डॉ बिसेन बने उत्तराखंड के राज्यपाल,सीएम ने दी बधाई
दुष्यंत गौतम सिक्किम के राज्यपाल नियुक्त
नई दिल्ली। राष्ट्रपति ने छह राज्यों में राज्यपालों की नियुक्ति और फेरबदल को मंजूरी दी है। इसके तहत डॉ. ढाल सिंह बिसेन को उत्तराखंड का नया राज्यपाल नियुक्त किया गया है। वहीं, उत्तराखंड भाजपा के पूर्व प्रभारी रहे दुष्यंत गौतम को सिक्किम का राज्यपाल नियुक्त किया गया है।
ले.जनरल गुरमीत सिंह का कार्यकाल पूरा होने के बाद डॉ बिसेन को उत्तराखण्ड की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
राष्ट्रपति भवन की ओर से जारी सूचना के अनुसार, सिक्किम के राज्यपाल ओम प्रकाश माथुर को केरल का राज्यपाल नियुक्त किया गया है। केरल के राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर अब तमिलनाडु के राज्यपाल की जिम्मेदारी संभालेंगे।
इसके अलावा, ब्रज मोहन राम को ओडिशा का राज्यपाल नियुक्त किया गया है, जबकि डॉ. सुधा यादव को कर्नाटक का राज्यपाल बनाया गया है। डॉ. धाल सिंह बिसेन को उत्तराखंड तथा दुष्यंत गौतम को सिक्किम का राज्यपाल नियुक्त किया गया है।
सीएम धामी ने दी बधाई
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने डॉ. ढाल सिंह बिसेन को देवभूमि उत्तराखण्ड का राज्यपाल नियुक्त किए जाने पर बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि डॉ. ढाल सिंह बिसेन का दीर्घ राजनीतिक अनुभव, जनसेवा के प्रति समर्पण तथा सार्वजनिक जीवन में उनका उल्लेखनीय योगदान प्रेरणादायी है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विश्वास व्यक्त किया कि डॉ. ढाल सिंह बिसेन के अनुभव एवं मार्गदर्शन से उत्तराखण्ड के विकास को नई दिशा मिलेगी तथा राज्य की विकास यात्रा को और गति प्राप्त होगी।
मुख्यमंत्री ने डॉ. ढाल सिंह बिसेन के सफल, यशस्वी एवं मंगलमय कार्यकाल की कामना करते हुए कहा कि उनके मार्गदर्शन में उत्तराखण्ड विकास, सुशासन और जनकल्याण के नए आयाम स्थापित करेगा।
प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत 610 बसावटों को सड़क संपर्क से जोड़ने का लक्ष्य
केंद्रीय मंत्री ने प्रस्तावों को जल्द से जल्द स्वीकृति का दिया आश्वासन
नई दिल्ली। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नई दिल्ली में केंद्रीय मंत्री, कृषि एवं किसान कल्याण और ग्राम्य विकास शिवराज सिंह चौहान से मुलाकात कर उत्तराखंड में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY) के अंतर्गत सड़कों के निर्माण एवं प्रस्तावों की स्वीकृति के संबंध में चर्चा की।
मुख्यमंत्री ने केंद्रीय मंत्री को अवगत कराया कि उत्तराखंड में ग्रामीण क्षेत्रों को सड़क सुविधा से जोड़ने के उद्देश्य से प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत 315 सड़कों के प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजे गए हैं। इन सड़कों के निर्माण से प्रदेश की 610 बसावटों को सड़क संपर्क से जोड़ने में मदद मिलेगी। इससे दूरस्थ एवं ग्रामीण क्षेत्रों में आवागमन सुगम होने के साथ ही स्थानीय निवासियों को शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और अन्य आवश्यक सुविधाओं तक पहुंचने में सहूलियत मिलेगी।
मुख्यमंत्री धामी ने इन प्रस्तावों को जल्द से जल्द स्वीकृति प्रदान करने का अनुरोध करते हुए कहा कि पर्वतीय भौगोलिक परिस्थितियों वाले उत्तराखंड में सड़क संपर्क ग्रामीण विकास की महत्वपूर्ण आवश्यकता है। सड़क सुविधा के विस्तार से सीमांत एवं दूरस्थ क्षेत्रों के विकास को गति मिलेगी और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।
केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मुख्यमंत्री को आश्वस्त किया कि उत्तराखंड द्वारा प्रस्तुत सड़कों के प्रस्तावों को जल्द से जल्द स्वीकृति प्रदान करने की दिशा में आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने केंद्र सरकार से मिले सहयोग के लिए आभार व्यक्त करते हुए कहा कि राज्य सरकार प्रदेश के दूरस्थ एवं ग्रामीण क्षेत्रों तक बुनियादी सुविधाओं का विस्तार करने के लिए निरंतर प्रयासरत है। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत सड़कों का निर्माण इस दिशा में महत्वपूर्ण साबित होगा। इससे ग्रामीण आबादी को बेहतर संपर्क सुविधा उपलब्ध कराने के साथ ही प्रदेश के समग्र विकास को भी गति मिलेगी।
SIR प्रक्रिया रद्द करने और हटाए गए नामों की बहाली की मांग
देहरादून। उत्तराखंड में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) एवं प्री-SIR प्रक्रिया के दौरान बड़े पैमाने पर नाम हटाए जाने के विरोध में सोमवार को देहरादून में विभिन्न सामाजिक, महिला, छात्र एवं जन संगठनों ने नागरिक मार्च निकाला।
उत्तराखंड इंसानियत मंच और उत्तराखंड महिला मंच के नेतृत्व में आयोजित इस मार्च में अग्रगामी छात्र नौजवान सभा, स्त्री मुक्ति लीग संगठन, BGVS, जनवादी महिला संगठन, जन संवाद, AIDSO, एस॰एफ॰आई, महिला एकता केंद्र, इप्टा एवं अन्य जन संगठनों के प्रतिनिधियों और नागरिकों ने भाग लिया। विभिन्न चुनावी राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि भी मार्च में शामिल हुए।
मार्च गांधी पार्क से शुरू होकर सचिवालय स्थित मुख्य निर्वाचन अधिकारी, उत्तराखंड के कार्यालय की ओर बढ़ा। लेकिन सचिवालय के निकट तैनात भारी पुलिस बल ने मार्च को रोक दिया। आयोजकों के अनुसार, इस दौरान पुलिस और आंदोलनकारियों के बीच धक्का-मुक्की एवं हाथापाई हुई। पुलिसकर्मियों ने आंदोलनकारियों को धकेलते हुए बसों तक पहुँचाया और उन्हें हिरासत में ले लिया। इस कार्रवाई के चलते आंदोलनकारी मुख्य निर्वाचन अधिकारी को ज्ञापन नहीं सौंप सके। हिरासत में लिए गए प्रमुख लोगों में कमला पंत, निर्मला बिष्ट और डॉ. रवि चोपड़ा शामिल थे।
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि मतदान का अधिकार लोकतंत्र की बुनियाद है और मतदाता सूची में नाम दर्ज होना इसके इस्तेमाल की पहली शर्त है। पुनरीक्षण का उद्देश्य मतदाता सूची को सटीक एवं पारदर्शी बनाना होना चाहिए, न कि बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम हटाना। उन्होंने आरोप लगाया कि उत्तराखंड में प्री-SIR एवं SIR के दौरान बड़े पैमाने पर नाम हटाए जाने से नागरिकों के मताधिकार और चुनावी प्रक्रिया की विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल खड़े हुए हैं।
प्रस्तावित ज्ञापन में उल्लेख किया गया था कि प्री-SIR और SIR के दौरान उत्तराखंड में लगभग 17.05 लाख नाम हटाए गए, जबकि करीब 4.01 लाख नाम जोड़े गए। वर्ष 2024 के लोकसभा चुनाव की मतदाता सूची की तुलना में नामों की संख्या में आई इस बड़ी कमी पर संगठनों ने गंभीर चिंता जताई। उन्होंने सवाल उठाया कि नाम हटाने से पहले मतदाताओं से संपर्क, पात्रता का सत्यापन और उन्हें अपना पक्ष रखने का अवसर देने के लिए क्या कदम उठाए गए।
वक्ताओं ने कहा कि अनुपस्थिति, स्थान परिवर्तन की आशंका या सत्यापन में कठिनाई मात्र के आधार पर उचित जांच एवं निर्धारित प्रक्रिया के बिना किसी नागरिक का नाम मतदाता सूची से नहीं हटाया जाना चाहिए। उन्होंने गलत तरीके से हटाए गए नामों की बहाली तथा पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी, निष्पक्ष और जवाबदेह बनाने की मांग की।
प्रदर्शनकारियों की प्रमुख मांगों में वर्ष 2026 की SIR प्रक्रिया रद्द करना तथा वर्ष 2024 के लोकसभा चुनाव में प्रयुक्त मतदाता सूची को आधार बनाकर नागरिकों के मताधिकार की रक्षा करना शामिल था। उन्होंने कहा कि पारदर्शी सत्यापन और उचित प्रक्रिया के बिना किसी नागरिक को मतदान के अधिकार से वंचित नहीं किया जाना चाहिए।
प्रस्तावित ज्ञापन में प्री-SIR के दौरान हटाए गए नामों की स्वतंत्र जांच, नाम हटाने से पूर्व सूचना एवं सुनवाई, सभी जिलों और विधानसभा क्षेत्रों में बूथ-स्तरीय शिकायत निवारण शिविर तथा मतदाता सूची के स्वतंत्र ऑडिट की मांग भी शामिल थी। संगठनों ने शिकायतों के समयबद्ध निस्तारण और नागरिकों को अनावश्यक कार्यालयी प्रक्रियाओं से राहत देने पर भी जोर दिया।
जनसंगठनों के साथ विभिन्न चुनावी राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों ने भी मार्च में भाग लिया। आंदोलनकारियों ने मतदाता सूची से नाम हटाए जाने के मामलों में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की मांग उठाई। उन्होंने कहा कि नागरिकों के मताधिकार से जुड़े सवालों पर निर्वाचन अधिकारियों को जवाब देना चाहिए और शिकायतों के निस्तारण के लिए प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित करनी चाहिए।
मार्च के दौरान आंदोलनकारियों को ज्ञापन सौंपने का अवसर नहीं मिला और उन्हें हिरासत में ले लिया गया। संगठनों ने मताधिकार की रक्षा, हटाए गए नामों की बहाली और वर्ष 2026 की SIR प्रक्रिया रद्द करने की मांग दोहराई।
प्रदर्शन में उत्तराखंड इंसानियत मंच, उत्तराखंड महिला मंच, अग्रगामी छात्र नौजवान सभा, स्त्री मुक्ति लीग संगठन, BGVS, जनवादी महिला संगठन, जन संवाद, AIDSO, एस॰एफ॰आई, महिला एकता केंद्र, इप्टा एवं अन्य जन संगठन शामिल हुए।
देहरादून। जनसमस्याओं के त्वरित एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के उद्देश्य से सोमवार को कलेक्ट्रेट परिसर स्थित ऋषिपर्णा सभागार में जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान की अध्यक्षता में समाधान दिवस आयोजित किया गया। जनसुनवाई के दौरान विभिन्न विभागों से संबंधित 92 शिकायतें दर्ज की गईं। इस दौरान बुजुर्गों की संपत्ति हड़पने, मारपीट, पारिवारिक प्रताड़ना, पेंशन में देरी, भूमि विवाद और आर्थिक सहायता से जुड़ी समस्याएं प्रमुखता से सामने आईं। जिलाधिकारी ने पीड़ितों की व्यथा गंभीरता से सुनते हुए संबंधित अधिकारियों को समयबद्ध एवं प्रभावी कार्रवाई के निर्देश दिए।
बुजुर्गों की संपत्ति हड़पने और प्रताड़ना पर सख्ती समाधान दिवस में 89 वर्षीय वरिष्ठ नागरिक राजन सूद ने अपनी पीड़ा बताते हुए कहा कि उनके बेटे ने गिफ्ट डीड के माध्यम से धोखे से उनकी पूरी संपत्ति अपने नाम करा ली। इसके बाद व्यवसाय शुरू करने के लिए देखभाल का भरोसा देकर उनके खाते से 15 लाख रुपये भी ले लिए। अब वही बेटा उनकी देखभाल करने के बजाय उनके साथ मारपीट कर रहा है और उन्हें घर से बेघर करने पर आमादा है। अपनी संपत्ति और धनराशि वापस दिलाने की गुहार पर जिलाधिकारी ने एसडीएम सदर को भरण-पोषण अधिनियम में वाद दर्ज कर नियमानुसार सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
सेलाकुई निवासी 68 वर्षीय शंभू प्रसाद ने अपनी पुत्री और दामाद पर संपत्ति हड़पने के इरादे से जबरन मकान में रहने तथा गाली-गलौज एवं मारपीट कर परेशान करने का आरोप लगाया। जिलाधिकारी ने सीओ विकासनगर को तत्काल कार्रवाई कर समस्या का निस्तारण करने को कहा। वहीं, जांझरा निवासी वरिष्ठ नागरिक हुकम सिंह ने बड़े बेटे और बहू की प्रताड़ना से बचाने की गुहार लगाई। इस पर सीओ प्रेमनगर को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
85 वर्षीय टेक बहादुर राणा ने भी अपने दोनों बेटों और बहुओं से प्रताड़ित होने की शिकायत करते हुए बेटों को संपत्ति से बेदखल कराने की मांग की। जिलाधिकारी ने सीओ पटेलनगर को मामले में त्वरित कार्रवाई कर बुजुर्ग को राहत पहुंचाने के निर्देश दिए। इसके अलावा, प्रेमा देवी ने कोषागार से पारिवारिक पेंशन रोके जाने की शिकायत की। जिलाधिकारी ने मुख्य कोषाधिकारी को उसी दिन पेंशन की धनराशि उनके खाते में हस्तांतरित करने तथा वरिष्ठ नागरिकों की पेंशन के मामलों में अनावश्यक विलंब न करने की हिदायत दी।
अनाथ बच्चों की पढ़ाई और जरूरतमंद परिवारों की मदद की गुहार जनसुनवाई में कई शिकायतें ऐसी भी पहुंचीं, जिनमें आर्थिक तंगी से जूझ रहे परिवारों ने मदद की गुहार लगाई। श्यामपुर निवासी विधवा उषा ने बताया कि पति, पुत्र और बहू के निधन के बाद वह अपने अनाथ पोते-पोतियों का पालन-पोषण कर रही हैं। आर्थिक तंगी के कारण बच्चों की पढ़ाई जारी रखने में कठिनाई हो रही है।
मालदेवता निवासी सहाय रमोला ने बताया कि कैंसर के लंबे उपचार के बाद उनके पति का निधन हो गया। दो छोटे बच्चों के भरण-पोषण की जिम्मेदारी अब उनके सामने बड़ी चुनौती बन गई है। वहीं, ग्राम भुड्डी निवासी महताब अली ने मस्तिष्क संबंधी बीमारी के उपचार के लिए आर्थिक सहायता मांगी।
भूमि विवाद, अवैध कब्जे और नशे की बिक्री पर कार्रवाई के निर्देश बालावाला निवासी मीना देवी ने शिकायत की कि करीब 10 वर्ष पूर्व एक प्रॉपर्टी डीलर ने गलत खसरा नंबर की भूमि दिखाकर उन्हें 451.67 वर्गमीटर जमीन बेच दी, लेकिन अब न तो उन्हें भूमि मिल रही है और न ही धनराशि वापस की जा रही है। जिलाधिकारी के निर्देश पर प्रकरण में लैंड फ्रॉड के तहत मामला दर्ज कराया गया। डालनवाला निवासी रणवीर सिंह की भूमि पर पड़ोसी द्वारा अवैध कब्जा कर दीवार बनाने की शिकायत पर एसडीएम को जांच के निर्देश दिए गए।
विकासनगर के सिहनीवाला गांव निवासी नारायण सिंह ने राष्ट्रीय राजमार्ग-72 के निर्माण के लिए अधिग्रहित भूमि का मुआवजा नहीं मिलने की शिकायत की। जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को प्रकरण की जांच कर निस्तारण सुनिश्चित करने को कहा। अजबपुर कलां में अवैध शराब और नशीले पदार्थों की बिक्री की शिकायत पर जिला आबकारी अधिकारी को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
शास्त्रीनगर के निवासियों ने आवासीय क्षेत्र में शराब, मीट और मछली की दुकानों से उत्पन्न समस्याओं के साथ सार्वजनिक रास्ते पर अतिक्रमण एवं अवैध निर्माण की शिकायत दर्ज कराई। जिलाधिकारी ने अपर जिलाधिकारी को प्रभावी कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
जनसुविधाओं में लापरवाही बर्दाश्त नहीं, हर माह मिलें बिजली-पानी के बिल जिलाधिकारी ने अधिकारियों को सीएम हेल्पलाइन पर दर्ज शिकायतों का जमीनी स्तर पर स्वयं सत्यापन कर वास्तविक स्थिति के आधार पर निस्तारण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आमजन की सुविधाओं का विशेष ध्यान रखा जाए तथा बिजली और पानी के दो-तीन माह के बिल एक साथ भेजने के बजाय प्रत्येक माह नियमित रूप से जारी किए जाएं ताकि उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ न पडे। साथ ही, पेंशनरों को समय पर सामाजिक व पारिवारिक पेंशन उपलब्ध कराने, स्ट्रीट लाइट एवं सड़कों के मरम्मत कार्यों में तेजी लाने और आपदा राहत कार्यों को गुणवत्ता के साथ शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए गए।
जिलाधिकारी ने बताया कि आपदा से क्षतिग्रस्त परिसंपत्तियों के पुनर्निर्माण एवं मरम्मत कार्यों के लिए संबंधित विभागों को धनराशि अवमुक्त कर दी गई है। उन्होंने निर्देश दिए कि आपदा राहत से जुड़े कार्य गुणवत्ता के साथ तेजी से पूरे किए जाएं। साथ ही ई-ऑफिस, सीएम हेल्पलाइन और जनसुविधाओं से संबंधित लंबित शिकायतों का प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण किया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि जनसमस्याओं के समाधान में संवेदनशीलता, जवाबदेही और समयबद्धता सुनिश्चित करना सभी अधिकारियों की जिम्मेदारी है।
जनसुनवाई के दौरान अपर जिलाधिकारी (वि.रा) केके मिश्रा, जिला विकास अधिकारी सुनील कुमार, जिला शिक्षा अधिकारी प्रेम लाल भारती, जिला पूर्ति अधिकारी केके अग्रवाल, मुख्य कृषि अधिकारी देवेंद्र राणा सहित विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद रहे।
युवाओं, विकास और आपदा सुरक्षा पर धामी सरकार का जोर
सेवामुक्त अग्निवीरों के लिए नई भर्ती नियमावली मंजूर
हरिद्वार। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में सोमवार को हरिद्वार के मेला नियंत्रण सभागार में हुई मंत्रिमंडल की बैठक में युवाओं, आधारभूत ढांचे, आपदा प्रबंधन और प्रशासनिक सुधारों से जुड़े कई अहम फैसले लिए गए।
कैबिनेट ने सेवामुक्त अग्निवीरों को राज्य की वर्दीधारी सेवाओं में भर्ती के लिए लिखित परीक्षा और शारीरिक मानक परीक्षा में छूट देने संबंधी नई नियमावली को मंजूरी दी। इसके साथ ही उत्तराखंड बाढ़ मैदान परिक्षेत्रण नियमावली-2026, मुख्यमंत्री राज्य बाल वीरता पुरस्कार योजना और द्वितीय उत्तराखंड जन विश्वास संशोधन विधेयक-2026 को विधानसभा में प्रस्तुत करने सहित कुल 13 प्रस्तावों पर निर्णय लिया गया। बैठक में मदन मोहन मालवीय प्राच्य शोध संस्थान के विकास, स्वजल एवं राज्य जल एवं स्वच्छता मिशन के 215 पदों की निरंतरता तथा अग्निशमन एवं आपात सेवाओं को अधिक प्रभावी बनाने से जुड़े प्रस्तावों को भी मंजूरी दी गई।
कैबिनेट के महत्वपूर्ण निर्णय
उत्तराखण्ड के विकास में निरंतर सहयोग के लिए प्रधानमंत्री एवं भारत सरकार का आभार (विवरण अलग से प्रेषित)*
उत्तराखण्ड के समग्र विकास के लिए विभिन्न क्षेत्रों में भारत सरकार द्वारा प्रदान किए जा रहे निरंतर सहयोग के प्रति प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी एवं भारत सरकार का हार्दिक आभार व्यक्त किया गया। राज्य की विशिष्ट पर्वतीय, सीमावर्ती एवं सामरिक परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए भविष्य में भी विकास संबंधी प्राथमिकताओं और आवश्यकताओं के अनुरूप केंद्र सरकार से निरंतर सहयोग की अपेक्षा व्यक्त की गई।
*2. मदन मोहन मालवीय प्राच्य शोध संस्थान के विकास के लिए सोसायटी गठन को सैद्धांतिक अनुमोदन
हरिद्वार के ऋषिकुल स्थित मदन मोहन मालवीय प्राच्य शोध संस्थान के समग्र विकास एवं विस्तार के लिए सोसायटी के गठन को सैद्धांतिक अनुमोदन प्रदान किया गया। संस्थान को योग एवं ध्यान केंद्र, आयुर्वेद अध्ययन एवं अनुसंधान केंद्र, ज्योतिष एवं प्राच्य अध्ययन केंद्र, ललित कला केंद्र, हिन्दू अध्ययन एवं दर्शन केंद्र तथा आध्यात्मिक पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने की योजना है। इसका उद्देश्य भारतीय ज्ञान परंपरा, प्राचीन विज्ञान, संस्कृति एवं आधुनिक शोध को बढ़ावा देना है।
उत्तराखण्ड निवेश और आधारिक संरचना विकास से संबंधित अधिनियम की अनुसूची में संशोधन को मंजूरी*
उत्तराखण्ड निवेश और आधारिक संरचना (विकास और विनियम) अधिनियम, 2023 की धारा 49 के अंतर्गत अनुसूची-3 में संशोधन को मंजूरी दी गई। इसके अंतर्गत सार्वजनिक अभिकरणों, स्थानीय निकायों, राज्य के सार्वजनिक उपक्रमों तथा वित्तीय रूप से स्वायत्त संस्थाओं की परिसंपत्तियों के विनिवेश एवं मुद्रीकरण से प्राप्त आय का 92 प्रतिशत हिस्सा संबंधित सार्वजनिक अभिकरणों को प्रदान किए जाने का प्रावधान किया गया है। इससे परिसंपत्तियों के बेहतर प्रबंधन और आधारभूत ढांचा विकास को गति देने में सहायता मिलेगी।
द्वितीय उत्तराखण्ड जन विश्वास संशोधन विधेयक, 2026 को विधानसभा में प्रस्तुत करने की मंजूरी
प्रदेश में व्यापारिक गतिविधियों को सरल बनाने और ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को बढ़ावा देने के उद्देश्य से प्रस्तावित द्वितीय उत्तराखण्ड जन विश्वास (प्रावधानों में संशोधन) विधेयक, 2026 को विधानसभा में प्रस्तुत करने की स्वीकृति दी गई। इसके माध्यम से छोटे अपराधों को अपराध की श्रेणी से बाहर करने, मामूली तकनीकी एवं प्रक्रियात्मक त्रुटियों के लिए नागरिक दंड तथा प्रशासनिक कार्रवाई का प्रावधान करने और कानूनों के अप्रचलित एवं अनावश्यक प्रावधानों को हटाने की दिशा में कदम उठाए जाएंगे।
उत्तराखण्ड बाढ़ मैदान परिक्षेत्रण नियमावली, 2026 को मंजूरी
बाढ़ संभावित क्षेत्रों में भूमि के उपयोग एवं विकास गतिविधियों को विनियमित करने के उद्देश्य से उत्तराखण्ड बाढ़ मैदान परिक्षेत्रण नियमावली, 2026 को मंजूरी दी गई। इसके अंतर्गत उत्तराखण्ड बाढ़ मैदान परिक्षेत्रण अधिनियम, 2012 के प्रावधानों को प्रभावी रूप से लागू करने के लिए विस्तृत प्रक्रिया, मानक एवं कार्यप्रणाली निर्धारित की जाएगी। इसका उद्देश्य बाढ़ के प्राकृतिक प्रवाह को बनाए रखते हुए जन-धन, संपत्ति एवं महत्वपूर्ण अवस्थापनाओं को संभावित बाढ़ क्षति से सुरक्षित रखना है।
उत्तराखण्ड की पंचम विधानसभा के वर्ष 2026 के तृतीय सत्र को आहूत करने की मंजूरी
म्ंत्रिमण्डल ने उत्तराखण्ड की पंचम विधानसभा के वर्ष 2026 के तृतीय सत्र को आहूत करने की मंजूरी प्रदान की है। विधानसभा सत्र की तिथि एवं स्थान निर्धारित करने के लिए मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी को अधिकृत किया गया।
उत्तराखण्ड अग्निशमन एवं आपात सेवा विधेयक, 2026 को विधानसभा में प्रस्तुत करने की मंजूरी
प्रदेश में अग्निशमन एवं आपात सेवाओं को अधिक प्रभावी बनाने के लिए उत्तराखण्ड अग्निशमन एवं आपात सेवा विधेयक, 2026 को विधानसभा में प्रस्तुत करने की मंजूरी दी गई। यह विधेयक भारत सरकार के मॉडल फायर सर्विस बिल, 2019 के अनुरूप तैयार किया गया है। इसके अंतर्गत भविष्य में बढ़ते औद्योगिक विकास, नगरीकरण, आपदाओं तथा संभावित अग्नि दुर्घटनाओं की चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए वर्तमान अग्निशमन संबंधी अधिनियम को पुनरीक्षित कर नया कानून लाने का प्रस्ताव है।
सेवामुक्त अग्निवीरों के लिए समूह ‘ग’ के वर्दीधारी पदों पर भर्ती संबंधी नई नियमावली को मंजूरी
उत्तराखण्ड की राज्याधीन सेवाओं में समूह ‘ग’ के सीधी भर्ती के वर्दीधारी पदों पर सेवामुक्त अग्निवीरों के सेवायोजन के लिए क्षैतिज आरक्षण नियमावली, 2026 को मंजूरी दी गई। पूर्व में वर्ष 2025 की नियमावली के अंतर्गत सेवामुक्त अग्निवीरों के लिए 10 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण तथा अधिकतम आयु सीमा और शारीरिक दक्षता परीक्षा में छूट का प्रावधान किया गया था। केंद्र सरकार के नवीन दिशा-निर्देशों के अनुरूप भर्ती प्रक्रिया में आवश्यक संशोधन एवं छूट के प्रावधानों को शामिल करने के उद्देश्य से पूर्व नियमावली को अधिक्रमित करते हुए नई नियमावली तैयार की गई है, जिसमें लिखित परीक्षा एवं शारीरिक मानक परीक्षा में छूट प्रदान की गई है।
संस्कृति विभाग में वित्तीय अधिकारों से संबंधित व्यवस्था में संशोधन को मंजूरी
उत्तराखण्ड वित्तीय हस्त पुस्तिका खण्ड-1 (वित्तीय अधिकारों का प्रतिनिधायन) के संबंधित प्रावधान में संशोधन को मंजूरी दी गई। इसके अंतर्गत संस्कृति विभाग के विभागाध्यक्ष के रूप में पूर्व में अंकित निदेशक, कला एवं संस्कृति विभाग के स्थान पर महानिदेशक, संस्कृति निदेशालय, उत्तराखण्ड को प्रतिस्थापित किया जाएगा। इससे विभागीय प्रशासनिक व्यवस्था के अनुरूप वित्तीय अधिकारों का संचालन सुनिश्चित हो सकेगा।
स्वजल एवं राज्य जल एवं स्वच्छता मिशन के 215 पदों की निरंतरता को मंजूरी
स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के अंतर्गत परियोजना प्रबंधन इकाई, स्वजल तथा राज्य जल एवं स्वच्छता मिशन में कुल 215 पदों की निरंतरता को 1 मार्च, 2026 से 28 फरवरी, 2027 तक बढ़ाने की मंजूरी दी गई। इनमें स्वजल के 189 तथा राज्य जल एवं स्वच्छता मिशन के 26 पद शामिल हैं। संबंधित कार्मिकों को पूर्व की भांति वेतन एवं मानदेय का भुगतान राज्य जल एवं स्वच्छता मिशन द्वारा किया जाएगा।
हरिद्वार में किफायती आवासीय परियोजना के पहुंच मार्ग की चौड़ाई में शिथिलता को मंजूरी
जनपद हरिद्वार की भगवानपुर तहसील के ग्राम सिसौना में प्रधानमंत्री आवास योजना एवं केंद्र तथा राज्य सरकार की आवास नीति के अनुरूप प्रस्तावित किफायती आवासीय परियोजना के लिए पहुंच मार्ग की निर्धारित न्यूनतम चौड़ाई में शिथिलता को मंजूरी दी गई। लगभग 8.1169 हेक्टेयर भूमि पर प्रस्तावित परियोजना के तलपट मानचित्र की स्वीकृति के लिए निर्धारित 9 मीटर चौड़े पहुंच मार्ग के स्थान पर उपलब्ध 6 मीटर चौड़े मार्ग को देखते हुए 3 मीटर की शिथिलता प्रदान की गई है।
ऊधमसिंह नगर में भू-उपयोग परिवर्तन संबंधी शासनादेश में खसरा संख्या की त्रुटि सुधार को मंजूरी
जनपद ऊधमसिंह नगर की बाजपुर तहसील के ग्राम भौना इस्लामनगर में कुल 24,280 वर्गमीटर भूमि के औद्योगिक से आवासीय भू-उपयोग परिवर्तन संबंधी शासनादेश दिनांक 10 नवम्बर, 2023 में अंकित खसरा संख्या की त्रुटि सुधार को मंजूरी दी गई। इसके अंतर्गत शासनादेश में त्रुटिवश अंकित खसरा संख्या 321/1अ के स्थान पर सही खसरा संख्या 321/2अ अंकित की जाएगी।
मुख्यमंत्री राज्य बाल वीरता पुरस्कार योजना को मंजूरी
प्रदेश के साहसी एवं बहादुर बच्चों को सम्मानित करने के लिए मुख्यमंत्री राज्य बाल वीरता पुरस्कार योजना को मंजूरी दी गई। इस योजना के अंतर्गत विपरीत परिस्थितियों में धैर्यपूर्वक कार्य करने, असाधारण साहस, पराक्रम, मानवीय संवेदना एवं वीरता का परिचय देने वाले बच्चों को सम्मानित किया जाएगा। योजना का उद्देश्य ऐसे बच्चों को प्रोत्साहित करने के साथ अन्य बच्चों के लिए प्रेरणास्रोत बनाना है।
मुख्यमंत्री ने माँ गंगा से पीएम के दीर्घायु जीवन की कामना की
बनबसा के बाद हरिद्वार में कैबिनेट बैठक
हरिद्वार।मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के सरकार प्रमुख के रूप में 25 वर्षों की सार्वजनिक सेवा पूर्ण होने के उपलक्ष्य में हरिद्वार स्थित हरकी पैड़ी पर मंत्रिमंडल के सहयोगियों के साथ माँ गंगा की विधि-विधान से पूजा-अर्चना एवं आरती की। मुख्यमंत्री ने माँ गंगा से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के उत्तम स्वास्थ्य एवं दीर्घायु जीवन के साथ ही देश और प्रदेश की सुख-समृद्धि, खुशहाली एवं निरंतर प्रगति की कामना की।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 7 अक्टूबर 2001 को गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली थी। गुजरात के मुख्यमंत्री और देश के प्रधानमंत्री के रूप में उन्होंने सरकार के प्रमुख के तौर पर 25 वर्षों का कार्यकाल पूर्ण किया है। इस महत्वपूर्ण अवसर पर मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने माँ गंगा का आशीर्वाद प्राप्त करते हुए राष्ट्र की उन्नति, जनकल्याण और विकसित भारत के संकल्प की सिद्धि की कामना की।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हरिद्वार में आयोजित प्रदेश मंत्रिमंडल की बैठक से पूर्व कैबिनेट मंत्रियों के साथ गंगा पूजन एवं आरती में प्रतिभाग किया। हरिद्वार में गंगा तट पर स्थित मेला नियंत्रण भवन में प्रदेश मंत्रिमंडल की बैठक आयोजित की जा रही है। धर्मनगरी हरिद्वार में गंगा किनारे मंत्रिमंडल की बैठक का आयोजन प्रदेश के विभिन्न जनपदों में कैबिनेट बैठकें आयोजित करने की राज्य सरकार की पहल को आगे बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य सरकार द्वारा शासन को प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों के और अधिक निकट लाने तथा स्थानीय विकास एवं जनहित से जुड़े विषयों को प्राथमिकता देने के उद्देश्य से जनपदों में मंत्रिमंडल की बैठकें आयोजित की जा रही हैं। इससे पूर्व चम्पावत जनपद के बनबसा में भी मंत्रिमंडल की बैठक आयोजित की गई थी, जिसमें राज्यहित से जुड़े अनेक महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए थे।
प्रदेश के विभिन्न जनपदों में मंत्रिमंडल की बैठकों के आयोजन से क्षेत्रीय आवश्यकताओं और स्थानीय विकास से जुड़े विषयों को शासन स्तर पर प्राथमिकता देने के साथ ही जनहित से जुड़े निर्णयों को गति देने का प्रयास किया जा रहा है।
जसपाल राणा के भारतीय निशानेबाजी में योगदान को रेखांकित करती है पुस्तक
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रसिद्ध निशानेबाज एवं खेल जगत की प्रतिष्ठित हस्ती स्वर्गीय जसपाल राणा के परिवारजनों ने भेंट की। इस अवसर पर जसपाल राणा की पत्नी रीना राणा, पुत्र युवराज राणा और पुत्री देवांशी राणा उपस्थित रहे।
मुख्यमंत्री ने जसपाल राणा के जीवन और उपलब्धियों पर आधारित पुस्तक ‘Maverick Jaspal: The Man Who Changed Indian Shooting’ पुस्तक का विमोचन किया।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जसपाल राणा की खेल उपलब्धियों की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने अपनी प्रतिभा, मेहनत, अनुशासन और दृढ़ संकल्प के बल पर भारतीय निशानेबाजी को नई पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उनकी उपलब्धियां देश के युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत हैं और यह संदेश देती हैं कि निरंतर अभ्यास, समर्पण तथा आत्मविश्वास के बल पर किसी भी लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जसपाल राणा ने निशानेबाजी के क्षेत्र में अपनी विशिष्ट पहचान स्थापित करने के साथ ही उत्तराखंड का गौरव भी बढ़ाया है। उनका जीवन और खेल सफर युवा खिलाड़ियों को अपने लक्ष्य के प्रति समर्पित रहने तथा राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए प्रेरित करता है।
मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि ‘Maverick Jaspal: The Man Who Changed Indian Shooting’ पुस्तक पाठकों, विशेषकर युवा खिलाड़ियों को जसपाल राणा के अनुभवों, संघर्ष और उपलब्धियों से परिचित कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। उन्होंने इस प्रयास के लिए जसपाल राणा के परिवारजनों को शुभकामनाएं दीं।
देहरादून। हरिद्वार के रानीपुर थाने में तैनात महिला सहायक उपनिरीक्षक (एएसआई) सोनिया को सतर्कता विभाग की टीम ने 10 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। आरोप है कि वह लेन-देन के विवाद में दूसरे पक्ष से समझौता कराकर मामला निपटाने के एवज में शिकायतकर्ता से रिश्वत मांग रही थी।
सतर्कता विभाग के टोल फ्री नंबर 1064 पर इस संबंध में शिकायत मिली थी। शिकायत की जांच में आरोप सही पाए जाने पर पुलिस अधीक्षक, सतर्कता सेक्टर देहरादून ने ट्रैप टीम गठित की। इसके बाद भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत अभियोग पंजीकृत किया गया।
शनिवार को सतर्कता टीम ने कार्रवाई करते हुए महिला एएसआई सोनिया को शिकायतकर्ता से 10 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार कर लिया। मामले में आगे की कार्रवाई की जा रही है।
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से नवनिर्वाचित राज्यसभा सांसद दिनेश आर्य ने मुख्यमंत्री आवास में शिष्टाचार भेंट की।
इस दौरान भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद महेंद्र भट्ट भी मौजूद रहे।
मुख्यमंत्री धामी ने दिनेश आर्य को राज्यसभा सांसद निर्वाचित होने पर बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। उन्होंने उम्मीद जताई कि आर्य अपने अनुभव, कार्यकुशलता और जनसेवा के प्रति समर्पण के माध्यम से संसद में उत्तराखंड की जनभावनाओं और जनहित से जुड़े मुद्दों को प्रभावी ढंग से उठाएंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्यसभा में उत्तराखंड का प्रतिनिधित्व करते हुए प्रदेश के विकास, जनकल्याण और जनहित से जुड़े विषयों को प्रमुखता से उठाना महत्वपूर्ण है। उन्होंने विश्वास जताया कि दिनेश आर्य प्रदेश की आकांक्षाओं को राष्ट्रीय स्तर पर प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करने और राज्य के विकास को गति देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
मुख्यमंत्री ने दिनेश आर्य के सफल संसदीय कार्यकाल की कामना करते हुए उम्मीद जताई कि उनके प्रयासों से उत्तराखंड के विकास और जनकल्याण से जुड़े कार्यों को और मजबूती मिलेगी।
खराब मौसम के बावजूद हेलीकॉप्टर का रुख बाजपुर की ओर कराया
प्रभावित किसानों को हरसंभव सहायता का आश्वासन
बाजपुर। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को बाजपुर क्षेत्र में हुई भीषण ओलावृष्टि की सूचना मिलते ही प्रभावित क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण एवं स्थलीय निरीक्षण कर फसलों को हुए नुकसान का जायजा लिया।
इस दौरान मुख्यमंत्री ने प्रभावित किसानों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं और हरसंभव सहायता का आश्वासन दिया।
शुक्रवार को दोपहर लगभग 12 बजे बाजपुर क्षेत्र में अचानक भीषण ओलावृष्टि हुई, जिससे किसानों की फसलों को नुकसान पहुंचा। इसी दौरान मुख्यमंत्री धामी हल्द्वानी से देहरादून लौट रहे थे। जैसे ही उन्हें ओलावृष्टि और फसलों को हुए नुकसान की जानकारी मिली, उन्होंने खराब मौसम के बावजूद पायलट को हेलीकॉप्टर बाजपुर की ओर ले जाने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने पहले हेलीकॉप्टर से ओलावृष्टि प्रभावित क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण कर स्थिति का जायजा लिया। इसके बाद बाजपुर में उतरकर प्रभावित खेतों का स्थलीय निरीक्षण किया।
मुख्यमंत्री ने किसानों से सीधे संवाद कर फसलों को हुए नुकसान, उनकी समस्याओं और कठिनाइयों की जानकारी प्राप्त की तथा उन्हें हरसंभव सहायता का भरोसा दिलाया।
मुख्यमंत्री ने मौके पर मौजूद अधिकारियों को निर्देश दिए कि ओलावृष्टि से प्रभावित फसलों का विस्तृत सर्वेक्षण एवं नुकसान का आकलन प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र पूरा किया जाए।
उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रभावित किसानों को नियमानुसार राहत उपलब्ध कराने के लिए आवश्यक कार्रवाई समयबद्ध ढंग से सुनिश्चित की जाए।
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि प्राकृतिक आपदा की इस घड़ी में राज्य सरकार पूरी संवेदनशीलता के साथ किसानों के साथ खड़ी है। किसानों के हितों की रक्षा और उन्हें हरसंभव सहायता उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्रभावित किसानों की समस्याओं के समाधान में किसी प्रकार की अनावश्यक देरी न हो और नुकसान के आकलन से लेकर राहत संबंधी कार्रवाई तक पूरी तत्परता एवं संवेदनशीलता के साथ कार्य किया जाए।