देहरादून। चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग में अधिकारियों और कर्मचारियों के सम्बद्धीकरण (अटैचमेंट) को समाप्त करते हुए 31 मार्च 2026 तक जारी सभी सम्बद्धीकरण आदेश तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिए गए हैं।
चिकित्सा स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री के निर्देशों के अनुपालन में जारी आदेश के अनुसार विभाग के अंतर्गत विभिन्न मंडलों और जिलों में सम्बद्ध अधिकारियों एवं कर्मचारियों को तत्काल उनके मूल तैनाती स्थल के लिए कार्यमुक्त किया जाएगा। इस संबंध में सभी मंडल एवं जिला स्तरीय अधिकारियों को आवश्यक निर्देश जारी कर दिए गए हैं।
आदेश में कहा गया है कि सभी सक्षम प्राधिकारी एवं आहरण-वितरण अधिकारी निर्देशों का अक्षरशः पालन सुनिश्चित करें। सम्बद्ध किए गए कार्मिकों का जून 2026 तथा आगामी महीनों का वेतन उनके मूल तैनाती स्थल पर पुनः योगदान देने के बाद ही आहरित किया जाएगा।
स्वास्थ्य विभाग की सचिव सुनीता टम्टा द्वारा जारी यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है। इससे विभाग में लंबे समय से विभिन्न कार्यालयों और संस्थानों में सम्बद्ध चल रहे अधिकारियों एवं कर्मचारियों को अपने मूल पदस्थापन स्थल पर लौटना होगा।
:: कार्यालय आदेश :-
मा० मंत्री जी, चिकित्सा स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा, उत्तराखण्ड सरकार द्वारा दिये गये निर्देशों के अनुपालन में 31 मार्च, 2026 तक चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभागान्तर्गत तैनात अधिकारियों / कर्मचारियों के किये गये समस्त सम्बद्धीकरण आदेश तत्काल प्रभाव से निरस्त किये जाते हैं। समस्त मण्डल/जिला स्तरीय अधिकारियों को निर्देशित किया जाता है कि वह उक्तानुसार अपने मण्डल / जिले में सम्बद्ध अधिकारियों / कर्मचारियों को तत्काल उनके मूल तैनाती स्थान हेतु कार्यमुक्त करना सुनिश्चित करें।
समस्त सक्षम प्राधिकारी / आहरण वितरण अधिकारियों को निर्देशित किया जाता है कि उक्त आदेशों का अक्षररशः कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित करते हुये सम्बद्ध किये गये कार्मिकों का माह जून, 2026 तथा उसके आगामी माहों का वेतन उनके मूल तैनाती स्थान पर वापस योगदान करने के उपरान्त ही आहरित किया जायेगा।
शिकायतों के बाद स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त छापेमारी
हरिद्वार। गर्भधारण पूर्व एवं प्रसव पूर्व निदान तकनीक (लिंग चयन प्रतिषेध) अधिनियम, 1994 (पीसीपीएनडीटी) के तहत स्वास्थ्य विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए झबरेड़ा स्थित प्रज्ञा अस्पताल की अल्ट्रासाउंड मशीन सील कर दी।
निरीक्षण के दौरान अस्पताल में अधिनियम के गंभीर उल्लंघन पाए गए।
राज्य एवं जिला निरीक्षण एवं मूल्यांकन दल ने संयुक्त रूप से दो केंद्रों का निरीक्षण किया। झबरेड़ा स्थित प्रज्ञा अस्पताल में अल्ट्रासाउंड प्रक्रिया का संचालन कर रहे चिकित्सक की कार्यप्रणाली में गंभीर कमियां पाई गईं।
इसके अलावा फार्म-एफ के अभिलेखों में भी अनियमितताएं सामने आईं। पीसीपीएनडीटी अधिनियम के प्रावधानों के उल्लंघन को गंभीरता से लेते हुए निरीक्षण दल ने अस्पताल की अल्ट्रासाउंड मशीन को तत्काल प्रभाव से सील कर दिया।
विभागीय अधिकारियों के अनुसार यह कार्रवाई पिछले कई दिनों से प्राप्त शिकायतों के आधार पर की गई। वहीं, मंगलौर स्थित संतोष अल्ट्रासाउंड सेंटर का भी निरीक्षण किया गया, जहां सभी अभिलेख एवं दस्तावेज नियमानुसार पाए गए। इसलिए केंद्र के विरुद्ध कोई कार्रवाई नहीं की गई।
संयुक्त निरीक्षण दल में संयुक्त निदेशक एवं राज्य नोडल अधिकारी (पीसीपीएनडीटी) डॉ. जे.एस. बिष्ट, सहायक निदेशक डॉ. उमा रावत, अपर शोध अधिकारी राकेश बहुगुणा, विधि सलाहकार अवधेश कुडियाल, अधिशासी सहायक दीपक पवार, अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी हरिद्वार डॉ. अनिल वर्मा तथा जिला समन्वयक रवि संदल सहित अन्य अधिकारी शामिल रहे।
रिद्धिम व निवेदिता को अहम जिम्मेदारी, प्रत्यूष बने HRDA सचिव ,योगेंद्र को SDRF,नीलेश से हटे विभाग, बिनवाल को रुड़की का जिम्मा
पंवार को मीडिया समिति में मिली कुर्सी
कुमाऊं, एसडीआरएफ, सीआईडी और यातायात विंग को मिले नए मुखिया, शासन ने जारी किए आदेश
देहरादून। उत्तराखंड शासन ने आईपीएस, पीपीएस व पीसीएस के कार्यक्षेत्र में व्यापक फेरबदल करते हुए तबादला एवं नई तैनाती के आदेश जारी किए हैं।
इसके अलावा धामी सरकार ने त्रिवेंद्र सरकार में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी संभाल चुके धीरेंद्र पंवार को मीडिया सलाहकार समिति में उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी देकर चौंका दिया।
इधर,गृह विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार नौ वरिष्ठ अधिकारियों को नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। आदेश तत्काल प्रभाव से लागू होंगे।
जारी आदेश के अनुसार पुलिस महानिदेशक पी एंड एम के पद पर तैनात विम्मी सचदेवा को पुलिस दूरसंचार एवं फायर सर्विसेज की जिम्मेदारी दी गई है।
वहीं कुमाऊं परिक्षेत्र की पुलिस महानिरीक्षक रिद्धिम अग्रवाल को अपराध एवं कानून व्यवस्था तथा सीसीटीएनएस/एससीआरबी का दायित्व सौंपा गया है।
पुलिस महानिरीक्षक दूरसंचार कृष्ण कुमार वी.के. को यातायात एवं जीआरपी का प्रभारी बनाया गया है।
साइबर क्राइम, एसटीएफ, एएनटीएफ, पीएसी, एफएसएल तथा पुलिस स्पोर्ट्स कंट्रोल बोर्ड का कार्यभार संभाल रहे नीरज आनंद भरणे को उनके वर्तमान दायित्वों से मुक्त किया गया है।
अनन्त शंकर ताकवाले को पुलिस महानिरीक्षक सीआईडी की जिम्मेदारी दी गई है।
सुनील कुमार मीणा को अपराध एवं कानून व्यवस्था से हटाकर पीएसी तथा पुलिस स्पोर्ट्स कंट्रोल बोर्ड का दायित्व सौंपा गया है।
कुंभ मेला-2027 हरिद्वार के पुलिस महानिरीक्षक योगेन्द्र सिंह रावत को एसडीआरएफ का नया प्रमुख बनाया गया है। एसडीआरएफ की पुलिस महानिरीक्षक निवेदिता कुकरेती को कुमाऊं परिक्षेत्र, नैनीताल का नया पुलिस महानिरीक्षक नियुक्त किया गया है।
इसके अलावा प्रतीक्षारत पुलिस महानिरीक्षक वीरेन्द्रजीत सिंह को पुलिस मुख्यालय एवं पी एंड एम की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
शासन ने सभी अधिकारियों को शीघ्र कार्यभार ग्रहण कर इसकी सूचना पुलिस महानिदेशक के माध्यम से शासन को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।
यातायात, अपराध, साइबर क्राइम और पीएसी में नई जिम्मेदारियां
उत्तराखंड शासन ने पुलिस विभाग में प्रशासनिक फेरबदल करते हुए पुलिस अधिकारियों के तबादले और नई तैनाती के आदेश जारी किए हैं। गृह विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं।
जारी सूची के अनुसार बीर सिंह को 46वीं वाहिनी पीएसी रुद्रपुर के उप सेनानायक पद से स्थानांतरित कर आईआरबी प्रथम रामनगर का उप सेनानायक बनाया गया है।
लोकजीत सिंह, जो वर्तमान में पुलिस अधीक्षक यातायात देहरादून थे, उन्हें अपर पुलिस अधीक्षक अपराध एवं कानून व्यवस्था, पुलिस मुख्यालय की जिम्मेदारी दी गई है।
इसी प्रकार विपिन आचार्य को आईआरबी प्रथम रामनगर से स्थानांतरित कर 46वीं वाहिनी पीएसी रुद्रपुर का उप सेनानायक बनाया गया है।
शांतनु पराशर को उप सेनानायक एसडीआरएफ से अपर पुलिस अधीक्षक साइबर क्राइम नियुक्त किया गया है।
वहीं अंकुश मिश्रा को पुलिस मुख्यालय से स्थानांतरित कर अपर पुलिस अधीक्षक अभिसूचना एवं सुरक्षा, अभिसूचना एवं सुरक्षा मुख्यालय उत्तराखंड बनाया गया है।
दूसरी सूची में आयुष अग्रवाल, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक कुंभ मेला-2027 हरिद्वार को 40वीं वाहिनी पीएसी हरिद्वार का सेनानायक नियुक्त किया गया है।
हरीश वर्मा को 40वीं वाहिनी पीएसी हरिद्वार से स्थानांतरित कर आईआरबी प्रथम रामनगर का सेनानायक बनाया गया है।
इसके अलावा अमित श्रीवास्तव को आईआरबी प्रथम रामनगर से हटाकर पुलिस अधीक्षक सीबीसीआईडी सेक्टर देहरादून नियुक्त किया गया है।
जितेन्द्र चौधरी, जो वर्तमान में पुलिस अधीक्षक अपराध एवं यातायात ऊधमसिंहनगर थे, उन्हें पुलिस अधीक्षक अपराध एवं यातायात देहरादून की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
शासन ने सभी अधिकारियों को तत्काल कार्यभार ग्रहण करने तथा कार्यभार ग्रहण प्रमाण पत्र शासन को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।
धीरेन्द्र पंवार, जनपद-देहरादून को “मीडिया सलाहकार समिति” में “उपाध्यक्ष” के पद पर कार्यभार
प्रत्यूष सिंह, (पी०सी०एस०) को उनके वर्तमान पदभारों से अवमुक्त करते हुये, उन्हें ‘सचिव, हरिद्वार-रूड़की विकास प्राधिकरण (HRDA), हरिद्वा
राकेश तिवारी, पी०सी०एस० को ‘नगर आयुक्त, नगर निगम, रुड़की’ के पदभार से अवमुक्त करते हुये, उन्हें ‘सिटी मजिस्ट्रेट, देहरादून’ तथा ‘सयुंक्त सचिव, मसूरी देहरादून विकास प्राधिकरण (MDDA), देहरादून’
गोपाल राम बिनवाल, पी०सी०एस० को ‘नगर आयुक्त, नगर निगम, रूड़की’ के पद के सापेक्ष
एतद्वारा श्री धीरेन्द्र पंवार, जनपद-देहरादून को “मीडिया सलाहकार समिति” में “उपाध्यक्ष” के पद पर कार्यभार ग्रहण करने की तिथि से नामित किया जाता है। उक्त महानुभाव को मंत्रिपरिषद विभाग के कार्यालय ज्ञाप संख्या-205/14/1/1/XXI/2022 टी०सी० दिनांक 25 अप्रैल, 2025 में उल्लिखित सुविधायें प्रदान की जायेगी जिसका व्यय भार संबंधित विभाग द्वारा वहन किया जायेगा। इसके अतिरिक्त उनके कर्तव्यों, दायित्वों, अधिकारों एवं सेवा अवधि के सम्बन्ध में सम्बन्धित प्रशासकीय विभाग के द्वारा पृथक से आदेश निर्गत किये जायेंगे। (आलोक कुमार सिंह) संयुक्त सचिव ।
आदेश/तैनातीः- भारत निर्वाचन आयोग, नई दिल्ली के पत्र संख्या-429, दिनांक 05.06.2026 द्वारा प्रदत्त अनुमति के आलोक में, श्री प्रत्यूष सिंह, (पी०सी०एस०) को उनके वर्तमान पदभारों से अवमुक्त करते हुये, उन्हें ‘सचिव, हरिद्वार-रूड़की विकास प्राधिकरण (HRDA), हरिद्वार’ का पदभार प्रदान किये जाने का निर्णय लिया गया है। 2-संबंधित अधिकारी को निर्देशित किया जाता है कि वे तत्काल वर्तमान पदभार से कार्यमुक्त होकर, नवीन पदभार कार्यभार ग्रहण करना सुनिश्चित करेंगे एवं तद्विषयक आख्या/प्रमाणक कार्मिक एवं सतर्कता अनुभाग-01, उत्तराखण्ड शासन को उपलब्ध करायेंगे।आदेश/ तैनातीः- भारत निर्वाचन आयोग, नई दिल्ली के पत्र संख्या-429, दिनांक 05.06.2026 द्वारा प्रदत्त अनुमति के आलोक में, श्री राकेश तिवारी, पी०सी०एस० को ‘नगर आयुक्त, नगर निगम, रुड़की’ के पदभार से अवमुक्त करते हुये, उन्हें ‘सिटी मजिस्ट्रेट, देहरादून’ तथा ‘सयुंक्त सचिव, मसूरी देहरादून विकास प्राधिकरण (MDDA), देहरादून’ का पदभार प्रदान किये जाने का निर्णय लिया गया है। 2-संबंधित अधिकारी को निर्देशित किया जाता है कि वे तत्काल वर्तमान पदभार से कार्यमुक्त होकर, नवीन पदभार कार्यभार ग्रहण करना सुनिश्चित करेंगे एवं तद्विषयक आख्या/प्रमाणक कार्मिक एवं सतर्कता अनुभाग-01, उत्तराखण्ड शासन को उपलब्ध करायेंगे।आदेश/तैनातीः- कार्यहित में श्री गोपाल राम बिनवाल, पी०सी०एस० को ‘नगर आयुक्त, नगर निगम, रूड़की’ के पद के सापेक्ष तैनात किया जाता है। 2- संबंधित अधिकारी को निर्देशित किया जाता है कि वे तत्काल नवीन पदभार ग्रहण करते हुये, तद्विषयक आख्या / प्रमाणक कार्मिक एवं सतर्कता अनुभाग-01, उत्तराखण्ड शासन को उपलब्ध करायेंगे। (दीपक कुमार) उप सचिव ।
अधिकारियों को दिये 30 जून तक सभी अटैचमेंट समाप्त करने के निर्देश
कहा, लम्बे समय से मूल तैनाती से इतर जमे हुये हैं शिक्षक व कर्मचारी
देहरादून । विभिन्न विद्यालयों, विभागीय कार्यालयों व अन्य विभागों में सम्बद्ध सभी शिक्षकों को वापस अपने विद्यालयों में जाना होगा। इस संबंध में विभागीय अधिकारियों को आगामी 30 जून तक सभी प्रकार के अटैचमेंट समाप्त करने के निर्देश दे दिये गये हैं। इसके अलावा उन शिक्षणेत्तर कार्मिकों के सम्बद्धीकरण आदेश भी निरस्त किये जायेंगे जो दूसरे कार्यालयों में तैनात हैं।
सूबे के विद्यालयी शिक्षा मंत्री डाॅ. धन सिंह रावत ने बताया कि राजकीय विद्यालयों में मानव संसाधनों के प्रभावी उपयोग एवं जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिये राज्य सरकार कड़े कदम उठाने से नहीं हिटकेगी। उन्होंने कहा कि लंबे समय से लम्बे समय से विभिन्न स्कूलों, विभागीय कार्यालयों एवं अन्यत्र विभागों में सम्बद्ध अथवा प्रतिनियुक्ति पर गये शिक्षकों अपने मूल विद्यालय में जाकर बच्चों को पढ़ाना होगा। डाॅ. रावत ने विभागीय समीक्षा बैठक के दौरान अधिकारियों को आगामी 30 जून तक सभी शिक्षकों के अटैचमेंट समाप्त कर उन्हें तत्काल प्रभाव से विद्यालयों में भेजने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि निर्धारित समय सीमा के भीतर जो शिक्षक अपने मूल तैनाती स्थल पर नहीं लौटे उनके खिलाफ नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जायेगी। डॉ. रावत ने कहा कि अधिकांश अटैचमेंट केवल एक शैक्षणिक सत्र के लिए किए गए थे, लेकिन कई शिक्षक और कर्मचारी वर्षों से अपने मूल विद्यालयों से दूर कार्यरत हैं। इसका प्रतिकूल प्रभाव विद्यालयों की शैक्षणिक गतिविधियों पर पड़ा है और शिक्षकों की कमी के कारण छात्रों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है।
डाॅ. रावत ने विभागीय अधिकारियों को शिक्षणेत्तर कार्मिकों के सभी सम्बद्धीकरण आदेश भी तत्काल प्रभाव से निरस्त करने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि यदि भविष्य में किसी विशेष प्रशासनिक अथवा शैक्षणिक आवश्यकता के तहत सम्बद्धीकरण की जरूरत पड़ती है तो उसे नए सिरे से निर्धारित अवधि के लिए किया जाएगा, जिसकी अधिकतम अवधि केवल एक शैक्षणिक सत्र होगी। डॉ. रावत ने कहा कि सरकार का उद्देश्य प्रत्येक विद्यालय में पर्याप्त शिक्षकों की उपलब्धता सुनिश्चित करना है ताकि विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल सके और शैक्षणिक कैलेंडर के अनुसार पढ़ाई सुचारू रूप से संचालित हो सके।
बाॅक्स- मिड-डे मील योजना में हेराफेरी की होगी जांच
विद्यालयी शिक्षा मंत्री डाॅ. धन सिंह रावत ने माध्यान भोजन योजना (मिड-डे मील) में हो रही फेराफेरी की शिकायतों का संज्ञान लेते हुये इसके जांच के आदेश दे दिये हैं। डाॅ. रावत ने विभागीय अधिकारियों को हरिद्वार व ऊधमसिंह नगर जनपद के साथ ही नैनीताल जिले के रामनगर, हल्द्वानी, पौड़ी में कोटद्वार, देहरादून में डोईवाला, रायपुर, विकासनगर व सहसपुर ब्लाॅक के विद्यालयों में मिल-डे मील में हो रही गड़बड़ी की जांच करने को कहा। डॉ. रावत ने कहा कि उन्हें पिछले कुछ समय से विभिन्न माध्यमों, जनप्रतिनिधियों तथा स्थानीय नागरिकों के माध्यम से मिड-डे मील योजना में गड़बड़ियों की शिकायतें मिल रही थीं। शिकायतों में कुछ विद्यालयों द्वारा छात्र नामांकन संख्या के सापेक्ष अधिक खाद्यान्न की प्रविष्टियां दर्ज करने तथा खाद्यान्न की प्राप्ति और वास्तविक खपत में अंतर होने जैसी गंभीर अनियमितताओं की बात सामने आई है। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों के पोषण और स्वास्थ्य से जुड़ी इस महत्वपूर्ण योजना में किसी भी प्रकार की लापरवाही या भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने विभागीय अधिकारियों को निष्पक्ष एवं समयबद्ध जांच सुनिश्चित करने के निर्देश दे दिए गए हैं। डाॅ. रावत ने कहा कि जांच रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद यदि किसी स्तर पर अनियमितता या वित्तीय गड़बड़ी पाई जाती है तो संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी।
अंकिता भंडारी के माता-पिता से राहुल गांधी ने की वीडियो कॉल पर बात
देहरादून। उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल की पहल पर लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने अंकिता भंडारी के माता-पिता से वीडियो कॉल के माध्यम से बातचीत की।
बातचीत के दौरान राहुल गांधी ने अंकिता के माता-पिता का हालचाल जाना और मामले में न्याय की उनकी लड़ाई के प्रति संवेदना व्यक्त की।
उन्होंने परिवार को भरोसा दिलाया कि कांग्रेस पार्टी इस संवेदनशील प्रकरण में उनके साथ खड़ी है तथा न्याय दिलाने के लिए हरसंभव सहयोग करेगी।
गणेश गोदियाल ने बताया कि अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर प्रदेश की जनता आज भी न्याय की प्रतीक्षा कर रही है। उन्होंने कहा कि पीड़ित परिवार की भावनाओं और उनकी न्याय की मांग को राष्ट्रीय स्तर पर उठाने के लिए यह संवाद महत्वपूर्ण है।
परिवार ने भी राहुल गांधी से बातचीत के दौरान मामले की वर्तमान स्थिति से अवगत कराया और निष्पक्ष जांच व दोषियों को कड़ी सजा दिलाने की मांग दोहराई। इस दौरान राहुल गांधी ने परिवार की बात गंभीरता से सुनी और न्याय की लड़ाई में उनके साथ खड़े रहने का आश्वासन दिया।
बी-फ्रेंडली, बटरफ्लाई-फ्रेंडली एवं बर्ड-फ्रेंडली गार्डन
देहरादून। मुख्यमंत्री आवास परिसर स्थित राजकीय उद्यान, सर्किट हाउस में विकसित किए जा रहे 3-बी गार्डन (बी-फ्रेंडली, बटरफ्लाई-फ्रेंडली एवं बर्ड-फ्रेंडली गार्डन) के निर्माण कार्य का शुभारम्भ कृष्णा वट के पौधे का रोपण कर किया गया।
इस उद्यान का विकास मधुमक्खियों, तितलियों एवं पक्षियों के संरक्षण एवं संवर्धन को ध्यान में रखते हुए किया जा रहा है। इसके अंतर्गत परागण एवं जैव विविधता को बढ़ावा देने वाले विभिन्न प्रकार के पौधों का व्यापक स्तर पर रोपण किया जा रहा है।
उद्यान के आसपास कीटनाशकों एवं अन्य हानिकारक रसायनों के उपयोग को प्रतिबंधित रखा जाएगा, जिससे प्राकृतिक पारिस्थितिकी तंत्र को सुरक्षित रखा जा सके।
इस विशेष उद्यान के निर्माण से मधुमक्खी पालन को प्रोत्साहन मिलने के साथ-साथ जैव विविधता के संरक्षण एवं संवर्धन में भी महत्वपूर्ण योगदान प्राप्त होगा। साथ ही आमजन में पर्यावरण संरक्षण एवं प्रकृति के प्रति जागरूकता बढ़ाने में भी यह उद्यान महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
मुख्यमंत्री द्वारा उद्यान प्रभारी दीपक पुरोहित को इस प्रकार के उद्यान के विकास करने के निर्देश दिये गए थे। तत्पश्चात उपयुक्त प्रजातियों के पौधों के चयन एवं रोपण का कार्य प्रारम्भ कर दिया गया था।
उद्यान में जामुन, शहतूत, सहजन, कदम्ब, कपूर, गुड़हल, अमरूद, नीम, बाँस, बॉटल ब्रश, टिकामा, जीनिया, कॉसमॉस, पेंटास, मिल्कवीड, पैशन फ्लावर, हमेलिया, इक्जोरा, लैंटाना, तुलसी, लैवेंडर, सूरजमुखी, रोजमेरी एवं पुदीना सहित अनेक प्रजातियों के पौधों का मिश्रित रूप से रोपण किया जा रहा है।
परिसर में स्थित जीर्ण-शीर्ण एवं वृद्ध वृक्षों के समीप नवीन पौधों के रोपण का कार्य भी प्रारम्भ किया गया है। इसके अतिरिक्त उच्च हिमालयी एवं पर्वतीय क्षेत्रों में पाए जाने वाले बांज, बुरांश, तेजपत्ता तथा पया प्रजाति के पौधों का रोपण भी विगत वर्ष से किया जा रहा है, जो वर्तमान में स्वस्थ वृद्धि के साथ परिसर की प्राकृतिक शोभा एवं विशिष्टता को बढ़ा रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने परिसर में संचालित पर्यावरणीय एवं जैव विविधता संवर्धन संबंधी कार्यों की सराहना करते हुए उद्यान विभाग को मधुमक्खी पालन गतिविधियों को मुख्यमंत्री आवास परिसर तथा निकटवर्ती क्षेत्रों में व्यापक स्तर पर विकसित करने हेतु विस्तृत कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए।
इस अवसर पर सचिव शैलेश बगौली, निदेशक उद्यान डॉ. आर.के. सिंह, नरेन्द्र यादव मौजूद थे।
देहरादून/दिल्ली। उत्तराखण्ड सरकार के संस्कृत शिक्षा, कार्यक्रम क्रियान्वयन एवं जनगणना विभाग के सचिव दीपक कुमार ने नई दिल्ली में भारत में लिथुआनिया की राजदूत महामहिम डायना मिकेविचिएने से शिष्टाचार भेंट की।
भेंटवार्ता के दौरान दीपक कुमार ने उत्तराखण्ड की उस विशिष्ट पहचान को रेखांकित किया कि यह भारत का वह राज्य है जहाँ संस्कृत को द्वितीय राजभाषा का दर्जा प्राप्त है। उन्होंने राजदूत को उत्तराखण्ड संस्कृत शिक्षा निदेशालय, उत्तराखण्ड संस्कृत शिक्षा परिषद्, उत्तराखण्ड संस्कृत विश्वविद्यालय, उत्तराखण्ड संस्कृत संस्थानम तथा राज्य में संस्कृत शिक्षा एवं अनुसंधान को सुदृढ़ करने हेतु कार्यरत विभिन्न संस्थाओं द्वारा संस्कृत के संरक्षण, संवर्धन एवं प्रसार के लिए संचालित अनेक योजनाओं और गतिविधियों की जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के दूरदर्शी नेतृत्व तथा भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय के अंतर्गत केन्द्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय के सहयोग से अगस्त 2025 में उत्तराखण्ड सरकार ने राज्य के प्रत्येक जनपद में एक-एक संस्कृत ग्राम की स्थापना कर दी है। इस प्रकार कुल 13 संस्कृत ग्राम विकसित किए गए हैं, जिन्हें संस्कृत के जीवंत केन्द्रों के रूप में विकसित किया गया है, जहाँ स्थानीय समुदायों द्वारा दैनिक जीवन और सामाजिक व्यवहार में संस्कृत का सक्रिय रूप से प्रयोग किया जाता है।
सचिव दीपक कुमार ने महामहिम राजदूत को इन संस्कृत ग्रामों में से किसी एक के भ्रमण हेतु मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित करते हुए कहा कि इस अवसर पर वे प्रत्यक्ष रूप से अनुभव कर सकेंगी कि संस्कृत आज भी स्थानीय जनजीवन में एक जीवंत भाषा के रूप में किस प्रकार फल-फूल रही है। उन्होंने लिथुआनिया के विख्यात संस्कृत विद्वान् प्रो. वितिस विदूनास को संस्कृत अध्ययन एवं अनुसंधान के क्षेत्र में उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए शुभकामनाएँ एवं बधाई भी प्रेषित की। उन्होंने स्मरण कराया कि अगस्त 2024 में प्रसारित ‘मन की बात’ कार्यक्रम में प्रधानमंत्री
नरेन्द्र मोदी ने भी संस्कृत के प्रचार-प्रसार में प्रो. विदूनास के योगदान का विशेष उल्लेख किया था।
भेंट वार्ता के दौरान राजदूत डायना मिकेविचिएने ने दीपक कुमार को एक विशेष संस्कृत शब्दकोश भेंट किया। उन्होंने बताया कि इस प्रकाशन में संस्कृत और लिथुआनियाई भाषाओं के 108 ऐसे शब्दों की पहचान की गई है, जिनकी ध्वनि और अर्थ दोनों में उल्लेखनीय समानता पाई जाती है। शताब्दियों से इन भाषाई समानताओं का संरक्षित रहना दोनों प्राचीन सभ्यताओं के गहरे ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक संबंधों का परिचायक है तथा संस्कृत की समृद्धि और उसकी शाश्वत विरासत को भी उजागर करता है।
राजदूत ने आगे यह भी जानकारी दी कि प्रो. वितिस विदूनास वर्तमान में एक व्यापक संस्कृत शब्दकोश पर कार्य कर रहे हैं, जिसमें ऐसे एक हजार से अधिक समानार्थी शब्दों का संकलन किया जा रहा है। यह आगामी प्रकाशन तुलनात्मक भाषाविज्ञान के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण योगदान सिद्ध होगा तथा भारत और लिथुआनिया के मध्य शैक्षणिक एवं सांस्कृतिक संबंधों को और अधिक सुदृढ़ करेगा।
उल्लेखनीय है कि लिथुआनिया के विल्नियस विश्वविद्यालय में कई दशकों से भारतीय भाषाओं, विशेषकर हिन्दी और संस्कृत का अध्ययन-अध्यापन किया जा रहा है। वर्ष 1996 में विश्वविद्यालय के ओरिएंटल स्टडीज़ विभाग के अंतर्गत भारतीय अध्ययन केन्द्र की स्थापना की गई थी। अगस्त 2006 में भारतीय सांस्कृतिक संबंध परिषद् के सहयोग से विश्वविद्यालय ने भारतीय अध्ययन विषयक मध्य एवं पूर्वी यूरोप के द्वितीय क्षेत्रीय सम्मेलन की मेजबानी भी की थी।
इस अवसर पर दिल्ली विश्वविद्यालय के हिन्दू कॉलेज में सहायक आचार्य एवं प्रख्यात संस्कृत पत्रकार डॉ. सुनील जोशी भी उपस्थित रहे।
डीएम ने भूमिगत विद्युत लाइन कार्यों को पूर्ण करने के दिए निर्देश
सड़क पर बिखरी निर्माण सामग्री तत्काल हटाएं
अनुमति शर्तों के उल्लंघन पर कार्यवाही की चेतावनी
जनसुविधाओं से जुड़े कार्यों की होगी नियमित मॉनिटरिंग
देहरादून। जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संग जीएमएस रोड स्थित बल्लीवाला फ्लाईओवर से कांवली रोड होते हुए सहारनपुर चौक तक उत्तराखण्ड पावर कॉर्पाेरेशन लिमिटेड (यूपीसीएल) द्वारा कराए जा रहे अंडरग्राउंड केबल बिछाने के कार्यों का स्थलीय निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान कार्यों की धीमी प्रगति तथा पर्याप्त मैनपॉवर एवं मशीनरी न लगाए जाने पर जिलाधिकारी ने कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए संबंधित अधिकारियों को चेतावनी देते हुए रोड कटिंग समिति की अनुमति शर्तों का परिपालन करते हुए 05 दिन के भीतर कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए। डीएम ने कार्यों की धीमी प्रगति पर यूपीसीएल के अधीक्षण अभियंता का वेतन रोकने के निर्देश दिए हैं।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने पाया कि कांवली रोड से सहारनपुर चौक तक विभिन्न स्थानों पर सड़क की खुदाई के उपरांत निर्माण सामग्री एवं मलबा अव्यवस्थित रूप से बिखरा हुआ है, जिससे आमजन को आवागमन में असुविधा हो रही है। इस पर उन्होंने यूपीसीएल के अधिकारियों को फटकार लगाते हुए तत्काल सड़क किनारे पड़ी निर्माण सामग्री एवं मलबा हटाने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने यूपीसीएल के अधिकारियों को निर्देशित किया कि कार्यस्थलों पर पर्याप्त संख्या में मैनपॉवर एवं मशीनरी की तैनाती सुनिश्चित की जाए तथा 500-500 मीटर पैच बनाते हुए प्रत्येक पैच पर कार्यों की गति बढ़ाते हुए आगामी पांच दिनों के भीतर अंडरग्राउंड केबल बिछाने का कार्य पूर्ण किया जाए। उन्होंने कहा कि कार्य पूर्ण होने के उपरांत संबंधित मार्गों को शीघ्र सड़क पुनर्स्थापन (रोड रिस्टोरेशन) के लिए लोक निर्माण विभाग को हस्तांतरित किया जाए, ताकि सड़क मरम्मत का कार्य तत्काल प्रारंभ किया जा सके।
जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने यूपीसीएल को प्रतिदिन कार्य प्रगति की रिपोर्ट उपलब्ध कराने के निर्देश देते हुए कहा कि सभी शेष कार्यों को युद्धस्तर पर पूर्ण किया जाए। जिलाधिकारी ने कहा कि सड़क पुनर्स्थापन एवं मरम्मत कार्य निर्धारित मानकों एवं गुणवत्ता के अनुरूप ही संपादित किए जाएं, ताकि जनमानस को बेहतर एवं सुरक्षित यातायात सुविधा उपलब्ध हो सके। इसके अतिरिक्त जिलाधिकारी ने गैल द्वारा गैस पाइपलाइन बिछाने हेतु ली गई कार्य अनुमति को शर्तों के अनुरूप पूर्ण करते हुए सड़क लोनिवि को हस्तांतरित करने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने लोनिवि के अधिकारियों को सड़कों को मानसून से पूर्व ठीक कराने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने कहा कि जनसुविधाओं से जुड़े कार्यों में किसी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी तथा कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग की जाएगी। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्धारित समयसीमा के भीतर कार्य पूर्ण करने तथा क्षेत्र में यातायात एवं नागरिक सुविधाओं को प्रभावित न होने देने के निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक परमेन्द्र डोभाल, अपर जिलाधिकारी वि/रा के.के मिश्रा, पुलिस अधीक्षक यातायात लोकेश सिंह, उप जिलाधिकारी सदर अपूर्वा सिंह, अधि0 अभि लोनिवि ओपी सिंह, यूपीसीएल के अधिकारियों सहित सम्बन्धित अधिकारी उपस्थित रहे।
देहरादून/शिमला। प्रदेश के पर्यटन, लोक निर्माण, सिंचाई, ग्रामीण निर्माण, धर्मस्व एवं संस्कृति मंत्री सतपाल महाराज ने शिमला स्थित लोक भवन पहुंच कर हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल कविंद्र गुप्ता से शिष्टाचार भेंट कर किशाऊ बांध परियोजना सहित विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की।
प्रदेश के पर्यटन, लोक निर्माण, सिंचाई, ग्रामीण निर्माण, धर्मस्व एवं संस्कृति मंत्री सतपाल महाराज ने गुरुवार को शिमला स्थित लोक भवन पहुंच कर हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल कविंद्र गुप्ता से शिष्टाचार भेंट कर उनसे यमुना नदी की सहायक नदी टोंस पर प्रस्तावित बहुउद्देशीय किशाऊ बांध परियोजना पर चर्चा की है। उन्होंने कहा कि किशाऊ बांध परियोजना से 1,324 मिलियन क्यूबिक मीटर पानी से 97076 हेक्टेअर भूमि का सिंचाई व 617 मिलियन क्यूबिक मीटर पेयजल के साथ-साथ 660 मेगावाट जलविद्युत का भी उत्पादन उत्पादन होगा। इस परियोजना से उत्तराखण्ड राज्य की लगभग 1452 हैक्टेयर तथा हिमाचल प्रदेश का लगभग 1498 हैक्टेयर भूमि जलमग्न होगी।
महाराज ने कहा कि किशाऊ बांध के निर्माण से उत्तराखंड को इस परियोजना से उत्पन्न होने वाली बिजली का हिस्सा मिलेगा जो कि राज्य की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने में मदद करेगा। इसके अलावा राज्य के कृषि क्षेत्रों, विशेषकर देहरादून और आसपास के इलाकों में सिंचाई के लिए अतिरिक्त पानी उपलब्ध होगा।
भारतीय चिकित्सा परिषद उत्तराखण्ड का कार्यालय हर्रावाला स्थानांतरित
देहरादून। राज्य की स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक प्रभावी बनाने के लिए स्वास्थ्य सचिव श्री विनय शंकर पांडेय द्वारा जनहित में प्रदेश के विभिन्न जनपदों में मुख्य चिकित्सा अधिकारियों (CMO) की तैनाती की गई है।
प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्थाओं के सुदृढ़ीकरण, चिकित्सा सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार तथा आमजन को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए ये नियुक्तियां की गई हैं।
अल्मोड़ा में डॉ. योगेश पुरोहित, नैनीताल में डॉ. रशिम पंत, पिथौरागढ़ में डॉ. हरीश चन्द्र पंत, पौड़ी में डॉ. मेघना असवाल, रुद्रप्रयाग में डॉ. अमित कुमार शुक्ला, टिहरी में डॉ. राम प्रकाश और उत्तरकाशी में डॉ. श्याम विजय की तैनाती की गई है।
सचिव स्वास्थ्य ने विश्वास व्यक्त किया है कि संबंधित जनपदों में स्वास्थ्य व्यवस्थाएं और अधिक सुदृढ़ होंगी तथा आमजन को बेहतर चिकित्सा सुविधाओं का लाभ प्राप्त होगा।
भारतीय चिकित्सा परिषद उत्तराखण्ड का कार्यालय हर्रावाला स्थानांतरित
1 जून से नए पते पर होंगे सभी कार्य व पत्राचार
देहरादून। भारतीय चिकित्सा परिषद, उत्तराखण्ड का कार्यालय मोथरोवाला रोड, अजबपुरकलां स्थित वर्तमान पते से स्थानांतरित होकर उत्तराखण्ड आयुर्वेद विश्वविद्यालय परिसर, रेलवे रोड, हर्रावाला, देहरादून में संचालित किया जाएगा।
रजिस्ट्रार नर्वदा गुसांई द्वारा जारी सूचना के अनुसार, 1 जून 2026 से परिषद के कार्यालय से संबंधित समस्त प्रशासनिक कार्य, अभिलेखीय कार्य तथा पत्राचार नए कार्यालय पते से ही संपादित किए जाएंगे।
परिषद ने सभी संबंधित चिकित्सकों, संस्थानों एवं आमजन से अनुरोध किया है कि 1 जून 2026 के बाद कार्यालय संबंधी सभी पत्राचार एवं कार्यवाही के लिए उत्तराखण्ड आयुर्वेद विश्वविद्यालय परिसर, रेलवे रोड, हर्रावाला, देहरादून स्थित नए कार्यालय पते का ही उपयोग करें।