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  • सीएम ने व्यापारी हित में कीं 8 बड़ी घोषणाएं

    सीएम ने व्यापारी हित में कीं 8 बड़ी घोषणाएं

    हल्द्वानी में प्रांतीय व्यापारी सम्मेलन

    26 प्रमुख विभागों की 206 से अधिक सेवाएं ऑनलाइन उपलब्ध

    प्रदेश में निवेश और उद्यमिता को दिया जा रहा बढ़ावा

    हल्द्वानी। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को प्रांतीय व्यापारी सम्मेलन में व्यापारियों के हितों से जुड़ी आठ महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं।
    उन्होंने कहा कि व्यापारी वर्ग प्रदेश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है। व्यापारियों की सुरक्षा, सम्मान और हितों की रक्षा राज्य सरकार की प्राथमिकता है।

    मुख्यमंत्री ने प्रदेशभर से आए व्यापारियों को संबोधित करते हुए कहा कि व्यापारी केवल वस्तुओं के क्रय-विक्रय तक सीमित नहीं हैं, बल्कि रोजगार सृजन, स्थानीय अर्थव्यवस्था को गति देने और प्रदेश की आर्थिक प्रगति में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। बड़े उद्योगों से लेकर छोटे दुकानदारों तक, प्रत्येक व्यापारी राज्य के विकास में योगदान दे रहा है। कोविड-19 जैसी चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में भी व्यापारियों ने आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति सुनिश्चित कर समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाई।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार व्यापारियों को केवल करदाता नहीं, बल्कि विकास का महत्वपूर्ण भागीदार मानती है। सरकार का प्रयास है कि व्यापारियों को भयमुक्त, सुरक्षित और पारदर्शी वातावरण मिले तथा उन्हें अनावश्यक प्रक्रियाओं और कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें। व्यापारियों की समस्याओं के समयबद्ध समाधान और उनके साथ निरंतर संवाद पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

    मुख्यमंत्री ने व्यापारी हितों से जुड़ी आठ महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं

    1. प्राकृतिक आपदा अथवा अन्य आपदाओं से प्रभावित व्यापारियों को नियमानुसार उचित राहत उपलब्ध कराने के लिए आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
    2. व्यापारियों के साथ बेहतर संवाद स्थापित करने और उनकी समस्याओं के समाधान के लिए राज्य एवं जिला स्तर पर उद्योग मित्र समितियों का पुनर्गठन कर नियमित बैठकें आयोजित कराई जाएंगी।
    3. जीएसटी में पंजीकृत व्यापारियों के दुर्घटना बीमा से संबंधित जानकारी का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाएगा, ताकि पात्र व्यापारियों के आश्रित समय पर बीमा दावे की प्रक्रिया पूरी कर सकें।
    4. पर्यटन व्यवसाय को प्रोत्साहित करने के लिए पंजीकरण प्रक्रिया सरल बनाई जाएगी तथा सिंगल विंडो व्यवस्था लागू की जाएगी।
    5. पर्यटन बहुल क्षेत्रों और जिला मुख्यालयों में होमस्टे सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा, जिससे स्थानीय लोगों को स्वरोजगार एवं अतिरिक्त आय के अवसर मिल सकें।
    6. चारधाम यात्रा मार्ग पर आवश्यक स्थानों पर पार्किंग की व्यवस्था विकसित की जाएगी, जिससे यात्रियों और व्यापारियों को सुविधा मिल सके।
    7. राष्ट्रीय राजमार्गों, राज्य मार्गों तथा अन्य प्रमुख मार्गों से जुड़े बाजारों में सड़कों एवं नालियों के निर्माण और मरम्मत कार्यों को प्राथमिकता से कराया जाएगा।
    8. व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में काम करने वाले श्रम विभाग में पंजीकृत श्रमिकों को कर्मकार कल्याण बोर्ड की योजनाओं एवं सुविधाओं का लाभ दिलाया जाएगा।

    व्यापार और निवेश को बढ़ावा देने के लिए प्रक्रियाओं का सरलीकरण

    मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में व्यापार, उद्यमिता, डिजिटल लेन-देन और वित्तीय समावेशन को बढ़ावा मिला है। उत्तराखण्ड में भी व्यापार और निवेश से संबंधित प्रक्रियाओं को सरल बनाया जा रहा है। सिंगल विंडो सिस्टम के माध्यम से 26 प्रमुख विभागों की 206 से अधिक सेवाएं ऑनलाइन उपलब्ध हैं। निवेशकों और उद्यमियों की समस्याओं के समाधान के लिए ‘निवेश मित्र’ व्यवस्था की गई है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में स्टार्टअप और नवाचार को प्रोत्साहित करने के लिए उत्तराखण्ड स्टार्टअप नीति तथा 200 करोड़ रुपये के वेंचर फंड की व्यवस्था की गई है। सरकार औद्योगिक विकास को केवल मैदानी क्षेत्रों तक सीमित न रखकर पर्वतीय क्षेत्रों में भी उद्यमिता और रोजगार के अवसर बढ़ाने के लिए कार्य कर रही है। चमोली, पौड़ी और अल्मोड़ा में छोटे उद्योगों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से विशेष औद्योगिक पार्कों के लिए भूमि चिह्नित की गई है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड की अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने में स्थानीय व्यापार, पर्यटन, लघु उद्योग और स्वरोजगार की महत्वपूर्ण भूमिका है। सरकार का प्रयास है कि प्रदेश के व्यापारियों को स्थानीय बाजारों के साथ राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भी अपनी पहचान स्थापित करने के अवसर मिलें। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड को आध्यात्मिक शक्ति के साथ आर्थिक शक्ति का भी प्रमुख केंद्र बनाने की दिशा में निरंतर कार्य किया जा रहा है।

    मुख्यमंत्री ने व्यापारियों से प्रदेश के विकास में सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान करते हुए कहा कि उनके सहयोग से विकसित, आत्मनिर्भर और आर्थिक रूप से सशक्त उत्तराखण्ड का संकल्प साकार होगा।

    इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने प्रांतीय उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल की स्मारिका का विमोचन किया तथा व्यापार मंडल की विभिन्न इकाइयों के प्रतिनिधियों को सम्मानित किया।

    इस अवसर पर सांसद अजय भट्ट, कैबिनेट मंत्री राम सिंह कैड़ा, विधायक बंशीधर भगत एवं सरिता आर्या, महापौर गजराज सिंह बिष्ट, प्रांतीय उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल के प्रदेश अध्यक्ष नवीन वर्मा, प्रदेश महामंत्री प्रकाश मिश्रा, भाजपा जिलाध्यक्ष प्रताप बिष्ट, दर्जाधारी राज्यमंत्री डॉ. अनिल कपूर डब्बू, जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. मंजूनाथ टी.सी., मुख्य विकास अधिकारी अरविंद कुमार पाण्डेय, अपर जिलाधिकारी विवेक राय सहित व्यापारी संगठनों के पदाधिकारी एवं अन्य गणमान्य उपस्थित थे।

  • हर जिले में विज्ञान-नवाचार केंद्रों की होगी स्थापना

    हर जिले में विज्ञान-नवाचार केंद्रों की होगी स्थापना

    सीमांत जनपद विज्ञान महोत्सव को मिलेंगे एक करोड़ रुपये

    बागेश्वर में बाल विज्ञान महोत्सव शुरू

    पंचम सीमांत पर्वतीय जनपद बाल वैज्ञानिक ले रहे हिस्सा

    राज्य की STEM लैब्स को एआई से जोड़ने और सभी विकासखंडों में लैब ऑन व्हील्स स्थापित करने की दिशा में होगा कार्य

    मुख्यमंत्री ने बाल वैज्ञानिकों से किया संवाद, उनकी जिज्ञासाओं के दिए उत्तर

    बागेश्वर। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को बागेश्वर के मंडलसेरा स्थित विवेकानंद विद्या मंदिर इंटर कॉलेज में उत्तराखण्ड राज्य विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद (यूकॉस्ट) के तत्वावधान में आयोजित पंचम सीमांत पर्वतीय जनपद बाल विज्ञान महोत्सव का शुभारंभ किया।
    दो दिवसीय इस महोत्सव में चमोली, चंपावत, रुद्रप्रयाग, बागेश्वर, उत्तरकाशी एवं पिथौरागढ़ के 240 चयनित बाल वैज्ञानिक प्रतिभाग कर रहे हैं।

    मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर शोध एवं नवाचार को प्रोत्साहित करने के लिए सीमांत जनपद विज्ञान महोत्सव एवं संबंधित कार्यक्रमों हेतु एक करोड़ रुपये देने की घोषणा की। उन्होंने राज्य की STEM लैब्स को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) से जोड़ने तथा सभी विकासखंडों में एक-एक लैब ऑन व्हील्स स्थापित करने की दिशा में कार्य किए जाने की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने प्रदेश के सभी जनपदों में विज्ञान एवं नवाचार केंद्र स्थापित करने की भी घोषणा की।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार विद्यालयों में विज्ञान एवं तकनीक आधारित शिक्षा को प्रोत्साहित करने के साथ ही आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), रोबोटिक्स और ड्रोन तकनीक को बढ़ावा देने के लिए कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को आधुनिक तकनीक से जोड़कर उन्हें भविष्य की चुनौतियों और संभावनाओं के लिए तैयार करना आवश्यक है।

    मुख्यमंत्री ने महोत्सव में प्रतिभाग कर रहे बाल वैज्ञानिकों से संवाद किया और उनकी जिज्ञासाओं के उत्तर दिए। उन्होंने विद्यार्थियों को खूब पढ़ने, नए विचारों पर काम करने और सवाल पूछने की प्रवृत्ति बनाए रखने के लिए प्रेरित किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज के बाल वैज्ञानिक ही भविष्य में देश के प्रमुख वैज्ञानिक, इंजीनियर और शोधकर्ता बनेंगे। वर्ष 2047 तक विकसित भारत के संकल्प को साकार करने में युवा पीढ़ी की महत्वपूर्ण भूमिका होगी।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि सीमांत एवं पर्वतीय क्षेत्रों में आयोजित इस प्रकार के विज्ञान महोत्सव विद्यार्थियों की प्रतिभा को मंच प्रदान करने के साथ ही उनमें वैज्ञानिक दृष्टिकोण, रचनात्मकता और नवाचार की भावना विकसित करते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से पूर्व राष्ट्रपति डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम के आदर्शों से प्रेरणा लेकर विज्ञान एवं अनुसंधान के क्षेत्र में आगे बढ़ने और देश एवं प्रदेश के विकास में योगदान देने का आह्वान किया।

    मुख्यमंत्री ने विद्यालयी शिक्षा में आधुनिक तकनीक के समावेश पर जोर देते हुए रोबोटिक्स एवं ड्रोन तकनीक को शिक्षा से जोड़ने तथा महिला विकास एवं विज्ञान विषय पर सम्मेलन आयोजित करने की बात कही। उन्होंने कहा कि विज्ञान एवं तकनीक के माध्यम से प्रदेश में नवाचार, सरकारी सेवाओं में पारदर्शिता और स्मार्ट कृषि को बढ़ावा दिया जा रहा है। देहरादून में साइंस सिटी और चंपावत में साइंस सेंटर विकसित किया जा रहा है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार स्थानीय उत्पादों को प्रोत्साहित करने के लिए हाउस ऑफ हिमालयाज ब्रांड के माध्यम से प्रयास कर रही है। इसके साथ ही कृषि, बागवानी, मत्स्य पालन, मौन पालन और होमस्टे जैसे क्षेत्रों में स्वरोजगार की संभावनाओं को भी बढ़ावा दिया जा रहा है।

    महोत्सव के दौरान विज्ञान के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले शिक्षक कविता हरकोटिया, दीप चंद जोशी, हरिमोहन ऐठाणी एवं ख्याली दत्त को पुरस्कार प्रदान कर सम्मानित किया गया।

    इस अवसर पर कपकोट विधायक सुरेश गड़िया, बागेश्वर विधायक पार्वती दास, दर्जा प्राप्त राज्यमंत्री शिव सिंह बिष्ट, भूपेश उपाध्याय, जिला पंचायत अध्यक्ष शोभा आर्या, भाजपा प्रदेश महामंत्री कुंदन सिंह परिहार, यूकॉस्ट के महानिदेशक प्रो. दुर्गेश पंत, जिलाधिकारी अपूर्वा पाण्डे, पुलिस अधीक्षक जितेंद्र मेहरा, मुख्य विकास अधिकारी नरेश कुमार, विद्यालय के प्रधानाचार्य अव्वल सिंह तोपाल सहित विभिन्न जनप्रतिनिधि, अधिकारी, शिक्षक एवं बाल वैज्ञानिक उपस्थित रहे।

  • फल उत्पादकों को मिले बेहतर बाजार और उचित मूल्य : सीएस

    फल उत्पादकों को मिले बेहतर बाजार और उचित मूल्य : सीएस

    देहरादून में सेब महोत्सव शुरू

    देहरादून। मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने गुरुवार को नाबार्ड से वित्तपोषित किसान उत्पादक संगठनों द्वारा आयोजित सेब महोत्सव 3.0 का शुभारम्भ किया।

    इस अवसर पर उन्होंने विभिन्न किसान उत्पादक संगठनों (एफपीओ) द्वारा उत्पादित सेब की विभिन्न प्रजातियों, कीवी, सब्जियों एवं अन्य कृषि उत्पादों की प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया। उन्होंने किसानों और किसान उत्पादक संगठनों के प्रतिनिधियों से उत्पादों के सम्बन्ध में जानकारी ली एवं आ रही समस्याओं पर चर्चा की।

    मुख्य सचिव ने कहा कि किसान उत्पादक संगठनों को केवल किसानों को एक साथ जोड़ने तक सीमित न रखते हुए उन्हें मजबूत, आत्मनिर्भर और सस्टेनेबल संस्थाओं के रूप में विकसित किया जाना आवश्यक है। इसके लिए उन्हें निरन्तर मार्गदर्शन, प्रशिक्षण और क्षमता विकास के साथ आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं।

    मुख्य सचिव ने कृषि एवं बागवानी उत्पादों को बेहतर बाजार उपलब्ध कराने के लिए खरीद, विपणन और उत्पादों की ब्रांडिंग पर विशेष ध्यान दिया जाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि स्थानीय उत्पादों की गुणवत्ता को बढ़ावा देते हुए उन्हें उचित बाजार और बेहतर मूल्य से जोड़ने के लिए ठोस प्रयास किए जाने चाहिए।

    मुख्य सचिव ने किसानों के उत्पादों के सुरक्षित भंडारण एवं उचित मूल्य प्राप्त करने के लिए शीत भंडारण की सुविधाओं को बढ़ाने पर भी जोर दिया। उन्होंने उत्पादों की जानकारी उपलब्ध कराने की ट्रेसेबिलिटी व्यवस्था विकसित करने तथा जैविक उत्पादों के लिए जैविक प्रमाणन की प्रक्रिया को बढ़ावा देने की बात कही।

    मुख्य सचिव ने कहा कि किसान उत्पादक संगठनों को मजबूत बनाने के लिए नाबार्ड और राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं के बीच बेहतर समन्वय स्थापित किया जाए। उन्होंने कहा कि किसान उत्पादक संगठनों को सस्टेनेबल बनाने के लिए इकोसिस्टम विकसित करने की आवश्यकता है। योजनाओं और उपलब्ध संसाधनों का एक-दूसरे से जोड़कर अधिक से अधिक लाभ किसानों और किसान उत्पादक संगठनों तक पहुंचाया जाए। इसके लिए सरकार, नाबार्ड, सम्बन्धित विभागों, किसान उत्पादक संगठनों, किसानों और अन्य स्टेक होल्डर्स को मिलकर कार्य करना होगा। उन्होंने कहा कि सामूहिक प्रयासों से उत्तराखण्ड के कृषि एवं बागवानी उत्पादों को बेहतर बाजार उपलब्ध कराने के साथ ही किसानों की आय में वृद्धि की जा सकती है।

    इस अवसर पर सचिव डॉ. एस.एन. पाण्डेय, मुख्य महाप्रबंधक नाबार्ड पंकज यादव एवं महाप्रबंधक नाबार्ड शशि कुमार सहित नाबार्ड के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

  • गांव के विकास को सर्वोच्च प्राथमिकता दें पंचायत प्रतिनिधि : मुख्यमंत्री

    गांव के विकास को सर्वोच्च प्राथमिकता दें पंचायत प्रतिनिधि : मुख्यमंत्री

    त्रिस्तरीय पंचायत प्रतिनिधियों का प्रशिक्षण कार्यक्रम

    हरिद्वार। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार को त्रिस्तरीय पंचायत प्रतिनिधियों के क्षमता विकास हेतु आयोजित एक दिवसीय अभिमुखीकरण एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। उन्होंने कहा कि सशक्त पंचायतें विकसित उत्तराखण्ड की मजबूत नींव हैं। प्रदेश के सभी विकासखंडों में एक साथ 60 हजार से अधिक पंचायत प्रतिनिधियों को प्रशिक्षण से जोड़ना ग्राम स्तर पर विकास को नई दिशा देने का महत्वपूर्ण प्रयास है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि पंचायत प्रतिनिधि लोकतंत्र की महत्वपूर्ण कड़ी तथा सरकार और जनता के बीच सेतु हैं। वे स्थानीय समस्याओं को बेहतर समझते हैं और योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने में निर्णायक भूमिका निभाते हैं। उन्होंने जनप्रतिनिधियों से ‘मेरा गांव-मेरी जिम्मेदारी’ की भावना से काम करने और प्रत्येक पात्र व्यक्ति तक सरकारी योजनाओं की जानकारी तथा लाभ पहुंचाने का आह्वान किया।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में पंचायतों को संसाधन, आधारभूत सुविधाएं और आधुनिक तकनीक उपलब्ध कराकर विकास की नेतृत्वकर्ता संस्थाओं के रूप में सशक्त किया जा रहा है। राज्य सरकार भी इसी दिशा में लगातार कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि 2 अक्टूबर 2026 से प्रारंभ जन योजना अभियान के तहत ग्राम, क्षेत्र और जिला पंचायत स्तर पर विकास योजनाएं तैयार की जा रही हैं। योजनाओं में स्थानीय आवश्यकताओं, जनसुझावों और उपलब्ध संसाधनों को प्राथमिकता दी जाए। प्रत्येक पंचायत स्पष्ट लक्ष्य, समयसीमा और अपेक्षित परिणाम निर्धारित करे, ताकि विकास कार्यों का वास्तविक लाभ ग्रामीणों को मिले।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि हर पंचायत की विकास योजना में पेयजल, सड़क, स्वच्छता, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसी बुनियादी आवश्यकताओं का स्पष्ट उल्लेख होना चाहिए। ग्राम सभाओं में लोगों के सुझाव लिए जाएं और कार्यों की प्रगति की नियमित समीक्षा हो। पंचायत प्रतिनिधि यह भी देखें कि योजनाओं का लाभ वास्तव में किन परिवारों तक पहुंच रहा है। कमजोर और वंचित वर्गों की जरूरतों को विशेष प्राथमिकता दी जाए।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि कि वर्ष 2025-26 में प्रदेश के 56 हजार से अधिक पंचायत प्रतिनिधियों को प्रशिक्षण दिया गया। राज्य की 7,817 ग्राम पंचायतों में से 5,972 में पंचायत भवन ग्राम सचिवालय के रूप में संचालित हो रहे हैं। पिछले पांच वर्षों में 1,362 पंचायत भवनों का निर्माण और 584 की मरम्मत की गई है। एक हजार से अधिक ग्राम पंचायतों का कम्प्यूटरीकरण भी हो चुका है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि ई-ग्राम स्वराज पोर्टल पर पंचायतों की कार्ययोजनाओं, वित्तीय एवं भौतिक प्रगति तथा कार्यों की जियो टैगिंग की जा रही है। डिजिटल पंचायत का उद्देश्य कामकाज को पारदर्शी, सरल और प्रभावी बनाना है। उन्होंने कहा कि पंचायत का पैसा जनता का पैसा है और इसकी एक-एक पाई का हिसाब जनता के सामने होना चाहिए। विकास कार्यों की संख्या से अधिक उनका प्रभाव मायने रखता है। सड़कों की गुणवत्ता, पेयजल योजनाओं की उपयोगिता और पंचायत भवनों से मिलने वाली सेवाओं पर विशेष ध्यान दिया जाए।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वच्छ और स्वस्थ गांव बनाने में पंचायतों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। ठोस अपशिष्ट प्रबंधन के लिए जिला पंचायतों को ग्रामीण मोटर मार्गों तथा स्थानीय बाजारों की सफाई हेतु कचरा उठाने वाली मशीनें उपलब्ध कराई गई हैं। विकासखंड स्तर पर भी इस कार्य के लिए विशेष मशीनें स्थापित की गई हैं। उन्होंने स्वच्छता को जनभागीदारी से जोड़ने और गांवों में नियमित सफाई सुनिश्चित करने का आह्वान किया।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वयं सहायता समूहों, महिला उद्यमिता, कृषि, बागवानी, स्थानीय उत्पादों और पर्यटन को बढ़ावा देकर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत किया जा रहा है। गांवों में रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसर बढ़ाना तथा पलायन कम करना सरकार की प्राथमिकता है। महिलाओं को सरकारी नौकरियों में 30 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण देने सहित अनेक कदम उनके सशक्तिकरण के लिए उठाए गए हैं। गांवों की सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण पर भी समान ध्यान देना होगा।

    मुख्यमंत्री ने पंचायत प्रतिनिधियों से कहा कि वे प्रत्येक विकास कार्य में गुणवत्ता, समयबद्धता और जवाबदेही सुनिश्चित करें। प्रशिक्षण से मिले ज्ञान का उपयोग कर पंचायतों को स्वच्छ, समृद्ध और आत्मनिर्भर बनाएं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि जनप्रतिनिधियों के प्रयासों से ग्रामीण विकास को नई गति मिलेगी और विकसित उत्तराखण्ड का संकल्प साकार होगा।

    इस दौरान कैबिनेट मंत्री मदन कौशिक ने कहा कि सरकार की विभिन्न योजनाओं को धरातल पर सफल बनाने में पंचायतों की महत्वपूर्ण भूमिका है। सड़क, बिजली, पंचायत भवन, विद्यालय सहित विकास की तमाम योजनाएं पंचायतों के माध्यम से लोगों तक पहुंचती हैं। पंचायतों में जनप्रतिनिधित्व और सक्रियता बढ़ने से गांवों में बड़ा बदलाव आएगा।

    उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सेवा के 25 वर्ष पूरे होने के अवसर पर देशभर में सेवा संकल्प अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान के माध्यम से गांवों में विकास की नई संभावनाएं सामने आ रही हैं। उन्होंने पंचायत प्रतिनिधियों से विकास योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू करने और अंतिम व्यक्ति तक उनका लाभ पहुंचाने का आह्वान किया।

    इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री प्रदीप बत्रा, जिला पंचायत अध्यक्ष किरण चौधरी, विधायक रानीपुर आदेश चौहान, पूर्व कैबिनेट मंत्री स्वामी यतीश्वरानंद, राज्य मंत्री देशराज कर्णवाल, आदेश सैनी, ब्लॉक प्रमुख बहादराबाद आशा नेगी, जिलाधिकारी मयूर दीक्षित, पुलिस अधीक्षक नवनीत सिंह भुल्लर, मुख्य विकास अधिकारी डॉ. ललित नारायण मिश्र, अपर जिलाधिकारी (प्रशासन)जितेंद्र कुमार, उप जिलाधिकारी हरिद्वार योगेश मेहरा, जिला पंचायत राज अधिकारी अतुल प्रताप सिंह, विभिन्न ग्राम पंचायत से आये हुए ग्राम प्रधान एवं जनप्रतिनिधि सहित सम्बंधित अधिकारी मौजूद रहे

  • मतदाता बनने का मौका, नाम जोड़ने को विशेष अभियान

    मतदाता बनने का मौका, नाम जोड़ने को विशेष अभियान

    8 से 10 अक्टूबर तक सभी बूथों पर विशेष कैंप लगाएंगे बीएलओ

    अभियान में बूथवार सूची तैयार करेंगे सभी बीएलओ

    12 अक्टूबर से 20 अक्टूबर तक घर-घर सत्यापन करेंगे बीएलओ

    बीएलओ के साथ बीएलए और बैग ग्रुप के सदस्य भी रहेंगे मौजूद

    देहरादून। भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार प्रदेश में मतदाता सूची में नाम शामिल करने के लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा। मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. बी.वी.आर.सी. पुरुषोत्तम ने बुधवार को सचिवालय स्थित मीडिया सेंटर में प्रेस कॉफ्रेंस कर इस अभियान के बारे में विस्तृत जानकारी दी।

    मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि प्रदेश में 8 से 10 अक्टूबर को सभी 12,543 मतदान केंद्रों पर बूथ लेवल अधिकारी विशेष कैंप कर प्री-एसआईआर एवं एसआईआर अभियान के तहत एएसडीडी सूची में शामिल मतदाताओं का सत्यापन कर पात्र मतदाताओं की सूची तैयार करेंगे। दिनांक 12 अक्टूबर से 20 अक्टूबर 2026 तक बीएलओ घर-घर जाकर जिनकी सूची तैयार की गई है उन्हें फार्म 6 भवाएंगे।

    मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि सभी जनपदों को निर्देश दिए गए हैं कि इस अभियान में राजनैतिक दलों के बूथ लेवल एजेंट और बूथ अवेयरनेस ग्रुप के सदस्यों को भी शामिल किया जाए। उन्होंने बताया कि इस अभियान में बीएलओ वर्तमान मतदाता सूची का प्री-एसआईआर से पहले की सूची से मिलान करेंगे। वे ऐसे मतदाताओं की पहचान करेंगे जिनके नाम एसआईआर से पहले की सूची में शामिल थे, लेकिन मौजूदा सूची में नहीं हैं। बीएलओ चिन्हित मतदाताओं के घर-घर जाकर उनकी मौजूदा स्थिति का पता लगाएंगे और जो लोग योग्य पाए जाएंगे, उनका नाम वोटर लिस्ट में शामिल करने के लिए विधिवत फॉर्म 6 भरवाने में मदद करेंगे।

    बीएलओ घर-घर जाने के दौरान यह भी सुनिश्चित करेंगे कि जो व्यक्ति 1 अक्टूबर 2026 को 18 वर्ष की आयु पूर्ण कर मतदाता बनने के लिए पात्र हो रहे हैं उनके भी फॉर्म 6 भरे जाऐं। बीएलओ इस सूची को मान्यता प्राप्त राजनैतिक दलों के बूथ लेवल एजेंट्स के साथ साझा करेंगे। इस प्रक्रिया के आखिर चरण में ईआरओ बूथवार सूची को राजनैतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ भी साझा करेंगे, ताकि उन्हें छूटे हुए मतदाताओं का नाम सूची में शामिल करवाने का एक और अवसर मिल सके।

    प्रेस कांफ्रेंस में अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. विजय कुमार जोगदंडे, सहायक मुख्य निर्वाचन अधिकारी मस्तूदास उपस्थित रहे।

  • नवम्बर से शुरू होगा वृद्धावस्था पेंशन का लाभ

    नवम्बर से शुरू होगा वृद्धावस्था पेंशन का लाभ

    सेवा संकल्प अभियान

    बुजुर्गों को मिला सामाजिक सुरक्षा कवच

    देहरादून। जनपद में पात्र बुजुर्गों को सामाजिक सुरक्षा योजनाओं से जोड़ने के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। अभियान के तहत नगर निकायों, तहसीलों, विकासखंडों एवं ग्राम पंचायत स्तर पर पात्र बुजुर्गों का चिन्हीकरण किया जा रहा है। जिला प्रशासन द्वारा सितंबर माह में विशेष अभियान चलाते हुए 708 पात्र वृद्धजनों को चिन्हित किए गए हैं, जिनकी आवश्यक औपचारिकताएं पूर्ण कर ली गई हैं।

    सेवा संकल्प अभियान के तहत् माह जुलाई 2026 से सितम्बर माह तक 1611 वृद्धजनों को चिन्हित किया गया है जिन्हें जल्द ही माह नवम्बर 2026 से पेंशन प्राप्त होगी।

    समाज कल्याण विभाग द्वारा नवंबर माह के प्रथम सप्ताह में वृद्धावस्था पेंशन की धनराशि लाभार्थियों के बैंक खातों में हस्तांतरित की जाएगी। पात्र बुजुर्गों को रू0 1500 प्रतिमाह वृद्धावस्था पेंशन प्रदान की जाती है। समाज कल्याण विभाग द्वारा निर्धारित पात्रता के अनुसार 60 वर्ष से अधिक आयु के पात्र बुजुर्गों को रू0 1500 प्रतिमाह वृद्धावस्था पेंशन प्रदान की जाती है। पात्रता पूरी होने पर पति-पत्नी दोनों को पेंशन का लाभ मिलने की स्थिति में परिवार को कुल रू0 3000 प्रतिमाह बैंक खाते के माध्यम से प्राप्त होते हैं।

    जिला प्रशासन द्वारा सितंबर माह में वृद्धावस्था पेंशन से वंचित पात्र बुजुर्गों को चिन्हित कर उन्हें योजना से जोड़ने के लिए विशेष अभियान प्रारंभ किया गया। अभियान के तहत नगरीय एवं ग्रामीण क्षेत्रों में ऐसे बुजुर्गों की जानकारी जुटाई गई, जो पात्र होने के बावजूद अभी तक वृद्धावस्था पेंशन का लाभ नहीं ले पा रहे थे। अभियान के परिणामस्वरूप जुलाई माह से अब तक 1611 पात्र बुजुर्गों को समाज कल्याण विभाग की योजनाओं से लाभान्वित किया जा चुका है, जबकि पात्र लाभार्थियों को योजनाओं से जोड़ने की प्रक्रिया निरंतर जारी है।

    डीएम डॉ आशीष चौहान ने कहा कि वृद्धावस्था में आर्थिक सुरक्षा किसी पात्र व्यक्ति पर उपकार नहीं, बल्कि उसका अधिकार है। एक-एक पात्र व्यक्ति तक सरकार की योजना का समयबद्ध लाभ पंहुचाना जिला प्रशासन की प्राथमिकता है। उन्होंने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि क्षेत्र भ्रमण एवं सर्वे के दौरान पात्र बुजुर्गों की पहचान कर उन्हें योजनाओं से जोड़ें तथा आवेदन एवं दस्तावेजी प्रक्रिया में आवश्यक सहयोग दें। उन्होंने कहा कि किसी भी पात्र बुजुर्ग का आवेदन अनावश्यक रूप से लंबित न रहे।

    जिलाधिकारी डॉ आशीष चौहान के निर्देश पर जिला प्रशासन द्वारा जनपद में पात्र एवं जरूरतमंद बुजुर्गों को सरकार की जनकल्याणकारी एवं सामाजिक सुरक्षा योजनाओं से जोड़ने के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है।

    अभियान का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी पात्र बुजुर्ग जानकारी के अभाव, आर्थिक कठिनाई अथवा आवेदन प्रक्रिया की जटिलता के कारण अपने अधिकार से वंचित न रहे। उन्होंने सभी संबंधित विभागों, नगर निकायों, विकासखंडों एवं तहसीलों को निर्देश दिए हैं कि अपने-अपने क्षेत्रों में पात्र बुजुर्गों का चिन्हीकरण करते हुए उन्हें वृद्धावस्था पेंशन सहित अन्य पात्र योजनाओं का लाभ दिलाना सुनिश्चित करें। प्रशासन का लक्ष्य केवल योजनाओं का प्रचार-प्रसार करना नहीं, बल्कि एक-एक पात्र व्यक्ति तक योजना का वास्तविक लाभ पहुंचाना है।

    जिलाधिकारी के निर्देश पर नगर निगम, नगर पालिका, नगर पंचायत, नगर परिषद, तहसील, विकासखंड एवं ग्राम पंचायत स्तर पर पात्र बुजुर्गों के चिन्हीकरण की कार्रवाई की गई। संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि अपने क्षेत्र में ऐसे बुजुर्गों की पहचान करें, जो पात्र होने के बावजूद किसी कारण से पेंशन योजना से नहीं जुड़ पाए हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में ग्राम पंचायत स्तर पर आवश्यक कार्रवाई एवं प्रस्ताव के साथ पात्र लाभार्थियों के आवेदन आगे बढ़ाए जाने तथा शहरी क्षेत्रों में संबंधित तहसील एवं स्थानीय निकायों के माध्यम से आवश्यक औपचारिकताएं पूर्ण कराने पर विशेष जोर दिया गया।

    जिलाधिकारी डॉ आशीष चौहान ने कहा कि वृद्धावस्था में आर्थिक सुरक्षा किसी पात्र व्यक्ति पर उपकार नहीं, बल्कि उसका अधिकार है। जिला प्रशासन का प्रयास है कि प्रत्येक पात्र बुजुर्ग तक शासन की पेंशन एवं अन्य सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का लाभ सम्मानपूर्वक पहुंचे। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि पात्र लाभार्थियों को योजना का लाभ दिलाने में संवेदनशीलता एवं मानवीय दृष्टिकोण के साथ कार्य करें। उन्होंने कहा कि “एक-एक पात्र व्यक्ति तक सरकार की योजना पहुंचे” यह जिला प्रशासन की प्राथमिकता है। किसी भी पात्र बुजुर्ग को जानकारी के अभाव अथवा प्रक्रिया की कठिनाई के कारण योजना से वंचित नहीं रहने दिया जाएगा।

    वृद्धावस्था पेंशन के लिए ऑनलाइन आवेदन की व्यवस्था की गई है। पात्र बुजुर्ग स्वयं अथवा अपने परिजनों की सहायता से नजदीकी सीएससी सेंटर के माध्यम से समाज कल्याण विभाग के पोर्टल/वेबसाईट https://ssp.uk.gov.in/ पर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।

  • आयुष एवं ईएसआई विभाग में नव नियुक्त कार्मिकों को नियुक्ति पत्र वितरित

    आयुष एवं ईएसआई विभाग में नव नियुक्त कार्मिकों को नियुक्ति पत्र वितरित

    नव नियुक्त कार्मिक सेवाभाव, संवेदनशीलता और समर्पण के साथ निभाएं जिम्मेदारी – मुख्यमंत्री

    देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को मुख्यमंत्री कैम्प कार्यालय स्थित मुख्य सेवक सदन में आयोजित कार्यक्रम में आयुष विभाग के 271 तथा कर्मचारी राज्य बीमा योजना के अंतर्गत 61 एलोपैथिक फार्मेसी अधिकारियों सहित कुल 332 नव नियुक्त कार्मिकों को नियुक्ति पत्र प्रदान किए। मुख्यमंत्री ने सभी नव नियुक्त कार्मिकों को शुभकामनाएं देते हुए उनसे सेवाभाव, संवेदनशीलता और समर्पण के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करने का आह्वान किया।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि नियुक्ति पत्र प्राप्त करना युवाओं के जीवन का एक महत्वपूर्ण पड़ाव है। इसके साथ ही उनके जीवन में जनसेवा की नई जिम्मेदारी भी शुरू होती है। उन्होंने कहा कि नव नियुक्त कार्मिक अपने सरकारी दायित्व को केवल नौकरी के रूप में न देखें, बल्कि समाज के अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने का माध्यम बनाएं। आयुष विभाग और कर्मचारी राज्य बीमा योजना से जुड़े कार्मिकों की भूमिका सीधे लोगों के स्वास्थ्य और जीवन से जुड़ी हुई है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि दूर-दराज के क्षेत्रों से उपचार के लिए सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों और अस्पतालों तक पहुंचने वाले लोगों के मन में व्यवस्था के प्रति एक भरोसा होता है। कार्मिकों की संवेदनशीलता, तत्परता और कार्यकुशलता इस भरोसे को और मजबूत करती है। उन्होंने नव नियुक्त कार्मिकों से कहा कि वे जहां भी सेवाएं दें, अपनी कार्यशैली से उदाहरण प्रस्तुत करें। अस्पताल या स्वास्थ्य केंद्र पहुंचने वाला प्रत्येक व्यक्ति एक उम्मीद लेकर आता है और कार्मिकों का सही निर्णय तथा ईमानदार प्रयास जरूरतमंद के जीवन में बड़ा बदलाव ला सकता है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने प्रदेश की भर्ती व्यवस्था को पारदर्शी और निष्पक्ष बनाने के लिए प्रभावी कदम उठाए हैं। नकल माफिया पर कठोर कार्रवाई के साथ ही सख्त नकल विरोधी कानून लागू किया गया है। उन्होंने कहा कि आज प्रदेश के युवाओं को उनकी मेहनत और योग्यता के आधार पर सरकारी सेवाओं में अवसर मिल रहे हैं। पिछले पांच वर्षों में 35 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी मिली है। यह राज्य में पारदर्शी भर्ती व्यवस्था के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड देवभूमि होने के साथ योग, आयुर्वेद और औषधीय जड़ी-बूटियों की समृद्ध परंपरा वाला राज्य है। राज्य सरकार उत्तराखण्ड को मॉडल ‘आयुष प्रदेश’ और ‘ग्लोबल वेलनेस हब’ के रूप में विकसित करने की दिशा में निरंतर कार्य कर रही है। प्रदेश के सभी जनपदों में आयुष सेवाओं का विस्तार करने के साथ पंचकर्म सेवाओं को आधुनिक बनाया जा रहा है तथा आयुर्वेद उत्कर्ष केंद्र स्थापित किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि ई-संजीवनी के माध्यम से लोगों को घर बैठे विशेषज्ञ परामर्श की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। ‘आयुष सेतु पोर्टल’ भी इस दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। प्रदेश के अनेक होमस्टे को निकटवर्ती आयुर्वेद चिकित्सालयों की वेलनेस सेवाओं से जोड़ा गया है। राज्य सरकार का प्रयास है कि उत्तराखण्ड आने वाले लोगों को योग, आयुर्वेद और पंचकर्म के माध्यम से स्वास्थ्य एवं मानसिक शांति का बेहतर अनुभव मिले।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि कर्मचारी राज्य बीमा योजना की स्वास्थ्य सेवाओं का भी लगातार विस्तार किया जा रहा है। पूर्व में ईएसआई योजना प्रदेश के छह जनपदों में संचालित थी, जिसे अब सभी 13 जनपदों तक पहुंचाया गया है। रुद्रपुर में 100 बेड के ईएसआई अस्पताल का संचालन शुरू हो चुका है, जबकि हरिद्वार में 300 बेड के ईएसआई अस्पताल का निर्माण कार्य चल रहा है। काशीपुर में भी ईएसआई अस्पताल के लिए भूमि चिन्हित की गई है। इसके साथ ही स्वास्थ्य सेवाओं को और सुदृढ़ करने के लिए 47 नए चिकित्सा अधिकारियों की भर्ती प्रक्रिया अंतिम चरण में है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य प्रत्येक व्यक्ति को बेहतर और सुलभ स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना है। उन्होंने नव नियुक्त कार्मिकों से पूरी निष्ठा, ईमानदारी और सेवाभाव के साथ कार्य करने की अपेक्षा करते हुए कहा कि युवाओं की ऊर्जा और क्षमता विकसित एवं सशक्त उत्तराखण्ड के निर्माण के संकल्प को पूरा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

    आयुष एवं आयुष शिक्षा मंत्री मदन कौशिक ने नव नियुक्त कार्मिकों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि राज्य सरकार प्रदेश में आयुष सेवाओं को और अधिक सुदृढ़ एवं जनसुलभ बनाने की दिशा में निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि नव नियुक्त कार्मिकों के आने से विभाग की कार्यक्षमता बढ़ने के साथ ही प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में आयुष स्वास्थ्य सेवाओं को और मजबूती मिलेगी। उन्होंने नव नियुक्त कार्मिकों से अपने दायित्वों का पूरी निष्ठा, संवेदनशीलता और सेवाभाव के साथ निर्वहन करते हुए आमजन को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने में सक्रिय भूमिका निभाने की अपेक्षा की।

    इस अवसर पर राज्यसभा सांसद नरेश बंसल, विधायक उमेश शर्मा काऊ, सविता कपूर, सचिव श्रम श्रीधर बाबू अद्दांकी, सचिव आयुष एवं आयुष शिक्षा रंजना राजगुरू, अपर सचिव विजय कुमार जोगदण्डे, आकांक्षा कोण्डे एवं संबंधित विभागीय अधिकारी मौजूद थे।

  • मतदाता सूची से नाम कटने पर गरमाई सियासत, आयोग-भाजपा पर आरोप

    मतदाता सूची से नाम कटने पर गरमाई सियासत, आयोग-भाजपा पर आरोप

    कांग्रेस जाएगी कोर्ट, एसआईआर में 13.85 लाख वोट काटे

    देहरादून। उत्तराखंड कांग्रेस की एसआईआर कमेटी के अध्यक्ष एवं पूर्व विधायक मनोज रावत ने आरोप लगाया कि एसआईआर प्रक्रिया के दौरान प्रदेश में 13.85 लाख मतदाताओं के नाम काटे गए। उन्होंने इसे छोटे राज्य में वोटों की बड़ी लूट बताते हुए कहा कि प्री-एसआईआर और एसआईआर प्रक्रिया में हुई मतदाता कटौती के वास्तविक आंकड़े निर्वाचन आयोग सार्वजनिक नहीं कर रहा है।

    कांग्रेस भवन में आयोजित पत्रकार वार्ता में रावत ने कहा कि फॉर्म-7 को ऑटो जनरेट करने, भाजपा कार्यकर्ताओं की कथित फर्जी शिकायतों का संज्ञान लेने और फर्जी शिकायतकर्ताओं के खिलाफ कार्रवाई नहीं किए जाने से कई सवाल खड़े होते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि पात्र मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटाने में निर्वाचन आयोग और भाजपा की मिलीभगत रही है।

    रावत ने कहा कि उत्तराखंड में करीब 14 प्रतिशत मतदाताओं के नाम काटा जाना वोट चोरी की बड़ी वारदात है। कांग्रेस इस मामले को लेकर न्यायालय का दरवाजा खटखटाएगी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के बीएलओ की सजगता के कारण आयोग के कथित मंसूबे पूरी तरह सफल नहीं हो पाए और अधिकांश पात्र मतदाताओं के नाम मतदाता सूची में शामिल रह सके।

    उन्होंने आगामी समय में फॉर्म-6 के माध्यम से नए मतदाताओं को जोड़ने की प्रक्रिया को भी असंगत बताया। रावत ने कहा कि मतदाता सूची में नाम जोड़ने और हटाने की पूरी प्रक्रिया पारदर्शी होनी चाहिए तथा निर्वाचन आयोग को एसआईआर से जुड़े सभी वास्तविक आंकड़े सार्वजनिक करने चाहिए।

    पत्रकार वार्ता में प्रदेश महासचिव राजेंद्र भंडारी, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष (अल्पसंख्यक) हाजी सुलेमान अंसारी, मुख्य प्रवक्ता गरिमा मेहरा दसौनी, एसआईआर कमेटी के सदस्य अमेंद्र बिष्ट और अधिवक्ता संदीप चमोली मौजूद रहे।

  • नानकमत्ता में CM ने चलाया स्वच्छता अभियान

    नानकमत्ता में CM ने चलाया स्वच्छता अभियान

    स्वच्छता को जीवनशैली बनाएं, धार्मिक व सार्वजनिक स्थलों की सफाई सामूहिक जिम्मेदारी- धामी

    नानकमत्ता। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को ‘सेवा संकल्प अभियान’ के तहत गुरुद्वारा नानकमत्ता साहिब परिसर में आयोजित स्वच्छता कार्यक्रम में प्रतिभाग कर श्रमदान किया। उन्होंने स्वयं साफ-सफाई कर लोगों को स्वच्छता को जीवनशैली का हिस्सा बनाने का संदेश दिया।

    इससे पहले मुख्यमंत्री ने गुरुद्वारा नानकमत्ता साहिब में मत्था टेककर प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की। गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी की ओर से मुख्यमंत्री को सरोपा और स्मृति चिह्न भेंट किया गया।

    धामी ने कहा कि धार्मिक स्थलों की पवित्रता बनाए रखने के साथ आसपास के परिवेश को स्वच्छ रखना सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। उत्तराखंड धार्मिक और पर्यटन की दृष्टि से महत्वपूर्ण राज्य है। यहां देश-विदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालु और पर्यटक आते हैं। ऐसे में धार्मिक एवं पर्यटन स्थलों के साथ बस अड्डों, रेलवे स्टेशनों, अस्पतालों, सरकारी कार्यालयों और अन्य सार्वजनिक स्थानों पर स्वच्छता बनाए रखने के लिए निरंतर प्रयास जरूरी हैं।

    मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जनसेवा के प्रति समर्पण का उल्लेख करते हुए कहा कि उनके नेतृत्व में सेवा, स्वच्छता और जनभागीदारी की भावना को नई मजबूती मिली है। प्रधानमंत्री के जन्मदिवस 17 सितंबर से प्रदेश में शुरू हुए ‘सेवा संकल्प अभियान’ के तहत सेवा, जनभागीदारी, संवाद और नवाचार से जुड़े विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इसी क्रम में नानकमत्ता साहिब में स्वच्छता कार्यक्रम आयोजित किया गया।

    उन्होंने कहा कि स्वच्छता किसी एक अभियान या कार्यक्रम तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। इसे निरंतर जनभागीदारी के माध्यम से आगे बढ़ाते हुए प्रत्येक नागरिक को अपने आसपास के क्षेत्र को स्वच्छ रखने में योगदान देना चाहिए।

    इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष अजय मौर्य, भाजपा जिलाध्यक्ष कमल जिंदल, नगर पंचायत अध्यक्ष प्रेम सिंह टुरना, पूर्व विधायक प्रेम सिंह राणा, गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी अध्यक्ष सरदार जोगेंद्र सिंह, महासचिव सरदार अमरजीत सिंह बोपराय, जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया, एसएसपी अजय गणपति, मुख्य विकास अधिकारी दिवेश शासनी सहित गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि और श्रद्धालु मौजूद रहे।

  • खटीमा के एकलव्य विद्यालय को 10 करोड़ की बड़ी सौगात

    खटीमा के एकलव्य विद्यालय को 10 करोड़ की बड़ी सौगात

    खटीमा। केंद्रीय जनजातीय कार्य मंत्री जुएल ओराम ने जनसभा को संबोधित करते हुए पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के कार्यकाल को याद किया और जनजातीय समाज के विकास के लिए केंद्र सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई।

    उन्होंने कहा कि वर्ष 1999 में अटल बिहारी वाजपेयी के प्रधानमंत्री बनने के बाद जनजातीय मामलों के लिए पृथक मंत्रालय का गठन किया गया। इसका उद्देश्य थारू, बोक्सा, जौनसारी सहित विभिन्न जनजातीय समुदायों के सर्वांगीण विकास के लिए योजनाबद्ध तरीके से कार्य करना था। भारत सरकार के जनजातीय कार्य मंत्रालय का गठन वर्ष 1999 में हुआ था।

    केंद्रीय मंत्री ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि दोनों के साझा प्रयासों से खटीमा में एकलव्य मॉडल रेजिडेंशियल स्कूल का निर्माण संभव हुआ है। उन्होंने घोषणा की कि खटीमा स्थित एकलव्य विद्यालय के विस्तार एवं सुविधाओं के लिए भारत सरकार लगभग 10 करोड़ रुपये खर्च करेगी।

    उन्होंने बताया कि लगभग 4 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले हॉस्टल का टेंडर पूरा हो चुका है और निर्माण कार्य शीघ्र शुरू किया जाएगा। विद्यालय में 240 बालकों और 240 बालिकाओं सहित कुल 480 विद्यार्थियों के अध्ययन की क्षमता होगी। एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालयों की निर्धारित क्षमता भी 480 विद्यार्थियों की है।

    केंद्रीय मंत्री ने खटीमा के एकलव्य विद्यालय के शत-प्रतिशत परीक्षा परिणाम की सराहना करते हुए कहा कि राज्य के अन्य स्थानों, जिनमें बाजपुर, चकराता तथा देहरादून का कालसी क्षेत्र शामिल हैं, में भी ऐसे विद्यालय गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान कर रहे हैं।

    जुएल ओराम ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में जनजातीय कल्याण के लिए संचालित योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि केंद्र सरकार जनजातीय समुदायों के सामाजिक एवं आर्थिक सशक्तिकरण के लिए विभिन्न योजनाओं के माध्यम से निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने आश्वस्त किया कि क्षेत्र की जनजातीय समस्याओं का समाधान प्राथमिकता के आधार पर किया जाएगा।

    जनजातीय संस्कृति और मुख्यमंत्री धामी के नेतृत्व की सराहना : किरेन रिजिजू

    केंद्रीय संसदीय कार्य एवं अल्पसंख्यक कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने उत्तराखंड की जनजातीय विविधता और समृद्ध सांस्कृतिक विरासत की सराहना की। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में थारू, बोक्सा, जौनसारी और राजी सहित विभिन्न जनजातीय समुदाय निवास करते हैं, जिनकी विशिष्ट संस्कृति और परंपराएं राज्य की पहचान को समृद्ध बनाती हैं।

    उन्होंने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की कार्यशैली का उल्लेख करते हुए कहा कि प्राकृतिक आपदाओं, सुरंग दुर्घटनाओं, भूस्खलन और अन्य विपरीत परिस्थितियों के दौरान उन्होंने विभिन्न चुनौतियों का सामना किया है। उन्होंने कहा कि ऐसा जनसेवक सदियों में मिलता है।

    रिजिजू ने कहा कि वर्ष 2014 के बाद देश में जनजातीय समाज के कल्याण और उनकी पहचान को नई प्राथमिकता मिली है। स्वतंत्रता संग्राम में जनजातीय समाज के योगदान को सम्मान देते हुए भगवान बिरसा मुंडा की जयंती को जनजातीय गौरव दिवस के रूप में मनाने की शुरुआत की गई। उन्होंने कहा कि पीएम-जनमन जैसी योजनाओं के माध्यम से विकास की पहुंच दूरस्थ जनजातीय क्षेत्रों तक सुनिश्चित करने के प्रयास किए जा रहे हैं।

    केंद्रीय मंत्री ने उत्तराखंड, अरुणाचल प्रदेश, छत्तीसगढ़, बिहार, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, मध्य प्रदेश, हरियाणा, महाराष्ट्र, ओडिशा, पश्चिम बंगाल, झारखंड और मिजोरम सहित विभिन्न राज्यों से आए जनजातीय प्रतिनिधियों एवं कलाकारों का अभिनंदन किया। उन्होंने सभी समुदायों से अपनी सांस्कृतिक विरासत, पहचान और परंपराओं को संरक्षित रखने का आह्वान करते हुए वर्ष 2047 तक विकसित भारत के संकल्प को साकार करने में जनजातीय समाज की सक्रिय भागीदारी पर जोर दिया।

    विभिन्न राज्यों के कलाकारों ने प्रस्तुत कीं सांस्कृतिक झलकियां

    उत्तराखंड आदि रंगोत्सव में राजस्थान, मध्य प्रदेश, हरियाणा, उत्तराखंड, अरुणाचल प्रदेश, छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र, ओडिशा, पश्चिम बंगाल, झारखंड, मिजोरम और उत्तर प्रदेश सहित विभिन्न राज्यों से आए जनजातीय कलाकारों ने अपनी-अपनी लोक संस्कृति, पारंपरिक नृत्य, संगीत एवं कला की प्रस्तुतियां दीं। कलाकारों की रंग-बिरंगी पारंपरिक वेशभूषा और लोक प्रस्तुतियां दर्शकों के आकर्षण का केंद्र रहीं।

    कैबिनेट मंत्री खजान दास ने उत्तराखंड आदि रंगोत्सव में पधारे सभी अतिथियों का स्वागत एवं अभिनंदन करते हुए आयोजन के लिए सभी को बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। सांसद एवं केंद्रीय राज्य मंत्री अजय टम्टा ने कार्यक्रम में उपस्थित सभी अतिथियों, कलाकारों एवं प्रतिभागियों के प्रति धन्यवाद एवं आभार व्यक्त किया।

    कार्यक्रम में सांसद अजय भट्ट, सांसद एवं केंद्रीय राज्य मंत्री अजय टम्टा, कैबिनेट मंत्री डॉ. धन सिंह रावत, सुबोध उनियाल, प्रदीप बत्रा,खजान दास, राम सिंह कैड़ा, भरत सिंह चौधरी, जिला पंचायत अध्यक्ष अजय मौर्य, अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष मुकेश कुमार, विधायक सरिता आर्या, दर्जा राज्यमंत्री गीता राम गौड़, रणजीत सिंह नामधारी, विनय रुहेला, मोहनी पोखरिया, गम्भीर सिंह धामी, फरजाना बेगम, किशन सिंह किन्ना, उत्तम दत्ता, लीलावती राणा, ब्लॉक प्रमुख सरिता राणा, नगर पालिका अध्यक्ष रमेश चंद्र जोशी, भाजपा जिलाध्यक्ष कमल जिंदल सहित जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय गणपति एवं अन्य अधिकारी, जनप्रतिनिधि तथा बड़ी संख्या में स्थानीय लोग उपस्थित रहे।