Category: ताजा खबर

  • स्कूली बच्चों के बस्ते का बोझ होगा कम- डॉ. धन सिंह रावत

    स्कूली बच्चों के बस्ते का बोझ होगा कम- डॉ. धन सिंह रावत

    मुख्य शिक्षा अधिकारियों को सौंपी कार्रवाई की जिम्मेदारी

    संविदा शिक्षिकाओं को भी मिलेगा मातृत्व अवकाश का लाभ

    देहरादून। प्रदेश के स्कूली बच्चों का बोझ कम करने के लिये राज्य सरकार शीघ्र दिशा-निर्देश जारी करेगी। विभागीय अधिकारी संबंधित प्रस्ताव तैयार कर शीघ्र शासन को उपलब्ध करायेंगे। बस्ते के बोझ कम करने संबंधी आदेशों का अनुपालन कराने की जिम्मेदारी मुख्य शिक्षाधिकारियों की होगी। प्रदेश के विभिन्न विद्यालयों में तैनात संविदा व नियत वेतनमान पर कार्यरत अस्थाई शिक्षिकाओं को भी मातृत्व अवकाश का लाभ दिया जायेगा।

    सूबे के विद्यालयी शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने विद्यालयी शिक्षा महानिदेशालय में स्कूली बच्चों का बोझ कम करने को लेकर राज्य में संचालित विभिन्न बोर्डों के अधिकारियों के साथ बैठक की। जिसमें निर्णय लिया गया कि नई शिक्षा नीति-2020 एवं भारत सरकार के दिशा-निर्देशों के क्रम में राज्य के सभी विद्यालयों में स्कूली बच्चों के बस्ते का बोझ घटाकर निर्धारित मानकों के अनुरूप रखा जायेगा। इसके लिये एससीईआरटी उत्तराखंड के अधिकारियों को प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेजने के निर्देश दे दिये गये हैं। शासन से दिशा-निर्देश जारी होने के बाद आगामी सत्र से ही नई व्यवस्था को लागू कर दिया जायेगा। जिसके क्रियान्वयन की जिम्मेदारी मुख्य शिक्षाधिकारियों की होगी। इससे पूर्व 26 जनवरी 2024 तक पूरे प्रदेश में निजी स्कूल संचालकों, प्रबंधकों, प्रधानाचार्यों एवं अभिभावकों के साथ जिला व राज्य स्तर पर बैठकों का आयोजन कर जनजागरूकता अभियान चलाया जायेगा।

    विद्यालयी शिक्षा मंत्री डॉ. रावत ने कहा कि राज्य में आईसीएसई, सीबीएसई, उत्तराखंड बोर्ड, एवं भारतीय शिक्षा बोर्ड के तहत कक्षा-01 से 12 तक के निजी विद्यालय संचालित की किये जा रहे हैं जिसमें अध्ययन करने वाले बच्चों के बस्ते का बोझ उनकी क्षमता से भी कई गुना अधिक है जिसको कम करने के लिये नई शिक्षा नीति-2020 में भी सिफारिश की गई है, इसके अलावा मद्रास हाईकोर्ट के द्वारा वर्ष 2019 में जारी आदेश के क्रम में राज्य सरकार पहले ही बस्ते का बोझ कम करने का आदेश जारी कर चुकी है। जिसका अनुपालन कतिपय कारणों से राज्य में नहीं हो सका। जबकि शिक्षा मंत्रालय भारत सरकार भी माह अक्टूबर 2023 में इसी तरह की सिफारिश देश में संचालित सभी शिक्षा बोर्डों को कर चुकी है। उपरोक्त दोनों आदेशों का संज्ञान लेते हुये राज्य में आगामी शैक्षणिक सत्र से ही बस्ते का बोझ कम करने संबंधी आदेशों का सख्ती से पालन कराया जायेगा।

    डॉ. रावत ने बताया कि प्रदेश के विभिन्न विद्यालयों में कार्यरत संविदा व अस्थाई शिक्षिकाओं को अन्य कार्मिकों की भांति मातृत्व अवकाश भी दिया जायेगा। इस संबंध में विभागीय स्तर से सभी जनपदों के मुख्य शिक्षा अधिकारियों को आदेश जारी कर दिये जायेंगे। इसके अलावा बैठक में नये निजी विद्यालयों को वित्तीय अनुदान के स्थान पर एकमुश्त धनराशि (टोकन मनी) देने का निर्णय लिया गया। जिसके लिये नियमावली में शीघ्र संशोधन करने के निर्देश विभागीय अधिकारियों को दिये गये। बैठक में एलटी एवं जूनियर हाईस्कूलों के शिक्षकों की पदोन्नति किये जाने, एलटी, प्रवक्ता एवं बेसिक शिक्षकों के रिक्त पदों को भरे, बोर्ड परीक्षाओं का आयोजन व परीक्षाफल समय पर जारी करने सहित अनेक बिन्दुओं पर चर्चा की गई।

    बैठक में सचिव विद्यालयी शिक्षा रविनाथ रमन, महानिदेशक विद्यालयी शिक्षा बंशीधर तिवारी, अपर सचिव एम.एम. सेमवाल, निदेशक एससीईआरटी वंदना गर्ब्याल, निदेशक बेसिक शिक्षा आर.के. उनियाल, प्रभारी निदेशक माध्यमिक शिक्षा महावीर सिंह बिष्ट, सीबीएससी के क्षेत्रीय निदेशक डॉ. रणवीर सिंह चौहान, एपीडी समग्र शिक्षा डॉ. मुकुल सती, मुख्य शिक्षा अधिकारी देहरादून प्रदीप रावत, सीईओ हरिद्वार सहित अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।

  • डीएम की अपील, गर्म कपड़े जरूरतमंद लोगों को भेंट करें

    डीएम की अपील, गर्म कपड़े जरूरतमंद लोगों को भेंट करें

    इस नंबर पर फोन करें, गर्म कपड़े लेने टीम आएगी आपके दरवाजे

    जिला प्रशासन ने गर्म कपड़े लेने का चलाया अभियान

    देहरादून। जिलाधिकारी  सोनिका की पहल पर जिला प्रशासन द्वारा पिछले वर्ष की भांति इस भी जरूरतमंद लोगों के लिए गर्म कपड़े एकत्रित किये जा रहे हैं। जिलाधिकारी ने कहा कि बढ़ती सर्दियों के कारण कई लोगों को गरम कपड़े ना होने के कारण काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। इस समस्या को लेकर जिला प्रशासन ने एक कदम बढ़ाया गया है, जिसको आप सभी के सहयोग से सफल बनाया जा सकता है। उन्होंने जनपदवासियों से अनुरोध किया कि अपने अनुपयोगी गरम कपड़े जरूरतमंद लोगों को भेंट करें।

    उन्होंने कहा कि गरम कपड़े भेंट करने के लिए 18001802525 पर संपर्क कर अपना पता बताएं और टीम दिए गए पते पर पंहुचकर कपड़े प्राप्त करेंगी। या स्वयं भी देहरादून स्मार्ट सिटी लिमिटेड द्वारा चलाई जा रही इलेक्ट्रिक बस या देहरादून स्मार्ट सिटी ऑफिस, सात्विक टावर, कौलागढ़ रोड, देहरादून में कपड़े भेंट कर सकते हैं।

    उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन द्वारा भेंट किये गए कपड़ों को जरूरतमंदो तक पंहुचाया जा रहा है। जिलाधिकारी की पहल पर पिछले वर्ष भी यह अभियान चलाया गया था। जिसमें जनपवासियों के सहयोग से 10 हजार से भी अधिक कपड़े जरूरतमंद बच्चों, महिलाओं, पुरूषों, दिव्यांगजनों एवं वृद्धतजनों तक पंहुचाए गए।

  • अब शहीद विक्रम सिंह नेगी के नाम से जाना जाएगा गजा राजकीय पालीटेक्निक

    अब शहीद विक्रम सिंह नेगी के नाम से जाना जाएगा गजा राजकीय पालीटेक्निक

    देहरादून। टिहरी जिले के गजा स्थित राजकीय पालीटेक्निक को अब शहीद विक्रम सिंह नेगी राजकीय पालीटेक्निक के नाम से जाना जायेगा। राज्य के तकनीकी विश्वविद्यालय शिक्षा विभाग ने इस आशय के आदेश किये हैं। नरेन्द्रनगर विधानसभा क्षेत्र के विमाणगांव गजा निवासी विक्रम सिंह नेगी 15 अक्टूबर 2021 को जम्मू कश्मीर के जनपद पुंछ के मेंढर सेक्टर में आतंकवादियों की तलाश में चलाये जा रहे सर्च आपरेशन के दौरान हुई मुठभेड़ में शहीद हो गये थे।

    16 अक्टूबर 2021 को शहीद विक्रम सिंह नेगी का पूरे राजकीय सम्मान के साथ उनपके पैतृक घाट पर अन्तिम संस्कार किया गया था। शहीद विक्रम सिंह नेगी ने देश सेवा के लिए अपने प्राणों का सर्वोच्च बलिदान दिया, जिसे कभी भुलाया नहीं जा सकता है। 5 जुलाई 2023 को मंत्री सुबोध उनियाल ने संस्थान को शहीद का नाम दिये जाने की घोषणा की थी। कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल के अनुमोदन के बाद यह आदेश जारी किया गया।

  • ट्रांसपोर्ट हड़ताल – धामी सरकार ने कहा, किसी को कानून हाथ में लेने की इजाजत नहीं

    ट्रांसपोर्ट हड़ताल – धामी सरकार ने कहा, किसी को कानून हाथ में लेने की इजाजत नहीं

    प्रदेश सरकार कड़ा स्टैंड- परिवहन मालिकों से कहा, वाहन चलाएं ,पूरी सुरक्षा देंगे,पुलिस-प्रशासन अलर्ट मोड पर

    तेल-गैस कम्पनियों को कहा, आपूर्ति जारी रखें,पेट्रोल पंप पर लगी लंबी लाइन

    सचिव ने विभिन्न परिवहन संघों से हुई वार्ता के बाद लिया फैसला

    देहरादून। सड़क दुर्घटनाओं में “हिट एंड रन” मामलों को लेकर केंद्र द्वारा बनाए गए नए कानून के विरोध में ट्रांसपोर्ट यूनियन की देशव्यापी हड़ताल से आम जनता को हो रही परेशानी को देखते हुए उत्तराखंड सरकार ने कड़ा रुख अख्तियार किया है । और कहा कि सरकार वाहन का संचालन करने वाले परिवहन व्यापारियों को पूर्ण सुरक्षा प्रदान करेगी।

    किसी भी व्यक्ति को कानून अपने हाथ में लेने की अनुमति नहीं दी जाएगी। इस सम्बन्ध में सरकार ने सभी समस्त जनपदों के जिलाधिकारियों तथा वरिष्ठ पुलिस अधीक्षकों/अधीक्षकों को निर्देश जारी कर दिये गये हैं। पेट्रोल, डीज़ल, गैस इत्यादि की आपूर्ति के सम्बन्ध में परिवहन सचिव ने तेल गैस कम्पनियों के प्रबन्धकों को आपूर्ति निर्बाध बनाए रखने के निर्देश दिये गये। Hit n run, transport union strike

    मोटर वाहनों द्वारा हिट एण्ड रन मामले में किये गए प्रावधान के विरोध में देशव्यापी हड़ताल के सम्बन्ध में परिवहन सचिव ने महत्त्वपूर्ण परिवहन संघों के के साथ एक बैठक की। उनकी सुनी और सरकार का स्टैंड साफ किया। बैठक में परिवहन संघों के पदाधिकारियों ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 104 में हिट एण्ड रन के मामलों में प्रस्तावित 10 साल की सजा तथा जुर्माने का विरोध किया गया। परिवहन व्यवसायियों का कहना था कि वाहन दुर्घटनाओं के अनेक कारण हैं जिनमें खराब सड़कें, चौराहों का उपयुक्त न होना तथा निजी वाहन के चालकों का अप्रशिक्षित होना आदि सम्मिलित हैं। कोई भी चालक किसी भी दशा में जानबूझ कर कोई दुर्घटना नहीं करता है। लिहाजा, इस तरह की कठोर सजा का प्रावधान करना न्यायसंगत नहीं है।

    परिवहन व्यवसायियों ने यह भी कहा कि दुर्घटना की दशा में कई बार छोटे वाहन चालक की अथवा पैदल यात्री की भी गलती होती है। ऐसी दशा में भी यदि बड़े वाहन का चालक दुर्घटना स्थल पर रुकेगा तो उसे भीड़ की हिंसा का शिकार होने का भय रहता है। इसलिए सामान्यतया वाहन चालक दुर्घटना के पश्चात दुर्घटना स्थल से भाग जाने के लिए विवश हो जाते हैं। बैठक में सचिव, परिवहन अरविन्द सिंह हयाँकी ने परिवहन व्यवसायियों को अवगत कराया कि इस सम्बंध में अभी न तो अधिसूचना जारी हुई है और न ही उसे लागू किया गया है।

    इसके अतिरिक्त सचिव, परिवहन ने कहा कि उत्तराखण्ड के परिवहन व्यवसायियों में अपनी बात को संविधान और कानून सम्मत तरीके से उचित फोरम तक पहुँचाने की स्वस्थ परम्परा विद्यमान रही है. अतः यदि प्रस्तावित कानून पर परिवहन व्यवसायियों अथवा चालकों को किसी प्रकार की आपत्ति अथवा भ्रम की स्थिति है तो वह कानून के दायरे में रहते हुए प्रतीकात्मक तरीके से अपना पक्ष रख सकते हैं जिसे भारत सरकार तक शीघ्र पहुँचाया जाएगा।

    परिवहन व्यवसाय जन सरोकार से जुड़ा हुआ व्यवसाय है। अतः उक्त व्यवसाय के ठप होने से न केवल लोगों को आवागमन में असुविधा उत्पन्न होती है बल्कि आवश्यक सामग्रियों की आपूर्ति भी प्रभावित हो जाती है। उन्होंने कहा कि परिवहन व्यवसायियों को वाहनों का संचालन निर्बाध रूप से जारी रखते हुए ही अपना पक्ष रखना चाहिए।

    उत्तराखण्ड परिवहन निगम से सम्बन्धित संघों सहित कुछ परिवहन संघों द्वारा अवगत कराया गया कि वे इस हड़ताल में सम्मिलित नहीं हैं परन्तु उनके संगठनों से जुड़े वाहनों को कुछ अन्य चालकों द्वारा संचालित करने में बाधा उत्पन्न की जा रही है।

    बैठक में सचिव, मुख्यमंत्री तथा मण्डलायुक्त गढ़वाल विनय शंकर पाण्डेय, पुलिस उपमहानिरीक्षक कानून व्यवस्था सुश्री पी. रेणुका देवी, प्रबन्ध निदेशक उत्तराखण्ड परिवहन निगम आनन्द श्रीवास्तव, संयुक्त परिवहन आयुक्त सनत कुमार सिंह, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय सिंह के अतिरिक्त विभिन्न परिवहन संघों की ओर से सूर्यकांत धस्माना, संरक्षक, उत्तराखण्ड परिवहन निगम कर्मचारी परिषद, जितेन्द्र सिंह नेगी, अध्यक्ष, टी.जी.एम.ओ.यू.  अनुसूया प्रसाद उनियाल व  आदर्श सैनी सम्राट, ऑल इण्डिया मोटर ट्रांसपोर्ट कांग्रेस, हरेन्द्र बाल्यान, देव भूमि ट्रक ऑपरेटर एसोसिएशन, सुधीर राय, अध्यक्ष, उत्तराखण्ड परिवहन महासंघ, मनोज ध्यानी, यातायात कंपनी, ऋषिकेश, दिनेश बहुगुणा, अध्यक्ष, गढ़वाल ट्रक यूनियन, ऋषिकेश, अशोक चौधरी, महामंत्री, उत्तराखण्ड रोडवेज कर्मचारी यूनियन, दिनेश पंत, महामंत्री, रोडवेज कर्मचारी संयुक्त परिषद, उत्तराखण्ड आदि सम्मिलित हुए।

  • स्वास्थ्य मंत्री डा. रावत ने किया गुवाहाटी मेडिकल कॉलेज का भ्रमण

    स्वास्थ्य मंत्री डा. रावत ने किया गुवाहाटी मेडिकल कॉलेज का भ्रमण

    स्वास्थ्य विभाग  ने असम के उच्चाधिकारियों के साथ की बैठक

    कहा, स्वास्थ्य क्षेत्र में एक-दूसरे का सहयोग करेंगे दोनों राज्य

    गुवाहाटी/देहरादून। सूबे के चिकित्सा स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा डॉ. धन सिंह रावत ने अपने दो दिवसीय असम भ्रमण के दौरान गुवाहाटी मेडिकल कॉलेज का भ्रमण किया। जहां पर उन्होंने मेडिकल कॉलेज प्रशासन से वहां की शैक्षणिक, प्रशासनिक व चिकित्सकीय व्यवस्थाओं को लेकर विस्तृत चर्चा की। इससे पहले डा. रावत ने असम के स्वास्थ्य मंत्री केशव महंता से शिष्टाचार भेंट की। इसके उपरांत उन्होंने स्वास्थ्य मंत्री महंता की अध्यक्षता में आयोजित विभागीय उच्चाधिकारियों की बैठक में प्रतिभाग कर स्वास्थ्य सेवाओं संबंधी विभिन्न योजनाओं के क्रियान्वयन को लेकर जानकारी साझा की।

    असम के दो दिवसीय राजकीय प्रवास के दौरान स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने असम के स्वास्थ्य मंत्री केशव महंता से शिष्टाचार भेंट की। स्वास्थ्य मंत्री महंता ने इस दौरान डॉ. रावत का गर्मजोशी से स्वागत किया और दोनों ने एक-दूसरे को नव वर्ष की शुभकामनाएं दी। इसके उपरांत उन्होंने गुवाहाटी में स्वास्थ्य मंत्री केशव महंता की अध्यक्षता में आयोजित स्वास्थ्य विभाग के उच्चाधिकारियों की बैठक में प्रतिभाग किया। जिसमें विभागीय अधिकारियों ने अपने राज्य में संचालित विभिन्न स्वास्थ्य परियोजनाओं पर प्रस्तुतिकरण दिया। बैठक में डॉ. रावत ने उत्तराखंड में संचालित विभिन्न स्वास्थ्य योजनाओं के क्रियान्वयन संबंधी जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि राज्य में अटल आयुष्मान योजना के अंतर्गत 54 लाख से अधिक लोगों के आयुष्मान कार्ड बनाये जा चुके हैं जबकि 65 लाख से अधिक लोगों की डिजिटल हेल्थ आईडी (आभा आईडी) बनाई जा चुकी है।

    इसके अलावा राज्य में क्षय रोग नियंत्रण, नशा मुक्ति अभियान, रक्तदान अभियान पर बेहतर कार्य किया जा रहा है। साथ ही पंचायत स्तर पर सीएचओ के माध्यम से स्वास्थ्य के प्रति जनजागरूकता एवं गैर संचारी रोगों की नियमित जांच की जा रही है। उन्होंने बताया कि राज्य में संस्थागत प्रसव एवं बाल मृत्यु दर में बेहतर सुधार हुआ है। डॉ. रावत ने कहा कि उत्तराखंड व असम स्वास्थ्य विभाग कुछ योजनाओं पर आपस में मिलकर कार्य करेंगे। बैठक के उपरांत डॉ. रावत ने असम के स्वास्थ्य मंत्री के साथ राजकीय मेडिकल कॉलेज गुवाहाटी का भ्रमण किया। इस दौरान उन्होंने मेडिकल कॉलेज के शैक्षणिक, चिकित्सकीय एवं प्रशासनिक व्यवस्थाओं की जानकारी अधिकारियों से ली तथा मेडिकल कॉलेज के चिकित्सकों व नर्सिंग स्टाफ से मिलकर बातचीत भी की। डा. रावत ने कहा कि गुवाहाटी मेडिकल कॉलेज में साफ-सफाई की बेहतर व्यवस्था की गई है जहां पर सफाई व्यवस्था को पूर्ण रूप से आउट सोर्स किया गया है, जिसको उत्तराखंड के मेडिकल कॉलेजों में भी लागू करने पर विचार किया जायेगा।

    इस दौरान प्रमुख सचिव स्वास्थ्य असम, अविनाश जोशी, संयुक्त सचिव परिणीति, इंद्राणि लसकर, अबुल चौधरी, निदेशक स्वास्थ्य मनोज चौधरी सहित अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।

  • सीएम ने देहरादून में अपशिष्ट प्रबंधन के लिए डोर-टू-डोर वाहनों को दिखाई हरी झंडी

    सीएम ने देहरादून में अपशिष्ट प्रबंधन के लिए डोर-टू-डोर वाहनों को दिखाई हरी झंडी

    देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को मुख्यमंत्री कैम्प कार्यालय से ‘स्वच्छ भारत मिशन’ के अन्तर्गत देहरादून शहर में अपशिष्ट प्रबंधन के लिए 58 डोर-टू-डोर वाहनों का फ्लैग ऑफ किया। इस अवसर पर उन्होंने सेग्रिगेशन पर आधारित गीत का विमोचन भी किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि इन वाहनों की उपलब्धता से नगर निगम को अपशिष्ट प्रबंधन में काफी सुविधा होगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा प्रदेश में स्वच्छता की दिशा में लगातार कार्य किये जा रहे हैं। स्वच्छ भारत मिशन में हम सबको अपना पूरा योगदान देना है। स्वच्छ और सुन्दर दून के लिए लगातार प्रयास किये जा रहे हैं। लोगों में स्वच्छता के प्रति तेजी से जागरूकता बढ़ी है। उन्होंने कहा कि स्वच्छता के प्रति जागरूकता अभियान निरन्तर चलाये जाएं।

    मुख्यमंत्री ने जिन 58 डोर-टू-डोर वाहनों का फ्लैग ऑफ किया उनसे नगर निगम देहरादून के सात विधानसभा क्षेत्रों राजपुर, रायपुर, डोईवाला, धर्मपुर, सहसपुर, मसूरी एवं देहरादून कैंट क्षेत्र से अपशिष्ट प्रबंधन का कार्य किया जायेगा। डोर-टू-डोर कूड़ा एकत्रीकरण की व्यवस्था को मजबूत करने के लिए 3.98 करोड़ रूपये की धनराशि से स्पेशल असिस्टेंश स्कीम में नगर निगम द्वारा ये 58 वाहन क्रय किये गये हैं।

    इस अवसर पर शहरी विकास मंत्री प्रेमचन्द अग्रवाल, सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी, राज्यसभा सांसद नरेश बंसल, विधायक विनोद चमोली, उमेश शर्मा काऊ, खजान दास,  सविता कपूर, निवर्तमान मेयर सुनील उनियाल गामा, जिलाधिकारी देहरादून  सोनिका, नगर आयुक्त देहरादून गौरव कुमार, अपर नगर आयुक्त वीर सिंह बुदियाल एवं नगर निगम देहरादून के अधिकारी उपस्थित थे।

  • बड़ी खबर:  इस भर्ती परीक्षा का बदलने जा रहा है  पैटर्न

    बड़ी खबर: इस भर्ती परीक्षा का बदलने जा रहा है पैटर्न

    देहरादून। राज्य के प्राथमिक स्कूलों के लिए शिक्षकों की भर्ती का पैटर्न बदलने की तैयारी है। प्रवक्ता और एलटी कैडर शिक्षकों की भर्ती के समान ही प्राथमिक स्तर पर भी परीक्षा के जरिए चयन की व्यवस्था शुरू की जा सकती है। शिक्षा विभाग इसका प्रस्ताव तैयार कर रहा है। यूपी इस व्यवस्था को पहले ही लागू कर चुका है। डीजी-शिक्षा बंशीधर तिवारी ने इसकी पुष्टि की।

    उन्होंने बताया कि शैक्षिक रिकॉर्ड को भी मिलेगी अहमियत डीजी तिवारी ने बताया कि परीक्षा प्रक्रिया से चयन के बाद प्रत्येक अभ्यर्थी के शैक्षिक रिकॉर्ड को भी देखा जाएगा। हाईस्कूल, इंटर मीडिएट, स्नातक, टीईटी-सीटीईटी आदि के प्रदर्शन को भी चयन की अंतिम प्रक्रिया में शामिल किया जाएगा। किसी भी बालक के व्यक्तित्व विकास में प्राथमिक शिक्षा बहुत महत्वपूर्ण होती है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 में भी बुनियादी शिक्षा पर विशेष फोकस किया गया है। ऐसे में शिक्षक का भी उत्कृष्ट होना बेहद जरूरी है। बेहतर शिक्षक के लिए चयन प्रक्रिया का कठोर और पारदर्शी होना जरूरी है

    परीक्षा पैटर्न लागूहोने से सीनियरिटी जूनियरिटी आदि से जुड़े विवाद भी समाप्त हो जाएंगे। साथ ही परीक्षा क्वालीफाई करने वाले योग्य अभ्यर्थियों का ही चयन होगा। जल्द ही परीक्षा पैटर्न लागू करने का प्रस्ताव सरकार को भेजा जाएगा। राज्य में बेसिक स्तर पर 2300 पदों पर भर्ती प्रस्तावित है। यूपी इस व्यवस्था को पहले ही लागू कर चुका है

  • शिक्षा मंत्री डॉ. रावत ने जानी असम की शिक्षा व्यवस्था

    शिक्षा मंत्री डॉ. रावत ने जानी असम की शिक्षा व्यवस्था

    स्कूलों में ऑनलाइन उपस्थिति के फार्मेंट को बताया बेहतर

    गुवाहाटी/देहरादून। सूबे के विद्यालयी शिक्षा मंत्री डा. धन सिंह रावत ने आज गुवाहाटी में असम के शिक्षा मंत्री रनोज पेगु की अध्यक्षता में आयोजित विद्यालयी शिक्षा विभाग की बैठक में प्रतिभाग किया। जहां पर उन्होंने असम की शिक्षा व्यवस्था को जाना साथ ही उन्होंने नई शिक्षा नीति-2020 के तहत किये गये कार्यों, स्थानांतरण नीति, छात्र एवं शिक्षकों की उपस्थित, आदर्श व मॉडल स्कूलों सहित विद्यालयी शिक्षा अंतर्गत संचालित विभिन्न परियोजनाओं के बारे में जानकारी साझा की। डॉ. रावत के गुवाहाटी पहुंचने पर असम के शिक्षा मंत्री रनोज पेगु ने अपने विभागीय उच्चाधिकारियों के साथ उनका जोरदार स्वागत किया।

    असम के दो दिवसीय राजकीय भ्रमण के दौरान सूबे के विद्यालयी शिक्षा मंत्री डा. धन सिंह रावत ने आज गुवाहाटी पहुंच कर वहां के शिक्षा मंत्री रनोज पेगु से मुलाकात की। इस दौरान डॉ. रावत ने वहां के शिक्षा मंत्री पेगु की अध्यक्षता में आयोजित विद्यालयी शिक्षा विभाग की बैठक में प्रतिभाग किया। शिक्षा विभाग असम के अधिकारियों ने बैठक में विद्यालयी शिक्षा के अंतर्गत असम सरकार द्वारा संचालित शिक्षा व्यवस्था व अन्य परियोजनाओं का प्रस्तुतिकरण दिया। बैठक में उपस्थित शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने नई शिक्षा नीति-2020 के तहत संचालित पाठ्यक्रमों, नवाचार, ऑनलाइन एजुकेशन, ऑनलाइन उपस्थिति, स्थानांतरण नीति सहित अनेक बिन्दुओं पर विस्तृत जानकारी दी।

    विद्यालयी शिक्षा मंत्री डा. रावत ने मीडया को जारी बयान में बताया कि असम सरकार वहां के भौगोलिक एवं समाजिक परिवेश के अनुरूप आदर्श व मॉडल विद्यालयों का संचालन कर रही है जोकि युवाओं को रोजगारपरक शिक्षा देने के साथ ही उनके सर्वांगीण विकास में सहायक साबित हो रहे हैं। उन्होंने बताया कि असम सरकार ने चाय बागानों में कार्य करने वाले मजदूरों के बच्चों को बेहतर शिक्षा देने के लिये जगह-जगह बागान क्षेत्र में ही मॉडल स्कूलों की स्थापना की है जहां पर 12वीं तक की शिक्षा दी जाती है। इसी प्रकार प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में आदर्श विद्यालयों की स्थापना की गई है जहां पर सीबीएससी बोर्ड के अंतर्गत अंग्रेजी माध्यम में पढ़ाई कराई जाती है।

    डॉ. रावत ने कहा कि असम सरकार ने शिक्षकों एवं छात्रों की उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिये असम शिक्षा सेतु नाम से ऐप तैयार किया है जिसके माध्यम से ऑनलाइन उपस्थिति ली जाती है। जो कि बेहतर ढंग से कार्य कर रहा है। जरूरत पड़ी तो उत्तराखंड में भी इस प्रणाली को लागू करने पर विचार किया जायेगा। बैठक में डॉ. रावत ने उत्तराखंड शिक्षा विभाग में नई शिक्षा नीति के तहत संचालित पाठ्यक्रमों, नवाचार, मॉडल क्लासेज व विद्या समीक्षा केन्द्र के संबंध में विस्तृत जानकारी दी, साथ ही उन्होंने असम के शिक्षा अधिकारियों को उत्तराखंड के विद्या समीक्षा केन्द्र व नई शिक्षा नीति के अध्ययन के लिये आमंत्रित किया ताकि असम सरकार भी यहां की बेहतर शिक्षा प्रणाली में से जरूरी योजनाओं का अपने यहां क्रियान्वयन कर सके। इस पूर्व गुवाहाटी पहुंचने पर असम के शिक्षा मंत्री सहित विभागीय अधिकारियों ने डा. रावत का जोरदार स्वागत किया।

    बैठक में आयुक्त एवं परियोजना निदेशक समग्र शिक्षा असम ओम प्रकाश, अपर सचिव व अपर परियोजना निदेशक संजय दत्ता सहित अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।

  • सीएम धामी ने हैप्पी न्यू ईयर कहने के साथ गिनाई उपलब्धियां

    सीएम धामी ने हैप्पी न्यू ईयर कहने के साथ गिनाई उपलब्धियां

    पीएम मोदी के नेतृत्व में देश और प्रदेश बढ़ रहा सुनहरे भविष्य की ओर

     

    देहरादून।  मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सभी प्रदेशवासियों को नववर्ष 2024 की शुभकामनाएं दी है। नववर्ष की पूर्व संध्या पर जारी अपने संदेश में मुख्यमंत्री ने सभी प्रदेशवासियों के सुख, शांति व समृद्धि की कामना की है। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज उत्तराखंड प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में विकास के पथ पर आगे बढ़ रहा है तथा उनके विजन के अनुरूप ही हर क्षेत्र में कार्य कर रहा है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में जो काम देशभर में हो रहे हैं वे नए भारत की शानदार तस्वीर को प्रस्तुत करते हैं। आज गांव-गांव में महिलाओं को घर, शौचालय, गैस, बिजली, पानी जैसी मूलभूत सुविधाओं से जोड़ा जा रहा है। बेटियों की शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण, टीकाकरण और दूसरी आवश्यक जरूरतों पर भी सरकार पूरी संवेदनशीलता से कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में ’आयुष्मान भारत योजना’ प्रदेशवासियों के लिए वरदान साबित हुई है। राज्य में सभी को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा मिले, इसके लिए राज्य सरकार द्वारा उत्तराखण्ड अटल आयुष्मान योजना से लोगों को लाभान्वित किया जा रहा है। ई-संजीवनी टेलीमेडिसिन सेवाएं सुदूर क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के लिए अत्यंत लाभकारी सिद्ध हुई हैं। सरकार जच्चा-बच्चा की सुरक्षा के लिए कई योजनाएं चला रही है।

    के साथ ही प्रदेश के व्यापारियों को निवेश के प्रति आकर्षित करने का प्रयास किया गया है। ग्लोबल इन्वेस्टर समिट में साढ़े तीन लाख करोड़ रूपये से अधिक के एमओयू साइन हुए हैं। जिनमें से 44 हजार करोड़ से अधिक के एमओयू पर धरातल पर कार्य प्रारंभ हो चुके हैं। उन्होंने कहा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व एवं मार्गदर्शन में हम दुनिया की पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था के रूप में उभरे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड, डेस्टिनेशन उत्तराखंड के रूप में निवेश का हब बनने जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में चाहे मूल निवास का मुद्दा हो, भू-कानून का मुद्दा हो या अन्य कोई भी जनहित से जुड़े मुद्दे हों राज्य के हित में जहां पर भी जो भी जरूरत पड़ेगी, हम उसमें एक प्रसेंट भी पीछे रहने वाले नहीं हैं।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिये केदारखंड के साथ मानसखंड का भी विकास किया जा रहा है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा केदारनाथ धाम, बद्रीनाथ धाम की तर्ज पर कुमाऊं के पौराणिक मंदिरों को भव्य बनाने के लिए मानसखंड मंदिर माला मिशन की कार्ययोजना पर राज्य सरकार कार्य कर रही है। मानस खण्ड के अन्तर्गत पौराणिक मन्दिरों के विकास से पर्यटकों को आधुनिक सुविधा उपलब्ध होगी, वहीं पर्यटकों की संख्या में बढोत्तरी से प्रदेश की आर्थिकी मजबूत होगी और स्थानीय लोगों को रोजगार मिलेगा। चारधाम सर्किट में आने वाले सभी मंदिरों और गुरुद्वारों में भौतिक ढांचे और परिवहन सुविधाओं के विस्तार की योजना पर भी कार्य किया गया है। इस वर्ष चारधाम यात्रा में आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या ने नया कीर्तिमान स्थापित किया है। इसके साथ ही इस वर्ष रिकॉर्ड संख्या में करोड़ों कावड़ यात्री हरिद्वार से गंगाजल लेकर से अपने-अपने क्षेत्रों की तरफ निकले।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड में विगत ढाई वर्षों में अनेक ऐसे महत्वपूर्ण और कठोर निर्णय हमने लिए हैं, जो विगत 23 वर्षों में संभव नहीं हो पाये थे। हमने एक ओर जहां उत्तराखंड में देश का सबसे कठोर नकल विरोधी कानून लागू किया, वहीं धर्मांतरण रोकने के लिए भी कानून बनाया, प्रदेश में पहली बार लैंड जिहाद के खिलाफ कार्रवाई कर पांच हजार हेक्टेयर सरकारी भूमि को अतिक्रमण से मुक्त किया गया है। भ्रष्टाचारियों के खिलाफ भी पहली बार कार्रवाई करने से हम पीछे नहीं हटे, हम देवभूमि में समान नागरिक आचार संहिता को भी लागू करने की तैयारी कर रहे हैं, शीघ्र ही इसे विधानसभा में प्रस्तुत किया जायेगा। उत्तराखण्ड देवभूमि है, हमारी देवभूमि का मूल स्वरूप बना रहे इस दिशा में प्रभावी कदम उठाये गये हैं। मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से राज्य के विकास में सहयोगी बनने की भी अपेक्षा की।

  • “मुख्यमंत्री पत्रकार सम्मान पेंशन योजना” के अन्तर्गत 3 वरिष्ठ पत्रकारों  को मिलेगी पेंशन

    “मुख्यमंत्री पत्रकार सम्मान पेंशन योजना” के अन्तर्गत 3 वरिष्ठ पत्रकारों को मिलेगी पेंशन

    पत्रकार कल्याण कोष समिति की बैठक में हुए फैसले

    देहरादून। सूचना महानिदेशक बंशीधर तिवारी की अध्यक्षता में पत्रकार कल्याण कोष समिति की बैठक संपन्न हुई। बैठक में कुल 5 पत्रकारों के आश्रितों को पत्रकार कल्याण कोष (कारपस फंड) से आर्थिक सहायता देने हेतु समिति ने सहमति जताई। साथ ही “मुख्यमंत्री पत्रकार सम्मान पेंशन योजना” के अन्तर्गत 3 वरिष्ठ पत्रकारों को पेंशन देने पर सहमति बनी है।

    उल्लेखनीय है कि पत्रकार एवं मृतक पत्रकार के आश्रितो हेतु पत्रकार कल्याण कोष (कारपस फंड) की स्थापना वर्ष 2008 में की गई। वर्तमान में पत्रकार कल्याण कोष (कारपस फंड) के मूलधन ₹7 करोड से अर्जित ब्याज के रूप में लगभग ₹24 लाख की धनराशि एंव ₹ 1 करोड़ 25 लाख की एफ.डी के रुप में जमा है। कारपस फण्ड के मूलधन से अर्जित ब्याज की धनराशि से ही पत्रकार एंव उनके आश्रितों को आर्थिक सहायता तथा वर्तमान में प्रदेश के 15 पात्र पत्रकारों को प्रतिमाह ₹ 8-8 हजार पेंशन का भुगतान किया जा रहा है।

    इस दौरान समिति के सदस्यों के रूप में अपर निदेशक सूचना आशीष कुमार त्रिपाठी, वित्त नियंत्रक शशि सिंह, डॉ. बी.डी.शर्मा, दिनेश जोशी, निशा रस्तोगी, दीन दयाल मित्तल, उपस्थित रहे।