Category: उत्तराखंड

  • प्रदेश में सभी टनल प्रोजेक्ट की होगी समीक्षा : सीएम धामी

    प्रदेश में सभी टनल प्रोजेक्ट की होगी समीक्षा : सीएम धामी

    प्रदेश में सभी टनल प्रोजेक्ट की होगी समीक्षा, उत्तरकाशी की घटना के बाद सीएम धामी ने दिए निर्देश

    सीएम धामी ने कहा कि टनल निर्माण का कार्य एनएचआईडीसीएल कर रही है। सुरंग का काम पूरा होने वाला था। 400 मीटर का काम शेष रह गया था। इसकी मॉनिटरिंग भी वही लोग कर रहे थे। लेकिन आगे के लिए हम इस तरह के सभी निर्माण कार्यों की समीक्षा करेंगे।

     

    उत्तरकाशी में निर्माणाधीन टनल में 40 श्रमिकों के फंसने की घटना के बाद सीएम धामी ने कहा कि प्रदेश में सभी टनल प्रोजेक्ट की समीक्षा की जाएगी। शहरों की वहन क्षमता का भी हम आकलन कर रहे हैं। बता दें कि मसूरी, देहरादून-टिहरी समेत प्रदेश में कई टनल प्रोजेक्ट प्रस्तावित व विचाराधीन हैं।उन्होंने कहा कि एजेंसियां बचाव कार्य में जुटी हैं और राज्य सरकार इसमें उनका सहयोग कर रही है। प्रधानमंत्री कार्यालय भी बचाव अभियान पर नजर बनाए हुए हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी स्वयं लगातार बचाव कार्य देख रहे हैं।

    वह समीक्षा कर रहे हैं और हम लोगों से जानकारी ले रहे हैं। मुझसे भी उन्होंने फीडबैक लिया है। प्रधानमंत्री व केंद्र सरकार के स्तर से निर्देश दिए गए हैं कि ऐसी कठिन परिस्थितियों में जो एजेंसियां व विशेषज्ञ काम करते हैं, उनसे संपर्क किया जाए। ऐसे सभी लोग अभियान से जुड़े हैं और उनका मार्गदर्शन प्राप्त हो रहा है।
    सभी को सुरक्षित बाहर निकालना, पहली प्राथमिकता
    सीएम ने कहा, मुझे बताया गया है कि वहां अत्याधुनिक मशीन ने काम करना शुरू कर दिया है। यह मशीन हर घंटे में पांच से 10 मीटर में ड्रिल करेगी। सब ठीक रहा है, तो सभी भाइयों को हम जल्द निकाल पाएंगे। वहां जितनी भी एजेंसियां काम कर रही हैं, उन्हें राज्य सरकार की ओर से हर प्रकार का सहयोग दिया जा रहा है। मुख्य सचिव व अन्य अधिकारी उनके संपर्क में हैं। तकनीकी चीजें उन्हीं को करनी है, राज्य सरकार उनको पूरा सहयोग देगी।

    सीएम ने कहा कि टनल में फंसे सभी श्रमिक सुरक्षित हैं। उनसे लगातार संपर्क हो रहा है। सभी को खाना, पानी, ऑक्सीजन सभी व्यवस्थाएं की जा रही हैं। टनल के दौरान जो हालात बने, उन्हें पहले नहीं देखा जाना चाहिए था, इस प्रश्न पर सीएम ने कहा कि अभी हमारी सबसे पहली प्राथमिकता सभी को सुरक्षित बाहर निकालने की है।

     

    एक प्रश्न पर सीएम ने कहा कि टनल निर्माण का कार्य एनएचआईडीसीएल कर रही है। सुरंग का काम पूरा होने वाला था। 400 मीटर का काम शेष रह गया था। इसकी मॉनिटरिंग भी वही लोग कर रहे थे। लेकिन आगे के लिए हम इस तरह के सभी निर्माण कार्यों की समीक्षा करेंगे।

    सीएम ने अफसरों की बैठक में लिया अपडेट, दिए निर्देश

    देर रात इंदौर से दून पहुंचे सीएम ने सुबह सचिवालय पहुंचकर उच्चाधिकारियों की एक बैठक बुलाई, जिसमें उन्होंने सुरंग में फंसे श्रमिकों को बाहर निकालने के लिए चलाए जा रहे बचाव अभियान की जानकारी ली।उन्होंने कमिश्नर गढ़वाल और आईटी गढ़वाल से अपडेट लिया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे बचाव अभियान में जुटी केंद्रीय एजेंसियों को हरसंभव मदद करें। उनके साथ बेहतर समन्वय बनाएं। उन्होंने उम्मीद जताई कि विषम परिस्थितियों के बावजूद रेस्क्यू ऑपरेशन पूरा होगा। इसके लिए हाईपावर ड्रिलिंग मशीन से काम हो रहा है। बैठक में एसीएस राधा रतूड़ी, सचिव आर मीनाक्षी सुंदर, गढ़वाल आयुक्त विनय शंकर पांडेय व सूचना महानिदेशक बंशीधर तिवारी भी मौजूद थे।

  • चतुर्थ श्रेणी कार्मिकों की वर्दी भत्ते की दरों में वृद्धि, देखें शासनादेश

    चतुर्थ श्रेणी कार्मिकों की वर्दी भत्ते की दरों में वृद्धि, देखें शासनादेश

    पदोन्नति सम्बन्धी नियमावली में संशोधन 

    देहरादून। चतुर्थ श्रेणी कार्मिकों की पदोन्नति की नियमावली में संशोधन व वर्दी भत्ते की दरों में वृद्धि सम्बन्धी शासनादेश जारी कर दिये गये हैं।

    शुक्रवार  को  चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की विभिन्न लम्बित मांगों के निराकरण के लिए  सचिव, कार्मिक की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में इस मुद्दे पर सहमति बनी।  अरुण पांडे ने बताया कि 12 दिसंबर को चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी महासंघ  की एक बैठक  शासन में हुई थी।  बैठक में सहमति बनी थी कि चतुर्थ श्रेणी के पात्र कार्मिकों की लिपिक वर्गीय पदों पर पदोन्नति हेतु शासन द्वारा निर्गत नियमावली में टाइपिंग की  गयी व्यवस्था के अनुसार चार हजार की डिप्रेशन प्रति घंटा की गति से टंकण करने वाले अभ्यर्थी अर्ह माने जाते थे।

    पुरानी व्यवस्था में संशोधन करते हुए 15 नवंबर को चार हजार के स्थान पर चौबीस सौ की डिप्रेशन प्रति घंटा की गति संशोधित नियमावली  निर्धारित कर दी गयी है। चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को प्रतिवर्ष  2400 रुपए वर्दी भत्ते के रूप में नगद धनराशि उनके खाते में जमा किये जाने सम्बधी शासनादेश भी आज जारी कर दिया गया है।  पांडे ने शासन द्वारा जारी किये गये उपरोक्त संशोधनों के लिये  मुख्यमंत्री एवं अधिकारियों का धन्यवाद किया।

     

  • इस विभाग में हुए  अधिकारियों के तबादले,देखें सूची

    इस विभाग में हुए अधिकारियों के तबादले,देखें सूची

    देखें आदेश

    तत्काल प्रभाव से विद्यालयी शिक्षा विभाग के अन्तर्गत प्रशासनिक संवर्ग में कार्यरत निम्नवत् तालिका के स्तम्भ -2 में अंकित अधिकारियों की खण्ड शिक्षा अधिकारी के पद पर पदोन्नति होने के फलस्वरूप उत्तराखण्ड लोक सेवकों के लिए वार्षिक स्थानान्तरण अधिनियम, 2017 की धारा-18 में निहित प्राविधानों के अधीन जनहित में उनके वर्तमान तैनाती स्थल से उनके नाम के सम्मुख स्तम्भ -3 में अंकित कार्यालय में एतद्द्वारा तैनात / पदस्थापित किया जाता है:-

  • सूबे में 62 लाख लोगों की बनी आभा आईडी

    सूबे में 62 लाख लोगों की बनी आभा आईडी

    54 लाख को वितरित किये गये आयुष्मान कार्ड

    आयुष्मान भवः कैम्पेन के तहत जारी है अभियान

    देहरादून। सूबे में अब तक 62 लाख से अधिक लोगों के आयुष्मान भारत हेल्थ अकाउंट (आभा आईडी) तथा 54 लाख लोगों के आयुष्मान कार्ड बनाये जा चुके हैं। राज्य के मैदानी व पर्वतीय क्षेत्रों में आयुष्मान भव अभियान के तहत आयुष्मान कार्ड व आभा आईडी बनाई जा रही है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा अभियान की हर स्तर पर निगरानी की जा रही है ताकि मार्च 2024 तक प्रदेश में शत-प्रतिशत लोगों की आभा आइडी तथा पांच वर्ष से अधिक आयु वर्ग के लोगों के आयुष्मान कार्ड बनाने का लक्ष्य प्राप्त किया जा सके।

    राज्य में चिकित्सा सेवाओं के सुदृढ़ीकरण एवं सुलभता को लेकर राज्य सरकार कोई कसर नहीं छोड़ना चाहती है। यही कारण है कि स्वास्थ्य विभाग मार्च 2024 तक प्रदेश में शत-प्रतिशत लोगों की आभा आईडी व आयुष्मान कार्ड बनाने के लक्ष्य को हासिल करने में जुटा है। विभागीय आंकड़ों के मुताबिक प्रदेश में अब तक 62 लाख 69 हजार 338 लोगों के आयुष्मान भारत हेल्थ अकाउंट (आभा आईडी) बनाये जा चुके हैं। जिनमें से 4 लाख 3 हजार 105 आभा आईडी विगत 17 सितम्बर 2023 से संचालित ‘आयुष्मान भव अभियान’ के तहत बनाई गई हैं। देहरादून जनपद में अबतक कुल 1318990 आभा आईडी बनाई गई हैं। जबकि नैनीताल में 727771, हरिद्वार 1027120, ऊधमसिंह नगर 787596, पौड़ी गढ़वाल 456124, अल्मोड़ा 351181, टिहरी गढ़वाल 360786, पिथौरागढ़ 287832, चमोली 244178, बागेश्वर 147535, चम्पावत 168874, उत्तरकाशी 204927 तथा रूद्रप्रयाग जनपद में 135138 आभा आईडी बनाई गई हैं, जबकि राष्ट्रीय पोर्टल पर तैयार 51286 आभा आईडी का चिन्हिकरण किया जा रहा है।

    इसी प्रकार राज्य में अब तक 54 लाख 38 हजार लोगों के आयुष्मान कार्ड बनाये जा चुके हैं। जिनमें से 2 लाख 12 हजार 920 आयुष्मान कार्ड आयुष्मान भव अभियान के अंतर्गत बनाये गये हैं। अल्मोड़ा जनपद में अब तक कुल 2 लाख 72 हजार आयुष्मान कार्ड बनाये जा चुके हैं। इसी प्रकार बागेश्वर में 1 लाख 20 हजार, चमोली 2 लाख 12 लाख, चम्पावत 1 लाख 23 हजार, देहरादून 11 लाख 15 हजार, हरिद्वार 9 लाख 13 हजार, नैनीताल 5 लाख 17 हजार, पौड़ी गढ़वाल 3 लाख 92 हजार, पिथौरागढ़ 2 लाख 37 हजार, रूद्रप्रयाग 1 लाख 28 हजार, टिहरी गढ़वाल 3 लाख 39 हजार, ऊधमसिंह नगर 8 लाख 84 हजार तथा उत्तरकाशी जनपद में 1 लाख 86 हजार लोगों के आयुष्मान कार्ड बनाये जा चुके हैं। आयुष्मान भव अभियान प्रदेश में निरंतर चलाया जा रहा है, जिसकी मॉनिटिरिंग स्वास्थ्य विभाग द्वारा लगातार की जा रही है। अभियान के तहत प्रत्येक जनपद की सभी चिकित्सा इकाईयों में लोगों के आयुष्मान कार्ड व आभा आईडी बनाई जा रही है, इसके साथ ही दोनों प्रकार के कार्डों के बनाने को लेकर आम लोगों को भी जागरूक किया जा रहा है।

    राज्य सरकार ने मार्च 2024 तक प्रदेश में शत-प्रतिशत लोगों की आभा आईडी व आयुष्मान कार्ड बनाने का लक्ष्य तय किया है। अब तक प्रदेश में 62 लाख लोगों की आभा आईडी व 54 लाख लोगों के आयुष्मान कार्ड बनाये जा चुके हैं। तय लक्ष्य समय पर हासिल हो, इसके लिये स्वास्थ्य विभाग प्रयासरत है।-डॉ. धन सिंह रावत, चिकित्सा स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री, उत्तराखंड सरकार।

     

  • जॉलीग्रांट एयरपोर्ट पर बौद्ध मंत्र लिखे जाने पर शंकराचार्य ने जताई नाराजगी

    जॉलीग्रांट एयरपोर्ट पर बौद्ध मंत्र लिखे जाने पर शंकराचार्य ने जताई नाराजगी

    शंकराचार्य अनंत श्री विभूषित स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती जी महाराज ने कहा कि धर्म विशेष के विरोध में नहीं .उत्तराखंड की सांस्कृतिक विरासत का उल्लेख हो

    शंकराचार्य ने एयरपोर्ट के अधिकारियों को निर्देशित किया

    चारधाम में अधिक तीर्थयात्री आये, उन्हें ज्यादा सुविधाएं दी जाय

     

    देहरादून। ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य अनंत श्री विभूषित स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती जी महाराज ने जॉलीग्रांट एयरपोर्ट पर बौद्ध मंत्र लिखे जाने पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहां कि वे किसी धर्म विशेष के विरोध में नहीं है। लेकिन उत्तराखंड देवभूमि है। इसलिए उचित होगा कि यहां की सांस्कृतिक विरासत से जुडे साहित्य तथा वेदों का भी उल्लेख यहां होना चाहिए । उन्होंने एयरपोर्ट अधिकारियों को इस बारे में निर्देशित भी किया।

    देहरादून एयरपोर्ट पर प्रेस से अनौपचारिक वार्ता में शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने कहा कि बदरीनाथ मंदिर के कपाट आगामी 18 नवंबर को शीतकाल के लिए बंद हो रहे हैं । वे दूसरी बार बतौर शंकराचार्य मंदिर के कपाट बंद होने के अवसर पर उपस्थित रहेंगे ।

    उन्होंने कहा शीतकालीन यात्रा पर भी ध्यान केंद्रित किए जाने की आवश्यकता है। इसकी शुरुआत ज्योर्तिमठ की ओर से विगत वर्ष से प्रारंभ हो गई है। कहा वे स्वय जल्दी ही शीतकालीन पूजा स्थलों की यात्रा करेंगे।

    ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य अनंत श्री विभूषित स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती जी महाराज चार दिवसीय उत्तराखंड प्रवास पर बुधवार को देहरादून पहुंचने पर उनका स्वागत एवम अभिनंदन किया गया। 18 तारीख को मंदिर के कपाट बंद होने के अवसर पर ज्योतिष पीठ की शंकराचार्य मौजूद रहेंगे।

    शंकराचार्य ने कहा कि इस वर्ष बड़ी संख्या में उत्तराखंड स्थित चार धामों गंगोत्री, यमुनोत्री , बदरी नाथ और केदारनाथ धाम में श्रद्धालु आए। लेकिन यात्रियों का लिए बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई जानी चाहिए।

    इस अवसर पर ज्योतिर्मठ प्रभारी ब्रहमचारी मुकुदानंद, ब्रहमचारी श्रवानंद , ज्योतिर्मठ के मीडिया प्रभारी डॉ बृजेश सती, चारधाम तीर्थ पुरोहित महा पंचायत के उपाध्यक्ष उमेश सती, डिमरी केन्द्रीय पंचायत के अध्यक्ष आशुतोष डिमरी, सरस्वती विहार विकास समिति के अध्यक्ष पंचम सिंह बिष्ट, सचिव गजेंद्र भंडारी, अनूप फर्त्याल, द्मंदिर संयोजक मूर्त

  • केदारनाथ धाम के कपाट शीतकाल के लिए बंद

    केदारनाथ धाम के कपाट शीतकाल के लिए बंद

    शीतकालीन पूजा स्थल श्री ओंकारेश्वर मंदिर उखीमठ में होगी

    भारतीय सेना के बैंड के भक्तिमय स्वर लहरियों के बीच

    सैकड़ों तीर्थयात्री कपाट बंद होने के साक्षी बने

    उन्नीस लाख सत्तावन हजार आठ सौ पचास ने बाबा केदार के दर्शन किये

     

    केदारनाथ धाम। बाबा की जयजयकार के बीच श्री केदारनाथ धाम के कपाट भैयादूज बुधवार को सुबह साढ़े आठ बजे विधि- विधान से बंद हो गये। शीतकालीन पूजा स्थल श्री ओंकारेश्वर मंदिर उखीमठ में होगी। 18 नवंबर को बद्रीनाथ धाम के कपाट बंद होंगे।  कपाट बंद होने के अवसर पर मंदिर को विशेष रूप से फूलों से सजाया गया था और ढाई हजार से अधिक तीर्थयात्री कपाट बंद होने के गवाह बने इस दौरान सेना के भक्तिमय धुनों के साथ जय श्री केदार तथा ऊं नम् शिवाय के उदघोष से केदारनाथ गूंज उठा।
    कपाट बंद होने के बाद भगवान केदारनाथ की पंचमुखी डोली हजारों तीर्थयात्रियों के साथ सेना के बैंड बाजों के साथ पैदल प्रथम पड़ाव रामपुर के लिए प्रस्थान हुई।

    श्री बदरीनाथ- केदारनाथ मंदिर समिति ( बीकेटीसी) अध्यक्ष अजेंद्र अजय मंगलवार को कपाट बंद की तैयारियों हेतु श्री केदारनाथ पहुंच गये थे आज इस अवसर पर उनके साथ असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्व शर्मा की धर्मपत्नी व परिजन भी कपाट बंद होने के अवसर पर मौजूद रहे।‌

    कपाट बंद होने के अवसर पर बीकेटीसी अध्यक्ष अजेंद्र अजय ने कहा कि देश के यशस्वी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की प्रेरणा तथा मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के मार्गदर्शन में श्री केदारनाथ यात्रा का सफलतापूर्वक समापन हो रहा है। इस यात्रावर्ष साढ़े उन्नीस लाख से अधिक तीर्थयात्रियों ने भगवान केदारनाथ के दर्शन किये। उन्होंने यात्रा से जुड़े सभी संस्थानों को भी बधाई दी।
    बीकेटीसी मुख्य कार्याधिकारी योगेन्द्र सिंह ने बताया कि केदारनाथ धाम में कपाट खुलने की तिथि से मंगलवार 14 नवंबर रात्रि तक 1957850(उन्नीस लाख सत्तावन हजार आठ सौ पचास ) तीर्थयात्रियों ने दर्शन किये।

    आज ब्रह्ममुहुर्त में श्री केदारनाथ मंदिर के कपाट खुले। मंदिर में नित्य नियम पूजा- अर्चना तथा दर्शन हुए तत्पश्चात कपाट बंद होने की प्रक्रिया के तहत स्वयंभू शिवलिंग से श्रृंगार अलग कर केदारनाथ रावल भीमाशंकर लिंग की उपस्थिति में पुजारी शिवलिंग ने स्थानीय शुष्क पुष्पों, ब्रह्म कमल, कुमजा,राख से समाधि रूप दिया गया। इस दौरान श्री बदरीनाथ- केदारनाथ मंदिर समिति अध्यक्ष अजेंद्र अजय पूरे समय मौजूद रहे।

    साथ ही जिला प्रशासन, पुलिस प्रशासन के अधिकारीगण, मुख्य कार्याधिकारी योगेन्द्र सिंह, तीर्थपुरोहित समाज के पदाधिकारी मौजूद रहे। ठीक साढ़े छ: बजे मंदिर गर्भ गृह में समाधि पूजा समापन की गयी तत्पश्चात मंदिर के अंदर सभामंडप में स्थित छोटे मंदिरों को भी बंद किया गया इसके बाद ठीक साढ़े आठ बजे केदारनाथ मंदिर के दक्षिण द्वार को बंद कर दिया गया तथा उसके तुरंत बाद पूरब द्वार को भी बंद किया गया।

    आजकल श्री केदारनाथ क्षेत्र बर्फ की चादर ओढ़े है । आधा फीट तक बर्फ मौजूद है आज कपाट बंद के के समय मौसम साफ रहा।

    इस अवसर पर भारतीय सेना, आईटीबीपी तथा दानीदाताओं ने तीर्थयात्रियों के लिए भंडारे आयोजित किये थे।
    बीकेटीसी मीडिया प्रभारी डा. हरीश गौड़ ने बताया कि कपाट बंद होने के बाद आज श्री केदारनाथ भगवान की पंचमुखी डोली पहले पड़ाव रामपुर पहुंचेगी। 16 नवंबर को पंचमुखी डोली गुप्तकाशी पहुंचेगी।

    17 नवंबर शुक्रवार को भगवान केदारनाथ जी की पंचमुखी मूर्ति शीतकालीन पूजा स्थल श्री ओंकारेश्वर मंदिर उखीमठ पहुंचेगी।इसके पश्चात शीतकालीन पूजास्थल श्री ओंकारेश्वर मंदिर उखीमठ में श्री केदारनाथ भगवान की शीतकालीन पूजा शुरू हो जायेगी।

    इस अवसर पर मंदिर समिति सदस्य श्रीनिवास पोस्ती,बीकेटीसी मुख्यकार्याधिकारी योगेन्द्र सिंह, तहसीलदार दीवान सिंह राणा कार्याधिकारी आरसी तिवारी, केदार सभा अध्यक्ष राजकुमार तिवारी, थाना प्रभारी मंजुल रावत प्रदीप सेमवाल, अरविंद शुक्ला, देवानंद गैरोला उम्मेद नेगी, कुलदीप धर्म्वाण, ललित त्रिवेदी सहित जनप्रतिनिधि तीर्थपुरोहित एवं हज़ारों तीर्थयात्री मौजूद रहे। उल्लेखनीय है कि श्री बदरीनाथ धाम के कपाट 18 नवंबर को बंद हो रहे है।

  • यमुनोत्री धाम के कपाट भैयादूज के पावन पर्व पर  हुए बंद

    यमुनोत्री धाम के कपाट भैयादूज के पावन पर्व पर हुए बंद

    उत्तरकाशी ।  भैयादूज के पावन पर्व पर आज बुधवार को सुबह 11बजकर 57 मिनट पर विश्व प्रसिद्ध यमुनोत्री धाम के कपाट वैदिक मंत्रोच्चार के साथ शीतकाल के लिए बंद कर दिए गए। जिसके बाद शीतकाल में छह माह तक मां यमुना के दर्शन उनके शीतकालीन प्रवास खुशीमठ (खरसाली) में होंगे। श्री पांच पंडा समिति यमुनोत्री धाम के अध्यक्ष पुरुषोत्तम उनियाल ने बताया है कि भैया दूज के पावन पर्व पर बुधवार सुबह मां यमुना के शीतकालीन प्रवास खरसाली से शनिदेव की यमुनोत्री धाम पहुंची। जहां विधिवत पूजा अर्चना एवं हवन यज्ञ क्रिया के बाद 11 बजकर 57 मिनट पर अभिजीत मुहूर्त में वैदिक मंत्रोच्चार के साथ शीतकाल के लिए यमुनोत्री धाम के कपाट बंद कर दिए गये। इस दौरान धाम में सैकड़ों श्रद्धालु मौजूद रहे। कपाट बंद करने के बाद मां यमुना की डोली यमुनोत्री धाम से शनि देव की डोली की अगुवाई में अपने शीतकालीन प्रवास खुशीमठ के लिए रवाना हुई ।  यमुनोत्री धाम के कपाट बंद होने के बाद शीतकाल में छह माह तक मां यमुना की पूजा अर्चना उनके शीतकालीन प्रवास खुशीमठ में होगी तथा यहीं पर देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालु शीतकाल में छह माह तक मां यमुना के दर्शन कर सकेंगे। जिसके बाद अगले साल पुनः अक्षय तृतीया के पर्व पर ग्रीष्म काल के लिए यमुनोत्री धाम के कपाट श्रद्धालुओं के लिए दर्शनार्थ खोल दिए जाएंगे। इस यात्रा वर्ष में यमुनोत्री धाम में दर्शनों के लिए साढ़े सात लाख श्रद्धालु पहुंचे।

  • ‘‘विकसित भारत संकल्प यात्रा’’ को राज्यपाल ने किया रवाना

    ‘‘विकसित भारत संकल्प यात्रा’’ को राज्यपाल ने किया रवाना

    प्रदेश के 4 विकासखण्डों के 18 जनजातीय बाहुल्य ग्राम पंचायतों को कवर करेगी यात्रा

     

    देहरादून। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जनजातीय गौरव दिवस के अवसर पर झारखंड से ‘‘विकसित भारत संकल्प यात्रा’’ का शुभारंभ किया। सरकार की प्रमुख योजनाओं को लोगों तक पहुंचाने व उन्हें जागरूक करने के उद्देश्य से शुरू की गई इस यात्रा के माध्यम से पहले जनजातीय व वंचित समुदायों और उसके बाद प्रत्येक व्यक्ति तक योजनाओं की संतृप्ति का लक्ष्य रखा गया है। इस संकल्प यात्रा का उद्देश्य सर्वप्रथम उन वंचित लोगों के लिए है जो किसी योजना का लाभ लेने से वंचित रहे हैं।

    यह यात्रा लोगों के पास जाने, जागरूकता पैदा करने और स्वच्छता सुविधाओं, आवश्यक वित्तीय सेवाओं, बिजली कनेक्शन, एलपीजी सिलेंडर तक पहुँच, गरीबों के लिए आवास, खाद्य सुरक्षा, उचित पोषण, विश्वसनीय स्वास्थ्य सेवा, स्वच्छ पेयजल जैसी कल्याणकारी योजनाओं का लाभ प्रदान करने पर केंद्रित है। इस अवसर पर प्रधानमंत्री ने पीएम जनमन अभियान का भी शुभारंभ किया। कार्यक्रम में उन्होंने ‘‘प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के तहत 18 हजार करोड़ रूपये की 15वीं किस्त ऑनलाइन माध्यम से पात्र किसानों को ट्रांसफर की।

    राजभवन देहरादून से इस कार्यक्रम में वर्चुअल माध्यम से राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से नि) सहित कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल, श्रीमती रेखा आर्या सहित अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे। कार्यक्रम के पश्चात राज्यपाल ने देहरादून जनपद हेतु ‘‘विकसित भारत संकल्प यात्रा’’ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह संकल्प यात्रा जनपद के 4 विकासखण्डों के 18 जनजातीय बाहुल्य ग्राम पंचायतों को आच्छादित करेगी। इस यात्रा में जनसाधारण को लाभ पहुँचाने वाली शहरी क्षेत्र के लिए कुल 17 योजनाओं के संबंध में प्रचार-प्रसार किया जायेगा।

    साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों के लिए 22 विभागों के माध्यम से संचालित की जाने वाली लाभार्थीपरक योजनाओं की जानकारी जनसाधारण को दी जायेगी। इस अवसर पर पीएम किसान सम्मान निधि की द्वितीय त्रैमास के लिए 15वीं किस्त प्रदेश के 6.80 लाख किसानों को ट्रांसफर की गई।

    इस अवसर पर राज्यपाल ने कहा कि विकसित भारत संकल्प यात्रा अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति को सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ और उन्हें योजनाओं के संबंध में जागरूक करेगी। उन्होंने कहा कि इस जागरूकता वैन के माध्यम से अनुसूचित जाति बाहुल्य पंचायतों के लोग लाभान्वित होंगे और समाज की मुख्यधारा से जुड़ सकेंगे। उन्होंने कहा कि हमें संकल्प लेना होगा कि इस संकल्प यात्रा के माध्यम से योजनाओं का शतप्रतिशत लाभ लोगों तक पहुंचे।

    राज्यपाल ने कहा कि अधिकारियों को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि यह योजना पात्र व्यक्ति तक अवश्य पहुंचे और इससे वह लाभान्वित हों। उन्होंने कहा कि आज माननीय प्रधानमंत्री जी द्वारा पीएम जनमन अभियान का भी शुभारंभ किया गया है जो जनजातीय समुदाय के लिए सशक्तिकरण का माध्यम बनेगा। राज्यपाल ने कहा कि प्रधानमंत्री जी ने अमृत काल में जिन चार स्तंभों-नारी शक्ति, युवा शक्ति, किसान और मध्यम वर्ग का जिक्र किया गया वह विकसित भारत, विश्व गुरु भारत और आत्मनिर्भर भारत महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

    इस अवसर पर उन्होंने कार्यक्रम में उपस्थित योजनाओं से लाभान्वित होने वाले किसानों से भी संवाद कर योजनाओं का फीडबैक दिया। इस कार्यक्रम में सांसद नरेश बंसल, मेयर देहरादून सुनील उनियाल गामा, विधायक मुन्ना सिंह चौहान, विधायक खजान दास, सचिव श्रीमती राधिका झा, अपर सचिव श्रीमती स्वाति एस भदौरिया, रणवीर सिंह चौहान, जिलाधिकारी देहरादून श्रीमती सोनिका, मुख्य विकास अधिकारी झरना कमठान सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी आदि उपस्थित रहे।

  • सीएम धामी ने  सात दिवसीय गौचर मेले  का किया उद्घाटन

    सीएम धामी ने सात दिवसीय गौचर मेले का किया उद्घाटन

    पारम्परिक पहाड़ी संस्कृति से सजा पांडाल बना आकर्षण का केन्द्र

    गौचर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र को उच्चीकृत करने की घोषणा

    गौचर मेले के पहले दिन ईष्ट रावल देवता की पूजा के साथ स्कूली बच्चों ने निकाली प्रभात फेरी

    देहरादून। गौचर में 71वॉं राजकीय औद्योगिक विकास एवं सांस्कृतिक मेले का शानदार आगाज हो गया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गौचर मेले का विधिवत उद्घाटन किया। मेले के उद्घाटन समारोह में मुख्यमंत्री के पहुंचने पर पारंपरिक वाद्य यंत्रों एवं फूल मालाओं से भव्य स्वागत किया गया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने गौचर में प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र का उच्चीकरण करने की घोषणा भी की।

    गौचर मेले में विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि मेले हमारे जीवन में इंद्रधनुषी रंगों की तरह हैं और जीवन में ताजगी और उत्साह भर देते हैं। प्राचीन समय में, जब संचार और परिवहन की कोई ऐसी सुविधाएं नहीं थीं, तो इन मेलों ने सामाजिक ताने- बाने को बुनने में बहुत मदद की और लोगों का सामाजिक और व्यावहारिक दायरा बढ़ाया। गौचर मेला संस्कृति, बाजार तथा उद्योग तीनों के समन्वय के कारण हमारे राज्य का एक प्रसिद्ध राजकीय मेला है। उन्होंने मेले को भव्य एवं आकर्षक स्वरूप देने के लिए जिला प्रशासन की सराहना भी की।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि औद्योगिक विकास के लिए बुनियादी ढांचे को मजबूत करना अत्यंत आवश्यक है। इसके लिए रोड कनेक्टिविटी, रेल कनेक्टिविटी, रोपवे कनेक्टिविटी, हवाई कनेक्टिविटी सहित ऊर्जा एवं जल संरक्षण के क्षेत्र में विशेष कार्य किए जा रहे हैं। प्रदेश में चारधाम सड़क परियोजना, ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेलवे लाईन का निर्माण तथा निर्माणाधीन रोपवे परियोजनाएं इस बात का उदाहरण हैं। राज्य सरकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में प्रदेश के विकास के लिए तत्पर है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड को विकसित राज्य बनाने का ‘‘विकल्प रहित संकल्प‘‘ के साथ कार्य किये जा रहे हैं। इस संकल्प के कुछ पड़ाव हमने पार कर लिए हैं पर अभी बहुत काम करना बाकी हैं।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने अंत्योदय परिवारों को तीन गैस सिलेंडर देने, प्रदेश की महिलाओं के लिये 30 प्रतिशत के क्षैतिज आरक्षण, समान नागरिक संहिता, धर्मांतरण पर रोक के लिये कानून और सख्त नकल विरोधी कानून लागू करने का काम किया है। राज्य आंदोलनकारियों व उनके आश्रितों को सरकारी नौकरियों में 10 प्रतिशत का क्षैतिज आरक्षण की व्यवस्था भी की जा रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे लिए प्रदेश और प्रदेश का हित सर्वोपरि हैं। प्रदेश में किसी भी वर्ग का अहित नहीं होने दिया जाएगा। उन्होंने देवभूमि उत्तराखंड को देश का एक ‘श्रेष्ठ राज्य‘ बनाने के लिए सभी के सहयोग और मार्गदर्शन करते रहने की बात कही।

    मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर वरिष्ठ पत्रकार राजपाल सिंह बिष्ट को गोविन्द प्रसाद नौटियाल पत्रकार सम्मान और “विद्या भारती अखिल भारतीय शिक्षण संस्थान, उत्तराखण्ड“ को पंडित महेशानन्द नौटियाल शिक्षा और साहित्य प्रसार सम्मान से सम्मानित भी किया। क्षेत्रीय विधायक अनिल नौटियाल एवं मेला उपाध्यक्ष  अंजू बिष्ट ने गौचर मेले का शुभारंभ करने पर मुख्यमंत्री का हार्दिक अभिनंदन एवं स्वागत किया और मुख्यमंत्री को क्षेत्र की समस्या से अवगत कराते हुए समस्याओं के निदान के लिए मांग पत्र भी दिया।

    गौचर मेले में पहले दिन रावल देवता की पूजा के बाद प्रातः स्कूली बच्चों ने प्रभात फेरी निकाली। मेलाध्यक्ष/जिलाधिकारी हिमांशु खुराना द्वारा झंडारोहण कर मार्चपास की सलामी ली गई। गौचर मेला मुख्य द्वार से चटवापीपल पुल तक एवं वापसी उसी रूट से होते हुए मुख्य मेला द्वार तक क्रास कण्ट्री दौड़ का आयोजन किया गया। खेल मैदान में बालक एवं बालिकाओं की दौड़, नेहरू चित्रकला प्रतियोगिता, शिशु प्रदर्शनी और शिक्षण संस्थाओं द्वारा रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए। मेले की पहली सांस्कृतिक संध्या पर रात्रि को प्रसिद्ध जागर गायिका श्रीमती बसंती बिष्ट द्वारा लोकगीत, नृत्य और जागर के साथ ही गायक जितेंद्र तुमक्याल और श्वेता मेहरा द्वारा कुमांऊनी नृत्य और संगीत की प्रस्तुति दी जाएगी। गौचर मेले में पारम्परिक पहाडी संस्कृति से सजा पांडाल मेलार्थियों के बीच खासे आकर्षण का केन्द्र बना हुआ है।

    मेले के उद्घाटन के अवसर पर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेन्द्र भट्ट, सांसद अजय टम्टा, कर्णप्रयाग विधायक अनिल नौटियाल, थराली विधायक भूपाल राम टम्टा, रुद्रप्रयाग विधायक भरत चौधरी, राज्य मंत्री रमेश गडिया, पूर्व विधायक  मुन्नी देवी शाह, कर्णप्रयाग ब्लाक प्रमुख/मेला उपाध्यक्ष  चन्द्रेश्वरी देवी, गौचर नगर पालिका अध्यक्ष/मेला उपाध्यक्ष  अंजू बिष्ट, कर्णप्रयाग नगर पालिका अध्यक्ष  दमयंती रतूड़ी, जिलाधिकारी/मेलाध्यक्ष हिमांशु खुराना, पुलिस अधीक्षक सुश्री रेखा यादव, मुख्य विकास अधिकारी डा.ललित नारायण मिश्र, एडीएम डा.अभिषेक त्रिपाठी, मेलाधिकारी संतोष कुमार पांडेय, कोषाध्यक्ष सुरेंद्र सिंह देव आदि सहित बडी संख्या में मेलार्थी मौजूद थे।

  • राज्यपाल  ने हिम ज्योति स्कूल की बच्चियों के साथ मनाया बाल दिवस

    राज्यपाल ने हिम ज्योति स्कूल की बच्चियों के साथ मनाया बाल दिवस

    देहरादून। राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से नि) ने हिम ज्योति स्कूल की बच्चियों के साथ बाल दिवस मनाया। मंगलवार को राजभवन में आईं हिम ज्योति स्कूल की बच्चियों से मुलाकात कर राज्यपाल ने उन्हें बाल दिवस की शुभकामनाएँ दीं। राज्यपाल ने बच्चियों से संवाद करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए अपना आशीर्वाद दिया। बच्चियों को संबोधित करते हुए राज्यपाल ने कहा कि जीवन में हमेशा बड़ा लक्ष्य रखें और उसे प्राप्त करने के लिए कड़ी मेहनत करें। उन्होंने कहा कि आत्मविश्वास, आत्मानुशासन किसी भी लक्ष्य को पाने के लिए जरूरी हैं। उन्होंने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति में कोई न कोई विशिष्ट प्रतिभा छुपी होती है स्वंय को पहचानकर उसी क्षेत्र में आगे बढ़ना जरूरी है। उन्होंने बच्चों से सुबह हमेशा जल्दी उठने की आदत और खुश रहने को कहा।

    राज्यपाल ने कहा कि बच्चे हमारे देश का भविष्य हैं, देश के बेहतर भविष्य के लिए बच्चों को अच्छी शिक्षा और बेहतर स्वास्थ्य दिया जाना हमारी जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि भारत में बच्चे और युवा सर्वाधिक हैं इस दृष्टि से यह जिम्मेदारी और अधिक बढ़ जाती है। बच्चों के सर्वांगीण विकास और उनको आगे बढ़ने के अवसर प्रदान किए जाने चाहिए। राज्यपाल ने विश्वास जताया कि भविष्य का भारत हमारे बच्चों और युवाओं के नेतृत्व में नई ऊँचाइयों को छुएगा। इस अवसर पर राज्यपाल की धर्मपत्नी श्रीमती गुरमीत कौर, स्कूल के ट्रस्टी हेमंत के अरोड़ा, प्रधानाध्यापिका रूमा मल्होत्रा मौजूद रहीं।