Category: उत्तराखंड

  • सहायक आबकारी आयुक्त व निरीक्षक निलंबित

    सहायक आबकारी आयुक्त व निरीक्षक निलंबित

    दून व हरिद्वार में अवैध शराब का जखीरा बरामद

    अवैध शराब बरामद, चार अभियुक्त गिरफ्तार

    सहायक आबकारी आयुक्त व निरीक्षक निलंबित,कई अन्य पर गिरी गाज

    सहायक आबकारी आयुक्त निलंबित

    दून आबकारी निरीक्षक निलंबित

    हरिद्वार आबकारी निरीक्षक को हटाया

    दून आबकारी निरीक्षक व सहायक आबकारी आयुक्त मुख्यालय से सम्बद्ध

    देहरादून/हरिद्वार। जनपद हरिद्वार में आबकारी आयुक्त उत्तराखण्ड  एच० सी० सेमवाल के निर्देश पर की गयी कार्यवाही में दिनांक 19 नवंबर 2023 को विदेशी मदिरा दुकानों में किए गए निरीक्षण एवं जाँच में अनियमितता पायी गयी एवं विशेष रूप से 52 पेटी बगैर होलोग्राम लगी हुई मदिरा बरामद की गई। उक्त प्रकरण में शिथिलता पाए जाने पर निम्न विभागीय अधिकारियों पर कार्यवाही की गई-

     

    1- जिला आबकारी अधिकारी हरिद्वार को 72 घण्टे के अंदर जवाब देने के लिए कारण बताओ नोटिस जारी किया गया।

    2- आबकारी निरीक्षक क्षेत्र हरिद्वार श्री संजय सिंह रावत को उक्त प्रकरण में लापरवाही बरतने के लिए तत्काल उनके पद से हटाया गया।

    जनपद देहरादून के रायपुर के खलंगा क्षेत्र में दिनांक 20 नवंबर 2023 को मध्य रात्रि में की गयी छापेमारी में चंडीगढ़ की 110 पेटी इम्पोर्टेड शराब अवैध अंग्रेजी शराब बरामद बरामद की गई तथा 4 अभियुक्तों की गिरफ्तारी की गई। उक्त प्रकरण में शिथिलता पाए जाने पर निम्न विभागीय अधिकारियों पर कार्यवाही की गई-

    1- श्री देवेंद्र गिरी गोस्वामी सहायक आबकारी आयुक्त मण्डलीय प्रवर्तन गढ़वाल मण्डल के निलंबन की संस्तुति शासन को प्रेषित की जा रही है।

    2- श्री राजीव सिंह चौहान जिला आबकारी अधिकारी देहरादून ६ सहायक आबकारी आयुक्त जनपदीय प्रवर्तन देहरादून को पद से हटाते हुये कार्यालय आबकारी आयुक्त उत्तराखंड सम्बद्ध किया गया।

    3- सुश्री सरोज पाल आबकारी निरीक्षक जनपदीय प्रवर्तन देहरादून को निलंबित किया गया।

    4- श्रीमती प्रेरणा बिष्ट आबकारी निरीक्षक ऋषिकेश को सहायक आबकारी आयुक्त जनपदीय प्रवर्तन देहरादून का अतिरिक्त प्रभार दिया गया।

  • रिलायंस ज्वैलरी शोरुम लूट प्रकरण : सेलाकुई में कमरा लेकर अपने साथियों के साथ रुका था मुख्य अभियुक्त प्रिंस

    रिलायंस ज्वैलरी शोरुम लूट प्रकरण : सेलाकुई में कमरा लेकर अपने साथियों के साथ रुका था मुख्य अभियुक्त प्रिंस

    सीसीटीवी फुटेज से मुख्य अभियुक्त प्रिंस व उसके साथियों के कमरे में रुकने की मकान मालिक ने की पुष्टि

    देहरादून। रिलायंस ज्वैलरी शोरुम लूट प्रकरण में पुलिस को घटना में शामिल बदमाशों के घटना से एक से डेढ़ माह पूर्व सेलाकुई में रुक कर रेकी करने की जानकारी सामने आई है। पुलिस सूत्रों ने बताया कि सतीश कुमार पुत्र कैलाशी राम निवासी बंजारा गली तिराह सेलाकुई के घर पर 15 -16 सितम्बर को एक युवक उनकी पत्नी पूनम से किराये पर कमरे की जानकारी लेने के लिए आया था । किराये की बात 12 हजार प्रति माह में तय होने पर 17 सितम्बर को 5 लड़के उनके घर पर रहने के लिए आये, जिनके द्वारा उन्हे स्वयं के घंटाघर पर फास्ट फूड का काम करने की जानकारी दी गयी थी।

    इसी बीच मकान मालिक सतीश कुमार की माताजी की तबीयत खराब होने के कारण वह 16 अक्टूबर को अपनी माताजी को लेकर पी0जी0आई0 चण्डीगढ़ गया था। इस दौरान कमरे में रुके सभी व्यक्ति उसे बिना बताये वहाँ से चले गये तथा उनके द्वारा मकान मालिक को भी केवल 6 हजार का भुगतान किया गया। पुलिस द्वारा रिलायंस ज्वैलरी शोरुम व हरिद्वार गेस्ट हाउस से प्राप्त अभियुक्तों की वीडियो फुटेज को मकान मालिक सतीश को दिखाने पर उसके द्वारा घटना में शामिल प्रिंस , विक्रम तथा 1-2 अन्य अभियुक्तो के अपने घर पर किराये पर रुकने की पुष्टि की गयी है।

  • सुरंग के अंदर फंसे श्रमिकों की पहली तस्वीर आई सामने, सभी सुरक्षित

    सुरंग के अंदर फंसे श्रमिकों की पहली तस्वीर आई सामने, सभी सुरक्षित

    एंडोस्कोपिक फ्लेक्सी कैमरा ने खींची तस्वीर

    उत्तरकाशी। सिलक्यारा रेस्क्यू बचाव अभियान के दसवें दिन सुरंग में फंसे मजदूरों की।पहली तस्वीर सामने आयी है। तस्वीर में मजदूर एक साथ खड़े दिखाई दे रहे हैं।

    सुरंग में फंसे श्रमिकों तक पहुंचे एंडोस्कोपिक फ्लेक्सी कैमरा ने यह तस्वीर ली है। गौरतलब है कि 12 नवंबर दीवाली की सुबह सिलक्यारा सुरंग में मलबा गिरने से 41 मजदूर फंस गए थे।

  • उत्तरकाशी : टनल दुर्घटना की सीबीआई जॉच व दोषियों पर मुकदमा दर्ज हो- कांग्रेस

    उत्तरकाशी : टनल दुर्घटना की सीबीआई जॉच व दोषियों पर मुकदमा दर्ज हो- कांग्रेस

    कांग्रेस के आरोप- सिलक्यारा टनल हादसा की मुख्य वजह अनुभवहीनता, लापरवाही व भ्रष्टाचार

    जमीन पर नहीं दिख रहे बचाव कार्य

    एडिट टनल और एस्केप टनलों का निर्माण क्यों नहीं किया गया

     

    सिलक्यारा टनल पॉइंट। बीते 8 दिन से सुरंग में फंसे 41 मजदूरों के मसले पर कांग्रेस ने बांहें चढ़ा ली है। निर्माणदायी कम्पनी व सरकार पर हमला बोलते हुए सीबीआई जांच की मांग की है। नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने सोमवार को टनल दुर्घटना स्थल का दौरा किया। निरीक्षण के बाद कांग्रेस नेता आर्य ने कहा कि सिलक्यारा टनल हादसा अनुभवहीनता, परियोजना निर्माण में लापरवाही और भ्रष्टाचार के कारण हुआ है । हादसे के बाद फंसे लोगों को निकालने के लिए जिन विकल्पों पर काम किया जा रहा है उन्हें इस परियोजना को शुरू करते समय ही स्थापित किया जाना चाहिए था।

    उन्होंने कि यह मामला दर्जनों जानों को संकट में डालने और बड़े स्तर के भ्रष्टाचार का है इसलिए सरकार को हादसे की सीबीआई जांच कर दोषियों के विरुद्ध आपराधिक मुकदमे दर्ज करने चाहिए। नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने जिला प्रशासन , तकनीकी विशेषज्ञों , बचाव में लगी संस्थाओं , टनल के अंदर फंसे परिवारों के सदस्यों और स्थानीय लोगों से भेंट कर स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने कहा कि परियोजना के निर्माण के शुरू करते समय ही एडिट टनल और एस्केप टनलों का निर्माण किया जाना चाहिए था जो नही बनाई गई। इन टनल के द्वारा मलबा या दुर्घटना होने की स्थिति में फंसे लोगों को निकाला जा सकता है ।

    नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि , दुनिया की कोई भी लंबी टनल बिना एडिट टनल के नही बनती है इसलिए सरकार को साफ करना चाहिए कि 5 किलोमीटर लंबी यह टनल बिना एडिट टनल बने कैसे बन रही थी। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि , इस परियोजना में आपातकाल में फंसे लोगों को सुरक्षित निकालने के दूसरे विकल्प ह्यूम पाइप को भी कुछ दिन पहले निकाल दिया था ।

    एडिट टनल या ह्यूम पाइप के न होने की स्थिति में परियोजना में काम करने वाले मजदूरों को मौत के मुंह में धकेलने का अपराध किया गया है। यशपाल आर्य ने कहा कि , मलबा टनल के शुरुआती 70 मीटर की दूरी पर ही गिरा है लेकिन हादसे के नौ दिन बीतने के बाद अभी तक सब कुछ अनिश्चित है। बचाव कार्य के लिए जिन 6 विकल्पों की बात की जा रही है उनकी प्रगति जमीन पर अभी नहीं के बराबर दिख रही है । नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि , सरकार भले ही कितने बड़े दावे कर ले सिलक्यारा हादसे ने प्रदेश व राष्ट्रीय स्तर पर आपदा प्रबंधन की पोल खोल कर रख दी है।

    नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि इन सभी कमियों के बाद भी वे बचाव कार्य में लगे कार्मिकों की हिम्मत और मेहनत की सराहना करते हैं और ईश्वर से प्रार्थना करते हैं कि सभी फंसे हुए लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला जाए। नेता प्रतिपक्ष के साथ सिलक्यारा भ्रमण में पूर्व विधायक विजयपाल सजवाण व मनोज रावत , जिला पंचायत अध्यक्ष दीपक बिजल्वाण , अध्यक्ष जिला कांग्रेस कमिटी उत्तरकाशी मनीष राणा ,पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष नत्थी लाल साह , जिला पंचायत सदस्य प्रदीप कैंतुरा व सतेंद्र कुमिया ,सुरेंद्र पाल अध्यक्ष ब्लॉक अध्यक्ष कांग्रेस चिन्यालीसौड़ , विजेंद्र नौटियाल ओबीसी प्रकोष्ठ प्रदेश उपाध्यक्ष व पूर्व अध्यक्ष छात्र संघ देपिंदर कोहली सम्मिलित थे।

  • पौड़ी सतपुली एकेश्वर मार्ग पर दो बसों की भिड़ंत,  कई यात्री घायल

    पौड़ी सतपुली एकेश्वर मार्ग पर दो बसों की भिड़ंत, कई यात्री घायल

    SDRF ने घायलों को रेस्क्यू कर पहुंचाया अस्पताल

    सतपुली। पौड़ी जिले के एकेश्वर मार्ग पर दो वाहनों की आमने सामने टक्कर होने से 22 यात्री घायल हो गए। सूचना मिलने पर SDRF के अपर उप निरीक्षक प्रेम प्रकाश के नेतृत्व में घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया। सोमवार की दोपहर दो बसों {बस संख्या UK 15PA 0241(32 सवारी) एवम UK 15PA 0825 (14 सवारी)} की आमने सामने की टक्कर हुई। दुर्घटना में 22 घायलों को तत्काल उपचार के लिए सतपुली के हंस फाउंडेशन अस्पताल भर्ती किया गया । जबकि सामान्य घायलों को मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया।

    दुर्घटना में घायलों का विवरण :-

    1. कृपाल सिंह, उम्र 80 वर्ष
    2. संजय, उम्र 34 वर्ष
    3.  अमन, उम्र 22 वर्ष
    4. पुष्पा नेगी, उम्र 48 वर्ष
    5.  राजेंद्र सिंह, उम्र 40 वर्ष
    6. आशा, उम्र 50 वर्ष
    7. वीरेंद्र, उम्र 51वर्ष
    8. दीपक, उम्र 56 वर्ष
    9. विनोद, उम्र 45 वर्ष
    10. कुo नेहा, उम्र 15 वर्ष
    11.  प्रताप सिंह, उम्र 48 वर्ष
    12.  धर्मेंद्र सिंह, उम्र 39 वर्ष
    13.  अर्जुन सिंह, उम्र 54 वर्ष
    14.  बाबू राम, उम्र 58 वर्ष
    15. हरीश(चालक), उम्र 41 वर्ष
    16.  संग्राम सिंह (चालक), उम्र 44 वर्ष
    17.  श्रीमती आनंदी देवी, उम्र 46 वर्ष
    18.  सोबन सिंह, उम्र 80 वर्ष
    19.  नितिन कुमार, उम्र वर्ष
    20.  सुनीता देवी, उम्र वर्ष
    21.  सोहन सिंह, उम्र वर्ष
    22.  प्रेम सिंह, उम्र वर्ष
  • प्रधानमंत्री मोदी ने बचाव प्रयासों पर सीएम धामी से बात की, कहा – श्रमिकों का मनोबल बनाए रखने की जरूरत

    प्रधानमंत्री मोदी ने बचाव प्रयासों पर सीएम धामी से बात की, कहा – श्रमिकों का मनोबल बनाए रखने की जरूरत

    सीएम धामी ने फोन पर पीएम को बचाव अभियान की जानकारी दी

    नवयुग इंजीनियरिंग कम्पनी व कार्यदायी संस्था के खिलाफ परिजन भड़के,आठ दिन से फंसे हैं 41 मजदूर

    विदेशी एक्सपर्ट की सहायता से बचाव अभियान आगे बढ़ेगा

    देहरादून। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से फोन कर उत्तरकाशी के सिल्क्यारा के पास टनल में फँसे श्रमिकों को सुरक्षित निकालने के लिए जारी राहत और बचाव कार्यों के बारे में जानकारी ली। प्रधानमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा आवश्यक बचाव उपकरण व संसाधन उपलब्ध कराए जा रहे हैं। केंद्र और राज्य की एजेंसियों के परस्पर समन्वय से श्रमिकों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया जाएगा। फंसे श्रमिकों का मनोबल बनाए रखने की जरूरत है।

    मुख्यमंत्री ने ताजा स्थिति की जानकारी देते हुए बताया कि राज्य और केंद्रीय एजेंसियां परस्पर समन्वय और तत्परता के साथ राहत और बचाव कार्य में जुटी हैं। टनल में फंसे श्रमिक सुरक्षित हैं और ऑक्सीजन, पौष्टिक भोजन और पानी उपलब्ध करवाया जा रहा है। राहत और बचाव कार्यों के लिए एक्सपर्ट्स की राय लेकर एजेंसियां काम कर रही हैं।

    मुख्यमंत्री ने बताया कि उन्होंने स्वयं मौके पर जाकर स्थलीय निरीक्षण किया और बचाव कार्यों पर लगातार नजर रखें हैं। मेडिकल की टीम भी वहाँ पर तैनात कर दी गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सुरंग के अंदर फंसे सभी मजदूर सुरक्षित हैं और उन्हें जल्द बाहर निकलने की पूरी कोशिश की जा रही है। अब तक प्रधानमंत्री तीन बार मुख्यमंत्री से स्थिति की जानकारी ले चुके हैं। पीएमओ की टीम भी मौके का निरीक्षण कर चुकी और लगातार स्थिति पर नज़र बनाये हुए है और समन्वय का कार्य कर रही है।

    गौरतलब है कि उत्तरकाशी की 4.5 किमी निर्माणाधीन सुरंग में दीवाली की सुबह 5.30 बजे मलबा आने से विभिन्न राज्यों के 41 मजदूर फंसे हुए हैं। इस बीच, नवयुग इंजीनियरिंग कम्पनी और कार्यदायी संस्था NHI DCL के खिलाफ मजदूरों के परिजन आक्रोश जता चुके हैं। कम्पनी के कार्यालय के बाहर परिजन लगातार वस्तुस्थिति जानने का प्रयास कर रहे हैं। अभी तक हुए बचाव कार्य में कोई सफलता नहीं मिली है। केंद्रीय मंत्री गड़करी, वीके सिंघ, पूर्व पीएमओ सलाहकार भास्कर खुल्बे, उप सचिव मंगेश घिल्डियाल समेत कई एक्सपर्ट्स मौके का निरीक्षण कर विकल्प की तलाश में जुटे हैं।

    इस बीच, सुरंग से मलबा हटाने में जुटी मशीन के खराब होने व पहाड़ों में कंपन होने से बचाव कार्य रोक देना पड़ा था।विदेशी एक्सपर्ट को भी बुलाया जा रहा है। और सुरंग के ऊपर से खुदाई कर मजदूरों को निकालने की दिशा में काम हो रहा है। छठ पूजा स्थल समेत कई अन्य स्थानों पर आठ दिन से सुरंग में फंसे मजदूरों की सकुशल वापसी के लिए हवन व दुआओं का दौर भी जारी है।

  • 41 जिंदगियां बचाने के लिए अब रोबोट की  मदद ली जाएगी

    41 जिंदगियां बचाने के लिए अब रोबोट की मदद ली जाएगी

    उत्तरकाशी। अब 41 जिंदगियां बचाने रोबोट जाएगा सुरंग के अंदर, रेस्क्यू में लग सकते हैं 30 से 40 घंटे सिलक्यारा सुरंग हादसे में फंसे 41 मजदूरों की जिंदगी बचाने के लिए अब रोबोट की भी मदद ली जाएगी। यह रोबोट सुरंग के अंदर आए मलबे के ऊपर बची थोड़ी सी जगह से दूसरी तरफ जाएगा।

    इस रोबोट के जरिए दूसरी तरफ पाइप डालने समेत अन्य संभावनाएं तलाशी जाएंगी। यह जानकारी सचिव आपदा प्रबंधन डॉ.रंजीत कुमार सिन्हा ने दी।12 नवंबर को यमुनोत्री हाईवे पर निर्माणाधीन सिलक्यारा सुरंग में भूस्खलन के बाद से 41 मजदूरों का जीवन संकट में है। वर्तमान में मजदूरों को बचाने के लिए पांच प्लान पर केंद्र व राज्य की करीब छह एजेंसियां काम कर रही हैं। जिसमें सिलक्यारा सुरंग के मुहाने से ऑगर मशीन से ड्रिलिंग, बड़कोट छोर से ड्रिलिंग, सुरंग के ऊपर और दाएं व बाएं तरफ से ड्रिलिंग की तैयारी हो चुकी है। सुरंग के ऊपर से ड्रिलिंग के लिए अस्थायी सड़क का निर्माण भी किया जा रहा है। लेकिन, अब इन पांच प्लान के साथ छठा प्लान भी तैयार किया जा रहा है।छोटा रोबोट ही जा सकता है।

    सचिव आपदा प्रबंधन डॉ.रंजीत कुमार सिन्हा ने बताया कि सुरंग के अंदर भूस्खलन के कारण जो मलबा आया है उसके और सुरंग की ऊपरी छत के बीच थोड़ी जगह है। जिससे एक रोबोट को भेजकर देखा जाएगा कि दूसकी तरफ कितनी जगह है। ताकि दूसरी तरफ पाइप डाला जा सके। इस पाइप का इस्तेमाल भी अंदर फंसे लोगों का जीवन बचाने में किया जा सकेगा। उन्होंने बताया कि वह जगह बेहद संकरी होने से वहां कोई छोटा रोबोट ही जा सकता है। ऐसा रोबोट भारत सरकार या किसी निजी एजेंसी के पास उपलब्ध होगा तो वह मंगाया जाएगा।रेस्क्यू में लग सकते हैं 30 से 40 घंटे
    आपदा प्रबंधन सचिव डाॅ.सिन्हा ने बताया कि सुरंग में फंसे मजदूरों को बाहर निकालने के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन दिन-रात चलाया जा रहा है। अगर सब कुछ ठीक रहा और ऑगर मशीन से ड्रिलिंग के दौरान कोई बाधा नहीं आई तो रेस्क्यू ऑपरेशन में 30 से 40 घंटे का समय लग सकता है। बड़कोट छोर से अभी दो से ढाई मीटर व्यास की बनेगी सुरंग।

    निर्माणाधीन सिलक्यारा से पोलगांव सुरंग 4.5 किमी लंबी है। जिसमें बड़कोट छोर से अभी करीब 400 मीटर सुरंग की खोदाई शेष है। अंदर फंसे लोगों को बचाने के लिए बड़कोट छोर से भी खोदाई शुरू करवाई जा रही है। हालांकि अभी उस छोर से पूरी खोदाई की जगह केवल दो से ढाई मीटर व्यास की सुरंग तैयार की जाएगी। इसमें काफी समय लग सकता है।साइड टनल आपस में मलबे के आगे मिलेंगी
    सिलक्यारा सुरंग में फंसे 41 मजदूरों को बचाने के लिए सुरंग के दाएं और बाएं से भी सुरंग बनाई जा रही है। ये दोनों निकासी सुरंग भूस्खलन के मलबे के आगे मिलेंगी। जिससे अंदर फंसे मजदूर बाहर आ सकें।

  • केंद्रीय मंत्री गड़करी के आगमन पर कोई  रेड कार्पेट नहीं बिछाई गई, डीएम उत्तरकाशी ने बताया इसे भ्रामक

    केंद्रीय मंत्री गड़करी के आगमन पर कोई रेड कार्पेट नहीं बिछाई गई, डीएम उत्तरकाशी ने बताया इसे भ्रामक

    रेड कार्पेट नहीं बिछी बल्कि गंदा हो चुका टेंट व मैट बदली गयी थी

     

    उत्तरकाशी। केंद्रीय मंत्री नितिन गड़करी के आगमन पर टनल दुर्घटना इलाके में रेड कार्पेट बिछाए जाने सम्बन्धी खबरों को डीएम ने भ्रामक करार दिया है। डीएम ने बयान जारी कर कहा कि सिलकियारा टनल में हुई दुर्घटना के कारण बड़ी संख्या में मीडिया घटना स्थल पर हर समय रहता है। लिहाजा, यहां एक मीडिया सेंटर बनाया गया। मीडिया सेंटर जिस स्थान पर है, वहां भूमि कच्ची है, तथा धूल, मिट्टी, गीलापन रहता है।

    अधिक संख्या में मीडियाकर्मी होने के कारण टेंट (बैंगनी रंग) एवं जमीन पर बिछी मैट (हरा रंग) गंदी हो गई थी। इस कारण मीडिया की सुविधा के लिए नया टेंट (सफेद) बदला गया था और मैट भी बदली गई थी, जो लाल रंग की ही उपलब्ध हो पाई।बयान में कहा कि केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी और मुख्यमंत्री का आगमन संयोगवश इसी दिन हुआ। घटना स्थल पर स्वागत हेतु Red Carpet नहीं लगाई गई थी, और न ही इस प्रकार स्वागत करने की कोई भी मंशा थी।

    गौरतलब है कि टनल में फंसे 41 मजदूरों के लिए चल रहे बचाव कार्य की समीक्षा के लिए केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी रविवार को सिलिकयारा आये। इसी दौरान रेड मैट को लेकर खबरें वॉयरल होने लगी।

  • बदरीविशाल के  जयकारो के साथ शीतकाल के लिए बंद हुए बदरीनाथ धाम के कपाट

    बदरीविशाल के जयकारो के साथ शीतकाल के लिए बंद हुए बदरीनाथ धाम के कपाट

    शनिवार को बदरीनाथ धाम के कपाट शीतकाल के लिए बंद कर दिए गए है। इसके साथ ही आज चारधाम यात्रा का भी समापन हो गया। बीकेटीसी के मीडिया प्रभारी डॉ. हरीश गौड़ ने बताया कि पंच पूजाओं के पांचवें दिन शनिवार को रावल स्त्री वेष धारण कर माता लक्ष्मी को बदरीनाथ मंदिर के गर्भ गृह में विराजमान किया था। उसके बाद उद्धव जी व कुबेर जी मंदिर प्रांगण में लाया गया। और दोपहर 3:33 बजे पर धाम के कपाट बंद कर दिए गए। बीकेटीसी अध्यक्ष अजेंद्र अजय ने कहा कि बदरीनाथ धाम के कपाट बंद होने की प्रक्रिया के तहत शुक्रवार को माता लक्ष्मी की पूजा कर उन्हें बदरीनाथ मंदिर के गर्भ गृह में विराजमान होने का आमंत्रण दिया गया था। इस दौरान मंदिर में पूजा अर्चना की गई।

    शुक्रवार को धर्माधिकारी राधाकृष्ण थपलियाल और वेदपाठी रविंद्र भट्ट और लक्ष्मी मंदिर के पुजारियों ने मां लक्ष्मी की पूजा की और उन्हें कढ़ाही भोग लगाया। और आज धाम के कपाट शीतकाल के लिए बंद कर दिए गए। इस अवसर पर बीकेटीसी उपाध्यक्ष किशोर पंवार, मुख्य कार्याधिकारी योगेंद्र सिंह, मंदिर अधिकारी राजेंद्र चौहान, दिनेश डिमरी, श्रीराम डिमरी, विपुल डिमरी, विवेक थपलियाल आदि मौजूद रहे।

  • उत्तरकाशी : सिलक्या सुरंग में 40 नहीं 41 श्रमिक है फंसे, कंपनी की बड़ी लापरवाही आई सामने

    उत्तरकाशी : सिलक्या सुरंग में 40 नहीं 41 श्रमिक है फंसे, कंपनी की बड़ी लापरवाही आई सामने

    उत्तरकाशी सिलक्या सुरंग में 40 नहीं 41 श्रमिक फंसे हुए हैं। कंपनी की लापरवाही का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि सात दिन बाद इस बात की जानकारी मिली है। 41 वें श्रमिक की पहचान बिहार मुजफ्फरपुर के गिजास टोला निवासी दीपक कुमार के रूप में हुई है। जिलाधिकारी अभिषेक रुहेला ने बताया कि जब 41 श्रमिक का नाम सूची में सामने आया तब एनएचआइडीसीएल और निर्माण कंपनी नवयुग कंस्ट्रक्शन बड़ी लापरवाही का पता चला।