Category: उत्तराखंड

  • उत्तराखण्ड में भी  होगी शुरू  ‘गरीब कैदियों को सहायता योजना’

    उत्तराखण्ड में भी होगी शुरू ‘गरीब कैदियों को सहायता योजना’

    कमजोर आर्थिक स्थिति के कारण जुर्माना राशि व जमानत भरने में असमर्थ कैदियों को मिलेगा लाभ

    अपर मुख्य सचिव ने जारी किये आदेश

    जिलों में जिला मजिस्ट्रेट की अध्यक्षता में गठित होगी समिति लेगी ऐसे मामलों में निर्णय

    केंद्रीय गृह मंत्री द्वारा आयोजित समीक्षा बैठक में उठा था यह बिंदु

    मुख्यमंत्री ने तत्काल अनुपालन के राज्य के अधिकारियों को दिए थे निर्देश

     

    देहरादून। केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा कैदियों को वित्तीय सहायता प्रदान करने के लिए शुरू की गई ‘गरीब कैदियों को सहायता योजना उत्तराखण्ड में भी लागू होगी। इसे लेकर अपर मुख्य सचिव ने भारत सरकार के दिशा-निर्देशों और मानक संचालन प्रक्रिया के तहत जनपदों में जिला मजिस्ट्रेट की अध्यक्षता में सशक्त समिति का गठन करने के आदेश जारी किए हैं। यह समिति प्रत्येक प्रकरण में जमानत/जुर्माना राशि को लेकर निर्णय करेगी।

    गृह सचिव, भारत सरकार के पत्र 19 जून, 2023 के द्वारा वित्तीय वर्ष 2023-24 के केन्द्रीय बजट में वित्त मंत्री भारत सरकार के वक्तव्य / घोषणा ‘समाज के अन्तिम छोर पर बैठे व्यक्ति को लाभ पहुंचाना’ के क्रम में ऐसे गरीब कैदियों, जो आर्थिक तंगी के कारण उन पर लगाये गए जुर्माने को अदा न कर पाने अथवा जमानत राशि वहन न कर पाने के कारण जेल से रिहा नहीं हो पा रहे हैं, को वित्तीय सहायता प्रदान किये जाने हेतु गृह मंत्रालय, भारत सरकार ‘गरीब कैदियों को सहायता योजना’ प्रारंभ की गई है।

    इसी क्रम में बीते शनिवार को केंद्रीय गृह मंत्री द्वारा की गई समीक्षा बैठक में उक्त बिंदु प्रकाश में आया था। जिस पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राज्य के अधिकारियों को इसके तत्काल अनुपालन के निर्देश जारी किए थे, जिसके क्रम में आज अपर मुख्य सचिव ने इसे लेकर आदेश जारी कर दिए हैं।

    प्रदेश की अपर मुख्य सचिव  राधा रतूड़ी ने भारत सरकार द्वारा निर्धारित दिशा-निर्देश एवं मानक संचालन प्रक्रिया के अनुसार राज्य में इस योजना के क्रियान्वयन हेतु जनपद स्तर पर सशक्त समिति का गठन किया है। जिसमें जिला मजिस्ट्रेट अध्यक्ष जबकि जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक/पुलिस अधीक्षक, वरिष्ठ कारागार अधीक्षक/कारागार अधीक्षक, जनपद न्यायाधीश द्वारा संबंधित कारागार क्षेत्र के नामित न्यायाधीश सदस्य होंगे।

    समिति भारत सरकार द्वारा निर्धारित एसओपी के अनुसार प्रत्येक प्रकरण में जमानत/जुर्माना राशि के भुगतान के लिए धनराशि की आवश्यकता का निर्णय लेगी, जिसके क्रम में जिला मजिस्ट्रेट द्वारा अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो द्वारा गठित केंद्रीय नोडल एजेंसी से धनराशि आहरित कर जरूरी कार्रवाई करेगी। उक्त समिति एक नोडल अधिकारी भी नामित करेगी व कैदियों की आवश्यकतानुसार सामाजिक संस्था के प्रतिनिधि, समाज सेवक, जिला प्रोबेशन अधिकारी से अपेक्षित सहयोग प्राप्त करेगी।

  • मछली के शिकार में खुद जाल में फंस गया सांप

    मछली के शिकार में खुद जाल में फंस गया सांप

    वनकर्मियों ने बेहद धैर्यपूर्वक जाल काट कर सांप की बचाई जान और फिर जंगल में छोड़ा

    देहरादून। इसे कहते हैं लेने के देने पड़ जाना। आ बैल मुझे मार.. देहरादून में ठीक ऐसा ही रोमांचक मामला सामने आया। जब एक सांप खुद शिकार होते- होते बच गया। दरअसल हुआ यह कि सोमवार की सांय किदूवाला में मछलियों को खाने तालाब में घुसा सांप जाल में फंस गया। सुधीर थापा के घर के बाहर बने मछलियों के तालाब में सांप घुस गया। सांप मछलियों को खाने की कोशिश में जाल में ही फंस गया।
    सांप के जाल में फंसने की सूचना मिलते ही घर के सदस्यों में अफरा- तफरी मच गई। फौरन वन विभाग को सूचना दी गयी। वनकर्मी जितेंद्र बिष्ट,गौरव डोभाल व जीत क्षेत्री ने कैंची की सहायता से जाल काटा। और फिर सांप को जंगल में छोड़ दिया। करीब 7 फीट लम्बे सांप को पकड़कर धैर्यपूर्वक जाल को काटा गया। सांप को जंगल में छोड़े जाने के बाद थापा परिवार ने चैन की सांस ली।

  • अवैध मदरसे में बच्चों के साथ अमानवीय व्यवहार का सीएम  ने लिया संज्ञान

    अवैध मदरसे में बच्चों के साथ अमानवीय व्यवहार का सीएम ने लिया संज्ञान

    प्रदेश में संचालित समस्त मदरसों का सत्यापन किया जाएगा

    नैनीताल जिले में अवैध मदरसे की शिकायत पर प्रशासन ने छापा मार छुड़ाए थे 24 छात्र

    मदरसे के लोगों ने कुकर्म करने के प्रयास की खबरें भी बनीं चर्चा का विषय

     

    नैनीताल। जिले के ज्योलिकोट के पास स्थित वीरभट्टी में एक अवैध मदरसे में बच्चों के साथ अमानवीय व्यवहार का मुख्यमंत्री ने संज्ञान लिया । उन्होंने इस गंभीर विषय पर गृह विभाग को निर्देशित करते हुए तत्काल समस्त जिलों में संचालित समस्त मदरसों का सत्यापन कराने को कहा। जहां भी कोई अनैतिक कार्य हो रहा हो, वहां तत्काल कानूनी कार्रवाई की जाए। इस विषय पर गृह विभाग ने सभी जिलाधिकारियों को निर्देश जारी किए गए हैं।

    यह था मामला-एजेंसी से साभार

    अवैध मदरसे पर प्रशासन की छापेमारी, 24 बच्चे किए मुक्त

    भेड़ बकरियों की तरह ठूंसा था कमरे में

    नैनीताल शहर के वीरभट्टी क्षेत्र में अवैध रूप से संचालित मदरसे पर जिला प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए 24 छात्रों को छुड़ाया । मदरसे में पढ़ने वाले किसी छात्र के परिजनों ने नैनीताल जिलाधिकारी को पत्र लिखकर छात्रों के साथ हो रही मारपीट और उनके साथ दुर्व्यवहार की शिकायत की थी। इसके बाद जिलाधिकारी द्वारा दिए गए निर्देश पर प्रशासन की संयुक्त टीम ने रविवार को मदरसे में छापेमारी की।

    हल्द्वानी सिटी मजिस्ट्रेट ऋचा सिंह ने बताया कि छापेमारी के दौरान मदरसे में छात्रों को भेड़-बकरियों की तरह कमरों में रखा पाया गया। मदरसे में बच्चों के रहने के लिए कोई उचित व्यवस्था तक नहीं मिली। छात्रों को गंदा पानी पिलाया जा रहा था, जिससे छात्रों का स्वास्थ्य लगातार बिगड़ रहा था। टीम को छापेमारी के दौरान रसोई में बदबूदार खाना मिला।

    सिटी मजिस्ट्रेट ने बताया मदरसे में 34 छात्रों का पंजीकरण है, लेकिन छापेमारी के दौरान टीम को 24 छात्र उपस्थित मिले। जबकि 10 अन्य छात्र अपने परिजनों के साथ इन दिनों घर पर है। जो छात्र मदरसे में टीम को मिले. उन्होंने बताया कि मदरसा संचालकों के द्वारा छात्रों से मारपीट की जाती है। छात्रों ने बताया मदरसे के मौलवी के बेटे इब्राहिम के द्वारा उन्हें धमकी दी जाती है कि अगर मारपीट या मदरसे में होने वाली बातों की जानकारी अपने परिजनों को बताई तो परिजनों को जान से मार दिया जाएगा।

    मदरसे में स्कूली ज्ञान प्राप्त कर रहे छात्रों को मदरसा संचालकों के द्वारा पॉर्न वीडियो दिखाने का मामला सामने आया है। मदरसे में पढ़ रहे छात्रों ने बताया कि शाम को उन्हें एलईडी टीवी पर मौलाना और उनके बेटे द्वारा पॉर्न वीडियो दिखाए जाते हैं, जिसका विरोध करने पर उनके साथ मारपीट की जाती है छात्रों ने बताया कि मदरसा संचालकों के द्वारा कीड़े वाला पानी पिलाया जा रहा था। जब निरीक्षण टीम ने पानी की टंकी को खोला तो सभी टंकियों में कीड़े पड़े हुए थे। बच्चों ने बताया उन्हें रोजाना इन्हीं टंकियों का पानी पिलाया जाता है। जब बच्चे इसका विरोध करते हैं तो उनके साथ मारपीट की जाती है।

    मदरसे का निरीक्षण करने पहुंची सिटी मजिस्ट्रेट ने बताया मदरसा बिना रजिस्ट्रेशन के संचालित हो रहा है। जब उनके द्वारा मौलाना से मदरसे के दस्तावेज मांगे गए तो वह उपलब्ध नहीं करा सके। उन्होंने बताया कि मदरसे को चिट एंड फंड सोसाइटी में रजिस्टर्ड करवाने की बात कही है। परिजनों की शिकायत के बाद छापेमारी के लिए मदरसे पहुंची टीम को चौंकाने वाले तथ्य सामने मिले हैं। मदरसे में पढ़ाई कर रहे छात्रों ने बताया कि छात्रों के साथ कई बार मदरसे के लोगों ने कुकर्म करने का प्रयास किया। पूर्व में इस तरह की घटना के बाद एक छात्र मदरसा छोड़कर भाग गया था।

    सिटी मजिस्ट्रेट ऋचा सिंह ने बताया कि मदरसा बिना रजिस्ट्रेशन के संचालित पाया गया है। सील करने की कार्रवाई की जा रही है। मदरसा संचालकों को दस्तावेज उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।

  • दो दिवसीय कुमाऊं दौरे पर कैबिनेट मंत्री डॉ. धन सिंह रावत

    दो दिवसीय कुमाऊं दौरे पर कैबिनेट मंत्री डॉ. धन सिंह रावत

    नैनीताल व अल्मोड़ा जनपद में करेंगे चिकित्सा इकाईयों का निरीक्षण

    विद्यालयी शिक्षा, उच्च शिक्षा व स्वास्थ्य विभाग की लेंगे समीक्षा बैठक

    कैबिनेट मंत्री डॉ. धन सिंह रावत आगामी 10 व 11 अक्टूबर 2023 को कुमाऊं मण्डल के भ्रमण पर रहेंगे। अपने दो दिवसीय भ्रमण के दौरान डॉ. रावत नैनीताल एवं अल्मोड़ा जनपद के विभिन्न चिकित्सा इकाईयों एवं विद्यालयों का औचक निरीक्षण कर करेंगे। इसके अलावा वह दोनों जनपदों में विद्यालयी शिक्षा, उच्च शिक्षा एवं स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा बैठक लेकर स्वास्थ्य व शिक्षा व्यवस्था की जमीनी हकीकत जानेंगे।

    कुमाऊं मण्डल में स्वास्थ्य व शिक्षा व्यवस्था की जमीनी हकीकत टटोलने के लिये सूबे के कैबिनेट मंत्री डॉ. धन सिंह रावत दो दिवसीय दौरे पर रहेंगे। मीडिया को जारी बयान में उन्होंने बताया कि वह मंगलवार 10 अक्टूबर व बुधवार 11 अक्टूबर 2023 को नैनीताल व अल्मोड़ा जनपद के भ्रमण पर रहेंगे। अपने दिल्ली प्रसाव से डॉ. रावत सीधे नैनीताल जनपद पहुंचकर अपने पूर्व निर्धारित कार्यक्रमों को अमलीजामा पहुंचायेंगे। डॉ. रावत मंगलवार सुबह सबसे पहले कुसुमखेड़ा में भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं द्वारा आयोजित कार्यक्रम में शिरकत करेंगे, जहां वह पार्टी कार्यकर्ताओं से साथ बैठक कर पार्टी व सरकार की नीतियों पर चर्चा करेंगे। इसे उपरांत वह गुसांईपुर में नर्सिंग कॉलेज का निरीक्षण करेंगे। इसे बाद डॉ. रावत कालाढुंगी में सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र का निरीक्षण करेंगे। जहां वह जन स्वास्थ्य को लेकर राज्य व केन्द्र सरकार द्वारा चलाई जा रही विभिन्न योजनाओं का अवलोकन करेंगे साथ ही वह अस्पताल में भर्ती मरीजों व तीमारदारों से मिलकर उनकी समस्याओं से भी अवगत होंगे। अस्पताल भ्रमण के दौरान वह आयुष्मान भव अभियान के अंतर्गत आयोजित कार्यक्रमों की भी जानकारी हासिल करेंगे। डॉ. रावत इसके बाद कोटाबाग स्थित राजकीय महाविद्यालय में कालाढुंगी विधानसभा क्षेत्र से संबंधित विद्यालयी शिक्षा, उच्च शिक्षा एवं स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा बैठक लेंगे। इसके बाद वह सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र कोटाबाग एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र बैलपड़ाव का निरीक्षण कर स्वास्थ्य विभाग की तमाम योजनाओं की जानकारी लेंगे। इसके बाद विभागीय मंत्री हल्द्वानी स्थित उच्च शिक्षा निदेशालय में उच्च शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक लेंगे। जबकि बुधवार 11 अक्टुबर को कैबिनेट मंत्री डॉ. रावत अल्मोड़ा में अपने से संबंधित विभागों की समीक्षा बैठक लेंगे साथ ही जनपद के विभिन्न विद्यालयों एवं चिकित्सा इकाईयों का निरीक्षण कर आम लोगों से सरकारी योजनाओं की फीडबैक भी लेंगे।

  • अशासकीय विद्यालयों के शिक्षकों को वेतन नहीं मिलने से आक्रोश

    अशासकीय विद्यालयों के शिक्षकों को वेतन नहीं मिलने से आक्रोश

    शिक्षकों को वेतन नहीं, मुख्य शिक्षाधिकारी के घेराव की चेतावनी

    पौड़ी। विभागीय लापरवाही के चलते पौड़ी गढ़वाल के अशासकीय विद्यालयों के 66 इंटरमीडिएट कालेजों व माध्यमिक विद्यालयों के लगभग 1हजार शिक्षक व कर्मचारियों को सितम्बर माह का वेतन नहीं मिला है। नतीजतन, इन विद्यालयों के शिक्षक व कर्मचारी काफी गुस्से में हैं। माध्यमिक शिक्षक संघ पौड़ी के जिलाध्यक्ष डॉ महावीर सिंह बिष्ट ने बताया कि पौड़ी जिले में वेतन समय पर नहीं मिलने की समस्या को लेकर उन्होंने बीते माह मुख्य शिक्षाधिकारी से मुलाक़ात की थी।

    उन्होंने हर माह की 5 तारीख तक शिक्षक व कर्मचारियों को वेतन आहरण करने का आश्वासन दिया था। लेकिन विभागीय लापरवाही के कारण इस माह में अभी तक शिक्षक व कर्मचारियों को वेतन नहीं मिला है जबकि जिले में वेतन का पूरा बजट उपलब्ध है। संघ ने मुख्य शिक्षाधिकारी के घेराव की चेतावनी भी दी। उन्होंने बताया कि कई विद्यालयों के कार्मिकों को अभी अगस्त माह का वेतन भी नहीं मिला है । इसके साथ -साथ पदोन्नति व समय वेतनमान के भी कई मामले लंबित पड़े हुए है ।

    प्रधानाचार्य परिषद के अध्यक्ष संजय रावत ने बताया कि अब त्योहारों का मौसम शुरू हो रहा है शिक्षक व कर्मचारी वेतनविहीन है, ऐसे में उनका त्यौहार फीका ही मनेगा । जिला मंत्री भारत बिष्ट ने बताया कि समय पर वेतन नहीं मिलने से शिक्षकों को अपने घर का खर्चा चलाने, गृह ऋण भरने बच्चों के कोर्स की फीस भरने में दिक्क़त का सामना करना पड़ रहा है। माध्यमिक शिक्षक संघ के पदाधिकारियों ने चेतावनी दी है कि अगर तीन दिन में अशासकीय विद्यालयों के शिक्षक व कर्मचारियों का वेतन भुगतान नहीं हुआ तो वे जिलाधिकारी व उच्चाधिकारियों को अवगत कराएंगे।

  • युवा महोत्सव 2023- सीएम धामी  ने किया रोजगार प्रयाग पोर्टल का शुभारंभ

    युवा महोत्सव 2023- सीएम धामी ने किया रोजगार प्रयाग पोर्टल का शुभारंभ

    योजनाओं को एक जगह उपलब्ध कराने के लिए लांच किया गया युवा उत्तराखण्ड एप

    सेवायोजन कार्यालयों में स्वरोजगार केन्द्रों का भी  सीएम ने किया शुभारंभ

    कौशल विकास एवं सेवायोजन विभाग द्वारा आई.आई.टी रूड़की, माइक्रोसॉफ्ट के साथ युवाओं को कौशल विकास से जोड़ने के लिए किया गया करार



    देहरादून।  सीएम धामी ने परेड ग्राउंड देहरादून में आयोजित उत्तराखण्ड युवा महोत्सव-2023 कार्यक्रम में रोजगार प्रयाग पोर्टल का शुभारंभ किया। राज्य में रोजगार के अवसरों को एक ही पोर्टल पर उपलब्ध कराये जाने के उद्देश्य से सरकार द्वारा युवाओं के लिए यह पोर्टल विकसित किया गया है। इस अवसर पर सीएम ने ‘युवा उत्तराखण्ड एप’ लाँच किया और सेवायोजन कार्यालयों में स्वरोजगार केन्द्रों का शुभारंभ भी किया। विभिन्न विभागों द्वारा संचालित की जा रही योजनाओं को एक ही जगह उपलब्ध कराये जाने के लिए आईटीडीए द्वारा युवा उत्तराखण्ड एप विकसित किया गया है। डिजिटल जानकारी के साथ ही युवाओं को योजनाओं से संबंधित अधिक जानकारी और आवेदन के लिए सभी जनपदों में सेवायोजन कार्यालयों में रोजगार केन्द्र विकसित करने की सीएम द्वारा घोषणा की गई थी।

    घोषणा के प्रथम चरण में मुख्यमंत्री ने देहरादून एवं उधमसिंहनगर के सेवायोजन कार्यालयों में स्वरोजगार कार्यालयों का शुभारंभ किया। सीएम ने इस अवसर पर रोजगार मेलों के माध्यम से चयनित 17 अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र भी प्रदान किये और विभिन्न विभागों द्वारा लगाये गये प्रदर्शनियों का अवलोकन भी किया। उत्तराखण्ड युवा महोत्सव-2023 कार्यक्रम में सीएम की उपस्थिति में कौशल विकास एवं सेवायोजन विभाग और आई.आई.टी रूड़की के बीच एम.ओ.यू हस्ताक्षरित किया गया। आईआईटी रूड़की की तकनीकि विशेषता को राज्य की श्रमशक्ति के कौशल क्षमता के विकास के लिए यह एम.ओ.यू. किया गया। पहले चरण में कंस्ट्रक्शन सेक्टर में कार्यरत श्रम शक्ति की उच्च स्तरीय अपस्किलिंग के लिए आईआईटी रूड़की के इंक्यूबेटर सेंटर द्वारा तकनीकि सहयोग दिया जायेगा। कौशल विकास एवं सेवायोजन विभाग और माइक्रोसॉफ्ट के बीच भी एम.ओ.यू हस्ताक्षरित किया गया।

    राज्य के उच्च तकनीकि संस्थानों में पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं को माइक्रोसॉफ्ट द्वारा डिजिटल स्किल से संबंधित प्रशिक्षण दिया जायेगा। माइक्रोसॉफ्ट द्वारा समाज के वंचित समूहों को भी डिजिटल प्रशिक्षण में तकनीकि सहयोग दिया जायेगा। इस अवसर पर एल्डरली केयर गिवर के रूप में जापान में राज्य के युवाओं को जापानी भाषा और रहन-सहन संबंधी प्रशिक्षण प्रदान करने के लिए लर्नेट स्किल प्रा. लि. के साथ एमओयू किया गया। राज्य के नर्सिंग प्रशिक्षितों को इंग्लैंड एवं आयरलैंड में नर्स के रूप में कार्य करने के लिए एन्वेर्टज कंसल्टेंसी और जर्मनी में नर्स के रूप में कार्य करने के लिए जेनराईज ग्लोबल के साथ एमओयू हस्ताक्षरित किया गया।

    सीएम धामी ने परेड ग्राउण्ड देहरादून में विशाल संख्या में आये युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि आज युवाओं के लिए जहां रोजगार प्रयाग पोर्टल और युवा उत्तराखण्ड एप लॉन्च किया गया है, वहीं आईआईटी रुड़की एवं माइक्रोसॉफ्ट के तकनीकी सहयोग प्राप्त किये जाने हेतु एमओयू भी किया गया है। रोजगार प्रयाग पोर्टल से जहां विभिन्न सरकारी विभागों में आउटसोर्सिंग के माध्यम से भरे जाने वाले पदों की जानकारी एवं आवेदन करने की प्रक्रिया सरल होगी, वहीं इस पोर्टल से विभिन्न विभागों में आउटसोर्सिंग के पदों की सूचना भी युवाओं को मिल सकेगी।

    सीएम ने कहा कि देवभूमि के युवा न केवल प्रतिभा संपन्न एवं सामर्थ्यवान हैं, बल्कि मेहनती भी हैं। अनेक क्षेत्रों में हमारे प्रदेश की प्रतिभाओं ने देश और दुनिया में राज्य का नाम रोशन किया है। उन्होंने कहा कि देश और राज्य का भविष्य युवाओं की शक्ति पर निर्भर है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में नए भारत का निर्माण हो रहा है, जिसकी मजबूत नींव युवा हैं। प्रधानमंत्री के नेतृत्व में नया भारत अपने युवा साथियों की सहायता और सहयोग के लिए हमेशा तत्पर है। राज्य में युवाओं के साथ किसी भी स्तर पर अन्याय नहीं होने देंगे। उन्होंने कहा कि सरकार ने नकल विरोधी कानून लागू कर भर्तियों में घोटाले करने वाले दोषियों के खिलाफ सख्त कार्यवाही कर युवाओं के भविष्य को सुरक्षित करने का कार्य किया है। रोजगार और स्वरोजगार की दिशा में राज्य सरकार द्वारा अनेक प्रयास किये गये हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले 15 दिनों में उनके द्वारा द्वारा करीब एक हजार अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र सौंपे गए हैं।

    सीएम ने कहा कि राज्य में युवाओं को रोजगार और स्वरोजगार के साथ ही स्पोर्ट कल्चर को भी प्रोत्साहित किया जा रहा है। इसके लिए जहां एक ओर नई खेल नीति लाई गई है, वहीं नौकरियों में खेल कोटे को भी पुनः प्रारंभ किया गया है। वर्तमान में “मुख्यमंत्री उदीयमान खिलाड़ी उन्नयन योजना‘‘ के अंतर्गत खेल छात्रवृत्ति दी जा रही है। सरकार अपने युवाओं की उन्नति के लिए पूर्ण रूप से प्रतिबद्ध है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि राज्य के युवा भी प्रदेश की प्रगति और समृद्धि के लिए सरकार के साथ पूर्ण निष्ठा व समर्पण के साथ अपना योगदान देंगे। उत्तराखण्ड को देश का सर्वश्रेष्ठ राज्य बनाने के हमारे “विकल्प रहित संकल्प“ को पूर्ण करने के लक्ष्य में भागीदार बनेंगे।

    कौशल विकास एवं सेवायोजन मंत्री सौरभ बहुगुणा ने कहा कि उत्तराखण्ड के विकास के लिए युवाओं का कौशल विकास करना जरूरी है। इसी सोच के साथ युवाओं को कौशल विकास एवं रोजगार से जोड़ने के लिए युवा महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड का युवा शिक्षित है, उनको सही दिशा देने की दिशा में राज्य सरकार लगातार कार्य कर रही है। सरकार की योजनाओं से युवाओं को सभी जानकारियां मिल सके, इसलिए सभी विभागों के स्टॉल लगाये गये हैं। उन्होंने कहा कि राज्य की युवा शक्ति ही राज्य की आर्थिक समृद्धि का आधार है। युवा शक्ति कुशल एवं सशक्त होगी तभी राज्य निरंतर प्रगति करेगा। सभी सरकारी योजनाओं का पात्र लोग पूरा फायदा उठा सकें, इस दिशा में लगातार प्रयास किये जा रहे हैं।

    इस अवसर पर मेयर सुनील उनियाल गामा, विधायक खजानदास, बृज भूषण गैरोला, सचिव विजय कुमार यादव, दीपेन्द्र चौधरी, निदेशक आईटीडीए  नितिका खंडेलवाल उपस्थित उपस्थित थे।

  • यहाँ बड़ा हादसा होने से टला, बाल बाल बचें 20 बस यात्री

    यहाँ बड़ा हादसा होने से टला, बाल बाल बचें 20 बस यात्री

    दिल्ली से गंगोलीहाट जा रही रोडवेज की बस चितई के पास अचानक सड़क से नीचे उतरी गयी जिससे बड़ी दुर्घटना होने से बच गया बस में सवार 20 यात्री सभी सही सलामत आज सुबह 5 बजे की है घटना यात्रियों को दूसरी बस से किया रवाना

  • पुलिस को अपने इंटेलिजेंस तंत्र को और अधिक मजबूत करना होगा : राज्यपाल

    पुलिस को अपने इंटेलिजेंस तंत्र को और अधिक मजबूत करना होगा : राज्यपाल

    आधुनिक पुलिसिंग के लिए साइबर अपराध एक बड़ी चुनौती

    49वीं अखिल भारतीय पुलिस विज्ञान कांग्रेस का समापन

    देहरादून। राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से नि) ने रविवार को एफआरआई, देहरादून में 49वीं अखिल भारतीय पुलिस विज्ञान कांग्रेस के समापन के अवसर पर बतौर मुख्य अतिथि प्रतिभाग किया। समापन सत्र को संबोधित करते हुए राज्यपाल ने कहा कि पुलिस विज्ञान कांग्रेस में सभी ने बहुत ही महत्वपूर्ण विषयों पर समस्याओं के समाधान के लिए कार्य किया है। उन्होंने कहा कि सामुदायिक पुलिसिंग, संगठित अपराध, नार्कोटिक्स, साइबर सुरक्षा की चुनौतियाँ, प्रभावी सीमा प्रबंधन, भीड़ हिंसा, पुलिस और सी0ए0पी0एफ0 के मध्य समन्वय, जेल प्रबन्धन तथा वी0आई0पी0 सुरक्षा जैसे संवेदनशील विषयों पर गहनतापूर्वक चर्चा की गयी जो, प्रशंसनीय है।

    राज्यपाल ने कहा कि वर्तमान में बदलते हुए परिदृश्य के अनुसार पुलिस को अपने इंटेलिजेंस तंत्र को और अधिक मजबूत करना होगा। वर्तमान समय में अपराधी, अपराध करने के नए-नए तरीके अपना रहे हैं, उनसे एक कदम आगे बढ़कर अपने आप को तैयार करना होगा। राज्यपाल ने कहा कि आधुनिक पुलिसिंग के लिए साइबर अपराध एक बड़ी चुनौती है, इससे निपटने के लिए पुलिस बलों को साइबर मॉनिटरिंग से संबंधित क्षेत्रों में क्षमता विकास और उन्नयन की नितांत आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि पुलिस बल को तकनीकी के साथ-साथ सक्षम माध्यमों से सुसज्जित रहने की आवश्यकता है ताकि अपराधियों से निपटा जा सके।

    राज्यपाल ने कहा कि पुलिस का कार्य वास्तव में चुनौतीपूर्ण है लेकिन अपनी कार्यकुशलता और सूझबूझ से पुलिस के प्रति लोगों के मध्य बनी गलत धारणाओं को खत्म करने का प्रयास करना चाहिए। पुलिस के अच्छे कार्यों को जनमानस तक पहुंचाना भी आवश्यक है। उन्होंने कहा कि अमृतकाल के इस दौर में विकसित भारत एवं विश्वगुरू भारत के लक्ष्य को पूरा करने के लिए पुलिस बलों का महत्वपूर्ण योगदान है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि इस पुलिस विज्ञान कांग्रेस में किये गए चिंतन, मनन और चर्चाओं से पुलिसिंग तथा आंतरिक सुरक्षा हेतु महत्वपूर्ण सुझाव प्राप्त होंगे।

    राज्यपाल ने कहा कि भारत को विकसित राष्ट्र बनाने में महिलाओं की भागीदारी महत्वपूर्ण है। महिलाओं और बालिकाओं से जुड़े मुद्दे अत्यन्त संवेदनशील हैं। उनके लिए सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराना हमारी सबसे बड़ी कामयाबी होगी इसके लिए व्यापक कदम भी उठाए जाने जरूरी हैं। उन्होंने उत्तराखण्ड पुलिस के द्वारा किए जा रहे कार्यों की भी सराहना की और कहा कि उत्तराखण्ड में पुलिस को विभिन्न प्रकार की चुनौतियों से निपटना पड़ता है, इस दिशा में उनके कार्य प्रशंसनीय हैं। इस अवसर पर उन्होंने पुलिस विज्ञान कांग्रेस में लगी पुलिस-टैक प्रदर्शनी का भ्रमण कर अवलोकन किया।

    इस अवसर पर मुख्य सचिव डॉ. एस.एस.संधू ने कहा कि हमें आधुनिक तकनीकों को अपनाना जरूरी है, बिना आधुनिक तकनीकों के हमारा अस्तित्व नहीं हो सकता। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री जी के 25 सालों में विकसित भारत के लक्ष्य को पूरा करने के लिए विकसित देशों की पुलिसिंग द्वारा अपनायी जाने वाली तकनीकों और हमारी तकनीकों के गैप को कम से कम या खत्म करना होगा। उन्होंने देश के अग्रणी शैक्षिक संस्थाओं के साथ मिलकर पुलिस आधुनिकरण हेतु विशेष कार्य योजना बनाए जाने की जरूरत बतायी।

    महानिदेशक पुलिस अनुसंधान एवं विकास ब्यूरो बालाजी श्रीवास्तव ने पुलिस कांग्रेस में दो दिवसीय चर्चाओं के बारे में संक्षिप्त जानकारी दी। डीजीपी अशोक कुमार ने उपस्थित सभी प्रतिभागियों का धन्यवाद ज्ञापित किया। इस अवसर पर पुलिस अनुसंधान एवं विकास ब्यूरो के आईजी रवि जोसेफ लोक्कू सहित विभिन्न राज्यों के पुलिस अधिकारी मौजूद रहे।

  • गढ़भोज दिवस पर शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत का ऐलान, मिलेट्स पर आयोजित होगी राज्य स्तरीय निबंध प्रतियोगिता

    गढ़भोज दिवस पर शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत का ऐलान, मिलेट्स पर आयोजित होगी राज्य स्तरीय निबंध प्रतियोगिता

     

    कहा, युवा पीढ़ी के लिये जरूरी है अपनी संस्कृति व पराम्पराओं का ज्ञान

    देहरादून। प्रदेशभर में मनाये जा रहे गढ़भोज दिवस पर सूबे के विद्यालयी शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने उत्तराखंड के परम्परागत अनाजों को बढ़ावा देने के लिये सभी राजकीय विद्यालयों में राज्य स्तरीय निबंध प्रतियोगिता का आयोजन करने का ऐलान किया है। जिससे उत्तराख्ांड की युवा पीढ़ी को अपनी संस्कृति व परम्परागत ज्ञान के साथ ही पहाड़ के अनाजों के बारे में भी जानकारी हासिल हो सके।

    यह बात विद्यालयी शिक्षा मंत्री डॉ. रावत ने हिमालयन पर्यावरण जड़ी-बूटी एग्रो संस्थान ‘जाड़ी’ एवं पर्वतीय विकास शोध केन्द्र के तत्वाधान में राजीव गांधी नवोदय विद्यालय रायपुर देहरादून में आयोजित गढ़भोज दिवस एवं सम्मान-2023 समारोह में कही। डॉ. रावत ने कहा कि भारत सरकार ने देश में मोटे अनाज को बढ़ावा देने के लिये केन्द्रीय बजट में वित्तीय प्रावधान करते हुये अन्नश्री योजना शुरू की है, ताकि देशभर में परम्परागत मोटे अनाजों (मिलेट्स) के उत्पादन को बढ़ावा देकर किसानों की आय को दोगुना किया जा सके। यही नहीं प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के प्रस्ताव पर संयुक्त राष्ट्र संघ ने वर्ष 2023 को अंतर्राष्ट्रीय मिलेट्स ईयर घोषित किया है। जिसके तहत पूरी दुनियां में मोटे अनाजों को बढ़ावा देने के लिये विभिन्न स्तरों पर कार्य किये जा रहे हैं। डॉ. रावत ने बताया कि राज्य में भी सहकारिता विभाग के माध्यम से मोटे अनाजों मंडुवा, झंगोरा, चौलाई आदि की खरीद सीधे किसानों से की जा रही है जिससे किसानों को अच्छी खासी आमदानी हो रही है। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने प्रदेश के विद्यालयों में दिये जा रहे मिड-डे मीड में भी मोटे अनाजों को शामिल किया है, जिससे छात्र- छात्राओं को पौष्टिक आहार मिल रहा है। विद्यालयी शिक्षा मंत्री ने बताया कि राज्य में उत्पादित मोटे अनाजों पर राजकीय विद्यालयों में निबंध प्रतियोगिता का आयोजन किया जायेगा। जिसमें बेहतर प्रदर्शन करने वाले छात्र-छात्राओं को प्रदेश एवं जनपद स्तर पर सम्मानित एवं पुरस्कृत किया जायेगा।

    गढ़भोज कार्यक्रम में आयोजकों द्वारा शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत को आज उनके जन्मदिवस पर शॉल, स्मृति चिन्ह व बुके देकर सम्मानित किया गया। इसके साथ ही डॉ रावत द्वारा पहाड़ी अनाजों एवं व्यंजनों पर आधारित पुस्तक लिखने के लिये प्रदेश की तीन शिक्षिकाओं हरिद्वार से डॉ. नीतू गुप्ता, डॉ. श्वेता तथा रानीखेत अल्मोड़ा से डॉ. नमिता बिष्ट को शॉल एवं स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया, जबकि नशा मुक्ति केन्द्र में गढ़भोज को प्रोत्साहन देने के लिये देहरादून के उदय प्रताप सिंह को भी सम्मानित किया गया।
    इस मौके पर गढ़भोज अभियान के प्रणेता द्वारिका प्रसाद सेमवाल, संस्था के अध्यक्ष डॉ. अरविंद दरमोड़ा, तत्व संस्था की सचिव आकांक्षा जायसवाल, गिरधारी बोरा, प्रो. जे.पी. पचौरी, प्रो. एम.एस.एम. रावत, प्रो. के.डी. पुरोहित, डॉ. ममता, डॉ. विनोद कुमार, डॉ. यतीश वशिष्ठ, सुभाष रमोला, एपीडी समग्र शिक्षा मुकुल सती, नवोदय विद्यालय की प्रधानाचार्या सुनीता भट्ट सहित अभियान से जुड़े विभिन्न संस्थाओं के सदस्य एवं विद्यालय के छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

    नवोदय विद्यालय में गढ़भोज का उठाया लुत्फ
    हिमालयन पर्यावरण जड़ी-बूटी एग्रो संस्थान ‘जाड़ी’ एवं पर्वतीय विकास शोध केन्द्र के तत्वाधान में राजीव गांधी नवोदय विद्यालय रायपुर देहरादून में आयोजित गढ़भोज दिवस पर कार्यक्रम में मौजूद अतिथियों एवं विद्यालय के छात्र-छात्राओं को मोटे अनाजों से तैयार विभिन्न व्यंजन परोसे गये। जिसका सभी ने भरपूर लुत्फ उठाते हुये आयोजकों का आभार व्यक्त किया। मिलेट्स से तैयार व्यंजनों में प्रमुख रूप से स्थानीय चावलों से तैयार लाल भात, कोदे की पुरी, झंगोरे की खीर, भट की भटवाणी, चुटकाणी, चैंसु, हर्षिल की राजमा, पहाडी ककड़ी का रायता शामिल थे।

  • शिक्षा व्यवस्था को परखने स्कूलों में जायेंगे विभागीय अधिकारी

    शिक्षा व्यवस्था को परखने स्कूलों में जायेंगे विभागीय अधिकारी

    विद्यालयों में उपलब्ध मूलभूत सुविधाओं का करेंगे अवलोकन

    कलस्टर, अटल उत्कृष्ट व पीएमश्री स्कूलों की भी जांचेंगे स्थिति

    शिक्षक संगठनों व अभिभावक संघों से संवाद कर लेंगे सुझाव

     

    देहरादून। स्वास्थ्य विभाग की तर्ज पर अब विद्यालयी शिक्षा विभाग के शीर्ष अधिकारी प्रत्येक स्कूलों में जाकर शिक्षा व्यवस्था का जायजा लेंगे। इस संबंध में सूबे के विद्यालयी शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने सचिव से लेकर निदेशालय के अधिकारियों को पत्र लिखकर निर्देश जारी किये हैं। भ्रमण के दौरान अधिकारी विद्यालयों में भवनों की स्थिति एवं मूलभूत सुविधाओं, शिक्षकों की विषयवार उपलब्धता, छात्रों की उपस्थिति, कलस्टर विद्यालय, अटल उत्कृष्ट एवं पीएम-श्री स्कूलों की अद्यतन स्थिति सहित केन्द्र व राज्य सरकार द्वारा चलाई जा रही विभिन्न योजनाओं का मूल्यांकन करने के साथ ही शिक्षक संगठनों व अभिभावक संघों से संवाद स्थापित कर सुझाव प्राप्त कर रिपोर्ट शिक्षा मंत्रालय को सौंपेंगे।

    कैबिनेट मंत्री डॉ. धन सिंह रावत की इस मुहिम से जहां एक ओर विभागों के कामकाज में पारदर्शिता आयेगी वहीं दूसरी ओर अधिकारियों एवं कर्मचारियों के बीच बेहतर कार्य संस्कृति विकासित होगी। जिसका लाभ प्रदेशभर के विभिन्न विद्यालयों में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं को मिलेगा। विभागीय मंत्री ने अधिकारियों को प्रेषित आदेश में 09 अक्टूबर से 10 नवम्बर 2023 तक सभी राजकीय विद्यालयों में जाकर वहां की भौतिक स्थिति का विस्तृत आंकलन करते हुये सम्पूर्ण रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश दिये हैं जिसकी बाद में उनके द्वारा स्वयं समीक्षा की जायेगी। विभागीय मंत्री के इस आदेश से जहां कुछ अधिकारियों में हडकंप मचा है वहीं कुछ विभागीय अधिकारी इसे एक बेहतर पहल बता रहे हैं। जनपद भ्रमण के दौरान विभागीय अधिकारियों को संबंधित विद्यालयों में मूलभूत सुविधाओं, विद्यालय भवनों, कक्षा-कक्षों की उपलब्धता, पेयजल सुविधा, विद्युतीकरण, प्रयोगशाला, पुस्तकालय, खेल सामग्री, फर्नीचर, खेल मैदान व छात्र-छात्राओं के लिये पृथक शौचालयों का अवलोकन कर रिपोर्ट तैयार करेंगे।

    इसके अलावा छात्र संख्या के अनुपात में शिक्षकों की विषयवार उपलब्धता, छात्र-छात्राओं की उपस्थिति, पाठ्य पुस्तकों की उपलब्धता, विद्यालय गणवेश की स्थिति सहित सभी बिंदुओं पर रिपोर्ट तैयार करेंगे। विभागीय मंत्री द्वारा जारी पत्र में अधिकारियों से कलस्टर विद्यालय, अटल उत्कृष्ट विद्यालय, पीएम-श्री विद्यालय, कस्तूरबा गांधी बालिका छात्रावास, तथा नेताजी सुभाष चन्द्र बोस आवासीय छात्रावास के साथ ही राजीव नवोदय विद्यालयों का भी निरीक्षण करने को कहा गया है। इसके अतिरिक्त विभिन्न विद्यालयों में आईसीटी वर्चुअल लैब, स्मार्ट क्लास व व्यावसायिक पाठ्यक्रम में अध्ययनरत कक्षा 09 से 12 तक के छात्र-छात्राओं का भी विवरण तैयार करेंगे। यही नहीं अधिकारियों को जनपद भ्रमण के दौरान शिक्षक संगठनों व अभिभावकों से संवाद कर शिक्षा व्यवस्था में सुधार के लिये सुझाव प्राप्त करने की भी अपेक्षा की गई है। इससे पहले शनिवार 7 अक्टूबर से सभी खण्ड शिक्षा अधिकारी अपने-अपने विकासखण्डों में स्थित विद्यालयों का सघन भ्रमण कर अपने स्तर से भी रिपोर्ट तैयार करेंगे ताकि जनपद स्तरीय भ्रमण पर आने वाले विभाग के उच्चाधिकारियों को विस्तृत आख्या तैयार करने में सहयोग मिल सके।

    शिक्षा विभाग के अधिकारियों को आवंटित जनपद
    विभिन्न जनपदों में जाकर स्कूलों की तमाम गतिविधियों का अवलोकन हेतु सचिव शिक्षा रविनाथ रमन को जनपद देहरादून, अपर सचिव योगेन्द्र यादव को टिहरी व उत्तरकाशी, रंचना राजगुरू को चमोली व रूद्रप्रयाग, महानिदेशक विद्यालयी शिक्षा बंशीधर तिवारी पौड़ी, अपर सचिव एम.एम. सेमवाल नैनीताल व ऊधमसिंह नगर, निदेशक माध्यमिक शिक्षा सीमा जौनसारी एवं संयुक्त सचिव जे.एल. शर्मा को पिथौरागढ़ व चम्पावत, संयुक्त सचिव बी.एस. बोरा तथा निदेशक प्रारम्भिक शिक्षा आर.के. उनियाल को अल्मोड़ा व बागेश्वर, निदेशक अकादमिक व शोध प्रशिक्षण वंदना गर्ब्याल तथा उप सचिव अनिल कुमार पाण्डेय को जनपद हरिद्वार की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

    शिक्षा विभाग में संचालित विभिन्न परियोजनाओं को धरातल पर उतारने, विद्यालयों में उपलब्ध संसाधनों का भौतिक अवलोकन करने तथा शिक्षक संगठनों व अभिभावकों से संवाद स्थापित कर गुणात्मक शिक्षा के लिये बेहतर सुझाव प्राप्त करने के दृष्टिगत विभागीय अधिकारियों को स्कूलों का भ्रमण कर विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिये हैं।