्च प्राथमिकता दी।

    कानून होगा अब और सख्त

    प्रधानमंत्री ने बताया कि पेपर लीक के मामलों में और कठोर सजा का प्रावधान करने वाले प्रस्ताव पर कैबिनेट विचार करेगी। मंजूरी के बाद इसे जल्द संसद में लाया जाएगा। सरकार का उद्देश्य ऐसा कानूनी ढांचा तैयार करना है, जिससे भविष्य में कोई भी संगठित गिरोह युवाओं के सपनों से खिलवाड़ करने का साहस न कर सके।

    पहले ही लागू किया जा चुका है एंटी पेपर लीक कानून

    केंद्र सरकार लोक परीक्षा (अनुचित साधन निवारण) अधिनियम, 2024 लागू कर चुकी है। इस कानून में पेपर लीक, नकल और संगठित परीक्षा अपराधों के लिए कठोर सजा, भारी जुर्माना और गैर-जमानती प्रावधान किए गए हैं। अब सरकार इसके प्रभावी क्रियान्वयन और त्वरित न्याय सुनिश्चित करने के लिए अतिरिक्त कदम उठा रही है।

    जंतर-मंतर के छात्रों के लिए उम्मीद का संदेश

    जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों की सबसे बड़ी मांग निष्पक्ष परीक्षा व्यवस्था और दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई रही है। प्रधानमंत्री के आधी रात के संदेश को सरकार की ओर से इसी दिशा में उठाए जा रहे ठोस कदमों के रूप में देखा जा रहा है। सरकार का कहना है कि छात्रों की आवाज सुनी जा रही है और व्यवस्था में व्यापक सुधार के लिए निर्णायक कदम उठाए जा रहे हैं।

    ‘युवाओं के सपनों से खिलवाड़ करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा’

    अपने संदेश के अंत में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दोहराया कि देश के युवाओं का भविष्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि मेहनत करने वाले हर छात्र का सम्मान सुरक्षित रहेगा और युवाओं के सपनों के साथ खिलवाड़ करने वालों को कानून के दायरे में लाकर कठोर सजा दिलाई जाएगी। उन्होंने भरोसा दिलाया कि सरकार का लक्ष्य केवल दोषियों को सजा देना नहीं, बल्कि ऐसी परीक्षा व्यवस्था स्थापित करना है, जिस पर देश का हर छात्र निश्चिंत होकर भरोसा कर सके।

    सोनम वांगचुक ने तोड़ा अनशन, आंदोलन जारी

    सोनम वांगचुक ने 26 दिनों का अपना अनशन समाप्त कर दिया है, लेकिन जंतर-मंतर पर चल रहा छात्र-युवा आंदोलन खत्म नहीं हुआ है। आंदोलन के आयोजकों ने साफ कहा है कि उनकी प्रमुख मांगें अभी भी बरकरार हैं और धरना-प्रदर्शन जारी रहेगा।

    गुरुवार/शुक्रवार की रात मेदांता में भर्ती
    सोनम वांगचुक ने केंद्रीय मंत्रियों जे.पी. नड्डा और जितेंद्र सिंह की मौजूदगी में अपना अनशन तोड़ा। उन्होंने बताया कि लंबे समय तक चली बातचीत और संभावित हिंसा की आशंका को देखते हुए उन्होंने यह फैसला लिया।
    सरकार की ओर से शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने वाले छात्रों और युवाओं के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई नहीं करने का आश्वासन दिए जाने की भी खबरें हैं।

    जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे संगठनों, विशेषकर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP), ने स्पष्ट किया है कि सोनम वांगचुक का अनशन समाप्त होने का अर्थ आंदोलन की समाप्ति नहीं है। उनका कहना है कि आंदोलन तब तक जारी रहेगा जब तक उनकी मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं होती।

    प्रदर्शनकारियों की प्रमुख मांगों में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे, परीक्षा प्रणाली में व्यापक सुधार, पेपर लीक के मामलों में जवाबदेही तय करना तथा छात्रों के खिलाफ दर्ज मामलों में राहत शामिल हैं।
    केंद्र सरकार और आंदोलन के प्रतिनिधियों के बीच औपचारिक बातचीत की प्रक्रिया शुरू होने की संभावना जताई गई है। इसे आंदोलन के अगले चरण के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

    सोनम वांगचुक ने अपना अनशन समाप्त कर दिया है और उनकी स्वास्थ्य स्थिति पर चिकित्सकीय निगरानी रखी जा रही है, लेकिन जंतर-मंतर का आंदोलन जारी है। अब यह आंदोलन व्यक्तिगत अनशन से आगे बढ़कर परीक्षा सुधार और राजनीतिक जवाबदेही की मांगों पर केंद्रित जन आंदोलन के रूप में जारी है।

  • स्कूली बच्चों ने रोपे फलदार पौधे, दिया हरियाली का संदेश

    स्कूली बच्चों ने रोपे फलदार पौधे, दिया हरियाली का संदेश

    देहरादून। संरक्षण सामाजिक कल्याण समिति के तत्वावधान में प्राइमरी स्कूल केसरवाला और शिव जूनियर हाई स्कूल मालदेवता मे पौधारोपण किया गया ।

    समिति से जुड़े पदाधिकारियों ने पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लिया और दोनों विद्यालयों मे कई फलदार और छायादार पौधे लगाए। कार्यक्रम मे स्कूली बच्चों और शिक्षिकाओं ने भी बढ़ चढ़ कर भागीदारी की l

    बीती 16 जुलाई को राज्यभर में प्रकृति/ पर्यावरण को समर्पित हरेला पर्व धूमधाम से मनाया गया। इसी क्रम में संरक्षण सामाजिक कल्याण समिति ने पर्यावरण संरक्षण को लेकर जनजागरूकता कार्यक्रम भी आयोजित किया। इसके तहत रायपुर विकासखंड के मालदेवता एवं केसरवाला में समिति के बैनर तले वृक्षारोपण किया गया। इसमें विभिन्न प्रजाति के छायादार एवं फलदार पौधे शामिल रहे।

    वृ़क्षारोण कार्यक्रम में समिति की अध्यक्ष लक्ष्मी मिश्रा, उपाध्यक्ष ऋचा नौटियाल सदस्य विनीता देवड़ा, शीला चौहान आदि सदस्यों के साथ ही शिव जूनियर हाई स्कूल के प्रधानाचार्य विजेंद्र राणा अध्यापिका आरती मलासी, प्रभा जोशी, अंशिका एवं विद्यालय के छात्र/छात्राओं और शिक्षणेत्तर कर्मी शामिल रहे ।

    वही दूसरे कार्यक्रम मे प्राइमरी स्कूल केसरवाला की प्रधानाचार्य मीनाक्षी थपलियाल, ममता, उमा रावत छात्र छात्राएं आदि उपस्थित रहे । संस्था ने छात्रों को पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया।

  • वन्यजीव संघर्ष में बहादुरी दिखाने वालों को मिलेगा सम्मान

    वन्यजीव संघर्ष में बहादुरी दिखाने वालों को मिलेगा सम्मान

    वन्य जीव आधारित पयर्टन से बढ़ाई जाए लोगों की आय

    राज्य वन्यजीव बोर्ड और राज्य स्तरीय बाघ संचालन समिति की बैठक सम्पन्न

    वन्य जीव संघर्ष की घटनाओं में साहसिक प्रदर्शन करने वाले आम लोगों को किया जाएगा राज्य स्तर पर पुरस्कृत

    देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को राज्य वन्यजीव बोर्ड और राज्य स्तरीय बाघ संचालन समिति की बैठक लेते हुए, प्रदेश में मानव वन्य जीव संघर्ष रोकने के साथ ही वन्य जीव आधारित पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए ठोस कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए हैं।

    सचिवालय स्थित विश्वकर्मा भवन में आयोजित उत्तराखंड राज्य वन्यजीव बोर्ड की 23वीं बैठक की अध्यक्षता करते हुए, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रदेश में मानव-वन्यजीव संघर्ष की रोकथाम, वन्यजीव गलियारों के संरक्षण तथा विभिन्न विकास परियोजनाओं से जुड़े प्रस्तावों पर तेजी से कार्य करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में विकास और पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन बनाए रखते हुए सभी परियोजनाओं को आगे बढ़ाया जाए। उन्होंने कहा कि वन्यजीव संरक्षण राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है, साथ ही मानव-वन्यजीव संघर्ष को कम करने के लिए भी आधुनिक तकनीक के साथ जनसहभागिता को और अधिक प्रभावी बनाया जाए।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार वन्यजीव संरक्षण, जैव विविधता संवर्धन और स्थानीय लोगों की आजीविका के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने के लिए प्रतिबद्ध है। इसके लिए वन्य जीव आधारित पयर्टन को बढ़ावा दिया जाए। उन्होंने कहा कि मानव वन्य जीव संघर्ष के दौरान दूसरे को बचाने के लिए साहसिक प्रदर्शन करने वाले आम लोगों को राज्य स्तर पर पुरस्कृत किया जाए।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि वन्य जीवों के हमले में मृत एवं घायल व्यक्ति और उसके परिवार को मानकों के अनुसार तय समय पर मुआवजा राशि उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी स्वीकृत परियोजनाओं में वन्यजीव संरक्षण संबंधी शर्तों का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित किया जाए।

    बैठक में राज्य में वन्यजीव संरक्षण की दिशा में की गई प्रगति की समीक्षा की गई। बताया गया कि वन भूमि हस्तांतरण से संबंधित वाइल्ड लाइफ मैनेजमेंट प्लान तथा विभिन्न प्रस्तावों पर नियमानुसार स्वीकृतियां प्रदान की जा रही हैं। मानव-वन्यजीव संघर्ष को कम करने के लिए त्वरित प्रतिक्रिया दल (QRT) गठित करते हुए, कैमरा ट्रैप, ड्रोन, सर्प बचाव किट, सोलर लाइट जैसे प्रयास किए जा रहे हैं।
    साथ ही प्रभावित क्षेत्रों में त्वरित राहत, निगरानी व्यवस्था तथा वन कर्मियों को आवश्यक संसाधन भी उपलब्ध कराए जा रहे हैं।

    बैठक में संरक्षित क्षेत्रों से संबंधित विभिन्न विकास परियोजनाओं के प्रस्तावों पर विचार करते हुए राजाजी राष्ट्रीय उद्यान क्षेत्र में गैस पाइपलाइन और अन्य राष्ट्रीय उद्यानों में सड़क, आईटीबीपी अवसंरचना तथा ऑप्टिकल फाइबर केबल जैसी जनहित की परियोजनाओं को आवश्यक शर्तों के अधीन राष्ट्रीय वन्यजीव बोर्ड की स्थायी समिति को अग्रसारित करने की अनुमति प्रदान की गई। इसके बाद आयोजित राज्य स्तरीय बाघ संचालन

    समिति की बैठक में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने
    कहा कि उत्तराखण्ड जैव विविधता एवं वन्यजीव संपदा की दृष्टि से देश का अग्रणी राज्य है। राज्य में बाघ संरक्षण के साथ-साथ स्थानीय समुदायों की सहभागिता, आधुनिक तकनीक का उपयोग तथा वन्यजीवों के प्राकृतिक आवासों का संरक्षण सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वन्यजीव संरक्षण और विकास कार्यों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करते हुए मानव-वन्यजीव संघर्ष को न्यूनतम करने के लिए प्रभावी कार्ययोजना तैयार की जाए।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में वन्यजीव कॉरिडोरों का संरक्षण, कैमरा ट्रैप, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) आधारित निगरानी तथा वैज्ञानिक प्रबंधन को और मजबूत किया जाए। उन्होंने वन्यजीवों के प्राकृतिक जल स्रोतों एवं चारागाहों के विकास, वनाग्नि प्रबंधन तथा संवेदनशील क्षेत्रों में आधुनिक तकनीक आधारित निगरानी प्रणाली को विस्तार देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि हरिद्वार कुंभ के दौरान मानव वन्य जीव संघर्ष रोकने के लिए क्यूआरटी टीम की तैनाती की जाए।

    बैठक में कॉर्बेट एवं राजाजी टाइगर रिजर्व के लिए टाइगर प्रोटेक्शन फोर्स के गठन, पर्यावरण अनुकूल सफारी वाहनों को बढ़ावा देने, संरक्षित क्षेत्रों में कार्यरत फील्ड स्टाफ के लिए विशेष प्रोत्साहन तथा वन्यजीव अपराधों की प्रभावी जांच के लिए आवश्यक व्यवस्थाओं पर भी चर्चा की गई।

    बैठक में वन मंत्री सुबोध उनियाल, विधायक दीवान सिंह बिष्ट, उपाध्यक्ष उत्तराखंड जनजाति सलाहकार परिषद गीताराम गौड़, मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन, प्रमुख सचिव आर. के सुधांशु, प्रमुख वन संरक्षक हॉफ कपिल लाल, एडीजी ए.पी. अंशुमन, सचिव सी रविशंकर , प्रमुख वन संरक्षक श्रीमती नीना ग्रेवाल एवं वन विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।

  • उत्तराखंड शासन में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल

    उत्तराखंड शासन में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल

    कई अहम विभागों में नए सचिवों की तैनाती

    वित्त, परिवहन, विद्यालयी शिक्षा, आबकारी और सचिवालय प्रशासन समेत महत्वपूर्ण विभागों की जिम्मेदारियां बदलीं

    देहरादून। उत्तराखंड शासन ने प्रशासनिक व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने के उद्देश्य से वरिष्ठ अधिकारियों के विभागीय दायित्वों में व्यापक फेरबदल किया है। शासन द्वारा जारी स्थानांतरण एवं तैनाती आदेश के तहत कई महत्वपूर्ण विभागों में नए सचिवों की नियुक्ति की गई है। कुछ विभाग हटाये गए हैं। और कुछ नए विभाग सौंपे गए हैं।

    वित्त, परिवहन, विद्यालयी शिक्षा, आबकारी, सूचना प्रौद्योगिकी, सचिवालय प्रशासन और गन्ना विकास जैसे अहम विभागों में नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। इसे आगामी प्रशासनिक प्राथमिकताओं और विभागीय कार्यों में गति लाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
    जारी आदेश के अनुसार प्रमुख सचिव एल. फैनई से आबकारी विभाग का प्रभार वापस लिया गया है। सचिव नितेश कुमार झा को पंचायती राज विभाग का अतिरिक्त दायित्व सौंपा गया है। सचिव रविनाथ रमन को सचिव विद्यालयी शिक्षा (प्राथमिक एवं माध्यमिक) के दायित्व से मुक्त करते हुए सचिव परिवहन विभाग एवं आयुक्त परिवहन बनाया गया है।
    सचिव डॉ. पंकज कुमार पांडेय को सूचना प्रौद्योगिकी, सुशासन एवं विज्ञान प्रौद्योगिकी विभाग का दायित्व दिया गया है, जबकि सचिव बुजेश कुमार संत को सचिव आबकारी विभाग की जिम्मेदारी सौंपी गई है। सचिव डॉ. सुरेन्द्र नारायण पांडेय को सचिव गन्ना विकास एवं चीनी विभाग बनाया गया है।
    आईएएस अधिकारी ज्योति यादव को सचिव विद्यालयी शिक्षा (प्राथमिक एवं माध्यमिक) नियुक्त किया गया है। युगल किशोर पंत को सचिवालय प्रशासन विभाग का सचिव बनाया गया है।

    सचिव रणवीर सिंह चौहान को वित्त विभाग की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई है।
    इसके अलावा, आईएफएस अधिकारी डॉ. पराग मधुकर धकाते से पंचायती राज विभाग का दायित्व वापस ले लिया गया है। आईएएस अधिकारी अभिषेक रुहेला को अपर सचिव राज्य संपत्ति विभाग एवं राज्य संपत्ति अधिकारी नियुक्त किया गया है।
    शासन ने सभी अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से अपने वर्तमान पदभार से कार्यमुक्त होकर नई तैनाती वाले विभागों का कार्यभार ग्रहण करने के निर्देश दिए हैं। यह फेरबदल राज्य की प्रशासनिक कार्यप्रणाली को और अधिक गतिशील तथा परिणामोन्मुख बनाने के दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

  • गिरफ्तार सहायक प्रोफेसर से जुड़े नेटवर्क की तलाश में पुलिस

    गिरफ्तार सहायक प्रोफेसर से जुड़े नेटवर्क की तलाश में पुलिस

    नकल माफियाओं को कड़ी से कड़ी सजा मिलेगी-धामी

    विपक्ष ने पेपर लीक पर तरेरी आंखे

    देहरादून। पेपर लीक को लेकर देश भर में चल रहे आंदोलन के बीच प्रदेश के टेक्निकल विवि की परीक्षा के प्रश्न पत्र लीक होने से खलबली का माहौल है। हालांकि, इस सनसनीखेज प्रश्न पत्र लीक के आरोपी सहायक प्रोफेसर आशीष कुमार गुप्ता को गिरफ्तार कर लिया है। लेकिन आरोपी के अन्य सहयोगी अभी पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं।

    मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि उत्तराखंड सरकार युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति पर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि चाहे भर्ती परीक्षाएं हों या विश्वविद्यालय की परीक्षाएं, किसी भी प्रकार की नकल, प्रश्नपत्र लीक या परीक्षा प्रणाली की गोपनीयता भंग करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में लागू सख्त नकलरोधी कानून और लगातार की जा रही कार्रवाई के परिणामस्वरूप विभिन्न मामलों में अब तक 100 से अधिक नकल माफियाओं एवं उनके सहयोगियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य प्रदेश के मेहनती और प्रतिभाशाली युवाओं को निष्पक्ष एवं पारदर्शी परीक्षा व्यवस्था उपलब्ध कराना है और इस दिशा में अभियान आगे भी पूरी सख्ती से जारी रहेगा।

    गौरतलब है कि  दून पुलिस ने उत्तराखण्ड प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (यूटीयू) की सेमेस्टर परीक्षा का प्रश्नपत्र आउट करने के आरोप में शिवालिक कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग, झाझरा के सहायक प्रोफेसर आशीष कुमार गुप्ता को गिरफ्तार किया है।

    कोतवाली प्रेमनगर में परीक्षा नियंत्रक डॉ. विनय कुमार पटेल की तहरीर पर दर्ज मुकदमे के अनुसार 8 जुलाई को आयोजित यूटीयू की सम-सेमेस्टर परीक्षा से पहले आरोपी सहायक प्रोफेसर ने व्हाट्सएप ग्रुप के माध्यम से परीक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण प्रश्न छात्रों के साथ साझा किए थे।
    परीक्षा संपन्न होने के बाद प्रश्नपत्र का मिलान करने पर साझा किए गए प्रश्नों में काफी समानता पाई गई। विश्वविद्यालय की आंतरिक जांच समिति ने भी अपनी जांच में पाया कि परीक्षा से पूर्व छात्रों के व्हाट्सएप ग्रुप एवं अन्य माध्यमों पर समान प्रश्न साझा किए गए थे।

    प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देहरादून के निर्देश पर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए साक्ष्य संकलित किए और 23 जुलाई को आरोपी सहायक प्रोफेसर को गिरफ्तार कर लिया।
    मामले में बरामद इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की जांच की जा रही है तथा इस पूरे नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच जारी है। इस प्रकरण में पेपर लीक गैंग में कई और भी आरोपी होने की पूरी संभावना जताई जा रही है।
    उल्लेखनीय है कि ‘अविकल उत्तराखण्ड” ने 22 जुलाई को यूटीयू की जांच के बाद हुए एक्शन को प्रमुखता से उजागर कर पाठकों तक पहुंचाया था। मौके की नजाकत भांप कांग्रेस समेत अन्य संगठनों ने पेपर लीक को लेकर यूटीयू की परीक्षा प्रणाली को कठघरे में खड़ा कर दिया है। और उच्च स्तरीय कार्रवाई की मांग करते हुए आंदोलन की चेतावनी दी है।और बदरीनाथ मंदिर चढ़ावा चोरी के साथ चुनावी मुद्दा बनाने का भी ऐलान किया है।