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  • हरित उत्तराखंड की ओर कदम, 40 वन प्रभागों में 3,791 स्थानों पर रोपे गए पौधे

    हरित उत्तराखंड की ओर कदम, 40 वन प्रभागों में 3,791 स्थानों पर रोपे गए पौधे

    हर गाँव का यही पैगाम – एक पेड़ माँ के नाम

    हरेला पर्व पर मालदेवता में हुआ भव्य वृक्षारोपण अभियान

    देहरादून। उत्तराखंड के लोकपर्व हरेला के अवसर पर “हर गाँव का यही पैगाम – एक पेड़ माँ के नाम” अभियान के अंतर्गत आज जनपद के मालदेवता, में वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया।
    कार्यक्रम के मुख्य अतिथि वन, विधायी एवं संसदीय कार्य, निर्वाचन, चिकित्सा स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री सुबोध उनियाल रहे।

    कार्यक्रम में राज्यसभा सांसद नरेश बंसल, टिहरी गढ़वाल लोकसभा सांसद श्रीमती माला राज्यलक्ष्मी शाह विशिष्ट अतिथि तथा रायपुर विधायक उमेश शर्मा ‘काऊ’ अध्यक्ष के रूप में उपस्थित रहे।

    इस अवसर पर मुख्य अतिथि सुबोध उनियाल ने रुद्राक्ष का पौधा रोपित कर प्रदेशवासियों को पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।

    इस अवसर पर वन, विधायी एवं संसदीय कार्य, निर्वाचन, चिकित्सा स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री सुबोध उनियाल ने कहा कि वृक्ष लगाना जितना महत्वपूर्ण है, उससे कहीं अधिक महत्वपूर्ण उसका संरक्षण और संवर्धन करना है। पौधारोपण तभी सार्थक होगा जब लगाए गए पौधे वृक्ष बनकर आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ पर्यावरण प्रदान करें।

    उन्होंने कहा कि आज पूरे प्रदेश में 10 लाख पौधे रोपित करने का लक्ष्य रखा गया है, जबकि इस वर्ष हरेला पर्व के अवसर पर 2 करोड़ पौधारोपण का संकल्प लिया गया है। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल पौधे लगाना नहीं, बल्कि उनके संरक्षण और विकास को जनआंदोलन बनाना है।

    उन्होंने कहा कि हरेला प्रकृति के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का पावन पर्व है। वृक्ष, नदियाँ और वन्य जीव हमारी प्राकृतिक धरोहर हैं तथा इनके संरक्षण के बिना मानव जीवन की कल्पना नहीं की जा सकती। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण, जलवायु संतुलन और भावी पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य के लिए वृक्षारोपण एवं उनका संवर्धन अत्यंत आवश्यक है।

    उन्होंने कहा कि मानव-वन्यजीव संघर्ष को कम करना तथा वनों की सुरक्षा करना हम सभी की साझा जिम्मेदारी है। वन विभाग जनसहभागिता के माध्यम से वनों के संरक्षण और मानव-वन्यजीव संघर्ष को न्यूनतम करने के लिए निरंतर कार्य कर रहा है। विकसित भारत के लक्ष्य को प्रकृति के साथ संतुलन बनाकर ही प्राप्त किया जा सकता है उन्होंने जनमानस से प्रकृति के साथ संतुलन बनाकर विकास की इस यात्रा में सहयात्री बनने का अनुरोध किया।

    अपने संबोधन के दौरान उन्होंने वनों की रक्षा करते हुए बलिदान देने वाले वन कर्मियों तथा मानव-वन्यजीव संघर्ष में जान गंवाने वाले नागरिकों को श्रद्धांजलि भी अर्पित की।
    कार्यक्रम के दौरान राज्यसभा सांसद नरेश बंसल ने मौलश्री, टिहरी सांसद श्रीमती माला राज्यलक्ष्मी शाह ने महोगनी तथा विधायक उमेश शर्मा ‘काऊ’ ने कदम्ब का पौधा रोपित किया।

    राज्यसभा सांसद नरेश बंसल ने कहा कि उत्तराखंड का लोकपर्व हरेला पर्यावरण और प्रकृति के प्रति हमारी आस्था एवं संस्कृति का प्रतीक है। यह पर्व हमें प्रकृति के साथ सामंजस्यपूर्ण जीवन जीने की प्रेरणा देता है। उन्होंने प्रत्येक नागरिक से पौधारोपण करने तथा लगाए गए पौधों के संरक्षण का संकल्प लेने का आह्वान किया।

    टिहरी सांसद श्रीमती माला राज्यलक्ष्मी शाह तथा रायपुर विधायक उमेश शर्मा ‘काऊ’ ने भी अपने संबोधन में जनमानस से अधिकाधिक वृक्षारोपण करने तथा पौधों के संरक्षण एवं संवर्धन को सामाजिक दायित्व के रूप में अपनाने का आह्वान किया।
    ज्ञातब्य है कि पूरे प्रदेश के 40 वन प्रभागों के 3791 स्थलों पर विभिन्न प्रजातियों के पौधों का रोपण किया जा रहा है, जिससे राज्य में हरित आवरण बढ़ाने और पर्यावरण संरक्षण को नई गति मिलेगी। इस दौरान उत्कृष्ट कार्य करने वाले कार्मिकों को प्रशस्ति पत्र भी वितरण किए गए।
    इस अवसर पर प्रमुख सचिव वन आर.के. सुधांशु, मुख्य वन संरक्षक गढ़वाल डॉ0 धीरज पांडेय, प्रमुख वन संरक्षक (वन्यजीव) एवं मुख्य वन्यजीव प्रतिपालक नीना ग्रेवाल, प्रमुख वन संरक्षक (वन पंचायत) एस.पी. सुबुद्धि, अपर प्रमुख वन संरक्षक विवेक पांडेय, जिलाधिकारी डॉ0 आशीष चौहान, मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह, प्रभागीय वनाधिकारी नीरज शर्मा, प्रभागीय वनाधिकारी मसूरी अमित कुमार, प्रभागीय वनाधिकारी कालसी वैभव कुमार सहित वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी एवं बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, अधिकारी, कर्मचारी और स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।

  • गोपेश्वर दौरे पर मुख्यमंत्री धामी, जनता की समस्याओं का लिया जायजा

    गोपेश्वर दौरे पर मुख्यमंत्री धामी, जनता की समस्याओं का लिया जायजा

    अधिकारियों को दिए त्वरित निस्तारण के निर्देश

    ‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’ कार्यक्रम में जनकल्याणकारी योजनाओं का लिया फीडबैक

    गोपेश्वर। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गोपेश्वर स्थित पुलिस मैदान में आयोजित “सेवा, सुशासन एवं समर्पण : जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार” (सेवा पखवाड़ा) कार्यक्रम में प्रतिभाग कर विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं और सरकारी सेवाओं का फीडबैक लिया। इस दौरान उन्होंने आमजन से संवाद करते हुए अधिकारियों को जनसमस्याओं का समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
    मुख्यमंत्री के गोपेश्वर पहुंचने पर जिलाधिकारी गौरव कुमार और पुलिस अधीक्षक चमोली सुरजीत सिंह पंवार ने उनका स्वागत किया। इस अवसर पर उन्हें श्रीमद्भगवद्गीता तथा ‘हरित उत्तराखण्ड’ अभियान के तहत पौधा भेंट कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया गया। चमोली पुलिस के जवानों ने सेरेमोनियल वर्दी में मुख्यमंत्री को सलामी दी।

    कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए बहुउद्देशीय सेवा शिविरों का निरीक्षण किया और विभागीय अधिकारियों से योजनाओं के क्रियान्वयन की जानकारी ली। शिविरों के माध्यम से नागरिकों को विभिन्न सरकारी योजनाओं और सेवाओं का लाभ एक ही स्थान पर उपलब्ध कराया गया।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य सरकारी योजनाओं और सेवाओं को अंतिम व्यक्ति तक सरल, सुगम और पारदर्शी तरीके से पहुंचाना है। उन्होंने उपस्थित नागरिकों से उनकी समस्याओं और सुझावों की जानकारी लेते हुए अधिकारियों को सभी मामलों का त्वरित निस्तारण करने के निर्देश दिए।

    कार्यक्रम में प्रभारी मंत्री भरत सिंह चौधरी, विधायक भूपाल राम टम्टा, अनिल नौटियाल और लखपत बुटोला, जिला पंचायत अध्यक्ष दौलत सिंह बिष्ट, नगर पालिका अध्यक्ष संदीप रावत और गणेश शाह, महिला आयोग की उपाध्यक्ष चंद्रकला तिवारी, राज्य मंत्री हरक सिंह, रामचंद्र गौड़ और बलवीर घुनियाल सहित कई जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।

    इसके अलावा बदरी-केदार मंदिर समिति के उपाध्यक्ष ऋषि प्रसाद सती, जनजाति आयोग के उपाध्यक्ष प्रेम सिंह राणा, पूर्व कैबिनेट मंत्री राजेन्द्र भंडारी, भाजपा जिलाध्यक्ष गजपाल बर्त्वाल, मुख्य विकास अधिकारी डॉ. अभिषेक त्रिपाठी, अपर जिलाधिकारी विवेक प्रकाश तथा पुलिस और प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी भी कार्यक्रम में उपस्थित रहे।

  • ‘वेड इन उत्तराखंड’ बनेगा स्थानीय अर्थव्यवस्था की नई ताकत: सीएम धामी

    ‘वेड इन उत्तराखंड’ बनेगा स्थानीय अर्थव्यवस्था की नई ताकत: सीएम धामी

    वेडिंग टूरिज्म के साथ स्पिरिचुअल और वेलनेस टूरिज्म को भी मिल रहा विशेष प्रोत्साहन

    त्रियुगीनारायण सहित अनेक स्थलों को विश्वस्तरीय डेस्टिनेशन वेडिंग केंद्र के रूप में किया जा रहा विकसित

    बेहतर कानून-व्यवस्था, ट्रिपल आर कनेक्टिविटी और निवेश अनुकूल नीतियों से उत्तराखंड बना निवेशकों की पहली पसंद

    देशभर के वेडिंग एवं इवेंट विशेषज्ञों से उत्तराखंड के पर्यटन विकास में साझेदारी का मुख्यमंत्री ने किया आह्वान

    देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को मसूरी-देहरादून मार्ग स्थित पुनर्नवा वेलनेस रिजॉर्ट, किमाड़ी में इंटरनेशनल कन्वेन्शन ऑफ इवेंट इंडस्ट्रीज (ICEI) द्वारा आयोजित ‘ग्रेस हिन्दुस्थान 2.0 उत्तराखण्ड’ राष्ट्रीय वेडिंग प्रोफेशनल्स सम्मेलन में प्रतिभाग किया।
    इस अवसर पर उन्होंने देशभर से आए वेडिंग प्लानर्स, इवेंट विशेषज्ञों, पर्यटन क्षेत्र से जुड़े उद्यमियों तथा सभी अतिथियों का देवभूमि उत्तराखंड में स्वागत करते हुए कहा कि यह सम्मेलन राज्य में पर्यटन, विशेषकर वेडिंग टूरिज्म के विस्तार के लिए महत्वपूर्ण मंच सिद्ध होगा।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि आगामी दो दिनों तक आयोजित इस सम्मेलन में पर्यटन, वेडिंग और इवेंट उद्योग से जुड़े विशेषज्ञों के विचार-मंथन से उत्तराखंड में पर्यटन विकास को नई दिशा मिलेगी।
    उन्होंने इस आयोजन के लिए इंटरनेशनल कन्वेन्शन ऑफ इवेंट इंडस्ट्रीज (ICEI) की पूरी टीम तथा पुनर्नवा वेलनेस रिजॉर्ट के संस्थापक आचार्य आशीष सेमवाल को बधाई देते हुए विश्वास व्यक्त किया कि इस मंथन के सकारात्मक परिणाम राज्य के पर्यटन क्षेत्र को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में सहायक होंगे।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की “वेड इन उत्तराखंड” की परिकल्पना को धरातल पर उतारने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि वेडिंग और इवेंट इंडस्ट्री से जुड़े सभी विशेषज्ञों के सहयोग से उत्तराखंड को देश और दुनिया के प्रमुख वेडिंग डेस्टिनेशन के रूप में स्थापित किया जा सकेगा।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि भारतीय संस्कृति में विवाह केवल सामाजिक आयोजन नहीं, बल्कि दो आत्माओं का पवित्र मिलन माना जाता है। देवभूमि उत्तराखंड की आध्यात्मिक, सांस्कृतिक और प्राकृतिक विरासत ऐसे पावन अवसर को और अधिक दिव्य बना देती है।
    उन्होंने कहा कि भगवान शिव और माता पार्वती के विवाह स्थल त्रियुगीनारायण मंदिर जैसी ऐतिहासिक और धार्मिक धरोहर उत्तराखंड को डेस्टिनेशन वेडिंग के लिए विशिष्ट पहचान प्रदान करती है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार त्रियुगीनारायण, ओंकारेश्वर (ऊखीमठ), रामनगर, टिहरी, मसूरी सहित अन्य उपयुक्त स्थलों को विश्वस्तरीय डेस्टिनेशन वेडिंग केंद्रों के रूप में विकसित करने की दिशा में तेजी से कार्य कर रही है।
    उन्होंने कहा कि डेस्टिनेशन वेडिंग केवल होटल और रिसॉर्ट तक सीमित नहीं रहती, बल्कि इससे स्थानीय कारीगरों, लोक कलाकारों, होमस्टे संचालकों, टैक्सी चालकों तथा अनेक छोटे व्यवसायों को प्रत्यक्ष रूप से रोजगार और आय के नए अवसर प्राप्त होते हैं।
    इसी कारण राज्य सरकार वेडिंग टूरिज्म को स्थानीय अर्थव्यवस्था और स्वरोजगार को सशक्त बनाने का प्रभावी माध्यम मानते हुए आगे बढ़ा रही है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड आने वाले पर्यटक केवल प्राकृतिक सौंदर्य ही नहीं, बल्कि यहां की संस्कृति, अध्यात्म और आत्मीयता का भी अनुभव अपने साथ लेकर जाएं, इसी उद्देश्य से पर्यटन के विविध आयामों को विकसित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड प्रकृति, संस्कृति, अध्यात्म और वेलनेस का अद्भुत संगम है, जहां लोगों को एक संपूर्ण पर्यटन अनुभव प्राप्त होता है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि पुनर्नवा वेलनेस रिजॉर्ट इस बात का उत्कृष्ट उदाहरण है कि किस प्रकार आयुर्वेद, योग, प्राकृतिक चिकित्सा और आधुनिक सुविधाओं का समन्वय कर विश्वस्तरीय वेलनेस अनुभव उपलब्ध कराया जा सकता है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार वेडिंग टूरिज्म के साथ-साथ स्पिरिचुअल और वेलनेस टूरिज्म को भी समान रूप से बढ़ावा दे रही है।

    उन्होंने कहा कि सरकार केदारखंड और मानसखंड के मंदिर क्षेत्रों के विकास एवं सौंदर्यीकरण के साथ हरिद्वार-ऋषिकेश कॉरिडोर, विवेकानंद कॉरिडोर, गोल्ज्यू कॉरिडोर, यमुना कॉरिडोर तथा शारदा कॉरिडोर जैसे महत्वपूर्ण आध्यात्मिक परियोजनाओं पर कार्य कर रही है। साथ ही शीतकालीन यात्रा की शुरुआत कर वर्षभर पर्यटन को गति देने का प्रयास किया गया है। इसके अतिरिक्त गढ़वाल और कुमाऊं मंडलों में एक-एक स्पिरिचुअल इकोनॉमिक जोन स्थापित करने की दिशा में भी कार्य किया जा रहा है, जिससे योग, आयुर्वेद, प्राकृतिक चिकित्सा और आध्यात्मिक पर्यटन को नई मजबूती मिलेगी।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड आज कानून-व्यवस्था, सुशासन और निवेश अनुकूल नीतियों के कारण देश के सबसे भरोसेमंद राज्यों में शामिल है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार सड़क, रेल और रोपवे आधारित ट्रिपल आर (Triple R) कनेक्टिविटी को मजबूत बनाने पर विशेष बल दे रही है। चारधाम ऑल वेदर रोड परियोजना, ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना, विभिन्न रोपवे परियोजनाओं, जौलीग्रांट एवं पंतनगर हवाई अड्डों के विस्तार तथा प्रदेश के सभी जिलों में हेलीपोर्ट विकास जैसे कार्य पर्यटन को नई गति प्रदान करेंगे और पर्यटकों की पहुंच को और अधिक सुगम बनाएंगे।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को व्यवहारिक रूप से लागू करने के लिए प्रतिबद्ध है। सिंगल विंडो क्लीयरेंस व्यवस्था के माध्यम से निवेशकों, वेडिंग प्लानर्स और इवेंट आयोजकों को आवश्यक प्रशासनिक सहयोग उपलब्ध कराया जा रहा है। उन्होंने सम्मेलन में उपस्थित सभी विशेषज्ञों एवं निवेशकों से उत्तराखंड के पर्यटन विकास के लिए अपने सुझाव साझा करने का आग्रह करते हुए कहा कि सभी के सहयोग से उत्तराखंड को विश्व के सर्वोत्तम वेडिंग डेस्टिनेशन के रूप में स्थापित करने का संकल्प अवश्य साकार होगा।

    इस अवसर पर इंटरनेशनल कन्वेन्शन ऑफ इवेंट इंडस्ट्रीज (ICEI) के पदाधिकारी, पुनर्नवा वेलनेस रिजॉर्ट के संस्थापक आचार्य आशीष सेमवाल, देशभर से आए वेडिंग प्लानर्स, इवेंट एवं पर्यटन उद्योग से जुड़े विशेषज्ञ, विभिन्न उद्यमी, निवेशक तथा बड़ी संख्या में गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे।

  • झंगोरा प्रोसेसिंग मशीन मिलने से सरिता देवी के स्वरोजगार को मिली नई उड़ान

    झंगोरा प्रोसेसिंग मशीन मिलने से सरिता देवी के स्वरोजगार को मिली नई उड़ान

    ‘‘सेवा सुशासन एवं समर्पण’’ जन-संवाद शिविर

    7,472 लोगों ने किया प्रतिभाग 4,632 लाभार्थी हुए लाभान्वित 1,737 आवेदनों का मौके पर किया गया निस्तारण’

    गोपेश्वर। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को गोपेश्वर स्थित पुलिस मैदान में आयोजित ‘सेवा, सुशासन एवं समर्पण’ सेवा पखवाड़े के अंतर्गत ‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’ कार्यक्रम में आमजन की समस्याओं को गंभीरता से सुनते हुए कई मामलों का मौके पर ही समाधान सुनिश्चित किया। साथ ही विभिन्न विभागों की जन-कल्याणकारी योजनाओं के लाभार्थियों को सहायता सामग्री, स्वीकृति पत्र एवं वित्तीय सहायता वितरित कर सरकार की योजनाओं का लाभ सीधे पात्र लोगों तक पहुंचाया।

    इस अवसर पर आयोजित शिविर में कुल 7,472 लोगों ने प्रतिभाग किया। विभिन्न विभागों को प्राप्त 1,737 आवेदनों का शिविर के दौरान ही निस्तारण सुनिश्चित किया गया। इसके अतिरिक्त कुल 203 शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनमें से 172 शिकायतों का मौके पर ही समाधान किया गया, जबकि शेष शिकायतों के शीघ्र निस्तारण के लिए संबंधित विभागों को निर्देशित किया गया। शिविर के माध्यम से 4,632 लाभार्थियों को विभिन्न विभागीय योजनाओं से लाभान्वित किया गया।

    कार्यक्रम के दौरान विकासखंड नन्दानगर के ग्राम खलतरा की श्रीमती सरिता देवी ने बताया कि उनके क्षेत्र में झंगोरे का भरपूर उत्पादन होता है, लेकिन मंड़ाई एवं प्रसंस्करण की समुचित व्यवस्था न होने से किसानों को उचित मूल्य नहीं मिल पाता। उनकी झंगोरा मंड़ाई एवं प्रोसेसिंग मशीन की मांग पर मुख्यमंत्री ने तत्काल कृषि विभाग के अधिकारियों को निर्देशित करते हुए शिविर स्थल पर ही कृषि विभाग के स्टॉल से उन्हें झंगोरा मड़ाई एवं प्रोसेसिंग मशीन उपलब्ध कराई।

    विकासखंड दशोली के ग्राम रौली ग्वाड़ निवासी नीरज भट्ट ने लिलियम फूलों की खेती के लिए अगस्त माह तक बीज उपलब्ध कराने का अनुरोध किया। मुख्यमंत्री ने संबंधित अधिकारियों को एक माह के भीतर बीज उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। विकासखंड ज्योतिर्मठ के ग्राम बड़ागांव निवासी गुलशन सिंह राणा ने पोल्ट्री फार्म स्थापित करने के लिए पोल्ट्री हट उपलब्ध कराने की मांग रखी, जिस पर मुख्यमंत्री ने राष्ट्रीय पशुधन मिशन के अंतर्गत उनका प्रस्ताव स्वीकृत कर आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।

    इसी प्रकार विकासखंड दशोली के ग्राम कौजपोथनी निवासी जयदीप सिंह ने लोक निर्माण विभाग में मोटर मार्ग एवं पुलिया निर्माण कार्यों के लिए ठेकेदारी पंजीकरण का आवेदन चार दिनों से लंबित होने की शिकायत की। मुख्यमंत्री ने अधिशासी अभियंता को आज ही सभी औपचारिकताएं पूर्ण कर पंजीकरण स्वीकृत करने के निर्देश दिए। वहीं विकासखंड पोखरी के ग्राम नौली निवासी देवेन्द्र सिंह ने एप्पल मिशन के अंतर्गत सेब के पौधे एवं ओलावृष्टि से फलों की सुरक्षा के लिए एंटी-हेल नेट उपलब्ध कराने का अनुरोध किया, जिस पर मुख्यमंत्री ने जिला उद्यान अधिकारी को उन्हें अनुदान सहित विभागीय योजनाओं का अधिकतम लाभ उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य आमजन की समस्याओं का त्वरित एवं प्रभावी समाधान सुनिश्चित करना है। ‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’ अभियान के माध्यम से शासन स्वयं लोगों के बीच पहुंचकर उनकी समस्याओं का मौके पर समाधान कर रहा है, जिससे जनसेवाओं में पारदर्शिता, जवाबदेही और जनता का विश्वास लगातार मजबूत हो रहा है।

    इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने विभिन्न विभागों की योजनाओं के लाभार्थियों को सहायता सामग्री एवं वित्तीय सहायता भी वितरित की। महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास विभाग की ओर से 6 लाभार्थियों को मुख्यमंत्री महालक्ष्मी किट तथा समाज कल्याण विभाग के माध्यम से 3 लाभार्थियों को अनुसूचित जाति पुत्री विवाह अनुदान प्रदान किया गया। कृषि विभाग द्वारा तिलक स्वयं सहायता समूह, ग्राम कुण्डी को फार्म मशीनरी बैंक, एक लाभार्थी को झंगोरा प्रोसेसिंग मशीन, दो लाभार्थियों को झाड़ी/घास कटर मशीन तथा ग्राम बैरागना को चैन लिंक्ड फेंसिंग उपलब्ध कराई गई। कृषि क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए एक करोड़ रुपये का वार्षिक टर्नओवर प्राप्त करने वाली रूपकुण्ड फेड फार्मर्स प्रोड्यूसर कम्पनी लिमिटेड, हाटकल्याणी (देवाल) तथा उन्नति स्वायत्त सहकारिता एफपीओ, पडेरगांव (नन्दानगर) को मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से सम्मानित किया।

    सहकारिता विभाग के माध्यम से 4 लाभार्थियों को दीनदयाल उपाध्याय सहकारिता किसान कल्याण योजना के तहत शून्य प्रतिशत ब्याज दर पर ऋण के चेक वितरित किए गए। पशुपालन विभाग द्वारा 2 लाभार्थियों को चारा बीज उपलब्ध कराया गया। उद्यान विभाग के अंतर्गत एक लाभार्थी को नाबार्ड पॉलीहाउस योजना हेतु ₹4 लाख, एक लाभार्थी को प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन (पीएमएफएमई) योजना के तहत ₹2 लाख, एक लाभार्थी को मशरूम उत्पादन योजना के लिए ₹2 लाख तथा एक लाभार्थी को कीवी मिशन योजना के अंतर्गत ₹4.20 लाख की वित्तीय सहायता प्रदान की गई। इसके अतिरिक्त मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना के तहत 5 लाभार्थियों को वित्तीय सहायता के चेक वितरित कर स्वरोजगार को बढ़ावा देने के लिए प्रोत्साहित किया गया।

    ’हर गाँव का यही पैगाम: एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान के तहत मुख्यमंत्री ने किया वृक्षारोपण’

    इस अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हरेला पर्व के उपलक्ष्य में ‘हर गाँव का यही पैगाम: एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान के अंतर्गत रुद्राक्ष के पौधे का वृक्षारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि प्रकृति संरक्षण हमारी संस्कृति का अभिन्न अंग है और अधिक से अधिक पौधरोपण कर आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ एवं हरित पर्यावरण सुनिश्चित करना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।

    कार्यक्रम में चमोली के प्रभारी मंत्री भरत सिंह चौधरी, थराली विधायक भूपाल राम टम्टा, कर्णप्रयाग विधायक अनिल नौटियाल, बदरीनाथ विधायक लखपत बुटोला, जिला पंचायत अध्यक्ष दौलत सिंह बिष्ट, नगर पालिका परिषद चमोली गोपेश्वर अध्यक्ष संदीप रावत, नगर पालिका परिषद कर्णप्रयाग अध्यक्ष गणेश शाह, महिला आयोग उपाध्यक्ष चंद्रकला तिवारी, राज्य मंत्री हरक सिंह, रामचंद्र गौड़, बलवीर घुनियाल, बीकेटीसी उपाध्यक्ष ऋषि प्रसाद सती,जनजाति आयोग के उपाध्यक्ष प्रेम सिंह राणा, भाजपा जिलाध्यक्ष गजपाल बर्त्वाल, महामंत्री अरुण मैठाणी, विनोद कनवासी, दलवीर दानू, जिलाधिकारी गौरव कुमार, पुलिस अधीक्षक सुरजीत सिंह पंवार, मुख्य विकास अधिकारी डॉ अभिषेक त्रिपाठी, अपर जिलाधिकारी विवेक प्रकाश सहित अन्य लोग मौजूद थे।

  • हरेला पर्व पर राज्यपाल ने प्रदेशवासियों को दी शुभकामनाएं

    हरेला पर्व पर राज्यपाल ने प्रदेशवासियों को दी शुभकामनाएं

    देहरादून। राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से नि) ने प्रदेशवासियों को हरेला पर्व की हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह पर्व उत्तराखण्ड की लोक परंपरा, सांस्कृतिक चेतना और प्रकृति के प्रति श्रद्धा का अद्वितीय प्रतीक है। हरेला केवल एक त्योहार नहीं, बल्कि पर्यावरण संरक्षण और हरित जीवन शैली को अपनाने का जनसंदेश है।

    राज्यपाल ने कहा कि वर्तमान समय में जब विश्व जलवायु परिवर्तन, ग्लोबल वार्मिंग और प्रदूषण जैसी गंभीर चुनौतियों का सामना कर रहा है, तब हरेला पर्व प्रकृति के साथ संतुलित जीवन जीने की प्रेरणा देता है। उन्होंने कहा कि पेड़-पौधों, जल स्रोतों और भूमि का संरक्षण मानव अस्तित्व से जुड़ा विषय है तथा प्रत्येक नागरिक को इस दिशा में सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए। उन्होंने कहा, हरेला हमें अपनी जड़ों, अपनी संस्कृति और प्रकृति के साथ अपने गहरे संबंध का स्मरण कराता है।

    राज्यपाल ने सभी नागरिकों से अपील की कि वे हरेला पर्व के अवसर पर कम से कम एक पौधा अवश्य लगाएं और उसकी देखभाल का संकल्प भी लें। उन्होंने विशेष रूप से बच्चों, युवाओं और महिलाओं की भागीदारी को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि पर्यावरण संरक्षण को जन-आंदोलन बनाने में समाज के प्रत्येक वर्ग का योगदान आवश्यक है।

  • अवैध कब्जों पर प्रशासन सख्त, पैमाइश और जांच के निर्देश

    अवैध कब्जों पर प्रशासन सख्त, पैमाइश और जांच के निर्देश

    समाधान दिवस

    बुजुर्गों और महिलाओं के उत्पीड़न पर कड़ा रुख, तत्काल कार्रवाई के निर्देश

    देहरादून। जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान के दिशा-निर्देशों पर सोमवार को कलेक्ट्रेट परिसर में अपर जिलाधिकारी (वि.रा) केके मिश्रा की अध्यक्षता में ‘समाधान दिवस’ का आयोजन किया गया।

    जनता की समस्याओं को सुनने और उनके त्वरित निस्तारण के लिए आयोजित इस शिविर में फरियादियों का सैलाब उमड़ पड़ा। करीब 4 घंटे तक चले इस आयोजन में भूमि विवाद, अवैध कब्जे, अतिक्रमण, घरेलू हिंसा, आर्थिक सहायता और फीस माफी जैसे गंभीर विषयों से संबंधित कुल 176 शिकायतें दर्ज की गईं।

    अपर जिलाधिकारी ने मौके पर ही अधिकांश शिकायतों का निपटारा किया। वहीं, शेष बचे गंभीर और जांच योग्य मामलों को संबंधित विभागों को भेजते हुए साफ हिदायत दी कि तय समय सीमा के भीतर कानूनी और त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

    समाधान दिवस में पारिवारिक प्रताड़ना और घरेलू हिंसा से जुड़ी कई दर्दनाक कहानियां सामने आईं, जिस पर प्रशासन ने सख्त रवैया अपनाया। जीवनगढ़ निवासी 65 वर्षीय विधवा सावित्री देवी ने अपने ही बेटे-बहू पर मकान कब्जाने और मारपीट का आरोप लगाया। इस पर एसडीएम विकासनगर को तत्काल भरण-पोषण अधिनियम के तहत कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए गए। वहीं, वरिष्ठ नागरिक नसीम चंद की ऐसी ही शिकायत पर नगर निगम और तहसीलदार को तत्काल जांच सौंपी गई।

    संजय कॉलोनी की विधवा और बेसहारा पूजा देवी ने बताया कि पति के निधन के बाद ननदों ने मकान पर कब्जा कर उसे बच्चों सहित मायके रहने पर मजबूर कर दिया। अपर जिलाधिकारी के निर्देश पर एसडीएम विकासनगर को इस मामले में तुरंत एक्शन लेने को कहा गया। घेरलू हिंसा से पीडित जोगीवाला की तुलसी देवी और निरंजनपुर की फूलों देवी ने पतियों द्वारा मारपीट और दहेज उत्पीड़न की शिकायत दर्ज कराई, जिस पर पुलिस और प्रशासन को तुरंत पीड़िता की मदद के निर्देश दिए गए।

    जमीन से जुड़े विवादों और सरकारी संपत्तियों पर अतिक्रमण को लेकर अधिकारियों को तुरंत मौके पर जाकर रिपोर्ट देने को कहा गया है। केदारपुरम की अनीता गुप्ता ने रजिस्ट्री में धोखाधड़ी का आरोप लगाते हुए बताया कि पति की मृत्यु के बाद, पूरा पैसा लेने के बावजूद विक्रेता ने धोखा देकर जमीन अपने नाम ही रख ली। इस फर्जीवाड़े की जांच जिला विधिक सेवा प्राधिकरण को सौंपी गई है।

    ग्राम पंचायत झाझरा में एक वार्ड सदस्य द्वारा और डोईवाला के कान्हरवाला में ग्राम समाज की सरकारी भूमि पर अवैध कब्जों की शिकायत पर बीडीओ और एसडीएम डोईवाला को तत्काल पैमाइश कर रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए। वही प्रेमपुर माफी में भूमि खरीदने के बाद भी कब्जा न मिलने पर तेजस्विनी लक्ष्मी बिष्ट और अन्य की शिकायत पर एसडीएम को जांच के आदेश दिए गए।

    जनता की रोजमर्रा की दिक्कतों को देखते हुए कई विकासात्मक कार्यो को धरातल पर उतारने के निर्देश भी जारी किए गए। बैंक ऋण चुकता न होने पर एक मकान सीज होने के साथ वहां चल रहे आंगनबाड़ी केंद्र का सामान भी सीज हो गया था। जिला कार्यक्रम अधिकारी को बैंक से तालमेल बिठाकर तुरंत आंगनबाडी केंद्र का सामान वापस दिलाने को कहा गया।

    शीला शेर मोटर मार्ग पर पुल निर्माण में देरी से बच्चों को हो रही परेशानी पर पीएमजीएसवाई के अधिशासी अभियंता को काम में तेजी लाने और तब तक के लिए वैकल्पिक मार्ग को तुरंत दुरुस्त करने के निर्देश दिए गए। ग्राम पंचायत कावाखेड़ा में टोंस नदी से पंपिंग योजना तथा खनन प्रभावित क्षेत्र फनार, नीनूस, मेन्द्रथ, पुनहा पोखरी में सिंचाई और पाइपलाइन के लिए खनिज फाउंडेशन न्यास निधि से प्रस्ताव तैयार करने को कहा गया। श्रावण मास के प्रसिद्ध ‘गणियात मेले’ और ‘दखडान मेले’ में सांस्कृतिक दलों की व्यवस्था के लिए जिला पर्यटन अधिकारी को जिम्मेदारी दी गई।

    समाधान दिवस में सिटी मजिस्ट्रेट राजेश तिवारी, एसडीएम अपूर्वा सिंह, एसडीएम कुमकुम जोशी, एसडीएम अपर्णा ढौंडियाल, जिला विकास अधिकारी सुनील कुमार समेत सभी विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद थे।

  • हर्रावाला से सोमनाथ के लिए विशेष रेल यात्रा को मिली हरी झंडी

    हर्रावाला से सोमनाथ के लिए विशेष रेल यात्रा को मिली हरी झंडी

    सोमनाथ स्वाभिमान पर्व

    700 श्रद्धालु छह दिवसीय विशेष तीर्थ यात्रा में हुए शामिल

    देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को रेलवे स्टेशन हर्रावाला से ‘सोमनाथ स्वाभिमान पर्व’ के उपलक्ष्य में वेरावल (सोमनाथ) के लिए विशेष रेल यात्रा को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
    इस अवसर पर उन्होंने यात्रा में शामिल श्रद्धालुओं को शुभकामनाएं देते हुए इसे केवल एक धार्मिक यात्रा नहीं, बल्कि राष्ट्र के स्वाभिमान, सांस्कृतिक चेतना और सनातन परंपराओं से जुड़ने का सशक्त माध्यम बताया।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्हें प्रसन्नता है कि छह दिवसीय इस विशेष यात्रा में प्रदेश के विभिन्न वर्गों से लगभग 700 श्रद्धालु सहभागी बन रहे हैं। इनमें स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी माताएं-बहनें, विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के लाभार्थी, संत समाज तथा समाज के विभिन्न वर्गों के प्रतिनिधि शामिल हैं। उन्होंने इस पहल के लिए संस्कृति विभाग की सराहना करते हुए सभी यात्रियों की मंगलमय, सुरक्षित एवं सुखद यात्रा की कामना भगवान सोमनाथ और बाबा केदार से की।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि यह यात्रा भारत की हजारों वर्षों पुरानी सनातन परंपरा, गौरवशाली विरासत और राष्ट्रीय स्वाभिमान से जुड़ने का अवसर है। उन्होंने कहा कि द्वादश ज्योतिर्लिंगों में से एक सोमनाथ मंदिर भारत की अटूट आस्था, अदम्य विश्वास और पुनरुत्थान का प्रतीक है। अनेक आक्रमणों और विध्वंस के बावजूद सोमनाथ ने पूरे विश्व को यह संदेश दिया है कि भारत हर चुनौती के बाद और अधिक शक्ति एवं संकल्प के साथ आगे बढ़ता है। उन्होंने कहा कि ‘सोमनाथ स्वाभिमान पर्व’ राष्ट्रबोध और सांस्कृतिक गौरव का अनुभव कराने वाला विशेष अवसर है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में अभूतपूर्व सांस्कृतिक पुनर्जागरण का दौर चल रहा है। अयोध्या से सोमनाथ, केदारनाथ से काशी विश्वनाथ, महाकाल से बद्रीनाथ धाम तक मंदिरों का व्यापक पुनरुद्धार और विकास भारत की सांस्कृतिक चेतना को नई ऊर्जा प्रदान कर रहा है। उन्होंने कहा कि मंदिर केवल पूजा-अर्चना के केंद्र नहीं, बल्कि भारतीय सभ्यता, संस्कृति और आध्यात्मिक परंपरा की जीवनरेखा हैं। लंबे समय तक जिन धार्मिक एवं सांस्कृतिक धरोहरों की उपेक्षा हुई, आज उन्हें पुनः सम्मान और गौरव प्राप्त हो रहा है, जो बदलते भारत की नई तस्वीर प्रस्तुत करता है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री से प्रेरणा लेकर उत्तराखंड सरकार भी देवभूमि उत्तराखंड को विश्व की आध्यात्मिक राजधानी के रूप में स्थापित करने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि केदारखंड और मानसखंड के मंदिर क्षेत्रों के सौंदर्यीकरण के साथ ही हरिपुर कालसी स्थित यमुनातीर्थ के पुनरुद्धार पर कार्य किया जा रहा है। इसके अतिरिक्त हरिद्वार-ऋषिकेश कॉरिडोर तथा शारदा कॉरिडोर जैसी महत्वपूर्ण परियोजनाओं को भी आगे बढ़ाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि भारतीय संस्कृति, दर्शन और इतिहास के गहन अध्ययन एवं शोध को बढ़ावा देने के लिए दून विश्वविद्यालय में ‘सेंटर फॉर हिन्दू स्टडीज’ की स्थापना भी की गई है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार देवभूमि उत्तराखंड के सांस्कृतिक मूल्यों और मूल स्वरूप की रक्षा के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। इसी उद्देश्य से राज्य में धर्मांतरण विरोधी कानून और दंगारोधी कानून लागू किए गए हैं। उन्होंने कहा कि अवैध अतिक्रमण के विरुद्ध चलाए गए अभियान के तहत 13 हजार एकड़ से अधिक सरकारी भूमि को मुक्त कराया गया है, जो केवल भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराने का अभियान नहीं बल्कि देवभूमि की सांस्कृतिक पहचान और पवित्रता की रक्षा का प्रयास है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में समान नागरिक संहिता लागू कर सभी नागरिकों के लिए समान कानून और समान न्याय व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। उन्होंने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में भी सुधारात्मक कदम उठाते हुए 250 से अधिक अवैध मदरसों को सील किया गया तथा मदरसा बोर्ड के स्थान पर उत्तराखंड राज्य अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण की स्थापना की गई है, ताकि शिक्षा राष्ट्र निर्माण का प्रभावी माध्यम बन सके।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य ऐसा उत्तराखंड बनाना है, जहां आधुनिक विकास और सनातन संस्कृति दोनों समान रूप से आगे बढ़ें। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि जनता के सहयोग और आशीर्वाद से यह संकल्प अवश्य साकार होगा।

    मुख्यमंत्री ने यात्रा पर जा रहे सभी श्रद्धालुओं से आग्रह किया कि वे जहां भी जाएं, देवभूमि उत्तराखंड की संस्कृति, संस्कार और ‘अतिथि देवो भवः’ की भावना का प्रतिनिधित्व करें। उन्होंने कहा कि सभी यात्री इस यात्रा के माध्यम से केवल सोमनाथ के दर्शन करने नहीं जा रहे हैं, बल्कि उत्तराखंड की आध्यात्मिक चेतना, समृद्ध परंपराओं और सांस्कृतिक मूल्यों के भी प्रतिनिधि हैं। उन्होंने सभी से अपने आचरण, व्यवहार और विचारों से राज्य की सकारात्मक पहचान को सुदृढ़ करने का आह्वान किया।

    इस अवसर पर विधायक बृज भूषण गैरोला, मेयर देहरादून सौरभ थपलियाल सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।

  • देहरादून साइंस सिटी बनेगी विज्ञान और नवाचार का राष्ट्रीय हब : सीएम धामी

    देहरादून साइंस सिटी बनेगी विज्ञान और नवाचार का राष्ट्रीय हब : सीएम धामी

    यूकॉस्ट को स्टार्टअप सेंटर के लिए मिलेगी जमीन

    मुख्यमंत्री धामी ने किया देहरादून साइंस सिटी निर्माण कार्यों का निरीक्षण

    विज्ञान एवं नवाचार नीति पर विशेषज्ञों के साथ किया सार्थक संवाद

    देहरादून।।मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को उत्तराखंड राज्य विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद (यूकॉस्ट) में साइंस सिटी परियोजना के निर्माण कार्यों का निरीक्षण करने के साथ ही विज्ञान, प्रौद्योगिकी एवं नवाचार नीति (STIP) परिसंवाद कार्यक्रम में भी प्रतिभाग किया।

    कार्यक्रम को संबोधित करते हुए, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि देहरादून साइंस सिटी का निर्माण कार्य तेजी से आगे बढ़ रहा है। आने वाले वर्षों में ये साइंस सिटी केवल उत्तराखंड ही नहीं, बल्कि पूरे देश के विद्यार्थियों, शोधकर्ताओं और वैज्ञानिकों के लिए विज्ञान, नवाचार और अनुसंधान का अग्रणी केंद्र बनकर उभरेगी।

    उन्होंने कहा कि इस साइंस सिटी में हमारे युवाओं को अत्याधुनिक सुविधाएँ उपलब्ध होंगी, जो उनके सपनों और विचारों को नई उड़ान देने का कार्य करेंगी। मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में ‘विज्ञान सेतु’ परिकल्पना के अंतर्गत सामुदायिक विज्ञान रेडियो ‘विज्ञान वाणी’ (88.8 मेगाहर्ट्ज), ‘विज्ञान दृश्यम’ तथा ‘विज्ञान धारा’ का लोकार्पण करते हुए कहा कि इन प्रयासों से प्रयोगशालाओं के जटिल ज्ञान को उत्तराखंड के अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति तक पहुंचाने में मदद मिलेगी।

    तकनीकी में नेतृत्व क्षमता विकसित करने पर जोर

    मुख्यमंत्री ने कहा कि इस समय प्रदेश में हरेला सप्ताह मनाया जा रहा है। हरेला केवल एक त्योहार नहीं है, बल्कि प्रकृति के प्रति हमारी आस्था, पर्यावरण संरक्षण के प्रति हमारी प्रतिबद्धता और आने वाली पीढ़ियों के प्रति हमारे दायित्व का “प्रतीक पर्व” भी है।
    उन्होंने कहा कि आज जब पूरी दुनिया जलवायु परिवर्तन, ग्लोबल वार्मिंग और पर्यावरणीय संकट की चुनौतियों का सामना कर रही है। ऐसे समय में हरेला पर्व पूरी दुनिया को ये संदेश देता है कि विकास और प्रकृति साथ-साथ चल सकते हैं।

    मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि आज पूरी दुनिया एक अभूतपूर्व तकनीकी बदलाव के दौर से गुजर रही है। अब रोबोट्स कारखानों से लेकर अस्पतालों तक में काम कर रहे हैं। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस इंसानी क्षमता को नई ऊंचाइयों पर ले जा रही है। वहीं, डेटा साइंस, ड्रोन टेक्नोलॉजी, सेमीकंडक्टर और बायो-टेक्नोलॉजी जैसी उभरती हुई प्रौद्योगिकियां आज दुनिया की दिशा और दशा तय कर रही हैं। ऐसे समय में, हमें इस बदलाव को न केवल स्वीकार करना है, बल्कि इसका नेतृत्व भी करना है।

    उत्तराखंड की बेस्ट प्रैक्टिस को मिल रही सराहना

    मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि आज देश के कई राज्य उत्तराखंड को कई क्षेत्रों में बेस्ट प्रैक्टिस के रूप में देख रहे हैं। सिलल्यारा टनल में फंसे श्रमिकों का सुरक्षित निकालने का अभियान इसमें शामिल है। जिसे ब्रिक्स देशों के सम्मेलन में बेस्ट प्रैक्टिस के रूप में पेश किया गया।
    इसीलिए सरकार ने अब से हर वर्ष 28 नवंबर को आपदा प्रबंधन दिवस के रूप में मनाने का निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड के युवाओं में अद्भुत प्रतिभा और मेधा है। इसलिए अब हमें प्रदेश में ऐसा पारिस्थितिकी तंत्र विकसित करना है जहाँ हमारी इस युवा प्रतिभा को सही दिशा मिले ताकि वे वैश्विक स्तर पर अपनी पहचान बना सकें।

    विकसित भारत का आधार- विज्ञान, अनुसंधान

    मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के सामने “विकसित भारत 2047” का जो ‘अमृत संकल्प’ रखा है, उसकी सबसे मजबूत आधारशिला विज्ञान, प्रौद्योगिकी और अनुसंधान ही है।

    इसीलिए प्रधानमंत्री ने ‘जय जवान, जय किसान, जय विज्ञान’ के नारे में ‘जय अनुसंधान’ जोड़कर देश के वैज्ञानिकों और युवाओं को एक नया मंत्र दिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में देश डिजिटल इंडिया, स्टार्टअप इंडिया और नेशनल क्वांटम मिशन जैसे बड़े अभियानों के साथ आगे बढ़ रहा है। प्रधानमंत्री के प्रयासों से भारत में अब दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्टअप इकोसिस्टम बन चुका है। वहीं, सेमीकंडक्टर मिशन के माध्यम से भारत अब इलेक्ट्रॉनिक्स और चिप मैन्युफैक्चरिंग के क्षेत्र में भी आत्मनिर्भर होने की राह पर है।

    उन्होंने कहा कि राज्य सरकार भी उत्तराखंड को विज्ञान, तकनीक और आधुनिक अनुसंधान का एक वैश्विक हब बनाने के लिए पूरी तरह संकल्पित होकर कार्य कर रही है।

    इसी दिशा में राज्य की पहली ‘विज्ञान, प्रौद्योगिकी एवं नवाचार नीति’ लागू हो चुकी है। इस नीति का उद्देश्य एक ऐसा आत्मनिर्भर इकोसिस्टम विकसित करना है जहाँ हमारा युवा केवल रोजगार खोजने वाला न रहे, बल्कि अपने इनोवेटिव आइडियाज के दम पर ‘जॉब क्रिएटर’ बने। ये नीति विज्ञान को केवल प्रयोगशालाओं की सीमाओं तक नहीं रखेगी, बल्कि उसे आम जनजीवन से जोड़ते हुए जन-जन तक पहुँचाने का सशक्त माध्यम बनेगी।

    चुनौतियों का स्थानीय समाधान तलाशने का प्रयास
    मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड की भौगोलिक परिस्थितियां हमारे सामने कई कठिन चुनौतियां खड़ी करती हैं। लेकिन हमारा हिमालय ही हमारी सबसे बड़ी शक्ति है और हमारी जैव-विविधता, अमूल्य औषधीय वनस्पतियां, बारहमासी जल स्रोत, जैविक कृषि और समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर हमारी असली पूंजी हैं। इसलिए यदि हम अपनी स्थानीय समस्याओं के स्थानीय और वैज्ञानिक समाधान विकसित कर लें, तो उत्तराखंड पूरे देश के लिए विकास का एक आदर्श मॉडल बन सकता है। इसी सोच के साथ राज्य सरकार ने नई पॉलिसी तैयार की है। साथ ही सरकार प्रदेश में तकनीक, डिजिटल गवर्नेंस, शोध एवं नवाचार को प्रोत्साहित करने वाला एक मजबूत इकोसिस्टम भी विकसित कर रही है। इसी तरह वैज्ञानिक अनुसंधान और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को बढ़ावा देते हुए उत्तराखंड को ‘साइंस बेस्ड नॉलेज इकॉनॉमी’ के रूप में स्थापित करने की दिशा में भी निरंतर कार्य किया जा रहा है।

    स्टार्टअप सेंटर विकसित करने की घोषणा

    मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार प्रदेश में साइंस एंड इनोवेशन सेंटर, लैब्स ऑन व्हील्स, डिजिटल लाइब्रेरी, पेटेंट सूचना केंद्र, स्टेम लैब्स और जीआईएस आधारित आधुनिक तकनीकी प्रणालियों का भी विस्तार कर रही है। साथ ही, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, रोबोटिक्स, ड्रोन, सेमीकंडक्टर तथा प्री-इन्क्यूबेशन लैब जैसी भविष्य की तकनीकों को भी बढ़ावा देने का प्रयास किया जा रहा है। इस मौके पर उन्होंने यूकॉस्ट परिसर में स्टार्टअप सेंटर विकसित करने के लिए भूमि उपलब्ध कराने की भी घोषणा की। मुख्यमत्री ने इस अवसर पर पौधारोपण भी किया।

    इस मौके पर कैबिनेट मंत्री प्रदीप बत्रा, सहसपुर विधायक सहदेव सिंह पुंडीर, सचिव नितेश झा, महानिदेशक यूकॉस्ट प्रो. दुर्गेश पंत, मीडिया सलाहकार समिति के अध्यक्ष प्रो. गोविन्द सिंह, विभिन्न विश्वविद्यालयों के कुलपति, विभिन्न विभागों के विभागाध्यक्ष, वैज्ञानिक सहित अन्य गणमान्य लोग उपस्थित हुए।

  • बदरीनाथ धाम में चढ़ावे की चोरी: पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लेकर शुरू की पूछताछ

    बदरीनाथ धाम में चढ़ावे की चोरी: पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लेकर शुरू की पूछताछ

    आरोपी प्रमोद नौटियाल देहरादून से गिरफ्तार

    देहरादून। बदरीनाथ चढ़ावा चोरी मामले में चमोली पुलिस ने आरोपी प्रमोद नौटियाल को गिरफ्तार कर लिया।
    रविवार की रात लगभग 10 बजे प्रमोद नौटियाल को देहरादून से गिरफ्तार किया गया। अभी कोतवाली बदरीनाथ में पूछताछ चल रही है। पुलिस जल्द ही आरोपी को जिला न्यायालय गोपेश्वर में पेश करेगी।

    बद्रीनाथ धाम में चढ़ावा चोरी के चर्चित मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए आरोपी प्रमोद नौटियाल को देहरादून से गिरफ्तार कर लिया है।
    देर रात की गई इस कार्रवाई के बाद आरोपी को बद्रीनाथ थाने लाया गया, जहां उससे मामले में गहन पूछताछ की जा रही है।
    पुलिस के अनुसार, बदरी-केदार मंदिर समिति (बीकेटीसी) की ओर से चढ़ावा चोरी और हेराफेरी के मामले में प्रमोद नौटियाल के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया था।
    मुकदमा दर्ज होने के बाद पुलिस ने तकनीकी और अन्य साक्ष्यों के आधार पर जांच को आगे बढ़ाया और आरोपी को देहरादून से गिरफ्तार कर लिया।
    पुलिस का कहना है कि मामले में आवश्यक पूछताछ और अन्य कानूनी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद आरोपी को न्यायालय में पेश किया जाएगा।
    जांच समिति ने गणना कक्ष के वीडियो फुटेज में आरोपी को रुपए ले जाते पाया। इसी के आधार पर आरोपी प्रमोद नौटियाल से पूछताछ की जा रही है।
    गौरतलब है कि आरोपी प्रमोद नौटियाल ने हाईकोर्ट में अपने निलंबन के खिलाफ याचिका दायर की है।इस मामले में हाईकोर्ट ने 16 जुलाई की तारीख तय की है।

    बद्रीनाथ चढ़ावा (दान) चोरी प्रकरण: अब तक की प्रमुख घटनाओं की टाइमलाइन

    2 जुलाई 2026

    बद्रीनाथ मंदिर में चढ़ावे की गणना के दौरान कथित अनियमितता और चोरी का आरोप सामने आया।
    आरोप है कि गणना के दौरान दान राशि में हेराफेरी की गई। शिकायतकर्ताओं ने दावा किया कि घटना सीसीटीवी में कैद हुई, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि उस समय नहीं हुई।

    3 जुलाई 2026

    भैरव सेना के संस्थापक संदीप खत्री ने बीकेटीसी के मुख्य कार्याधिकारी को लिखित शिकायत भेजी।
    शिकायत में एफआईआर दर्ज कर निष्पक्ष जांच की मांग की गई।

    4 जुलाई 2026

    मामला सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद बीकेटीसी अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने जांच के आदेश दिए।
    प्रारंभिक जांच शुरू हुई और सीसीटीवी फुटेज व दस्तावेज खंगाले जाने लगे।
    अध्यक्ष ने स्पष्ट किया कि जिस कर्मचारी को उनका “निजी सचिव” बताया जा रहा है, वह समिति का वैयक्तिक सहायक (पीए) है।

    8–9 जुलाई 2026

    प्रारंभिक जांच में आरोप प्रथम दृष्टया सही पाए जाने के बाद संबंधित वैयक्तिक सहायक प्रमोद नौटियाल को निलंबित किया गया।
    उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई।
    राज्य सरकार ने तीन सदस्यीय उच्चस्तरीय जांच समिति गठित की, जिसे पूरे प्रकरण की जांच और भविष्य में व्यवस्था सुधार के सुझाव देने की जिम्मेदारी दी गई।

    9 जुलाई 2026

    मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने घटना को अत्यंत गंभीर बताते हुए कहा कि दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।
    उन्होंने मामले को श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़ा बताते हुए कठोर कार्रवाई के निर्देश दिए।

    11–12 जुलाई 2026

    पुलिस और जांच एजेंसियों ने पूछताछ का दायरा बढ़ाया।
    बीकेटीसी के कई कर्मचारियों से पूछताछ की गई और दस्तावेजों व सीसीटीवी की गहन जांच शुरू हुई।

    13 जुलाई 2026 (ताजा स्थिति)

    प्रमोद नौटियाल को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।
    उच्चस्तरीय समिति और पुलिस दोनों स्तरों पर जांच जारी है।
    यह भी जांच की जा रही है कि क्या मामला किसी एक कर्मचारी तक सीमित था या इसमें अन्य लोगों की भी भूमिका है।

    वर्तमान स्थिति

    एक कर्मचारी निलंबित।
    एफआईआर दर्ज।
    आरोपी से पूछताछ जारी।
    उच्चस्तरीय समिति जांच कर रही है।
    सीसीटीवी फुटेज, दस्तावेज और गणना प्रक्रिया की समीक्षा की जा रही है।
    अब तक किसी अंतिम जांच रिपोर्ट या न्यायिक निष्कर्ष की घोषणा नहीं हुई है।

  • सर्वाधिक कार्यकाल के गौरव पर मुख्यमंत्री को पूर्व विधायकों ने दी शुभकामनाएँ

    सर्वाधिक कार्यकाल के गौरव पर मुख्यमंत्री को पूर्व विधायकों ने दी शुभकामनाएँ

    मुख्यमंत्री से पूर्व विधायकों ने की शिष्टाचार भेंट

    देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से शनिवार को विभिन्न दलों के पूर्व विधायकों ने शिष्टाचार भेंट की। इस अवसर पर पूर्व विधायकों ने मुख्यमंत्री धामी को उत्तराखण्ड के मुख्य सेवक के रूप में सर्वाधिक कार्यकाल पूर्ण करने पर हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।

    पूर्व विधायकों ने कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में राज्य ने विकास, सुशासन तथा जनकल्याण के क्षेत्र में अनेक महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल की हैं। उन्होंने राज्य सरकार द्वारा विभिन्न क्षेत्रों में किए जा रहे कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि प्रदेश के समग्र विकास एवं आमजन के हितों को प्राथमिकता देते हुए अनेक जनहितकारी निर्णय लिए गए हैं, जिनका व्यापक सकारात्मक प्रभाव देखने को मिल रहा है।

    मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पूर्व विधायकों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि जनप्रतिनिधियों का अनुभव और मार्गदर्शन राज्य के विकास की दिशा में सदैव महत्वपूर्ण रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश के सर्वांगीण विकास, सुशासन, पारदर्शिता और जनसेवा के लिए निरंतर कार्य कर रही है।
    मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य विकास की योजनाओं का लाभ समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुंचाना तथा उत्तराखण्ड को विकास के नए आयामों तक ले जाना है। उन्होंने कहा कि सभी के सहयोग और सहभागिता से राज्य को देश के अग्रणी राज्यों की श्रेणी में स्थापित करने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।

    इस अवसर पर पूर्व विधायकों ने राज्य के समग्र विकास, जनकल्याण एवं सुशासन के क्षेत्र में बीते वर्षों में हुई प्रमुख उपलब्धियों के लिए भी मुख्यमंत्री को बधाई देते हुए उनके सफल एवं जनहितकारी नेतृत्व की सराहना की।

    मुख्यमंत्री से पूर्व विधायक काशी सिंह ऐरी, दिनेश अग्रवाल, देशराज कर्णवाल, लाखीराम जोशी, पुष्पेश त्रिपाठी, धन सिंह नेगी, केदार सिंह रावत, राजकुमार, श्रीमती विजया बड़थ्वाल, सुरेश चंद्र आर्य व जोत सिंह गुनसोला ने भेंट की।