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  • उत्तराखण्ड की गौरवशाली राष्ट्रभक्ति पर गर्व

    उत्तराखण्ड की गौरवशाली राष्ट्रभक्ति पर गर्व

    सीएम ने प्रदेशवासियों को दी स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएँ

    देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रदेशवासियों को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएँ दी हैं। देश की स्वतंत्रता के लिए अपना सर्वस्व न्यौछावर करने वाले सभी स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों, अमर शहीदों, वीर-वीरांगनाओं एवं राज्य आंदोलनकारियों को श्रद्धापूर्वक नमन करते हुए मुख्यमंत्री ने देश और प्रदेश की प्रगति में निरंतर योगदान दे रही उत्तराखण्ड की देवतुल्य जनता का भी आभार व्यक्त किया है।

    स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर जारी अपने संदेश में मुख्यमंत्री ने कहा है कि उत्तराखण्ड को अपनी सैन्य परंपरा, वीरता और राष्ट्रभक्ति की गौरवशाली विरासत पर गर्व है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में उत्तराखण्ड विकास के पथ पर तेजी से आगे बढ़ रहा है। प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में प्रदेश में लगभग दो लाख करोड़ रुपये की विभिन्न विकास योजनाओं पर कार्य चल रहा है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विकसित भारत के संकल्प को पूरा करने में उत्तराखण्ड अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में औद्योगिक विकास एवं निवेश को प्रोत्साहित करने के लिए 30 से अधिक नई नीतियां लागू की गई हैं। मुख्यमंत्री सीमांत क्षेत्र विकास योजना और वाइब्रेंट विलेज योजना के माध्यम से सीमावर्ती क्षेत्रों के गांवों के विकास को गति दी जा रही है। उत्तराखण्ड के स्थानीय उत्पादों को देश-विदेश के बाजार उपलब्ध कराने के उद्देश्य से ‘हाउस ऑफ हिमालयाज’ ब्रांड की शुरुआत की गई है। प्रदेश में सेब, कीवी और ड्रैगन फ्रूट मिशन के साथ-साथ सगंध कृषि को भी बढ़ावा दिया जा रहा है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड समान नागरिक संहिता लागू करने वाला स्वतंत्र भारत का पहला राज्य बना है। प्रदेश में धर्मांतरण को रोकने के लिए बनाए गए कानून को प्रभावी ढंग से लागू किया जा रहा है। जनभावनाओं के अनुरूप प्रदेश में सख्त भू-कानून लागू किया गया है। नकल विरोधी कानून को प्रभावी ढंग से लागू करते हुए नकल माफिया के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की गई है। भर्ती प्रक्रियाओं में पारदर्शिता और समयबद्धता सुनिश्चित की जा रही है इसी का परिणाम है कि राज्य में पिछले पांच वर्षों में सरकारी सेवाओं में लगभग 34 हजार से अधिक नियुक्तियां की गई हैं।

    उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति, दर्शन एवं इतिहास के गहन अध्ययन के लिए दून विश्वविद्यालय में सेंटर फॉर हिन्दू स्टडीज की स्थापना की गई है। नई शिक्षा नीति को लागू करने में भी उत्तराखण्ड अग्रणी राज्यों में शामिल है। हाल ही में उत्तराखण्ड को पूर्ण साक्षर राज्य घोषित किया गया है, जो देश में पूर्ण साक्षरता के लक्ष्य की दिशा में प्रेरणादायी उदाहरण है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड की पहचान देश में पर्यटन एवं वेडिंग डेस्टिनेशन के साथ-साथ फिल्म शूटिंग डेस्टिनेशन के रूप में भी तेजी से स्थापित हुई है। राज्य सरकार के बेहतर यात्रा प्रबंधन एवं व्यवस्थाओं के परिणामस्वरूप इस वर्ष अब तक 47 लाख से अधिक श्रद्धालु चारधाम यात्रा पर आ चुके हैं, जबकि प्रसिद्ध कांवड़ यात्रा में लगभग 5 करोड़ शिव भक्त पवित्र गंगाजल लेकर सकुशल अपने गन्तव्य को लौटे हैं। कैलाश मानसरोवर यात्रा के संचालन के साथ ही प्रदेश में शीतकालीन यात्रा को भी प्रोत्साहित करने की महत्वपूर्ण पहल की गई है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार ने सरकारी सेवाओं में महिलाओं को 30 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण देने के साथ ही सहकारी समितियों में भी 33 प्रतिशत आरक्षण देने का निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री नारी सशक्तिकरण योजना, लखपति दीदी योजना सहित विभिन्न योजनाओं के माध्यम से महिलाओं को आत्मनिर्भर एवं सशक्त बनाया जा रहा है। महिला स्वयं सहायता समूहों को पांच लाख रुपये तक का ब्याजमुक्त ऋण उपलब्ध कराया जा रहा है। प्रदेश में अबतक 03 लाख से अधिक लखपति दीदी बनायी जा चुकी हैं।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि विकास का लाभ समाज के अन्तिम व्यक्ति तक पहुंचे और प्रदेश का कोई भी क्षेत्र विकास की मुख्यधारा से वंचित न रहे, यह हमारा संकल्प है। जन-सेवा सुशासन, पारदर्शिता, संवेदनशीलता और अन्त्योदय के मूल-मंत्र के साथ राज्य सरकार उत्तराखण्ड को देश का अग्रणी राज्य बनाने की दिशा में निरन्तर प्रयासरत है।

    स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर प्रदेशवासियों से उत्तराखण्ड को आदर्श, विकसित, समृद्ध एवं आत्मनिर्भर राज्य बनाने में सहयोगी बनने की भी मुख्यमंत्री ने अपील की है।

  • सुशासन और विकास के साथ, विकसित उत्तराखंड का संकल्प

    सुशासन और विकास के साथ, विकसित उत्तराखंड का संकल्प

    देहरादून। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर सचिवालय परिसर में आयोजित कार्यक्रम में मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने प्रदेशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं दीं।
    उन्होंने राष्ट्र की स्वतंत्रता के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर करने वाले स्वतंत्रता सेनानियों एवं शहीदों को श्रद्धापूर्वक नमन किया।

    मुख्य सचिव ने कहा कि स्वतंत्रता दिवस केवल उत्सव का अवसर नहीं, बल्कि उन असंख्य स्वतंत्रता सेनानियों के त्याग, तपस्या और बलिदान को स्मरण करने का दिन है, जिनके संघर्ष से आज भारत एक स्वतंत्र, लोकतांत्रिक और संप्रभु राष्ट्र के रूप में आगे बढ़ रहा है। स्वतंत्रता हमें विरासत में मिली है, लेकिन राष्ट्र निर्माण की जिम्मेदारी वर्तमान पीढ़ी की है।
    उन्होंने कहा कि आज का भारत आत्मविश्वास से भरा हुआ है। आर्थिक, वैज्ञानिक, तकनीकी एवं सामरिक क्षेत्रों में देश ने उल्लेखनीय प्रगति की है। भारत के वैज्ञानिक अंतरिक्ष के क्षेत्र में नई ऊंचाइयां हासिल कर रहे हैं, युवा विश्वभर में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा रहे हैं और डिजिटल तकनीक ने शासन एवं नागरिक सेवाओं के स्वरूप में व्यापक परिवर्तन किया है। अब हमारा लक्ष्य ऐसा समावेशी, सतत और गुणवत्तापूर्ण विकास सुनिश्चित करना है, जिसमें प्रत्येक नागरिक को समान अवसर मिले और विकास का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे।

    25 वर्ष के उत्तराखण्ड में उपलब्धियों के साथ चुनौतियों पर भी ध्यान जरूरी

    मुख्य सचिव ने कहा कि उत्तराखण्ड की 25 वर्षों की यात्रा आत्मावलोकन और भविष्य की दिशा तय करने का अवसर है। राज्य का गठन केवल प्रशासनिक पुनर्गठन नहीं था, बल्कि इसके पीछे पर्वतीय क्षेत्र की विशिष्ट आवश्यकताओं, भौगोलिक एवं सांस्कृतिक परिस्थितियों और विकास की आकांक्षाओं का लंबा संघर्ष रहा है। उन्होंने कहा कि इन 25 वर्षों में शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, बिजली, पेयजल, पर्यटन, डिजिटल कनेक्टिविटी और आधारभूत ढांचे के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति हुई है। इसके बावजूद पर्वतीय क्षेत्रों से पलायन, रोजगार के पर्याप्त अवसरों का सृजन, दूरस्थ क्षेत्रों तक गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य एवं शिक्षा की पहुंच, आपदा जोखिम को कम करना, जल स्रोतों का संरक्षण और हिमालयी पारिस्थितिकी की रक्षा जैसी चुनौतियों पर निरंतर कार्य करने की आवश्यकता है।

    विकसित भारत के साथ विकसित उत्तराखण्ड का लक्ष्य

    मुख्य सचिव ने कहा कि प्रधानमंत्री के वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के संकल्प की सफलता में उत्तराखण्ड की भी महत्वपूर्ण भूमिका है। हमारा लक्ष्य ‘विकसित भारत के साथ विकसित उत्तराखण्ड’ होना चाहिए।
    उन्होंने कहा कि विकसित उत्तराखण्ड का अर्थ केवल बड़े शहरों और बड़ी परियोजनाओं से नहीं है। विकसित उत्तराखण्ड वह होगा, जहां पहाड़ का युवा अपने गांव में रहकर सम्मानजनक रोजगार प्राप्त कर सके, महिलाएं आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर हों, प्रत्येक बच्चे को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और प्रत्येक नागरिक को समय पर गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं मिलें। गांव सड़क, इंटरनेट और आधुनिक सुविधाओं से जुड़े हों तथा विकास और पर्यावरण एक-दूसरे के पूरक बनें।

    सुशासन और परिणाम आधारित प्रशासन सर्वोच्च प्राथमिकता

    मुख्य सचिव ने कहा कि सचिवालय राज्य शासन का मस्तिष्क है और यहां लिए गए प्रत्येक निर्णय का प्रभाव प्रदेश के गांव-गांव और प्रत्येक नागरिक तक पहुंचता है। इसलिए प्रशासन की सबसे बड़ी जिम्मेदारी है कि सरकार का प्रत्येक निर्णय नागरिक के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाए। उन्होंने अधिकारियों एवं कर्मचारियों से कहा कि प्रशासन को केवल योजनाओं और फाइलों तक सीमित न रखते हुए ‘फाइल डिस्पोजल’ से आगे ‘आउटकम डिलीवरी’ की ओर ले जाना होगा। प्रशासन की सफलता इस बात से तय होगी कि सरकारी निर्णयों और योजनाओं से लोगों के जीवन में कितना वास्तविक सुधार आया। उन्होंने ‘मिनिमम गवर्नमेंट, मैक्सिमम गवर्नेंस’ की भावना के साथ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डिजिटल गवर्नेंस, डाटा एनालिटिक्स और अन्य आधुनिक तकनीकों के अधिकतम उपयोग पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि तकनीक के माध्यम से प्रशासन को अधिक तेज, पारदर्शी, संवेदनशील और नागरिक-केंद्रित बनाया जाना चाहिए।

    मुख्य सचिव ने सचिवालय के अधिकारियों एवं कर्मचारियों से कहा कि वे स्वयं को केवल सरकारी कर्मचारी नहीं, बल्कि लोक सेवक मानें। उन्होंने कहा कि उनके पास जो अधिकार हैं, वे व्यक्तिगत अधिकार नहीं बल्कि जनता द्वारा सौंपी गई जिम्मेदारियां हैं। कार्यालय में आने वाले प्रत्येक व्यक्ति को केवल एक केस या फाइल के रूप में नहीं, बल्कि उसकी आशाओं, अपेक्षाओं और परिवार से जुड़े व्यक्ति के रूप में देखा जाना चाहिए।

    स्थानीय अर्थव्यवस्था और ग्रामीण उद्यमिता को बढ़ावा दिया जाए

    मुख्य सचिव ने कहा कि उत्तराखण्ड की वास्तविक शक्ति हमारे गांवों, महिलाओं, युवाओं और प्राकृतिक संपदा में है। पर्वतीय अर्थव्यवस्था के ऐसे मॉडल विकसित करने की आवश्यकता है, जो स्थानीय परिस्थितियों पर आधारित हों और स्थानीय उत्पादन को वैश्विक बाजार से जोड़ें। उन्होंने मिलेट्स, स्थानीय कृषि उत्पाद, बागवानी, औषधीय एवं सुगंधित पौधों, हस्तशिल्प, जैविक उत्पाद तथा पारंपरिक ज्ञान को आधुनिक बाजार से जोड़ने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि महिला स्वयं सहायता समूहों ने इस दिशा में उल्लेखनीय कार्य किया है और अब इन्हें केवल आजीविका समूहों तक सीमित न रखते हुए ग्रामीण उद्यमिता के केंद्र के रूप में विकसित किया जाना चाहिए।

    युवाओं के लिए रोजगार के साथ उद्यमिता के अवसर

    मुख्य सचिव ने कहा कि उत्तराखण्ड का युवा केवल नौकरी तलाशने वाला नहीं, बल्कि रोजगार देने वाला बने—यह हमारा लक्ष्य होना चाहिए। स्टार्टअप, नवाचार, पर्यटन, आईटी, नवीकरणीय ऊर्जा, क्रिएटिव इकोनॉमी और उद्यमिता के क्षेत्र में युवाओं के लिए नए अवसर विकसित करने होंगे। उन्होंने कहा कि हमारा प्रयास होना चाहिए कि उत्तराखण्ड का युवा रोजगार के लिए केवल देहरादून, दिल्ली, चंडीगढ़ या बेंगलुरु की ओर न देखे, बल्कि रोजगार और उद्यम के अवसर पहाड़ तक पहुंचें और प्रतिभा पहाड़ से बाहर जाने के बजाय यहीं अवसर प्राप्त करे।

    हिमालय और पर्यावरण संरक्षण के साथ विकास

    मुख्य सचिव ने कहा कि उत्तराखण्ड हिमालय का प्रहरी है। राज्य की नदियां केवल जलधाराएं नहीं, बल्कि सभ्यता, संस्कृति और अर्थव्यवस्था का आधार हैं। इसी प्रकार जंगल जल स्रोतों, जैव विविधता और जलवायु संतुलन के महत्वपूर्ण संरक्षक हैं। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड का विकास हिमालय-संवेदनशील विकास मॉडल पर आधारित होना चाहिए। आपदा प्रबंधन में प्रतिक्रियात्मक दृष्टिकोण के बजाय पूर्व तैयारी और जोखिम न्यूनीकरण पर जोर दिया जाना चाहिए। अर्ली वार्निंग सिस्टम, रेजिलिएंट इंफ्रास्ट्रक्चर, कैरिंग कैपेसिटी असेसमेंट, आपदा-रोधी निर्माण और जलवायु अनुकूलन को विकास की मुख्यधारा में शामिल करना आवश्यक है।

    जिम्मेदार और उच्च मूल्य वाले पर्यटन पर जोर

    मुख्य सचिव ने कहा कि पर्यटन उत्तराखण्ड की अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण आधार है। अब पर्यटन को केवल अधिक संख्या में पर्यटकों तक सीमित न रखकर रिस्पॉन्सिबल, सस्टेनेबल और हाई-वैल्यू टूरिज्म की दिशा में आगे बढ़ाना होगा। उन्होंने स्पिरिचुअल टूरिज्म, वेलनेस एवं योग, एडवेंचर, इको-टूरिज्म, होमस्टे, विंटर टूरिज्म और सांस्कृतिक पर्यटन की संभावनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि चारधाम यात्रा हमारी आध्यात्मिक विरासत है, लेकिन इसके साथ उत्तराखण्ड के छोटे गांवों, लोक संस्कृति, खान-पान, हस्तशिल्प और प्राकृतिक सौंदर्य को भी पर्यटन की मुख्यधारा से जोड़ने की आवश्यकता है।

    कर्तव्यनिष्ठा, पारदर्शिता और संवेदनशीलता का लिया संकल्प

    मुख्य सचिव ने कहा कि स्वतंत्रता दिवस हमें स्वतंत्रता, जिम्मेदारी और संकल्प—इन तीन मूल भावनाओं की याद दिलाता है। हमें स्वतंत्रता को समृद्धि, समान अवसर और सम्मानजनक जीवन में परिवर्तित करना है।
    उन्होंने सचिवालय के सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों का आह्वान किया कि वे कर्तव्यनिष्ठा, पारदर्शिता, नवाचार और संवेदनशीलता को अपनी कार्यसंस्कृति का आधार बनाएं तथा संकल्प लें कि उनका प्रत्येक निर्णय उत्तराखण्ड के हित में, प्रत्येक प्रयास जनहित में और प्रत्येक कार्य विकसित उत्तराखण्ड की दिशा में होगा।

    अंत में मुख्य सचिव ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी, पंडित जवाहरलाल नेहरू, सरदार वल्लभभाई पटेल, नेताजी सुभाष चंद्र बोस, शहीद भगत सिंह, चंद्रशेखर आजाद सहित सभी महान स्वतंत्रता सेनानियों को श्रद्धापूर्वक नमन किया। उन्होंने देश की एकता, अखंडता और सुरक्षा के लिए समर्पित भारतीय सेना, अर्द्धसैनिक बलों, पुलिस बलों तथा सभी वीर जवानों के प्रति भी सम्मान व्यक्त किया और सभी से मिलकर नए एवं विकसित उत्तराखण्ड के निर्माण का आह्वान किया।

    इस अवसर पर प्रमुख सचिव, सचिवगण, अपर सचिवगण, सचिवालय परिवार के अधिकारी कर्मचारी एवं स्कूल के बच्चे भी उपस्थित थे।

  • महानिदेशक तिवारी ने किया ध्वजारोहण, निष्ठा एवं पारदर्शिता के साथ दायित्व निर्वहन का किया आह्वान

    महानिदेशक तिवारी ने किया ध्वजारोहण, निष्ठा एवं पारदर्शिता के साथ दायित्व निर्वहन का किया आह्वान

    देहरादून। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर सूचना एवं लोकसंपर्क विभाग के महानिदेशक बंशी धर तिवारी ने विभागीय परिसर में ध्वजारोहण किया । इस अवसर पर उन्होंने विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं दीं।

    महानिदेशक तिवारी ने कहा कि स्वतंत्रता दिवस हमें देश की स्वतंत्रता के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर करने वाले स्वतंत्रता सेनानियों के त्याग और बलिदान का स्मरण कराता है। उन्होंने सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों से अपने दायित्वों का पूरी निष्ठा, पारदर्शिता और जिम्मेदारी के साथ निर्वहन करने का आह्वान किया।

    इस अवसर पर अपर निदेशक आशीष त्रिपाठी, संयुक्त निदेशक के.एस. चौहान, उपनिदेशक मनोज श्रीवास्तव, रवि बिजारनीया, अर्चना सहित विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

  • हर क्षेत्र और वर्ग के विकास को प्राथमिकता — सीएम

    हर क्षेत्र और वर्ग के विकास को प्राथमिकता — सीएम

    सीएम ने फहराया राष्ट्रीय ध्वज

    देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री आवास में ध्वजारोहण किया। ध्वजारोहण से पहले मुख्यमंत्री एवं उपस्थित अधिकारियों-कर्मचारियों ने सामूहिक रूप से ‘वंदे मातरम्’ का गायन किया।
    इसके पश्चात मुख्यमंत्री ने राष्ट्रीय ध्वज फहराया और उपस्थित सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को राष्ट्रीय एकता की शपथ दिलाई।

    मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रदेशवासियों को स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं दीं। उन्होंने देश की आजादी के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर करने वाले स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों तथा मां भारती की रक्षा के लिए सर्वोच्च बलिदान देने वाले वीर जवानों को नमन करते हुए उनका स्मरण किया।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि अमर बलिदानियों ने जिस सशक्त, समृद्ध और आत्मनिर्भर भारत का सपना देखा था, उसे साकार करने की दिशा में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश तेजी से आगे बढ़ रहा है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विकसित भारत के संकल्प को पूरा करने के लिए प्रत्येक नागरिक को अपने-अपने कार्यक्षेत्र में पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ योगदान देना होगा। सामूहिक प्रयासों और जनभागीदारी से ही देश को विकास की नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया जा सकता है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड के समग्र, संतुलित और सतत विकास के लिए राज्य सरकार पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। सरकार का प्रयास है कि विकास का लाभ प्रदेश के प्रत्येक क्षेत्र और प्रत्येक वर्ग तक पहुंचे। उन्होंने कहा कि राज्य के विकास में सभी के सहयोग और सहभागिता से उत्तराखंड को देश का श्रेष्ठ राज्य बनाने की दिशा में निरंतर कार्य किया जा रहा है।
    मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वतंत्रता दिवस हमें राष्ट्र के प्रति अपने कर्तव्यों का स्मरण कराता है।

  • उत्तराखण्ड पुलिस के कार्मिकों को मिलेगा मुख्यमंत्री सराहनीय सेवा पदक

    उत्तराखण्ड पुलिस के कार्मिकों को मिलेगा मुख्यमंत्री सराहनीय सेवा पदक

    देखें, सम्मानित होने वाले पुलिस कार्मिकों के नाम

    देहरादून। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री उत्तराखंड पुष्कर सिंह धामी उत्तराखंड पुलिस के 14 पुलिस कार्मिकों को उनकी उत्कृष्ट एवं सराहनीय सेवाओं के लिए “मुख्यमंत्री सराहनीय सेवा पदक” प्रदान करेंगे।

    इनमें 8 पुलिस अधिकारियों/कर्मचारियों को सेवा के आधार पर तथा 6 पुलिस अधिकारियों/कर्मचारियों को विशिष्ट कार्य के लिए “मुख्यमंत्री सराहनीय सेवा पदक” प्रदान किया जाएगा।

    ” मुख्यमंत्री सराहनीय सेवा पदक” (सेवा के आधार पर)

    1. नीलेश आनंद भरणे, पुलिस महानिरीक्षक, साइबर/एसटीएफ उत्तराखण्ड।
    2. रेवाधर मठपाल अपर पुलिस अधीक्षक, पुलिस दूरसंचार, जनपद नैनीताल।
    3. भास्कर लाल शाह, पुलिस उपाधीक्षक, सचिवालय/विधानसभा सुरक्षा, उत्तराखण्ड।
    4. त्रिवेन्द्र सिंह राणा, पुलिस उपाधीक्षक, जनपद चमोली।
    5. मनीष जस्वाल, पुलिस उपाधीक्षक, पुलिस मुख्यालय, उत्तराखण्ड।
    6. गिरीधर सिंह रावत, निरीक्षक, नागरिक पुलिस, पुलिस मुख्यालय, उत्तराखण्ड।
    7.  मोहम्मद यासीन, निरीक्षक, नागरिक पुलिस, पुलिस मुख्यालय, उत्तराखण्ड।
    8.  दिनेश चन्द्र, गुल्मनायक, 40वीं वाहिनी पीएसी।

    विशिष्ट कार्य हेतु “मुख्यमंत्री सराहनीय सेवा पदक”

    1. स्वर्गीय  मनोज मनराल, निरीक्षक, अभिसूचना, एलआईयू देहरादून (मरणोपरान्त)।
    2. स्वर्गीय विनोद कुमार, उपनिरीक्षक, नागरिक पुलिस, जनपद टिहरी गढ़वाल (मरणोपरान्त)।
    3.  सुनील कुमार मीणा, पुलिस महानिरीक्षक, कार्मिक, उत्तराखण्ड।
    4.  नवनीत सिंह, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, जनपद हरिद्वार।
    5.  शान्तनु पराशर, अपर पुलिस अधीक्षक, साइबर क्राइम पुलिस थाना, देहरादून।
    6.  मनोज असवाल, पुलिस उपाधीक्षक, अभिसूचना।

    सीएम धामी ने चयनित सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों को बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने कहा कि यह सम्मान पुलिस कार्मिकों द्वारा कर्तव्यनिष्ठा, समर्पण एवं उत्कृष्ट सेवाभाव के साथ किए जा रहे कार्यों का सम्मान है तथा इससे समस्त पुलिस बल को अपने दायित्वों का और अधिक निष्ठा एवं समर्पण के साथ निर्वहन करने की प्रेरणा मिलेगी।

  • टनल में पहुंचे सीएम, बचाव एवं राहत कार्यों का लिया जायजा

    टनल में पहुंचे सीएम, बचाव एवं राहत कार्यों का लिया जायजा

    देखें वीडियो,टीएचडीसी टनल हादसे में सात की मौत,तीन लापता

    गोपेश्वर। मायापुर (पीपलकोटी) स्थित टीएचडीसी की निर्माणाधीन टनल में मलबा एवं पानी भरने की घटना के बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को घटनास्थल पर पहुंचकर राहत एवं बचाव कार्यों का स्थलीय निरीक्षण किया।
    इस दुर्घटना में सात कर्मियों की मौत हुई है। तीन लापता हैं। और 12 का इलाज गोपेश्वर अस्पताल में चल रहा है। मृतकों की संख्या बढ़ने की संभावना है।

     

    मुख्यमंत्री ने मौके पर पहुंचकर रेस्क्यू अभियान की प्रगति की जानकारी ली तथा अधिकारियों एवं बचाव दलों से आवश्यक जानकारी प्राप्त की। मुख्यमंत्री ने टनल के अंदर जाकर बचाव एवं राहत कार्यों का जायजा लिया और रेस्क्यू अभियान में जुटी टीमों से मौके पर आवश्यक जानकारी ली।

    टीएचडीसी की विष्णुगाड-पीपलकोटी जल विद्युत परियोजना के टीआरटी टनल की लंबाई लगभग 3 किलोमीटर है। टनल के लगभग 1.50 किलोमीटर हिस्से में भूधंसाव के कारण मलबा एवं पानी आने की स्थिति उत्पन्न हुई।

     

    मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि रेस्क्यू अभियान को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए सभी उपलब्ध संसाधनों एवं तकनीकी विशेषज्ञता का प्रभावी उपयोग किया जाए। उन्होंने बचाव कार्य में जुटी एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, आईटीबीपी, पुलिस सहित सभी टीमों के साथ समन्वय बनाए रखने तथा टनल में फंसे शेष 3 लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए हरसंभव प्रयास करने के निर्देश दिए।

    जिलाधिकारी गौरव कुमार ने मुख्यमंत्री को अब तक किए गए रेस्क्यू तथा मौके पर संचालित राहत एवं बचाव कार्यों की विस्तृत जानकारी दी। जिलाधिकारी ने बताया कि टनल में फंसे 22 लोगों में से अब तक 19 लोगों को बाहर निकाला जा चुका है, जबकि शेष 3 लोगों की तलाश एवं रेस्क्यू अभियान लगातार जारी है। घटना में अभी तक 7 लोगों की दुखद मृत्यु की सूचना है।

    रेस्क्यू किए गए घायलों को उपचार के लिए जिला चिकित्सालय गोपेश्वर लाया गया है, जहां स्वास्थ्य विभाग एवं चिकित्सकों की टीम द्वारा उनका उपचार एवं स्वास्थ्य की लगातार निगरानी की जा रही है।

    मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि रेस्क्यू अभियान के साथ-साथ घायलों के उपचार, परिजनों की सहायता एवं घटनास्थल पर आवश्यक व्यवस्थाओं में किसी भी प्रकार की कमी न हो। उन्होंने बचाव दलों के साथ निरंतर समन्वय बनाए रखते हुए अभियान को पूरी गंभीरता एवं सावधानी के साथ संचालित करने के निर्देश दिए।

    इस दौरान कैबिनेट मंत्री भरत चौधरी, थराली विधायक भूपाल राम टम्टा, जिला पंचायत अध्यक्ष दौलत सिंह बिष्ट, राज्य मंत्री हरक सिंह, पूर्व काबीना मंत्री राजेंद्र भंडारी, नगर पंचायत अध्यक्ष आरती नवानी, सभासद राजा जोशी, आपदा सचिव विनोद कुमार सुमन, गढ़वाल आयुक्त आनंद स्वरूप, आईजी गढ़वाल राजीव स्वरूप, जिलाधिकारी गौरव कुमार, पुलिस अधीक्षक सुरजीत सिंह पंवार, उपजिलाधिकारी राजकुमार पांडेय, चंद्रशेखर वशिष्ठ सहित अन्य जनप्रतिनिधि, अधिकारी व कार्मिक उपस्थित रहे।

  • दर्दनाक हादसा: THDC टनल में मलबा भरने से 7 मजदूरों की मौत

    दर्दनाक हादसा: THDC टनल में मलबा भरने से 7 मजदूरों की मौत

    14 घायल  मजदूर गोपेश्वर के अस्पताल में भर्ती

    सीएम धामी के निर्देश पर
    राहत-बचाव अभियान युद्धस्तर पर जारी

    चमोली। जिले के पीपलकोटी क्षेत्र के मायापुर में निर्माणाधीन टीएचडीसी टनल में गुरुवार की शाम मलबा एवं पानी भरने से सात मजदूरों की मौत हो गयी। 14 घायल मजदूरों को गोपेश्वर के अस्पताल में भर्ती कराया गया है। मृतक व घायल मजदूर बिहार,छतीसगढ़, झारखंड,पंजाब,हिमाचल व उत्तराखण्ड के हैं। मुख्यमंत्री  धामी ने झारखंड एवं छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्रियों से वार्ता कर हरसम्भव मदद का भरोसा दिया।

     

    देर रात तक एनडीआरएफ,एसडीआरएफ व पुलिस के जवान बचाव कार्य में जुटे हुए थे। दुर्घटना की सूचना मिलते ही सीएम धामी ने तत्काल कैबिनेट मंत्री भरत चौधरी व प्रशसन को युद्धस्तर पर बचाव कार्य करने के निर्देश दिए थे।

    गुरुवार की शाम शाम लगभग 7:05 बजे टनल में 20 से अधिक मजदूरों  के फंसे होने की सूचना प्राप्त हुई। सूचना मिलते ही जिला प्रशासन, पुलिस, एसडीआरएफ, सीआईएसएफ सहित संबंधित एजेंसियों द्वारा तत्काल राहत एवं बचाव कार्य शुरू कर दिया गया। प्रारंभिक कार्रवाई में 16 व्यक्तियों को सुरक्षित रेस्क्यू किया गया। जबकि शेष व्यक्तियों की सुरक्षित निकासी के लिए रात भर अभियान चलता रहा।

    घटना की सूचना मिलते ही सेना, आईटीबीपी, एनडीआरएफ एवं एसडीआरएफ की टीमें भी घटनास्थल के लिए रवाना की गई हैं। राहत एवं बचाव अभियान में सभी उपलब्ध संसाधनों एवं उपकरणों का उपयोग किया जा रहा है। जिला प्रशासन द्वारा घटनास्थल पर स्थिति की निरंतर निगरानी की जा रही है तथा टनल में फंसे लोगों तक सुरक्षित पहुंच बनाने और उन्हें शीघ्र बाहर निकालने के लिए अभियान को प्राथमिकता के आधार पर संचालित किया जा रहा है।

    मुख्यमंत्री  धामी ने झारखंड एवं छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्रियों से की वार्ता

    मुख्यमंत्री  पुष्कर सिंह धामी ने चमोली जनपद के मायापुर (पीपलकोटी) स्थित टीएचडीसी की निर्माणाधीन टनल में मलबा एवं पानी भरने की घटना के संबंध में झारखंड के मुख्यमंत्री एवं छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री से दूरभाष पर वार्ता की।

    मुख्यमंत्री धामी ने दोनों राज्यों के मुख्यमंत्रियों को टनल में फंसे उनके राज्यों के श्रमिकों की स्थिति से अवगत कराया और बताया कि उत्तराखंड सरकार द्वारा त्वरित कार्रवाई करते हुए युद्धस्तर पर राहत एवं बचाव अभियान संचालित किया गया, जिसके परिणामस्वरूप 16 श्रमिकों का सुरक्षित रेस्क्यू किया जा चुका है तथा शेष प्रभावित श्रमिकों के लिए भी सभी आवश्यक प्रयास निरंतर जारी हैं।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि रेस्क्यू किए गए श्रमिकों के उपचार में किसी प्रकार की कोई कमी नहीं रखी जा रही है। उन्हें तत्काल चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई गई है तथा आवश्यकता के अनुरूप विशेषज्ञ उपचार, दवाइयों, आवास, भोजन और अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं भी सुनिश्चित की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि यदि किसी श्रमिक को उच्च चिकित्सा संस्थान में रेफर करने की आवश्यकता होगी तो उसके लिए भी समुचित व्यवस्था की जाएगी।

    मुख्यमंत्री  धामी ने झारखंड एवं छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्रियों को आश्वस्त किया कि उत्तराखंड सरकार उनके राज्यों के प्रत्येक प्रभावित श्रमिक और उनके परिवार के साथ पूरी संवेदनशीलता और प्रतिबद्धता के साथ खड़ी है तथा हरसंभव सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। उन्होंने कहा कि दोनों राज्य सरकारों के साथ निरंतर समन्वय बनाए रखते हुए सभी आवश्यक सूचनाएं साझा की जा रही हैं।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि मानव जीवन की सुरक्षा सर्वोपरि है और राज्य सरकार का पूरा तंत्र प्रभावित श्रमिकों की सुरक्षा, उपचार और सहायता सुनिश्चित करने के लिए पूरी तत्परता के साथ कार्य कर रहा है।

    सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विनोद  सुमन ने कहा कि राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र एवं जिला आपातकालीन परिचालन केंद्र के माध्यम से स्थिति की लगातार निगरानी की जा रही है।

    एसपी सुरजीत पंवार ने कहा कि
    जिला प्रशासन एवं राहत-बचाव से जुड़ी सभी एजेंसियां घटनास्थल पर समन्वित रूप से कार्य कर रही हैं।

    देखें मृतकों व घायलों की सूची

  • हर घर तिरंगा’ यात्रा में युवाओं ने दिखाया जोश, लगे देशभक्ति के नारे

    हर घर तिरंगा’ यात्रा में युवाओं ने दिखाया जोश, लगे देशभक्ति के नारे

    कैबिनेट मंत्री डाॅ. रावत के नेतृत्व में तिरंगे के रंग में रंगा पैठाणी

    चाकीसैंण, तरपालीसैण व माजरा महादेव में उमड़ा जनसैलाब

    श्रीनगर/देहरादून । ‘हर घर तिरंगा’ अभियान के तीसरे दिन आज कैबिनेट मंत्री डाॅ. धन सिंह रावत ने अपने विधानसभा क्षेत्र श्रीनगर के पैठाणी, चाकीसैंण, तरपालीसैंण एवं माजरा महादेव में आयोजित तिरंगा यात्राओं में प्रतिभाग किया। जिसमें बड़ी संख्या में स्थानीय लोगों, महिलाओं, युवाओं एवं कार्यकर्ताओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। तिरंगा यात्रा के दौरान पूरा क्षेत्र देशभक्ति के नारों और राष्ट्रप्रेम की भावना से सराबोर हो उठा।

    पैठाणी में डाॅ. रावत ने युवाओं एवं स्थानीय लोगों के साथ पैदल तिरंगा यात्रा में प्रतिभाग किया। उन्होंने कहा कि तिरंगा देश की आन, बान और शान का प्रतीक है। यह स्वतंत्रता संग्राम के वीरों के त्याग एवं बलिदान की याद दिलाते हुए प्रत्येक नागरिक को देश की एकता, अखंडता और स्वाभिमान के लिए समर्पित रहने की प्रेरणा देता है। उन्होंने कहा कि ‘हर घर तिरंगा’ अभियान केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि राष्ट्र के प्रति सम्मान और जिम्मेदारी की सामूहिक अभिव्यक्ति है।

    चाकीसैंण, तरपालीसैंण और माजरा महादेव में आयोजित तिरंगा यात्राओं में भी बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लिया। डाॅ. रावत ने कहा कि ऐसे आयोजन समाज में राष्ट्रभक्ति, राष्ट्रीय एकता और आपसी सद्भाव की भावना को और मजबूत करते हैं। उन्होंने क्षेत्रवासियों से अपने घरों पर तिरंगा फहराकर अभियान को सफल बनाने का आह्वान किया।

    उन्होंने कहा कि तिरंगा हम सभी को एक सूत्र में बांधता है और देश के प्रति कर्तव्यों का बोध कराता है। तिरंगा यात्रा में युवाओं की बड़ी भागीदारी इस बात का प्रमाण है कि नई पीढ़ी राष्ट्र निर्माण और देश की प्रगति के प्रति पूरी तरह सजग एवं प्रतिबद्ध है।

    बॉक्स
    सैकड़ों लोगों ने थामा भाजपा का दामन

    ‘हर घर तिरंगा’ अभियान के दौरान श्रीनगर विधानसभा क्षेत्र के विभिन्न गांवों के कई लोगों ने भारतीय जनता पार्टी की सदस्यता भी ग्रहण की। कैबिनेट मंत्री डाॅ. धन सिंह रावत ने कनाकोट, काण्डा, पैलार एवं सरणा गांव से भाजपा में शामिल हुए लोगों का स्वागत करते हुए उन्हें पार्टी की सदस्यता दिलाई। इस अवसर पर डाॅ. रावत ने कहा कि भाजपा की राष्ट्रवादी विचारधारा एवं जनकल्याणकारी नीतियों से प्रभावित होकर बड़ी संख्या में लोग पार्टी से जुड़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि नए सदस्यों के जुड़ने से संगठन को बूथ स्तर तक और अधिक मजबूती मिलेगी तथा जनसेवा के कार्यों को नई ऊर्जा प्राप्त होगी।

  • सीएम धामी के सहयोग पर शेफ केशव नेगी ने जताया आभार

    सीएम धामी के सहयोग पर शेफ केशव नेगी ने जताया आभार

    दिल्ली के मालवीय नगर होटल अग्निकांड – शेफ केशव नेगी को कुछ दिन पहले मिली थी जमानत

    सहयोग के लिए जताया आभार

    देहरादून। मालवीय नगर स्थित होटल अग्निकांड प्रकरण में जमानत पर जेल से रिहा होने के बाद शेफ केशव नेगी ने सीएम धामी शिष्टाचार भेंट कर उन्हें सहयोग एवं संवेदनशीलता के लिए आभार व्यक्त किया।

    मुख्यमंत्री धामी ने उन्हें आश्वस्त किया कि प्रदेश सरकार उनके साथ पूरी मजबूती से खड़ी है।
    उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड सरकार राज्य के प्रत्येक नागरिक के हितों की रक्षा के लिए सदैव प्रतिबद्ध है तथा आवश्यकता पड़ने पर हरसंभव सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि संकट की घड़ी में सरकार का दायित्व है कि वह अपने नागरिकों का मनोबल बढ़ाए और उन्हें न्यायोचित सहायता उपलब्ध कराए। उन्होंने अधिकारियों को भी ऐसे मामलों में आवश्यक समन्वय बनाए रखते हुए यथासंभव सहयोग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

    उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इससे पूर्व केशव नेगी से दूरभाष पर वार्ता कर उनका हालचाल जाना था तथा उन्हें भरोसा दिलाया था कि प्रदेश सरकार उनके साथ खड़ी है और उन्हें हरसंभव सहायता प्रदान की जाएगी। मुख्यमंत्री धामी ने इस संबंध में दिल्ली की मुख्यमंत्री से भी बात की थी |
    मुख्यमंत्री के इस सहयोग और संवेदनशील पहल के प्रति नेगी ने आज परिवार सहित भेंट कर पुनः अपना आभार व्यक्त किया।

  • मसूरी में तीन मेडिकल स्टोरों पर दवा बिक्री पर रोक

    मसूरी में तीन मेडिकल स्टोरों पर दवा बिक्री पर रोक

    एक्सपायर दवाइयां और लाइसेंस संबंधी अनियमितताएं मिलीं

    फार्मासिस्ट गैरहाजिर

    मसूरी। आमजन को सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण औषधियां उपलब्ध कराने तथा औषधि विक्रय से संबंधित वैधानिक प्रावधानों का अनुपालन सुनिश्चित करने के उद्देश्य से उत्तराखण्ड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, नैनीताल एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, देहरादून के निर्देशों के क्रम में मंगलवार को मसूरी क्षेत्र के विभिन्न मेडिकल स्टोरों का संयुक्त औचक निरीक्षण किया गया।

    सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, देहरादून सीमा डुंगराकोटी के नेतृत्व में ‘सेफ ड्रग्स-सेफ लाइफ’ अभियान के तहत किए गए निरीक्षण में वरिष्ठ औषधि निरीक्षक मानेन्द्र सिंह राणा एवं औषधि निरीक्षक विनोद जुगलान शामिल रहे। टीम ने मेडिकल स्टोरों में औषधियों के रखरखाव, लाइसेंस, फार्मासिस्ट की उपलब्धता, अभिलेखों के संधारण, एक्सपायर दवाओं के निस्तारण, नारकोटिक्स दवाओं के क्रय-विक्रय का रिकॉर्ड, फ्रिज एवं तापमान व्यवस्था तथा सीसीटीवी आदि की जांच की।

    हैमर्स मेडिकोज में फार्मासिस्ट अनुपस्थित मिला। निरीक्षण के दौरान एक्सपायर दवाइयां अन्य दवाओं के साथ रखी मिलीं। मेडिकल स्टोर में दवाइयों के अतिरिक्त दैनिक उपभोग की विभिन्न वस्तुएं भी विक्रय के लिए रखी गई थीं। सीसीटीवी कैमरे नहीं मिले तथा रैक में साफ-सफाई का अभाव पाया गया। अनियमितताओं को गंभीरता से लेते हुए टीम ने स्टोर में दवाओं के क्रय-विक्रय पर रोक लगाते हुए नोटिस का जवाब प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। संतोषजनक स्पष्टीकरण न मिलने पर लाइसेंस निरस्त करने की कार्रवाई की चेतावनी दी गई।

    पायनियर मेडिकल स्टोर में फार्मासिस्ट एवं स्टोर मालिक उपस्थित मिले। एक्सपायर दवाइयों का रखरखाव व्यवस्थित नहीं पाया गया। स्टोर में दवाइयों के साथ अन्य सामान भी विक्रय किया जा रहा था। फ्रिज चालू अवस्था में था, लेकिन तापमान प्रदर्शित करने की व्यवस्था नहीं थी। स्टोर संचालक ने बताया कि एक्सपायर दवाइयां संबंधित कंपनी को वापस कर दी गई हैं। नारकोटिक्स दवाइयों के क्रय-विक्रय का रिकॉर्ड प्रस्तुत किया गया। टीम ने संचालक को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

    अग्रवाल मेडिकोज में स्टोर मालिक उपस्थित मिला, जबकि फार्मासिस्ट अवकाश पर थी। फार्मासिस्ट की अनुपस्थिति में दवाइयों की बिक्री किए जाने की बात सामने आई। फ्रिज में रखी वैक्सीन निर्धारित तापमान पर नहीं मिली। अन्य दवाइयों के साथ एक्सपायर दवाइयां भी पाई गईं। कई दवाइयां कटी हुई अवस्था में मिलीं तथा स्टोर में साफ-सफाई का भी अभाव था। गंभीर अनियमितताओं के चलते स्टोर को बंद कराते हुए दवाइयों के क्रय-विक्रय पर रोक लगा दी गई।

    ऑप्टिशियन मेडिकल स्टोर में भी फार्मासिस्ट अनुपस्थित पाई गई। निरीक्षण के दौरान एक्सपायर दवाइयों का रखरखाव अव्यवस्थित मिला तथा फ्रिज खराब अवस्था में पाया गया। टीम ने फ्रिज बदलने के निर्देश दिए। अनियमितताओं के कारण स्टोर को तत्काल बंद कराते हुए दवाइयों के क्रय-विक्रय पर रोक लगा दी गई।

    ए. जेम्स एंड कंपनी मेडिकल स्टोर में निरीक्षण के दौरान फार्मासिस्ट एवं स्टोर मालिक उपस्थित मिले। लाइसेंस मांगे जाने पर संचालक लाइसेंस प्रस्तुत नहीं कर सका। जांच में लाइसेंस की अवधि समाप्त होना पाया गया तथा नवीनीकरण से संबंधित आवश्यक दस्तावेज भी प्रस्तुत नहीं किए गए। एक्सपायर दवाइयां अन्य दवाओं के साथ रखी मिलीं और क्रय-विक्रय संबंधी अभिलेख भी व्यवस्थित नहीं पाए गए। रैक में साफ-सफाई का भी अभाव था। टीम ने स्टोर की सभी व्यवस्थाएं निर्धारित मानकों के अनुरूप पूर्ण होने तक दवाओं के क्रय-विक्रय पर रोक लगाने के निर्देश दिए।

    जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने कहा कि इस प्रकार के निरीक्षणों का उद्देश्य केवल नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध कार्रवाई करना नहीं, बल्कि आमजन के स्वास्थ्य और उनके वैधानिक अधिकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करना भी है। औषधियों की गुणवत्ता एवं सुरक्षित वितरण का सीधा संबंध नागरिकों के स्वास्थ्य से है, इसलिए इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार्य नहीं होगी।

    सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, देहरादून सीमा डुंगराकोटी ने कहा कि प्राधिकरण जनहित से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर निरंतर निगरानी एवं जागरूकता के लिए कार्य कर रहा है। आमजन के स्वास्थ्य एवं मूलभूत अधिकारों की सुरक्षा प्राधिकरण की प्राथमिकताओं में शामिल है। विशेषकर दूरस्थ एवं पर्यटन क्षेत्रों में संचालित स्वास्थ्य एवं औषधि संबंधी प्रतिष्ठानों में निर्धारित मानकों का पालन सुनिश्चित किया जाना आवश्यक है।