Category: ताजा खबर

  • भारी बारिश का असर: चारधाम यात्रा पर अस्थायी रोक

    भारी बारिश का असर: चारधाम यात्रा पर अस्थायी रोक

    गढ़वाल आयुक्त ने यात्रा कर बाबत दिए अहम निर्देश

    देहरादून। प्रदेश में लगातार हो रही भारी वर्षा, भारत मौसम विज्ञान विभाग द्वारा जारी रेड एवं ऑरेंज अलर्ट तथा चारधाम यात्रा मार्ग के विभिन्न स्थानों पर भूस्खलन के कारण उत्पन्न परिस्थितियों को देखते हुए सोमवार को एहतियात के तौर पर चारधाम यात्रा का संचालन अस्थायी रूप से कुछ समय के लिए रोकने का निर्णय लिया गया है।

    गढ़वाल आयुक्त आनंद स्वरूप ने संबंधित जिलाधिकारियों एवं अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि यात्रा मार्गों पर मौजूद तीर्थयात्रियों को सुरक्षित स्थानों पर ठहराया जाए तथा मार्ग पूरी तरह सुरक्षित होने के बाद ही आगे की यात्रा कराई जाए। साथ ही मीडिया एवं अन्य माध्यमों से जनसामान्य और तीर्थयात्रियों तक समय पर सही जानकारी पहुंचाने के भी निर्देश दिए गए हैं।

    प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यह निर्णय केवल यात्रियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए वर्तमान मौसम एवं मार्ग की स्थिति के मद्देनज़र एहतियाती उपाय के रूप में लिया गया है। मार्ग सुरक्षित होने और परिस्थितियां सामान्य होने पर यात्रा का संचालन पुनः शुरू किया जाएगा।

    तीर्थयात्रियों से अपील की गई है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें, प्रशासन द्वारा जारी आधिकारिक सूचनाओं का पालन करें तथा मौसम और मार्ग की स्थिति सामान्य होने तक संबंधित जनपद प्रशासन के निर्देशों का अनुपालन करें।

  • ध्वनि प्रदूषण पर सख्ती: हरिद्वार में पुलिस ने उतारे दर्जनों लाउडस्पीकर

    ध्वनि प्रदूषण पर सख्ती: हरिद्वार में पुलिस ने उतारे दर्जनों लाउडस्पीकर

    सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के  तहत  चला विशेष अभियान

    94 ध्वनि विस्तारक यंत्र हटाए गए

    नियम उल्लंघन पर कानूनी कार्रवाई की चेतावनी

    हरिद्वार। सुप्रीम कोर्ट के ध्वनि प्रदूषण नियंत्रण एवं सार्वजनिक शांति व्यवस्था बनाए रखने संबंधी दिशा-निर्देशों के शत-प्रतिशत अनुपालन के लिए हरिद्वार पुलिस ने जनपदभर में विशेष अभियान चलाया। एसएसपी हरिद्वार के निर्देश पर शहर से लेकर देहात क्षेत्रों तक धार्मिक स्थलों पर लगाए गए ध्वनि विस्तारक यंत्रों का निरीक्षण किया गया।

    अभियान के दौरान निर्धारित ध्वनि सीमा से अधिक आवाज में संचालित हो रहे कुल 94 लाउडस्पीकर धार्मिक स्थलों से हटवाए गए। इनमें शहर क्षेत्र के 31 तथा देहात क्षेत्र के 63 लाउडस्पीकर शामिल हैं।
    संबंधित व्यक्तियों, प्रबंधकों और समितियों को भविष्य में बिना सक्षम अनुमति तथा निर्धारित ध्वनि मानकों का पालन किए बिना लाउडस्पीकर संचालित नहीं करने के निर्देश दिए गए।

    इस दौरान ध्वनि प्रदूषण (विनियमन एवं नियंत्रण) नियमों, सुप्रीम कोर्ट के आदेशों तथा शासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के पालन के प्रति लोगों को जागरूक किया गया। पुलिस ने स्पष्ट किया कि नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित अधिनियमों और नियमों के तहत वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
    हरिद्वार पुलिस ने कहा कि सार्वजनिक शांति और ध्वनि प्रदूषण नियंत्रण के लिए इस तरह के अभियान आगे भी जारी रहेंगे।

  • फीफा वर्ल्ड कप फाइनल: उत्तराखण्ड में रेस्तरां रात 3 बजे तक खोलने की मांग

    फीफा वर्ल्ड कप फाइनल: उत्तराखण्ड में रेस्तरां रात 3 बजे तक खोलने की मांग

    सीएम धामी को लिखा पत्र

    दिल्ली की तर्ज पर विशेष अनुमति चाह रहे कारोबारी

    सरकार को सुरक्षा और नियमों के पालन का दिया भरोसा

    देहरादून। फीफा वर्ल्ड कप 2026 के फाइनल मुकाबले को लेकर देहरादून के होटल, कैफे और रेस्तरां संचालकों ने राज्य सरकार से एक बार के लिए विशेष अनुमति देने की मांग की है। नेशनल रेस्टोरेंट एसोसिएशन ऑफ इंडिया (एनआरएआई) के देहरादून चैप्टर ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को पत्र भेजकर 20 जुलाई की रात 12.30 बजे प्रदेश के रेस्तरां और ईटरीज़ को रात 3 बजे तक संचालित करने की अनुमति देने का अनुरोध किया है।

    एनआरएआई ने अपने पत्र में कहा है कि फीफा वर्ल्ड कप का फाइनल दुनिया के सबसे अधिक देखे जाने वाले खेल आयोजनों में से एक है। इस बार यह मुकाबला फुटबॉल प्रेमियों के लिए और भी खास माना जा रहा है।
    देहरादून समेत पूरे राज्य में बड़ी संख्या में युवा, स्थानीय निवासी और पर्यटक इस मुकाबले को सामूहिक रूप से देखना चाहते हैं। ऐसे में स्थानीय होटल और रेस्तरां लाइव स्क्रीनिंग की व्यवस्था कर दर्शकों को बेहतर अनुभव उपलब्ध कराना चाहते हैं।
    संगठन का कहना है कि विशेष अनुमति मिलने से स्थानीय आतिथ्य उद्योग को आर्थिक लाभ मिलेगा और उत्तराखंड के पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा। इससे देहरादून की पहचान एक जीवंत, आधुनिक और पर्यटक-अनुकूल शहर के रूप में और मजबूत होगी।

    एनआरएआई ने सरकार को भरोसा दिलाया है कि अनुमति मिलने पर सभी प्रतिष्ठान आबकारी विभाग के नियमों का कड़ाई से पालन करेंगे। शराब की बिक्री और परोसने का कार्य केवल लाइसेंस में निर्धारित समय तक ही किया जाएगा।
    निर्धारित समय के बाद किसी भी प्रतिष्ठान में शराब नहीं परोसी जाएगी।

    इसके अलावा सभी सहभागी रेस्तरां, बार और नाइट क्लबों के सीसीटीवी कैमरों की लाइव निगरानी के लिए आबकारी विभाग और स्थानीय प्रशासन को निर्बाध पहुंच उपलब्ध कराने की बात भी पत्र में कही गई है। संगठन ने यह भी आश्वासन दिया है कि भीड़ प्रबंधन और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त सुरक्षा कर्मियों और स्टाफ की तैनाती की जाएगी, ताकि किसी प्रकार की सार्वजनिक असुविधा उत्पन्न न हो।

    उल्लेखनीय है कि दिल्ली सरकार ने भी फीफा वर्ल्ड कप 2026 के फाइनल के मद्देनजर राजधानी दिल्ली में रेस्तरां, कैफे और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को सुबह 4 बजे तक खुले रखने की अनुमति देने की घोषणा की है। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने इसे फुटबॉल प्रशंसकों और पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया है।

    दिल्ली सरकार के इस फैसले के बाद अब देहरादून के होटल और रेस्तरां कारोबारियों ने भी उत्तराखंड सरकार से इसी प्रकार की विशेष अनुमति देने का अनुरोध किया है। अब सभी की निगाहें राज्य सरकार के निर्णय पर टिकी हैं कि वह इस प्रस्ताव को मंजूरी देती है या नहीं।

  • नवाचार पर विशेष ध्यान दें डायटः डाॅ. धन सिंह रावत

    नवाचार पर विशेष ध्यान दें डायटः डाॅ. धन सिंह रावत

    डायट की समीक्षा बैठक में अधिकारियों को दिये निर्देश

    कहा, माॅडल डायट के निर्माण कार्य तत्काल करें पूर्ण

    देहरादून । प्रदेशभर के सभी जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थानों (डायट) में नवाचार पर विशेष फोकस किया जायेगा, ताकि शिक्षक-शिक्षिकाओं को बेहतर प्रशिक्षण दिया जा सके। इसके लिये विभागीय अधिकारियों को नवाचार संबंधी कार्यक्रमों की रूपरेखा तैयार करने के निर्देश दिये गये हैं। प्रत्येक डायट में शिक्षकों को मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी ट्रेनिंग भी अनिवार्य रूप दी जायेगी। इसके अलावा माॅडल डायट के निर्माण कार्यों को युद्ध स्तर पर पूरा करने के निर्देश भी अधिकारियों को दिये गये हैं।

    सूबे के शिक्षा मंत्री डाॅ. धन सिंह रावत ने आज विद्यालयी शिक्षा महानिदेशालय स्थित समग्र शिक्षा सभागार में राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एससीईआरटी) एवं जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थानों (डायट) की समीक्षा बैठक ली। जिसमें उन्होंने शिक्षकों के प्रशिक्षण कार्यक्रमों में नवाचार पर विशेष फोकस करने के निर्देश विभागीय अधिकारियों को दिये। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण कार्यशालाओं में पारंपरिक तरीकों की जगह आधुनिक तकनीकों एवं नवाचार को अपनायाा जाय, ताकि शिक्षक एवं शिक्षिकाएं शैक्षणिक कार्यों में नवाचार अपनाकर विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सके। इसके लिये डा. रावत ने सभी डायटों के प्राचार्यों को नवाचार संबंधी कार्यक्रमों की रूपरेखा तैयार करने के निर्देश दिये। डाॅ. रावत ने कहा कि एससीईआरटी व डायटों में होने वाले प्रशिक्षण कार्यशालाओं में नशामुक्ति, पर्यावरण, सोशल इमोशनल लर्निंग व नैतिकता पर विशेष सत्र आयोजित किये जाय, साथ ही शिक्षकों को मेंटल हेल्थ की ट्रेनिंग अनिवार्य रूप से दी जाय, ताकि शिक्षक बच्चों में तनाव के संकेतों को आसानी से पहचान सके और छात्रों की मानसिक सेहत से जुडी दिक्कतों को दूर किया जा सके। इसके अलावा उन्होंने प्रशिक्षण कार्यक्रमों में पद्मश्री पुरस्कारों से सम्मानित व्यक्तियों, साहित्यकारों, लेखकों, अभिभावकों व ग्राम प्रधानों को भी आमंत्रित करने के निर्देश दिये।

    बैठक में डाॅ. रावत ने डायट्स को विभिन्न प्रशिक्षण क्षेत्रों में शैक्षणिक उत्कृष्टता केन्द्र के रूप में विकसित किये जाने को लेकर तेजी से कार्य करने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि शैक्षणिक उत्कृष्टता केन्द्र के रूप में अलग-अलग डायट्स को कक्षा-01 से 08 तथा कक्षा-09 से 12 तक विभिन्न विषय आवंटित किये गये हैं, जिसमें सामाजिक अध्ययन, राजनीति विज्ञान, अंग्रेजी, मनोविज्ञान, परिवेशीय अध्ययन, भौतिक, रसायन, जीव विज्ञान, शैक्षिक तकनीकी आदि विषय शामिल हैं। डॉ. रावत ने वित्तीय वर्ष 2023-24 एवं 2025-26 में स्वीकृत मॉडल डायट के निर्माण कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने के निर्देश देते हुए कहा कि सभी निर्माणाधीन कार्य अगले तीन माह के भीतर पूर्ण किए जाएं। उन्होंने अधिकारियों को विभागीय बजट का समयबद्ध एवं पूर्ण उपयोग सुनिश्चित करने के निर्देश देते हुए कहा कि विकास कार्यों में किसी प्रकार की शिथिलता स्वीकार नहीं की जाएगी

    बैठक में विद्यालयी शिक्षा महानिदेशक आकांक्षा कोण्डे, निदेशक एससीईआरटी वंदना गब्र्याल, निदेशक माध्यमिक शिक्षा विनोद कुमार सिमल्टी, निदेशक प्राथमिक शिक्षा के.एस. रावत, अपर निदेशक बेसिक शिक्षा पदमेन्द्र सकलानी, उप निदेशक जे.पी. काला सहित सभी डायट्स के प्राचार्य व विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।

  • पेड़ों के कटान पर फिलहाल रोक, सहमति बनने तक नहीं होगी कार्रवाई: धामी

    पेड़ों के कटान पर फिलहाल रोक, सहमति बनने तक नहीं होगी कार्रवाई: धामी

    दून–ऋषिकेश फोर/सिक्स लेन में पेड़ों के कटान पर राहुल गांधी गम्भीर

    शुक्रवार की रात प्रदर्शनकारियों ने राहुल गांधी से साझा की पीड़ा

    देहरादून। छात्रों की गूंज कार्यक्रम से लौटते हुए राहुल गांधी से सात मोड़ के करीब पेड़ों के कटान के विरोध में जुटे लोगों ने आवश्यक कदम उठाने को कहा।
    राहुल गांधी ने सभी प्रदर्शनकारियों की पीड़ा को सुनते हुए पेड़ों के कटान का मसला उठाने का भरोसा दिया। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि उन पर मुकदमे लगाए जा रहे हैं।

    उन्होंने कहा कि इसके लिए उन्होंने प्रदेश अध्यक्ष गोदियाल को निर्देशित कर दिया है।
    शुक्रवार की रात दून-ऋषिकेश मार्ग में अपना काफिला रुकवा कर राहुल गांधी ने महिला व पुरुष आंदोलनकारियों से मनोबल बनाये रखने को कहा।
    गौरतलब है कि बीते कई दिनों से इस मार्ग पर पेड़ कटान को लेकर विभिन्न संगठन, स्थानीय महिलाएं व उक्रांद के कार्यकर्ताओं की पुलिस से गंभीर झड़प हो रही है।लोग बिलखते हुए पेड़ कटान का जबरदस्त विरोध कर रहे हैं। और गिरफ्तारियां दे रहे हैं। स्थानीय महिलाएं भी जमकर विरोध कर रही हैं।

    इस बीच, सीएम पुष्कर धामी ने शनिवार को यहां जारी बयान में कहा है कि
    देहरादून–ऋषिकेश फोर/सिक्स लेन परियोजना को लेकर पिछले कुछ दिनों से अनेक नागरिकों, पर्यावरण प्रेमियों एवं स्थानीय लोगों द्वारा व्यक्त की जा रही चिंताओं और सुझावों का मैंने गंभीरता से संज्ञान लिया है।

    यह परियोजना भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) की एक महत्वपूर्ण परियोजना है, जिस पर उच्च न्यायालय के निर्देशों तथा सभी आवश्यक वैधानिक एवं पर्यावरणीय स्वीकृतियों एवं प्रक्रियाओं का पालन करते हुए कार्यवाही की जा रही थी। परियोजना में वन्यजीव संरक्षण को ध्यान में रखते हुए लगभग 3.5 किलोमीटर लंबे हाथी अंडरपास तथा छोटे वन्यजीवों के आवागमन के लिए विशेष कल्वर्ट जैसी व्यवस्थाओं का भी प्रावधान किया गया है, जिससे मानव-वन्यजीव संघर्ष एवं सड़क दुर्घटनाओं में वन्यजीवों की मृत्यु की घटनाओं में कमी लाने में सहायता मिलेगी, जो अक्सर इस रास्ते में देखा जाता है।

    सीएम धामी ने कहा कि
    विकास हमारे लिए आवश्यक है, लेकिन जनभावनाओं, पर्यावरण और स्थानीय हितों की अनदेखी कर कोई निर्णय नहीं लिया जाएगा। इसी उद्देश्य से प्रमुख सचिव एवं संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि सभी हितधारकों, स्थानीय नागरिकों, जनप्रतिनिधियों एवं विशेषज्ञों से पुनः विस्तृत संवाद स्थापित किया जाए।

    उन्होंने कहा कि उच्च न्यायालय के निर्देशों एवं निर्णय का पूर्ण सम्मान करते हुए आगे की कार्यवाही की जाएगी। साथ ही, जब तक सभी पक्षों के साथ संतोषजनक सहमति एवं विश्वास का वातावरण नहीं बन जाता, तब तक इस परियोजना के अंतर्गत आने वाले पेड़ों का कटान स्थगित रखा जाएगा।

    मेरे लिए उत्तराखण्ड की प्रकृति, जनभावनाएँ और प्रदेश का विकास—तीनों समान रूप से महत्वपूर्ण हैं। हमारी सरकार संवाद, सहमति और व्यापक जनहित के आधार पर ही आगे बढ़ेगी।

    राहुल गांधी के पेड़ कटान इलाके में प्रदर्शनकारियों से अहम मुलाकात और फिर सीएम धामी के बयान के बाद पेड़ों के कटान के स्थगित का आश्वासन मिला है। इस मार्ग के चौड़ीकरण में तीन हजार से अधिक पेड़ काटे जाने की योजना पर काम करते हुए कई पेड़ काट दिए। प्रदर्शनकारियों ने आरी व अन्य उपकरण फेंक कर अपने इरादे जता दिए हैं। लोगों का कहना है कि वनों से घिरे इस मार्ग में कभी भी जाम की स्थिति नहीं बनती। फिर भी इस मार्ग में पेड़ काटकर सड़क क्यों चौड़ी की जा रही है।

  • राहुल गांधी की मौजूदगी और ‘छात्रों की गूंज’ से गूंजा दून, बढ़ी सियासी हलचल

    राहुल गांधी की मौजूदगी और ‘छात्रों की गूंज’ से गूंजा दून, बढ़ी सियासी हलचल

    पेपर लीक के खिलाफ राहुल गांधी के साथ हजारों युवाओं ने भरी हुंकार

    शिक्षा व्यवस्था में बदलाव का संकल्प

    देहरादून। राजधानी देहरादून में आयोजित “छात्रों की गूंज” महारैली युवाओं के आक्रोश, उम्मीद और बदलाव के संकल्प का मंच बन गई। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के संबोधन से पहले और उनके मंच पर पहुंचने के दौरान युवा जोश और नारों से गूंज उठा।
    हजारों छात्र-छात्राओं और प्रतियोगी परीक्षा अभ्यर्थियों ने पेपर लीक, बेरोजगारी और भर्ती परीक्षाओं में अनियमितताओं के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद की।
    सभा स्थल पर “पेपर लीक बंद करो”, “रोजगार हमारा अधिकार है”, “युवा जागा है, देश बदलेगा”, “मेहनत का सम्मान करो” और “नौकरी नहीं, तो जवाब दो” जैसे नारे लगातार गूंजते रहे।

    युवाओं ने हाथों में तख्तियां और बैनर लेकर पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया तथा समयबद्ध परीक्षाओं की मांग उठाई। बड़ी संख्या में छात्र दूर-दराज के जिलों से भी कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे थे।

    राहुल गांधी ने अपने संबोधन में कहा कि पेपर लीक केवल परीक्षा प्रणाली की विफलता नहीं, बल्कि युवाओं के सपनों की चोरी है। उन्होंने कहा कि देश का युवा वर्षों की मेहनत, आर्थिक संघर्ष और मानसिक दबाव के साथ प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करता है, लेकिन भ्रष्ट तंत्र उसकी मेहनत को कुछ मिनटों में बेकार कर देता है। उन्होंने शिक्षा और भर्ती प्रणाली को पारदर्शी, जवाबदेह और छात्र हितों के अनुरूप बनाने की आवश्यकता पर बल दिया।

    बन्नू स्कूल की महारैली के दौरान उन छात्रों को भी मंच पर बुलाया गया, जिनकी परीक्षाएं पेपर लीक या परीक्षा निरस्त होने से प्रभावित हुई हैं।
    कई युवाओं ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि भर्ती घोटालों और परीक्षा अनियमितताओं ने उनके करियर के महत्वपूर्ण वर्ष छीन लिए हैं। कार्यक्रम का सबसे भावुक क्षण तब आया, जब आत्महत्या करने वाली छात्रा रिया थापा के पिता ने अपनी बेटी के संघर्ष और परिवार की पीड़ा को साझा किया।

    कार्यक्रम में युवाओं का उत्साह देखते ही बन रहा था।
    राहुल गांधी के संबोधन के दौरान छात्र बार-बार खड़े होकर तालियों और नारों के साथ उनका समर्थन करते रहे। सभा में मौजूद युवाओं ने पेपर लीक माफिया के खिलाफ कड़ी कार्रवाई, परीक्षा कैलेंडर को समयबद्ध बनाने और रोजगार के अवसर बढ़ाने की मांग की।

    कांग्रेस के छात्र संगठन एनएसयूआई, युवा कांग्रेस और प्रदेश कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने इसे युवाओं की आवाज को राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाने की शुरुआत बताते हुए कहा कि यह अभियान सड़क से संसद तक जारी रहेगा। पार्टी नेताओं ने कहा कि पेपर लीक और बेरोजगारी के खिलाफ युवाओं की लड़ाई को जन आंदोलन का स्वरूप दिया जाएगा।
    देहरादून की “छात्रों की गूंज” महारैली ने यह संदेश दिया कि उत्तराखंड का युवा अब केवल आश्वासनों से संतुष्ट नहीं है, बल्कि वह पारदर्शी भर्ती व्यवस्था, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और सम्मानजनक रोजगार के लिए संगठित होकर अपनी आवाज बुलंद कर रहा है। युवाओं की उमड़ी भीड़ से भाजपा खेमे में विशेष हलचल देखी गयी।

    राहुल गांधी का दून आगमन और छात्रों की गूंज…साथ में डीजे के शोर में थिरकते युवा.. शाम को हुई भारी बारिश से कार्यक्रम स्थल पर कई जगह कीचड़… फिर भी युवाओं के साथ बुजुर्ग व गोद लिए बच्चों के साथ आईं माताएं भी संगीतमयी मुद्दा आधारित भीगी शाम की गवाह बनीं…लगभग चार से पांच घण्टे तक बन्नू स्कूल में युवाओं के आने जाने का सिलसिला जारी ही रहा..बन्नू स्कूल के इलाके में जोशीले युवाओं की नारेबाजी..”पेपर लीक..नीट.. समेत कुछ युवा प्रतियोगियों की मौत से उपजे सवालों पर राहुल गांधी का सिस्टम से कई सवाल..शुक्रवार 17 जुलाई को रेसकोर्स इलाके व आसपास भारी जाम..लगभग रात्रि 8 बजे राहुल गांधी ने छात्रों की गूंज और युवाओं के भविष्य पर कुछ ज्वलंत बिंदु उकेरे।

    म्यूजिक के जबरदस्त रोमांच के साथ राहुल गांधी छात्रों की गूंज का सक्सेसफुल फ्यूज़न कर गए..प्रदेश की राजनीति के इतिहास में रात्रि को लगे युवाओं के इस जमावड़े के कई राजनीतिक निहितार्थ भी आने वाले दिनों में निकाले जाते रहेंगे..फिलहाल, भाजपा को जीत की हैट्रिक से दूर रखने की कोशिश में जुटे कांग्रेसी चेहरे राहुल बाबा की गूंज से शाम को हुई बरसात की जबरदस्त झड़ी में खिले खिले दिखाई दिए

  • वृद्ध जागेश्वर पहुंचे मुख्यमंत्री धामी, जनकल्याण और प्रदेश की खुशहाली के लिए की प्रार्थना

    वृद्ध जागेश्वर पहुंचे मुख्यमंत्री धामी, जनकल्याण और प्रदेश की खुशहाली के लिए की प्रार्थना

    जागेश्वर। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने वृद्ध जागेश्वर पहुंचकर भगवान शिव के पावन धाम में विधि-विधान एवं वैदिक मंत्रोच्चार के साथ पूजा-अर्चना की।

    इस अवसर पर उन्होंने देवाधिदेव महादेव से प्रदेशवासियों के सुख, समृद्धि, उत्तम स्वास्थ्य एवं खुशहाली की कामना करते हुए राज्य की निरंतर प्रगति और जनकल्याण के लिए आशीर्वाद प्राप्त किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने श्री वृद्ध जागेश्वर धाम में कन्याओं को प्रसाद वितरण भी किया।

    मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों को हरेला पर्व की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि वृद्ध जागेश्वर धाम देश के प्रमुख एवं प्राचीन शिव धामों में से एक है, जो अपनी आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक विरासत के लिए पूरे देश में प्रसिद्ध है।
    उन्होंने कहा कि राज्य सरकार उत्तराखंड की धार्मिक एवं सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए निरंतर कार्य कर रही है। साथ ही तीर्थस्थलों पर श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने तथा धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न विकास कार्य किए जा रहे हैं।

    पूजा-अर्चना के उपरांत मुख्यमंत्री ने मंदिर परिसर का भ्रमण कर व्यवस्थाओं का भी अवलोकन किया तथा संबंधित अधिकारियों से श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा एवं मूलभूत व्यवस्थाओं के संबंध में जानकारी प्राप्त की। उन्होंने निर्देश दिए कि वृद्ध जागेश्वर मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो तथा सभी आवश्यक व्यवस्थाएं समयबद्ध एवं सुव्यवस्थित ढंग से सुनिश्चित की जाएं।

    इस अवसर पर विधायक जागेश्वर मोहन सिंह मेहरा, दर्जा राज्य मंत्री कुंदन लटवाल, जिला पंचायत सदस्य एवं जिलाध्यक्ष बीजेपी महेश नयाल, जिलाधिकारी अंशुल सिंह, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक चंद्रशेखर आर घोड़के सहित जनप्रतिनिधिगण, प्रशासनिक अधिकारी, मंदिर समिति के पदाधिकारी तथा अन्य उपस्थित रहे।

  • सीएचसी रायपुर को मिली आधुनिक कलर डॉप्लर अल्ट्रासाउंड मशीन की सौगात

    सीएचसी रायपुर को मिली आधुनिक कलर डॉप्लर अल्ट्रासाउंड मशीन की सौगात

    स्थानीय लोगों को मिलेगी बेहतर एवं सुलभ स्वास्थ्य सेवाएं

    देहरादून। राज्य सरकार द्वारा आमजन को गुणवत्तापूर्ण एवं आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के तहत स्वास्थ्य मंत्री, चिकित्सा स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा, उत्तराखण्ड सरकार सुबोध उनियाल ने सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र (सीएचसी) रायपुर, देहरादून में स्वामी विवेकानंद फांउडेशन के सहयोग तथा ओएनजीसी सीएसआर फंड से स्थापित नई हाई-एंड कलर डॉप्लर अल्ट्रासाउंड मशीन का रिबन काट विधिवत शुभारंभ किया। स्वास्थ्य मंत्री ने राज्य की स्वास्थ्य सेवाओं में सहयोग हेतु स्वामी विवेकानंद फांउडेशन एवं ओएनजीसी का आभार व्यक्त किया।

    कार्यक्रम को संबोधित करते स्वास्थ्य मंत्री उत्तराखण्ड सरकार सुबोध उनियाल ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेशवासियों को उनके निकटतम स्वास्थ्य केन्द्रों पर आधुनिक एवं विशेषज्ञ स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। सीएचसी रायपुर में स्वामी विवेकानंद फांउडेशन के सहयोग तथा ओएनजीसी सीएसआर फंड से स्थापित इस अत्याधुनिक कलर डॉप्लर अल्ट्रासाउंड मशीन से क्षेत्र के हजारों नागरिकों को उच्च गुणवत्ता की जांच सुविधा स्थानीय स्तर पर उपलब्ध होगी, जिससे उन्हें बड़े अस्पतालों के चक्कर लगाने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी तथा समय एवं धन दोनों की बचत होगी।

    उन्होंने कहा कि यह मशीन गर्भावस्था संबंधी जांचों के साथ-साथ विभिन्न आंतरिक रोगों के सटीक परीक्षण में भी अत्यंत उपयोगी सिद्ध होगी। साथ ही उन्होंने स्पष्ट किया कि पीसी-पीएनडीटी अधिनियम के सभी प्रावधानों का पूर्णतः पालन सुनिश्चित किया जाएगा तथा भ्रूण लिंग परीक्षण जैसी अवैध गतिविधियों के प्रति शून्य सहनशीलता की नीति अपनाई जाएगी।

    इस अवसर पर स्थानीय विधायक उमेश शर्मा काऊ ने कहा कि सीएचसी रायपुर आसपास आबादी सहित टिहरी के सीमावर्ती क्षेत्रों के लिए भी स्वास्थ्य उपचार का प्रमुख केन्द्र है तथा यहां प्रतिदिन 500 से अधिक ओपीडी होती है। उन्होंने चिकित्सालय को 50 बैड की सुविधा आच्छादित करने का अनुरोध किया ताकि रायपुर तथा आसपास के क्षेत्रों में निवासरत अधिक से अधिक लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा मिल सके।
    कार्यक्रम में उपस्थित जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों ने इस पहल को क्षेत्र की स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताते हुए विश्वास व्यक्त किया कि इससे स्थानीय नागरिकों को बेहतर, त्वरित एवं विशेषज्ञ जांच सुविधाओं का लाभ मिलेगा।
    इस अवसर पर राज्यसभा सांसद नरेश बंसल, टिहरी लोकसभा क्षेत्र की माननीय सांसद  माला राज्यलक्ष्मी शाह, मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह, ओएनजीसी से नीरज शर्मा, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ0 मनोज शर्मा, सीएचसी रायपुर की प्रभारी डॉ0 इंदु पाल सहित स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी, चिकित्सकगण एवं अन्य गणमान्यजन उपस्थित रहे।

  • हरेला के अवसर पर पूरे प्रदेश में 10 लाख पौधे लगाने का संकल्प

    हरेला के अवसर पर पूरे प्रदेश में 10 लाख पौधे लगाने का संकल्प

    हरेला केवल पर्व नहीं, प्रकृति संरक्षण और सांस्कृतिक विरासत से जुड़ने का जनआंदोलन है -धामी

    ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान से जुड़ने का आह्वान

    लोक संस्कृति, पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक समरसता उत्तराखंड की सबसे बड़ी पहचान : मुख्यमंत्री

    लोक कलाकारों, शिल्पकारों और हस्तशिल्प से जुड़े कारीगरों को सशक्त बनाने के लिए सरकार प्रतिबद्ध : मुख्यमंत्री

    देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार को परेड ग्राउंड में आयोजित लोक संवर्धन पर्व के अंतर्गत हरेला उत्सव में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर उन्होंने प्रदेशवासियों को हरेला पर्व की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह पर्व केवल हरियाली और पर्यावरण संरक्षण का संदेश ही नहीं देता, बल्कि उत्तराखंड की समृद्ध लोक संस्कृति, सामाजिक समरसता और प्रकृति के प्रति कृतज्ञता का भी प्रतीक है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि हरेला उत्तराखंड की लोक परंपराओं का ऐसा महापर्व है, जो समाज के सभी वर्गों को एक सूत्र में जोड़ता है। उन्होंने प्रसन्नता व्यक्त की कि प्रदेश का अल्पसंख्यक समाज भी पूरे उत्साह और श्रद्धा के साथ इस पर्व में सहभागी बन रहा है।
    उन्होंने कहा कि यही उत्तराखंड की साझा सांस्कृतिक विरासत और “विविधता में एकता” की भावना का सबसे सशक्त उदाहरण है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि लोक संवर्धन पर्व के माध्यम से राज्य की समृद्ध लोक संस्कृति, परंपराओं और लोक कलाओं को नई पहचान मिल रही है।
    उन्होंने प्रसिद्ध लोकगायक एवं ‘गढ़ रत्न’ नरेंद्र सिंह नेगी के योगदान का उल्लेख करते हुए कहा कि उन्होंने अपने गीतों के माध्यम से उत्तराखंड की संस्कृति, लोकजीवन, पर्यावरण, महिलाओं के संघर्ष और सामाजिक सरोकारों को देश-दुनिया तक पहुंचाने का महत्वपूर्ण कार्य किया है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि हरेला केवल एक त्योहार नहीं, बल्कि प्रकृति के प्रति हमारी जिम्मेदारी का संकल्प है। हमारे पूर्वजों ने जल, जंगल और जमीन के संरक्षण के महत्व को बहुत पहले समझ लिया था। आज जब पूरी दुनिया जलवायु परिवर्तन और पर्यावरणीय चुनौतियों का सामना कर रही है, तब उत्तराखंड का हरेला पर्व पर्यावरण संरक्षण का वैश्विक संदेश देता है।

    उन्होंने कहा कि इसी भावना के अनुरूप राज्य सरकार ने इस वर्ष हरेला पर्व के अवसर पर पूरे प्रदेश में 10 लाख पौधे लगाने का संकल्प लिया है। उनका कहना था कि प्रत्येक पौधा आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य का प्रतीक है और विकास के साथ पर्यावरण संरक्षण के संतुलन को बनाए रखना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार इकोलॉजी और इकोनॉमी के बीच संतुलित विकास के मॉडल पर कार्य कर रही है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में चल रहे ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान ने पर्यावरण संरक्षण को जनआंदोलन का स्वरूप दिया है। उन्होंने प्रदेशवासियों से इस अभियान में सक्रिय भागीदारी करने का आह्वान करते हुए कहा कि प्रत्येक व्यक्ति अपनी माता के सम्मान में एक पौधा अवश्य लगाए और उसके वृक्ष बनने तक उसकी देखभाल का संकल्प ले। उन्होंने बताया कि इस अभियान के अंतर्गत उत्तराखंड में दो करोड़ पौधे लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, जिसमें अब तक लगभग 1 करोड़ 15 लाख पौधे लगाए जा चुके हैं। यह उपलब्धि जनभागीदारी और पर्यावरण के प्रति प्रदेशवासियों की जागरूकता का परिचायक है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि लोक संवर्धन पर्व राज्य के लोक कलाकारों, शिल्पकारों, बुनकरों, हस्तशिल्प विशेषज्ञों तथा पारंपरिक व्यंजनों से जुड़े कारीगरों को प्रोत्साहन देने का महत्वपूर्ण माध्यम है। उनके अनुसार स्थानीय उत्पादों की खरीद केवल आर्थिक सहयोग नहीं, बल्कि राज्य की सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करने और हजारों परिवारों की आजीविका को मजबूत करने का भी प्रभावी माध्यम है।

    उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह आयोजन लोक कलाकारों और उद्यमियों के लिए नए अवसरों का सृजन करेगा तथा उत्तराखंड की समृद्ध लोक संस्कृति को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि इस अवसर का उद्देश्य प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत और हरेला पर्व की खुशियों को जन-जन तक पहुंचाना है। उन्होंने सभी नागरिकों से अपने परिवारों के साथ लोक संवर्धन पर्व में सहभागी बनने तथा उत्तराखंड की लोक कला, संस्कृति और परंपराओं को संरक्षित एवं आगे बढ़ाने का आह्वान किया।

    इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री खजान दास, मेयर सौरभ थपलियाल, प्रसिद्ध लोकगायक  नरेंद्र सिंह नेगी, विशेष सचिव पराग मधुकर धकाते, लोक कलाकार, शिल्पकार, विभिन्न विभागों के अधिकारी, जनप्रतिनिधि तथा बड़ी संख्या में मातृशक्ति, युवा और आमजन उपस्थित रहे।

  • ठगी के आरोप में उत्तराखण्ड के पूर्व मुख्य सचिव का बेटा गिरफ्तार

    ठगी के आरोप में उत्तराखण्ड के पूर्व मुख्य सचिव का बेटा गिरफ्तार

    फर्जी आईपीएस बनकर करता था लाखों की ठगी

    देहरादून पुलिस ने किया गिरफ्तार

    आईपीएस बनने का सपना टूटा तो बना फर्जी अधिकारी

    घर से मिलीं वर्दियां, आईडी कार्ड और वायरलेस सेट

    देहरादून। थाना राजपुर पुलिस ने खुद को आईपीएस अधिकारी, वरिष्ठ सैन्य अधिकारी, रॉ एजेंट, सीआरपीएफ अधिकारी समेत विभिन्न केंद्रीय एजेंसियों का अधिकारी बताकर लोगों से लाखों रुपये की ठगी करने वाले एक शातिर आरोपी को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपी राज्य के पूर्व मुख्य सचिव एस. रामास्वामी का पुत्र है।

    आरोपी लोगों को नौकरी दिलाने, कंपनी का पंजीकरण कराने और सरकारी काम कराने का झांसा देकर उन्हें अपने प्रभाव में लेता था।
    गिरफ्तार आरोपी आर. यशोवर्धन (35) पुत्र एस. रामास्वामी निवासी ऑफिसर्स रेजिडेंशियल कॉलोनी, आईएचएम कैंपस, गढ़ी कैंट, देहरादून है।
    पुलिस के अनुसार, आरोपी एक सेवानिवृत्त वरिष्ठ अधिकारी का पुत्र है। उसका सपना आईपीएस अधिकारी बनने का था। उसने कई वर्षों तक यूपीएससी परीक्षा की तैयारी की, लेकिन सफलता नहीं मिलने पर उसने फर्जी अधिकारी बनकर लोगों को ठगना शुरू कर दिया।

    पहले मामले में डाकरा बाजार निवासी अंशुल उपाध्याय ने 8 जुलाई को थाना राजपुर में शिकायत दर्ज कराई थी कि आरोपी ने खुद को वरिष्ठ अधिकारी बताकर होटल जिंजर में बुलाया और उनकी दिवंगत माता के नाम पर कंपनी का शीघ्र पंजीकरण कराने के नाम पर 15 लाख रुपये की धोखाधड़ी की। इस मामले में भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4) सहित अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया।
    दूसरे मामले में 15 जुलाई को कैनाल रोड निवासी डॉ. अनुषा ने शिकायत दर्ज कराई कि आरोपी ने खुद को आईपीएस अधिकारी बताते हुए रक्षा मंत्रालय में डाटा साइंस कंसल्टेंट की नौकरी दिलाने का झांसा देकर उनसे 4.60 लाख रुपये ठग लिए। आरोपी ने उन्हें अपने फर्जी विजिटिंग कार्ड और आईडी भी दिखाए थे।

    मामले की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी देहरादून के निर्देश पर गठित पुलिस टीम ने घटनास्थलों का निरीक्षण किया, सीसीटीवी फुटेज का विश्लेषण किया और तकनीकी साक्ष्य जुटाए। इसके बाद पुलिस ने मसूरी रोड स्थित सीएसआई तिराहे के पास चेकिंग के दौरान आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।

    पूछताछ में आरोपी ने बताया कि बचपन से वह वरिष्ठ अधिकारियों को मिलने वाले प्रभाव और सुविधाओं से प्रभावित था। यूपीएससी परीक्षा में असफल रहने के बाद उसने फर्जी पहचान बनाकर लोगों को नौकरी दिलाने, टेंडर पास कराने और सरकारी कार्यों में मदद का झांसा देकर ठगी शुरू कर दी। उसकी वर्दी, बोलचाल और फर्जी पहचान पत्र देखकर लोग आसानी से उसके झांसे में आ जाते थे।
    पुलिस ने आरोपी के कब्जे से पांच फर्जी आईडी कार्ड, आठ फर्जी विजिटिंग कार्ड, पुलिस और सेना के 25 लोगो, सेना एवं पैरामिलिट्री बलों की तीन जोड़ी वर्दियां, तीन फर्जी रिबन, एक वायरलेस सेट तथा एक लैपटॉप बरामद किया है।
    आरोपी की गिरफ्तारी में क्षेत्राधिकारी डालनवाला नितिन लोहानी, थानाध्यक्ष राजपुर पी.डी. भट्ट तथा पुलिस टीम के अन्य सदस्यों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।