निर्वाचन आयोग की चेतावनी- ओटीपी किसी से साझा न करें
मतदाता सूची पुनरीक्षण अभियान शुरू
बीएलओ को समय पर लौटाएं गणना फार्म
देहरादून। भारत निर्वाचन आयोग के निर्धारित कार्यक्रम के तहत उत्तराखंड में विधानसभा निर्वाचक नामावली के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) का कार्य 8 जून 2026 से शुरू हो गया है। मतदाताओं की सुविधा के लिए राज्य मुख्यालय तथा सभी जनपद मुख्यालयों में कंट्रोल रूम और हेल्प डेस्क स्थापित किए गए हैं।
निर्वाचन विभाग के अनुसार, किसी भी जनपद के बाहर से टोल फ्री नंबर 1950 पर संपर्क करने के लिए संबंधित जनपद का एसटीडी कोड लगाना अनिवार्य होगा, जबकि जनपद के भीतर रहने वाले मतदाता सीधे 1950 डायल कर आवश्यक जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। विशेष गहन पुनरीक्षण से संबंधित किसी भी प्रकार की जानकारी, सहायता या शिकायत के लिए मतदाता इन कंट्रोल रूम और हेल्प डेस्क से संपर्क कर सकते हैं।
इसके अतिरिक्त मतदाता भारत निर्वाचन आयोग की वेबसाइट पर लॉगिन कर “बुक अ कॉल विद बीएलओ” सुविधा के माध्यम से अपने बूथ लेवल अधिकारी (बीएलओ) से सीधे संपर्क कर सकते हैं। इसके लिए मतदाता को अपना ईपीआईसी (मतदाता पहचान पत्र) नंबर और मोबाइल नंबर दर्ज करना होगा।
voters.eci.gov.in
निर्वाचन विभाग ने साइबर ठगी से सावधान रहने की सलाह देते हुए स्पष्ट किया है कि भारत निर्वाचन आयोग अथवा निर्वाचन कार्य में तैनात कोई भी अधिकारी या कर्मचारी किसी मतदाता से ओटीपी नहीं मांगता है। इसलिए किसी भी परिस्थिति में अपना ओटीपी किसी के साथ साझा न करें।
विभाग ने मतदाताओं से अपील की है कि बीएलओ द्वारा उपलब्ध कराए गए गणना फार्म में सही एवं पूर्ण जानकारी दर्ज करें, निर्धारित स्थान पर हस्ताक्षर करें तथा उसकी प्रति समय पर बीएलओ को वापस उपलब्ध कराएं, ताकि मतदाता सूची के पुनरीक्षण का कार्य सफलतापूर्वक संपन्न हो सके।
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने डिफेंस कॉलोनी के लिए चार ओपन जिम और एक बैडमिंटन कोर्ट स्वीकृत किया है। इस आशय की जानकारी डिफेंस कॉलोनी प्रबंधन समिति की अध्यक्षा शशि चौधरी ने दी है।
पूर्व अपनिदेशक माध्यमिक शिक्षा उत्तराखंड एवं समिति अध्यक्ष शशि चौधरी ने बताया कि प्रबंधन समिति ने कुछ समय पूर्व ही डिफेंस कॉलोनी में ओपन जिम और बैडमिंटन कोर्ट को निर्मित किए जाने का प्रस्ताव मुख्यमंत्री के सम्मुख प्रस्तुत किया था, जिसे मुख्यमंत्री ने स्वीकृत कर लिया है। चौधरी ने बताया कि मुख्यमंत्री कार्यालय से समिति को यह सूचना दूरभाष से अवगत की गई है।
समिति के प्रस्ताव को तत्काल स्वीकृत किए जाने पर डिफेंस कॉलोनी निवासियों तथा समिति पदाधिकारी ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का आभार प्रकट किया है। आभार प्रकट करने वालों में डिफेंस कॉलोनी प्रबंधन समिति की अध्यक्षा- शशि चौधरी, उपाध्यक्ष-कर्नल बी एस पंवार,सचिव- कर्नल आर एस खत्री एवं सदस्य डॉ सुमित्रा राणा प्रमुख तौर पर शामिल हैं।
राज्य में स्टार्टअप कल्चर को बढ़ावा दे रही सरकार-सीएम
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को उत्तराखण्ड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग के माध्यम से शहरी विकास, कौशल विकास एवं सेवायोजन विभाग, पशुपालन विभाग में विभिन्न पदों पर चयनित 221 अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र वितरित किए।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सभी चयनित अभ्यर्थियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि शहरी विकास, कौशल विकास एवं सेवायोजन तथा पशुपालन विभाग के अंतर्गत आज नवचयनित 221 युवाओं को नियुक्ति पत्र प्रदान किए जा रहे हैं। राज्य में बीते साढ़े चार वर्षों में सरकार ने 33 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी सेवाओं से जोड़ने का काम किया है। उन्होंने कहा यह पल युवाओं की वर्षों के परिश्रम और संघर्ष की सफलता का स्वर्णिम क्षण है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि युवाओं के चेहरों पर मुस्कान बताती है कि राज्य सरकार, सही दिशा में आगे बढ़ रही है। राज्य के युवा वर्तमान के साथ भविष्य की भी सबसे बड़ी पूंजी है। उन्होंने कहा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में युवाओं को रोजगार, स्वरोजगार और बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के लिए निरंतर कार्य कर रही है।
नई स्टार्टअप नीति, राज्य में नया स्टार्टअप कल्चर को बढ़ावा दे रही है।
मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना और युवा प्रोत्साहन योजनाओं के माध्यम से युवाओं को आर्थिक और तकनीकी रूप मजबूत किया जा रहा है। सरकार के प्रयासों से युवा आज अपने सपनों को लेकर पहले से कई अधिक आश्वस्त है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि एक समय ऐसा था जब युवाओं के सपनों और उनके माता-पिता के त्याग के साथ अन्याय होता था। पर आज रिकॉर्ड समय में भर्तियां पूरी हो रही हैं। पहले युवाओं को हताशा और निराशा मिलती थी, आज राज्य सरकार युवाओं को नियुक्ति पत्र सौंपने का काम करती है।
मुख्यमंत्री ने कहा राज्य सरकार, युवाओं के भविष्य के साथ किसी भी कीमत पर समझौता नहीं होने देगी। उन्होंने कहा आज के दिन, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को प्रधानमंत्री के रूप में पूरे 12 वर्ष पूरे हो रहे हैं। जो अपने आप में एक ऐतिहासिक दिन है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने नकल माफियाओं के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की। राज्य सरकार ने देश में सबसे कड़ा कठोर नकल विरोधी कानून लागू किया है। मुख्यमंत्री ने यह स्पष्ट किया कि आगे भी राज्य सरकार इसी रफ्तार, पारदर्शिता और निष्पक्षता के साथ युवाओं को लगातार रोजगार के अवसर देती रहेगी। उन्होंने कहा विभागों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि खाली पदों को भी तुरंत भरा जाए।
मुख्यमंत्री ने कहा सभी अभ्यर्थियों से सरलीकरण, समाधान, निस्तारीकरण और संतुष्टि के मंत्र को अपना ध्येय मानकर हर गरीब, हर जरूरतमंद की समस्या का समाधान करने की बात कही।
उन्होंने कहा नए अभ्यार्थी केवल सरकारी कर्मचारी नहीं हैं बल्कि उत्तराखंड के विकास के सहभागी भी हैं। मुख्यमंत्री ने कहा प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश, विकसित भारत-2047 के महान संकल्प के साथ आगे बढ़ रहा है। इस अमृतकाल में सभी ने मिलकर इस महायज्ञ में सक्रिय भागीदारी निभानी है और राष्ट्र निर्माण में अपना अमूल्य योगदान देना है।
कैबिनेट मंत्री सौरभ बहुगुणा ने कहा कि उत्तराखंड में एक समय ऐसा था जब लोग सरकारी नौकरी का सपना देखा करते थे, पर आज टैलेंटेड युवा अपनी मेहनत से सरकारी नौकरी पा रहा है।
तय समय में युवाओ को नियुक्ति पत्र भी मिल रहे हैं। अब तक मुख्यमंत्री के नेतृत्व में हजारों युवा को बिना किसी शिकायत के सरकारी नौकरी मिली है।
मुख्यमंत्री धामी ने राज्य के बच्चों के भविष्य को संवारने का काम किया है। उन्होंने बताया कौशल विकास एवं सेवायोजन विभाग के प्रशिक्षण प्रखण्ड के अन्तर्गत चयनित 173 अनुदेशकों, 04 वैयक्तिक सहायकों एवं पशुपालन विभाग में चयनित 09 वैयक्तिक सहायक को नियुक्ति पत्र वितरित किए जा रहे हैं।
कैबिनेट मंत्री राम सिंह कैड़ा ने कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में बिना सिफारिश के नियुक्तियां हो रही हैं। आज मेहनती बच्चों को ही पारदर्शिता से नौकरियां मिल रही हैं। बीते 2 वर्षों में शहरी विकास विभाग में 215 लोगों को नियुक्ति पत्र वितरित किए गए हैं। आज शहरी विकास विभाग में चयनित 35 सहायक लेखाकारों को नियुक्ति पत्र वितरण किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा आज युवा मुख्यमंत्री धामी पर भरोसा करते हैं।
इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी, विधायक उमेश शर्मा काऊ, विधायक श्रीमती सविता कपूर, गौ सेवा आयोग के अध्यक्ष राजेंद्र अणथ्वाल, भूपेंद्र कंडारी, सचिव नितेश झा, अपर सचिव सी. रविशंकर एवं अन्य लोग मौजूद रहे।
राज्य सरकार ने जारी किए आदेश, दो वर्ष की परिवीक्षा अवधि पर रहेंगी नियुक्तियां
देहरादून। उत्तराखंड शासन के सहकारिता अनुभाग-01 ने विभागीय पदोन्नति समिति की संस्तुति के आधार पर चार सहायक निबंधकों को पदोन्नत करते हुए उप निबंधक पद पर नियुक्ति प्रदान की है।
इस संबंध में शासन ने सोमवार को आदेश जारी कर दिए।
जारी कार्यालय ज्ञापन के अनुसार सहकारिता विभाग में कार्यरत सहायक निबंधक मनोज कुमार पुनेठा, सुरेन्द्र पाल, राजेश चौहान तथा मोनिका चुंगरा को नियमित रूप से पदोन्नत कर उप निबंधक पद पर नियुक्त किया गया है। इन अधिकारियों को वेतनमान ₹67,700-2,08,700 (लेवल-11) में पदोन्नति का लाभ मिलेगा।
शासन के आदेश में कहा गया है कि पदोन्नत अधिकारियों को दो वर्ष की परिवीक्षा अवधि पर रखा जाएगा। इनकी तैनाती से संबंधित अलग-अलग आदेश पृथक रूप से जारी किए जाएंगे।
उप सचिव जगजीवन प्रकाश बेरी द्वारा जारी आदेश को राज्यपाल की स्वीकृति प्राप्त है। आदेश की प्रतिलिपि महालेखाकार, सहकारी समितियों के निबंधक, मंडलायुक्तों, जिलाधिकारियों तथा अन्य संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई एवं सूचना के लिए भेजी गई है।
सहकारिता विभाग में हुई इस पदोन्नति को प्रशासनिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इससे विभागीय कार्यों के संचालन में और अधिक दक्षता आने की उम्मीद जताई जा रही है।
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवर को स्वतंत्रता संग्राम सेनानी केदार सिंह स्टेडियम, नागथात में आयोजित जौनसार बावर लोक सांस्कृतिक महोत्सव एवं क्रीड़ा समारोह-2026 में प्रतिभाग किया।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने स्वतंत्रता संग्राम सेनानी स्व. केदार सिंह की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की।
मुख्यमंत्री ने इस दौरान समरजेंस मोटर मार्ग का चौड़ीकरण और डामरीकरण का कार्य किए जाने, प्राथमिक विद्यालय नागथात को आदर्श विद्यालय के रूप में विकसित किए जाने, वि.ख. चकराता के बागी -खेड़ा -कोटा- तपलाड मार्ग में यमुना नदी पर 60 मी. स्पैन पुल का निर्माण कार्य किए जाने, चकराता के क्यारापुल – डामटा – म्यूँडा मोटर मार्ग के कि.मी. 22 से छामरी एवं जाखणी तक मोटर मार्ग का निर्माण कार्य, विकासखंड कालसी के अंतर्गत ग्राम सकरोल से ग्राम भोड़ा-भालनू एवं उटेल होते हुए द्वितीय सिद्ध पीठ श्री महासू महाराज थैना तक मोटर मार्ग का निर्माण कार्य , वि.ख. चकराता के अंतर्गत ग्राम खबऊ के अन्तर्गत खेड़ा रमारका- कुन्ना – बुराष्टी में यमुना नदी से पम्पिंग पेयजल योजना बनाए जाने, वि.ख चकराता के जगथान बुरायला मार्ग से ग्राम उदांवा तक सडक निर्माण को PMGSY में प्रस्तावित किए जाने एवं क्षेत्र की कनेक्टिविटी को और मजबूत करने के लिए द्वीना से बिसोई खुना अलमान तक नए संपर्क मार्ग का निर्माण कार्य किए जाने की घोषणा की।
मुख्यमंत्री ने महासू देवता को नमन करते हुए कहा कि जौनसार बावर सांस्कृतिक पुनरूत्थान समिति पिछले 33 वर्षों से इस उत्सव के माध्यम से धरोहर को बचाने का कार्य कर रही है। उन्होंने कहा जौनसार भाबर प्राकृतिक सुंदरता के साथ अपनी मेहनतकश, सरल और स्वाभिमानी जनता के लिए जाना जाता है। यहां की लोक संस्कृति, एकता की भावना को बढ़ावा एवं भविष्य की पीढ़ियों को अपनी संस्कृति से जुड़े रहने की प्रेरणा देती है। उन्होंने कहा जौनसार- बावर में उन्हें उत्तराखण्ड की मूल आत्मा के साक्षात दर्शन होते हैं। जौनसार की संस्कृति, परंपराएँ, सरलता, आत्मीयता और प्रकृति के प्रति सम्मान, राज्य की समृद्ध विरासत है।
मुख्यमंत्री ने कहा जौनसार के रासो की थाप, हारूल की गूंज और बौंद जैसी महान परंपराएं उत्तराखंड, के साथ पूरे देश का गौरव हैं। उन्होंने कहा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में जनजातीय समाज के सम्मान, शिक्षा और समग्र विकास के लिए कई ऐतिहासिक कार्य किए जा रहे हैं। देश में जनजातीय समुदायों के लिए एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालय, प्रधानमंत्री जनजातीय उन्नत ग्राम अभियान, वन धन योजना, प्रधानमंत्री जनजातीय विकास मिशन जैसी अनेक योजनाएँ लागू की गईं हैं। उन्होंने कहा प्रधानमंत्री के नेतृत्व में आदिवासी समाज की नीतियां और नियति दोनों बदली हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने उत्तराखंड जनजातीय महोत्सव के माध्यम से संस्कृति व विरासत को एक मंच देने का प्रयास किया है। सरकार ने प्रतिवर्ष जनजातीय खेल महोत्सव आयोजित करने का भी निर्णय लिया है। प्रधानमंत्री जनजातीय उन्नत ग्राम अभियान के अंतर्गत प्रदेश के 128 जनजातीय गांवों को चिन्हित किया है। जिसके तहत इन गांवों में सड़क, बिजली, पानी और इंटरनेट जैसी हर बुनियादी सुविधा पहुंचाकर इनका कायाकल्प करने का काम किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कालसी, मेहरावना, बाजपुर और खटीमा में एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालयों का संचालन किया जा रहा है। जिसके माध्यम से जनजातीय बच्चों को निःशुल्क विश्वस्तरीय आवासीय शिक्षा की सुविधा मिल रही है। बाजपुर और चकराता में भी नए एकलव्य आवासीय विद्यालयों का निर्माण कार्य जारी है। जनजातीय समाज के बच्चों को पढ़ाई के लिए सरकार, प्राथमिक स्तर से लेकर स्नातकोत्तर स्तर तक छात्रवृत्ति भी प्रदान कर रही है। शैक्षिक विकास के लिए वर्तमान में 16 राजकीय आश्रम पद्धति विद्यालय भी संचालित किए जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा जनजातीय समुदाय की बेटियों के विवाह के लिए ₹ 50 हजार की आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है। जनजातीय शोध संस्थान के लिए 1 करोड़ रुपये का कॉर्पस फंड की स्थापित की गई है जौनसार बावर क्षेत्र में सड़कों, पानी और बुनियादी ढांचे को सुधारने के लिए लगातार काम कर रही है। चकराता के विकास के लिए राज्य सरकार ने लगभग 39 करोड़ रुपये की 56 योजनाओं को मंजूरी दी थी।
इनमें से 51 योजनाएं पूरी हो चुकी हैं। शेष 5 योजनाओ को भी जल्द पूरा कर लिया जाएगा। पूरे क्षेत्र की सड़कों को मजबूत करने के लिए 1,300 करोड़ रुपये से ज्यादा की योजनाओं पर काम चल रहा है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि राष्ट्रीय राजमार्ग 707 और 707A का चौड़ीकरण युद्धस्तर पर जारी है। कालसी-चकराता मार्ग पर जजरेड के पास भूस्खलन की समस्या का स्थायी समाधान किया जा रहा है।
न्यू चकराता टाउनशिप हय्यो डांडा पंपिंग योजना पर लगभग 229 करोड़ रुपये की लागत से काम चल रहा है। जिससे भविष्य में पानी की कभी कमी नहीं होगी। श्री महासू देवता मंदिर परिसर के भव्य विकास के लिए 120 करोड़ रुपये के ऐतिहासिक मास्टर प्लान पर विकास कार्य भी गतिमान है।
इस अवसर पर विधायक मुन्ना सिंह चौहान ,पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती मधु चौहान, दायित्वधारी गीता राम गौड़, मेला समिति के अध्यक्ष नरेश चौहान, महासचिव मेला समिति नरेन्द्र तोमर, खुशीराम जोशी, जयपाल सिंह तोमर, शूरवीर सिंह तोमर, बलवीर सिंह नेगी एवं अन्य लोग मौजूद रहे।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 12 वर्ष का कार्यकाल पूरा करने पर मुख्यमंत्री ने दी शुभकानाएं
सीएम पुष्कर सिंह धामी ने कहा, प्रधानमंत्री के कार्यकाल का उत्तराखंड सबसे बड़ा लाभार्थी, हो रहा उत्तराखंड का नवोदय
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के केंद्र में लगातार 12 वर्ष का कार्यकाल पूरा करने पर, प्रधानमंत्री सहित देशवासियों को बधाई और शुभकामनाएं प्रेषित की हैं।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा है कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में सशक्त, सक्षम और स्वाभिमानी भारत का सपना सच हो रहा है। साथ ही प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में देवभूमि उत्तराखंड भी नवोदय का संकल्प पूरा कर रही है।
अपने संदेश में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत आज तीव्र विकास कर रहा है। पीएम आवास योजना के तहत चार करोड़ पक्के घर, 81 करोड़ लोगों को हर माह मुफ्त राशन, 60 करोड़ लोगों को आयुष्मान भारत के तहत निशुल्क उपचार की सुविधा और 40 लाख करोड़ रुपये का गारंटी मुक्त मुद्रा ऋण—यह सब अंत्योदय को समर्पित प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जैसा मनीषी ही कर सकता है।
उन्होंने कहा कि आजादी के पहले सात दशक तक देश में कुल 3.2 करोड़ घरों में ही नल से पेयजल आपूर्ति हो पा रही थी, अब यह आंकड़ा चार गुना से अधिक बढ़कर 16 करोड़ तक पहुंच गया है। 2014 तक देश के केवल 5 शहर ही मेट्रो ट्रेन से जुड़े थे, अब इन शहरों की संख्या बढ़कर 26 हो गई है। मेट्रो रेल नेटवर्क भी 248 किलोमीटर से बढ़कर 1155 किलोमीटर हो गया है।
दुनिया का नेतृत्व कर रहा भारत
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में आज भारत दुनिया को हर क्षेत्र में नेतृत्व प्रदान कर रहा है। दुनिया के कुल डिजिटल लेन-देन का 56 प्रतिशत अकेले भारत में हो रहा है।
कभी अपनी रक्षा जरूरतों के लिए विदेशों पर निर्भर रहने वाला भारत आज रक्षा उत्पादन और निर्यात के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों को छू रहा है। अंतरिक्ष से लेकर कृत्रिम बुद्धिमत्ता, स्टार्टअप से लेकर सेमीकंडक्टर निर्माण तक, भारत आत्मनिर्भरता के नए अध्याय लिख रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि नारी वंदन के अपने संकल्प को पूरा करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सेना में महिलाओं को स्थायी कमीशन दिया है। ऑपरेशन सिंदूर में भारत की यही नारी शक्ति दुश्मन देश पर भारी पड़ी। कभी देश बाह्य प्रायोजित आतंकवाद के साथ ही देश के अंदर पलने वाले नक्सल आतंक का शिकार था, आज देश नक्सल हिंसा को निर्णायक रूप से नियंत्रित करने के साथ-साथ सीमा पार स्थित आतंकी ढांचों को निशाना बनाने का साहस भी रखता है।
उत्तराखंड बना सबसे बड़ा लाभार्थी
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में विकसित भारत का जो राष्ट्रीय विजन आकार ले रहा है, उसका प्रभाव देश के प्रत्येक राज्य में दिखाई दे रहा है। उत्तराखंड इसका एक सशक्त उदाहरण है।
उन्होंने कहा देवभूमि उत्तराखंड के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का कार्यकाल स्वर्णिम अक्षरों में लिखे जाने योग्य साबित हुआ है। केंद्र सरकार के सहयोग से आज उत्तराखंड में दो लाख करोड़ रुपये से अधिक की विकास परियोजनाओं पर कार्य चल रहा है। चारधाम ऑल वेदर रोड परियोजना तेजी से आगे बढ़ रही है, जबकि 13 हजार करोड़ रुपये की लागत से निर्मित दिल्ली–देहरादून एक्सप्रेस-वे ने दिल्ली – देहरादून के बीच दूरी और समय, दोनों को कम कर दिया है। मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि केंद्र सरकार के सहयोग से वर्तमान में सितारगंज–टनकपुर, पौंटा साहिब–देहरादून, भानियावाला–ऋषिकेश, काठगोदाम–लालकुआं–हल्द्वानी बाईपास तथा रुद्रपुर बाईपास जैसी महत्वपूर्ण परियोजनाओं पर भी कार्य जारी है।
रेल का सपना सच होने के करीब मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री के विशेष प्रयासों आज ऋषिकेश–कर्णप्रयाग रेल परियोजना तेजी से पूर्णता की ओर बढ़ रही है, इसके अतिरिक्त केंद्र सरकार ने टनकपुर–बागेश्वर रेल लाइन परियोजना को मंजूरी प्रदान कर दी है। प्रदेश के 11 रेलवे स्टेशनों को अमृत भारत स्टेशन योजना के अंतर्गत आधुनिक स्वरूप दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यकाल में उत्तराखंड में हवाई सेवाएं भी सुदृढ़ हुई हैं। केंद्र सरकार के सहयोग से जॉलीग्रांट, पंतनगर और पिथौरागढ़ एयरपोर्ट का विस्तार किया जा चुका है। उड़ान योजना के तहत प्रदेश में 18 हेलीपोर्ट विकसित किए जा रहे हैं, जिनमें से 12 पर सेवाएं प्रारंभ हो चुकी हैं। वर्ष 2022 तक जहां राज्य में केवल दो हेलीपोर्ट थे, वहीं आज उनकी संख्या बढ़कर सात हो चुकी है। हेलीपैड की संख्या भी लगभग दोगुनी होकर 118 तक पहुंच गई है।
आध्यात्मिक पर्यटन को नई पहचान
अपने संदेश में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि केंद्र सरकार के सहयोग से पर्वतमाला परियोजना के माध्यम से उत्तराखंड में रोपवे नेटवर्क का विस्तार किया जा रहा है। गौरीकुंड से केदारनाथ और गोविंदघाट से हेमकुंड साहिब तक रोपवे परियोजनाएं प्रदेश के पर्यटन और तीर्थाटन को नई दिशा देंगी। चारधामों के साथ-साथ उत्तराखंड के प्राचीन मंदिरों के पुनरोद्धार और पुनर्विकास को भी प्राथमिकता दी जा रही है। केदारनाथ और बद्रीनाथ धाम पुनर्विकास परियोजनाएं तथा मानसखंड मंदिर माला मिशन इसके उत्कृष्ट उदाहरण हैं। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार के सहयोग से जमरानी, सौंग और लखवाड़ बहुउद्देशीय परियोजनाओं पर कार्य चल रहा है, जिससे सिंचाई, पेयजल और ऊर्जा के क्षेत्र में दीर्घकालिक लाभ प्राप्त होंगे। किच्छा में एम्स सैटेलाइट सेंटर का कार्य प्रारंभ हो चुका है। एम्स ऋषिकेश में देश की पहली हेली एम्बुलेंस सेवा शुरू की गई है, जो आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में एक अभिनव पहल है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज हम सब विकसित भारत के अमृतकाल में प्रवेश कर चुके हैं, ऐसे में उत्तराखंड के प्रत्येक नागरिक का यह दायित्व है कि वह इस परिवर्तन यात्रा का सक्रिय सहभागी बने। तभी प्रधानमंत्री के दूरदर्शी नेतृत्व में भारत वर्ष 2047 तक एक विकसित, आत्मनिर्भर और विश्व का मार्गदर्शन करने वाला राष्ट्र बन सकेगा।
मुख्यमंत्री स्तर पर मासिक एवं मुख्य सचिव स्तर पर प्रत्येक 10 दिन में होगी समीक्षा
मुख्यमंत्री ने 6940 करोड़ की 12 प्रमुख परियोजनाओं की समीक्षा
50 प्रतिशत से अधिक प्रगति वाली परियोजनाओं को 15 अक्टूबर 2026 तक पूर्ण करने के निर्देश
मुख्यमंत्री स्तर पर मासिक एवं मुख्य सचिव स्तर पर प्रत्येक 10 दिन में होगी समीक्षा
भूमि हस्तांतरण, वन स्वीकृति और भूमि अधिग्रहण से जुड़े लंबित मामलों के त्वरित निस्तारण पर दिया जोर
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को सचिवालय में आयोजित समीक्षा बैठक में प्रगति पोर्टल के माध्यम से राज्य की विभिन्न महत्वपूर्ण अवसंरचना एवं विकास परियोजनाओं की विस्तृत समीक्षा की।
बैठक में परिवहन, ऊर्जा, लोक निर्माण, राष्ट्रीय राजमार्ग, सीमा सड़क संगठन तथा अन्य विभागों की 6940 करोड़ की कुल 12 प्रमुख परियोजनाओं की विस्तार से जानकारी ली गई। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने कहा कि 2047 तक प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विकसित भारत के संकल्प को पूरा करने में सभी का योगदान जरूरी है।
मुख्यमंत्री ने बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिये कि इन परियोजनाओं के कार्यों में और तेजी लाने के लिए मुख्यमंत्री स्तर पर प्रत्येक माह, मुख्य सचिव स्तर पर 10 दिनों में इसकी समीक्षा की जाए। उन्होंने कहा कि परियोजनाओं में देरी पर संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की जायेगी और नियमानुसार सख्त कारवाई भी की जायेगी। उन्होंने कहा कि जिन परियोजनाओं पर 50 प्रतिशत तक कार्य हो चुका है, 15 अक्टूबर 2026 तक उन कार्यों को पूर्ण किया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार की प्राथमिकता सभी विकास परियोजनाओं को निर्धारित समयसीमा में पूर्ण करना है। उन्होंने निर्देश दिए कि जिन परियोजनाओं में भूमि हस्तांतरण, वन स्वीकृति, भूमि अधिग्रहण, क्षतिपूर्ति भुगतान अथवा अन्य प्रशासनिक कारणों से विलम्ब हो रहा है, उनके समाधान के लिए संबंधित विभाग समन्वित रूप से त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करें।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रगति पोर्टल को प्रभावी निगरानी तंत्र के रूप में उपयोग करते हुए प्रत्येक परियोजना की नियमित समीक्षा की जाए तथा लंबित प्रकरणों का समयबद्ध निस्तारण किया जाए। उन्होंने कहा कि परियोजनाओं में अनावश्यक विलम्ब से न केवल विकास कार्य प्रभावित होते हैं, बल्कि जनहित एवं आर्थिक गतिविधियों पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। बैठक में रामनगर आईएसबीटी, रानीखेत बस टर्मिनल, ताड़ीखेत डिपो एवं कार्यशाला, बनबसा एवं रुद्रप्रयाग विद्युत उपकेंद्र परियोजनाओं, चारधाम सड़क परियोजनाओं, अस्कोट-लिपुलेख मार्ग, माणा पास सड़क परियोजना, हरिद्वार एवं काशीपुर क्षेत्र की राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई।
मुख्यमंत्री ने वन भूमि हस्तांतरण, वन एवं पर्यावरणीय स्वीकृतियों, भूमि अधिग्रहण तथा क्षतिपूर्ति वितरण से संबंधित लंबित मामलों के शीघ्र समाधान के लिए संबंधित विभागों को स्पष्ट समयसीमा निर्धारित कर कार्यवाही करने के निर्देश दिए। उन्होंने जिलाधिकारियों को भी निर्देश दिये कि जनपद स्तर पर लंबित प्रकरणों की व्यक्तिगत निगरानी कर उनका त्वरित निस्तारण सुनिश्चित करें।
मुख्यमंत्री ने कहा कि चारधाम यात्रा, सीमांत क्षेत्रों की सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण सड़क परियोजनाओं, विद्युत अवसंरचना तथा परिवहन सुविधाओं से जुड़ी परियोजनाएं राज्य के समग्र विकास और जनता की सुविधाओं के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। इन परियोजनाओं के समयबद्ध क्रियान्वयन से पर्यटन, व्यापार, निवेश एवं रोजगार के अवसरों को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रत्येक परियोजना के लिए उत्तरदायित्व निर्धारित करते हुए नियमित मॉनिटरिंग की जाए तथा जिन परियोजनाओं की प्रगति अपेक्षित स्तर से कम है, उनके लिए विशेष कार्ययोजना तैयार कर शीघ्र परिणाम सुनिश्चित किए जाएं।
बैठक में प्रमुख सचिव आर.के. सुधांशु, डॉ. आर.मीनाक्षी सुंदरम, सचिव बृजेश कुमार संत, डॉ. पंकज कुमार पाण्डेय, अपर सचिव डॉ. मेहरबान सिंह बिष्ट, बंशीधर तिवारी, संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी एवं वर्चुअल माध्यम से जिलाधिकारी उपस्थित थे।
सीएम धामी समेत सांसदों ने दिल्ली की सीएम व पुलिस कमिश्नर से की बात
केशव की गिरफ्तारी का उत्तराखंडियों ने किया विरोध
नई दिल्ली/देहरादून। दिल्ली के मालवीय नगर अग्निकांड प्रकरण में उत्तराखंड के केशव नेगी जी गिरफ्तारी के संबंध में सीएम धामी ने दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्त से बात की।
रेखा गुप्ता ने आश्वस्त किया है कि किसी भी निर्दोष व्यक्ति के साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा तथा जांच पूरी तरह तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर होगी।
सीएम धामी ने कहा कि पूर्ण विश्वास है कि दिल्ली सरकार और संबंधित एजेंसियां निष्पक्ष जांच के माध्यम से सत्य को सामने लाएंगी।
उन्होंने कहा कि केशव नेगी की पुत्री कनिष्का नेगी से भी बात कर उन्हें हर संभव सहायता हेतु आश्वस्त किया। हमारी सरकार देश भर में रह रहे सभी प्रवासी उत्तराखंडी भाई बहनों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी है।
दूसरी ओर,केशव नेगी के मुद्दे पर पूर्व सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत व गढ़वाल सांसद अनिल बलूनी ने दिल्ली पुलिस कमिश्नर से बात की
उन्होंने कहा कि केशव नेगी मामले में करेंगे हर संभव कानूनी मदद करेंगे।
भाजपा सांसद अजय भट्ट ने भी दिल्ली की सीएम रेखा गुप्ता से केशव नेगी की गिरफ्तारी की बात की।
गौरतलब है कि मालवीय नगर अग्निकांड में 21 लोगों की मौत हो गयी थी। इस मामले में दिल्ली पुलिस द्वारा केशव नेगी की गिरफ्तारी के बाद प्रवासी संगठनों ने भी विरोध दर्ज कराया है।
वरिष्ठता विवाद के बाद स्वास्थ्य विभाग ने किया फेरबदल
देहरादून। उत्तराखंड स्वास्थ्य विभाग में मुख्य चिकित्सा अधिकारियों (सीएमओ) की नियुक्तियों को लेकर उठे विवाद के बाद विभाग को महज 72 घंटे के भीतर अपने फैसले में संशोधन करना पड़ा।
रुद्रप्रयाग, पिथौरागढ़ और अल्मोड़ा समेत सात जिलों में हाल ही में की गई सीएमओ तैनातियों में बदलाव कर नए आदेश जारी किए गए हैं।
स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी प्रारंभिक आदेशों के बाद वरिष्ठता की अनदेखी किए जाने को लेकर सवाल उठने लगे थे।
विभाग के भीतर और चिकित्सक वर्ग में बढ़ती नाराजगी के बीच शासन ने तैनाती आदेशों की समीक्षा की और संशोधित आदेश जारी कर दिए।
रुद्रप्रयाग में सीएमओ पद पर की गई नियुक्ति को बदलते हुए अब डॉ. राजीव पाल को जिम्मेदारी सौंपी गई है। इससे पहले डॉ. अमित शुक्ला के नाम पर सहमति बनी थी, लेकिन वरिष्ठता को लेकर आपत्तियां सामने आई थीं।
वहीं, पिथौरागढ़ और अल्मोड़ा में भी अधिकारियों की तैनाती अदल-बदल कर दी गई है।
नए आदेशों के अनुसार डॉ. योगेंद्र पुरोहित पिथौरागढ़ और डॉ. हरीश पाल अल्मोड़ा के सीएमओ होंगे। पहले जारी आदेश में दोनों अधिकारियों की तैनाती इसके उलट की गई थी। पिथौरागढ़ की सीएमओ द्रौपदी गर्ब्याल होंगी।
लगातार बदलते आदेशों ने स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। विभागीय गलियारों में चर्चा है कि यदि नियुक्तियों से पहले वरिष्ठता और प्रशासनिक जरूरतों का समुचित परीक्षण किया जाता तो इतनी जल्द संशोधन की नौबत नहीं आती। इस मुद्दे पर नए स्वास्थ्य यंत्री सुबोध उनियाल ने सख्त रुख अपनाया।
किसानों के हित में हो रहा कार्य, बढ़ रही है आय: मुख्यमंत्री
अल्मोड़ा के हवालबाग में पहुंचे किसान
6 करोड़ रुपए से जनपद अल्मोड़ा में कराई जाएगी तारबाड़। खेती होगी सुरक्षित : मुख्यमंत्री
अल्मोड़ा। जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों के बीच कृषि और किसानों के भविष्य को सुरक्षित बनाने के उद्देश्य से हवालबाग में राज्य स्तरीय “खेत बचाओ अभियान” कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया।
कार्यक्रम में जलवायु परिवर्तन के प्रभावों को देखते हुए कृषि संरक्षण, मिट्टी की उर्वरा शक्ति बनाए रखने तथा किसानों को भविष्य की चुनौतियों के प्रति जागरूक करने पर विशेष जोर दिया गया। मोटे अनाजों विशेषकर मांडुआ, झंगोरा, चौलाई एवं अन्य पारंपरिक फसलों के संरक्षण और उत्पादन बढ़ाने का आह्वान किया गया।
कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि पहुंचे मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपने संबोधन में कहा कि अल्मोड़ा की धरती पर किसानों के बीच आकर उन्हें नई ऊर्जा प्राप्त होती है। उन्होंने कहा कि “खेत बचाओ अभियान” अब केवल एक सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि जनभागीदारी से जुड़ा जनांदोलन बन चुका है। उन्होंने किसानों से अपनी कृषि भूमि, मिट्टी और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण का संकल्प लेने का आह्वान किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि किसान केवल अन्नदाता ही नहीं बल्कि देश की शक्ति और हिम्मत हैं। हमारी संस्कृति में मिट्टी केवल भूमि का टुकड़ा नहीं बल्कि मां के समान पूजनीय है। इसलिए मिट्टी की उर्वरा शक्ति को बनाए रखना और खेतों को रासायनिक पदार्थों से यथासंभव मुक्त रखना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि भविष्य की पीढ़ियों के लिए स्वस्थ और सुरक्षित कृषि व्यवस्था छोड़ना हम सभी की जिम्मेदारी है। कहा कि किसानों की आय में वृद्धि करने के लिए बजट में 200 करोड़ रुपये का प्राविधान भी किया है।
मुख्यमंत्री ने किसानों से नियमित रूप से मिट्टी का परीक्षण कराने, पानी का विवेकपूर्ण उपयोग करने तथा कृषि विशेषज्ञों की सलाह और वैज्ञानिक शोध के अनुरूप खेती करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि बदलते मौसम और जलवायु परिस्थितियों के अनुरूप फसलों का चयन किया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण और आर्थिक समृद्धि दोनों एक-दूसरे के पूरक हैं तथा इकोलॉजी और इकोनॉमी के बीच संतुलन बनाए रखना आवश्यक है। प्रधानमंत्री के “मन की बात” कार्यक्रम का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि जल, जंगल, जमीन और प्रकृति संरक्षण के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले लोगों से प्रेरणा लेकर आगे बढ़ने की आवश्यकता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार किसानों की समृद्धि के लिए निरंतर कार्य कर रही है। किसानों की आय बढ़ाने के उद्देश्य से बागवानी क्षेत्र के लिए अनेक योजनाएं संचालित की जा रही हैं। पॉलीहाउस, फलोत्पादन, कोल्ड स्टोरेज, मेगा फूड पार्क तथा सुगंधित फसलों के उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए अनेक योजनाएं लागू की गई हैं। वर्तमान में प्रदेश में लगभग 23 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में सुगंधित फसलों के उत्पादन को प्रोत्साहित किया जा रहा है। मोटे अनाजों को भी विशेष रूप से प्रोत्साहित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि किसानों को योजनाओं का लाभ सीधे डीबीटी के माध्यम से दिया जा रहा है, जिससे बिचौलियों की भूमिका समाप्त हुई है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों की आय में वृद्धि के मामले में देश में उत्तराखंड का नाम प्रथम श्रेणी में आना सरकार की नीतियों की सफलता का जीता जागता उदाहरण है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार किसानों से केवल वादे नहीं करती, बल्कि धरातल पर कार्य करने में विश्वास रखती है। उन्होंने किसानों से अपनी खेती और मिट्टी का परीक्षण कराने तथा टिकाऊ कृषि पद्धतियों को अपनाने का संकल्प लेने का आह्वान किया।
इस दौरान मुख्यमंत्री ने अल्मोड़ा जनपद में तारबाड़ योजना के अंतर्गत लगभग 6 करोड़ रुपये की लागत से कार्य कराए जाने घोषणा भी की।
इस अवसर पर कृषि मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि किसानों को प्राकृतिक एवं जैविक खेती को अपनाते हुए उत्पादन बढ़ाने की दिशा में कार्य करना चाहिए। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य सरकार शिक्षा, रोजगार और स्वास्थ्य के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य कर रही है तथा अब तक सरकारी विभागों में 30 हजार से अधिक युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराया जा चुका है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में किसानों के हित में ड्रैगन फ्रूट, कीवी तथा मिलेट जैसी फसलों को बढ़ावा देने के लिए प्रभावी नीतियां बनाई गई हैं। खेती का क्षेत्रफल घटने के बावजूद कृषि उत्पादों में अभूतपूर्व वृद्धि हुई है। उन्होंने कहा कि खेतों को बचाकर ही आत्मनिर्भर उत्तराखंड का निर्माण संभव है।
जिलाधिकारी अंशुल सिंह ने कहा कि जिला प्रशासन सरकार की नीतियों और योजनाओं के क्रियान्वयन के लिए संवेदनशील है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में जनपदवासियों को योजनाओं का लाभ दिलाया जा रहा है।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में किसानों, महिला समूहों, जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों ने सहभागिता करते हुए कृषि संरक्षण, मिट्टी संवर्धन और जलवायु अनुकूल खेती को बढ़ावा देने का संकल्प लिया। कार्यक्रम में उत्कृष्ट कार्य करने वाले किसानों को सम्मानित भी किया गया।
कार्यक्रम में विधायक रानीखेत डॉ प्रमोद नैनवाल, विधायक जागेश्वर मोहन सिंह मेहरा, विधायक सल्ट महेश जीना, जिला पंचायत अध्यक्षा हेमा गैडा, दायित्वधारी गंगा बिष्ट, गोविंद पिलख्वाल, मेयर अल्मोड़ा अजय वर्मा, कृषि सचिव सुरेंद्र नारायण पांडे, निदेशक कृषि, जिलाधिकारी अंशुल सिंह, मुख्य विकास अधिकारी रामजी शरण शर्मा सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, अधिकारी एवं किसान उपस्थित रहे।