Category: ताजा खबर

  • नामचीन होटलों की रसोई से स्टोर तक ताबड़तोड़ छापेमारी

    नामचीन होटलों की रसोई से स्टोर तक ताबड़तोड़ छापेमारी

    एफडीए ने दूध-पनीर समेत कई खाद्य पदार्थों के नमूने जांच को भेजे

    होटल मधुवन, जेएसआर से सरोवर पोर्टिको तक छापेमारी

    देहरादून । ग्राहकों लोगों की थाली तक पहुंच रहे दूध, पनीर और अन्य दुग्ध उत्पादों की गुणवत्ता को लेकर सरकार ने सख्त रुख अपनाया है।

    मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के दिशा-निर्देशों के क्रम में खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग ने मिलावटखोरी और खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता से खिलवाड़ के खिलाफ व्यापक अभियान छेड़ दिया है। अभियान के दौरान खाद्य प्रतिष्ठानों में गुणवत्ता के साथ-साथ किचन की स्वच्छता, खाद्य लाइसेंस, कच्चे माल के स्रोत, खरीद के बिल, पैकेजिंग और लेबलिंग की बारीकी से जांच की गई।

    अभियान के दौरान देहरादून के तीन रेस्टोरेंट में खाद्य सुरक्षा मानकों का गंभीर उल्लंघन सामने आने पर उन्हें मौके पर ही बंद करा दिया गया। वहीं दूध और पनीर समेत कई खाद्य पदार्थों के नमूने जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे गए हैं। जांच रिपोर्ट के आधार पर संबंधित प्रतिष्ठानों के खिलाफ नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।

    खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग के आयुक्त विनय शंकर पांडे के निर्देश पर विभागीय टीमों ने होटल, रेस्टोरेंट, दुग्ध प्रतिष्ठानों और अन्य खाद्य कारोबारियों के यहां सघन निरीक्षण किया। खासतौर पर पनीर, दूध और दुग्ध उत्पादों की गुणवत्ता तथा इनके वास्तविक स्रोत पर फोकस किया गया। विभाग ने स्पष्ट किया कि खाद्य पदार्थों में मिलावट, अनधिकृत दुग्ध उत्पादों का इस्तेमाल और स्वच्छता मानकों की अनदेखी किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं की जाएगी।

    होटलों के किचन और स्टोर की भी पड़ताल

    अपर आयुक्त ताजबर सिंह जग्गी ने कहा कि अभियान के तहत होटल मधुवन, जेएसआर और फाइव स्टार होटल सरोवर पोर्टिको के किचन एवं स्टोर का निरीक्षण किया गया। टीम ने खाद्य सामग्री के स्रोत, खरीद के बिल, लेबलिंग, बैच नंबर, निर्माण तिथि और पैकेजिंग की जांच की। निरीक्षण के दौरान स्टोर में रखी पैक्ड इमली की लेबलिंग निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं मिलने पर निर्माता को नोटिस जारी किया गया। साथ ही तैयार दाल के दो और चीज का एक नमूना जांच के लिए लिया गया। राजपुर रोड स्थित वन विभाग कार्यालय के बाहर संचालित रेस्टोरेंटों में भी टीम ने छापेमारी की। यहां दो रेस्टोरेंट के किचन में अत्यधिक गंदगी और अस्वच्छ परिस्थितियां मिलीं। खाद्य सुरक्षा मानकों में सुधार होने तक इन्हें बंद रखने के निर्देश दिए गए। एक रेस्टोरेंट से खुले पनीर का नमूना लेकर उसके वास्तविक घटकों और गुणवत्ता की जांच शुरू की गई। वहीं एक अन्य प्रतिष्ठान में मौके पर वैध खाद्य लाइसेंस उपलब्ध नहीं था और किचन में भी गंभीर गंदगी मिली। नियमों का पालन होने तक खाद्य पदार्थों की बिक्री नहीं करने के निर्देश दिए गए। खाद्य सुरक्षा मानकों के उल्लंघन पर राजीव पुत्र श्री दरवारी लाल, गढ़वाल भोजनालय और लजीज काठी रोल नामक तीन रेस्टोरेंटों को मौके पर बंद कराया गया।

    दूध-पनीर के नमूने भी लिए

    अपर आयुक्त ताजबर सिंह जग्गी ने कहा कि सुबह वरिष्ठ खाद्य सुरक्षा अधिकारी नगर निगम देहरादून रमेश सिंह के नेतृत्व में टीम नेहरू ग्राम और छह नंबर पुलिया क्षेत्र के दुग्ध प्रतिष्ठानों में पहुंची। संदेह के आधार पर मौके से एक दूध और एक पनीर का नमूना लिया गया। विभाग के अनुसार सभी नमूनों को प्रयोगशाला जांच के लिए भेजा जा रहा है। रिपोर्ट आने के बाद गुणवत्ता में कमी या मिलावट पाए जाने पर संबंधित प्रतिष्ठानों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। सरकार की इस कार्रवाई का संदेश साफ है जनता की थाली में परोसे जाने वाले भोजन की गुणवत्ता से खिलवाड़ करने वालों के लिए अब कोई गुंजाइश नहीं है।

    आयुक्त का दो टूक संदेश

    खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग के आयुक्त विनय शंकर पांडे ने कहा कि खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और स्वच्छता से किसी भी स्तर पर समझौता नहीं किया जाएगा। पनीर, दूध और अन्य दुग्ध उत्पादों की गुणवत्ता पर विशेष निगरानी रखी जा रही है। मिलावट या अनधिकृत खाद्य उत्पादों का इस्तेमाल करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। उन्होंने अधिकारियों को नियमित निरीक्षण, नमूना संग्रह और अभियान की लगातार समीक्षा करने के निर्देश दिए हैं। यह अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा। विभाग की टीमें विशेष रूप से उन खाद्य प्रतिष्ठानों पर नजर रख रही हैं जहां बड़ी संख्या में लोगों को भोजन परोसा जाता है।

    अभियान में उपायुक्त गढ़वाल मंडल राजेंद्र रावत, सहायक आयुक्त खाद्य सुरक्षा देहरादून मनीष सयाना, वरिष्ठ खाद्य सुरक्षा अधिकारी रमेश सिंह, संतोष कुमार सिंह और संजय तिवारी सहित विभागीय टीमें शामिल रहीं।

  • तमकनाला आपदा: राहत कार्य तेज, जरूरी वस्तुओं की आपूर्ति प्राथमिकता

    तमकनाला आपदा: राहत कार्य तेज, जरूरी वस्तुओं की आपूर्ति प्राथमिकता

    सीएम ने राहत-बचाव और कनेक्टिविटी बहाली के निर्देश

    देहरादून। चमोली जिले के ज्योतिर्मठ-मलारी मोटर मार्ग पर तमकनाला में बेली ब्रिज बहने की घटना के बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी लगातार स्थिति की निगरानी कर रहे हैं।

    मंगलवार को उन्होंने चमोली जिलाधिकारी और गढ़वाल मंडल आयुक्त से घटनाक्रम की जानकारी लेते हुए राहत-बचाव, आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति और सड़क संपर्क बहाल करने के लिए तत्काल कदम उठाने के निर्देश दिए।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रभावित क्षेत्रों में राशन, खाद्य सामग्री, दवाइयों और अन्य जरूरी वस्तुओं की आपूर्ति किसी भी स्थिति में बाधित नहीं होनी चाहिए। जरूरत पड़ने पर वैकल्पिक मार्गों और उपलब्ध अन्य माध्यमों से ग्रामीणों तक आवश्यक सामग्री पहुंचाई जाए। उन्होंने ज्योतिर्मठ-मलारी मोटर मार्ग पर आवाजाही जल्द बहाल करने के लिए सभी संभावित विकल्पों पर तत्काल काम करने को कहा।
    अधिकारियों को ग्राउंड जीरो पर पहुंचकर वास्तविक स्थिति और नुकसान का आकलन करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि राहत और पुनर्व्यवस्था के कार्यों में देरी न हो।

    निचले इलाकों में विशेष सतर्कता

    बदलते मौसम और बढ़ते जलप्रवाह को देखते हुए मुख्यमंत्री ने निचले क्षेत्रों तथा नदी-नालों के आसपास विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि लोगों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। संवेदनशील क्षेत्रों की लगातार निगरानी की जाए और जरूरत पड़ने पर लोगों को तत्काल सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की तैयारी रखी जाए।

    राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र (SEOC) से चमोली सहित प्रदेश के संवेदनशील क्षेत्रों पर 24×7 निगरानी रखी जा रही है। जिला प्रशासन और संबंधित विभागों के साथ लगातार समन्वय किया जा रहा है, ताकि आपात स्थिति में राहत और बचाव दलों को तत्काल सक्रिय किया जा सके।

    एक व्यक्ति और कैंपर वाहन के बहने की सूचना

    सोमवार को ज्योतिर्मठ-मलारी मोटर मार्ग पर तमकनाला में अचानक जलप्रवाह बढ़ने से 123 बीआरटीएफ, सुराईथोटा द्वारा निर्मित बेली ब्रिज बह गया था। तेज बहाव की चपेट में एक व्यक्ति और एक कैंपर वाहन के बहने की सूचना भी मिली थी।

    घटना की जानकारी मिलते ही मुख्यमंत्री ने सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास से पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली और राहत-बचाव कार्यों को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। एसडीआरएफ और एनडीआरएफ की टीमें तत्काल घटनास्थल के लिए रवाना की गईं। स्थानीय प्रशासन, पुलिस और संबंधित विभागों की टीमें भी मौके पर राहत-बचाव कार्यों में जुटी हैं।
    सुरक्षा, राहत और कनेक्टिविटी पर सरकार का फोकस

    तमकनाला की घटना के बाद सरकार का फोकस

    राहत-बचाव के साथ प्रभावित क्षेत्रों में आवश्यक वस्तुओं की निर्बाध आपूर्ति, वैकल्पिक कनेक्टिविटी और आवाजाही जल्द बहाल करने पर है।
    मुख्यमंत्री की लगातार मॉनिटरिंग और अधिकारियों को मौके पर पहुंचकर त्वरित निर्णय लेने के निर्देशों के बीच प्रशासन को अलर्ट मोड पर रखा गया है। सरकार का कहना है कि प्राकृतिक आपदाओं को रोका नहीं जा सकता, लेकिन समय पर सतर्कता, बेहतर समन्वय और त्वरित कार्रवाई से इनके प्रभाव को कम किया जा सकता है।

  • उक्रांद की नोएडा में बाबा मोहन उत्तराखंडी को श्रद्धांजलि, योगदान को किया याद

    उक्रांद की नोएडा में बाबा मोहन उत्तराखंडी को श्रद्धांजलि, योगदान को किया याद

    उक्रांद की नोएडा महानगर कार्यकारिणी घोषित
    उत्तराखंड के मूल सवालों को लेकर एकजुट होकर संघर्ष का आह्वान

     

    नोएडा। उत्तराखंड क्रांति दल (उक्रांद) नोएडा महानगर की ओर से नौ अगस्त को आंदोलनकारी बाबा मोहन उत्तराखंडी के शहादत दिवस पर श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किया गया। जिला अध्यक्ष कैलाश चंद सती की अध्यक्षता में हुए कार्यक्रम में बाबा मोहन उत्तराखंडी के संघर्ष, त्याग और गैरसैंण को स्थायी राजधानी बनाने के आंदोलन में उनके योगदान को याद किया गया। इस अवसर पर नवगठित महानगर कार्यकारिणी के पदाधिकारियों को मनोनयन पत्र भी वितरित किए गए।

    कार्यक्रम में उक्रांद दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष चंद्र सिंह रावत मुख्य अतिथि और चारु तिवारी विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल हुए। कार्यकर्ताओं ने बाबा मोहन उत्तराखंडी के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी।

    चंद्र सिंह रावत ने कहा कि उत्तराखंड क्रांति दल का इतिहास राज्य निर्माण आंदोलन के संघर्ष और बलिदान से जुड़ा है। कार्यकर्ताओं को संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करने के साथ उत्तराखंड के मूल मुद्दों को लेकर एकजुट होकर काम करना होगा।
    चारु तिवारी ने कहा कि आंदोलनकारियों के सपनों और विचारों को आगे बढ़ाना ही बाबा मोहन उत्तराखंडी के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी। उत्तराखंड के मूल सवालों और पहाड़ के हितों को लेकर लगातार जनजागरण की जरूरत है।

    उक्रांद

    जिला अध्यक्ष कैलाश चंद सती ने कहा कि नोएडा महानगर में संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत किया जाएगा। उत्तराखंड से जुड़े लोगों को एकजुट कर उनके हितों और समस्याओं को प्रभावी ढंग से उठाया जाएगा।

    नई कार्यकारिणी का गठन

    नई कार्यकारिणी में प्रकाश जलाल को उपाध्यक्ष, दलजीत सिंह को संगठन मंत्री, बलवंत नेगी, विजय आनंद और नवीन चंद को महामंत्री बनाया गया। ललित पपने को मीडिया प्रभारी, जितेंद्र सती को कार्यालय प्रभारी, मनोज कुमार को सचिव और पंकज पांडे को आईटी प्रकोष्ठ की जिम्मेदारी दी गई। सचिन चांडे, कुलदीप सिंह और हरीश जलाल को कार्यकारी सदस्य बनाया गया।

    बैठक में केंद्रीय पदाधिकारी महेश उपाध्याय, महेश मठपाल और दीपक भाकुनी तथा दिल्ली प्रदेश से दिनेश जोशी, खीमानंद सती, किशोर कबडवाल, हिमांशु शर्मा और हरक सिंह अधिकारी सहित अन्य पदाधिकारियों ने कार्यकर्ताओं को संबोधित किया।
    कार्यक्रम में हरीश पाठक, रमेश पांडे, रविंद्र मेहरा, रमेश नेगी, चंदर शेखर रावत, प्रदीप नेगी, दिनेश पांडे और हितेश पांडे सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे। अंत में कार्यकर्ताओं ने “बाबा मोहन उत्तराखंडी अमर रहें” और “जय उत्तराखंड” के नारों के साथ उत्तराखंड के हितों के लिए एकजुट होकर कार्य करने का संकल्प लिया।

  • तमक गदेरे में सैलाब का तांडव, तिनके की तरह बहा बेली ब्रिज; एक लापता

    तमक गदेरे में सैलाब का तांडव, तिनके की तरह बहा बेली ब्रिज; एक लापता

    ज्योर्तिमठ-मलारी मोटर मार्ग पर आपदा ने किया नुकसान

    जोशीमठ। सोमवार की सांय करीब पौने छह बजे  ज्योर्तिमठ-मलारी मोटर मार्ग पर तमक गदेरे में अचानक आयी बाढ़ से नवनिर्मित बेली ब्रिज तिनके की तरह बह गया। तमक गदेरे में अचानक आयी बाढ़ की वजह बादल का फटना बताया जा रहा है।

    पुल के बहने के अलावा GREIF का स्कॉर्पियो वाहन संख्या 24 BE 16058, बोलेरो कैंपर संख्या 23 B 15947 तथा एक जेसोबी भी प्रभावित हुए। इस दौरान स्कॉर्पियो चालक NK पंकज कुमार बह गया।  चालक की तलाश में रेस्क्यू अभियान जारी है। स्कॉर्पियो वाहन को सुरक्षित साइड किया गया है।

    https://www.facebook.com/share/v/191wHucKVF/

    सूचना मिलते ही चमोली पुलिस, SDRF एवं NDRF की टीमें तत्काल घटनास्थल के लिए रवाना हुईं और मौके पर पहुंचकर रेस्क्यू अभियान प्रारंभ किया गया।
    मौके पर भारी बारिश एवं अंधेरा होने के कारण रेस्क्यू कार्य में कठिनाई आ रही है। परिस्थितियों को देखते हुए रेस्क्यू अभियान को सुरक्षित तरीके से संचालित किया जा रहा है तथा प्रातः पुनः व्यापक स्तर पर रेस्क्यू अभियान शुरू किया जाएगा।

    सुरक्षा की दृष्टि से सुरईथोटा से तमक की ओर वाहनों की आवाजाही प्रतिबंधित कर दी गई है। साथ ही, धौलीगंगा नदी के जलस्तर में संभावित वृद्धि को देखते हुए तटीय क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने के लिए सूचित किया जा रहा है।

    https://www.facebook.com/share/v/1Ew13A6c33/

    जल विद्युत परियोजनाओं में कार्यरत संबंधित कंपनियों को भी सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। घटनास्थल एवं आसपास के क्षेत्रों में पुलिस बल तैनात कर सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की गई है।

  • शिक्षा मंत्री डाॅ. रावत ने पौड़ी से किया ‘हर घर तिरंगा’ अभियान का शुभारम्भ

    शिक्षा मंत्री डाॅ. रावत ने पौड़ी से किया ‘हर घर तिरंगा’ अभियान का शुभारम्भ

    पाबौं, सांकरसैण व पौड़ी में हजारों लोगों ने लिया उत्साहपूर्वक भाग

    आगामी 15 अगस्त तक सभी शिक्षण संस्थानों में आयोजित होगी तिरंगा यात्रा

    श्रीनगर/देहरादून । प्रदेश के कैबिनेट मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने पौड़ी से राष्ट्रप्रेम और राष्ट्रीय एकता के संदेश के साथ ‘हर घर तिरंगा’ अभियान का भव्य शुभारम्भ किया। इस दौरान पाबौ, सांकरसैंण और पौड़ी में आयोजित तिरंगा यात्राओं में हजारों लोगों, जनप्रतिनिधियों, कार्यकर्ताओं एवं छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक प्रतिभाग किया। उनके साथ पूर्व मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत, पौड़ी विधायक राजकुमार पोरी सहित पार्टी के वरिष्ठ पदाधिकारी एवं जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।

    तिरंगा यात्राओं के दौरान भारत माता की जय के जयघोष से पूरा क्षेत्र राष्ट्रभक्ति के रंग में रंगा नजर आया। सांकरसैण में डॉ. रावत ने कहा कि 15 अगस्त को देश अपना 80वां स्वतंत्रता दिवस मनाने जा रहा है। स्वतंत्रता दिवस केवल उत्सव का अवसर नहीं, बल्कि देश की स्वतंत्रता के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर करने वाले वीरों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का भी अवसर है। उन्होंने युवाओं सहित प्रदेशवासियों से आह्वान किया कि स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर अपने घरों, प्रतिष्ठानों एवं संस्थानों में राष्ट्रीय ध्वज अवश्य फहराएं और ‘हर घर तिरंगा’ अभियान को जन-जन का अभियान बनाएं।

    पाबौं में ‘हर घर तिरंगा अभियान’ के दौरान डाॅ. रावत ने कहा कि तिरंगा देश की आन, बान और शान का प्रतीक है। ‘हर घर तिरंगा’ अभियान राष्ट्र की एकता, अखंडता और देशभक्ति की भावना को और मजबूत करने का माध्यम है। उन्होंने बताया कि आगामी 15 अगस्त तक प्रदेश के सभी शिक्षण संस्थानों में भी तिरंगा यात्राओं सहित विभिन्न राष्ट्रभक्ति कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जिनमें विद्यार्थियों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी।

    राजकीय महाविद्यालय पाबौ में डॉ. रावत ने छात्र-छात्राओं से संवाद किया। इस दौरान उन्होंने विद्यार्थियों की शिक्षा, भविष्य की आकांक्षाओं, नवाचार एवं अन्य विषयों पर चर्चा करते हुए उनके विचार और सुझाव सुने। उन्होंने कहा कि युवाओं में प्रतिभा, ऊर्जा और नवाचार की अपार क्षमता है। सरकार का प्रयास है कि विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक अवसर, आधुनिक संसाधन और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराई जाए, ताकि वे अपने सपनों को साकार करते हुए उत्तराखंड और राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान दे सकें।

    इस अवसर पर भाजपा जिलाध्यक्ष कमल किशोर रावत, मंडल अध्यक्ष विमल नेगी, जनप्रतिनिधिगण, पार्टी पदाधिकारी, कार्यकर्ता एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

  • बीकेटीसी अध्यक्ष ने पैदल मार्ग का किया निरीक्षण, यात्रा व्यवस्थाओं का लिया जायजा

    बीकेटीसी अध्यक्ष ने पैदल मार्ग का किया निरीक्षण, यात्रा व्यवस्थाओं का लिया जायजा

    श्री केदारनाथ धाम । श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति( बीकेटीसी )अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने पैदल मार्ग से श्री केदारनाथ धाम पहुंचकर यात्रा व्यवस्था का जायजा लिया।

    केदारनाथ में बीकेटीसी अध्यक्ष हेमंत द्वेदी ने मंदिर परिसर, कार्यालय, दर्शन पंक्ति तथा अन्य यात्रा संबंधित व्यवस्थाओं का निरीक्षण कर अधिकारियों को निर्देश दिये । तीर्थयात्रियों से बातचीत कर व्यवस्था के बाबत फीडबैक लिया।
    अध्यक्ष ने बताया कि अभी तक साढ़े चौदह लाख श्रद्धालुओं ने भगवान केदारनाथ के दर्शन कर लिए है । श्रावण के पवित्र माह में बड़ी संख्या में कांवड़ी श्री केदारनाथ धाम में जलाभिषेक को पहुंच रहे है । मानसून के बाद यात्रा के दूसरे चरण हेतु तैयारियां गतिमान है।

    भगवान केदारनाथ के दर्शन, जलाभिषेक एवं पूजा-अर्चना की तथा श्री केदार सभा तथा बीकेटीसी के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित शिवमहापुराण कथा श्रवण की।
    इस अवसर पर केदारसभा ने बीकेटीसी अध्यक्ष का स्वागत किया इस इस दौरान बीकेटीसी उपाध्यक्ष विजय भी मौजूद रहे।

    बीकेटीसी अध्यक्ष ने शिवमहापुराण कथा ज्ञान यज्ञ में भगवान शिव की महिमा का श्रवण किया। व्यास पीठ से आचार्य शिवराम भट्ट से आशीर्वाद प्राप्त किया तथा केदारसभा सहित सभी भक्तों दानीदाताओं का भी आभार जताया।शिव महापुराण की नवें दिन की कथा के अवसर पर आचार्य व्यास ने भगवान शिव की महिमा एवं महात्म्य पर प्रकाश डाला कहा कि भगवान भोलेशंकर जलाभिषेक मात्र से प्रसन्न हो जाते है।

    इस अवसर पर श्री केदार सभा अध्यक्ष पं राजकुमार तिवारी, केदारनाथ प्रभारी अधिकारी विपिन तिवारी, केदार सभा उपाध्यक्ष राजेंद्र तिवारी मंत्री अंकित सेमवाल, कोषाध्यक्ष प्रवीण तिवारी,पंकज शुक्ला, तीर्थ पुरोहित संतोष त्रिवेदी, कुंवर शुक्ला, संजय तिवारी, प्रदीप तिनसोला,रोशन तिवारी आदि मौजूद रहे।

  • विदुषी निशंक को प्रथम ‘दिल्ली गौरव सम्मान-2026’ से नवाजा गया

    विदुषी निशंक को प्रथम ‘दिल्ली गौरव सम्मान-2026’ से नवाजा गया

    शिक्षा, न्याय, साहित्य एवं सामाजिक सेवा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए हुईं सम्मानित

    नई दिल्ली। उत्तराखंड की बेटी विदुषी निशंक को शिक्षा, न्याय, साहित्य एवं सामाजिक सेवा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए प्रथम ‘दिल्ली गौरव सम्मान-2026’ से सम्मानित किया गया। संस्कृति युवा संस्था एवं इंडियन ग्लोबल फाउंडेशन के संयुक्त तत्वावधान में पहली बार आयोजित यह सम्मान समारोह नई दिल्ली स्थित प्रधानमंत्री संग्रहालय एवं पुस्तकालय (PMML) ऑडिटोरियम में आयोजित हुआ।

    समारोह में केंद्रीय विधि एवं न्याय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल, राजस्थान के पूर्व राज्यपाल एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री  कलराज मिश्र, उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री एवं भारत सरकार के पूर्व शिक्षा मंत्री डॉ. रमेश पोखरियाल ‘निशंक’ तथा संस्कृति युवा संस्था के अध्यक्ष पं. सुरेश मिश्रा ने विदुषी निशंक को ‘दिल्ली गौरव सम्मान-2026’ प्रदान कर सम्मानित किया।

    पेशे से अधिवक्ता विदुषी निशंक भारत के प्रथम ‘लेखक गाँव’ (Writers’ Village) की निदेशक हैं तथा सामाजिक क्षेत्र में निरंतर कार्य कर रही हैं। वे अपनी स्वर्गीय माता की स्मृति में स्थापित ‘कुसुम कांता फाउंडेशन’ के माध्यम से शिक्षा, महिला सशक्तिकरण एवं सामाजिक सेवा के कार्यों को आगे बढ़ा रही हैं। शैक्षणिक रूप से वे विधि में स्वर्ण पदक विजेता हैं तथा यूनिवर्सिटी ऑफ कैम्ब्रिज से एलएलएम हैं। साथ ही वे यूनिवर्सिटी ऑफ ऑक्सफोर्ड के लिए कॉमनवेल्थ स्कॉलर रही हैं। शिक्षा, विधि और सामाजिक सरोकारों में उनकी सक्रिय भागीदारी महिला सशक्तिकरण एवं युवा नेतृत्व के प्रेरक उदाहरण के रूप में उत्तराखंड को गौरवान्वित कर रही है।

    समारोह में विदुषी निशंक के साथ प्रसिद्ध भारतीय शास्त्रीय नृत्यांगना  शोवना नारायण, भारतीय फिल्म एवं मीडिया जगत के श्री संदीप मारवाह, लेफ्टिनेंट कर्नल मनोज सिन्हा, स्वामी प्रेम अन्वेष जी महाराज,  स्वाति गर्ग सहित देशभर से विभिन्न क्षेत्रों की अनेक प्रतिष्ठित विभूतियों को भी ‘दिल्ली गौरव सम्मान-2026’ से सम्मानित किया गया।

  • उत्तराखंड के युवा रवि ने रचा इतिहास, बनाया उड़ने वाला ई-व्हीकल

    उत्तराखंड के युवा रवि ने रचा इतिहास, बनाया उड़ने वाला ई-व्हीकल

    देखें वीडियो,अल्मोड़ा में तकनीकी परीक्षण

    उम्मीदों की उड़ान…

    कई वर्षों के शोध के बाद तैयार किया हापिडा स्काईनेक्स का प्रोटोटाइप

    अल्मोड़ा। पहाड़ के युवा इनोवेटर रवि टम्टा ने इलेक्ट्रिक फ्लाइंग व्हीकल का प्रोटोटाइप तैयार किया है। उनका दावा है कि यह वाहन हवा में उड़ान भरने के साथ ही इलेक्ट्रिक ऊर्जा से संचालित होगा। कई वर्षों के शोध, डिजाइन और तकनीकी परीक्षण के बाद तैयार किए गए इस प्रोटोटाइप का परीक्षण भी किया जा चुका है।

    रवि टम्टा के अनुसार, हवा में उड़ान भरकर परीक्षण करने के बाद अब प्रोटोटाइप को और बेहतर बनाने पर काम किया जा रहा है। इस दौरान डिजाइन, शोध और तकनीकी परीक्षणों के कई चरण पूरे किए गए। उनका उद्देश्य ऐसा इलेक्ट्रिक वाहन विकसित करना है, जो भविष्य में परिवहन के वैकल्पिक साधन के रूप में उपयोग किया जा सके।

    उन्होंने बताया कि प्रोटोटाइप का परीक्षण परियोजना के लिए महत्वपूर्ण चरण है। इसे व्यावहारिक और सुरक्षित परिवहन साधन बनाने के लिए अभी कई स्तरों पर परीक्षण किए जाने बाकी हैं। वाहन की सुरक्षा, स्थिरता, क्षमता और प्रदर्शन को लेकर आगे भी परीक्षण किए जाएंगे।

     

    रवि का कहना है कि इस तरह के इलेक्ट्रिक फ्लाइंग व्हीकल का उपयोग भविष्य में शहरों में यातायात की समस्या कम करने के साथ ही पहाड़ी और दुर्गम क्षेत्रों में भी किया जा सकता है। आपात स्थिति में ऐसे वाहनों के जरिए दुर्गम क्षेत्रों तक पहुंच बनाने की संभावनाएं भी तलाशी जा रही हैं।

    पहले भी तैयार कर चुके हैं कई उपकरण

    रवि टम्टा इससे पहले भी कई उपयोगी उपकरण तैयार कर चुके हैं। उनके अनुसार, उन्होंने विभिन्न जरूरतों के लिए स्वचालित उपकरणों के साथ दिव्यांगजनों की सुविधा के लिए भी कई उपयोगी उपकरण विकसित किए हैं।

    भारत में हवाई परिवहन को नई तकनीक से जोड़ने का लक्ष्य

    रवि का लक्ष्य भारत में हवाई परिवहन के क्षेत्र में नई तकनीक विकसित करना और इसे सुरक्षित व व्यावहारिक बनाना है। प्रोटोटाइप के परीक्षण के बाद अब परियोजना को अगले चरण में ले जाने की तैयारी की जा रही है।

    सीएम धामी ने रवि को इस उपलब्धि के लिए बधाई दी है।

    “हैपिडा स्काइनेक्स” की उड़ान- अल्मोड़ा में किया प्रदर्शन

    अल्मोड़ा निवासी रवि टम्टा ने अपने नवाचार और तकनीकी कौशल का अद्भुत प्रदर्शन करते हुए “हैपिडा स्काइनेक्स (Hapida Skynex)” नामक स्वयं निर्मित सिंगल सीटेड फ्लाइंग व्हीकल डिवाइस से सफल ट्रायल उड़ान भरकर एक उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है।
    यह विशेष डिवाइस पूर्णतः इलेक्ट्रिक पावर से संचालित है, जो इसे पर्यावरण के अनुकूल और आधुनिक तकनीक का उत्कृष्ट उदाहरण बनाता है। सीमित संसाधनों में तैयार किए गए इस फ्लाइंग व्हीकल ने पूरे देश में उत्साह और जिज्ञासा का माहौल पैदा किया है।

    स्थानीय हेमवती नंदन बहुगुणा स्टेडियम में आयोजित ट्रायल उड़ान के दौरान जिलाधिकारी अंशुल सिंह एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक चंद्रशेखर आर घोड़के उपस्थित रहे। उनकी मौजूदगी में रवि टम्टा ने “हैपिडा स्काइनेक्स (Hapida Skynex)” को सफलतापूर्वक उड़ान भराते हुए अपने नवाचार को साकार रूप दिया। इस दौरान सुरक्षा के सभी आवश्यक मानकों का ध्यान रखा गया तथा प्रशासन की निगरानी में पूरी प्रक्रिया संपन्न कराई गई।

    “हैपिडा स्काइनेक्स (Hapida Skynex)” की डिजाइन और निर्माण प्रक्रिया भी विशेष आकर्षण का केंद्र रही। इलेक्ट्रिक पावर (Electric Power) आधारित यह डिवाइस भविष्य की स्वच्छ एवं सतत तकनीक की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
    इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने रवि टम्टा से वीडियो कॉल के माध्यम से संवाद कर उनकी इस उपलब्धि को ऐतिहासिक बताया। उन्होंने कहा कि यह नवाचार प्रदेश के युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत है और विज्ञान एवं तकनीक के क्षेत्र में नई संभावनाओं को जन्म देता है। मुख्यमंत्री ने रवि टम्टा के प्रयासों की सराहना करते हुए उनके नवाचारों को आगे बढ़ाने के लिए हर संभव सहयोग प्रदान करने का आश्वासन दिया।

    जिलाधिकारी अंशुल सिंह ने इस उपलब्धि को जनपद के लिए गौरव का विषय बताते हुए कहा कि ऐसे नवाचार स्थानीय प्रतिभाओं को मंच प्रदान करते हैं और युवाओं को नई सोच के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करते हैं। उन्होंने कहा कि प्रशासन की ओर से भी नवाचार को प्रोत्साहित करने हेतु हर संभव सहायता दी जाएगी।

  • 459 करोड़ से एचएनबी गढ़वाल विश्वविद्यालय में अनुसंधान संरचना होगी सुदृढ

    459 करोड़ से एचएनबी गढ़वाल विश्वविद्यालय में अनुसंधान संरचना होगी सुदृढ

    उच्च शिक्षा मंत्री डाॅ. रावत ने नवनियुक्त केन्द्रीय शिक्षा मंत्री से की मुलाकात

    एनआईटी श्रीनगर के विकास और उच्च शिक्षा के विभिन्न मुद्दों पर की चर्चा

    नई दिल्ली/देहरादून । सूबे के विद्यालयी शिक्षा, तकनीकी शिक्षा एवं उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने आज नई दिल्ली में केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रहलाद जोशी से शिष्टाचार भेंट की। मुलाकात के दौरान डाॅ. रावत ने एचएनबी गढ़वाल (केन्द्रीय) विश्वविद्यालय में 459.095 करोड़ की लागत से शैक्षणिक एवं अनुसंधान अवसंरचना के सुदृढ़ीकरण सहित उच्च शिक्षा से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत चर्चा की।

    मीडिया को जारी बयान में डाॅ. रावत ने बताया कि नवनियुक्त केन्द्रीय शिक्षा मंत्री प्रहलाद जोशी से हुई शिष्टाचार बैठक में कई महत्वपूर्ण विषयों पर सार्थक चर्चा हुई। इस दौरान केन्द्रीय मंत्री के साथ हेफा (उच्च शिक्षा वित्तपोषण एजेंसी) के तहत एचएनबी गढ़वाल (केन्द्रीय) विश्वविद्यालय में 459.095 करोड़ की लागत से शैक्षणिक एवं अनुसंधान अवसंरचना के सुदृढ़ीकरण को लेकर विस्तार से चर्चा हुई। यह परियोजना उत्कृष्ट शैक्षणिक गतिविधियां, अनुसंधान व नवाचार को नई गति प्रदान करेगी साथ ही विश्वविद्यालय में आधुनिक सुविधाओं के विकास में अहम साबित होगी, जिसका लाभ विश्वविद्यालय में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं व शिक्षकों के साथ ही आम जनमानस को मिलेगा।

    इस अवसर पर डाॅ. रावत ने एनआईटी श्रीनगर (गढ़वाल) के नवनिर्मित परिसर के लोकार्पण हेतु आमंत्रित करते हुये समय उपलब्ध कराने का अनुरोध किया ताकि परिसर में छात्र-छात्राओं, शोधार्थियों एवं शिक्षकों को शैक्षणिक व प्रशासनिक गतिविधियों शीघ्र लाभ मिल सके। इसके अलावा डाॅ. रावत ने संस्थान के सुचारू संचालन को केन्द्रीय मंत्री से स्थाई निदेशक की शीघ्र नियुक्ति की मांग की, साथ ही उन्होंने एनआईटी परिसर में हो रहे जलभराव से केन्द्रीय मंत्री को अवगत कराया और 6 परिवारों के समुचित विस्थापन व पुनर्वास के लिये आवश्यक सहयोग करने का अग्रह किया। जिस पर केंद्रीय शिक्षा मंत्री ने सभी प्रस्तावों पर सकारात्मक सहयोग का आश्वासन दिया।

    मुलाकात के दौरान केंद्रीय शिक्षा मंत्री ने शिक्षा के क्षेत्र में राज्य की उल्लेखनीय उपलब्धियों पर डॉ. धन सिंह रावत को बधाई दी। उन्होंने कहा कि डॉ. रावत के नेतृत्व में उत्तराखंड ने ऐतिहासिक उपलब्धियां हासिल की। खासकर उन्होंने उत्तराखंड के ‘पूर्ण साक्षर राज्य’ बनने व यूनेस्को एआई फॉर एजुकेशन अवार्ड-2026 के टीचर ट्रेनिंग वर्ग में उत्तराखण्ड एससीईआरटी की परियोजना के विश्व की शीर्ष छह परियोजनाओं में शामिल होने पर खुशी जताई।

  • उत्तराखण्ड में एनसीसी आधारभूत संरचना के विकास को लेकर मंथन

    उत्तराखण्ड में एनसीसी आधारभूत संरचना के विकास को लेकर मंथन

    मुख्यमंत्री से महानिदेशक एनसीसी ने की शिष्टाचार भेंट

    नई दिल्ली। राष्ट्रीय कैडेट कोर (एनसीसी) के महानिदेशक लेफ्टिनेंट जनरल वीरेन्द्र वत्स, YSM, SM, VSM ने नई दिल्ली स्थित उत्तराखण्ड निवास में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से शिष्टाचार भेंट की।

    इस अवसर पर उत्तराखण्ड में राष्ट्रीय कैडेट कोर के विस्तार, सीमांत एवं दुर्गम क्षेत्रों तक एनसीसी की प्रभावी पहुंच सुनिश्चित करने तथा संगठन की आधुनिक एवं सुदृढ़ आधारभूत संरचना के विकास से जुड़े विभिन्न विषयों पर चर्चा हुई।

    बैठक के दौरान महानिदेशक एनसीसी ने राज्य के अधिकाधिक युवाओं को एनसीसी से जोड़ने के उद्देश्य से सीमावर्ती एवं दूरस्थ क्षेत्रों में नई एनसीसी इकाइयों के गठन एवं विस्तार की आवश्यकता पर बल दिया।
    उन्होंने राज्य में आधुनिक प्रशिक्षण अवसंरचना के विकास, प्रशिक्षण सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण तथा प्रस्तावित एनसीसी अकादमी की स्थापना सहित विभिन्न भावी योजनाओं की रूपरेखा से मुख्यमंत्री को अवगत कराया।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड सरकार युवाओं के सर्वांगीण विकास, राष्ट्रभक्ति, अनुशासन, नेतृत्व क्षमता तथा सेवा-भाव को प्रोत्साहित करने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय कैडेट कोर युवाओं में राष्ट्रीय चरित्र, नेतृत्व क्षमता, आत्मविश्वास एवं सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना विकसित करने वाला देश का एक प्रतिष्ठित संगठन है, जिसकी राष्ट्र निर्माण में अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका है।

    मुख्यमंत्री ने राज्य में एनसीसी के विस्तार तथा प्रस्तावित आधारभूत संरचना विकास से संबंधित सभी पहलों के लिए राज्य सरकार की ओर से पूर्ण सहयोग का आश्वासन देते हुए कहा कि इन परियोजनाओं के प्रभावी एवं समयबद्ध क्रियान्वयन के लिए हरसंभव सहयोग प्रदान किया जाएगा। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इन प्रयासों से राज्य के युवाओं को व्यक्तित्व विकास, नेतृत्व प्रशिक्षण एवं राष्ट्र सेवा के अधिक अवसर उपलब्ध होंगे।